दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। आपने कई बार लोगों को अपना सिर खुजाते हुऐ देखा होगा। चाहे वो महिला हो, पुरुष हो, बच्चा हो, युवा हो या वृद्ध, कोई भी हो सकता है। गौर से देखने पर यह भी पता चलता है कि उनके कपड़ों पर बहुत ही छोटे-छोटे सफेद कण गिरे हुऐ होते हैं। काले रंग के कपड़ों पर तो ये कण बहुत साफ-साफ दिखाई देते हैं। जब उन्हें इस बारे में बताया जाता है तो वे झेंप जाते हैं या लज्जा अनुभव करते हैं। आखिर क्या होते हैं ये सफेद कण? दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक रूसी यानि डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय । देसी हैल्थ क्लब आज के लेख में इसी विषय पर आपको विस्तृत जानकारी देगा। तो, सबसे पहले जानते हैं कि डैंड्रफ क्या होता है?

डैंड्रफ क्या है? – What is Dandruff

दोस्तो, खोपड़ी (Scalp) की त्वचा की कोशिकाओं का मृत होकर कम मात्रा में गिरना सामान्य प्रक्रिया है। डिटर्जेंट उपचार (अर्थात् नहाने धोने) के बाद, सिर से लगभग 487,000 मृत कोशिकाऐं झड़ती हैं जिनका हमें पता भी नहीं चलता। परन्तु जब यही मृत कोशिकाऐं परत के रूप में जम जायें और बहुत अधिक मात्रा में सफेद कणों के रूप गिरने लगें तो यह डैंड्रफ कहलाती हैं। इन मृत कोशिकाओं को बालों से गिरते हुऐ साफ-साफ देखा जा सकता है। अनुमान के अनुसार 50% आबादी डैंड्रफ से प्रभावित है। 

डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय

डैंड्रफ के प्रकार – Type of Dandruff

डैंड्रफ के प्रकार को इसके कारणों पर निर्भर करते हैं। वैसे मुख्यतः चार प्रकार का डैंड्रफ होता है जिनका  विवरण निम्न प्रकार है –

1. ड्राई डैंड्रफ (Dry Dandruff)- अधिकतर यह डैंड्रफ शुष्क त्वचा वाली स्कैल्प पर होता है और विशेषकर सर्दियों के मौसम में। एक तो पहले ही त्वचा में नमी की कमी होती है सर्दियों  में नमी और तैलीय चिकनाई की कमी और बढ़ जाती है। 

2. ऑयली डैंड्रफ (Oily Dandruff)- कई बार ऐसा शैम्पू का उपयोग कर लिया जाता है जो स्कैल्प की त्वचा के अनुकूल नहीं होता  या फिर बहुत कठोर होता है। इसी वजह से नमी और तैलियपन सूखेपन में बदल जाता है और डैंड्रफ बनने लगता है। इसके बाद बाल टूटने भी लगते हैं।  

3. बैक्टीरियल डैन्ड्रफ (Bacterial Dandruff)-  स्कैल्प में कुछ बैक्टीरिया पाये जाते हैं। जिनमें से एक है प्रोपेन बैक्टीरियम एक्नेस (Propionibacterium acnes)। सीबेशियस (Sebaceous) एक ग्रंथि होती है जो ऑयल बनाती है जिसे सीबम (Sebum) कहा जाता है। जब अतिरिक्त सीबम रोम छिद्र में भर जाता है तो यह प्रोपेनबैक्टीरियम एक्नेस बैक्टीरिया बनता है जिससे खोपड़ी की त्वचा में खुजली, जलन होती है। इसी प्रकार स्टैफिलोकॉकस ऑरियस (Staphylococcus epidermidis) एक सहजीवी बैक्टीरिया है जो प्राय: त्वचा और शरीर के भीतर श्लेष्मा झिल्लियों में मौजूद होता है। इन दोनों प्रकार के बैक्टीरिया के असंतुलन के कारण बनने वाला डैंड्रफ बैक्टीरियल डैंड्रफ कहलाता है।

