Advertisements

दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जिनमें यदि परिवर्तन कर दिया जाये तो इनका नाम और रूप बदल जाता है (अंजीर को छोड़कर) जैसे अंगूर से किशमिश और मुनक्का, अदरक से सोंठ। इसी प्रकार एक और फल है जिसको सुखा दिया जाये तो इसका भी नाम, रूप और गुण बदल जाते हैं।  हम बात कर रहे हैं छुहारे की जो खजूर का परिवर्तित रूप है। खजूर को सुखकर छुहारे का रूप दिया जाता है जो ड्राई-फ्रूट की श्रेणी में आता है। सबसे बड़ा बदलाव इसकी तासीर में आता है। खजूर ठंडी प्रकृति (तासीर) का होने के कारण शीतलता देता है तो छुहारा गर्म प्रकृति को धारण कर गरमाहट देता है।खजूर के अपने फायदे हैं तो स्वास्थ के लिये छुहारे के अपने अद्भुत फायदे होते हैं। आखिर छुहारे के ऐसे क्या फायदे हैं जिनके कारण शरीर स्वस्थ रहता है और यौन समस्याओं में लाभ पहुंचाता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “छुहारे खाने के फायदे”।

 देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको छुहारे के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि छुहारे खाने के क्या फायदे होते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि छुहारा क्या है, खजूर के पेड़ और खजूर की खेती कहां होती है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

Advertisements
छुहारे खाने के फायदे
Advertisements

छुहारा क्या है? – What is a Date

दोस्तो, छुहारा कोई अलग से फल नहीं है बल्कि खजूर ही है। छुहारा, खजूर का परिवर्तित रूप है अर्थात् खजूर को सुखाकर इसकी नमी को कम कर दिया जाता है ताकि यह मुलायम ना रहकर एकदम सख्त हो जाये। अतः सूखा हुआ खजूर ही छुहारा कहलाता है जोकि ड्राई फ्रूट्स की श्रेणी में आता है। खजूर सूखने के बाद इसकी मिठास कम हो जाती है परन्तु इसके गुण बढ़ जाते हैं। यही छुहारे की सबसे बड़ी विशेषता है। छुहारे को मिनरल्स की खान और एनर्जी का पावर हाउस कहा जाता है। 

खजूर के पेड़ – Palm Trees

छुहारा यानि खजूर के पेड़ को बाइबिल में जीवन प्रदान करने वाला वृक्ष कहा गया है। इसे फल देने वाला सबसे पुराना वृक्ष माना जाता है। खजूर के वृक्ष को ताड़ का वृक्ष कहा जाता है जोकि 21-23 मीटर तक ऊंचे हो जाते हैं। इसका वानस्पतिक नाम फीनिक्स डेक्टाइलेफेरा (phoenix dactylifera) है और अंग्रेजी में डेट (date) और छुहारे को ड्राई डेट (Dry date) कहा जाता है।  ताड़ का पौधा लगाने के पांच वर्ष बाद फल देने योग्य हो जाता है। 

खजूर, ताड़ के पेड़ पर गुच्‍छों में उगते हैं। एक पेड़ से लगभग 70 से 100 किलो तक खजूर मिल जाते हैं। खजूर की खेती करने के लिये खजूर के पौधे बाहर से आयात करने पड़ते हैं। छोटे पौधे 200 से 400 रुपये में और बड़े पौधे 2000 से 4000 रुपये प्रति पौधा के हिसाब से मिल जाते हैं। 

Advertisements

ये भी पढ़े- बादाम खाने के फायदे

खजूर की खेती कहां होती है ? – Where is the Date Palm Cultivated

दोस्तो, हम यहां पर स्पष्ट कर दें कि सामान्य फसल की भांति खजूर के पौधों को उगाया जाता है जिसके लिये गर्म क्षेत्र अधिक उपयुक्त होते हैं। पौधे लगाने के चार, पांच वर्ष बाद पैदावार शुरु होती है अर्थात् आय शुरु हो जाती है। अब बताते हैं आपको खजूर की खेती करने वाले देशों के बारे में जो निम्नलिखित हैं –

