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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, छोटी-छोटी सामान्य बीमारियां तो लगी रहती हैं जैसे, बुखार, जुकाम, खांसी, पेट दर्द, पेट में गैस आदि लेकिन जब कोई गंभीर और घातक बड़ी बीमारी आती है, या अचानक हार्ट अटैक या सड़क दुर्घटना के मामलों में तुरन्त अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। ऐसी स्थिति के लिये कोई भी पहले से तैयार नहीं होता। बीमारी कभी कह कर नहीं आती और ना ही इसके बारे में कोई पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। जब निजी अस्पताल जाते हैं तो एक बड़ी रकम जमा करने के लिये कहा जाता है। उस समय हाथ पैर फूल जाते हैं क्योंकि आम आदमी के पास इतने पैसे नहीं होते हैं। वह पड़ोसियों और रिश्तेदारों से अनुनय विनय करता है और जैसे तैसे वह बड़ी रकम जमा कर देता है। सिलसिला यहीं नहीं थमता, फाइनल बिल जमा कराने की समस्या फिर उसके सामने होती है। जरा सोचिये, ऐसी स्थिति में यदि कोई और बिल जमा करने की जिम्मेदारी ले ले तो। तो ऐसी समस्याऐं ही खत्म हो जायेंगी, हां इसके बदले में आपको कुछ बहुत थोड़ी सी रकम हर महीने या तीन महीने, छः महीने या साल में एक बार देनी होती है। जी हां हम बात कर रहे हैं एक ऐसी ही स्कीम की जो इमरजेंसी में आपका साथ दे और इस स्कीम का नाम है हेल्थ इंश्योरेंस। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “हेल्थ इंश्योरेंस क्या है”। देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में विस्तृत जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे क्या हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस क्या है और यह क्यों जरूरी है। इसके बाद फिर बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। 

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हेल्थ इंश्योरेंस क्या है?
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हेल्थ इंश्योरेंस क्या है? What is Health Insurance?

हेल्थ इंश्योरेंस जिसे मेडिकल बीमा या केवल मेडिक्लेम भी कहते हैं बीमा कंपनी और बीमा लेने को इच्छुक व्यक्ति के बीच एक लिखित अनुबंध (Contract) होता है जिसमें बहुत सारे नियम और शर्तें लिखे होते हैं। इन नियम और शर्तों को इच्छुक व्यक्ति को मानना होता है और अपने हस्ताक्षर करके सहमति देनी होती है। इच्छुक व्यक्ति को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय यह सुनिश्चित करना होता है कि वह कितने वर्ष के लिये और कितनी रकम का स्वास्थ बीमा करवाना चाहता है। इसके लिये एक निश्चित राशि (प्रीमियम) का मासिक, त्रेमासिक, छमाही या सालाना (अनुबंध के आधार पर) भुगतान करना होता है। यह अनुबंध बीमा कंपनी द्वारा इच्छुक व्यक्ति को, महंगे इलाज और सर्जरी पर होने वाले अप्रत्याशित खर्च के विरुद्ध, सुरक्षा प्रदान करता है अर्थात् इलाज पर जो भी खर्चा आयेगा, उसका भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जायेगा।  हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की भाषा में, एक व्यक्ति का इलाज करने से संबंधित सभी यानी क्लिनिक, अस्पताल, डॉक्टर, पेरामेडिकल स्टाफ, लेबोरेटरी, हेल्थकेयर प्रैक्टिशनर या फार्मेसी को “प्रदाता” (प्रोवाइडर) कहा जाता है और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति को “बीमित” (इंश्योर्ड) कहा जाता है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कवरेज के प्रकार के अनुसार, या तो बीमित व्यक्ति इलाज के समय पहले इलाज के खर्च का भुगतान अपनी जेब कर देता है जोकि बाद में बीमा प्रदाता द्वारा रिइंबर्स कर दिया जाता है या फिर बीमा प्रदाता (Insurance Provider) सीधे सेवा प्रदाता (Service Provider) को इलाज खर्च का भुगतान करता है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी 18 वर्ष या इससे अधिक की आयु वाला व्यक्ति ले सकता है। 

हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है? Why is Health Insurance Necessary?