4. फंगल डैंड्रफ (Fungal Dandruff)-  यह डैंड्रफ किसी भी प्रकार के फंगल संक्रमण के कारण हो जाता है। विशेषतौर पर मलेसेजिया (malassezia) के कारण। यह फंगस मनुष्यों और जानवरों की त्वचा में पाया जाता है। यह त्वचा में सूजन भी पैदा करता है और डैंड्रफ का कारण भी बनता है। इसी तरह सोरायसिस के कारण भी यह डैंड्रफ बनता है। सोरायसिस एक त्वचा रोग है जिसे त्वचा का अस्थमा कहते हैं। इसमें त्वचा शुष्क हो जाती है, ऊपरी परत पर पपड़ी बन जाती है।

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लक्षण  – Symptoms

डैंड्रफ होने पर निम्नलिखित लक्षण देखने को मिलते हैं –

1. शुरुआत में बहुत छोटे-छोटे सफेद कण होते हैं जो कपड़ों पर गिरते रहते हैं।  बाद में थोड़े बड़े और पीले रंग के होने लगते हैं।

2. खोपड़ी की त्वचा में नमी और तैलियपन खत्म हो जाता है और त्वचा शुष्क होने लगती है।

3. सिर में बार-बार खुजली होने लगती है।

4. खुजाने के कारण खुजली के विषाणु उंग्लियों में लगकर भौंहों और छाती पर लग जाते हैं तो इन जगहों पर भी डैंड्रफ होना शुरु हो जाता है।

5. बाल झड़ने शुरु हो जाते हैं।

डैंड्रफ होने के कारण – Cause of Dandruff

दोस्तो, डैंड्रफ होने के अनेक कारण हो सकते हैं जो निम्न प्रकार हैं – 

1. विटामिन की कमी (Vitamin Deficiency)- विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स समूह (Vitamin ’B’ Complex group) की कमी सबसे बड़ा और प्रमुख कारण है। जंक/फास्ट फूड कल्चर के चलते शरीर के लिये आवश्यक पोषक तत्वों आहार कहीं ना कहीं पीछे छूटता जा रहा है जिसके कारण अनेक समस्याऐं उत्पन्न होती हैं, जिनमें से डैंड्रफ भी एक है। हमें भोजन में उन खाद्य पदार्थों को सम्मलित करना चाहिये जिनमें विटामिन-बी प्रचुर मात्रा में हो जैसे डेयरी उत्पाद, पत्तेदार हरी सब्जियां व बीन्स, मछली, चिकन, मीट, अंडे, आदि।

2. प्रदूषण (Pollution)- पर्यावरण का दूषित होना भी डैंड्रफ का कारण है। धूल, मिट्टी, तेज धूप, धूआं, विषैली हवा आदि इन सब के कारण सिर की त्वचा के रोम छिद्र बन्द हो जाते हैं। परिणाम स्वरूप  सिर की त्वचा के रोम छिद्र बन्द हो जाते हैं और त्वचा शुष्क हो जाती है जिससे डैंड्रफ बनने लगता है।

3. हार्मोन्स् असंतुलन (Hormones Imbalance)- किशोरावस्था से यौवनावस्था के बीच बहुत कम फासला होता है परन्तु इसी अवधि में शरीर में बहुत तेजी से विकास होता है। इस विकास के दौरान कई व्यक्तियों में हार्मोन्स् असंतुलित हो जाते हैं जिसके कारण सिर की त्वचा रूखी होने लगती है,फफूंदी जैसी पपड़ी जमने लगती है। यही पपड़ी डैंड्रफ बन जाती है। 

4. मानसिक तनाव (Mental Stress)- किसी ना किसी कारणवश मानसिक तनाव में रहने वाले व्यक्तियों में स्ट्रेस हार्मोन का स्राव बहुत अधिक होने लगता है जिसका कुप्रभाव सिर की त्वचा पर पड़ता है यह कुप्रभाव डैंड्रफ का रूप ले लेता है। 

5. संक्रमण (Infection)- त्वचा में किसी भी प्रकार के संक्रमण से डैंड्रफ हो सकता है। मलेसेजिया फंगल प्रमुख है और प्रोपेनबैक्टीरियम एक्नेस और स्टैफिलोकॉकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया भी। इसके अतिरिक्त सोरायसिस नामक त्वचा रोग से भी डैंड्रफ पनपता है।

