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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आज हम बात करेंगे एक ऐसे गाढ़े पेस्ट के समान सौंदर्य प्रसाधन वस्तु की जो नारी के सोलह श्रृंगार में से एक है परन्तु इसका उपयोग पुरुष भी करते हैं। माताऐं इसका उपयोग शिशुओं और बच्चों के लिये भी करती हैं। भारतीय सभ्यता में प्राचीन काल से है इस सौंदर्य प्रसाधन वस्तु का उपयोग होता चला आया है। इसके बिना नारी का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। अविवाहित बालाऐं भी इसका उपयोग करती हैं। इसे घर में बनाना भी बहुत सरल है। यह केवल सौंदर्य प्रसाधन वस्तु ही नहीं है बल्कि इसमें औषधीय गुण भी सम्मलित होते हैं। हम बात कर रहे हैं काजल की जिसे लगाकर आंखों में चमक आ जाती है और नेत्र सौंदर्य निखर उठता है। लेकिन इसके साथ ही इसकी कई हानियां भी होती हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “काजल लगाने के फायदे और नुकसान”। देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको काजल के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि काजल लगाने के क्या फायदे होते हैं  और क्या नुकसान। तो, सबसे पहले जानते हैं कि काजल क्या होता है और इसे घर पर कैसे बनाया जा सकता है। इसके बाद फिर बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। 

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काजल लगाने के फायदे
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काजल क्या होता है? – What is Mascara?

काले रंग का ऐसा गाढ़ा मगर मुलायम पदार्थ जिसका निर्माण खाद्य तेल/घी और अन्य पदार्थों के जलने से बने कार्बन द्वारा, नेत्र सौंदर्य के लिये किया जाता है, काजल कहलाता है। नेत्र सौंदर्य के अतिरिक्त इसमें औषधीय गुण होने के कारण यह आंखों की थकावट दूर कर आंखों को आराम देने और सूरज की तेज किरणों से बचाने का काम भी करता है।  काजल को अंजन या कोहल भी कहा जाता है। 

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काजल बनाने के घरेलू तरीके – Homemade ways to Make Mascara

दोस्तो, घर पर काजल बनाना बहुत ही आसान है। इसके लिये आपको दो मिट्टी के दीये चाहियें (दोनों बड़े या एक बड़ा और एक छोटा), सरसों का तेल, बत्ती बनाने के लिये रुई, दो बड़े गिलास या ईंट। तो, जानते हैं काजल बनाने का तरीका जो निम्न प्रकार है –

1. सादा काजल (Plain Mascara)- घर के किसी कौने में (ताकि हवा ना लगे, और दीये की लौ स्थिर रहे), एक मिट्टी का दीया रख दें। दीये के बजाय आप कटोरी भी रख सकते हैं। दीये के समानान्तर दो ईंट खड़ी कर दें या दो बड़े गिलास उल्टे करके रख दें। रुई से मोटी और लंबी बत्ती बनाकर दीये में रख कर, दीये में सरसों का तेल भर दें। अब दीया जला दें और दो ईंटों के ऊपर दूसरे दीया या बड़ी प्लेट (प्लेट यदि कॉपर, चांदी या पीतल की हो तो बेहतर है) को उल्टा टिका दें ताकि जलते हुऐ दीये की लौ, ऊपर के दीये/प्लेट पर टकराये और उस पर कालिख जमती रहे। कुछ घंटों के बाद तेल खत्म होने पर दीया बुझ जायेगा। फिर ऊपर वाले दीये/प्लेट को किसी कपड़े से पकड़ कर (यह अभी गर्म होगा, इसलिये रात का समय बेहतर होता है क्योंकि सुबह तक सब ठंडा हो जायेगा।), सावधानी से उतार लें। अब साफ़ चम्मच या चाकू की मदद से जमा कार्बन (कालिख) को खुरच कर इकट्ठा कर लें। अब इस कार्बन में हल्का सा सरसों का तेल मिलाकर अच्छी तरह गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस बात का ध्यान रखें कि तेल इस हिसाब से मिलाया जाये ताकि पेस्ट ना पतला बने और ना बहुत ज्यादा गाढ़ा सख्त। इसे किसी डिब्बी में भर लें।  यह शुद्ध और सादा काजल तैयार हो गया। 

