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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, स्वास्थ के प्रति हर कोई सजग रहता है और रहना भी चाहिये। पहले के समय में लोग अपने घर में ही एक्सरसाइज करते थे ज्यादा किया तो सुबह शाम घूमने चले गये। कुछ लोग अखाड़े में जाकर एक्सरसाइज कर लिया करते थे। पहलवान लोग अखाड़े में कुश्ती किया करते थे। मगर अब सब जगह जिम मिल जायेंगे। लोगों में जिम जाकर वर्कआउट करने का क्रेज कुछ इस कदर हावी हुआ है कि हर कोई अपनी बॉडी बनाना चाहता है। मांसपेशियों को सुदृड़ और मजबूत बनाना चाहता है, सबसे अलग दीखना चाहता है। यह एक अच्छी बात है। लेकिन जिम में जाकर वर्कआउट करना ही सब कुछ नहीं होता, इसके लिये यह भी ध्यान रखना होता है कि क्या खाना पीना चाहिये और क्या नहीं करना चाहिये। जिम जाने वाले लोग जाने अंजाने कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके स्वास्थ पर पड़ता है। इसलिये ध्यान रखना चाहिये और जिम में ऐसा कुछ ना करें जो स्वास्थ के लिये हानिकारक हो। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “जिम जाने के फायदे”।  देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज जिम के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि जिम में क्या ना करें। तो सबसे पहले जानते हैं कि जिम क्या है और इसका जन्म कैसे हुआ। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

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जिम जाने के फायदे
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जिम क्या है? What is a Gym?

दोस्तो, सबसे पहले आपको बता दें कि जिम का पूरा नाम जिमनेज़ियम (Gymnasium) है जोकि यूनानी शब्द है जिसका अर्थ होता है व्यायाम करने वाला स्थान। जिम एक ऐसा स्थान है जहां किसी भी आयु वर्ग का व्यक्ति चाहे वह महिला हो या पुरुष, शरीरिक स्वास्थ को बनाये रखने के लिये, अपने को फिट रखने के लिये, एक्सरसाइज़ कर सकता है। हां, इसके लिये कम से कम दो वर्ष की आयु होना आवश्यक है, इससे कम नहीं। जिम वह स्थान है जहां एक्सरसाइज करने के लिये अनेक उपकरण और मशीनें होती हैं जिनका जिक्र हम आगे करेंगे। जिम वह स्थान है जहां लोग प्रशिक्षक की देख रेख में एक्सरसाइज करते हैं। जिम वह स्थान है जहां लोग हजारों रुपये देकर एक्सरसाइज करते हैं। प्रशिक्षक को जिम प्रशिक्षक (GYM Trainer) कहा जाता है जो उपकरणों और मशीनों का सही से उपयोग करना बताता है वर्ना गलत तरीके से की हुई एक्सरसाइज स्वास्थ को नुकसान भी पहुंचा सकती है। वैसे तो दिल्ली में सरकार ने पार्कों में, आम आदमी के लिये मुफ्त में एक्सरसाइज के लिये मशीनें लगा रखी हैं जिन्हें “ओपन जिम” कहा जाता है परन्तु वहां कोई प्रशिक्षक नहीं होता, स्वयं ही एक्सरसाइज करनी होती है। 

जिम का जन्म कैसे हुआ? How was Gym Born?

