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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब ने अपने पिछले आर्टिकल्स में ड्राई फ्रूट्स के बारे में जानकारी दी है जैसे कि अखरोट, अंजीर, काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश आदि। इस ड्राई फ्रूट्स की श्रंखला को आगे बढ़ाते हुऐ एक और ड्राई फ्रूट आपकी सेवा में लेकर आये हैं जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। नई पीढ़ी तो संभवतः इससे अनिभिज्ञ ही है, नाम भी नहीं सुना होगा। यह दुनियां का सबसे महंगा ड्राई फ्रूट है और यह पैदा ही केवल तीन देशों में होता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं चिलगोजा (pine nut) की। दोस्तो, एंटीऑक्सिडेंट से समृद्ध चिलगोजे प्रोटीन और ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत हैं और औषधीय गुणों से संपन्न होते हैं। ये स्वास्थ के लिये भी बेहद फायदेमंद होते हैं। चिलगोजे खाने के सेहत के लिये आखिर क्या फायदे होते हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “चिलगोजे खाने के फायदे”। 

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको चिलगोजे के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि चिलगोजे खाने के क्या फायदे होते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि चिलगोजा क्या है और चिलगोजे की खेती कहां होती है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

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चिलगोजे खाने के फायदे
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चिलगोजा क्या है? – What is Chilgoza?

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चिलगोजा एक बीज है जो ड्राई फ्रूट की श्रेणी में आता है अखरोट, काजू बादाम की तरह। इसका वानस्पतिक नाम पाइनस जेरार्डिआना (Pinus gerardiana wall। ex D.Don, Syn-Pinus gerardii Forbes) है, और यह पाइनेसी (Pinaceae) कुल से संबंध रखता है। इसे अंग्रेजी में पाइन नट (pine nut) कहा जाता है। इसका पेड़ लगभग 24 मीटर ऊंचा और 3 मीटर चौड़ा हो जाता है। इस पेड़ की छाल पतली, चिकनी, और भूरे रंग की होती है तथा इसके पत्ते तीन गुच्छों वाले तथा सख्त होते हैं।

इसका फल लगभग 2.5 सेमी लंबा, बेलनाकार और भूरे रंग का होता है। इसे ही चिलगोजा कहा जाता है। इस फल के अंदर सफेद रंग का बीज (गिरी) निकलता है। इस गिरी को खाया जाता है। यह स्वाद में मीठी होती है। पूरे विश्व में चिलगोजे की 20 प्रकार की प्रजातियां पाई जाती हैं परन्तु एशिया में केवल दो ही प्रकार के चिलगोजे मिलते हैं। चिलगोजे, अन्य ड्राई फ्रूट्स की तुलना में  विश्व में सबसे अधिक महंगे होते हैं लगभग 5000/- रुपये से लेकर 8000/- रुपये तक। 

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चिलगोजे की खेती कहां होती है?- Where is Chilgoza Cultivated?

1. दोस्तो, चिलगोजे का उत्पादन विश्व में भारत के अतिरिक्त अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में होता है। 

2. भारत में उत्तर-पश्चिम में चिलगोजे की खेती होती है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में चिलगोजे का सबसे अधिक उत्पादन होता है। 

चिलगोजे के गुण – Property of Chilgoza

1. चिलगोजा की तासीर गर्म होती है, इसलिये इसका सेवन सर्दी के मौसम में करना अधिक फायदेमंद होता है।

2. चिलगोजे के स्वाद में प्राकृतिक मिठास होती है। 

3. चिलगोजे एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटिफंगल, एंटीसेप्टिक आदि गुणों से सम्पन्न होते हैं।

4. चिलगोजे ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत होते हैं। 

5. चिलगोजे में विटामिन-ए, बी, सी, ई, के तथा  पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, आयरन, ज़िंक, कैल्शियम, मैंगनीज और कॉपर जैसे खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। 

चिलगोजे के पोषक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) :-

पानी                        2.28 ग्राम

एनर्जी                   673kcal

प्रोटीन                 13.69 ग्रा.

कोलेस्ट्रॉल                 0 मिली.ग्रा.

कार्बोहाइड्रेट, 

(बाई डिफ्रेंस)         13.08 ग्रा.

फाइबर, कुल डाइटरी   3.7 ग्रा.

टोटल लिपिड (वसा)   68.37 ग्रा.

शुगर                           3.59 ग्रा.

कैल्शियम                   16 मि.ग्रा.

