दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, प्रकृति ने सभी जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को एक ऐसा कवच दिया है जो इनकी रक्षा करता है। प्रकृति के इस उपहार को “रक्षा कवच” कहा जाये तो बहुत उचित होगा। यह रक्षा कवच मानव को भी मिला है परन्तु यह तभी रक्षा करने में सक्षम होता है जब पहले आप इसकी कद्र करते हों, इसका ध्यान रखते हों, इसको बनाये रखते हों। जी हां, हम बात कर रहे हैं प्रतिरक्षा प्रणाली की जिसे अंग्रेजी भाषा और आम बोलचाल की भाषा में इम्यूनिटी सिस्टम (Immunity system) कहा जाता है। यही इम्यूनिटी सिस्टम हमें अनेक संक्रमणों और रोगों से बचाता है। यह इम्यूनिटी सिस्टम जितना मजबूत होगा उतना ही हमारा शरीर संक्रमणों और रोगों से प्रतिरक्षित रहेगा। हमने आपको इस आर्टिकल में नीचे इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। 

दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के उपाय । देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आपको इम्यूनिटी सिस्टम के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इम्यूनिटी सिस्टम को कैसे बढ़ा कर मजबूत किया जाये  ताकि हम रोगों से सुरक्षित रह सकें। दोस्तो, सबसे पहले जानते हैं इम्यूनिटी के बारे में कि इम्युनिटी क्या होती है?

इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के उपाय

इम्यूनिटी क्या होती है? – What is Immunity

दोस्तो, इम्यूनिटी कोई शरीर के बाहर का या अन्दर का अंग नहीं है और ना ही एक इकाई है अपितु यह नेटवर्क सिस्टम है जो बना है कोशिकाओं (Cells), ऊतकों (Tissues) और अंगों (Organs) से मिलकर। यह नेटवर्क रोगाणुओं और ट्यूमर सेल्स को पहचान कर उनको नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर खत्म कर देता है। इतना ही नहीं यह नेटवर्क सिस्टम प्रत्येक कीटाणु और रोगाणु जिसे उसने खत्म किया है उसका लेखा-जोखा भी रखता है ताकि भविष्य में इसी प्रकार के कीटाणु और रोगाणु के शरीर में प्रवेश करने से पहले ही उसे तुरंत खत्म कर दिया जाये। हमारा इम्यूनिटी सिस्टम जितना मजबूत होगा हम बीमारियों से उतने ही सुरक्षित होंगे। 

एक तथ्य – A fact

दोस्तो, सबसे पहले इम्यूनिटी के विषय में रूसी वैज्ञानिक द्वितीय  मेनिकिकोव और फ्रांस के सूक्ष्म जीवविज्ञानी लुई पाश्चर ने बताया था। शुरू में पहले इसे केवल इन्फेक्शन या संक्रामक रोगों के लिये जीव की इम्यूनिटी के रूप में माना जाता था। लेकिन बाद में यह पता चला की ये शरीर को प्रकार के रोगों से लड़ने की ताकत देती है और रोगों से लड़ने के लिये शरीर के सेल्स में भी बदलाव कर देती है।

शरीर का तापमान – Body Temperature

देसी हेल्थ क्लब यहां स्पष्ट करता है कि इम्यूनिटी सिस्टम की मजबूती बनाये रखने के लिये हमारे शरीर का तापमान 36.3° सेल्सियस से नीचे नहीं रहना चाहिए, क्योंकि सर्दी के वायरस 33° पर सर्वाइव करते हैं।

