दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, हमारे शरीर के बाह्य और आंतरिक हिस्से सभी महत्वपूर्ण होते हैं। परन्तु हम अपनी लापरवाही से उनकी कद्र नहीं करते।यह जानते हुऐ भी कि अमुक वस्तु के सेवन से हमको नुकसान होगा फिर भी हम आदत से मजबूर होकर उसी का सेवन करते हैं। उदाहरण के लिये, धूम्रपान या शराब का सेवन। जब उस हिस्से की गंभीरता सामने आती है तो तब हम संभलने की कोशिश करते हैं। परन्तु आज के कोरोना काल में सभी को अपने आप को बचाने की फिक्र लगी हुई है कि कहीं हमारा यह विशेष अंग संक्रमित ना हो जाये क्योंकि इसके बिना सांस लेना ही असंभव है। जी हां, हम बात कर रहे हैं फेफड़ों की। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय”। आज के लेख में देसी हैल्थ क्लब, आपको फेफड़ों के बारे में विस्तृत जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि फेफड़ों को मजबूत कैसे बनाया जाये।  सबसे पहले जानते हैं कि फेफड़े क्या होते हैं?

फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय

फेफड़े क्या होते हैं? – What are lungs

प्राकृतिक वातावरण में व्याप्त हवा में सांस लेने वाले प्राणियों में सांस लेने के मुख्य अंग को फेफड़ा कहते हैं। यह वक्ष गुहा यानी छाती में स्थित होता है। ये एक नहीं बल्कि दो होते हैं और श्वास नलि से जुड़े होते हैं। फेफड़े असंख्य गुहिकाओं (Cavities) के कारण स्पंज की तरह होते हैं। फेफड़े संक्रमित होने पर बहुत कठोर हो जाते हैं। ये रक्त को शुद्ध करते हैं। रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर उसे बाहर छोड़ देते हैं।   

फेफड़ों का वज़न – Lung weight

फिजिशियन डॉ. संजीव गुप्ता के अनुसार इनका वजन 400 से 450 ग्राम के बीच होता है। वहीं, राजकोट, पीडीयू जीएमसी में फॉरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. हेतल क्यादा फेफड़ों का सामान्य वजन 375 ग्राम और 400 ग्राम के बीच मानते हैं। इनके अनुसार कोरोना मरीजों के फेफड़े का वजन 1,200 से 1,300 ग्राम तक हो जाता है। 

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फेफड़ों का काम – Lung function

जीवित रहने के लिये हम वायुमंडल से जो हम सांस लेते हैं वह हवा नाक द्वारा फेफड़ों तक जाती है। इस दौरान उस हवा में धूल-कण और एलर्जी फैलाने वाले बैक्टीरिया होते हैं जो नाक में ही छन जाते हैं। बारीक छलनी की तरह फेफड़ों में बहुत छोटे-छोटे असंख्य वायु-तंत्र होते हैं। इनको एसिनस कहते हैं। ये एसिनस हवा को दोबारा फिल्टर करते हैं और ब्लड को ऑक्सीजन मिलता है। हृदय के द्वारा शरीर के प्रत्येक हिस्से में शुद्ध ऑक्सीजन युक्त ब्लड पहुंचता है। फेफड़े बल्ड से कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide) को अवशोषित कर बाहर निकाल देते हैं। 

फेफड़े संक्रमित होने के कारण – Cause to lung Infection

1. कोरोना अटैक (Corona Attack)- यह सबसे बड़ा कारण है। आज के कोरोना काल में कोरोना फेफड़ों पर ही हमला कर रहा है जिस वजह से बहुत तेजी से फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं। 

2. प्रदूषण में रहना (Living in pollution)- धूल, धूंआ, मिट्टी, प्रदूषण वाले वातावरण में मास्क लगाये बिना या किसी कपड़े  से बिना मुंह ढके ज्यादा समय तक रहना  फेफड़ों को संक्रमित करता है। 

3. ICU वार्ड में बिना मास्क जाना (Go maskless in ICU ward)- यह भी फेफड़ों के संक्रमण का बहुत बड़ा कारण बन सकता है।  हॉस्पिटल के ICU वार्ड में मौजूद बैक्टीरिया सीधा फेफड़ों पर हमला करते हैं। 

4. पसीने में ठंडा पानी पीना (Drinking cold Water in Sweat)- गर्मियों में पसीने से लथपथ होते हुऐ ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक पी लेने से जुकाम तो होगा ही, फेफड़ों में इंफेक्शन की संभावना भी बढ़ जाती है।

