दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। आज हम आपको डिलीवरी के बाद वजन कम करने के उपाय से संबधिक कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। आपने नोटिस किया होगा कि गांव हो या शहर, प्रसव (Delivery) के बाद अक्सर महिलाओं के शरीर में आकस्मिक रूप से परिवर्तन आता है। उनका वजन बढ़ जाता है। और आपने यह भी नोटिस किया होगा कि मजदूर वर्ग की और खेतों में काम करने वाली या अन्य प्रकार का शारीरिक श्रम करने वाली महिलाओं का वजन नहीं बढ़ता।

अधिकतर Housewife, offices में काम करने वाली, शारीरिक श्रम ना करने वाली महिलाओं के वजन में बढ़ोत्तरी हो जाती है। इसकी वजह एकदम साफ है कि बेहद आराम करना, हल्की-फुल्की कोई शारीरिक गतिविधि ना करना, या हल्का व्यायाम, वॉकिंग या चहल कदमी ना करना। बस, यही है हमारा आज का टॉपिक कि डिलीवरी के बाद वजन कम करने के उपाय। दोस्तो, इस लेख में हम इस विषय पर विस्तार से जानकारी देंगे। तो सबसे जानते हैं कि डिलीवरी के बाद महिलाओं का वजन क्यों बढ़ता है, इसके क्या कारण हैं?

डिलीवरी के बाद वजन कम करने के उपाय

डिलीवरी के बाद वजन बढ़ने के कारण – Delivery ke Bad wajan badhane ke karan

दोस्तो, कई महिलाओं में प्रेगनेंसी के समय ही वजन बढ़ने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं जो डिलीवरी के बाद और बढ़ जाता है।  महिलाओं का वजन बढ़ने के अनेक कारण हो सकते हैं जो इस प्रकार हैं –

1. वजन बढ़ने का मुख्य कारण हार्मोन्स में तेजी से परिवर्तन होना है।

2. दूसरा मुख्य कारण होता है खानपान में अचानक आया बदलाव। डिलीवरी के बाद महिला को ऐसे खाद्य पदार्थ दिये जाते हैं जिनमें वसा ज्यादा हो, और शुगर लैवल को बढ़ायें जैसे कि बूरा के लड्डू जिनमें घी हद से ज्यादा पड़ा होता है, ड्राईफ्रूट्स पड़े होते हैं। सब्जी, दाल में भी घी डाल दिया जाता है यहां तक कि रोटी भी घी से चुपड़ दी जाती है। 

3. शारीरिक गतिविधि ना होना। हल्का-फुल्का कोई काम ना करना, सिर्फ़ बैड पर लेटे रहना, आराम करना, बच्चे की देखभाल में ही व्यस्त रहना, अपने शरीर पर ध्यान ना देना।  व्यायाम या वॉकिंग करना तो बहुत दूर की बात है। 

4. किसी कारणवश बच्चे को स्तनपान ना करा पाना, या ठीक से स्तनपान ना कराना। वजन को कन्ट्रोल करने के लिये बच्चे को स्तनपान कराना आवश्यक है। यहां Desi Health Club एक बात और कहना चाहेगा कि हमेशा बैठकर, बच्चे को गोद में लेकर ही स्तनपान कराना चाहिये। इससे बच्चे के कान में दूध नहीं जायेगा इसलिये उसके कान में दर्द होने की संभावना नहीं होगी। कभी भी लेटकर बच्चे को स्तनपान ना करायें। रात को सोते समय भी नहीं। 

5. किसी मामले में थायरायड असंतुलित होने पर भी वजन बढ़ जाता है।

6. डिलीवरी के बाद महिला यदि किसी घरेलू मसले पर, किसी अन्य विषय पर ज्यादा सोचने लगती है तो उसके तनाव ग्रस्त होने की संभावना रहती है। यही तनाव वजन बढ़ने का कारण बन जाता है। इस तनाव को मेडिकल टर्म में पोस्टपार्टम डिप्रेशन कहा जाता है।

7. सी-सेक्शन अर्थात् सिजेरियन के बाद वजन का बढ़ना सामान्य बात है। घाव ठीक करने के लिये जो दवाईयां दी जाती हैं और दर्द निवारक दवाईयां होती हैं, उनके कारण वजन बढ़ जाता है। 

वजन कम करना क्यों जरूरी है? – Wajan kam karna kyu jaruri hai 

दोस्तो, अब आपको बताते हैं कि बढ़ते हुऐ वजन को कम करके, कन्ट्रोल करना क्यों जरूरी है?