1. हेल्थ इंश्योरेंस की रचना इसलिये की गई है ताकि कोई पैसों के अभाव में इलाज से महरूम ना रहे। इंश्योरेंस की प्रीमियम राशि कम जमा होने पर भी व्यक्ति को समुचित और पूरा इलाज मिल सके।  

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2. हर कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से इतना संपन्न नहीं होता कि वह मंहगे से मंहगा इलाज करवा सके। लाखों रुपये का खर्च उठा सके।

3. निम्न वर्ग और मध्यम वर्ग के लोग हर महीने या तीन महीने या छः महीने में कुछ ना कुछ थोड़ी-थोड़ी बचत करके हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम आसानी से दे सकते हैं और अपने व अपने बच्चों के स्वास्थ को हेल्थ इंश्योरेंस के माध्यम से सुरक्षित कर सकते हैं। 

4. हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर किसी और से पड़ोसी या रिश्तेदारों से मदद के लिये मुंह नहीं ताकना पड़ता।

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5. एकदम से भारी भरकम रकम जुटाना असंभव हो जाता है।

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6. कर्ज लेकर इलाज कराने के बाद, कर्ज चुकाना परिवार के लिये बोझ बन जाता है।

7. अक्सर देखा गया है कि बिना हेल्थ इंश्योरेंस वाले व्यक्ति को मिलने वाली मेडिकल केयर, इंश्योर्ड व्यक्ति की तुलना में कम होती है।

हेल्थ इंश्योरेंस किन के लिये जरूरी नहीं है? Why is Health Insurance not Necessary?

1. यदि किसी के पास पहले से ही कर्मचारी लाभ पैकेज के द्वारा मेडिकल इंश्योरेंस है तो उसे अलग से निजी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं है। 

2. यदि किसी के ऊपर कोई कर्जा है विशेषकर बड़ा कर्ज जैसे मकान, कार या अन्य सामान की किश्त चुकाते हैं और कोई बचत भी नहीं है या आय का कोई अन्य साधन भी नहीं है तो, उसे प्राइवेट कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लेना चाहिये। उसे सरकारी स्वास्थ योजनाओं का लाभ उठाना चाहिये। 

3. जिसकी बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति है या गरीबी रेखा से नीचे है तो उसे भी प्राइवेट कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस से बचना चाहिये। ऐसे लोग भारत सरकार की योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उठा सकते हैं। 

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कहां से लें? Where to Get a Health Insurance Policy?

दोस्तो, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी निम्नलिखित दो जगह से ली जा सकती है

1. प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां (Private Health Insurance Companies)- प्राइवेट कंपनियों द्वारा हेल्थ इंश्योरेंस दो तरीके से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी दी जाती है। एक तो इलाज के लिये अस्पताल में होने वाले खर्च को कवरेज देती है और दूसरी, कभी-कभी के सहायक उपचार को कवर करती है जैसे डेंटल हेल्थ और फिजियोथेरेपी आदि। ज्यादातर, प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां दोनों को ही कवर करती हैं।  

2. सार्वजनिक या सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस (Public or Government Health Insurance)- केंद्र सरकार या राज्य सरकार इस प्रकार के इंश्योरेंस पॉलिसी में आपके प्रीमियम में कुछ हिस्से का भुगतान करती हैं अथवा इंश्योरेंस प्रोवाइडर को भुगतान ना करके उसके बदले सब्सिडी देती हैं जिससे कि बहुत ही सस्ती दर पर इलाज मिल जाता है। 

हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल होता है? What is Included in Health Insurance?