इम्यूनिटी के प्रकार – Types of Immunity

1. जन्मजात प्रतिरक्षा (Innate Immunity) – यह प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को सही ढंग से चलाएं रखने के लिये पहले से ही विद्यमान होती है। यह जन्म के पहले दिन से ही काम करने लगती है। यह जन्मजात इम्यून सिस्टम खतरनाक बाहरी आक्रमणकारी कीटाणुओं को पहचान कर लेता है। शिशु की त्वचा कीटाणुओं को शरीर में जाने से रोक देती है।  फगोसिटिक और लिम्फोसाइट्स जैसी कोशिकाएं जन्मजात प्रतिरक्षा की मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह जन्मजात इम्यूनिटी मानव को अनेक प्रकार के रोगों से रक्षा करती है। यद्यपि यह दीर्घकालीन नहीं होती परन्तु अनुकूलित प्रतिरक्षा (Adaptive Immunity) के विकास के लिये, जन्मजात प्रतिरक्षा अपना तीव्र प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का मजबूत प्रभाव डालती है। (For the development of Adaptive Immunity, Innate immunity exerts a strong influence on its rapid immune responses)।

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2. अनुकूलीय प्रतिरक्षा (Adaptive Immunity) – इस अनुकूलित प्रतिरक्षा को हम अपने रहन-सहन, खान पान के माध्यम से प्राप्त करते हैं और इसे मजबूत बनाते हैं। यह जीवन पर्यन्त विकसित होती रहती है और इसके विकास में जन्मजात प्रतिरक्षा (Innate Immunity) मदद करती है। अनुकूली प्रतिरक्षा हमारे शरीर को बीमारियों से बचाती है। किसी संक्रमण या किसी पैथोजन्स (रोगजनक) के संपर्क में आने पर टीकाकरण के माध्यम से इस इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं जो हमें विशेष बीमारियों से बचाती है। अनुकूलीय प्रतिरक्षा को मजबूत बनाये रखना चाहिये। 

3. निष्क्रिय प्रतिरक्षा (Passive or Inactive) – इस प्रकार की इम्यूनिटी किसी अन्य माध्यम के स्रोत पर निर्भर करती है जो एंटीबॉडी बनाते हैं। इसके श्रोत में हम टीकाकरण को भी मान सकते हैं जिनसे विशेष प्रकार के एंटीबॉडी बनते हैं और प्रतिरक्षा सक्रिय होकर अपना काम करना शुरु कर देती है। इस प्रकार की इम्यूनिटी का सबसे उत्तम उदाहरण नवजात शिशु है। उसकी अपनी इम्यूनिटी अस्थाई रूप में बनती है मां के दूध में मौजूद एंटीबॉडी के माध्यम से। मां के दूध के एंटीबॉडी बच्चे को उन बीमारियों से बचाते हैं जिनसे मां पहले बीमार पड़ चुकी होती है। बच्चे की अपनी जन्मजात इम्यूनिटी को विकसित होने में 9 महीने का समय लगता है। जन्म लेने से पहले बच्चे को गर्भ में प्लेसेंटा के माध्यम से, मां से एंटीबॉडी मिलती रहती हैं।

इम्यूनिटी कम होने के कारण – Cause to Lack of Immunity

दोस्तो, हमारे शरीर में इम्यूनिटी कम हो जाने के अनेक कारण हो सकते हैं जो निम्न प्रकार हैं :-

1. नींद (Sleep)- नींद का पूरा ना हो पाना इम्यूनिटी सिस्टम के कमजोर हो जाने का बहुत बड़ा कारण है। सोते समय भी इम्यूनिटी सिस्टम अपना काम आसानी से करता रहता है। आपके ठीक से ना सो पाने या नींद के पूरी ना होने कारण रात को इसके काम में बाधा पड़ती है जिससे यह सिस्टम के कमजोर होने लगता है।

2. तनाव (Tension)- तनाव भी सिस्टम के कमजोर हो जाने का मुख्य  कारण होता है। सिरदर्द, बेचैनी, चिंता आदि से आप सामान्य नहीं रह पाते। ऐसी स्थिति में इम्यूनिटी सिस्टम सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता उसे अधिक मेहनत करनी पड़ती है। लगातार यह स्थिति बनी रहे इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है।

