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दोस्तो, स्वागत है हमारे ब्लॉक पर। हम किसी ना किसी के बाथरूम में गिरने से चोट लगने के बारे में अक्सर सुनते रहते हैं या समाचार पत्रों में पढ़ते रहते हैं और टीवी पर न्यूज भी देखते हैं। कई बार इनमें कभी कोई अपना रिश्तेदार होता है तो कभी पड़ोसी। पता चलता है कि  बाथरूम में गिरने से इनको गहरी चोट लग गई या हड्डी टूट गई। वैसे तो बाथरूम में कोई भी फिसलकर गिर सकता है लेकिन अधिकतर गिरने वालों में बुजुर्ग लोग होते हैं और हड्डी टूटने के मामले इन्हीं बुजुर्गों के होते हैं। आखिर ऐसा क्या किया जाये कि जिससे कि बाथरूम में गिरने से बच सकें। जी हां,यही है हमारा आज का टॉपिक “बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय”। 

दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको कुछ ऐसे उपाय बतायेगा जिनको अपनाकर हम अपने घर के आदर्णीय बुजुर्ग लोगों का बाथरूम में गिरने से बचाव कर सकते हैं और खुद को भी गिरने से बचा सकते हैं ताकि किसी को चोट ना लगे, किसी की हड्डी ना टूटे और ऐसी दुर्घटनाओं के उपचार पर होने वाले खर्च से बचा जा सके। तो, सबसे पहले जानते हैं कि बाथरूम क्या होता है, यह कितना बड़ा होना चाहिये और कुछ तथ्य, फिर बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे। 

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बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय
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बाथरूम क्या होता है? – What is a Bathroom?

दोस्तो, बाथरूम घर का वह महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसका उपयोग शरीर की सफाई यानि स्नान करने के लिये किया जाता है जिसमें बाथटब या शॉवर या दोनों होते हैं। आमतौर पर वॉश बेसिन को भी इसमें शामिल कर लिया जाता है। भारत सहित विश्व के कई देशों में शौचालय को भी बाथरूम में शामिल किया जाता है तो कई देशों में शौचालय के लिये एक अलग से कमरे की व्यवस्था की जाती है। 

हम अपने देश भारत की बात करें तो बाथरूम में ही शौचालय का प्रावधान होता है। बाथरूम में शौच और नहाने के अतिरिक्त अधोवस्त्रों (Lingeries) के अतिरिक्त बड़े कपड़े भी धोये जाते हैं। बड़े कपड़ों का धोया जाना बाथरूम के आकार पर निर्भर करता है क्योंकि इसके लिये जगह ज्यादा चाहिये और यदि वॉशिंग मशीन है तो उसके रखने के लिये भी पर्याप्त मात्रा में जगह चाहिये।

बाथरूम कितना बड़ा होना चाहिए? – How Big Should the Bathroom Be?

दोस्तो, सबसे पहले हम यहां स्पष्ट कर दें कि भारत की अधिकांश जनता मध्यम वर्ग से संबंध रखती है, या निम्न वर्ग से या गरीबी रेखा से नीचे जिनके लिये बाथरूम का आकार कोई मायने नहीं रखता। इस वर्ग के लोग अधिकतर किराये के एक कमरे में, (अपना मकान है भी तो छोटा, दो या ज्यादा से ज्यादा तीन कमरे वाला), झुग्गी झोंपड़ी में रहते हैं जहां सभी सदस्य एक ही बाथरूम शेयर करते हैं। 

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अब बात आती है उच्च वर्ग के समान फ्लैट्स में रहने वाले, उच्च वर्ग और धनाढ्य वर्ग के लोगों की तो इनके लिये बाथरूम के आकार, मानक (Standardization) जरूर मायने रखते हैं। हम बाथरूम के आकार के बारे में विवरण दे रहे हैं जो निम्न प्रकार है –

(i) बाथरूम का कम से कम आकार 5’0″ x 4’0″ (लंबाई, चौड़ाई) होना चाहिए। यह नहाने और कपड़े धोने के मतलब से ठीक है।

(ii) इंडियन कमोड या वेस्टर्न कमोड का न्यूनतम आकार 4’0″ x 3.6″ (लंबाई, चौड़ाई) होना चाहिए। शौचालय एक सुविधाजनक स्थान है, यह असुविधाजनक नहीं होना चाहिए।