सामान्यतः हेल्थ इंश्योरेंस में निम्नलिखित सुविधाऐं शामिल होती हैं  

1. ओपीडी सुविधा (OPD Facility)- इसके अंतर्गत ओपीडी रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर से परामर्श, सुझाये गये लेब टैस्ट आदि के लिये कोई भुगतान नहीं करना होता।

2. कोविड-19 (COVID-19)- कोरोना महामारी आने के बाद पूरे विश्व में जिस तरह इसने कहर ढाया है उसे देखते हुऐ लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर ने कोरोना के उपचार को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर किया है

3. अस्पताल में भर्ती होना (Hospitalization)- किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण अस्पताल में यदि 24 घंटे से ज्यादा भरती रहना पड़े तो कोई भुगतान नहीं करना होता। सारा खर्च हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर होता है।

4. अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद की स्थिति (Before and After Hospitalization)- किसी बीमारी के उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले और 60 दिन बाद का सारा खर्च इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर होता है।

5. आईसीयू सुविधा (ICU facility)- सर्जरी वाले मामलों में सर्जरी के बाद आईसीयू में शिफ्ट किया जाता है जहां मरीज के स्वास्थ को मोनिटर किया जाता है। यह सुविधा भी बिना किसी सीमा के इंश्योरेंस पॉलिसी कवर करती है।

6. एंबुलेंस सेवा (Ambulance Service)- मरीज को घर से अस्पताल लाने के लिये एंबुलेंस सेवा भी पॉलिसी कवर होती है।

7. डोमिसिलिअरी हॉस्पिटलाइजेशन (Domiciliary Hospitalization)- कुछ हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर कुछ नियम और शर्तों के साथ घर पर ही उपचार की सुविधा प्रदान करते हैं। 

8. ऑर्गन डोनर कवरेज (Organ Donor Coverage)- यदि कोई व्यक्ति जिसने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रखी है, वह किसी को अपना अंगदान करना चाहता है तो इसका सारा खर्च इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर होता है।

9. एनुअल हेल्थ चेकअप (Annual Health Checkup)- साल में एक बार हैल्थ चैकअप की सुविधा इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत मिलती है।

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10. ऑटोमैटिक रिचार्ज (Automatic Recharge)- यदि इलाज के समय अस्पताल का खर्च हेल्थ इंश्योरेंस से अधिक हो जाता है तो उस स्थिति में पॉलिसी ऑटोमैटिक रिचार्ज हो जायेगी। इसके लिये परेशान होने की जरूरत नहीं है। 

हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल नहीं होता? What is not Covered in Health Insurance?

हेल्थ इंश्योरेंस में निम्नलिखित उपचार सुविधाऐं शामिल नहीं होतीं  

1. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आरंभ होने की तारीख से 30 दिन तक बीमारियों के लिये होने वाले टैस्ट, इलाज और सर्जरी। 

2. पूर्व या जन्मजात बीमारियों का उपचार

3. पूर्व और वर्तमान चिकित्सा स्थितियां।

4. अंग प्रत्यारोपण

5. सामान्य गर्भावस्था और प्रसव के लिये खर्च

6. आईवीएफ़ या बांझपन के उपचार का खर्च

7. गर्भपात या गर्भपात के परिणाम के कारण उत्पन्न हुई स्थितियों के उपचार का खर्च।

8. यद्ध, दंगे, धरना, प्रदर्शन, हड़ताल, विस्फोट, परमाणु हथियारों के प्रकोप आदि के कारण अस्पताल में भर्ती होना। 

9. खतरनाक खेल के कारण लगने वाली चोटें, स्टंट में लगने वाली चोटें। 

10. आत्महत्या के लिये खुद को घायल करना, लगने वाली चोटें।

11. एचआईवी या एड्स से संबंधित बीमारियां।

12. शुगर, मिर्गी, हिस्टीरिया, हाई बीपी और संबंधित बीमारियां।

13. शराब, ड्रग्स और नशीली दवाओं के कारण होने वाले रोग।

14. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आरंभ होने की तारीख से 48 महीने तक पहले से उपस्थित होने वाली बीमारियां।

15. कॉस्मेटिक सर्जरी। 

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसे लें? How to Get a Health Insurance Policy?

