हैलो प्रिय मित्रगण स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है फटी एड़ियों का देसी इलाज । सुन्दर पैर सबको अच्छे लगते हैं। आखिरकार आपके व्यक्तित्व का एक अहम हिस्सा। पर सर्दियों के मौसम में जब सुन्दर पैरों की एड़ियां फटने लगें तो समझिये कि पैरों की सुंदरता पर ग्रहण लग गया। कई बार तो एड़ियां इतनी बुरी तरह फट जाती हैं कि खून निकलने लगता है बेइन्तहा दर्द होता है। और कई बार शर्मिन्दगी उठानी पड़ती है सो अलग। विशेषकर महिलाओं को। इसलिये आपको अपने पैरों की रक्षा करनी होगी। और सबसे पहले हमें समझना होगा कि एड़ियां आखिर फटती क्यों हैं। इसके क्या कारण हैं?

फटी एड़ियों का देसी इलाज

एड़ियां फटने के कारण – Cause of Cracked Heels

मोटे तौर पर कहा जाये तो विटामिन-ई, कैल्शियम, आयरन की कमी और अनियमित खानपान की वजह से एड़ियां फटने लगती हैं। अब समझते हैं विस्तार से इसके अन्य कारण जो निम्न प्रकार हैं –

1. चिकनाई और कैल्शियम की कमी – जब शरीर को कैल्शियम, पौष्टिक तत्व और चिकनाई की पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते तो सीबम अर्थात प्राकृतिक तेल पैर के तलवों की बाहरी सतह तक नहीं पहुंच पाता। परिणामस्वरूप एड़ियां खुरदरी होकर फटने लगती हैं।

2.  सर्दी का मौसम स्वयम् सबसे बड़ा कारण है एड़ियां फटने का। यदि पैरों की विशेष देखभाल ठीक से ना की जाये तो पैरों का नाश हो जाता है।

3. पैरों की सही से देखभाल ना करना।

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4. ऐसे साबुन का प्रयोग करना, जिसमें बहुत सारे केमिकल हों।

5. पैरों में नमी की कमी।

6. गलत साइज के/टाइट जूते पहनना। 

7. महिलाओं में इस समस्या का एक कारण ऊँची एड़ी एडी के जूते/सेन्डिल पहनना हो सकता है।

8. पैरों को ज्यादा गर्म पानी में देर तक रखना।

9. मोटापा। अतिरिक्त भार से पैरों पर ज्यादा दबाब पड़ता है।  

10.अधिक गर्म पानी से नहाना।

11. सूखे पैरों की क्रबिंग करना।

12. बहुत ज्यादा जंक फूड खाना।

13. पोषणयुक्त भोजन ना करना। 

14. हरी सब्जियाँ व फलों का सेवन ना करना।

15. शरीर में पानी की कमी।  

16. थायरॉइड, सोराइसिस, अर्थराइटिस की बीमारी के कारण। 

17. मधुमेह रोग द्वारा त्वचा में तेलों का उत्पादन करने की क्षमता को कम कर सकता है।

18. उम्र के साथ त्वचा का शुष्क होना।

19. दूध ना पीना।

20. ज्यादा समय तक खड़े रहना।

दोस्तो, एड़ियां फटने के कारण जानने के बाद, अब बताते हैं आपको फटी एड़ियों के उपचार के लिए देसी उपाय।

फटी एड़ियों का देसी इलाज – Home Remedies for  Cracked Heels

1. शहद (Honey)- शहद एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है और बहुत अच्छा मॉइश्चराइजर भी। ये पैरों को हाइड्रेट कर उनका पोषण भी करता है। एक बाल्टी गर्म पानी में शहद मिलाकर उसमें कुछ देर पैर को डुबोकर रखें।  20 मिनट बाद पैरों को किसी अच्छे स्क्रबर से स्क्रब करें।

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2. जैतून का तेल(Olive oil)- जैतून के तेल की मालिश हल्के हाथों से करें। इससे एड़ियां कोमल और मुलायम होंगी। जैतून के तेल में पौष्टिक गुण होते हैं

3. नारियल का तेल(Coconut oil)- नारियल के तेल से मसाज करने से पैर नरम रहेंगे और थकान भी नहीं होगी।  रात को सोने से पहले नारियल के तेल को फटी हुई एड़ियों पर लगा कर मसाज करें फिर जुराब पहन कर सो जायें। चाहें तो इसे हल्का गर्म भी कर सकते हैं। सुबह उठकर पैरों धो लें। 