3. व्यायाम (Exercise)- व्यायाम ना करना इम्यूनिटी पर असर डालता है। हम यदि कुछ समय अपने शरीर के लिये देंगे तो शरीर की कार्य प्रणाली हमारा अच्छे से साथ देगी। यह जरूरी नहीं कि भारी भरकम एक्सरसाइज ही की जाए, हल्की फुल्की एक्सरसाइज या सुबह की सैर (Morning walk) भी काफी है।  एक्सरसाइज करने से न्यूट्रोफिल्स को अपना काम करने में मदद मिलती है। न्यूट्रोफिल्स सेल्स अनचाहे और खतरनाक सूक्ष्म जीवों को खत्म करने का काम करते हैं। 

4. अनुचित खानपान (Improper Eating)- खानपान इम्यूनिटी सिस्टम का आधार है। भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती जीवन शैली में हम यह भूल जाते हैं कि हमारा भोजन कैसा हो। खानपान का प्रभाव हमारे शरीर, शरीर की कार्यप्रणाली और मस्तिष्क पर पड़ता है। भोजन में पोषक तत्व, विटामिन, खनिज की कमी से इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाती है। 

5. नशीले पदार्थ(Narcotics) – नशीले पदार्थों के सेवन को किसी भी प्रकार से उचित नहीं कहा जा सकता। शराब का अधिक सेवन करना, ड्रग्स लेना, धूम्रपान, गुटखा, खैनी या तम्बाकू का किसी अन्य रूप में लेना, अपनी इम्यूनिटी सिस्टम को कमजोर करना है। इसमें किसी को कोई संशय नहीं होना चाहिए। 

6. अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant)- यदि कोई अंग प्रत्यारोपित करना पड़ता है तो उस प्रत्यारोपित अंग active करने के लिए कुछ दवाएं दी जाती हैं ताकि वह सुचारू रूप से कार्य कर सके। इन दवाओं के प्रभाव से भी अस्थाई तौर पर इम्यूनिटी सिस्टम को कमजोर हो जाता है। 

7. विशेष थेरेपी या अन्य दवाएं (Special Therapy or Other Medications)- कीमोथेरेपी जो कैंसर के लिये की जाती है उसके प्रभाव और कुछ अन्य दवाओं  का कुप्रभाव भी इम्यूनिटी सिस्टम पर पड़ता है।

8. जन्मजात कमजोर सिस्टम (Congenital Weak System)- यदि जन्म से ही किसी की इम्यूनिटी कमजोर है तो उसकी इम्यूनिटी की क्षमता बहुत अधिक मजबूत होने की संभावना अधिकतम कम ही रहती है। परन्तु ऐसा हर किसी के साथ हो, ये जरूरी नहीं है। 

9. एचआईवी (HIV) – यह एक एंटीवायरस होता है जो एड्स (Acquired Immunodeficiency Syndrome – AIDS) का कारण होता है। इस अवस्था में व्यक्ति का इम्यूनिटी सिस्टम फेल हो जाता है।  

10. संक्रमण (Infection)- किसी भी प्रकार के संक्रमण के कारण के इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाना स्वाभाविक है। वर्तमान परिस्थितियों में “कोरोना वायरस” का संक्रमण सबसे बड़ा और ताजा उदाहरण है। कोरोना वायरस के संक्रमण में इम्यूनिटी सिस्टम बहुत तेजी से कम होने लगता है। 

इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण – Symptoms of Weakening of Immunity

1. जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना।

2. हर बार बदलते मौसम में बीमार होना।

3. पेट से जुड़ी समस्याऐं होना जैसे कब्ज रहना, या दस्त हो जाना, गैस बनना, पाचन-तंत्र का कमजोर पड़ना।

4. उल्टी या मिचली आना।

5. सर्दी, जुकाम होना, बार-बार छींक आना।

6. खांसी – सूखी या बलगम वाली।

7. खांसी के कारण सीने में जकड़न

8. सांस लेने में परेशानी होना।

9. सही से भूख ना लगना।

10. बुखार होना, बहुत थकावट महसूस करना।

11. शरीर में कपकपी होना।

12. सिर दर्द होना, तनाव और बेचैनी महसूस करना।

इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के उपाय – Ways to Increase Immunity System