6. असामान्य त्वचा (Abnormal Skin)- सिर की त्वचा का सामान्य से अधिक रूखा होना या सामान्य से अधिक तैलिय होना भी डैंड्रफ का कारण बनता है।

7. साफ-सफाई का अभाव (Cleanliness)- साफ-सफाई के प्रति उदासीन होना या आलस्य होना अर्थात् समय-समय पर सिर की भली-भांति सफाई ना करना भी डैंड्रफ का कारण है। 

8. रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना (Immunity)- जंक/फास्ट फूड के अतिरिक्त कुछ ऐसे खाद्य/पेय पदार्थों का सेवन करना जिनमें पोषक तत्व ना हों जैसे आइक्रीम, कोल्ड-ड्रिंक्स, चॉकलेट, पेस्ट्री आदि। साथ ही साथ जिनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आये तो निश्चित रूप से इनका कुप्रभाव सिर की त्वचा पर भी पड़ता है। इस कारण बालों में रूखापन आ जाता है, और सिर पर  कोशिकाएं मृत होकर जमने लगती हैं और पपड़ी बनकर सिर से गिरने लगती हैं। 

9. त्वचा के प्रतिकूल कॉस्मेटिक्स का उपयोग (Anti skin)- किसी भी कॉस्मेटिक्स को खरीदने से पहले हमें यह पता होना चाहिये कि हमारी त्वचा कैसी है। जो शैम्पू, कंडीशनर, हेयर कलर हम ले रहे हैं क्या वह हमारे सिर की त्वचा को सूट (Suit) करेंगे ? यदि नहीं करते हैं तो निश्चित रूप से ये हानि ही पहुंचायेंगे और डैंड्रफ का कारण बनेंगे। 

10. हाई स्टेरॉयड दवा (High Steroid Medicine)-  लम्बे समय तक हाई स्टेरॉयड नामक दवा के सेवन करने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और हार्मोन्स् भी असंतुलित हो सकते हैं जिससे डैंड्रफ बन सकता है। 

डैंड्रफ के कुप्रभाव – Effects of Dandruff

1. सबसे बड़ा असर तो यही होता है कि त्वचा विकार की शुरुआत हो जाती है। 

2. सिर की सुन्दरता का ह्रास होता है।

3. कई बार दोस्तों के बीच या समाज में शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।

4. बाल रफ़ हो जाते हैं।

5. बालों का विकास रुक जाता है

6. बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं जिससे बाल टूटने लगते हैं।

7. बाल दो मुंहे भी हो जाते हैं।

8. खोपड़ी में खुजली हो जाती है।

9. खोपड़ी में जलन भी होने लगती है।

10. सोरायसिस जैसे त्वचा रोग होने की संभावना बन जाती है। 

11. डैन्ड्रफ के कण त्वचा पर जहां गिरते हैं वहां रोम छिद्र बंद हो जाते हैं जिससे वहां पर त्वचा विकार हो सकता है।

12. चेहरे  पर मुंहासे होने बनने की संभावना रहती है।

डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय – Home Remedies of Remove Dandruff

1. मुल्तानी मिट्टी (Multani Mitti)- सिर को साफ करने लिये मुल्तानी मिट्टी प्राचीन काल से ही चला आ रहा पुराना मगर प्राकृतिक मिट्टी वाला उत्तम घरेलू उपाय है। इस मिट्टी में मैग्नीशियम, क्वार्ट्ज, सिलिका, आयरन, कैल्शियम, कैल्साइट और डोलोमाइट जैसे प्रभावकारी खनिज होते हैं जो सिर की सभी गंदगी को खींचकर बाहर निकाल देते हैं जिनके कारण डैंड्रफ बनता है। रात को थोड़ी सी मुल्तानी मिट्टी और छह चम्मच मेथी के दाने भिगो दें। सुबह इनका अच्छी तरह से पेस्ट बनालें और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाकर मसाज करें और थोड़ी देर ऐसे ही छोड़ दें। 20 मिनट बाद सिर ठंडे या गुनगुने पानी से धोलें। 

