दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आपने जूस तो बहुत पीये होंगे परन्तु आज हम आपके लिए लेकर आये हैं एक ऐसा जूस जो 100 प्रतिशत प्राकृतिक है और एकदम फैट फ्री। जिसकी खुद की अपनी प्राकृतिक मिठास है इसलिये इसमें अतिरिक्त चीनी डालने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। यह स्वास्थ्य के लिये तो लाभकारी है ही, अपने औषधीय गुणों के कारण अनेक बीमारियों में भी लाभदायक है। जी हां, हम बात बात कर रहे हैं  गन्ने के जूस की। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “गन्ने के जूस के फायदे और नुकसान”। इस लेख में देसी हेल्थ क्लब आपको गन्ने और गन्ने के जूस के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि गन्ने का जूस पीने के क्या फायदे होते हैं और क्या नुकसान हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं गन्ने के बारे में कि गन्ना क्या होता है?

गन्ने के जूस के फायदे

गन्ना क्या होता है? – What is Sugarcane?

दोस्तो, गन्ना किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पूरी दुनिया में बच्चा-बच्चा जानता है कि गन्ना क्या होता है। ठीक उसी प्रकार कि गेहूं क्या होता है। गेहूं यदि पेट भरता है तो गन्ना मिठास देता है। विश्व की प्रमुख नकदी फसलों में से गन्ना दूसरी प्रमुख फसल है जिससे गुड़, चीनी और खांड बनाए जाते हैं। गन्ना प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि गन्ने ने ही गुड़ और चीनी के रूप में विश्व को मिठास का उपहार दिया है जिसका कोई विकल्प नहीं है। दोस्तो, गन्ने की फसल को ईख भी कहा जाता है जिसकी खेतों में बुआई अक्टूबर-नवम्बर में की जाती है। गन्ने की फसल का पकना जलवायु पर निर्भर करता है, इसको पकने में 9 से 24 महीने का समय लग जाता है। गन्ने का पौधा 30 फीट तक बड़ा हो सकता है। पूरे विश्व में गन्ने की 36 से भी  ज्यादा किस्म (Variety) पाई जाती हैं। 

गन्ने की खेती कहां होती है? – Where is Sugarcane Cultivated

दोस्तो, वैसे तो गन्ना पूरे विश्व में पाया जाता है परन्तु निम्नलिखित देशों में गन्ने का उत्पादन बहुत अधिक होता है –

ब्राजील, भारत, चीन, थाईलैंड, पाकिस्तान, मैक्सिको, कोलंबिया, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेण्टीना, फिलीपींस, इंडोनेशिया, अमेरिका।

यदि हम अपने देश भारत की बात करें तो, विश्व में गन्ना उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर ब्राजील देश है। भारत के उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब , हरियाणा व बिहार राज्यों में गन्ने की खेती होती है। उत्तर प्रदेश गन्ने का सबसे अधिक उत्पादन करता है जो कि कुल उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत है।

गन्ने के जूस के गुण – Properties of Sugarcane Juice

1. गन्ने के जूस की तासीर ठंडी होती है। इसलिये सर्दियों में इसे पीने से बचना चाहिए क्योंकि इससे खांसी, जुकाम, बुखार की समस्या हो सकती है।

2. गन्ने का जूस कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, जस्ता, पोटेशियम और विटामिन ए, बी-कॉम्प्लेक्स और सी से भरपूर होता है। 

3. गन्ने का जूस फैट फ्री होता है। यह 100% प्राकृतिक पेय पदार्थ है। 

4. पीलिया के मरीजों के लिये यह उत्तम विकल्प है। यह दवा के रूप में काम करता है। 

5. पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 मिलीलीटर

कैलोरी 49 kcal

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कार्बोहाइड्रेट्स 11.51 ग्राम

कैल्शियम 10 मिलीग्राम

आयरन 0.18 मिलीग्राम

मैग्नीशियम 12 मिलीग्राम

शुगर 8.55 ग्राम

पोटैशियम 160 मिलीग्राम

गन्ने के जूस के फायदे – Benefits of Sugarcane Juice

1. एनर्जी बढ़ाएं (Increase Energy)- गन्ने के जूस में कार्बोहाइड्रेट्स की भरपूर मात्रा होती है जो लंबे समय तक शरीर की मांसपेशियों में ताकत बनाए रखने के लिये बहुत जरूरी है। गन्ने का जूस पीने के बाद आप खुद को तरोताजा और खुशनुमा महसूस करते हैं। तत्काल आप अपने अंदर एनर्जी महसूस करते हैं। गन्ने के जूस में सुक्रोज होता है यानी सरल शर्करा जिसे शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है इससे शरीर में शर्करा की हानि पूरी हो जाती है। गन्ने का जूस पीने के बाद आपका शरीर हाइड्रेट रहता है। यदि एक्सरसाइज करने के बाद गन्ने का जूस पीया जाये तो किसी अन्य स्पोर्ट्स ड्रिंक की तुलना में यह कहीं अधिक अपना प्रभाव दिखाता है।  