स्वीडन के डॉक्टर गुस्ताव जाँडर (Gustav Zander),  सन् 1857 में स्टॉकहोम (Stockholm) में वे स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर काम कर रहे थे, को महसूस हुआ कि सभी बच्चों का ख्याल नहीं रख सकते हैं। तब उनके मन में जिम जैसी मशीनें बनाने का विचार आया। डॉक्टर गुस्ताव जाँडर की कोशिश रंग लाई और उन्होंने सन् 1892 में एक्सरसाइज मशीन का आविष्कार किया। यह आविष्कार इतना लोकप्रिय हुआ कि सन् 1911 तक पूरे विश्व में 300 से अधिक स्पोर्ट्स हॉल बन चुके थे। हमारे देश भारत में एक्सरसाइज मशीनें कब आईं, इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। हां। इतना जरूर है कि भारत के गांव-गांव शहरों में भी पहले व्यायामशाला (अखाड़ा ) हुआ करती थीं। आज भी हैं मगर अपने वास्तविक रूप में बहुत कम देखने को मिलते हैं जो पुरानी संस्कृति और परम्परा को निभाते चले आ रहे हैं। इन अखाड़ों के मुखिया को “गुरु” कहा जाता है। इन अखाड़ों का आधार मिट्टी हुआ करती थी जिस पर पहलवान लोग कुश्ती किया करते थे, दंड-बैठक लगाया करते थे और भी अन्य प्रकार के व्यायाम किया करते थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती की शैली को देखते हुऐ, इन अखाड़ों में बदलाव किये गये। इनको आधुनिक रूप दिया गया। कुश्ती मिट्टी की बजाय मेट (Mat) पर होने लगीं और व्यायाम के लिये मशीनें लग गईं। इन मशीनों का क्रेज इतनी तीव्र गति से बढ़ा कि लोगों ने थोड़ी सी जगह में ही “कुछ” मशीनें लगाकर इसका व्यवसायीकरण (Commercialization) कर दिया और इसको नाम दिया गया “जिम” (GYM)। ये कुकरमुत्तों की तरह उभरने लगे। आज यह हालत है कि आपको जगह-जगह जिम मिल जायेंगे। 

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जिम में उपलब्ध उपकरण और मशीनें Equipment and Machines Available in the Gym

दोस्तो, जिम में एक्सरसाइज करने और बॉडी बनाने के लिये डम्बल्स, हेंडग्रिप स्ट्रेंग्थनर, पुल-अप बार्स, पुश-अप बार्स, स्किपिंग रोप, जिमनास्टिक रिंग्स, स्क्वेट रैक, एड्जेस्टेबल बेंच, ट्रेडमिल, इलिप्टिक मशीन, लेग प्रेस, लेग एक्सटेंशन, लेग कर्ल, लेग ऐब्डक्शन मशीन, एक्सरसाइज बाईक्स,  चेस्ट प्रेस मशीन, सीटिड काफ मशीन, ऐब क्रंच मशीन, ऐरोबिक स्टेप आदि अनेक उपकरण और मशीनें उपलब्ध होती हैं।

जिम में ट्रेनिंग के भाग Parts of Gym Training

दोस्तो, जिम में ट्रेनिंग के दो भाग होते हैं कार्डियो ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग। विवरण निम्न प्रकार है

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1. कार्डियो ट्रेनिंग (Cardio Training)- इससे शरीर के आंतरिक अंग जैसे किडनी, हार्ट, फेफड़े आदि मजबूत बनते हैं, यह ट्रेनिंग वजन कम करने और स्टेमिना बढ़ाने के लिये की जाती है। इसके लिये ब्रिस्क वॉक, रनिंग, ऐरोबिक्स, जंपिंग जैक, स्टेपर और साइक्लिंग कर सकते हैं। जिम में जाकर क्रॉस ट्रेनर, आर्क ट्रेनर और ट्रेडमिल कर सकते हैं। 

2. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training)-  इस ट्रेनिंग से मांसपेशियां, हड्डियां और हड्डियों के जोड़ मजबूत बनते हैं। इसके लिये पुशअप, स्क्वैट, प्लैंकहोल्ड, क्रंचेज, डंबल से प्रेस, फ्लाई, ओवर हेड प्रेस, ट्राई एक्सटेंशन, डंबल स्क्वैट और डंबल लंजेज कर सकते हैं। 

जिम जाने के फायदे Benefits of Going to Gym

दोस्तो जिम जाने के क्या फायदे होते हैं, यह हम आपको संक्षेप में बता रहे हैं जो, निम्न प्रकार हैं

1. सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण लाभ तो यही है कि जिम जाकर जिम ट्रेनर की देखरेख में मशीनों/उपकरणों द्वारा एक्सरसाइज करते हैं जिससे चोट लगने की संभावना नहीं होती, लगती भी है तो बहुत कम तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ ठीक रहता है।

2. जिम में एक्सरसाइज करने से वजन संतुलित रहता है।

3. इससे ब्लड प्रेशर का स्तर सामान्य रहता है, अच्छा वाला कोलेस्ट्रॉल एचडीएल बढ़ता है। स्ट्रोक, हृदय रोग, डायबिटीज की संभावना कम होती है।