1. सबसे बड़ी बात यह है कि आप बेडौल दिखती हैं जो आपकी सुन्दरता के लिये Negative point है।

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2.अतिरिक्त वजन  ‘ओवरवेट’ की श्रेणी में आता है जो स्वास्थ की दृष्टि से यह भी Negative point है।

3. बढ़ते वजन के कारण आपको टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना रहती है।

4. बढ़ता वजन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है।

5. शारीरिक स्फूर्ती और ऊर्जा का ह्रास होता है।

6. डायबिटीज़ और उच्च रक्तचाप दिल की समस्या का कारण बन सकते हैं।

7. ‘ओवरवेट’ अगली गर्भावस्था में खतरे का कारण बन सकता है।

8. अगली गर्भावस्था सिजेरियन डिलीवरी की संभावना बन सकती है। 

डिलीवरी के बाद वजन कम करने के उपाय – Delivery ke bad Wajan kam karne ke upay

दोस्तो, डिलीवरी के बाद बढ़ते हुऐ वजन के कारण और इसके कुप्रभाव जानने के बाद अब जानते हैं वजन कम करने के उपायों के बारे में जो इस प्रकार हैं –

1. पानी (Water)- पानी हमारे शरीर और स्वास्थ का आधार है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महिला के स्वास्थ के लिये ही नहीं अपितु नवजात शिशु के विकास के लिये भी बेहद जरूरी है। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और पाचन प्रणाली में प्रभावशाली रूप से सुधार करता है।  

महिला के स्तनों में जो दूध बनता है वह भी 50% पानी होता है जिसे शिशु को आराम से पच जाता है। जिन महिलाओं को दूध नहीं बनता, डॉक्टर भी दूध में भी 50% पानी मिलाकर शिशु को पिलाने की सलाह देते हैं। पानी महिला के शरीर को हाइड्रेट रखेगा और  वजन को कम करने में भी मदद करेगा। पानी के अतिरिक्त दूध, ताजा रस, सूप, स्मूदी, नारियल पानी या नींबू पानी भी पी सकती हैं।  इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। सुबह-शाम गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से अतिरिक्त चर्बी कम होगी।

2. गतिशील(Movement) – यह सच है कि डिलीवरी के बाद शरीर बहुत कमजोर हो जाता है परन्तु यह भी सच है कि एक ही जगह पड़े-पड़े भी शरीर जाम हो जाता है, अकड़ने लगता है। इसलिये यदि वैजाइनल (Vaginal) यानि इसे सामान्य डिलीवरी हुई है तो लगभग 20 दिनों के बाद धीरे-धीरे घर के हल्के-फुल्के काम करना शुरु कर सकती हैं। इससे आपका शरीर गतिशील रहेगा। सिजेरियन (Cesarean) या एपिसिओटोमी (Episiotomy) डिलीवरी के मामले में आपको डॉक्टर की सलाह के अनुसार कई सप्ताह कम से कम 4 से 6 सप्ताह का आराम करना होगा। 

3. व्यायाम (Exercise)- डिलीवरी के बाद, अक्सर महिलाओं को व्यायाम करने को मना किया जाता है, जबकि वजन कम करने के लिये व्यायाम एक अच्छा विकल्प है। सामान्य डिलीवरी में 4 से 6 सप्ताह के बाद व्यायाम किया जा सकता है लेकिन सिजेरियन डिलीवरी के मामले में 10 सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। उसके बाद भी डॉक्टर की सलाह लेकर ही व्यायाम शुरु करें। इसके लिये वॉकिंग सबसे अच्छा विकल्प है।

 वॉकिंग के अतिरिक्त एरोबिक प्रक्रिया में नाचना, साइकिलिंग, तैराकी या स्कीइंग भी कर सकते हैं। वॉकिंग आप 10 मिनट से शुरुआत करें। बाद में इसे आप 20 और 30 मिनट की कर सकते हैं। वॉक पर आप बच्चे को भी लेकर जा सकते हैं। 15 से 30 मिनट की एरोबिक कर सकते हैं।  स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग महिलाओं को कम तीव्रता वाली एरोबिक एक्सरसाइज कम से कम 150 मिनट करने की सलाह देता है जो पूरे हफ्ते के लिये कुल 150 मिनट होनी चाहिये। याद रखिये व्यायाम के दौरान अपनी हृदय गति दर 140 बीट प्रति मिनट से ज्यादा ना होने पाये। 