1. विश्‍व में सबसे अधिक खजूर का उत्‍पादन मिस्र (Egypt) में होता है। मिस्र के बाद खजूर उत्‍पादन में ईरान और सऊदी अरब का नाम आता है। इनके अतिरिक्त ईराक, उत्तरी अफ्रीका और मोरक्को में खजूर की खेती की जाती है। खजूर इन सभी देशों की पारंपरिक फसल है। 

2. जहां तक भारत की बात है, तो समझिये कि भारत खजूर का उत्पादन 2007 में आरंभ हुआ था। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल राज्यों में खजूर की खेती की जाती है। 

छुहारा और खजूर में अंतर – Difference between Dates and Dates

छुहारा और खजूर में निम्नलिखित अंतर स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं :-

1. (i) खजूर – खजूर सॉफ्ट और नमीयुक्त होते हैं और इनमें  मिठास अधिक होती है क्योंकि  खजूर में ग्लूकोज, फ्रक्टोज और सुक्रोज जैसे प्राकृतिक शुगर भरपूर मात्रा  होता है।  इसी कारण इसे तुरंत ऊर्जा देने वाला एक बेहतरीन नाश्ता माना जाता है।  

   (ii) छुहारा – छुहारे में नमी बहुत ही कम होती है क्योंकि खजूर के सूख जाने पर ही यह छुहारा कहलाता है। 

2. (i) खजूर – खजूर में नमी होने के कारण इसे ऐसे ही खाया जा सकता है। दूध या अन्य पेय पदार्थ की जरूरत नहीं पड़ती।

    (ii) छुहारा – छुहारा सूखा होने के कारण सख्त होता है। इसे ऐसे ही नहीं खाया जाता। इसको खाने के लिये अधिकतर दूध की जरूरत पड़ती है। दूध ना होने की स्थिति में कोई अन्य पेय पदार्थ या सादा पानी का विकल्प स्वरूप इस्तेमाल किया जाता है।

3. (i) खजूर – खजूर में कम कैलोरी होती है,100 ग्राम खजूर में लगभग 142 कैलोरी। वजन कम करने वालों के लिये खजूर अच्छा विकल्प है।

    (ii) छुहारा – छुहारे में कैलोरी खजूर से दोगुनी होती है यानि 100 ग्राम खजूर में 284 कैलोरी। 

4. (i) खजूर – खजूर को एयर टाइट कंटेनर में आठ महीने और फ्रीजर में एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ये ताजा रहेंगे।

    (ii) छुहारा – छुहारे को एयर टाइट कंटेनर में एक वर्ष तक और फ्रीजर में पांच वर्ष तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

5. (i) खजूर – खजूर की तासीर ठंडी होती है।

     (ii) छुहारा – छुहारे की तासीर गर्म होती है। 

छुहारे के गुण – Properties of Dates 

1. छुहारे की तासीर गर्म होती है, इसलिये इसका सेवन अधिकतर सर्दियों में किया जाना चाहिये। 

2. छुहारे में एंटीऑक्सीडेंट्स,  एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक हाइपोलिपिडेमिक, एंटीएपोप्टोटिक आदि गुण मौजूद होते हैं। 

3. छुहारे फाइबर, कैल्शियम और आयरन का उत्तम स्रोत हैं। 

4. छुहारे में कई विटामिन तथा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर आदि जैसे खनिज होते हैं। 