(iii) अटैच बाथरूम और शौचालय का न्यूनतम आकार 7’0″ x 4’0″ (लंबाई, चौड़ाई) होना चाहिए। इसमें इंडियन कमोड या वेस्टर्न कमोड, शॉवर और वॉश बेसिन प्लान किये जा सकते हैं। यहां हम स्पष्ट करते हैं कि यदि परिवार में दो से अधिक सदस्य हैं तो एक अलग से बाथरूम और अलग शौचालय होना चाहिये ताकि किसी सदस्य को इंतजार ना करना पड़े विशेषकर सुबह के समय। 

(iv) प्राकृतिक प्रकाश/धूप को अंदर आने और सही वेंटीलेशन के लिए न्यूनतम बाथरूम की खिड़की का कम से कम आकार 1’6″ x 2’0″ (चौड़ाई, ऊँचाई) होना चाहिए। 

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बाथरूम में गिरने से संबंधित कुछ तथ्य – Some Facts About Falling in the Bathroom

1. आंकड़े बताते हैं कि साल में कम से कम एक बार लगभग एक तिहाई वरिष्ठ नागरिकों के साथ बाथरूम में फिसलकर गिरने की दुर्घटना होती है  

2. गिरने से 65 प्रतिशत मामूली चोटों के मामले होते हैं बाकी, अधिक गंभीर मामले होते हैं।

3. गंभीर मामले अधिकतर आपातकालीन श्रेणी के होते हैं। परन्तु कोई साधारण गिरावट का मामला भी कभी-कभी जीवन के लिए जोखिम की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

4. गंभीर मामलों में गहरा कट, चोट, हड्डियों का टूटना, रीढ़ की हड्डी में चोट या फ्रैक्चर आदि हो सकते हैं। कभी-कभी ये मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं।

5. यह नोटिस किया गया है कि बाथरूम में फिसलने की घटनाएं तब होती हैं जब टॉयलेट सीट से उठकर चलने पर, बाथटब से बाहर निकल कर टॉवल स्टैंड तक पहुंचने की कोशिश कर रहा होता है या फिसलन वाली जगह पर उसका पैर पड़ जाये।  

बाथरूम में अधिकतर बुजुर्ग ही क्यों गिरते हैं? –  Why Do Most Elderly People fall in the Bathroom?

हमने उपर बताया है कि एक तिहाई वरिष्ठ नागरिकों के साथ बाथरूम में फिसलकर गिरने की दुर्घटनाएं होती हैं। वैसे तो बाथरूम में फिसलकर गिरने की दुर्घटना किसी के भी साथ हो सकती है परन्तु अधिकतर बुजुर्ग लोग ही इस दुर्घटना का शिकार होते हैं। इसका मुख्य कारण है बढ़ती उम्र के साथ समन्वय क्षमता और मांसपेशियों की शक्ति का कम हो जाना। इस कारण बुजुर्ग लोग अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रख पाते। कईयों के हाथ पैर कांपते रहते हैं, उनको और अधिक दिक्कत होती है। 

बुजुर्गों की हड्डियां आसानी से क्यों टूट जाती है? – Why do Elderly Bones Break Easily?

उम्र बढ़ने के साथ-साथ बुजुर्गों के शरीर में कैल्शियम, विटामिन-डी, फॉस्फेट, पोटेशियम, मैग्नीशियम आदि तत्वों की कमी हो जाने से हड्डियों का घनत्व यानि अस्थि खनिज घनत्व (Bone Mineral Density) कम हो जाता है। परिणामस्वरूप गिरने से इनकी हड्डियां आसानी से टूट जाती हैं। 

बाथरूम में गिरने के कारण  – Cause of falling in the bathroom

बाथरूम में गिरने के निम्नलिखित कारण होते  हैं –

1. बाथरूम का गीला होना (Bathroom Getting Wet)- बाथरूम का गीला होना यानि बाथरूम के फर्श पर पानी पड़े रहने के कारण फिसलन होना, मुख्य कारण है फिसलकर गिरने का। यह समस्या उन घरों में ज्यादा होती है जहां केवल एक ही बाथरूम होता है जिसे हर कोई इस्तेमाल करता है क्योंकि इसके अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। कोई व्यक्ति बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद इसे साफ कर देता है मगर दूसरा नहीं। सुबह के समय बाथरूम का उपयोग अधिक होता है ऐसे में पानी का पड़ा रहना स्वाभाविक है। 

2. अच्छी तरह सफाई ना हो पाना (Poor Cleaning)- कई बार ऐसा होता है कि नहाने धोने के बाद वाईपर आदि से पानी साफ़ किया मगर पूरी तरह साफ नहीं हो पाता या पानी दिशा और प्रकाश के कारण दिखाई नहीं देता। जब कोई अन्य व्यक्ति बाथरूम में जाता है तो दिशा परिवर्तन के कारण उसे फर्श पर पानी नजर आ जाता है जो कि फिसलन का कारण बनता है। इसलिये जब भी बाथरूम की सफाई की जाये तो थोड़ा घूम फिर कर सुनिश्चित कर लेना चाहिये कि कहीं पानी तो नहीं पड़ा है। 