4. स्तनपान (Feeding The Beast)- शिशु को स्तनपान कराने के माध्यम से महिला का वजन कम होने में मदद मिलती है। महिला शिशु को जितना ज्यादा स्तनपान करायेगी उतनी ही ज्यादा कैलोरी बर्न होंगी। स्तनपान कराने से एक दिन में 600 से 800 तक कैलोरी बर्न होती हैं। चूंकि स्तनपान कराने के बाद भूख लगती है इसलिये ध्यान रखना चाहिये कि ओवर डाइटिंग ना हो। तभी वजन कम होने में मदद मिलेगी।

 क्लीनिकल न्यूट्रीशन के अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन 2008 की रिपोर्ट बताती है कि स्तनपान महिलाओं में डिलीवरी के बाद अतिरिक्त वजन को कम करने में मदद करता है जो अक्सर गर्भावस्था के समय बढ़ जाता है। डॉक्टर्स का भी मानना है कि स्तनपान कराने से वजन कम होता है। स्तनपान कराने से शरीर को लगभग 300-500 कैलोरी खर्च करनी पड़ती है,  ऐसे में अतिरिक्त चर्बी जल्दी और सुरक्षित तरीके से कम होती है।

5. नींद पूरी होनी चाहिये (Sleep is Over)- बच्चा बार बार रोता है, कपड़े गीले करता है, उसे भूख लगती है तो उसको संभालना होता है और कई बार रात को जब आपको नींद आ रही होती है तो वो खेलता है। ऐसे में  महिला का अच्छे से सो पाना मुश्किल होता है। फिर भी जब भी समय मिले, कोशिश करें कि आप ठीक से सो जायें और नींद पूरी हो जाये। रात में ना सही तो दिन में नींद पूरी करने की कोशिश करें। 

यदि रात को छः घंटे की नींद हो जाती है तो बहुत ही अच्छा है इससे आप ज्‍यादा एक्टिव और चुस्त दुरुस्त रहेंगी। नींद पूरी ना होने से तनाव बढ़ता है और तनाव से हार्मोन कोर्टिसोल में बढोतरी होती है जिससे पेट के आसपास का वजन बढ़ता है। नींद का पूरा ना होना चयापचय (Metabolism) को प्रभावित कर वजन कम की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। अतः वजन कम करने के लिये यह आवश्यक है कि 6 से 7 घंटे की नींद ली जाये। 

6. तनाव को कम करें (Reduce Stress)- बच्चे का विशेषकर नवजात शिशु का पालन पोषण, देखभाल मां के लिये सबसे चुनौतीपूर्ण उत्तरदायित्व होता है। फिर नींद पूरी ना हो पाना और अन्य प्रकार की समस्याऐं, जिम्मेदारियां आदि अनेक कारण होते हैं जिनसे तनाव बढ़ता है और तनाव से स्ट्रेस हार्मोन श्रवित होते हैं  जिससे मोटापा बढ़ता है। तनाव से आपके रक्त में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन नामक हार्मोन भी बढ़ जाते हैं जो आपको चिड़चिड़ा बना सकते हैं, उदास रख सकते हैं, थकावट महसूस करा सकते हैं और वजन कम करने में बाधा उत्पन्न करते हैं।

तनाव आपको ज्यादा, नमकीन, मिठाई या तले भुने खाद्य पदार्थों को खाने के लिये उकसाता है जो ये सब चीजें वजन बढ़ाने वाली होती हैं। इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि तनावपूर्ण परिस्थितियों बचा जाये और अपने आसपास का माहौल को खुशनुमा बनाया जाये। इसके लिये आप अपनी पसंद का संगीत सुन सकते हैं, मेडिटेशन कर सकते हैं, पुस्तक पढ़ सकते हैं या कुछ और कर सकते हैं जो आपको अच्छा लगे। परन्तु तनाव से दूर रहें। 

7. खाने से पहले पानी पीयें (Drink Water Before Meals)- खाना खाने से पहले एक गिलास पानी जरूर पीयें। इससे आप ज्यादा खाना नहीं खा पायेंगी। कैलोरी कम ले पायेंगी। पानी से कोई हानि  भी नहीं  होगी। खाना खाने के बाद आपको भारीपन महसूस नहीं होगा। 

8. वसा और कैलोरी का ध्यान रखें (Fat and calories)-  डिलीवरी के बाद, शरीर प्रसव की क्रिया से उबरता है इसलिये डॉक्टर भी डिलीवरी के तुरन्त बाद आहार शुरु ना करने की बात कहते हैं। डिलीवरी के बाद घी व ड्राई फ्रूट्स आदि खाने को कहा जाता है लेकिन इनसे वजन बढ़ता है। चिप्स, कोल्ड्रिंक जैसी कैलोरी रहित वस्तुओं से भी बचना चाहिये।

आपका भोजन करना चाहिये जिसमें कैलोरी कम हो, वसा बहुत कम हो और पोषण दे। प्रोटीन की मात्रा ज्यादा हो और कार्बोहाइड्रेट कम। अपने भोजन में ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें जैसे – ताजे फल, हरी सब्जियां, अंडे, चिकन, लीन मीट, टूना व साल्मन मछली, बीन्स और साबुत अनाज आदि। 

9. थोड़े-थोड़े अंतराल पर खायें (Eat at Regular Intervals)- स्तनपान कराने पर बार-बार भूख लगना स्वाभाविक है। इस भूख को शांत करने लिये आपको कुछ ना कुछ खाना होता है। लेकिन चाय बिस्कुट से दूरी बना कर रखें। सनैक्स भी बहुत सोच समझकर खायें। सामान्य चाय के बजाय ग्रीन टी पीयें। आप ओट्स, साबुत अनाज ले सकती हैं। फल, जूस, ब्राउन ब्रेड, गेहूं के बिस्कुट, मेवे, किशमिश, पॉपकॉर्न आदि ले सकती हैं। फुल क्रीम दूध के बजाय स्किमड मिल्क, डेयरी प्रोडक्ट जैसे पनीर, दही आदि का सेवन करें। सबसे बड़ी बात यह है कि आप थोड़ा-थोड़ा करके दिन में कई बार खायें। इससे आपका पाचन-तंत्र सही रहेगा।

10. सुबह का नाश्ता (Breakfast)- वजन कम करने के चक्कर में कभी भी सुबह का नाश्ता ना छोड़ें। अन्यथा, स्तनों में दूध की कमी हो जायेगी और बच्चे के स्वास्थ पर बुरा असर पड़ेगा। सुबह के नाश्ते में दलिया सबसे उत्तम विकल्प है। इसमें कुछ फाइबर घुलनशील होते हैं जो चर्बी को कम करते हैं। यह आयरन की कमी को पूरा करता है। आपको लम्बे समय तक भूख भी नहीं लगेगी। इससे स्तनों में दूध भी खूब बनेगा। इसको रोजाना के नाश्ते में शामिल करना चाहिये। आपका पेट भी भर जायेगा और वजन भी नहीं बढ़ेगा। 

11. मिष्ठान का विकल्प (Confectionary Option)- माना कि मीठा खाने का भी मन बहुत करता हो लेकिन चीनी आपको बल्ड शुगर लैवल के साथ-साथ वजन को भी एकदम से बढ़ा सकता है। इसके विकल्प में आप गुड़ खा सकती हैं, दूध में गुड़ डाल कर पी सकती हैं। दही में भी गुड़ डाला जा सकता है।

दूध और दही में मौजूद कैल्शियम उस हार्मोन को बाधित करता है जो हमारे शरीर की चर्बी को बढ़ाने और वजन बढ़ाने के लिये जिम्मेदार है। आप योगर्ट से बने डेजर्ट का सेवन कर सकती हैं। योगर्ट में फल डालकर फ्रिज में ठंडा करके भी खाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, किशमिश, अंजीर और आटे के बिस्‍किट भी खा सकती हैं।

12. रात का खाना जल्‍दी खायें (Eat dinner fast)-  रात का भोजन 7 से 7:30 ज्यादा से ज्यादा 8 बजे तक खा लेना चाहिये, ताकि सोने से पहले पाचन क्रिया अपना काम करना आरम्भ कर दे। इससे आपका चयापचय (Metabolism) मजबूत बनता है और वजन कम होने में मदद मिलती है। आप जल्दी सोयेंगी तो संभवतः आपको अच्छी नींद आयेगी और नींद पूरी हो जायेगी। यदि किसी कारणवश जागना पड़े तो गर्म दूध पीयें।