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2. अजवाइन काजल (Ajwain Mascara)- अजवाइन वाला काजल बनाने के लिये विधि यही है जो ऊपर बताई है, आपको केवल इतना करना है कि रुई की बत्ती बनाने से पहले रुई को चौड़ा करके इसमें लंबाई में अजवाइन रखनी है और बत्ती बना लेनी है। अब इस अजवाइन वाली बत्ती को तेल के दीये में रखकर दीया जला देना है। इससे अजवाइन वाला कार्बन बनेगा।

3. बादाम काजल (Almond Mascara)- बादाम काजल बनाने के दो तरीके हैं जो निम्न प्रकार हैं – 

(i)  दीये में तेल थोड़ा भरें, इसमें बत्ती घुमावदार तरीके से डालकर दें। अब इस पर दो बादाम इस तरह रखें का बत्ती जलने के साथ-साथ बादाम भी जलें यानी आग जब बादाम के पास पहुंचेगी तो बादाम अपने आप जलेगा। इसके  बाद की विधि सामान्य है जो ऊपर बताई है। 

(ii) दूसरा तरीका अजवाइन के जैसा ही है यानी बादाम को कूट कर रुई में भरना है और बत्ती बनाकर तेल के दीये में डालकर बत्ती जला देनी है। 

3. कपूर वाला काजल (Camphor Mascara)- दोस्तो, यहां देसी हैल्थ क्लब स्पष्ट करना चाहता है कि पूजा में प्रयोग करने वाला कपूर अलग होता है और काजल बनाने वाला कपूर अलग। यह बाजार में पंसारी की दुकान पर मिल जाता है। कपूर वाला काजल बनाने का तरीके निम्न प्रकार   हैं –

(i)  दीये में तेल थोड़ा भरें, इसमें बत्ती घुमावदार तरीके से डालकर दें। अब इस पर एक कपूर का टुकड़ा बत्ती पर रख दें। बत्ती जलने के साथ-साथ कपूर भी जलेगा। यहां हम बताना चाहेंगे कि तेल में पड़े होने के कारण कपूर धीरे-धीरे जलेगा ना कि एकदम से सारा जल जाये।   इसके बाद की विधि सामान्य है जो ऊपर बताई है। 

(ii) दूसरा तरीका है कि कपूर को पीस कर इसे रुई में भरना है और बत्ती बनाकर तेल के दीये में डालकर बत्ती जला देनी है। 

4. एलोवेरा जैल वाला काजल (Mascara with aloe vera gel)- इसे बनाने के लिये रात को दीये में सरसों के तेल के बजाय कैस्टर ऑयल भरकर जलायें  और दूसरे एलोवरा जैल को दीया/प्लेट पर अच्छे से लगायें और ऊपर टिका दें। इससे जैल का कार्बन जम जायेगा। सुबह इस कार्बन को को इकट्ठा कर कैस्टर ऑयल मिलाकर पेस्ट बना लें। आपका काजल तैयार है। 

5. नीम का काजल (Neem Mascara)- दोस्तो, याद रखिये कि नीम का काजल बनाने के लिये नीम की पत्तियां नहीं चाहियें। बल्कि निंबौलियां होनी चाहियें या नीम के ताजा फूलों वाली डंडियां चाहियें। काजल बनाने तरीका इस प्रकार   है –

(i)  नीम की निंबौलियों को कूटकर, रुई में भर कर बत्ती बना लें। बत्ती को सरसों के तेल वाले दीये में डालकर जला दें। फिर जो कार्बन बनेगा उसका विधिपूर्वक काजल बना लें।