छुहारे के पोषक तत्व मात्रा (प्रति 100 ग्राम) :-

पानी                         8.35 ग्राम

ऊर्जा                         284 कैलोरी

प्रोटीन                 2.08 ग्राम

कार्बोहाइड्रेट         76 ग्राम

फैट                            0.6 ग्राम

शुगर                         30.8 ग्राम

कैल्शियम                   21 मिलीग्राम

आयरन                   8 मिलीग्राम

मैग्नीशियम                   92 मिलीग्राम

फास्फोरस                    296 मिलीग्राम

पोटेशियम                   374 मिलीग्राम

सोडियम                   516 मिलीग्राम

जिंक                           1.94 मिलीग्राम

कॉपर                     0.364 मिलीग्राम

मैंगनीज                     2.22 मिलीग्राम

सिलेनियम                     16.4 माइक्रोग्राम

विटामिन-सी                   08 मिलीग्राम

थियामिन                     0.892 मिलीग्राम

राइबोफ्लेविन             1.02 मिलीग्राम

नियासिन                     12 मिलीग्राम

पैंटोथैनिक एसिड     0.675 मिलीग्राम

विटामिन-बी-6                 1.2 मिलीग्राम

फोलेट डीएफई             381 माइक्रोग्राम

विटामिन ए                     2990 आईयू

विटामिन-ई                     0.55 मिलीग्राम

विटामिन-के             2 माइक्रोग्राम

फैटी एसिड 

(टोटल सैचुरेटेड )           1.07 ग्राम

फैटी एसिड 

(टोटल मोनोअनसैचुरेटेड)  1.9 ग्राम

फैटी एसिड 

(टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड)  3.24 ग्राम

छुहारे खाने का सही समय – Right Time to Eat Dates

छुहारे की तासीर गर्म होने के कारण इसका सेवन सर्दियों में करना चाहिये। छुहारे किसी भी समय खाये जा सकते हैं परन्तु उत्तम समय सुबह का माना जाता है। सुबह के नाश्ते में छुहारे का सेवन करना चाहिये। रात को सोने से पहले भी छुहारे खाये जा सकते हैं।

छुहारे कितने खाने चाहिए? – How many Dates Should be Eat?

प्रतिदिन दो या तीन छुहारे खाना सुरक्षित माना जाता है वैसे व्यक्ति के स्वास्थ्य छुहारे की मात्रा में परिवर्तन हो सकता है। 

छुहारे किसको नहीं खाना चाहिए? – Who Should not Eat Dates?

1. जिन व्यक्तियों का शुगर स्तर सामान्य से अधिक रहता है उनको छुहारे से परहेज करना चाहिए। 

2. जो व्यक्ति वजन कम करने के लिये डाइट पर हैं उनको छुहारे का सेवन नहीं करना चाहिये क्योंकि इससे वजन बढ़ने की संभावना रहती है। 

3. बच्चों को छुहारे का सेवन नहीं करना चाहिये क्योंकि उनकी आंतें पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुई होती हैं इसलिये उनको छुहारा आसानी से नहीं पच पायेगा तथा उनको छुहारा चबाने में भी दिक्कत आती है। 

छुहारे खाने के फायदे – Benefits of Eating Dates

अब बताते हैं आपको छुहारे खाने के फायदे जो निम्न प्रकार हैं –

1. ऊर्जा बढ़ाये (Increase Energy)- दोस्तो, छुहारा एक एनर्जेटिक फूड है। इसका सबसे बड़ा फायदा यही है कि यह तुरन्त आपके शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। छुहारे में कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा मौजूद होती है जो आसानी से ग्लूकोज में परिवर्तित होकर ब्लड में पहुंचता है और ऊर्जा का श्रोत बनता है। इससे शरीर को शक्ति मिलती है। कमजोरी, थकावट दूर होती है। छुहारे के सेवन से शारीरिक सहनशक्ति बढ़ती है। 

2. मांसपेशियों को मजबूत बनाये (Strengthen Muscles)– छुहारे खाने से मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, इनकी ताकत बढ़ जाती है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिये लोगबाग सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं परन्तु छुहारे खुद सप्लीमेंट्स का काम करते हैं। क्योंकि छुहारे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है जो एक्सरसाइज के साथ मसल्स मास को बढ़ाने का काम करता है। गर्भवती महिलाओं को भी छुहारों का सेवन करना चाहिए इससे गर्भाशय की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं जो बच्चे के जन्म के समय मददगार हो सकता है।