3. रिसाव (Leakage) – कई बार ऐसा होता है कि पानी की टोंटियों से, ऊपर लगे नहाने के फव्वारे से या सिस्टर्न  (Cistern) आदि पानी का रिसाव होता रहता है या पानी टपकता रहता है। इससे फर्श गीला होता है और फिसलकर गिरने का कारण बनता है। 

4. चिकनाई (Smoothness) – बाथरूम के फर्श पर नहाने, धोने के काम आने वाले पदार्थों के कारण फर्श पर चिकनाई जमना, फिसलकर गिरने का दूसरा मुख्य कारण है। नहाने धोने के बाद शेंम्पू, कंडीशनर, लिक्विड सोप या नहाने, कपड़े धोने के साबुन के पानी आदि के बहने/जमाव से फर्श चिकना हो जाता है जिस पर पैर पड़ते ही फिसलकर गिरने की संभावना रहती है। 

5. सपोर्ट स्टैंड पहुंच से दूर होना (Support Stand out of Reach) – बहुत बार ऐसा होता है कि हम नहाने या कपड़े धोने के लिये बैठ गये, कुछ सामान अपने पास लिया और कुछ भूल गये। जब याद आया तो हम आढ़े-तिरछे होकर थोड़ा ऊपर उठकर वो सामान लेने की कोशिश करते हैं मगर जहां वह सामान रखा है उस स्टैंड पर हमारा हाथ नहीं पहुंच पा रहा है तो हम और कोशिश करते हैं और इस प्रक्रिया में हमारे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और गिर जाते हैं। इसलिये समान रखने वाले स्टैंड हमारे हाथ की पहुंच पर होने चाहियें। टॉवल स्टैंड भी दूर नहीं होना चाहिये।   

6. प्रकाश व्यवस्था का ठीक ना होना (Poor Lighting)- अक्सर देखा कि लोग सीढ़ियों और बाथरूम में बहुत कम वॉट के बल्ब लगा देते हैं यहां तक कि ज़ीरो वॉट के बल्ब। इससे इन स्थानों पर पूरी तरह प्रकाश नहीं पड़ता और रात को गिरने की संभावना बनी रहती है। 

7. वेंटिलेशन सिस्टम ठीक ना होना (Poor Ventilation System)- यह जरूरी नहीं है कि बाथरूम गीला हो या चिकना हो रखा हो तभी गिरोगे, बाथरूम का यदि वेंटिलेशन सिस्टम ठीक नहीं है तो भी गिरने की संभावना बन जाती है। हवा पास होने के लिये यदि कोई खिड़की ना हो, एग्जॉस्ट फैन ना तो बाथरूम में घुटन हो जाती है और बदबू भी विशेष तौर पर गर्मियों के दिनों में।

ऐसे में कई बार सांस लेने में दिक्कत आती है और सिर में चक्कर आ सकते हैं जिससे गिरने का जोखिम बढ़ जाता है। सर्दियों में गीज़र से जब गर्म पानी गिरता है तो बाथरूम में भाप फैल जाती है जिससे बाथरूम में कुछ दिखाई नहीं देता और सांस लेने में दिक्कत आती है। ऐसी स्थिति में आप किसी वस्तु से टकरा कर गिर सकते हैं। 

8. फिसलने वाली चप्पल (Slippers)- अक्सर देखा गया है कि बाथरूम के बाहर एक या दो जोड़ी चप्पल रखी होती हैं जिनको पहनकर परिवार का कोई भी सदस्य बाथरूम जाता है और फिर वापस आकर रख देता है। यह अच्छी बात है परन्तु लंबे समय तक उपयोग में लाने पर इनका तला घिस जाता है जिससे चप्पल फिसलने लगती है। ऐसी चप्पल फिसलकर गिरने का कारण बनती हैं।

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बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय – Tips to Prevent Falling in the Bathroom

दोस्तो, अब बताते हैं आपको कुछ उपाय जिनको अपनाकर आप अपने को और परिवार के सभी सदस्यों को बाथरूम में गिरने से बचा सकते हैं –