(ii) नीम के ताजा फूलों की डंडियों के ऊपर रुई लपेटें। रुई लपेटने के लिये हाथों पर दूध लगाते रहना होगा अन्यथा रुई इनके ऊपर चिपकेगी नहीं। जब ये रुई डंडियों पर चिपक जाये। अब बत्तियां बनाने के लिये इनके ऊपर और रुई लगानी पड़ेगी वरना ये डंडियां बाहर निकल जायेंगी। बत्तियां बन जाने के बाद इनको तेल वाले दीये में डालकर जला दें। कार्बन जमा हो जाने पर काजल बना लें। 

6. फिटकरी वाला काजल (Alum Mascara)- फिटकरी वाला काजल बनाना भी बहुत आसान होता है। इसके लिये फिटकरी पीसकर, रुई को चौड़ा करके रुई में भर दीजिये। फिर बत्ती बनाकर तेल वाले दीये में डालकर जला दें। फिर कार्बन का काजल बना लें। 

7. वाटरप्रूफ़ काजल (Waterproof Mascara)- दोस्तो, वाटरप्रूफ़ काजल बनाने के लिये चाहिये कैस्टर ऑयल या गाय का घी, 6-7 बादाम,  5 कपूर, एक चम्मच अजवाइन और एलोवेरा।  बादाम, कपूर और अजवाइन को अच्छे से कूटकर बारीक कर लें। इस मिश्रण को रुई पर फैला लें और बत्ती बनायें और ऑयल या घी वाले दीये में डाल दें। फिर ताजा एलोवेरा को चौड़ाई में काटकर दीये या प्लेट पर अच्छी तरह लगा दें। दीये को जला दें। इस मिश्रण से बनी कालिख से काजल बना लें। 

काजल लगाने का तरीका – How to Apply Mascara

दोस्तो, परम्परागत घर के बने हुऐ काजल को लगाने का ट्रेंड अब नहीं है। अब ज्यादातर शिशुओं और छोटे बच्चों के लिये ही काजल का उपयोग होता है, बच्चा जब बड़ा होता है तो वह भी काजल को पसंद नहीं करता। शहर तो क्या गांवों में भी लोग काजल का इस्तेमाल नहीं करते, फैशनेबल काजल पेन्सिल का उपयोग किया जाता है जिसे लगाना बेहद आसान होता है। जहां तक पुरुषों की बात है तो, मुश्किल से 5 प्रतिशत ही काजल का उपयोग करते हैं। वैसे भी आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में इतना समय किसी के पास नहीं है कि काजल लगाये। हां, शादी, पार्टी आदि में ही सजना संवरना हो जाता है। सही तरीके से काजल लगाने में समय लगता है, यह तसल्ली में लगाया जाता है ना कि जल्दबाजी में तो, अब बताते हैं आपको काजल लगाने का सही तरीका इस प्रकार है –

1. सबसे पहले तो यह सुनिश्चित करें कि आपके हाथ के नाखून कटे हुऐ हों। और काजल लगाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोलें।  क्योंकि काजल उंगली से ही लगाना होता है। याद रखिये नाखून कई बार वैसे भी अपने को ही कहीं लग जाता है, फिर यदि आंख में लग जाये तो जख्म बना सकता है, और उंगली गंदी है तो आंखों में संक्रमण होने का खतरा रहता है। यहां देसी हैल्थ क्लब स्पष्ट करना चाहता है कि आज के समय में महिलाऐं नाखून काटने के बजाय बढ़ाना पसंद करती हैं और अब यही ट्रेंड चल रहा है, तो इनके लिये काजल पेन्सिल का उपयोग करना ही सुरक्षित है। पर अपवाद सब जगह, हर समय में मिलते हैं। आज भी बहुत लड़कियां ऐसी हैं जिनको बढ़े हुऐ नाखून बहुत बोझ लगते हैं। वे अपने नाखून काटती रहती हैं। ये परम्परागत काजल लगा सकती हैं। 

2. अपने चेहरे को फेस वाश या क्लींजर की मदद से साफ़ कर लें। आंखों के आसपास भी तौलिया से साफ़ कर लें। 