5. फल खाने के बाद पानी पीना (Drinking water After Eating Fruit)- कोई भी फल खाने के तुरंत पानी लेना “स्वास्थ दोष” माना जाता है। इससे भी फेफड़ों में इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। बेहतर होगा कि फल खाने के कम से कम आधा घंटा बाद पानी पीया जाये। 

6. प्रोसेस्ड मीट (Processed Meat)- शोधकर्ताओं के अनुसार मीट को प्रोसेस्ड करने और उसे संरक्षित (Protect) करने में इस्तेमाल किये जाने वाले नाइट्राइट फेफड़ों में सूजन उत्पन्न कर सकते हैं। बेकन, हैम, डेली मांस, और सॉसेज़ ये सब प्रोसेस्ड की category में आते हैं। इसलिये प्रोसेस्ड मीट को जहां तक हो सके अवाइड करना चाहिये।

7. बहुत ज्यादा शराब पीना (Drinking too much Alcohol)- बहुत ज्यादा शराब पीने से लिवर तो Damage होता ही है। सल्फेट्स और इथेनॉल फेफड़ों की कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

8. नमक का ज्यादा सेवन (Excess salt intake)- नमक ज्यादा खाने से उच्च रक्तचाप की समस्या तो होती ही है, ब्रोंकाइटिस होने की संभावना ज्यादा बन जाती है। नतीजा अस्थमा जैसी बीमारियां और फेफड़ों का संक्रमण। 

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इनके अतिरिक्त ये भी हो सकते हैं फेफड़ों के संक्रमण का कारण –

1. क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD)

2. जटिल निमोनिया

3. सिस्टिक फाइब्रोसिस

4. रीड़ की हड्डी में चोट

5. पोलियो हो जाना

6. घेघा रोग होना

7. मोटापा

8. सीने में चोट

9. दवाओं का दुरुपयोग या दवाओं के साइड इफैक्ट्स।

10. रेडिएशन थेरेपी पहले करवाया हो।

फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय – Ways to Strength the Lungs

मूल उपाय – Basic Remedy

1. प्राणायाम (Pranayama)- फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिये निम्नलिखित प्राणायाम कर सकते हैं –

(i)  कपालभाति

(ii) अनिलोम-विलोम

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(iii) भ्रामरी

(iv) उज्जायी

(v) भस्त्रिका

2. योगासन (Yogasana)- प्रतिदिन निम्नलिखित योगासन के द्वारा अपने फेफड़ों को और मजबूत बना सकते  हैं – 

(i)  गहरी सांस (Deep Breathing) – फेफड़ों के स्वास्थ के लिये 25 से 50 बार Deep Breathing कीजिये इससे फेफड़ों को मजबूती मिलेगी। 

(ii)  सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)- सुबह के समय जितनी बार भी आप सूर्य नमस्कार कर सकते हैं, अवश्य कीजिये। इससे डिप्रेशन दूर होगा, एनर्जी, इम्युनिटी बढ़ेगी, फेफड़ों तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचेगी। फेफड़े मजबूत रहेंगे। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित योगासन भी फेफड़ों को मजबूती देंगे। 

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(iii) उष्ट्रासन

(iv) मकरासन

(v) भुजंगासन

(vi) शलभासन

(vii) धनुरासन

(viii) मर्कटासन

(ix) पवनमुक्तासन

अन्य उपाय (खाद्य/पेय पदार्थ) – Others Remedy

1. लहसुन (Garlic)- लहसुन औषधीय गुणों से समृद्ध होता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण फेफड़ों की सफाई करते हैं और स्वस्थ रखते हैं। भोजन करने के बाद लहसुस की एक, दो कच्ची कली खाने से सीने में जमी बलगम कट जायेगी जिससे श्वसन प्रणाली ठीक से काम करेगी। लहसुन के एंटीऑक्सीडेंट विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं

2. शहद (Honey)- शहद भी औषधीय  गुणों का भंडार है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर और आधा नींबू निचोड़कर पीयें। इससे शरीर के विषाक्त पदार्थ निकल जायेंगे और फेफड़ों को मजबूती मिलेगी।  

3. हल्दी दूध (Turmeric milk)- हल्दी एंटीबायोटिक के रूप में काम करती है और दूध आपको एनर्जी देता है। हल्दी के एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेट्री गुण संक्रमणों से रक्षा करते हैं। रात को सोने से पहले हल्दी दूध पीयें। यदि कच्ची हल्दी दूध में उबाली जाये तो यह पेय अधिक फायदेमंद होगा, अन्यथा सामान्य हल्दी या हल्दी पाउडर का भी उपयोग कर सकते हैं। इस हल्दी दूध के पीने से आपके फेफड़े मजबूत बनेंगे। 