3. हृदय स्वास्थ के लिए फायदेमंद (Beneficial for Heart Health)- छुहारे में सोडियम की मात्रा कम और पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जोकि अच्छी बात है। इससे शरीर में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित होने में बड़े पैमाने पर फायदा होता है। छुहारे में फैट बहुत कम होता है और कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल भी नहीं होता। परिणामतः कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रण में रहता है। उच्च रक्तचाप और खराब कोलेस्ट्रॉल कार्डियोवस्कुलर रोग के प्रमुख कारण माने जाते हैं। छुहारे के सेवन से ये नियंत्रण में रहते हैं। छुहारे के एंटीऑक्सिडेंट, हाइपोलिपिडेमिक, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीएपोप्टोटिक गुण मायोकार्डियल डैमेज अर्थात् हृदय के दौरे को रोकने में मदद करते हैं। 

4. भूख न लगने की समस्या में फायदेमंद(Beneficial in the Problem of loss of Appetite) – जो लोग भूख ना लगने की समस्या से परेशान रहते हैं उन लोगों के लिये इस समस्या से राहत पाने की बहुत अच्छा विकल्प है छुहारा। उन्हें छुहारे का सेवन करना चाहिये। इसके लिये छुहारे के गूदे को चाकू की मदद से अलग करके दूध के साथ उबालना है। फिर ठंडा होने पर मिक्सर में डालकर इसे अच्छी तरह मिक्स करके पीना है। भूख ना लगने की समस्या खत्म हो जायेगी। 

5. कब्ज में फायदेमंद (Beneficial in Constipation)- छुहारा कब्ज़ की समस्या से राहत दिलाता है। इसमें फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है। फाइबर मल की मात्रा को बढ़ा कर इसे ढीला करता है ताकि मल त्याग आसानी से हो सके। फाइबर लैक्सेटिव के रूप में काम करते हुए आंतों की मूवमेंट की सुविधा देता है। छुहारे में पाये जाने वाला मैग्नीशियम बाउल की मांसपेशियों को हल्के लैक्सेटिव के तौर पर कार्य करने में मदद करता है। कब्ज़ दूर करने के लिये सुबह-शाम तीन छुहारे खाकर गर्म पानी पीयें या दिन में भीगे हुए छुहारे रात को सोने से पहले खायें। कब्ज पर अधिक जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “कब्ज के घरेलू उपाय” पढ़ें।

6. पाचन को सही करें (Correct Digestion)- छुहारे में जरूरी अमीनो एसिड और घुलनशील तथा अघुलनशील फाइबर मौजूद होते हैं जो पाचन रस के स्राव को बढ़ाने में मदद करते हैं। जिससे पाचन क्रिया में वृद्धि होती है। छुहारे के एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन को आसान बनाने में मदद करते हैं। 

7. वजन बढ़ाये (Gain Weight)- जो लोग दुबले पतले हैं उन लोगों के लिये छुहारे किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। यह वजन बढ़ाने का उत्तम विकल्प है। नियमित रूप से रोजाना छुहारे दूध के साथ सेवन करें। बेहतर होगा यदि दूध में छुहारे उबाल कर खाये जायें। इससे शरीर को आवश्यक खनिज मिल जायेंगे जो वजन बढ़ाने में मदद करेंगे। 

8. यौन समस्याओं को दूर करे (Solve Sexual Problems)- यौन समस्याओं को दूर करने के लिये छुहारा रामबाण उपाय है। छुहारे में मौजूद फाइबर और इसके एंटीऑक्सीडेंट्स काम क्षमता और काम शक्ति को बढ़ाते हैं। यौन समस्याओं में पुरुषों के लिये छुहारा सर्वोत्तम विकल्प है। नंपुसकता (Erectile dysfunction) दूर करने के लिये मिश्री वाले दूध में छुहारों को उबालकर रात को सोने से पहले खायें और दूध पीयें। सामान्य रूप से दो, तीन छुहारे दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से वीर्य में वृद्धि होती है और गाढ़ा होता है। शीघ्रपतन की समस्या से भी राहत मिलेगी। 