2. मेथी (Fenugreek)- मेथी के दानों (बीज) में अनेक प्रकार के विटामिन और खनिज होते हैं जो डैंड्रफ को खत्म करने में प्रभावशाली होते हैं। दो कप गर्म पानी में रात को मेथी के दाने पीस कर भिगो दें। सुबह छानकर इससे सिर धोयें। या रात को मेथी के दाने ऐसे ही भिगो दें। सुबह इसे छान लें। फिर भीगे हुऐ मेथी दानों में थोड़ी सी सूखी हुई मेथी की सूखी पत्तियां और थोड़ा सा नारियल तेल मिलाकर, पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गीले बालों में लगाकर आधे घंटे के लिये छोड़ दें। बाद में शैंपू से सिर धो लें।

3. नींबू (Lemon)- नींबू के गुण शरीर के पीएच power of hydrogen लेवल को संतुलित करते हैं, जिससे डैंड्रफ की समस्या खत्म होती है। नींबू के एंटी-फंगल गुण डैंड्रफ पर अपना प्रभाव छोड़ते हैं मलेसेजिया आदि जैसे फंगल को खत्म करते हैं। नींबू के रस से सिर की अच्छी तरह मालिश करें। बाद में हल्का सा शैंपू लगाकर सिर धो लें लेकिन याद रहे बालों पर कंडीशनर न लगायें। नींबू के रस  में नारियल तेल भी मिला सकते हैं। या एक कप सेब के सिरके में तीन चम्मच नींबू का रस और तीन चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर पर लगा कर छोड़ दें। 10-15 मिनट बाद सिर धो लें।

4. सेब का सिरका (Apple vinegar)- नींबू के गुण की तरह सेब का सिरका भी पीएच लेवल को मेनटेन करता है और डैंड्रफ पर अपना प्रभाव छोड़ता है। बालों को शैंपू से धोने के बाद चार-पांच चम्मच सेब के सिरके को इतने ही पानी में मिलाकर खोपड़ी पर लगाकर अच्छी तरह मालिश करके छोड़ दें। 15-20 मिनट बाद सिर पानी से धो लें। 

5. बेकिंग सोडा (Baking Soda)- बेकिंग सोडा में मौजूद एंटी-फंगल गुण  डैंड्रफ के लिए अपना प्रभाव छोड़ते हैं। बेकिंग सोडा  एक्सफोलिएंट भी है जो मृत कोशिकाओं को साफ करता है, सिर की त्वचा से अत्यधिक तेल को दूर करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिये सिर को गीला करके बेकिंग सोडा अच्छी तरह खोपड़ी पर लगाकर मालिश करें।  कुछ देर बाद पानी से धो लें। हफ्ते में दो बार इस प्रक्रिया को करें। यद्यपि आपके बाल रूखे हो सकते हैं परन्तु दो हफ्ते में ही सिर की त्वचा में प्राकृतिक तेल का उत्पादन शुरू हो जायेगा और बालों का रूखापन खत्म हो जायेगा।

6. नीम (Azadirachta Indica)- औषधीय गुणों के कारण नीम को वृक्षराज कहा जाता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी फंगल गुण होते हैं। इसमें निमोनाॅल नामक तत्व भी होता है जो कई रोगों को खत्म करता है। एंटीफंगल गुण डैंड्रफ को खत्म करने में मदद करते हैं। नीम की पत्तियों को उबालकर, पीसकर पेस्ट बना लें। पेस्ट ठंडा होने पर सिर में लगाकर छोड़ दें। लगभग आधा घंटा बाद सिर धो लें। पत्तियों को बिना उबाले भी पीसकर पेस्ट बनाकर लगा सकते हैं।  पेस्ट लगाने के बाद सिर में खुजली लग सकती है पर कोई परेशानी वाली बात नहीं है। डैंड्रफ हटाने के लिये आप नीम का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  नीम के तेल में एक कपूर की गिरी पीसकर मिक्स कर लें और सिर में लगायें। इससे खुजली भी नहीं लगेगी और दो हफ्ते में डैंड्रफ भी खत्म हो जायेगा।  