दोस्तो, अब बताते हैं आपको इम्यूनिटी बढ़ाने के कुछ उपाय जो निम्न प्रकार हैं –

1. हल्दी (Turmeric)-  एंटीऑक्सीडेंट गुणों  से भरपूर हल्दी को इम्यूनिटी बूस्टर कहा जाता है। यह अनेकों बीमारियों से बचाती है, खून को साफ करती है। हल्दी में पाये जाने वाला करक्यूमिन (curcumin) नामक तत्व इम्यूनोमॉड्यूलेटर की तरह काम करके शरीर में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को बढ़ाता है। हल्दी एक, दो गांठ पानी में कुछ घंटों के लिए भिगो दें। इसे पीसकर पेस्ट बना लें और शहद मिलाकर हफ्ते में दो या तीन बार सेवन करें। 

2. हल्दी दूध (Turmeric Milk)- इसे “गोल्डन मिल्क” भी कहा जाता है। हल्दी के गुण हम पहले ही बता चुके हैं। दूध में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है जो हमारी हड्डियों को मजबूती देता है। यह गोल्डन मिल्क अद्भुत शक्तिशाली टॉनिक है जो शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ इम्यूनिटी पावर को भी बढ़ाता है। हल्दी वाले दूध में आप काली मिर्च, लौंग, इलायची और अदरक भी मिला सकते हैं। इन मसालों में  मौजूद फ्लैवोनॉइड इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करेंगे। 

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3. लहसुन (Garlic)- लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन-सी, बी6 और सेलेनियम और मैंगनीज़ जैसे खनिज भी होते हैं जो अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। लहसुन में एलिसिन (allicin) नामक तत्व भी होता है जो की शरीर को अनेक प्रकार के संक्रमण और बैक्टीरिया से बचाता है। लहसुन की दो, तीन कलियों को कुचलकर शहद के साथ सुबह, शाम सेवन करें। लहसुन इम्यूनोमॉड्यूलेटर के रूप में काम करते हुऐ इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

4. नींबू (Lemon) – नींबू विटामिन-सी का भरपूर स्रोत है। एक नींबू के रस में 88% विटामिन-सी होता है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। सुबह उठकर खाली पेट एक गिलास  गुनगुने पानी में आधा या एक नींबू (आपकी इच्छा और नींबू के साइज पर निर्भर करता है) निचोड़ कर पियें। आप चाहें तो इसमें आधा चम्मच शहद भी मिला सकते हैं।  इससे इम्यूनिटी बूस्ट होने के साथ-साथ आपका पेट भी सही रहेगा और वजन कम करने में भी मदद मिलेगी।

5. कमरख (Kamarkha)- कमरख इम्यूनिटी बूस्ट करने का बेहतरीन विकल्प है। इसमें 57% विटामिन-सी होता है जो एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हुए इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। ये गुण सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या को भी बढ़ाते हैं। कमरख में बीटा-कैरोटीन भी होता है। हमारा शरीर बीटा-कैरोटीन को विटामिन-ए में बदलता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करता है।

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6. आँवला (Amla)- आँवला को रोगों से बचाने वाला टॉनिक माना जाता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से, आँवला किसी ना किसी रूप में सेवन करना चाहिये। 100 ग्राम आंवले के रस में 921 मि.ग्रा। और गूदे में 720 मि.ग्रा।में विटामिन-सी होता है। आँवला में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों के प्रभाव को खत्म करते हैं और शरीर को डिटॉक्स करके विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और इम्यूनिटीको बढ़ाने का काम करते हैं। आधा कप गर्म पानी में बराबर का आँवला रस मिलाकर प्रतिदिन सुबह खाली पियें।

7. पपीता (Papaya)- इम्यूनिटी बढ़ाने का एक और अच्छा विकल्प है पपीता। इसमें दैनिक आवश्यकता का 200% से अधिक विटामिन-सी होता है जो सफ़ेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में काफी अहम भूमिका निभाता है। पपीता के एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन, विटामिन-ए और ई सभी मिलकर हमारे इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करते हैं। प्रतिदिन कुछ मात्रा में पपीता का सेवन करने से बीमार होने की संभावना कम हो जाती है। पपीता उन व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिनको सर्दी, खांसी, फ्लू आदि होते रहते हैं।