9. महिलाओं की कमर दर्द में फायदेमंद (Beneficial in Women’s Back Pain)-  महिलाओं की कमर में दर्द की समस्या एक आम समस्या है जो लगभग 96 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या होती है। छुहारा इस कमर दर्द की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। इसके लिये दूध में छुहारे उबाल कर नियमित रूप से खायें और दूध पी लें। निश्चित रूप से आराम लग जायेगा। महिलाओं में कमर दर्द पर विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “महिलाओं में कमर दर्द के घरेलू उपाय” पढ़ें। 

10. मासिक धर्म में फायदेमंद (Beneficial in Menstruation)- पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कमर में दर्द, ऐंठन, पीरियड का खुलकर ना आना, अनियमितता, कमजोरी, थकान आदि। ऐसी दशा में छुहारा किसी वरदान के समान काम करता है। छुहारे के सेवन से पीरियड खुलकर आता है। कमर दर्द, ऐंठन आदि से राहत दिलाता है।

11. वृद्धावस्था बार-बार मूत्र विसर्जन की समस्या (Old Age Frequent Urination Problem)- दोस्तो, वृद्धावस्था में जल्दी-जल्दी मूत्र विसर्जन की समस्या आती है। इसके अतिरिक्त शरीर में कैल्शियम, विटामिन तथा अन्य खनिज पदार्थों की कमी हो जाती है। ऐसे में छुहारा काम आता है। रात के समय उबले हुए छुहारे वाले दूध के पीने से बार-बार मूत्र विसर्जन की समस्या से राहत मिल जायेगी और साथ ही शरीर में विटामिन, कैल्शियम आदि खनिजों की भी भरपाई हो जायेगी।

12. खांसी में फायदेमंद (Beneficial in Cough)- छुहारे खांसी, बलगम, छींक, जुकाम आदि समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं। इसके लिये छुहारे को देशी घी में भूनकर दिन में 2-3 बार सेवन करें। 

13. दांतों का गलना (Tooth Decay)-  कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग विशेषकर हड्डियों का गलना और दांतों की कमजोरी से राहत दिलाने में छुहारे मदद करते हैं। दूध में उबले हुए छुहारे खाकर और फिर गर्म दूध पीने से कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती है जिससे इन समस्याओं का आगे बढ़ना रुक जाता है। 

14. एनीमिया में फायदेमंद (Beneficial in Anemia)- शरीर में रक्त की कमी को एनीमिया कहा जाता है और इसका प्रमुख कारण शरीर में आयरन की कमी को माना जाता है। छुहारे में आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है जिसके नियमित सेवन से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो जाती है। परिणामस्वरूप एनीमिया की समस्या खत्म हो जाती है। छुहारे को आयरन सप्लीमेंट के रूप में खाया जा सकता है। एनीमिया पर विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “एनीमिया को दूर करने के घरेलू उपाय” पढ़ें।

15. त्वचा को स्वस्थ रखे (Keep Skin Healthy)- दोस्तो, फ्री रेडिकल्स हमारी त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने का मुख्य कारण होते हैं। त्वचा की क्षति होने से त्वचा में कसावट कम हो जाती है और ढीली पड़ने लगती है। इससे त्वचा की उम्र बढ़ने की गति में वृद्धि होती है जिसके परिणाम स्वरूप त्वचा पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं और अपनी उम्र से अधिक बूढ़े नजर आने लगते हैं। छुहारे के एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल के विरुद्ध लड़ते हैं। छुहारे के सेवन से त्वचा को अच्छी टोन मिलती है जिससे त्वचा की उम्र बढ़ने की गति कम होने लगती है। छुहारे में मौजूद विटामिन-ए, त्वचा की नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाये रखता है।