1. बाथरूम का फर्श (Bathroom Floor)- दोस्तो, सबसे बड़ी बात यह है कि शौचालय सहित बाथरूम का फर्श चिकना और चमकदार ना होकर खुरदुरा और फिसलन-रोधी (Anti-skid) होना चाहिये और टाइल्स भी छोटे आकार की होनी चाहियें ताकि इनमें ग्रिप बनी रहे। इससे यह फायदा होगा कि यदि फर्श गीला भी है तो फिसलोगे नहीं।

2. टॉयलेट सीट (Toilet Seat)- इंडियन टॉयलेट सीट के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। इस सीट से उठने में आपको अधिक जोर लगाना पड़ता है। बीमार व्यक्ति या बुजुर्ग को उठने में बहुत तकलीफ होती है कई बार चक्कर भी आ जाते हैं जिससे गिरने की संभावना रहती है।

 दूसरी बात यह है यह सीट गीली बहुत होती है, पानी जल्दी से सूखता नहीं है। इसलिये हो सके तो अपनी टॉयलेट सीट को वैस्टर्न टॉयलेट सीट से बदल दें। इसके बाहर का एरिया गीला नहीं होता और होता भी है तो बहुत कम। इससे उठने में भी आसानी रहती है। 

3. नॉन-स्लिप सरफेस/मेट्स (Non-Slip Surface/Mates)- बाथरूम के फर्श पर नॉन-स्लिप सरफेस लगवाये जा सकते हैं जो फिसलन को रोकते हैं या नॉन-स्लिप मेट्स भी बिछाये जा सकते हैं। इन मेट्स का यह फायदा होता है पानी इसके नीचे फर्श पर रहता है और आप फिसलने से बच जाते हैं। नुकसान इसका यह है कि इनको उठाकर फर्श का पानी साफ़ करना पड़ता है और इन मेट्स को भी सुखाना पड़ता है। इससे समय ज्यादा खराब होता है। 

4. बाथरूम को साफ़ और सूखा रखें (Keep Bathroom Clean and Dry)- बाथरूम की सफाई बहुत महत्वपूर्ण है। नहाने, कपड़े धोने के बाद बाथरूम को वाइपर, मोप्पर्स, पोछा आदि से अच्छी अच्छी तरह साफ़ करें ताकि फर्श से पानी अच्छी तरह साफ़ हो जाये और सूख जाये। चिकनाई को खूब अच्छी तरह साफ़ करें। इससे फिसलकर गिरने की संभावना समाप्त हो जायेगी।

5. जरूरत का सामान अपने नजदीक रखें (Keep Essentials Close to You)- नहाने के मतलब से अपना सारा समान जैसे लिक्विड सोप या हार्ड सोप, शेंपू आदि को इनके स्टैंड से उतार कर अपने नजदीक रखें ताकि आपको इसके लिये अलग से उठना ना पड़े। अन्यथा नहाते समय सामान के लिये उठने पर फिसलने की संभावना रहती है। टॉवल स्टैंड भी आपके हाथ की पहुंच के पास ही होना चाहिये। 

6. पैरों के तलवे साफ होने चाहिए (Feet Should be Clean)- नहाकर उठते समय विशेष अपने पैरों का ध्यान रखना चाहिये। फर्श पर साबुन का पानी फैला होता है यहां तक कि साबुनदानी से साबुन का पानी रिसता है, या साबुन का कोई बहुत छोटा टुकड़ा पड़ा हो सकता है या कोई द्रव्य फर्श को चिकना कर रहा होता है। इसलिये सबसे पहले फर्श पर से ये सब साफ़ करें फिर अपने पैरों के तलवों को अच्छी तरह साफ़ करें उसके बाद उठें। इससे आपके पैर फर्श पर जमे रहेंगे।

7. सामान फैला ना रहे  (Don’t Spread Stuff)- नहाने धोने के बाद सुनिश्चित करें कि जो आपने सामान इस्तेमाल किया है जैसे साबुन, शैंपू, कंडीशनर, साबुन, मग आद, उसे उनके स्थान पर रख दिया है। बाल्टी, पटरा आदि एक तरफ रख देना चाहिये। कहने का तात्पर्य है कि कोई भी सामान इधर उधर बेतरतीब फैला ना रहे ताकि आपके बाद बाथरूम इस्तेमाल करने वाले को ठोकर ना लगे या उसके फिसलने के चांस ना हों। 