4. नॉरपेनेफ्रिन नामक रसायन की मात्रा में वृद्धि होती है जो तनाव को कम करता है।

5. फिटनेस से आपका लुक निखरता है जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

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6. ऊर्जावान बने रहते हैं। एक्सरसाइज करने से ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते रहते हैं। फेफड़े सही प्रकार काम करते हैं। रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह सही बना रहता है जिससे हृदय स्वास्थ भी ठीक रहता है।  

7. जब शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहते हैं तो नींद भी बहुत अच्छी आती है।

8. सेक्स लाइफ भी अच्छी रहती है। एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से महिलाओं में कामोत्तना बढ़ती है और पुरूषों में नपुसंकता या शीघ्रपतन जैसी समस्या नहीं होती।  

9. एक्सरसाइज करने से एंडोर्फिन (खुशी का अनुभव कराने वाला हार्मोन्स) हार्मोन्स का स्राव होता है, जिससे आप प्राकृतिक तौर पर अधिक खुश रहते हैं।

10. जिम में जाकर एक्सरसाइज करके आप अपनी मर्जी से बॉडी बना सकते हैं, ऐब्स बना सकते हैं। 

जिम में क्या ना करें? What Not to Do in the Gym?

दोस्तो, अब आपको बताते हैं कि जिम जाने से पहले आपको क्या नहीं करना चाहिये और जिम जाकर क्या ना करें। विवरण निम्न प्रकार है

1. गलत समय पर जिम ना जायें (don’t go to the gym at the wrong time)- जिम जाने के लिये गलत समय का चुनाव ना करें। कई लोग सुबह 5 बजे जिम पहुंच जाते हैं या 10 या 11 बजे के बाद जो कि गलत है। जिम जाने का सही समय सुबह 6 बजे के बाद का है क्योंकि इस समय शरीर शरीर पूरी तरह रिलैक्स होता है और मांसपेशियां भी थकी हुई नहीं होतीं। शरीर ताजगी और ऊर्जा से भरपूर होता है। यदि सुबह जिम जाने का समय नहीं है तो शाम को 4 से 7 बजे के बीच का समय अच्छा माना जाता है क्योंकि इस समय भी शरीर अपनी पूरी क्षमता में होता है। दोपहर का लंच करने के बाद कम से कम दो घंटे तक एक्सरसाइज करना ठीक नहीं है।

2. खाली पेट जिम जाकर एक्सरसाइज ना करें (Do not exercise by going to the gym on an empty stomach)- खाली पेट जिम कभी ना जायें क्योंकि जिम में हल्के से लेकर हैवी एक्सरसाइज भी करनी पड़ती है। खाली पेट लंबे समय तक पसीना बहाने, हैवी एक्सरसाइज करने से ब्लॉटिंग, मितली, गैस और डायरिया जैसी समस्या होने की संभावना रहती है। इन सबके लिये शरीर में एनर्जी होनी चाहिये। इसलिये बेहतर है कि जिम जाने के लिये दलिया या केले खाकर निकलें। दलिया प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, इसी प्रकार केले में भी फाइबर होता है। यदि कुछ नहीं है तो ब्लैक कॉफ़ी पीयें इससे एनर्जी बनी रहेगी। याद रखें कि जिम में एक्सरसाइज करने से 30 मिनट पहले आपको कुछ हैल्दी और जल्दी पचने वाला खाना खाये हुऐ होना चाहिये। 

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3. सही आउटफिट और फुटवियर को इग्नोर ना करें (Don’t ignore the right outfit and footwear)- अक्सर देखा गया है कि लोग जल्दबाजी में कुछ भी पहनकर चल देते हैं जो कि गलत है। क्योंकि गलत आउटफिट और फुटवीयर जैसे कुर्ता, फॉरमल शर्ट, जीन्स, चप्पल, चमड़े के जूते आदि से ना केवल आप अनकंफर्टेबल फील करेंगे बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है। ट्रेडमिल मशीन पर दौड़ते समय गलत फुटवेयर की वजह से पैरों में दर्द भी हो सकता है या फिसल सकते हैं। ढीले ढाले कपड़े मशीन पर उलझन पैदा कर सकते हैं। इसलिये यह जरूरी है कि जिम के लिये एकदम परफेक्ट कपड़े और जूते होने चाहियें। 