दोस्तो, हेल्थ इंश्योरेंस चुनते/लेते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें

1. प्रीमियम (Premium)- सबसे पहले आप अपनी आयु, अपने पर आश्रित परिवार के सदस्यों की संख्या और जीवन स्तर को देखते हुऐ अपनी आय के साधन, आय, आय बढ़ने की संभावनाऐं और व्यय, कोई कर्ज या मकान, वाहन आदि की ईएमआई के भुगतान आदि का आकलन कीजिये कि आप कितना प्रीमियम आसानी दे सकते हैं ताकि आप पर वित्तिय बोझ ना पड़े क्योंकि वित्तिय बोझ का प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ेगा। 

2. कवरेज (Coverage)- आमतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां अपने प्लान में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कैंसर, एड्स, किडनी फेल्योर, अंग प्रत्यारोपण आदि को शामिल नहीं करते। क्योंकि ये गंभीर बीमारी की श्रेणी में आती हैं और इनके खर्च का पैसा रिइंबर्स किया जाता है।  इसलिये यह जरूरी हो जाता है ऐसा प्लान देखा जाये जो ज्यादा से ज्यादा कवरेज दे। 

3 . व्यक्तिगत कवर या पारिवारिक कवरेज (Individual Cover or Family Coverage)- आपको यह भी निर्णय लेना होगा कि केवल अपने व्यक्तिगत कवरेज वाला प्लान चाहते हैं या पारिवारिक। पारिवारिक कवरेज वाले प्लान व्यक्तिगत कवर वाले प्लान से सस्ता पड़ जायेगा। हां यदि किसी सदस्य की आयु 50 वर्ष से अधिक है और वह स्वास्थ संबंधित समस्याओं से परेशान है तो उसके लिये व्यक्तिगत कवर वाला प्लान ही उचित होगा।

4. प्रतीक्षा समय (Wait Time)- आमतौर पर पहले से हुई बीमारियों में प्रतीक्षा समय 48 महीने का होता है। इसलिये ऐसा प्लान चयन करें जिसमें यह प्रतीक्षा समय 48 महीने से कम हो। कुछ हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां इस समय को 24 महीने तक कर सकती हैं। यदि आप अपने प्लान को अपग्रेड करना चाह रहे हैं, तो लाभ के लिये दावा करने से पहले एक निश्चित प्रतीक्षा अवधि तक की प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। प्रतीक्षा अवधि के बीच कुछ उपचारों के लिए कोई लाभ नहीं मिल पायेगा।

5. कैशलेस अस्पताल में भर्ती (Cashless Hospitalization)- ऐसी कंपनी का चयन करें जो आपके आसपास कैशलैस अस्पताल में भर्ती होने की सुविधा मुहैया कराये। अन्यथा पहले आप अपनी जेब से भुगतान करोगे फिर रिइंबर्स के लिये क्लेम डालोगे।

6. पॉलिसी के शब्दों को समझना (Understanding the Wording of the Policy)- पॉलिसी में कई शब्द बहुत जटिल होते हैं। इसलिये यह जरूरी हो जाता है कि पॉलिसी के शब्दों को अच्छी तरह समझें और समीक्षा करें। इसके लिये आप बीमा ब्रोकर या एजेंट से मदद ले सकते हैं। 

7. पॉलिसी लेने में बहुत देर न करें (Don’t take too Long to Get a Policy)- जब आप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का मन बना लेते हैं तो खरीदने में ज्यादा देर करना उचित नहीं है क्योंकि हो सकता है आप आयु वर्ग को पार कर चुके हों तो जो लाभ मिलने वाले थे तब ना मिलें।

कुछ सरकारी और निजी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम   Some Government and Private Health Insurance Schemes