8. कीवी (Kiwi)- कीवी पोषक तत्वों, खनिज, विटामिन-सी की खान कहा जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उत्तम विकल्प। कीवी में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है जो शरीर की रोजाना की जरूरत को पूरा कर देता है। विटामिन-सी, टोटल एस्कॉर्बिक एसिड 92.7 मि.ग्रा। के लिये विटामिन-सी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कीवी में फाइबर, पॉलीफेनोल और कैरोनॉइड जैसे गुण भी पाये जाते हैं जो हमारी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। एक स्टडी बताती है कि कीवी के सेवन से इम्यूनिटी इतनी स्ट्रोंग हो जाती है कि सर्दी, फ्लू जैसी बीमारियां नहीं होती। बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु से अधिक बुजुर्गों इसका विशेष फायदा होता है। इसका छिलका उतारकर आप कभी भी खा सकते हैं। 

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9. संतरा (Orange)- खट्टा फल होने के कारण संतरा विटामिन-सी से भरपूर होता है। इसमें 69.7 मि.ग्रा। विटामिन-सी होता है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। विटामिन-सी, बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को भी  बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त संतरे में बहुत सारे पॉलीफेनॉल होते हैं जो वायरल संक्रमणों से रक्षा करते हैं। विटामिन-ए, फोलेट और कॉपर जैसे पोषक तत्व भी इम्यूनिटी बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। अतः एक गिलास संतरे का जूस या दो संतरे का सेवन इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिये कर सकते हैं। 

10. छाछ (Buttermilk)- छाछ प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है, जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है। प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद होते हैं।  छाछ लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया से भी परिपूर्ण होती है जो खाद्य पदार्थों में पाये जाने वाले हानिकारक विषाणुओं से लड़ता है और रोगों से बचाकर हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करता है।  एक गिलास छाछ भोजन के बाद दोपहर को पीना चाहिये। रात को छाछ या दही का सेवन हानिकारक माना गया है। 

11. ग्रीन टी(Green Tea)- इम्यूनिटी बूस्ट करने का ग्रीन टी एक अच्छा उपाय है। ग्रीन टी एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से सम्पन्न होती है जो इम्यूनिटी सिस्टम को ऑक्सीडेंट और मुक्त कणों से बचाकर रखती है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाती है। इसमें पाये जाने वाले पॉलीफेनोल हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिये सक्षम बनाते हैं। ये  इंफ्लमैशन को कम करते हैं और पाचन-तंत्र तथा  मस्तिष्क के क्रिया-कलाप को भी सुचारु रूप से काम करने में मदद करते हैं। पॉलीफेनोल माइक्रोन्यूट्रिएंट होते हैं जो हमें प्लांट बेस्ड फूड्स से मिलते हैं। ये उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। आप दिन में दो बार ग्रीन टी पी सकते हैं। आप चाहें तो ग्रीन टी में चीनी भी मिला सकते हैं। ग्रीन टी वजन कम करने में भी मदद करती है। 

12. शिमला मिर्च (Capsicum)- शिमला मिर्च ऐसी सब्जी है जिसमें अनेक जरूरी पोषक तत्वों के अतिरिक्त, विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं ।

100 ग्राम शिमला मिर्च में 127.7 मि.ग्रा। विटामिन-सी पाया जाता है। ये इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। शिमला मिर्च को आंखों और हृदय स्वास्थ्य के लिये अति उत्तम माना जाता है। बेहतर परिणाम के लिये इसे काटकर सब्जी बनानी चाहिए ना कि इसमें कुछ भरकर।

13. भोजन (Meal)- दोस्तो, हमारी इम्यूनिटी भोजन पर निर्भर करती है कि हम किस प्रकार का भोजन खाते हैं। मजबूत इम्यूनिटी के लिए यह बहुत जरूरी है कि हमारा भोजन, फल, सब्जियां पोषक तत्वों और विटामिन-सी, ए, ई आदि से भरपूर हो। अपने भोजन में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल करें ताकि इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत बने – 