7. एलोवेरा (Aloe Vera)- एलोवेरा प्रकृति का उपहार है। एलोवेरा एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से समृद्ध है। एलोवेरा के इन्हीं गुणों के कारण डैंड्रफ से छुटकारा पाया जा सकता है। एलोवेरा जैल को सिर में लगाकर अच्छी तरह मसाज करें। 15-20 मिनट बाद, बालों में शैम्पू लगाकर धो लें। बाल चमक उठेंगे। यह बालों को प्राकृतिक रूप से मॉइस्चराइज करता है।

8. आँवला (Amla)- आँवला बालों के लिये प्राकृतिक टॉनिक है। आँवला में मौजूद पोषक तत्व विटामिन-ऐ और सी पाया जाता है। ये दोनों पोषक तत्व डैंड्रफ को खत्म करने में मदद करते हैं। दो चम्मच आँवला पाउडर में दो चम्मच नारियल या जैतून का तेल मिलाकर तेल भूरा होने तक गर्म कर लें। फिर इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने पर सिर में लगाकर अच्छी तरह मसाज करें। 15-20 मिनट बाद बालों में शैम्पू लगाकर धो लें। कोई तेल ना मिलाना चाहें तो खाली आँवला के जूस से ही सिर की मसाज करें।

9. तुलसी (Basil)- तुलसी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो डैंड्रफ हटाने में मदद करते हैं। दो चम्मच पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां और दो चम्मच आँवला पाउडर डालकर पेस्ट बनालें। फिर इस पेस्ट को सिर में लगाकर छोड़ दें। आधा घंटा बाद सिर धो लें।  

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10. लहसुन (Basil)- लहसुन की कुछ कलियों को छीलकर पीस लें। फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर पर लगाकर मसाज करें। 15-20 मिनट बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें। लहसुन में उच्च स्तर के एंटी-फंगल गुण माइक्रोब्स को खत्म कर देंगे जो डैंड्रफ का कारण बनते हैं।  

11. लहसुन और जैतून का तेल (Garlic and Olives)- लहसुन में मौजूद उच्च स्तर के एंटी-फंगल गुण माइक्रोब्स को खत्म करते हैं जो  डैंड्रफ का कारण होते हैं। और ऑलिव ऑयल में पाये जाने वाला औलियोरोपिन (Oleuropein) गुण बालों को स्वस्थ रखता है। लहसुन की दो-तीन कलियों को छीलकर पीस लें। इसमें आधा कप जैतून का तेल मिलाकर गर्म करलें। ठंडा होने पर इसे सिर में लगाकर छोड़ दें। आधा घंटा बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें। 

12. अदरक (Ginger)- अदरक में उत्तेजित करने वाले गुण जैसे वाष्पशील तेल (Volatile oil) जिसे Essential Oil भी कहते हैं, डैंड्रफ को दूर करता है, इसके सूजनरोधी गुण बालों को भी बढ़ाने का काम करते हैं। अदरक को छीलकर, घिसकर, कपड़े में रखकर अच्छी तरह निचोड़ने से इसका तेल निकल जायेगा। आप इसे अदरक का जूस भी कह सकते हैं। इस तेल में तीन, चार चम्मच तिल का तेल मिक्स करलें। फिर इस तेल को सिर पर लगाकर मालिश करें और छोड़ दें। थोड़ी देर बाद सिर धो लें।  

13. मेंहदी (Mehndi)- मेंहदी में पाये जाने वाले टानिक, गलिक एसिड  लोसन और म्यूसिलेज जैसे घटक (Components) डैंड्रफ को खत्म करने में मदद करते हैं। एक-एक चम्मच मेंहदी पाउडर, आँवला पाउडर, टी पाउडर, नींबू का रस और नारियल तेल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर में लगा लें। कुछ देर बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें।