3. आंखों की पलकों या उसके आसपास की त्वचा तैलीय है तो इसकी चिपचिप यानी चिकनाई को हटाने के लिये फेस पाउडर का इस्तेमाल करें।

4. काजल लेकर आंख की अंदर की निचली रेखा पर काजल की हल्की परत लगायें। इसको गहरा रंग देने के लिये इसके ऊपर काजल का एक और सामान्य कोट लगायें। ऐसा करने से आंखों में काजल ज्यादा समय तक चलेगा और आपकी आंखें अट्रेक्टिव लगेंगी। मगर, याद रखिये, यदि आपकी आंखें छोटी हैं तो अंदर की रेखा के कोनों (Corners) पर काजल ना लगायें, केवल रेखा के बीच में ही काजल लगायें, वरना आंखें और छोटी लगेंगी। 

5. अब आपको काजल पेंसिल का उपयोग करना है। काजल पेंसिल से आंख के बाहरी तरफ से काजल लगाते हुऐ अंदर की तरफ ले जायें और उतना ही काजल लगायें जो आपकी आंखों पर जंचे। स्मजिंग ब्रश की सहायता से काजल को स्मज करें। 

6. अब आंखों की अपर वॉटरलाइन को और लैसेज को काजल पेंसल से लाइन कर दें। इससे आपकी पलकें घनी और आकर्षक लगेंगी। इसके लिये लिक्विड लाइनर का उपयोग ना करें तो बेहतर होगा। 

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7. आंखों की ऊपरी पलकों को सजाने के लिये आंख बंद करके बाहर के कोने से आंतरिक कोने तक एक सॉफ्ट लाइन खींच दें, छोटे-छोटे बनायें फिर अपनी चाहत के अनुसार इसे मोटा कर सकते हैं। आप कलर आईशैडो का भी प्रयोग कर सकते हैं। 

8. भौहों को घना लुक देने के लिये ब्रो पोमेड का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

अच्छे ब्रांड वाले काजल – Good Brand Mascara

दोस्तो, आपको बताते हैं कुछ निम्नलिखित अच्छे ब्रांड वाले काजल के नाम जो हमारे देश भारत में आसानी से उपलब्ध हैं – 

1. लक्मे अब्सल्यूट कोहल अल्टीमेट काजल (Lakme Absolute Kohl Ultimate Kajal) – यह स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ काजल है जो 16 घंटे तक चलता है। मॉइस्चराइजिंग सेरामाइड्स के साथ तैयार किया गया यह काजल अद्वितीय है जो पलकों नरम रखता है। यह आंखों को निखारने के लिये उत्तम है। 

2. लक्मे आइकॉनिक काजल Lakme Eyeconic Kajal) – लक्मे का यह एक और प्रोड्क्ट है जो काले रंग के अतिरिक्त चार अन्य शेड्स में भी मिलता है। यह स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है और कम्पनी इस काजल के बारे में 22 घंटे तक चलने का दावा करती है। यह काजल गहरा रंग देता है, शार्प करने की जरूरत नहीं। यह काजल त्वचा विशेषज्ञ द्वारा टैस्टेड है।

3. लॉरियल पेरिस काजल मैजिक (L’Oreal Paris Kajal Magic) – यह ऑलिव ऑयल, विटामिन-ई, डी, सी, मिनरल पिगमेंट, कोको, बटर युक्त होने के कारण आंखों के लिये सुरक्षित है। स्मूद क्रीमी टेक्सचर होने की वजह से एक ही बार में आसानी से लग जाता है। यह आंखों को बोल्ड और स्टनिंग लुक देता है। यह स्मज प्रूफ है, वॉटरप्रूफ़ है और 12 घंटे तक चल सकता है। भारत में उपलब्ध यह सबसे अच्छा काजल माना जाता है, लेकिन बहुत महंगा है। 

4. मेबेलिन न्यूयॉर्क कोलोस्सल काजल (Maybelline New York Colossal Kajal) – यह एक अच्छे काजल की श्रेणी में आता है और महंगा भी नहीं है। एलोवेरा, विटामिन-सी और ई से युक्त यह काजल आंखों को अच्छा मैट फिनिश देकर आंखों को सुन्दर और ड्रैमेटिक लुक देता है। यह भी स्मजप्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है और कम्पनी इस काजल के बारे में 24 घंटे तक चलने का दावा करती है। 

5. एले 18 ड्रामा काजल (Elle 18 Drama Kajal) – पेंसिल के आकार में मिलने वाला यह काजल आंखों को गहरा काला रंग देकर बोल्ड लुक देता है और सारा दिन फ्रैश रखता है। यह स्मजप्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है जो कि 12 घंटे तक चलता है और बिल्कुल भी नहीं फैलता। यह महंगा भी नहीं है।

6. प्लम नेचरस्टूडियो ऑल-डे-वियर कोहल काजल (Plum Natur Studio All-day-wear Kohl Kajal) – यह कैस्टर ऑयल, राइस ब्रान, विटामिन-ई गुणों से समृद्ध काजल-कम-पेंसिल, आंखों के लिए सुरक्षित है। आंखों पर हाइड्रेटिंग और पौष्टिक प्रभाव छोड़ता है। यह स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है। 12 घंटे तक चलता है। नेत्र विशेषज्ञ द्वारा टैस्ट किया हुआ है। कम्पनी प्लम का शार्पनर साथ देती है। गहरे रंग के लिये ज्यादा स्ट्रोक की जरूरत पड़ती है और महंगा भी है। 

7. फेसेस मैगनेट आईज़ काजल (Faces Magneteyes Kajal) – फेसेस कम्पनी द्वारा निर्मित विटामिन-ई, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर यह एक अच्छा काजल है जो आंखों को गहरा काला रंग देता है। कम्पनी इसके 24 घंटे तक चलने का दावा करती है। स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है, त्वचा विशेषज्ञ द्वारा टैस्टेड है। महंगा भी नहीं है। 

8. इबा हलाल केयर ऑल डे कोहल काजल (Iba halal care all day kohl kajal) – जोजोबा ऑयल से निर्मित यह एक सुपर ब्लैक कलर वाला काजल है जो एक ही स्ट्रोक से आपकी आंखों को गहरा काला रंग दे देता है। कंपनी के अनुसार इसमें किसी भी प्रकार का केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता। त्वचा विशेषज्ञों द्वारा टैस्टेड यह काजल स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है। कांटेक्ट लेंस के साथ भी इस काजल को लगाया जा सकता है। महंगा नहीं है। तीन-चार घंटे से ज्यादा नहीं चलता। 

9. चैमबोर स्टे ऑन एंड वाटरप्रूफ कोहल पेंसिल (Chambor Stay On And Waterproof Kohl Pencil) – इसकी यह विशेषता है कि रोजान कार्यस्थल पर जाने के लिये और विशेष समारोह में जाने के लिये इस्तेमाल कर सकती हैं। यह एकदम परफैक्ट फिनिश देता है। क्रीमी टेक्सचर होने के कारण इसे लगाना आसान है। इससे एक ही बार में आंखों को गाढ़ा और गहरा रंग मिल जाता है। यह स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है और महंगा भी है।  

10. शुगर कॉस्मेटिक्स ट्विस्ट एंड शाउट फेडप्रूफ काजल (Sugar Cosmetics Twist and Shout Fadeproof Kajal) – सौंदर्य प्रसाधन उत्पादन ब्रांड्स की दुनियां मेंशुगर कॉस्मेटिक्स का नाम बहुत पुराना और विश्वसनीय है। यह एक अच्छे काजल की श्रेणी में आता है। इसके दो शेड्स आते हैं। इससे आप अपनी इच्छानुसार और फंक्शन के हिसाब से लुक पा सकती हैं। इससे आपको साधारण लुक भी मिल सकता है और स्मोकी आई लुक भी। पसीने और पानी में भी टिका रहता है। आसानी से फैलता नहीं है। यह स्मज प्रूफ और वॉटरप्रूफ़ है और महंगा भी है। तीन, चार घंटे बाद रंग हल्का पड़ने लगता है।   

11. लोटस हर्बल्स इकोस्टे क्रीम कोहल इंटेंस काजल (Lotus Herbals Ecostay Creme Kohl Intense Kajal) – यह अपने आप में सबसे अलग काजल है जो आंखों को गहन मलाईदार फिनिश देता है। यह स्मज प्रूफ, वॉटरप्रूफ़ है और महंगा भी है। मेबेलिन और लॉरियल से भी ज्यादा महंगा। यह आंखों में 12 घंटे से भी ज्यादा समय तक टिका रहता है और फैलता नहीं है।

12. हिमालया हर्बल्स काजल (Himalaya Herbals Kajal) – हिमालया ब्यूटी प्रोडक्ट्स के निर्माण में प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करने वाला प्रसिद्ध  हर्बल ब्रांड है। त्रिफला, जामुन, दमास्क गुलाब, बादाम तेल और अरंडी के तेल से निर्मित यह काजल आंखों में ठंडक पहुंचाता है और आंखों का पोषण करता है। इसमें प्रयुक्त होने वाला त्रिफला आंखों की थकावट को दूर करता है। इसके लगाने से आंखों में जलन नहीं होती। महंगा नहीं है। यह आसानी से फैल जाता है।  स्मज प्रूफ नहीं है और वॉटरप्रूफ़ भी नहीं है। 

क्या बच्चों को काजल लगाना सही है?- Is it okay to Apply kajal to Babies?

दोस्तो, इस प्रश्न का उत्तर है “नहीं”। क्यों सही नहीं है, इसका जिक्र हम आगे करेंगे। पहले, देसी हैल्थ क्लब यह स्पष्ट करता है कि देसी हैल्थ क्लब बच्चों की आंखों में काजल लगाने का समर्थन नहीं करता। अब जानते हैं वे निम्नलिखित तथ्य जिनकी वजह से बच्चों को बच्चों को काजल लगाना, क्यों ठीक नहीं है –

1. सबसे बड़ा कारण यह है कि बाजार में मिलने वाले काजल में लेड होता है जो शिशुओं और बड़े बच्चों के मस्तिषक तथा अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

2. अधिकतर यह देखा गया है कि माताऐं बच्चों को काजल लगाने से पहले, हाथ साफ़ नहीं करतीं, गंदे हाथ से ही काजल लगा देतीं हैं। ऐसी स्थिति में यदि काजल घर का बना हुआ शुद्ध भी हो तो बच्चे की आंख में कीटाणु जाना फिर संक्रमण होना निश्चित है। 

3. मां के हाथ के नाखून कटे हुए नहीं हैं तो बच्चे की आंख पर चोट भी लग सकती है।

4. काजल लगाने से आंखों में चिरमिराहट सी लगती है जो शिशु के लिये असहज और असहनीय होती है। शिशु अपनी इस पीड़ा को बोलकर नहीं बता सकता।

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5. बच्चे की आंख से पानी आना, खुजली होना जैसे लक्षण प्रकट हो सकते हैं। खुजली लगने पर बच्चा हाथ को आंख पर ले जा कर मलने की कोशिश करता है। अपने सिर को इधर उधर बार-बार करता है, तभी समझ जाना चाहिये कि बच्चे को आंख में परेशानी है या एलर्जी है। ऐसी स्थिति में बच्चे की दृष्टि प्रभावित होने की भी संभावना रहती है। 

6. बच्चे को निहलाते समय आंख का काजल बह कर नाक की नलिकाओं में जा सकता है, विशेषकर शिशुओं का जिनको लिटा कर ही नहलाया जाता है, ऐसी स्थिति में काजल बह कर नाक के अलावा कान में भी जा सकता है। फिर संक्रमण होने की संभावना रहती है। 

बच्चों को काजल लगाने से जुड़ी मान्यताऐं, मिथक और वास्तविकता – Beliefs, myths and Reality Related to Applying kajal to children

दोस्तो, अब बताते हैं आपको बच्चों को काजल लगाने से संबंधित कुछ मान्यताऐं/मिथक और वास्तविकता जो निम्न प्रकार हैं –

1. काजल से बच्चे की आंखें बड़ी, चमकदार व सुन्दर लगती हैं। इससे बच्चे का चेहरा भी सुन्दर दिखता है।

वास्तविकता – पूर्वाग्रह/मान्यतावश आपको केवल दिखाई ही ऐसा देता है अन्यथा इसका कोई वैज्ञानिक आधार/प्रमाण नहीं है।

2. बच्चे को काजल लगाने से उसकी आंखों में आराम लगता है।

वास्तविकता – असत्य। कोई वैज्ञानिक आधार/प्रमाण नहीं है। अलबत्ता, काजल लगाने से बच्चा असहज महसूस करता है। 

3. काजल लगाने से शिशु ज्यादा देर तक सोता है। 

वास्तविकता – असत्य, वास्तविकता यह है बच्चे का ज्यादा सोना, उसकी प्राकृतिक नींद होती है जोकि उसके  विकास और ठीक से काम करने के लिये जरूरी है। इसी लिये नवजात शिशु लगभग 18 घंटे तक सोते हैं और 12 महीने तक 14 से 18 घंटे सोते हैं। उम्र बढ़ने के साथ-साथ उनकी नींद का समय भी कम होता जाता है।

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4. बच्चे की आंखों में काजल लगाने से और माथे पर काजल का टीका लगाने से किसी की नजर नहीं लगती। मान्यता के अनुसार बुरी नजर से बचाने के लिये माथे पर काजल का टीका बड़ों को भी लगा दिया जाता है। 

वास्तविकता – असत्य। कोई वैज्ञानिक आधार/प्रमाण नहीं है। इसे केवल पूर्वाग्रह कहा जायेगा। 

काजल लगाने के फायदे – Benefits of Mascara

1. आंखों के स्वास्थ के लिये (Eye Health)- आयुर्वेदिक काजल में पीतल और चांदी का उपयोग किया जाता है जो आंखों के स्वास्थ को बनाये रखने में मददगार होते हैं। इससे आंखों से जुड़ी समस्या की संभावना नहीं होती। इससे आंखों की रक्त वाहिकाओं में सूजन की समस्या को खत्म करता है। घर के बनाये हुऐ काजल में, नेचुरल और एसेंशियल ऑयल्स यानि बादाम का तेल, ऑलिव ऑयल, कैस्टर ऑयल का उपयोग होने के कारण, विटामिन-ई के गुण आ जाते हैं जो आंखों की पलकों को घना बनाने में सहायक होते हैं। ये गुण आंखों का तनाव और थकान को दूर करते हैं। काजल मोतियाबिंद और ग्लूकोमा की संभावना को दूर करता है।  

2. आंखों की सुन्दरता बढ़ाये (Enhance the Beauty of Eyes)- काजल नि:सन्देह आंखों की सुन्दरता को बढ़ाता है। छोटी आंखें भी बड़ी दिखने लगती हैं। आंखों का लुक अट्रेक्टिव हो जाता है। भवें, पलकें भी सज जाती हैं। 

3. एंटी बैक्टीरियल गुण (Antibacterial Properties)- घर पर बनाये गये काजल में यदि देशी घी, बादाम के तेल के सथ कॉपर का भी इस्तेमाल किया जाता है तो काजल में एंटी बैक्टीरियल गुण आ जाते हैं जो आंखों को शुद्ध करते हैं। इसके एंटी बैक्टीरियल गुण मेकअप से होने वाले संक्रमण और आंखों के संक्रमण को करते हैं। कॉपर आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर स्वस्थ बनाता है। 

4. धूप से रक्षा करे (Protect from the Sun)- गर्मियों में तेज धूप के कारण आंखों से पानी आने लगता है और बचाए आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों में सूजन भी आ जाती है। नियमित रूप से काजल लगाने पर ऐसी समस्या नहीं होगी।  

5. आंखों में ताजगी लाये (Bring Freshness to the Eyes)- आंखों में काजल लगाने के बाद आंखों में ताजगी महसूस होती है। जलन नहीं होती। यदि घर के बने काजल में कपूर या अजवाइन का इस्तेमाल हुआ है तो निश्चित रूप से आपको आंखों में ठंडक महसूस होगी। आंखें भारी-भारी नहीं लगेंगी। कपूर में संक्रमण को रोकने के गुण भी होते हैं। 

6. डार्क सर्किल से राहत (Relief from Dark Circles)- घर पर काजल बनाने के लिये यदि देसी घी, विशेषकर गाय का घी का उपयोग किया जाता है तो इस काजल के उपयोग से आंखों के नीचे पड़ने वाले काले घेरे नहीं बनेंगे। और यदि हैं तो ये कम हो जायेंगे। यह काजल आंखों के अंदर और बाहर की अशुद्धी को साफ़ करता है। 

7. प्रदूषण से रक्षा करे (Protect Against Pollution)- धूल, मिट्टी, धूंआ आदि से काजल आंखों की रक्षा करता है। इनसे होने वाले कुप्रभाव, जैसे आंखों में जलन, दर्द, लाल हो जाना आदि को रोकने में मदद करता है। 

8. आंखों की खुजली कम करे (Reduce itchy Eyes)- कई बार आंखों में छोटे-छोटे कीट-पतंग चले जाने से खुजली होने लगती है।आंखों से पानी आता रहता है।  ऐसे में घर का बादाम के तेल से बना काजल बहुत राहत देता है। यह खुजली को रोकता है, इंफेक्शन को रोकता है और दर्द को कम करता है। 

9. आंखों की रोशनी बढ़ाये (Increase Eyesight)- घर के बने काजल में प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं। इनसे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता। 

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आंखों में काजल लगाने के नुकसान – Side Effects of Applying Mascara in Eyes

1. लगातार और लंबे समय तक काजल लगाने से शरीर में लेड की मात्रा बढ़ती है जो मस्तिष्क और अस्थि-मज्जा को प्रभावित करता है।

2. बाजार वाले काजल में गेलेना, मिनियम, अमोरफस कार्बन, मैग्नेटाइट और जिंक ऑक्साइड होते हैं जो घातक हो सकते हैं।  

3. आंखों में एलर्जी हो सकती है, कोई केमिकल रिएक्शन हो सकता है। 

4. आंखों में खुजली होना, आंख आना, आंखों से पानी बहना, आंखों में सूखापन आदि लक्षण प्रकट हो सकते हैं।

5. आंखों में जलन हो सकती है।

6. कॉर्नियल अल्सर, यूवाइटिस, काला मोतियाबिंद, जैसी समस्याऐं हो सकती हैं।

7. नवर्स सिस्टम पर असर हो सकता है।

8. किडनी संबंधी समस्या बन सकती है।

9. मांसपेशियों का विकास में रुकावट।

10. आंख में फुन्सी बन सकती है। 

11. नहाते समय काजल बह कर नाक में चला जाये तो संक्रमण हो सकता है।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको काजल लगाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। काजल क्या होता है, काजल बनाने के घरेलू तरीके, काजल लगाने का तरीका, अच्छे ब्रांड वाले काजल के नाम, क्या बच्चों को काजल लगाना सही है, बच्चों को काजल लगाने से जुड़ी मान्यताऐं, मिथक और वास्तविकता, इन सब के बारे में भी  विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से आपको काजल लगाने के फायदे और नुकसान भी विस्तार से बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

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काजल लगाने के फायदे - Benefits of Applying Mascara in Hindi
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काजल लगाने के फायदे - Benefits of Applying Mascara in Hindi
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आज के लेख में हमने आपको काजल लगाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। काजल क्या होता है, काजल बनाने के घरेलू तरीके, काजल लगाने का तरीका।
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1 Comment

Shiv Kumar Kardam · August 10, 2021 at 10:14 am

So beautiful and informative Article

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