(i)   अनाज – गेहूं, जौ, चना, चावल, मल्टी ग्रेन ब्रेड 

(ii)   सब्जियां – गाजर, पीले व लाल शिमला मिर्च, कद्दू, शकरकंद, ब्रोकोली, गोभी, पालक, शलजम का साग, सफेद आलू, टमाटर, मशरूम, सेम, मटर, अंकुरित फलियां।

(iii)  फल – नींबू, संतरा, कमरख, आँवला, आम, अनानास, अंगूर, कीवी, केला, पपीता, खुबानी, स्ट्रॉबेरी, रसभरी, ब्लूबेरी, खरबूज, तरबूज आदि।

(iv)  डेयरी उत्पाद – दूध, सोया दूध, पनीर, दही, छाछ।

(v)  मसाले – काली मिर्च, लाल मिर्च, लहसुन, हल्दी, अदरक, दालचीनी, इलायची, लौंग, मेथी दाना, तेजपत्ता आदि। 

(vi) ड्राई फ्रूट्स – पिस्ता, बादाम, चिलगोज़े, काजू, अखरोट, मूंगफली आदि।

(vii) वनस्पति तेल –  सरसों, सूरजमुखी, सोयाबीन, बादाम का तेल।

(viii) मांसाहार – लाल मांस, चिकन, अंडा, टूना मछली, झींगा, सीफ़ूड।

14. तनाव को दूर करें (Relieve Stress)- इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार करने के लिये 7-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। तनाल होने के कारण होर्मोंस स्रावित होते हैं वे भरपूर नींद लेने से कम हो जाते हैं और सारा तनाव भी कम हो जायेगा।  परिणाम स्वरूप इम्यूनिटी सिस्टम में निश्चित रूप से सुधार हो जायेगा। 

15. व्यायाम (Exercise)-  इम्यूनिटी सिस्टम में सुधारने के लिये जीवनशैली में बदलाव भी आवश्यक है। जैसे पूजा-पाठ के लिये आप समय निकालते हैं उसी प्रकार अपने शरीर के लिये भी समय निकाले। यह एक मजबूत इम्यूनिटी सिस्टम के लिये बेहद जरूरी है। व्यायाम से स्ट्रेस हार्मोन्स्, कोर्टिसोल के स्तर को कम किया जा सकता है। यह जरूरी नहीं है आप भारी भरकम, कठिन या अधिक परिश्रम वाली एक्सरसाइज़ करें, आप ये भी अपना सकते हैं, निश्चित रूप से इम्यूनिटी बढ़ेगी –  

(i) आधा घंटा पैदल तेज चलें। 

(ii) साइकिल चलायें या ट्रेकिंग करें। 

(iii) तैराकी।

(iv) एरोबिक्स या ज़ुम्बा

(v) डांस 

(vi) योगा।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के उपाय के विषय में विस्तृत जानकारी दी।  इम्युनिटी क्या होती है, कितने प्रकार की होती है, इसके कमजोर होने के क्या कारण होते हैं, शरीर में इम्यूनिटी कम हो जाये तो इसके क्या लक्षण होते हैं, इस बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस लेख के माध्यम से इम्यूनिटी बढ़ाने के बहुत सारे देसी उपाय भी बताये ताकि आपकी इम्यूनिटी मजबूत बने। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के उपाय के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इम्युनिटी क्या होती है, कितने प्रकार की होती है, इसके कमजोर होने के क्या कारण होते हैं।
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3 Comments

Shiv Kumar Kardam · April 30, 2021 at 8:42 am

Excellent Article

  • akash · May 1, 2021 at 4:07 am

    bahot hi achhi post likhe hai, sab kuchh bahot hi detail me bataya hai…

  • Purushottam Kumar · May 1, 2021 at 4:09 am

    very good post on Enhance Immunity..

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