14. संतरे का छिलका (Orange peel)- संतरे के छिलके के एसिडिक गुण अतिरिक्त तेल को कम करके डैंड्रफ की समस्या से राहत दिलाते हैं। संतरे के छिलकों को सुखाकर इसका पाउडर बना लें। इस पाउडर में चार,पांच चम्मच नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर में लगायें और सूखने पर सिर धो लें। या संतरे के गीले छिलकों को मिक्सी में डालकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर में लगाकर छोड़ दें। आधा घंटा बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें पर कंडीशनर न लगायें।

15. दही (curd)- दही को डैंड्रफ के उपचार में उत्तम उपाय माना जाता है। कारण, इस में पाये जाने वाला लैक्टोबैसिलस पैरासेसी (Lactobacillus Paracasei) बैक्टीरिया जो डैंड्रफ की समस्या से राहत दिलाता है। इसके लिये खट्टी दही को सिर, बालों में लगाकर अच्छी तरह रगड़ें ताकि दही का रस बालों की जड़ों में चला जाये। इसे लगा रहने दें। एक घंटा बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें। 

16. खसखस (Poppy sheeds) – खसखस में विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा होती है जो डैंड्रफ की समस्या से तो राहत दिलाते ही हैं साथ ही इसमें विटामिन-ई की भरपूर मात्रा होती है जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर बालों के झड़ने की समस्या को भी खत्म करता है। एक चम्मच भीगे हुऐ खसखस के बीजों में दो चम्मच दही और आधा चम्मच सफेद मिर्च मिक्स करके, पेस्ट बनाकर सिर पर लगायें। आधा घंटा बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें।  या खसखस को दूध के साथ पीसकर पेस्ट बनाकर सिर पर लगायें और आधा घंटा बाद शैम्पू लगाकर सिर धो लें।

17. टी ट्री ऑयल (Tea tree oil)- टी ट्री ऑयल में एंटी-फंगल एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो किसी फंगल संक्रमण और बैक्टीरिया आदि से होने वाले डैंड्रफ को खत्म करने का काम करते हैं। तीन, चार बूंद टी ट्री ऑयल में दो, तीन बूंद बादाम तेल मिलाकर रुई की सहायता से सिर में लगायें। बाद में सिर धो लें। 

18. नीलगिरी का तेल (Nilgiri oil)- एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के बताती है कि नीलगिरी के अर्क युक्त लोशन का इस्तेमाल करने से खोपड़ी का सूखापन कम हो सकता है। सूखेपन यानि अधिक शुष्क त्वचा के कारण भी डैंड्रफ बनता है। दो, तीन बूंद नीलगिरी के तेल में दो, तीन बूंद नारियल का तेल मिलाकर, रुई की सहायता से सिर पर लगायें। लगभग आधा घंटा बाद सादा पानी से सिर धो लें। 

19. ग्रीन टी (Green tea)- ग्रीन टी में पाये जाने वाले केटेकिन्स के एंटी-फंगल गुण डैंड्रफ को खत्म करने में मदद करते हैं और पॉलीफेनोल्स नामक एंटी-ऑक्सीडेंट सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाये रखने में सहायता करता है। दो ग्रीन टी बैग को 20 मिनट तक पानी में गर्म करके ठंडा होने दें। इस पानी को सिर पर लगायें और आधा घंटा बाद सादा पानी से सिर धो लें। 

20. अंडे (Eggs)- अंडे में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। अंडा की कंडीशनिंग का कार्य भी करता है। अंडे की जर्दी में पाये जाने वाला बायोटिन डैंड्रफ के उपचार के लिए अच्छा विटामिन है। दो अंडों की जर्दी निकाल कर अच्छे से फैंट लें। इनको हल्के गुनगुने पानी में भी फैंट सकते हैं। इसे सूखे बालों में  लगायें, सिर में अच्छी तरह लगाकर किसी पिन्नी से कवर कर लें। लगभग एक घंटा बाद शैम्पू लगाकर धो लें। 

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपकोडैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय के विषय में विस्तार से जानकारी दी। डैंड्रफ के प्रकार, लक्षण, कारण और कुप्रभाव के बारे में भी बताया। इस लेख के माध्यम से डैंड्रफ को हटाने के देसी उपाय भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer- यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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