आयरन                   5.53 मि.ग्रा.

मैग्नेशियम                   251 मि.ग्रा.

फॉस्फोरस                   575 मि.ग्रा.

पोटेशियम                   597 मि.ग्रा.

सोडियम                   2 मि.ग्रा.

जिंक                           6.45 मि.ग्रा.

विटामिन सी, 

कुल एस्कॉर्बिक एसिड   0.8 मि.ग्रा.

थायमिन                   0.364 मि.ग्रा.

रिबलोफ्लेविन           0.227 मि. ग्रा.

नियासिन                   4.387 मि.ग्रा.

विटामिन-बी6           0.094 मि.ग्रा.

फोलेट, डीएफई           34 माइक्रो ग्रा.

विटामिन-ए, आरएई   1 माइक्रो ग्रा.

विटामि- ए, आईयू   29.U

विटामिन-ई 

(अल्फा-टोकोफेरॉल)   9.33 मि. ग्रा.

विटामिन-के 

(फिलोक्यूनोन)           53.9 माइक्रो ग्रा.

फैटी एसिड्स, 

कुल सैचुरेटेड           4.899 ग्रा.

फैटी एसिड्स, 

कुल मोनोअनसैचुरेटेड   18.764 ग्रा.

फैटी एसिड्स, 

टोटल पॉली अनसैचुरेटेड 34.071 ग्रा.

चिलगोजे का उपयोग – Use of Chilgoza

चिलगोजे का उपयोग निम्न प्रकार से कर सकते हैं –

1. इनको ऐसे ही कच्चा खाया जा सकता है।

2. भून कर भी खाये जा सकते हैं।

3. अनेक प्रकार के व्यंजनों और सब्जियों में मिलाकर खा सकते हैं जैसे सॉस, पिज्जा, बिस्कुट, पेस्ट्री, आईसक्रीम, कैंडीज, केक, ब्रेड।

4. सलाद को स्वादिस्ट बनाने के लिये चिलगोजे के बारीक-बारीक टुकड़े काटकर या कसकर, सलाद पर छिड़ककर खा सकते हैं। 

5. चिलगोजे को सूप में भी डाल कर खा सकते हैं।

6. चिलगोजे को फलों की स्मूदी में डालकर खा सकते हैं। 

चिलगोजा कितने खाने चाहिए? – How Much Should one Eat Chilgoza?

इस संबंध में सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। गर्म तासीर होने के कारण इनका सेवन कम ही करना चाहिये। पूरे दिन में बच्चों के लिये दो या तीन तथा बड़ों के लिये पांच चिलगोजे का सेवन उचित माना गया है। अधिक जानकारी के लिये आहार विशेषज्ञ की सलाह ली जा सकती है। 

चिलगोजे खाने के फायदे – Benefits of Eating Chilgoza

और अब बताते हैं आपको चिलगोजे खाने के फायदे जो निम्नलिखित हैं – 

1. इम्यूनिटी बढ़ाये (Increase Immunity)- चिलगोजे खाने का यह बहुत बड़ा फायदा है कि इससे इम्यूनिटी बूस्ट होती है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल गुण संक्रमण से होने वाली बीमारियों से रक्षा करते हैं। चिलगोजे में मौजूद ज़िंक और इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाये रखने में मदद करते हैं। 

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2. एनर्जी मिले (Get Energy)- चिलगोजे खाने का यह भी बहुत बड़ा फायदा है कि इससे शरीर में तुरन्त एनर्जी मिलती है। चिलगोजे में मौजूद खनिज शक्ति का भंडार हैं विशेषकर वसा का। वसा ही एनर्जी का स्रोत बनती है चिलगोजे में अन्य ड्राई फ्रूट्स की तुलना में स्वस्थ फैट अधिक मात्रा में पाया जाता है जो आपको एनर्जी प्रदान करता है। जो बच्चे कुपोषण से ग्रस्त हैं या बड़े व्यक्ति भी कुपोषित हैं, उनके लिये चिलगोजे प्रकृति का वरदान हैं। इनके सेवन से कुपोषण की समस्या से राहत पाई जा सकती है। जिन मरीजों को उच्च ऊर्जा वाले आहार की जरूरत होती है उनके लिये चिलगोजे को आहार में शामिल करना एक उत्तम विकल्प है।

3. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस खत्म करें (Eliminate Oxidative Stress)- चिलगोजे शारीरिक स्वास्थ के अतिरिक्त मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिये भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। चिलगोजे में मौजूद कैटेचिन, गाल्लोकैटेचिन, लूटीइन, लाइपीन, कैरोटीनॉयड, टोकोफेरोल जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स फ्री रेडिकल्स को खत्म कर शरीर से बाहर निकालने का काम करते हैं जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रैस से छुटकारा मिलता है। 

4. अल्जाइमर में फायदेमंद (Beneficial in Alzheimer’s)- चिलगोजे में मौजूद ओमेगा-3 एसिड मस्तिष्क के कार्य कलापों में सुधार कर गतिविधियों का सुचारु पूर्वक संचालन करने में मदद करता है। अल्जाइमर से पीड़ित लोगों के लिये ओमेगा-3 फैटी एसिड बेहद फायदेमंद होता है, यह याददाश्त को सुधारने में मदद करता है। इसके लिये चिलगोजे के अतिरिक्त चिया बीज, सोया, अलसी, अखरोट, मछली आदि का सेवन किया जा सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड मस्तिष्क की कोशिकाओं की क्षति होने से बचाता है। 

5. वजन कम करे (Lose Weight)- जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उनके लिये चिलगोजे का सेवन एक अच्छा विकल्प है। चिलगोजे में मौजूद लंबी चेन फैटी एसिड सीसीके-8 नामक हार्मोन का निर्माण करने में मदद करते हैं जिसे संतुष्टि यानि तृप्ति वाला हार्मोन कहा जाता है। यह हार्मोन भूख को शांत कर पूर्णता का अनुभव कराता है। इसके लिये सुबह के नाश्ते में चार, पांच चिलगोजे खाये जा सकते हैं। यह अतिरिक्त कैलोरी लेने से रोकने में मदद करेगा जिससे वजन बढ़ना कम हो जायेगा। 

6. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करे (Control Cholesterol)- चिलगोजे कोलेस्ट्रॉल रहित होते हैं इसलिये इनके सेवन से कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोत्तरी नहीं होती। अलबत्ता, चिलगोजा में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड खराब वाले कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं।

इसके अतिरिक्त चिलगोजे में टोकोफेरोल, स्कुआलेन और फाइटोस्टेरॉल मौजूद होते हैं, जिसमें टोकोफेरोल एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर हृदय की रक्षा करता है। यह कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में भी अपनी भूमिका निभाता है। 

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7. डायबिटीज में फायदेमंद(Beneficial in Diabetes) – कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नेशियम जैसे खनिज डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। चिलगोजे में इन खनिजों की पर्याप्त मात्रा होती है। चिलगोजे में मौजूद अनसैचुरेटिड फैट, इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। आहार में चिलगोजे के सेवन से ग्लाइसेमिक सूचकांक को कम करने में मिलती है जिससे डायबिटीज के खतरे की संभावना कम हो जाती है। अतः डयबिटिक मरीजों के लिये चिलगोजे लेना लाभदायक सिद्ध होता है।

8.  हृदय स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद (Beneficial for Heart Health) – जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि चिलगोजे कोलेस्ट्रॉल रहित होते हैं। इसमें पाये जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड खराब वाले कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं, इससे हृदय आर्टरीज़ में प्लॉक नहीं जमता और रक्त संचार सही बना रहता है। डायबिटीज भी हृदय रोग का कारण बनता है। चिलगोजे खाने से डायबिटीज का भी खतरा नहीं रहता। इस प्रकार चिलगोजे के सेवन से हृदय स्वतः ही सुरक्षित रहता है। 

9. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद (Beneficial for Pregnant Women)- गर्भवती महिलाओं को भोजन में अतिरिक्त आयरन की जरूरत पड़ती है क्योंकि आयरन, एनीमिया (खून की कमी) को रोकने और हीमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद करता है।

चिलगोजे में आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है जोकि गर्भवती महिलाओं के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व माना जाता है। चिलगोजे में पाये जाने वाले पोषक तत्वों में ज़िंक भी भ्रूण के विकास में मदद करता है। गर्भावस्था के समय महिला को दिन में 30 से 50 ग्राम तक चिलगोजो, तीन बार में (एक साथ नहीं) खाने की सलाह दी जाती है।

10. आंखों के लिए फायदेमंद (Beneficial for Eyes)- आंखों के लिए विटामिन-ए लाभकारी होता है। यह कॉर्निया को सुरक्षित रखता है, रेटिना में रंजक यानि आंखों को विभिन्न रंगों को पहचानने की क्षमता को विकासित करता है। चिलगोजे के सेवन से पर्याप्त मात्रा में विटामिन-ए मिल जाता है।

