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स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, गर्मियों में सबसे अधिक पसंद किये जाने वाले और सबसे अधिक बिकने वाले पेय पदार्थ मैंगो शेक और गन्ने का जूस होते हैं। इसी प्रकार सर्दी के मौसम में “गाजर का जूस” तुरन्त ऊर्जा देने वाला और सर्दियों में सेहत बनाने वाला स्वास्थवर्धक होता है। इसकी तासीर ठंडी होने के बावजूद, यह सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है और बिकता भी सबसे ज्यादा है, मौसमी के जूस से भी ज्यादा। घर पर गाजर का जूस निकालना भी सरल होता है। कई विटामिन और खनिजों से भरपूर यह शरीर के लिये पौष्टिक होता है और सेहत के लिये फायदेमंद। आखिर इसके क्या फायदे हैं।  दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “गाजर का जूस पीने के फायदे”

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको गाजर के बारे में जानकारी देगा और इसका जूस पीने के  फायदे भी बताएगा। तो, सबसे पहले जानते हैं कि गाजर क्या है और इसकी खेती कहां होती है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

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गाजर का जूस पीने के फायदे
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गाजर क्या है? – What is a Carrot?

गाजर वास्तव में एक पौधे की जड़ है जिसे कंद कहा जाता है और इसे जड़ वाली सब्जी के रूप में जाना जाता है। इसका आकार लंबा, बेलनाकार, शंकु के समान होता है जैसे मूली होती है। यह जमीन के अंदर ही बढ़ती रहती है। इसके हरे रंग के पत्ते, जमीन के ऊपर रहते हैं जो कि धनिया या अजवाइन के पत्तों से मिलते जुलते होते हैं। गाजर अधिकतर लाल, पीले (नारंगी), काले (बैंगनी) रंग की होती है। यह कई अन्य रंगों में भी मिलती है। गाजर का लाल और काला रंग एंथोसायनिन की वजह होता है और कैरोटेनायड्स की वजह से इसका रंग पीला होता है।

काले रंग की गाजर का उपयोग अधिकतर गर्मियों में कांजी बनाने के लिये किया जाता है। लाल और पीले रंग की गाजर का उपयोग अधिकतर सब्जी, सलाद और जूस बनाने के लिये किया जाता है। लाल रंग की गाजर का उपयोग बड़े पैमाने पर हलुआ बनाने के लिये भी किया जाता है। गाजर Apiaceae कुल से है और इसका वानस्पतिक नाम Daucus carota Linn. Subsp. sativus (Hoffm.) Arcang है। इसे अंग्रेजी में Carrot कहा जाता है। 

गाजर की खेती कहां होती है? – Where is Carrot Cultivated? 

1. गाजर का मूल उत्पत्ति स्थान अफ़गानिस्तान, भारत के पंजाब तथा कश्मीर की पहाड़ियों को माना जाता है। गाजर, यूरोप में, दसवीं शताब्दी के बाद एशियाई यात्रियों के साथ पहुंची। 

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2. चीन, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व में गाजर के सबसे बड़े उत्पादक हैं। इनके अतिरिक्त यूरोप सहित अन्य देशों में भी गाजर उगाई जाती है।  

3. भारत के हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिमी बंगाल, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में गाजर की खेती की जाती है।

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गाजर का जूस बनाने का तरीका – How to Make Carrot Juice

दोस्तो, घर पर गाजर का जूस निकालना बहुत ही सरल है, बस आपके पास मिक्सी होनी चाहिये और निम्नलिखित सामग्री –

सामग्री :

दो या तीन मध्यम आकार की गाजर

एक कप पानी

थोड़ी सी बारीक कटी अदरक

सात, आठ पुदीना की पत्तियां

एक चम्मच नींबू का रस

चुटकी भर काला नमक  

एक चम्मच भुना जीरा पाउडर (वैकल्पिक – optional)

एक चम्मच चीनी (वैकल्पिक – optional)

तरीका – 

1. सबसे पहले गाजर को अच्छी तरह छीलकर, धोकर, छोटे-छोटे टुकड़े काट लें (यदि मिक्सी के साथ जूसर अटैचमेंट है तो गाजर काटने की जरूरत नहीं है)। जूसर में ऊपर से गाजर डालिये और लकड़ी की छोटी छड़ी (जैसी जूस निकालने वालों के पास होती है) से दबाइये।