2. पीलिया में फायदेमंद (Jaundice)- लिवर में लाल रक्त कोशिकाएं (Red blood Cells) टूटने लगती हैं तब बिलीरुबिन (एक पीला पिगमेंट) बढ़ने लगता है। जब रक्त में बिलीरुबिन  की मात्रा 2।5 से ज्यादा हो जाती है तो लिवर की कार्यप्रणाली में बाधा आ जाती है। लिवर द्वारा गंदगी साफ करने का काम रुक जाता है, यह शरीर से बाहर नहीं निकल पाता। फिर सूक्ष्म विषाणु (वायरस) हमला करते हैं। शरीर और आंखों का रंग पीला पड़ जाता है। इस स्थिति को पीलिया कहा जाता है। पीलिया के उपचार में गन्ना रामबाण उपाय है। यूनानी चिकित्सा पद्धति में भी गन्ने के जूस को पीलिया के उपचार में फायदेमंद बताया गया है। गन्ने का जूस दिन में दो बार या डॉक्टर की सलाह के अनुसार पी सकते हैं। निश्चित रूप से फायदा होगा। 

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3. ब्लड प्रेशर के लिये (Blood Pressure)- हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में गन्ने का जूस पीना फायदेमंद रहता है। इसमें पोटेशियम की प्रचुर मात्रा होती है जो रक्त संचार में सुधार कर रक्त प्रवाह गति को नियंत्रित करता है। यह रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) और धमनियों (Arteries) में तनाव को कम करता है। इससे एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis), हृदय संबंधी समस्याओं, स्ट्रोक आदि की संभावना को कम करने में मदद करता है।  

4. स्तन कैंसर में फायदेमंद (Breast Cancer)- गन्ने के जूस में ट्रायसिन नामक एक फ्लेवोनोइड होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है जो कई प्रकार के कैंसर कोशिकाओं के निर्माण को रोकता है विशेषतौर पर स्तन कैंसर की कोशिकाओं को।  एंटी-प्रोलाइफरेटिव गतिविधियां भी इस मामले में अर्थात कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद करती हैं। इसलिये कहा जा सकता है कि गन्ने के जूस का सेवन स्तन कैंसर होने की संभावना को खत्म करता है। 

5 . इम्युनिटी बढ़ाये (Boost Immunity)- एक शोध में गन्ने के जूस में हेपेटोप्रोटेक्टिव Hepatoprotective और एंटीऑक्सीडेंट गुणों का पता चला और यह भी पता चला कि गन्ने के जूस में अनेक प्रकार के बैक्टीरिया और संक्रमणों से बचाने की क्षमता होती है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स बीमारियों से लड़कर हमारे शरीर की रक्षा करते हैं, जिसमें लिवर और पाचन-तंत्र भी शामिल है । इसलिये ये कहा जा सकता है कि गन्ने का जूस पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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6. पेट के लिये फायदेमंद (Beneficial for Stomach)- गन्ने का जूस पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिये बहुत अच्छा विकल्प है। इसमें पाये जाने वाला पोटेशियम पाचन रस के स्राव को बढ़ाता है और पेट के पीएच (Power of Hydrogen) लेवल को बनाए रखता है। गन्ने का जूस क्षारीय (Alkaline) भी है जिसके पीने से आंतों में एसिडिटी, जलन आदि से राहत मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार गन्ना के जूस में हाई लैक्सटिव प्रॉपर्टी (high laxative property) होती है जिसके कारण मल त्यागने में आसानी रहती है और कब्ज से छुटकारा मिलता है। 

7. मूत्र संबंधी समस्याओं में फायदेमंद (Urinary Problems)- कई बार मूत्र विसर्जन (Urine pass) करते समय दर्द होता है या जलन होती है तो आप असहज महसूस करते हैं इस स्थिति को डिस्यूरिया Dysuria कहते हैं जो मूत्रमार्ग में किसी संक्रमण के कारण होती है। और यदि मूत्र सामान्य से कम आता है तो इसे ओलिगुरिया (Oliguria) कहते है। इन स्थितियों से छुटकारा पाने के लिये गन्ने का जूस उत्तम विकल्प है। दिन में दो बार गन्ने के जूस में नींबू और नारियल पानी मिलाकर पिएं। आराम लगेगा। 