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4. च्यवनप्राश (Chyawanprash)- जिस प्रकार रात को हल्दी दूध फायदा देगा उसी प्रकार प्रतिदिन सुबह दूध में च्यवनप्राश फेफड़ों को मजबूत बनाने में फायदा देगा। सर्दी जुकाम से भी राहत मिलेगी, इम्युनिटी बूस्ट होगी, शरीर में ताकत आयेगी। इसलिये फेफड़ों की मजबूती के लिये रोजाना सुबह दूध में एक चम्मच च्यवनप्राश मिलाकर पीयें।

5. हर्बल चाय (Herbal Tea)- नींबू, अदरक, शहद, तुलसी और दालचीनी की बनी हुई चाय का सेवन कीजिये, फेफड़े मजबूत होंगे। 

6.  ग्रीन टी (Green Tea)- ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ फेफड़ों को भी मजबूती देते हैं। दिन में दो बार ग्रीन टी अवश्य पीयें।

7. पुदीना, तुलसी, काली मिर्च वाली चाय (Basil, Black Pepper Tea)- आप रोजाना जो सामान्य चाय बनाते हैं उसी में कुछ पुदीना और तुलसी की पत्तियां डाल दीजिये और चार काली मिर्च भी। यह हर्बल चाय की तरह ही फायदा देगी। इससे आपके फेफड़ों की सफाई हो जायेगी और वे स्वस्थ रहेंगे। तुलसी के एंटीऑक्सीडेंट गुण सीने में जमी बलगम को बाहर निकाल देंगे। 

8. मुनक्का(Dry grapes)- मुनक्का फाइबर, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और जैसे विटामिन-ई से समृद्ध होता है। ये गुण सूखी खांसी और श्वसन पथ (Respiratory tract) में आई सूजन पर अपना प्रभाव डालते हैं। और फेफड़ों की रक्षा करते हैं। रात को 4-5 मुनक्का पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट इनका सेवन करें। आपके फेफड़े स्वस्थ और मजबूत रहेंगे।

9. गाजर (Carrot)- गाजर को दुनियां की सबसे स्वास्थवर्धक सब्जी कहना उचित होगा। आयरन, कैल्शियम, विटामिन-ए और सी से भरपूर गाजर में फाइटोकेमिकल जैसे कैरोटीनॉयड और पॉलीसैटेलेन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। कैरोटीनॉयड को फेफड़ों के कैंसर के कम होने के कारणों में माना जाता है। अर्थात् दूसरे शब्दों में कहा जाये तो गाजर में पाये जाने वाले कैरोटीनॉयड से फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना नहीं रहती। गाजर खाने से फेफड़े सुरक्षित रहते हैं, स्वस्थ और मजबूत रहेंगे। गाजर शरीर में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट का प्रभाव को बढ़ा कर इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक हो सकती है। इसे आप जैसे मर्जी खाइये, चाहे सब्जी बनाकर, चाहे कच्ची या उबालकर, फायदा ही करेगी।

10. कद्दू (Pumpkin) – कद्दू को काशीफल या सीताफल भी कहा जाता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, कद्दू में एंटीडायबिटिक, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीकार्सिनोजेनिक यानी कैंसर को फैलने से रोकने में मदद करने वाला गुण, एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैरोटीनॉयड, जिंक और अन्य गुण होते हैं जो निम्न स्तर के फेफड़ों के कैंसर और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के साथ जुड़े हुऐ हैं। कैरोटीनॉयड को फेफड़ों के कैंसर के कम होने के कारणों में माना जाता है। कद्दू के एंटीऑक्सीडेंट गुण अस्थमा को कम करने में मदद करते हैं और संक्रमणों से श्वसन तंत्र, जो सीधे फेफड़ों से जुड़ा है, की रक्षा करते हैं।

11. टमाटर (Tomatoes)- टमाटर वायुमार्ग की आई सूजन को कम करता है। वायुमार्ग का सीधा सम्बन्ध फेफड़ों से है। अस्थमा के मरीजों के लिये विशेष लाभकारी है। टमाटर में लाइकोपीन होता है जो एक कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सीडेंट है जिसके बारे में हम ऊपर बता चुके हैं। टमाटर के सेवन से आपके फेफड़े स्वस्थ और मजबूत रहेंगे।  

कुछ विशेष फल – Some Special Fruit

12. खुबानी (Apricot)- खुबानी को पोषक तत्वों, खनिज और विटामिन की खान कहा जाता है। यह सूखे मेवे की श्रेणी में भी आता है। खुबानी में पाये जाने वाला लाइकोपीन कैरोटीनॉयड शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव छोड़ता है जिससे फेफड़ों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। एक कप कटी खुबानी खाने से 60% तक विटामिन-ए की कमी पूरी हो जाती है। यह  विटामिन-ए फेफड़ों में होने वाले संक्रमण को भी कम करने में मददगार होता है।