पानी, अदरक और पुदीना, भुना जीरा पाउडर भी डाल दीजिये। जूसर से जूस बनकर आ जाएगा। इसमें स्वादानुसार काला नमक मिला लें। नींबू का रस मिला लें। वैसे तो चीनी की आवश्यकता होती नहीं है क्योंकि गाजर में प्राकृतिक मिठास होती है, फिर भी यदि और मीठा जूस चाहिये तो एक चम्मच चीनी मिला सकते हैं। इसे छान कर पीयें।

2. यदि मिक्सी के साथ जूसर अटैचमेंट नहीं है तो, गाजर के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर मिक्सी जार में डाल दें पानी, अदरक, पुदीना पत्तियां, नमक, चीनी भी साथ ही डालकर मिक्सी जार को बंद करके मिक्सी चला दें। यह बहुत बारीक पिस जाएगा। अब इसे बड़ी छन्नी में डालकर, दबा-दबा कर इसे छान लें। इसमें नींबू का रस मिलाकर पी लें। 

गाजर के जूस के गुण – Properties of Carrot Juice

1. गाजर के जूस की तासीर ठंडी होती है। 

2. गाजर के जूस का स्वाद मीठे के साथ-साथ हल्का सा नमकीन भी लगता है। 

3. तासीर ठंडी होने के बावजूद इसे सर्दी में ही पसंद किया जाता है क्योंकि इससे तुरन्त ऊर्जा मिलती है। 

4. गाजर के जूस एंटीऑक्सीडेंट, एंटीकार्सिनोजेनिक, एंटीडायबिटिक गुण होते हैं।

5. गाजर के जूस में कई विटामिन और पोटेशियम, कैल्शियम, फाइबर, मैग्‍नीशियम, सोडियम, आयरन, फास्‍फोरस आदि खनिज होते हैं।

गाजर के जूस के पोषक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) :-

पानी : 88.87 ग्राम

ऊर्जा : 40 kcal

प्रोटीन : 0.95 ग्रा.

कुल लिपिड(वसा) : 0.15 ग्रा.

शुगर, कुल : 3.91 ग्रा.

कार्बोहाइड्रेट : 9.28 ग्रा.

फाइबर, कुल डाइटरी : 0.8 ग्रा.

कैल्शियम : 24 मिली. ग्रा.

फास्फोरस : 42 मिली. ग्रा.

आयरन : 0.46 मिली. ग्रा.

मैग्नीशियम : 14 मिली.ग्रा.

पोटेशियम : 292 मिली. ग्रा.

सोडियम : 66 मिली. ग्रा.

जिंक : 0.18 मिली. ग्रा.

विटामिन-ए 

(आरएई) : 956 माइक्रोग्राम

विटामिन-ई 

(अल्फा-टोकोफेरॉल) : 1.16 मिली.ग्रा.

विटामिन-के : 15.5 माइक्रोग्राम

विटामिन-सी 

(कुल एस्कॉर्बिक एसिड) : 8.5 मिली. ग्रा.

थायमिन : 0.092 मिली. ग्रा.

राइबोफ्लेविन : 0.055 मिली. ग्रा.

नियासिन : 0.386 मिली. ग्रा.

विटामिन-बी6 : 0.217 मिली. ग्रा.

फोलेट, डीएफई : 4 माइक्रोग्राम

फैटी एसिड, 

टोटल सैचुरेटेड : 0.027 ग्रा.

फैटी एसिड, 

(टोटल मोनोअनसैचुरेटेड) : 0.007 ग्रा.

फैटी एसिड, 

(टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड) : 0.071 ग्रा.

गाजर के जूस का उपयोग – Uses of Carrot Juice

गाजर के जूस का निम्न प्रकार से उपयोग किया जा सकता है –

1. गाजर के जूस को ऐसे ही सामान्य रूप में पी सकते हैं।

2. कस्टर्ड बनाने के लिये समय गाजर के जूस का उपयोग किया जा सकता है।

3. इसे सूप में भी मिक्स करके सेवन किया जा सकता है। 

4. मफिन बनाने में गाजर के जूस का उपयोग किया जा सकता है। 

5. कैरेट ब्रेड या केक बनाने के लिये गाजर के जूस  उपयोग किया जा सकता है। 

गाजर का जूस पीने का सही समय – Right Time to Drink Carrot Juice

1. गाजर का जूस पीने का कोई विशेष समय निश्चित नहीं है। इसे दिन में किसी भी समय पीया जा सकता है, मगर रात को पीना अवॉइड करें क्योंकि रात के समय यह पचने में भारी हो सकता है और पेट भी फूल सकता है।

2. सुबह के समय गाजर का जूस पीने से अधिक फायदा होता है क्योंकि शरीर को इस समय अधिक एनर्जी की जरूरत होती है।

गाजर का जूस कितना पीना चाहिए? – How Much Carrot Juice Should be Consumed?