चिलगोजे में मौजूद ल्यूटिन एंटीऑक्सीडेंट आंखों में होने वाली सामान्य समस्याओं से राहत दिलाता है। चिलगोजे में पाये जाने वाला ओमेगा-3 आंखों की नाईट विजन और कलर विजन की क्षमता के विकास में सहायक होता है। अतः चिलगोजे के सेवन से आप अपनी आंखों के स्वास्थ को बनाये रख सकते हैं। 

11. हड्डियों को मजबूत करे (Strengthen Bones)- विटामिन-ए, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम फास्फोरस, ज़िंक और आयरन जैसे खनिज, हड्डी का घनत्व अर्थात् अस्थि खनिज घनत्व (Bone Mineral Density – BMD) के लिये आवश्यक होते हैं जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस” (Osteoporosis) जैसे अस्थि रोग की संभावना नहीं रहती।

चिलगोजे खाने से ये सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं जिससे हड्डियों का घनत्व बढ़ेगा और हड्डियों में मजबूती आयेगी। चिलगोजे में मौजूद ओमेगा-6 फैटी एसिड हड्डियों के स्वास्थ को बनाये रखने में मदद करता है, इससे के गठिया जैसे रोग में भी आराम मिलता है। 

12. यौन समस्याओं में फायदेमंद (Beneficial in Sexual Problems)- यौन समस्याओं के निवारण में चिलगोजे का सेवन अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है जैसे नपुंसकता, कामोत्तेजना, कामशक्ति की कमी, वीर्य का पतलापन आदि। इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने के लिये एक गिलास दूध में एक चम्मच चिलगोजे की गिरी का चूर्ण और मिश्री मिलाकर पीयें। इससे वीर्य गाढ़ा और पुष्ट होगा, कामोत्तेजना, कामशक्ति बढ़ेगी और नपुंसकता की समस्या भी नहीं रहेगी। इससे धातु रोग भी ठीक हो जायेगा। 

13. त्वचा के लिए फायदेमंद (Beneficial for Skin)- त्वचा स्वास्थ के लिये भी चिलगोजे के फायदे देखे जा सकते हैं। चिलगोजे में मौजूद विटामिन-सी त्वचा में कोलेजन को बढ़ाने और एजिंग को कम करने में मदद करता है। विटामिन-सी, एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होने के नाते सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलट किरणों से त्वचा को बचाता है। 

14. बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद (Beneficial for Hair Health)- ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड बालों के विकास में सहायक होते हैं। चिलगोजे में ये पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं। ये बालों के टूटने और झड़ने को रोकने में तथा बालों को घना बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। अतः चिलगोजे के सेवन से बालों के स्वास्थ्य को बनाये रखा जा सकता है।

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चिलगोजे खाने से नुकसान – Side Effects of Chilgoza

दोस्तो, जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि चिलगोजे की तासीर गर्म होती है इसलिये इनका सेवन बहुत ही सीमित मात्रा में करना चाहिये। अधिक मात्रा में खाने से हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. चिलगोजे अधिक मात्रा में खाने से पेट खराब हो सकता है। गैस, दस्त, उल्टी आदि की समस्या हो सकती है।

2. अधिक खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ जायेगी जिससे वजन बढ़ सकता है। 

3. चिलगोजे खाने के बाद कुछ लोगों को एलर्जी और अतिसंवेदनशीलता हो सकती है। चेहरे पर सूजन, सांस लेने में कठिनाई, खुजली जैसे लक्षण प्रकट हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये। ऐसी समस्याएं उनको मूंगफली, अखरोट आदि खाने से नहीं होतीं।

4. चिलगोजे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह ली जा सकती है क्योंकि इसमें ओमेगा-6 होता है जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको  चिलगोजे खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। चिलगोजा क्या है, चिलगोजे की खेती कहां होती है, चिलगोजे के गुण, चिलगोजे के पोषक तत्व, चिलगोजे के उपयोग और चिलगोजे कितने खाने चाहियें, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से चिलगोजे खाने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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चिलगोजे खाने के फायदे
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको  चिलगोजे खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। चिलगोजा क्या है, चिलगोजे की खेती कहां होती है, चिलगोजे के गुण, चिलगोजे के पोषक तत्व, चिलगोजे के उपयोग और चिलगोजे कितने खाने चाहियें, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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