8. दांतों और हड्डियों की मजबूती के लिये (Teeth and Bone Strength)- बढ़ता हुआ बच्चा या कोई भी बड़ा व्यक्ति गन्ना चूसता है तो उसके दांतों की एक्सरसाइज़ हो जाती है क्योंकि गन्ना चूसने के लिये इसे दांतों से छीलना पड़ता है जिससे दांतों पर जोर पड़ता है। गन्ने में कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में होता है जो दांतों और हड्डियों की मजबूत बनाता है। यदि कोई गन्ना ना चूस सके या ना चूसना चाहे गन्ने का जूस इसका विकल्प है। जूस भी यही फायदा करेगा।

9. मुंह की बदबू दूर करे (Bad Breath)- कई लोगों के मुंह से, सांस से बदबू आती रहती है। इसके अनेक कारण हो सकते हैं परन्तु मुख्य कारण पेट की समस्या या दांतों से जुड़ी कोई समस्या होती है। पेट के लिए और दांतों के लिये गन्ने का जूस किस तरह फायदेमंद है, इस बारे में हम ऊपर बता चुके हैं। गन्ने के जूस में पाये जाने वाले पोटेशियम, कैल्शियम और फास्फोरस पेट और दांतों के स्वास्थ्य के लिये अत्यंत लाभकारी हैं इसलिये गन्ने का जूस पीने से मुंह और सांस की बदबू से स्वत: ही छुटकारा मिल जायेगा। 

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10. गला खराब होने पर फायदा करें (Benefit from Sore Throat)- सर्दी, जुकाम, फ्लू  आदि में गला खराब होना सामान्य बात है। गले में दर्द, खराश, जलन, टॉन्सिल्स में सूजन आदि में गन्ने का जूस पीने से आराम लग जाता है। गन्ना के जूस में मौजूद विटामिन-सी शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव छोड़ता है जो वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ता है। इस तरह आपको गन्ना के जूस पीने से गले में राहत मिलती है।

11. घाव जल्दी भरे (Wounds Heal Quickly)- गन्ने का रस घाव को जल्दी भरने में मदद कर सकता है। यह बात एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बतायी गयी है कि गन्ने के जूस घाव भरने में मददगार हो सकता है। एक अन्य शोध यह भी बताता है कि गन्ने से बनी शक्कर भी घाव को ठीक करने के लिए उपयोग में लायी जा सकती है। शक्कर में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी भरने में मदद करते हैं। गन्ने के जूस में सूक्रोज होता है जो सरल शर्करा है और यह, समय की एक छोटी सी अवधि में घाव को ठीक करने में समर्थ होता है। इसके लिये गन्ने का जूस पीने के अतिरिक्त घाव पर इसको लगाना चाहिये।

12. नाखूनों का पोषण करें (Nourish Nails)-  कुछ लोगों के नाखून बहुत ही बेतरतीब, बेजान से, नाजुक से, भंगुर स्थिति में होते हैं  जो जरा सा कुछ भी लगने पर दुखने लग जाते हैं या टूट जाते हैं। यह सब कैल्शियम की कमी से होता है। गन्ने के जूस में भरपूर कैल्शियम होता है और अन्य पोषक तत्व भी बहुत होते हैं। इस समस्या से राहत पाने के लिये गन्ने के जूस को पीने के साथ-साथ नाखूनों पर भी लगायें। इससे नाखूनों को पोषण मिलेगा, कैल्शियम की कमी पूरी होगी और नाखून स्वस्थ रहेंगे।

13. मुंहासों से राहत दिलाए (Get rid of Acne)- मुंहासों की समस्या से राहत पाने के लिये गन्ने के रस का मास्क का इस्तेमाल करना होगा। इसे बनाने के लिये गन्ने के जूस में मुल्तानी मिट्टी पाउडर मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे और गर्दन पर लगा कर छोड़ दें। लगभग 15-20 मिनट बाद जब यह सूख जाये तो ठंडे पानी से धो लें। इसे हफ्ते में दो, तीन बार अवश्य करें। अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (AHA) त्वचा के स्वास्थ्य के लिये विशेष तत्व होता है जिसमें  ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड, टार्टरिक एसिड आदि और भी एसिड होते हैं जो मुंहासों की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। गन्ने के जूस में अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (AHA) पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इन एसिड्स का इस्तेमाल का कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है। 