4. सैनिटाइजर ले जाना ना भूलें (Don’t forget to carry sanitizer)- दोस्तो, कोरोना महामारी का प्रकोप लगभग सभी परिवारों ने झेला है। अभी इसके नये वेरिएंट “ऑमिक्रॉन” ने भारत सहित अनेक देशों में तहलका मचा रखा है। यद्यपि जिम के मालिक मशीनों को सैनिटाइज करते हैं फिर भी अपने साथ सैनिटाइजर की छोटी शीशी ले जाना ना भूलें। वर्कआउट करने के बाद आप अपने हाथों को सैनिटाइज कर सकते हैं। 

5. हाइड्रेशन की परवाह ना करना (don’t care about hydration)- अक्सर देखा गया है कि लोग जिम जाते समय अपने साथ पानी ले जाने से कतराते हैं, यह बहुत बड़ी गलती है। ऐसा कभी ना करें। यह याद रखना चाहिये कि गर्मियों के अलावा सर्दियों के मौसम में भी प्यास लगती है, शरीर को पानी की जरूरत होती है। वर्कआउट से पहले पानी, नारियल पानी या जूस पीकर अपने शरीर को हाइड्रेट रखें और वर्कआउट करने के बाद भी पानी जरूर पीयें। पानी पर विस्तृत जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “शरीर में पानी की कमी दूर करने के उपाय” पढ़ें। 

6. वार्मअप करना ना भूलें (don’t forget to warm up)- आपने नोटिस किया होगा कि ऐथलीट्स या पहलवान अपनी परफॉर्मेंस से पहले अपने शरीर को वार्मअप करते हैं। यही प्रक्रिया वर्कआउट पर भी लागू होती है। अपने शरीर का तापमान बढ़ाकर और मसल्स को लूज करने के लिये वर्कआउट के लिये तैयार करना बहुत जरूरी होता है।  इसे करना ना भूलें।

7. गलत तरीके से एक्सरसाइज ना करें (don’t exercise the wrong way)- किस मशीन पर कौन से एक्सरसाइज की जानी है और कैसे की जानी है, इस बारे में अच्छी तरह पता होना चाहिये। क्योंकि गलत तरीके से की जाने वाली एक्सरसाइज फायदा करने के बजाय शरीर का नुकसान कर देगी। इसलिये जिस बारे में पता नहीं है उस बारे में जिम ट्रेनर से पूछें ताकि गलत एक्सरसाइज करने से बचा जा सके।

8. सांस ना रोकें (don’t hold your breath)- अक्सर यह होता है कि वजन उठाते समय या ऐसी गतिविधि करने में जिसमें शारीरिक बल अधिक लगाना पड़ता है, सांस रोक लिया जाता है। एक्सरसाइज करते समय ऐसा ना करें। यह आपको परेशानी में डाल सकता है। सांस रोक-रोक कर एक्सरसाइज करने से अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जो हर्निया की समस्या की वजह बन सकता है। सांस रोकने से बेहोशी भी छा सकती है। हर्निया पर विस्तार से जानकारी पर हमारा पिछला आर्टिकल “हर्निया से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय” पढ़ें

9. अपने शरीर की अनसुनी ना करें (don’t listen to your body)- एक्सरसाइज करने पर थकावट होना स्वाभाविक है। परन्तु जब आप बहुत ज्यादा थकावट महसूस करें तो इसे हल्के में ना लें। कभी-कभी मांसपेशियों में खिंचाव आ जाने से दर्द होता है। ऐसी किसी भी स्थिति को इग्नोर ना करें। क्योंकि शरीर आपको संकेत दे रहा है कि अब आप कुछ देर आराम करें। इसे समझें और लंबा आराम करें। फिर यदि ठीक महसूस कर रहे हों तो दुबारा एक्सरसाइज करें।

10. कभी अकेले हैवी वेट उठाने की गलती ना  करें (Never Make the Mistake of Lifting Heavy Weights Alone)- जिम में वेट लिफ्टिंग के एक्सपर्ट होते हैं जो वजन उठाने का सही तरीका बताते हैं। कभी अपनी मर्जी से और अकेले हैवी वेट उठाने की गलती ना करें। ऐसा करने से आपको चोट लग सकती है। हैवी वेट उठाने में बडि (Buddy) इस काम में मदद करते हैं। उनकी देखरेख में ही हैवी वेट उठायें, अकेले नहीं। इसे बडि सिस्टम (Buddy system) कहा जाता है। 