16. बालों के स्वास्थ्य के लिये (Hair Health)- बालों में अनेक प्रकार की समस्याएं होती हैं जैसे बालों का झड़ना,दोमुंहे बाल, ब्रिटल हेयर, शुष्क बाल आदि। छुहारा एक सुपर फ़ूड के रूप में कार्य करके इन समस्याओं का निवारण करता है। छुहारे में मौजूद पैंटोफेनीक एसिड या विटामिन-बी5 बाल की जड़ों को पोषण प्रदान कर, मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से छुहारे का सेवन करने से बालों का झड़ना रुक जाता है, बाल स्वस्थ रहते हैं और इनमें  चमक बनी रहती है। 

छुहारे के नुकसान – Side Effects of Dates 

दोस्तो, अब बताते हैं आपको छुहारे अधिक मात्रा में खाने से होने वाले नुकसान के बारे में जो निम्न प्रकार हैं –

1. एलर्जी (Allergies)- सबसे पहले तो सावधान रहें यदि छुहारे खाने से आप असहज महसूस कर रहे हैं या कोई परेशानी हो ही है तो छुहारे बिल्कुल भी ना खायें। क्योंकि इससे रिएक्शन होकर एलर्जी हो सकती है।

2. पेट की समस्या (Stomach Problems)- चूंकि छुहारे में फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है इसलिये छुहारे अधिक खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं जैसे दस्त लगना, पेट फूलना, पेट में गैस बनना, पेट में दर्द होना, मिचली, उल्टी आदि।

3. अस्थमा अटैक (Asthma Attack)- अनुमानतः छुहारे अधिक मात्रा में सेवन करने से अस्थमा अटैक की संभावना बन सकती है, यद्यपि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। 

4. नींद अधिक आना (Sleep Over)– छुहारे अधिक मात्रा में सेवन करने से नींद अधिक आती है जिससे व्यक्ति अपने निश्चित समय से ज्यादा सोने लगता है। परिणामस्वरूप उसकी दिनचर्या गड़बड़ा जाती है, उसका कामकाज प्रभावित होता है। सिर में दर्द, सिर में भारीपन की समस्या बन जाती है। 

5. दांतों की समस्या (Dental Problems)- छुहारे की अधिक मात्रा दांतों को प्रभावित करके दांतों से संबंधित कई समस्याएं खड़ी कर सकती है। 

6. अधिक पसीना आना (Sweating Profusely)- बेशक आप छुहारे सर्दी में खायें परन्तु तासीर गर्म होने के कारण इसकी अधिक मात्रा आपके शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी उत्पन्न कर सकती है। इससे आपको अधिक पसीना आयेगा और आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको छुहारे खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छुहारा क्या है?, खजूर के पेड़, खजूर की खेती कहां होती है, छुहारा और खजूर में अंतर, छुहारे के गुण, छुहारे के पोषक तत्व, छुहारे खाने का सही समय, छुहारे कितने खाने चाहियें और छुहारे किनको नहीं खाने चाहियें, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से छुहारे खाने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

Summary
छुहारे खाने के फायदे
Article Name
छुहारे खाने के फायदे
Description
दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको छुहारे खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छुहारा क्या है?, खजूर के पेड़, खजूर की खेती कहां होती है, छुहारा और खजूर में अंतर, छुहारे के गुण, छुहारे के पोषक तत्व, छुहारे खाने का सही समय, छुहारे कितने खाने चाहियें और छुहारे किनको नहीं खाने चाहियें, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया है।
Author
Publisher Name
Desi Health Club
Publisher Logo

1 Comment

Shiv Kumar Kardam · November 3, 2022 at 5:02 pm

Very Good. It’s so healthy Article

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *