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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, भारतीय मसालों की खुश्बू पूरी दुनियां में फैली हुई है, इनकी गुणवत्ता ने पुरी दुनियां को आकर्षित किया है। आज हम किसी मसाले के बारे में नहीं बल्कि मसाले से पहले के रूप के बारे में बात करेंगे यानी उस विशेष पौधे के पक कर मसाले का रूप धारण करने से पहले की बात। जी हां, एक ऐसी वस्तु जिसका उपयोग नमकीन व्यंजनों के स्वाद बढ़ाने और मनमोहक खुश्बू के लिये तो किया ही जाता है परन्तु व्यंजनों के प्रस्तुतीकरण (Presentation) हेतु सजावट के लिये भी किया जाता है क्योंकि यह है ही इतनी आकर्षक। हम बात कर रहे हैं हरा धनिया की। दोस्तो, धनिया के बीज हों या पाउडर या फिर पत्तियां, इन सबका इस्तेमाल पूरी दुनियां के किचन में हर रोज ही होता है। लेकिन आज बात करेंगे हरा धनिया खाने के फायदे(Green Coriander) के बारे में, जो केवल सब्जी और तमाम तरह के डिशेज़ के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता है बल्कि प्रेजेंटेशन को भी कई गुना खूबसूरत बना देता है। लेकिन आपको शायद ये न पता हो कि हरा धनिया सेहत (Health) के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

इसको डाइट में शामिल करने से शरीर को एक नहीं बल्कि बहुत सारे फायदे (Benefits) मिलते हैं। आज हम आपको सेहत के लिए हरा धनिया खाने के फायदों के बारे में बताते हैं। जिसको जानने के बाद आप भी हरा धनिया खाना बहुत ज्यादा पसंद करने लगेंगे।  दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “हरा धनिया खाने के फायदे”। देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको हरा धनिया के बारे में विस्तृत जानकारी देगा और इसके खाने के फायदे भी बतायेगा। दोस्तो, हरा धनिया से पहले धनिया के बारे में जानना जरूरी है, इसलिये सबसे पहले जानते हैं कि धनिया क्या है, हरा धनिया क्या है, धनिया कहां पाया जाता है और इसके गुण क्या हैं। इसके बाद फिर बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। 

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हरा धनिया खाने के फायदे
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धनिया क्या है? What is Coriander?

वस्तुतः धनिया एक मसाला पौधा है जिसमें औषधीय गुण भी होते हैं। यह पौधा लगभग 20 इंच तक लंबा हो जाता है। इसके पौधे में कई शाखाऐं निकलती हैं और कई पुष्पछत्र होते हैं। इसके फल को दबाने पर दो भाग निकलते हैं जिनमें एक-एक बीज होता है। इन बीजों  को सुखाकर पीसकर पाउडर बना लिया जाता है जिसे “धनिया पाउडर” कहते हैं, इस पाउडर का उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है। धनिया के बीज भी औषधीय गुणों से परिपूर्ण होते हैं। वास्तव में धनिये का पूरा पौधा ही लिपिड का एक बेहतरीन श्रोत माना जाता है क्‍योंकि इसमें पेट्रोसेलिनिक एसिड और एसेंशियल ऑयल (जड़ी बूटियों से तैयार तेल) होता है। 

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हरा धनिया क्या है? What is Green Coriander

हरा धनिया, थनिया पौधे की हरी पत्तियां होती हैं जिनका उपयोग व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने, खुश्बू और सजावट के लिये किया जाता है। इनका उपयोग केवल यहीं तक ही सीमित नहीं है बल्कि इनमें औषधीय गुण भी मौजूद होते हैं जो कई रोगों के उपचार में लाभदायक होते हैं। हरा धनिया का डंठल भी बहुत उपयोगी होता है। ये डंठल हरी पत्तियों को हटाने के बाद बचा हुआ तना ही होते हैं जो रस और स्वाद से भरपूर होते हैं। इनका इस्तेमाल सॉस या डिप आदि बनाने के लिये किया जाता है।  हरा धनिया के डंठलों का उपयोग थाईलैंड के व्यंजनों में किया जाता है। इस्तेमाल में लाई जाने वाली यह वहां की आम सामग्री है।

धनिया कहां पाया जाता है? Where is Coriander Found?

दक्षिणी यूरोप और उत्तरी अफ्रीका से लेकर दक्षिण-पश्चिमी एशिया तक फैला हुआ क्षेत्र धनिया का मूल स्थान माना जाता है। इसकी खेती विश्व के ज्यादातर देशों में की जाती है। भारत में पंजाब, मध्यप्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, उत्तरप्रदेश और हरियाणा राज्यों में धनिया की खेती सबसे ज्यादा की जाती है। भारत विश्व में अनेक देशों को धनिया निर्यात करने वाला प्रमुख देश है। 

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धनिया के प्रकार Type of Coriander

धनिया की दो प्रजाति होती हैं, विवरण निम्न प्रकार है

1. देशी धनिया (Desi Coriander)- इसे स्वाद की दृष्टि से उत्तम माना जाता है। इसका स्वाद बहुत अच्छा होता है और इसकी खुश्बू भी बहुत अच्छी और तेज होती है। परन्तु यह बाजार में केवल दिसम्बर से फरवरी तक ही उपलब्ध होता है। 

2. हाइब्रिड धनिया (Hybrid Coriander)-  इस प्रकार के धनिये का स्वाद देशी धनिया की तुलना में अच्छा नहीं होता और खुशबू भी अच्छी नहीं होती। संभवतः इसीलिये यह बाजारों में हर समय उपलब्ध होता है। 

हरा धनिया के गुण Properties of Coriander

1. धनिया की तासीर ठंडी होती है। इसका स्वाद हल्का कसैला होता है।

2. धनिया की पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जैसे फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर, कैरोटीन, थियामिन, मैगनीज़, जिंक, पोटैशियम, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम और विटामिन-बी6, विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-के आदि। 

3. हरा धनिया औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल व एंटी-ऑक्सीडेंट सहित एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले), एंटी-डिस्लिपिडेमिक (रक्त में लिपिड्स कम करने वाले), एंटी-हाइपरटेंसिव (रक्तचाप कम करने वाले), न्यूरोप्रोटेक्टिव (तंत्रिका को सुरक्षा देने वाले) और मूत्रवर्धक गुण होते हैं।

4. पोषक तत्व (धनिया पत्तियां मात्रा प्रति 100 ग्राम)

पानी                                 92.21 ग्रा.

प्रोटीन                           2.13 ग्रा.

वसा                                    0.52 ग्रा.

कार्बोहाइड्रेट                   3.67 ग्रा.

शुगर                                 0.87 ग्रा.

फाइबर                               2.8 ग्रा.

आयरन                         1.77 मि.ग्रा.

मैग्नीशियम                         26 मि.ग्रा.

फास्फोरस                         48 मि.ग्रा.

पोटेशियम                         521 मि.ग्रा.

कैल्शियम                           67 मि.ग्रा.

सोडियम                           46 मि.ग्रा.

जिंक                                 0.5 मि.ग्रा.

मैंगनीज                           0.426 मि.ग्रा.

कॉपर                           0.225 मि.ग्रा.

विटामिन-सी                   27 मि.ग्रा.

थियामिन                            0.067 मि.ग्रा.

राइबोफ्लेविन                 0.162 मि.ग्रा.

नियासिन                         1.114 मि.ग्रा.

विटामिन-बी6                 0.146 मि.ग्रा.

फोलेट                           62 माइक्रोग्राम

विटामिन-ए                         337 माइक्रोग्राम

बीटा कैरोटिन                 3930 माइक्रोग्राम

विटामिन-ए IU                 6748 .U

विटामिन-ई                         2.5 मि.ग्रा.

विटामिन-के                 310 माइक्रोग्राम

फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड 0.014 ग्रा.

फैटी एसिड टोटल 

मोनोअनसैचुरेटेड                 0.275 मि.ग्रा.

फैटी एसिड टोटल 

पोलीअनसैचुरेटेड         0.04 मि.ग्रा.

हरा धनिया का उपयोग Use of Coriander

दोस्तो, हरा धनिया का इस्तेमाल आप निम्न प्रकार से कर सकते हैं

1. इसे बारीक-बारीक काट कर किसी भी सब्जी के ऊपर डाल सकते हैं। इससे स्वाद और खुश्बू बढ़ जाती है।

2. इसकी पत्तियां दाल में डाल सकते हैं।

3. इसकी चटनी बनाई जा सकती है।

4. चावलों के ऊपर इसकी पत्तियां डाल सकते हैं।

5. सलाद में इसकी पत्तियां डालने से स्वाद बढ़ जाता है और खुश्बू भी। 

6. व्यंजनों की सजावट के लिये इसका उपयोग किया जाता है।

7. मध्यप्रदेश में हरा धनिया और कैरी का उपयोग कर चटनी बनाई जाती है जिसे दाल-बाटी या सादा भोजन के साथ खाते हैं। 

8. दही का रायता बनाते समय हरा धनिया पीस कर डालने से स्वाद और खुश्बू बढ़ जाती है।

9. पानी पूरी का पानी बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

10. फलों और सब्जियों का जूस बनाते समय हरा धनिया भी मिक्स किया जा सकता है।

11. सूप बनाते समय इसकी पत्तियां डाली जा सकती हैं।

12. मांस को ताजा बनाये रखने के लिये हरा धनिया की पत्तियों का उपयोग किया जाता है। 

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हरा धनिया खाने की मात्रा Amount of Green Coriander 

चूंकि हरा धनिया या धनिया पाउडर का उपयोग मसाले के तौर पर व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिये किया जाता है इसलिये इसकी मात्रा निर्भर करती है कि व्यंजन और उसकी तादाद पर, उसी के अनुसार इसकी मात्रा तय की जाती है। वैसे धनिया पाउडर तीन, चार ग्राम तक डाला जा सकता है। तड़का लगाने या ऊपर से डालने के लिये लगभग 10-12 हरे धनिये की पत्तियां बहुत होती हैं। दवा के रूप में इसकी मात्रा, विशेषज्ञ तय करते हैं। 

हरा धनिया खाने के फायदे Benefits of Eating Green Coriander

दोस्तो, अब बताते हैं आपको हरा धनिया खाने के फायदे जो निम्न प्रकार हैं

1. संपूर्ण स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद (Beneficial for Overall Health)- दोस्तो, यदि हम आपसे यह कहें कि हरा धनिया संपूर्ण स्वास्थ के लिये फायदेमंद है तो, यह अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि धनिया का पूरा पौधा लिपिड का एक बेहतरीन श्रोत है। इसके पत्तों में क्वेरसेटिन कंपाउंड और अन्य फ्लेवोनोइड्स भी पाए जाते हैं जो कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन अर्थात् हानिकारक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। इसमें उच्च पोटेशियम और कम मात्रा में सोडियम होने के नाते यह हरा धनिया हृदय की गति को सामान्य बनाये रखता है। इस तरह हृदय भी स्वस्थ रहता है। इसके अतिरिक्त ब्लड प्रैशर को नियंत्रित कर मानसिक स्वास्थ को भी बनाये रखता है। हरा धनिया मानसिक तनाव, चिंता आदि को कम करने में मदद करता है।

2. आंखों की रोशनी बढ़ती है (Eyesight Increases)- हरा धनिया आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है। इसकी वजह है कि हरा धनिया विटामिन-ए से भरपूर होता है। इसको लगातार डाइट में शामिल करने से आई साइट (Eye sight) अच्छी होती है और उच्च एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण आंखों में दर्द की दिक्कत, खुजली, लालिमा और सूजन दूर होती है। इसके अतिरिक्त यह नेत्रश्लेष्मलाशोथ (conjunctivitis) जैसे संक्रामक रोग से आंखों की रक्षा करता है। 

3. मुंह की बदबू दूर करे(Remove Mouth Odor) जिस प्रकार सौंफ़  Mouth Freshner के रूप में काम करती है उसी प्रकार हरा धनिया भी Mouth Freshner के रूप में काम करके मुंह की बदबू से छुटकारा दिलाता है। ओरल कैविटी, खराब ओरल हाइजीन, पीरियडोंटल डिजीज, जीभ पर परत जमना, फूड इंफेक्शन, गंदे डेन्चर आदि कई कारणों से मुंह में बदबू पैदा होती है। खाने में हरे धनिये का उपयोग करने और भोजन करने के पश्चात दो, तीन हरा धनिया की पत्तियां चबाने से मुंह में बदबू पैदा ही नहीं होगी। अतः हरा धनिया मुख के स्वास्थ के लिये अत्यंत लाभकारी है। 

4. बॉडी को देता है पोषण (Provides Nourishment to the Body)- हरा धनिया शरीर को पोषण देने में ख़ास भूमिका निभाता है। दरअसल, हरे धनिये की पत्तियों में आयरन, कॉपर, जिंक, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन-ए, विटामिन-बी6, विटामिन-सी, विटामिन-के और फोलेट जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।

5. इम्यूनिटी बढ़ती है (Immunity Increases)- दोस्तो, हरा धनिया खाने से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है। इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने में रोल निभाता है हरे धनिया में मौजूद विटामिन-सी अपने आप में एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो आपको किसी भी तरह के वायरस से बचाने में मददगार बनता है। धनिया के पत्ते के इथेनॉल अर्क में कई फ्लेवोनोइड कंपाउंड होते हैं जो के रूप में काम करते हैं इम्यूनोमॉड्यूलेटर की तरह काम करते हैं, जिससे इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार होता है।

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6. डाइजेशन बेहतर बनाता है (Improves Digestion)- डाइजेशन को बेहतर बनाने में भी हरा धनिया अहम रोल निभाता है। इसको रोजाना डाइट में शामिल करने से पाचन तंत्र सही तरह से काम करता है और गैस, कब्ज और अपच जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है। हरा धनिया में लिनालूल (Linalool) नामक कंपाउंड होता है, जो कार्मिनेटिव यानी पेट फूलने से राहत देने वाली दवा के समान कार्य करता है। अतः डाइजेशन को बेहतर रखने के लिये हरे धनिये का सेवन करें। 

7. ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करता है (Controls Blood Sugar Level)- ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में भी हरा धनिया काफी मदद करता है। इसको खाने से डायबिटीज होने का खतरा तो कम होता ही है। साथ ही ये डायबिटीज के पेशेंट को भी किसी तरह का नुकसान नहीं करता है। इसकी वजह यह है कि धनिया के पत्तों में एंटीडायबिटिक गुण होते हैं जो अग्न्याशय (Pancreas) में इंसुलिन का प्रवाह बढ़ाकर ग्लूकोज़ के स्तर को सामान्य बनाये रखते हैं। 

8. वजन कम करने के लिए (To Lose Weight)- यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो इसके लिये हरा धनिया का उपयोग किया जा सकता है। धनिया के पत्तों में क्वेरसेटिन (Quercetin) नामक फ्लेवोनोइड होता जिसमें एंटीओबेसिटी गुण होते हैं जो वजन को कम करने मदद करते हैं।  धनिया के पत्तों के अतिरिक्त आप धनिया के बीज का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिये एक गिलास पानी में तीन बड़े चम्मच धनिये के बीजों को तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा या इससे कम रह जाये। इसे छानकर दिन में दो बार पीयें। धनिया के बीज और पत्तियों में उपस्थित स्टेरोल शरीर में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं, जिसके कारण वजन नहीं बढ़ता।

9. एनीमिया में फायदेमंद (Beneficial in Anemia)- एनीमिया शरीर में खून की कमी होने का एक प्रमुख कारण होता है। हरे धनिये में एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic Acid) यानी विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में होता है जोकि शरीर में आयरन का अवशोषण बढ़ा कर एनीमिया की कमी को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त धनिया में आयरन की भी मात्रा होती है जो खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

10. किडनी की सफाई करें (Do Kidney Cleanse)- हरा धनिया का, जीरा की मदद से नींबू के 4-5 स्लाइड के साथ  धनिया मिलाकर घर में एक डिटॉक्सीफाई ड्रिंक तैयार कर सकते हैं जो किडनी की तेजी से सफाई करेगा। यह एक अच्छा ड्रिंक माना जाता है। इसके लिये एक लीटर पानी को हल्की आग पर उबालें, इसमें हरे धनिये की कुछ पत्तियां, नींबू के कटे हुए स्लाइस और एक छोटी चम्मच जीरा डालकर फिर से 10 मिनट तक उबालें। फिर इसे छानकर पीयें। इसके पीने से किडनी की सफाई हो जायेगी और पेट के रोग भी नहीं होंगे।  

11. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में फायदा (Benefit in Urinary Tract Infection)- कुछ बैक्टीरिया मूत्राशय में पहुंच कर संक्रमण फैलाते हैं। धनिया की पत्तियों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया के विरुद्ध लड़ते हैं और मूत्रपथ यानी UTI के संक्रमण से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही धनिया मूत्रवर्धक (Diuretic) प्रभाव भी छोड़ता है, जो मूत्र को बढ़ाने में मदद करता है। प्राकृतिक तौर पर मूत्र विसर्जन में सहायता करता है। 

12. दस्त में फायदेमंद (Beneficial in Diarrhea)- दस्त लगने पर हरे धनिये की पत्तियां चबाना फायदेमंद होता है। इसके लिये धनिया की कुछ पत्तियां लेकर चीनी के साथ चबायें और पानी पी लें। दस्त में जल्दी ही आराम लग जायेगा। 

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13. नकसीर बंद करे (Stop Nosebleeds)- कुछ लोगों को अचानक नाक से खून आने लगता है, विशेषकर गर्मी के मौसम में। इसे नकसीर कहा जाता है। फिर नल के नीचे सिर रख कर पानी चलाना पड़ता है। ऐसी स्थिती में कई हरा धनिया बहुत काम आता है। हरे धनिये की 20 ग्राम पत्तियों का रस निकाल कर इसमें चुटकी भर कपूर मिलाकर, छानकर नाक के दोनों नथुनों में दो, दो बूंद डाल दें। नकसीर तुरंत ही बंद हो जायेगी। 

14. प्यास की समस्या दूर करे (Remove Thirst Problem)- कई लोगों को बहुत ज्यादा प्यास लगती है और बार-बार लगती है। इसके लिये हरा धनिया के कुछ पत्ते चबाने या हरा धनिया के पत्तों का रस फल या सब्जियों के रस के साथ मिलाकर पीने से प्यास की समस्या में राहत मिल जाती है। 

15. पीरियड में फायदेमंद (Beneficial in Period)- पीरियड्स के दौरान महिलाओं के पेट और कमर में असहनीय दर्द होता है। पेट में दर्द के साथ ऐंठन भी होती है। धनिया का अर्क एंटीइंफ्लामेटरी (सूजन कम करने वाला) और दर्द कम करने वाला एनाल्जेसिक प्रभाव छोड़कर इस दौरान महिलाओं को राहत देने में मदद करता है। कई अध्ययन बताते हैं कि धनिया में दर्द को कम करने वाला Sedative और मांसपेशियों को आराम देने वाला प्रभाव Muscle Relaxant Effects होता है।

पीरियड्स के दौरान वैसे तो महिलाओं को 6 से 7 ग्राम धनिया के बीजों को पानी में उबालकर पीना चाहिये, इससे अनियमित मासिक धर्म और दर्द आदि से राहत मिल जाती है और रक्तश्राव भी नियंत्रित रहता है। परन्तु विकल्प स्वरूप हरा धनिया का भी सेवन किया जाये तो यह भी फायदेमंद रहता है। इस दौरान हरा धनिया की कुछ पत्तियां चबाने से भी राहत मिलेगी। इससे आयरन की कमी पूरी होगी और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहेगी। 

हरा धनिया की पत्तियों से नुकसान Harm from Green Coriander Leaves

दोस्तो, धनिया की पत्तियों से कोई नुकसान नहीं है क्योंकि यह कोई स्वादिष्ट वस्तु नहीं है जो ज्यादा खा लेगा। हां, किसी-किसी को एलर्जी जरूर हो सकती है। कुछ निम्नलिखित नुकसान देखे जा सकते हैं

1. चूंकि धनिया फोटोसेंसेटिव होता है, इसलिए कुछ लोगों को त्वचा सनबर्न, खुजली, दाने आदि की शिकायत हो सकती है।

2. चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण प्रकट हो सकते हैं और एलर्जी भी हो सकती है।

3. तासीर ठंडी होने के कारण, इससे रक्तचाप भी कम हो सकता है। 

4. अधिक मात्रा में खाने से इसका मादक प्रभाव पड़ सकता है।

5. अधिक मात्रा लिवर के लिये हानिकारक हो सकती है। 

6. डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को धनिया खाने की सलाह नहीं देते क्योंकि इससे रिप्रोडेक्टिव सिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और भ्रूण के लिये भी नुकसानदायक हो सकता है। यद्यपि इस पर शोध बाकी है। 

Conclusion  

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको हरा धनिया खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। धनिया क्या है, हरा धनिया क्या है, धनिया कहां पाया जाता है, धनिया के प्रकार, हरा धनिया के गुण, हरा धनिया का उपयोग और हरा धनिया खाने की मात्रा, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से हरा धनिया खाने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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हरा धनिया खाने के फायदे
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको हरा धनिया खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। धनिया क्या है, हरा धनिया क्या है, धनिया कहां पाया जाता है, धनिया के प्रकार, हरा धनिया के गुण, हरा धनिया का उपयोग और हरा धनिया खाने की मात्रा, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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