13. बाहर के खाने को कहें ना (Avoid outside food)- याद रखिये घर के बने खाने का कोई विकल्प नहीं है। इसलिये घर पर बना भोजन ही खायें। बाहर का भोजन और जंक फूड आपको लुभा सकता है लेकिन आपके स्वास्थ के लिये और अप्रत्यक्ष रूप से (चूंकि बच्चा आपका दूध पीता है), बच्चे के स्वास्थ के लिये अपचनीय और हानिकारक हो सकता है। साथ में वजन बढ़ायेगा सो अलग।

14. कैफीन, अल्कोहल और धूम्रपान आदि से दूर रहें (Stay away from caffeine)- यदि कॉफी, सिगरेट, शराब या किसी अन्य प्रकार के नशे की आदत है तो इसे तुरंत छोड़ दें। इन सबसे स्वास्थ की हानि तो होती ही है, वजन भी बढ़ता है। ये सब भी आपके बच्चे के स्वास्थ को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेंगे। ग्रीन टी या नींबूपानी बेहतर विकल्प हैं। 

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15. नींबू और शहद  (Lemon and Honey)- नींबू और शहद वजन कम करने के लिए अत्यन्त प्रभावी होते हैं। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी पीना असरदार माना जाता है।  इसके लिए आप गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर इसमें और आधा चम्मच शहद मिलाकर पीयें। 

16. ग्रीन-टी (Green Tea)- वजन कम करने के लिए ग्रीन-टी भी बहुत अच्छा विकल्प है। प्रतिदिन सुबह शाम ग्रीन-टी का सेवन करें। यह निश्चित रूप से फायदा करेगी। 

17. सेब(Apple)- सेब में पेक्टिन पाया जाता है। यह घुलनशील डायट्री फाइबर होता है जो पेट के अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद करता है। माना जाता है कि एक व्यक्ति को दिन में करीब 2 से 7% पेक्टिन अपने भोजन में शामिल करना चाहिये। आप प्रतिदिन सेव का सेवन करके अपना वजन कन्ट्रोल कर सकती हैं।  

18. टमाटर (Tomatoes)- टमाटर में प्राकृतिक शुगर होती है जो बार-बार मीठा खाने की इच्छा को कम करती है जिससे ब्लड शुगर लैवल समान्य रहता है। टमाटर में लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन भी होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और चयापचय (Metabolism) को बढ़ाते हुए अतिरिक्त फैट कम करते हैं।  

19. लहसुन (Garlic)- एक रिसर्च से यह प्रमाणित हो चुका है कि लहसुन का सेवन करने से फैट कम होता है। प्रतिदिन आप सुबह के समय खाली पेट लहसुन की दो कलियां चबा सकती हैं। इसके बाद गुनगुना नींबू पानी पी सकती हैं। 

21. पेट की बेल्ट (Belly Belt)- पेट पर बांधी जाने वाली बेल्ट का उपयोग करने के लिये डॉक्टर भी कहते हैं। यह काफी मददगार साबित हो सकती है। आप इस विकल्प को भी अपना सकती हैं। 

22. चहलकदमी करें (Take a walk)- जितना संभव हो सके थोड़ा बहुत पैदल अवश्य चलें। जैसे कि कोई सामान लेने नजदीक के बाजार जाना है तो वाहन के बजाय पैदल चलने को वरीयता दें और पैदल जायें। इससे आपकी कैलोरी बर्न होती रहेंगी। रात का खाना खाने के बाद थोड़ी दूर की सैर करें। बीच-बीच में घर पर ही आप जब जी चाहे चहलकदमी कर सकती हैं। इससे वजन कम होने में मदद मिलेगी।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको डिलीवरी के बाद वजन कम करने के उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वजन बढ़ने के कारण और शरीर पर पड़ने वाले कुप्रभाव के विषय में भी बताया।  इस लेख के माध्यम से डिलीवरी के बाद महिलाओं के बढ़ते हुऐ वजन को कम करने के बहुत सारे देसी उपाय भी बताये।

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Disclaimer- यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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