गाजर के जूस की मात्रा व्यक्ति की आयु और स्वास्थ की स्थिति पर निर्भर करता है। वैसे सामान्य तौर पर आधा गिलास से एक गिलास तक गाजर का जूस पीया जा सकता है।

गाजर का जूस पीने के फायदे – Benefits of Drinking Carrot Juice

गाजर का जूस पीने के होते हैं निम्नलिखित फायदे –

1. प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाएं(Boost Immune System) – गाजर का जूस पीने से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ती है। गाजर के जूस में विटामिन-सी सहित अन्य विटामिन तथा ज़िंक, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस आदि कई खनिज मौजूद होते हैं जो शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण कई संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। गाजर के जूस में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव से बचाते हैं और सूजन के विरुद्ध लड़ने में मदद करते हैं। 

2. मेटाबॉलिज्म बढ़ाए  (Increase Metabolism)- गाजर का जूस मेटाबॉलिज्म को सुधारने और बढ़ाने में मदद करता है। गाजर के जूस से मौजूद फास्फोरस पित्त स्राव को बढ़ने में मदद करता है जिससे मेटाबॉलिज्म दर में वृद्धि होती है। गाजर के जूस में मौजूद विटामिन-बी समूह की उच्च मात्रा मांसपेशियों के निर्माण और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करता है। एक अध्‍ययन भी यही बताता है कि पित्त का प्रवाह मेटाबॉलिज्म सिस्टम को उत्तेजित करने में मददगार होता है। 

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3. पाचन तंत्र में सुधार (Improve Digestive System)- गाजर का जूस पाचन तंत्र में सुधार का काम करता है तथा आंत के स्वास्थ को ठीक रखने में मदद करता है। गाजर के जूस में फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है जो भोजन को रसदार बनाता है ताकि यह जल्दी पच जाए। फाइबर मल को भी ढीला करता है जिससे त्यागने में आसानी हो। गाजर का जूस पीने से पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, गैस आदि से भी राहत मिलती है।

4. वजन कम करें (Lose Weight) – वजन कम करने का यह एक अच्छा उपाय है कि गाजर का जूस पीया जाये। यह शरीर को डिटॉक्स करता है ताकि हानिकारक फैट शरीर से निकल जाये। इसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है। सुबह खाली पेट गाजर का जूस पीने के बाद, पेट लंबे समय तक भरा-भरा रहता है और जल्दी से भूख नहीं लगती। यह पेट की परत को शांत करता है और शरीर में एनर्जी बनी रहती है। 

5. कोलेस्‍ट्रॉल कम करे (Lower Cholesterol)- शरीर में बढ़ता हुआ कोलेस्‍ट्रॉल हमेशा जोखिम भरा होता है इससे रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है जिससे हार्ट अटैक होने की संभावना रहती है। खराब वाले कोलेस्‍ट्रॉल LDL को नियंत्रित करना बेहद जरूरी होता है। गाजर का जूस एक प्राकृतिक दवा के रूप में कार्य करते हुए कोलेस्‍ट्रॉल को नियंत्रित करता है। इस कार्य में गाजर के जूस में मौजूद पोटेशियम मदद करता है। 

6.  डायबिटीज में फायदा (Benefit in Diabetes)- डायबिटीज के मरीजों को गाजर का जूस कम पीने की सलाह दी जाती है। अधिक मात्रा में पीने से शुगर लेवल बढ़ सकता है परन्तु कम मात्रा में पीने से मरीजों को फायदा होता है। इसमें मौजूद पोटेशियम कैलोरी और शुगर की मात्रा को कम करने में मदद करता है। विशेषकर काली गाजर का जूस क्योंकि काली गाजर में एंथोसायनिन होता है जोकि ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मदद करता है। गाजर के जूस में पाए जाने वाले मैग्नीशियम, मैंगनीज और कैरोटीनायड ब्लड में शुगर लेवल को सामान्य बनाये रखने का काम करते हैं। 