4. नींबू (Lemon)- नींबू अपने अम्लीय गुण के कारण रूखी त्वचा को ठीक करने में मदद करता है। गर्म पानी में नींबू का रस डालकर पैरों को डुबोये रखें। 10-15 मिनट बाद पैरों को धोकर तौलिये से पोंछ लें। या एक एक चम्मच नींबू का रस, ग्लिसरीन और गुलाबजल लेकर मिलायें फिर इसे एड़ियों पर लगायें। जुराब पहन कर सो जायें। सुबह को गुनगुने पानी से एड़ियों को धो लें। गुलाबजल में सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं और ग्लिसरीन त्वचा को नरम रखेगी।

5. ग्लिसरीन और गुलाब जल (Glycerin and Rose water)- ये दोनों ही फटी एड़ियों के लिए उत्तम हैं। जोकि एड़ियों को नमी प्रदान कर कोमल बनाती हैं। तीन-चौथाई मात्रा में गुलाब जल और एक-चौथाई  ग्लिसरीन का मिश्रण बना कर एड़ियों पर लगायें। कुछ देर बाद गुनगुने पानी से धो लें। 

6. ओट और जोजोबा ऑयल (Oat and Jojoba oil)- ओटमील पाउडर में जोजोबा ऑयल को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें और खुजली वाली जगह पर लगा लें। थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से धो लें। ओट मील त्वचा को निखारने और जोजोबा ऑयल मॉइश्चर करने का काम करते हैं। 

7. वेजिटेबल ऑयल(Vegetable oil) –  अपने पैरों को रात को अच्छी तरह धोकर तौलिए से साफ कर सुखा लें। फिर वेजीटेबल ऑयल लगाकर और जुराब पहनकर सो जायें। वेजीटेबल ऑयल में मौजूद फैट्स त्वचा को नरम बनाते हैं। आपकी एड़ियां भी स्मूद रहेंगी। 

8. केला (Banana)- केले के पोषक तत्व त्वचा को भी पोषण देते हैं।  यह एक अच्छा मॉइश्चराइजर है। केले को मसल कर फटी हुई एड़ियों पर लगा कर छोड़ दें। फिर 15 मिनट बाद धो लें।  

     एक केला और आधा एवोकाडो (फल) का पेस्ट बनाकर पैरों और एड़ियों पर लगायें।  लगमग 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से पैरों को धो लें। 

9. चावल (Rice)- एड़ियों के फटने से बचाने के लिये चावल के आटे में थोड़ा शहद और सेब का सिरका मिला कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को फटी एड़ियों पर लगायें। 

10.एलोवेरा (Aloe vera)- एलोवेरा में  पाये जाने वाला अमीनो एसिड त्वचा को नरम बनाता है और शुष्क त्वचा को मुलायम। थोड़ी देर पैरों को गुनगुने पानी में डुबोये रखिये। फिर पैरों को सुखा कर एड़ियों पर एलोवेरा जैल लगायें और जुराब पहन लें। सुबह साफ कर लें। 

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11. सेंधा नमक (Rock Salt)- गरम पानी में सेंधा नमक मिलाकर पैरों को डुबोये रखिये और स्क्रब करिये। दिन में 2-3 कीजिये।  एड़ियां नरम हो जायेंगी। 

12. नीम (Azadirachta Indica)- नीम की पत्तियों को पीस कर इसमें हल्दी  पाउडर मिला कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को फटी एड़ियों पर लगायें। लगभग आधा घंटे बाद पैरों को गर्म पानी से धो लें। 

13. सरसों के तेल और मोम (Mustard oil)- सरसों के तेल (50 मि।ली।) को उबालिये। उबलने पर इसमें मोम (25 ग्राम) मिला दें। अब इसको ठंडा करें। जब थोड़ा गुनगुना रहे तब इसमें  5 ग्राम कपूर मिला दें। आपका मरहम तैयार है। इसे रात को एड़ियों पर लगायें।  

14. टी ट्री ऑयल(Tea tree oil)- टी ट्री आयल में एंटी माइक्रोबियल, एंटीसेप्टिक, एंटीवायरल, कीटनाशक और एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। यह फंगल इन्फेक्शंसयपर भी अच्छा काम करता है। टी ट्री तेल की 5-6 बूंदों में एक चम्मच नारियल का तेल मिला लें। इस तेल को रात में एड़ियों पर लगाकर 2-3 मिनट तक मसाज करें और जुराब पहन लें।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको फटी एड़ियों का देसी इलाज के बारे में बताया। एड़ियां फटने के कारण और फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के देसी उपायों के बारे भी बताया।  आशा है आपको ये पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों या सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा।  कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer- यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।


1 Comment

Shiv Kumar Kardam · December 26, 2020 at 3:25 am

Most important and relevant topic. In winter such problem is common. Readers will get benefits of remedies. Thank you.

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