8. दीवारों पर ग्रिप हैंडल लगाएं (Put Grip Handles on the Walls)- जब पैर फिसलता है तो व्यक्ति दीवार को पकड़ने की कोशिश करता है मगर दीवार उसे सहारा नहीं देती। यदि पानी की टोंटी को पकड़ता है तो वह घूम जाती है जिससे पानी गिरने लगता है और व्यक्ति भीग जाता है और बाथरूम में भी पानी भरने लगता है। इसलिये दीवारों पर कहीं-कहीं ग्रिप हैंडल लगवाये जा सकते हैं। गिरते समय इनको पकड़ने से आप अपना संतुलन बनाकर अपने को पूरी तरह गिरने से बचा सकते हैं। 

9. प्रकाश व्यवस्था सुधारें (Improve Lighting)- जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि लोग सीढ़ियों और बाथरूम में बहुत कम वॉट के बल्ब लगाते हैं, इसलिये गिरने की संभावना बनी रहती है विशेषकर बुजुर्गों की। क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ दृष्टि भी कमजोर हो जाती है। बुजुर्गों को दिन और रात में किसी भी समय बार-बार मूत्र विसर्जन के लिये जाना पड़ता है। यह उनकी एक आम समस्‍या है। इसलिये बाथरूम में उचित वॉट का बल्ब लगायें और खतरे को दूर भगायें। उचित होगा यदि उनके कमरे से बाथरूम तक प्रकाश की उचित व्यवस्था करें। सीढ़ियों पर भी प्रकाश व्यवस्था में सुधार करें। 

10. बाथरूम वेंटिलेशन (Bathroom Ventilation)- बाथरूम और शौचालय में वेंटिलेशन की सही व्यवस्था होनी चाहिये ताकि हवा पास होती रहे। गर्मी के मौसम में जल्दी दम घुटने लगता है जिससे चक्कर आने लगते हैं और गिरने का खतरा बन जाता है। सर्दियों में इलेक्ट्रिक या गैस गीजर चलाने से बाथरूम में भाप भर जाती है जिससे कुछ भी दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति से निपटने के लिये एग्जॉस्ट फैन चलाना चाहिये। इससे भाप बाहर निकल जायेगी और बाथरूम की बदबू भी और किसी अनहोनी घटना की संभावना भी नहीं रहेगी। 

11. अच्छी गुणवत्ता वाली चप्पल खरीदें (Buy Good Quality Slippers)- हमने ऊपर बताया है कि लंबे समय तक उपयोग में लाने पर चप्पलों का तला घिस जाता है जो फिसलन का कारण बनती हैं। इसलिये ध्यान रखें कि चप्पलें जल्दी बदली जायें। नई चप्पल खरीदते समय इसकी गुणवत्ता का ध्यान रखें कि इसका तला अच्छी ग्रिप वाला हो जो फिसले ना और चप्पल मजबूत हो जो जल्दी से ना टूटे।  

12. रख-रखाव (Maintenance)- दोस्तो, किसी भी वस्तु का रख-रखाव बहुत जरूरी है। यदि हमें उस वस्तु से सेवा चाहिये तो हमको भी उस की सेवा करनी होगी। इससे बाथरूम में गिरने जैसी घटनाओं को टाला जा सकता है। कहने का तात्पर्य यह है जब भी कोई टोंटी खराब हो या कहीं से भी पानी का रिसाव हो या सिस्टर्न  (Cistern) खराब हो जाये या बिजली का बल्ब या कोई अन्य उपकरण खराब हो जाये तो तुरन्त मैकेनिक/इलैक्ट्रिशियन को बुलाकर रिपेयर करायें। इस काम में कोई कोताही नहीं होनी चाहिये क्यों कि खराब वस्तु/उपकरण से सही सेवा की उम्मीद नहीं कर सकते बल्कि हानि होने की ही संभावना रहती है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बाथरूम क्या होता है, बाथरूम कितना बड़ा होना चाहिये, बाथरूम में गिरने से संबंधित कुछ तथ्य, बाथरूम में अधिकतर बुजुर्ग ही क्यों गिरते हैं, बुजुर्गों की हड्डियां आसानी से क्यों टूट जाती हैं और बाथरूम में गिरने के कारण, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से बाथरूम में गिरने से बचाव के बहुत सारे उपाय भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय
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बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको बाथरूम में गिरने से बचाव के उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बाथरूम क्या होता है, बाथरूम कितना बड़ा होना चाहिये, बाथरूम में गिरने से संबंधित कुछ तथ्य, बाथरूम में अधिकतर बुजुर्ग ही क्यों गिरते हैं, बुजुर्गों की हड्डियां आसानी से क्यों टूट जाती हैं और बाथरूम में गिरने के कारण, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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1 Comment

Shiv Kumar Kardam · November 15, 2022 at 10:39 pm

Common problem in India. Great work done on this topic. More informative and beneficiary Article.

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