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7. हृदय को स्वस्थ रखे (Keep Heart Healthy)- बढ़ता वजन, डायबिटीज, बढ़ता कोलेस्‍ट्रॉल, तनाव ये सभी हृदय के लिये घातक सिद्ध होते हैं। इनसे हृदय रोग, अटैक, स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। केवल एक गिलास गाजर का जूस इन सब खतरों को दूर करके हृदय को सुरक्षित रखता है। गाजर के जूस के एंटीऑक्‍सीडेंट गुण और फाइबर रक्त धमनियों से अवरोध को हटाकर इनको साफ रखते हैं ताकि रक्त संचार निर्बाध गति से होता रहे। गाजर का जूस ऑक्‍सीडेटिव स्ट्रेस को भी कम करने में मदद करता है।

8. मस्तिष्‍क स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी (Beneficial for Brain Health)- नियमित रूप से गाजर का जूस पीने से ऑक्‍सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है। इस काम में इसके एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मदद करते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ ठीक रहता है। गाजर के जूस में मौजूद बीटा कैरोटीन संज्ञानात्‍मक कार्य में सुधार करता है। बढ़ती उम्र में मेमोरी के क्षीण होने की गति को रोकने का काम करता है जिससे याददास्त ठीक बनी रहती है। 

गाजर के जूस में पाये जाने वाला ल्यूटोलिन कंपाउंड मानसिक विकार को रोकने और मस्तिष्क की कोशिकाओं की क्षति को रोकने में मदद करता है। यह मस्तिष्क के ऊतकों की सूजन को कम करने का भी काम करता है। मस्तिष्क स्वास्थ के लिए गाजर के जूस को पालक के जूस में मिलाकर पीया जा सकता है। 

9. कैंसर से बचाव (Cancer Prevention)- गाजर का जूस पीने से कैंसर की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकता है क्योंकि यह एंटी-कार्सिनोजेनिक प्रभाव छोड़ता है जो कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसका प्रोविटामिन-ए, रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। यह धूम्रपान से होने वाले फेफड़ों के कैंसर के खतरे को भी कम करता है। गाजर के जूस के एंटीऑक्‍सीडेंट गुण कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने और इनको पनपने से रोकने का काम करते हैं। 

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10. आंखों के लिए फायदेमंद (Beneficial for Eyes)- आंखों के स्वास्थ के लिये डॉक्‍टर भी गाजर के जूस को पीने की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें बीटा कैरोटीन और विटामिन-ए की अच्छी मात्रा होती है। ये दोनों घटक एक शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट के रूप में कार्य करते हुए आंखों की दृष्टि को बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त आंखों की अनेक समस्याओं से भी बचाव करते हैं। गाजर के जूस के सेवन से उम्र से संबंधित धब्बेदार अध: पतन (age-related macular degeneration) के जोखिम, जैसे धीरे-धीरे दृष्टि का कमजोर होना, मोतियाबिंद आदि, से बचाव किया जा सकता है।

11. हड्डियों को मजबूत बनाए (Strengthen Bones)- हड्डियों की मजबूती हड्डी खनिज घनत्व (bone mineral density) पर निर्भर करती है। इसके लिए कैल्शियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज और आयरन की आवश्यकता होती है। इनसे हड्डी खनिज घनत्व में सुधार होता है जो ऑस्टियोपोरोसिस जैसे गंभीर अस्थि रोग से बचाता है। इन खनिजों से हड्डियों को मजबूती मिलती है। कैल्शियम हड्डियों के विकास के लिये भी आवश्यक होता है। इसलिये हड्डियों के स्वास्थ के लिये गाजर का जूस पीना चाहिये। 

12. लिवर के लिए फायदेमंद (Beneficial for Liver)- गाजर का जूस लिवर के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। यह लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर लिवर की सफाई करता है। गाजर का जूस लिवर से जमा हुए पित्त और फैट को भी कम करने का काम करता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर मल त्याग को आसान बनाता है और लिवर तथा कोलन को साफ रखता है। 

13. मासिक धर्म में लाभकारी (BBeneficial in Menstruation)- महिलाओं को सबसे अधिक कष्ट पीरियड के समय होता है। मासिक धर्म चक्र बिगड़ने से “अनियमितता” बनी रहती है। यह एक सामान्य समस्या है। पेट में दर्द, ऐंठन, कमर कटना इन सबको भी झेलना पड़ता है। गाजर का जूस मासिक धर्म चक्र को नियमित करता है और पेट में दर्द, ऐंठन, कमर कटना आदि को कम करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त यह महिला में आयरन की कमी को पूरा करता है। 

14. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद (Beneficial for Pregnant Women)- गर्भावस्‍था के दौरान महिला को अतिरिक्त विटामिन और खनिज की आवश्यकता होती है। गर्भवती महिला को गाजर का जूस पीने से कैल्शियम, फोलेट, आयरन, पोटेशियम, मैग्‍नीशियम आदि पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं। इससे उसके शरीर में एनर्जी बनी रहती है। विटामिन-सी और विटामिन-ए, महिला को अनेक प्रकार के संक्रमणों से बचाता है। गाजर के जूस में मौजूद फोलेट जन्‍म दोष को कम करने में मदद करता है। कैल्शियम गर्भस्थ शिशु की हड्डियों के विकास और मजबूती के लिये जरूरी होता है जो गाजर के जूस पीने से प्राप्त हो जाता है। 

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15. त्‍वचा के लिए फायदेमंद(Beneficial for Skin) – गाजर का जूस त्वचा के लिये बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद खनिज, त्‍वचा कोशिकाओं को स्‍वस्थ्‍य रखते हैं। गाजर का जूस नियमित पीने से त्वचा का सूखापन खत्म होता है, त्वचा हाइड्रेट रहती है, इसमें कोमलता बनी रहती है। गाजर का जूस पीने से कई त्वचा विकार दूर होते हैं। त्‍वचा पर चकते पड़ जाना, सोरायसिस आदि में भी फायदा होता है। गाजर का जूस शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है जिससे मुंहासों का विकास रुक जाता है। 

गाजर के जूस, बीटा कैरोटीन को शरीर में विटामिन-ए में बदलता है जो उम्र से पहले बुढ़ापे के लक्षणों की गति पर रोक लगाता है, चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों और फाइनलाइंस जैसे लक्षणों को कम करता है। यह त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारता है। इसके लिए थोड़े से गाजर के जूस में एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगाकर धीरे-धीरे मसाज करें। फिर पानी में एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाकर रख दें। लगभग आधा घंटे बाद इस बेकिंग सोडा वाले पानी से चेहरा धो लें। चेहरा दमक उठेगा।

16. बालों के स्वास्थ्य के लिए (Hair Health)- नियमित रूप से गाजर का जूस पीने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद विटामिन और खनिज बालों को झड़ने से बचाते हैं। ये बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाते हैं। गाजर का जूस पीने से डैंड्रफ की समस्या से भी छुटकारा मिल जाते हैं। 

गाजर का जूस पीने के नुकसान – Side Effects of Drinking Carrot Juice

गाजर का जूस पीने या अधिक मात्रा में जूस पीने से हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. जिन लोगों को मूली से एलर्जी होती उनको गाजर का जूस पीने से भी एलर्जी होने की संभावना हो सकती है।

2. अधिक जूस पीने से पेट फूल सकता है, गैस बन सकती है, दस्त लग सकते हैं।

3. प्रिजर्व करके रखे गए गाजर का जूस पीने से बोटुलिज्म (Botulism) नामक पॉइजनिंग रोग हो सकता है। 

4. गाजर के जूस में कैरोटीन मौजूद होता है। इस वजह से गाजर का जूस अधिक मात्रा में पीने से त्वचा का रंग पीला पड़ सकता है। 

5. डायबिटीज से ग्रस्त लोगों को अधिक मात्रा में गाजर का जूस नहीं पीना चाहिये। इसकी अधिक मात्रा ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको गाजर का जूस पीने के फायदे के बारे में जानकारी दी। गाजर क्या है?, गाजर की खेती कहां होती है?, गाजर का जूस बनाने का तरीका, गाजर के जूस के गुण, गाजर के जूस के पोषक तत्व, गाजर के जूस का उपयोग, गाजर का जूस पीने का सही समय और गाजर का जूस कितना पीना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से गाजर का जूस पीने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको गाजर का जूस पीने के फायदे के बारे में जानकारी दी। गाजर क्या है?, गाजर की खेती कहां होती है?, गाजर का जूस बनाने का तरीका, गाजर के जूस के गुण, गाजर के जूस के पोषक तत्व, गाजर के जूस का उपयोग, गाजर का जूस पीने का सही समय और गाजर का जूस कितना पीना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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