अब बताते हैं आपको कुछ सरकारी और निजी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के नाम जो निम्नलिखित  हैं

सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं  

1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज देने के लिये  भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा यह योजना चलाई गई।

2. एम्प्लॉयमेंट स्टेट इंश्योरेंस स्कीम 10 या उससे अधिक कर्मचारियों के साथ चलने वाले कारखानों फैक्ट्रीज में काम करने वाले कर्मचारियों और कुछ राज्यों में निजी शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त कुछ अन्य प्रतिष्ठानों (दुकानें, होटल, रेस्तरां, सिनेमाघर, समाचार पत्र, आदि) जो 20 या उससे अधिक लोगों को रोजगार देते हैं, को लाभ देने के लिये यह योजना लागू होती है

3. सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यह योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को लाभ देने के लिये है।  

4. आम आदमी बीमा योजना यह योजना आम आदमी बीमा योजना, ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिये 2 अक्टूबर, 2007 को लागू की गई थी। परिवार के मुखिया या इस तरह के घर के परिवार में एक कमाई करने वाला सदस्य इस योजना के अंतर्गत है।

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5. यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम चार सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियां गरीब परिवारों को मिलने वाली स्वास्थ्य देखभाल के स्तर में सुधार करने के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना चला रही हैं। 

निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं  

1. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस

2. केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड

3. स्टार हेल्थ इंश्योरेंस

4. आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस कं।लि।

5. कोटक महेन्द्रा जनरल इंश्योरेंस कं।लि।

6. नेशनल इंश्योरेंस कं।लि।

7. एचडीएफ़सी ईआरजीऔ जनरल इंश्योरेंस कं।लि।

8. आईसीआईसीआई लंबोर्ड जनरल इंश्योरेंस कं।लि।

9. बजाज एलायेंस जनरल इंश्योरेंस कं।लि।

10. लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस लि।

हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे Benefits of Health Insurance

हेल्थ इंश्योरेंस के होते हैं निम्नलिखित फायदे

1. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप बीमार होने पर, इलाज के लिये सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाने से बच जाते हैं वहां की प्रतीक्षा सूची से भी।

2. हेल्थ इंश्योरेंस केवल इलाज ही नहीं और भी बहुत कुछ कवर होता है जैसे ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने, लैब टैस्ट, अस्पताल में भर्ती होना, सर्जरी, आपातकाल में देखभाल का खर्च आदि।  

3. निजी  हेल्थ इंश्योरेंस आपको बहुत ज्यादा महत्त्व देता है। आप अपनी पसंद की स्वास्थ्य देखभाल सेवा, पसंद के डॉक्टर का विकल्प चुन सकते हैं। 

4. निजी  हेल्थ इंश्योरेंस में इलाज सहित कमरा, डॉक्टर या सर्जन की फीस आदि सब कुछ शामिल होता है।  

5. वित्तिय दृष्टि से आप एकदम निश्चिंत रहते हैं। 

6. महामारी कोविड-19 के इलाज कवर होता है।

7. भारत के आयकर अधिनियम 80D के अंतर्गत  आयकर में एक लाख रुपये तक की छूट मिल जाती है। 

Conclusion  

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको हेल्थ इंश्योरेंस क्या है? के बारे में विस्तार से जानकारी दी। के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हेल्थ इंश्योरेंस क्या है, हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है, हेल्थ इंश्योरेंस किन के लिये जरूरी नहीं है, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कहां से लें, हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल होता है, हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल नहीं होता, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसे लें और कुछ सरकारी और निजी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको हेल्थ इंश्योरेंस क्या है? के बारे में विस्तार से जानकारी दी। के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हेल्थ इंश्योरेंस क्या है, हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है, हेल्थ इंश्योरेंस किन के लिये जरूरी नहीं है, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कहां से लें, हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल होता है, हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल नहीं होता, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसे लें और कुछ सरकारी और निजी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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