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13. सेब (Apple)-  फेफड़ों के स्वास्थ्य और मजबूती के लिये सेब का सेवन फायदेमंद माना गया है। सेब में विटामिन-ए, बी, सी, ई, के, कैल्शियम, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं जो इसमें फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाये रखने में मदद करते हैं। 

14. अमरूद (Guava)- अमरूद पेट के लिये तो बेहतरीन है ही, फेफड़ों के स्वास्थ के लिये भी बेहद फायदेमंद है। विटामिन-सी से भरपूर अमरूद में मौजूद एंटीवायरल गुण निमोनिया जैसी फेफड़ों की बीमारी से बचाते हैं। इसकी एंटीऑक्सीडेंट गतिविधियां संक्रमणों से फेफड़ों का बचाव करती हैं। तो, अमरूद खाईये और फेफड़ों को मजबूत बनाइये। 

15. जामुन (Blackberry)- जामुन में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं।  इसमें   विटामिन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। 100 ग्राम जामुन में विटामिन-बी 6, 5% और विटामिन-सी की मात्रा 16% होती है। इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स फेफड़ों की प्राकृतिक गिरावट को कम कर उनको स्वस्थ और मजबूत  बनाने में मदद करते हैं। इस बरसाती  मौसम के फल जामुन का सेवन फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए अवश्य करना चाहिये। 

16. उच्च फाइबर युक्त आहार (High Fiber Diet)- यदि आप अपने फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखना चाहते हैं तो उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें। एक शोध के अनुसार अधिक फाइबर सेवन वालों को फेफड़े की समस्या नहीं होती, उनके फेफड़े उन लोगों की अपेक्षा  ज्यादा बेहतर काम करते हैं जो ज्यादा फाइबर नहीं खाते।  इनमें आप मटर, दाल, काली फलियां, ब्रोकोली, चिया बीज, क्विनोआ आदि को अपने भोजन में शामिलकर सकते हैं।  सभी फाइबर से भरपूर होती हैं। जो आपके फेफड़ों के लिए बहुत अच्छे हैं। शोध बताते हैं कि अधिक फाइबर खाने वाले लोगों में फेफड़े की समस्याएं नहीं होती हैं। फेफड़े उन लोगों की तुलना में बेहतर काम करते हैं जो ज्यादा फाइबर नहीं खाते हैं। अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में साबुत गेहूं स्पेगेटी, बेक्ड बीन्स, चिया बीज, क्विनोआ, नाशपाती और  शामिल हैं।

17. पत्तेदार हरी सब्जियां (Leafy Green Vegetables)- पत्तेदार हरी सब्जियों के सेवन से आप काफी हद तक फेफड़ों से सम्बंधित रोग या कैंसर होने की संभावना को दूर कर सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार हरा साग फेफड़ों के स्वास्थ के लिये  विशेष रूप से अच्छा होता है क्योंकि इसमें कैरोटीनॉयड उच्च मात्रा में मिल जाते हैं जो एंटीऑक्सिडेंट हैं और फेफड़ों को संक्रमण से बचाते हैं। आप अपने भोजन में  पालक, चौलाई, सरसों का साग, स्विस चार्ड, पत्ता गोभी, मेथी, शलगम के पत्ते आदि को सम्मलित करें। 

18. विटामिन-सी युक्त से खट्टे फल (Vitamin C-rich citrus fruits)- विटामिन-सी से युक्त फलों में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और सांस में ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे विटामिन-सी युक्त से खट्टे फल फेफड़ों को स्वस्थ बनाये रखने और मजबूती प्रदान करने के लिये बहुत जरूरी हैं। इनमें आप अंगूर, अनानास, आम, आँवला, संतरा, नींबू, कीवी, कमरख, रसभरी, आड़ू , स्ट्रॉबेरी आदि का सेवन कीजिये। 

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय के विषय में विस्तृत जानकारी दी। फेफड़े क्या होते हैं, इनका कितना वज़न होता है?, ये क्या काम करते हैं? इस बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। फेफड़े संक्रमित होने के क्या  कारण होते हैं यह भी बताया और इस लेख के माध्यम से फेफड़ों को मजबूत बनाने के बहुत सारे देसी उपाय भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय - Ways to Strength the Lungs in Hindi
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आज के लेख में हमने आपको फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय के विषय में विस्तृत जानकारी दी। फेफड़े क्या होते हैं, इनका कितना वज़न होता है?, ये क्या काम करते हैं? इस बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया।
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