11. केवल कार्डियो ना करें (don’t just do cardio)- जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि जिम में दो ट्रेनिंग होती हैं, कार्डियो ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग। जिम जाने का उद्देश्य पूरे शरीर को फिट रखना होता है ना कि टमी फैट कम करना। इसलिये यह जरूरी हो जाता है कि कार्डियो मशीन पर एक्सरसाइज करने के अलावा स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिये अलग-अलग मशीनों और उपकरणों का भी उपयोग किया जाये। इनके द्वारा भी एक्सरसाइज करें। इसलिये जिम में केवल कार्डियो ही ना करें अन्य मशीनों का भी उपयोग करें।

12. वर्कआउट के बाद कार्डियो एक्सरसाइज ना करें (Do not do cardio exercise after workout)- दोस्तो, यह ध्यान रखें कि वर्कआउट करने के बाद कार्डियो एक्सरसाइज ना करें। जिम में पहले कार्डियो एक्सरसाइज करें फिर रेगुलर एक्सरसाइज करें। 

13. एक्सरसाइज के बाद मशीन साफ करना ना भूलें (Do not forget to clean the machine after exercise)- दोस्तो, जरा सोचिये कि जिस मशीन पर आप एक्सरसाइज करने जा रहे हैं, वह गंदी मिले या उस पर पसीना मिले। यह बात सब को समझनी है कि एक्सरसाइज के बाद मशीन साफ करना ना भूलें क्यों कि उस पर आपका पसीना लगा हुआ है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है जिसका आपको ध्यान रखना है। वैसे भी कैरोना की संभावना को देखते हुऐ यह बहुत जरूरी हो जाता है कि मशीन को टावल से साफ करके सैनिटाइजर कर दें।  सैनिटाइजर की छोटी शीशी ले जाने का जिक्र हमने ऊपर भी किया है।

14. स्ट्रेचिंग करना ना भूलें (don’t forget to stretch)- जिस प्रकार वर्कआउट से पहले वार्मअप करना जरूरी है ठीक उसी प्रकार वर्कआउट खत्म करने के बाद कम से कम 30 सेकंड तक स्ट्रेचिंग करना बेहद जरूरी है। इसे करना ना भूलें। इससे शरीर में दर्द महसूस नहीं होगा। इससे मोशन की रेंज, मोबिलिटी और बॉडी को रिकवर करने में मदद मिलती है। 

15. वर्कआउट के बाद हेल्दी आहार न लेना (Not having a healthy diet after a workout)- घंटों जिम में पसीना बहाने के बाद भूख लगना स्वाभाविक है। परन्तु बर्न हुई एनर्जी की पूर्ती के लिये ताबड़तोड़ कुछ भी खाने की गलती ना करें, विशेषकर जंक फूड खाने की गलती। हैवी एक्सरसाइज के बाद लोग अधिकतर सप्लीमेंट या कार्बोहाइड्रेट लेते हैं जो कि गलत है। ये स्वास्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कार्बोहाइड्रेट्स तो भूलकर भी ना लें। इनके बजाय प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिये। आप व्हे प्रोटीन भी ले सकते हैं यह एक बेहतर और हैल्दी खुराक है। इसे आप दूध से या पानी से ले सकते हैं। व्हे प्रोटीन पर विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “व्हे प्रोटीन के फायदे और नुकसान पढ़ें। यह स्पोर्ट्स ड्रिंक का एक बेहतर विकल्प है। स्पोर्ट्स ड्रिंक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तो अवश्य पूरी करता है मगर इसमें मौजूद शुगर से अतिरिक्त कैलोरी आ जाती हैं। स्पोर्ट्स ड्रिंक की अपेक्षा नारियल पानी का सेवन करें। यह अत्यंत लाभकारी होता है।

Conclusion  

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको जिम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिम क्या है, जिम का जन्म कैसे हुआ, जिम में उपलब्ध उपकरण और मशीनें, जिम में ट्रेनिंग के भाग और जिम जाने के फायदे, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से आपको यह भी बताया कि जिम में क्या ना करें। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको जिम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिम क्या है, जिम का जन्म कैसे हुआ, जिम में उपलब्ध उपकरण और मशीनें, जिम में ट्रेनिंग के भाग और जिम जाने के फायदे, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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