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14. त्वचा के लिये (Skin)- गन्ने के जूस में समृद्ध मात्रा में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो मुक्त कणों (Free Radicals) के प्रभाव को खत्म करने में मदद करते हैं। सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की रक्षा करते हैं। झुर्रियों के प्रभाव को कम करके त्वचा में कसावट लाते हैं जिससे बुढ़ापे के लक्षणों को दूर करते हैं। गन्ने के जूस से त्वचा को मॉइस्चराइज करना बहुत ही अच्छा विकल्प है। गन्ने का जूस पीना और बतौर इसको मॉइस्चराइजिंग के रूप में इस्तेमाल करना एंटीएजिंग प्रभाव छोड़ते हैं। आप थोड़े से गन्ने के जूस में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिक्स करके चेहरे और बाजुओं पर लगा सकते हैं। पर ध्यान रहे कि यह आंखों में नहीं जाना चाहिये। 10-15 मिनट के बाद गुनगुने पानी से धो लें। 

गन्ने का जूस कितना पीना चाहिए? – How Much Sugarcane Juice Should Drink

विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने का जूस रोजाना दो गिलास से अधिक नहीं पीना चाहिये। पीलिया (Jaundice) से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के अनुसार गन्ने के जूस की निर्धारित मात्रा का सेवन ना करें। 

गन्ने के जूस के नुकसान – Side Effects of Sugarcane Juice

1. यदि दिन में एक या दो गिलास से ज्यादा पिएंगे तो पेट फूलना, गैस, दस्त आदि की समस्या हो सकती है।

2. ज्यादा देर तक रखे हुऐ गन्ने का जूस पीने से पेट और आंतों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

3. कोई और विशेष नुकसान नहीं है यदि कुछ सावधानियां बरती जाएं तो।

कुछ सावधानियां – Some Precautions

1. गन्ने का जूस हमेशा ताजा निकलवा कर ही पियें। पहले से ही रखा हुआ ना लें।

2. जिस दुकान से आप गन्ने का जूस लेना चाह रहे हैं वह साफ सुथरी होनी चाहिये। उसके आसपास भी गंदगी ना हो।

3. पहले यह देख लें कि गन्ने साफ-सुथरे धुले हुऐ होने चाहिए।

4. गन्ने का जूस केवल गन्ने का ही होना चाहिये। स्वाद लाने के लिये दुकानदार जूस निकालते समय गन्ने में नींबू , अदरक, पुदीना आदि भी लगा देते हैं।

5. बिना बर्फ का जूस बनवायें क्योंकि जो बर्फ इस्तेमाल की जा रही है वह पता नहीं कैसे पानी की बनी है। जूस घर लाकर तुरंत इसमें अपने घर के साफ पानी से जमाई हुई बर्फ़ मिला सकते हैं। और यदि घर लाना संभव नहीं है तो बिना बर्फ का जूस पीयें। 

6. यह भी ध्यान रखें कि कि जिस गिलास में जूस दिया जा रहा है वह साफ-सुथरा धुला हुआ होना चाहिए।

7. जब गन्ने का जूस निकाला जा रहा हो अपना आर्डर देने से पहले यह सुनिश्चित करें की जूस के साथ मशीन में इस्तेमाल होने वाला तेल टपक कर कहीं जूस में तो नहीं जा रहा। क्योंकि यह तेल यदि जूस के साथ पेट में चला जाये तो आपका पेट खराब हो सकता है। मशीन में इस्तेमाल होने वाला यह तेल विशेष प्रकार का होता है।

8. एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है की गन्ने के जूस को कभी भी 10-15 मिनट से ज्यादा देर तक फ्रिज में या फ्रिज से बाहर ना रखें क्योंकि ज्यादा देर रखने से यह ऑक्सीडाइज हो जाता है और इसके पीने से संक्रमण होने की संभावना बन जाती है। 

9. यदि आपको खांसी, बलगम है तो कृपया गन्ने का जूस ना पिएं। सर्दी, जुकाम, बुखार में भी कृपया गन्ने का जूस ना पिएं। इससे समस्या और बढ़ सकती है। 

10.  यदि आप खून पतला करने वाली दवाई ले रहे हैं तो गन्ने का जूस ना पिएं क्योंकि गन्ने का जूस भी खून को पतला करता है। इससे समस्या और बढ़ सकती है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको गन्ने और गन्ने के जूस के फायदे बारे में विस्तृत जानकारी दी। गन्ना क्या होता है, गन्ने की खेती कहां होती है, गन्ने के जूस के क्या गुण होते हैं,  इसमें कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। इस लेख के माध्यम से गन्ने का जूस पीने के फायदे बताये, कितना पीना चाहिए, इसके पीने के नुकसान भी बताएं और कुछ सावधानियां भी बताईं। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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