दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। आज हम आपको एक ऐसी वस्तु के बारे में बतायेंगे जिसके नाम में एक बहुत ही दिव्य सुंदर और पवित्र फूल का नाम आता है। इस फूल का उपयोग धार्मिक, सांस्कृतिक और पवित्र समारोहों में किया जाता है। इस फूल की खेती जमीन के ऊपर नहीं पानी में की जाती है यानी झील, तालाबों में। परन्तु अब खेतों को ही तालाब बनाकर इसकी खेती की जा रही है। इस फूल से हमें एक ड्राई फ्रूट भी प्राप्त होता है। इस फूल से संबंधित वस्तु को खाया जाता है सब्जी के रूप में और अन्य रूपों में, जिसका जिक्र हम आगे करेंगे। इस फूल का नाम है कमल। इससे प्राप्त होने वाला ड्राई फ्रूट है “मखाना” और सब्जी है “कमल ककड़ी” जिसे कमल डंडी भी कहते हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “कमल ककड़ी खाने के फायदे”। देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको कमल ककड़ी के बारे विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इसे खाने के क्या फायदे होते हैं और क्या नुकसान।  तो, सबसे पहले जानते हैं कि कमल ककड़ी क्या है, कहां मिलती है और इसके गुण क्या होते हैं। इसके बाद फिर अन्य बिन्दुओं (Points) की जानकारी देंगे। 

कमल ककड़ी खाने के फायदे

कमल ककड़ी क्या है? – What is Lotus Cucumber?

दोस्तो, आपने कमल का फूल तो देखा होगा। तो, यह समझिये कि कमल के पौधे की जड़ को ही कमल ककड़ी या कमल डंडी कहा जाता है। कमल के फूलों को “मखाने” कहते हैं लेकिन इनको बनाना पड़ता है, जो ड्राई फ्रूट की श्रेणी में आते हैं । मखाने के विषय में जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल मखाने खाने के फायदे और नुकसान पढ़ें। जहां तक कमल ककड़ी की बात है, तो, कमल की खेती झील, तालाब या दलदली जगह पानी में की जाती है। कमल के पौधे की जड़ों, जो पानी के अंदर पांच मीटर तक फैली होती हैं, को बाहर निकालकर, धोकर और काटकर “कमल ककड़ी” के रूप में तैयार करके, सब्जी मंडी में भेज दिया जाता है। कमल ककड़ी की सब्जी अद्वितीय है इसकी तुलना किसी और सब्जी से नहीं की जा सकती। दोस्तो, समय के साथ लोगों का खेती करने का नजरिया बदला है। अब झील, तालाब या दलदली पानी वाली जगह की निर्भरता को खत्म करके किसानों ने अपने सामान्य खेतों को ही तालाब का रूप देकर कमल की खेती  आरम्भ कर दी है जिसके बहुत ही अच्छे परिणाम सामने आये हैं। पंजाब में फिरोजपुर के खेतों की कमल ककड़ी ने मुंबई, सूरत और अहमदाबाद में प्रसिद्धि पाई है। इसकी मांग (Demand) बढ़ने का कारण है इसका सरलता से पक जाना है, क्योंकि इसकी खेती यहां खेतों में होती है, जबकि अन्य राज्यों में किसान झील, तालाबों में इसकी खेती करते हैं। 

कमल ककड़ी कहां मिलती है? – Where Can I get Lotus Cucumbers?

चूंकि, कमल ककड़ी की ही जड़ होती है तो स्वाभाविक है कि जहां कमल की खेती होती है वहीं कमल ककड़ी भी मिलेगी। यह बात अलग है कि वहां के लोग कमल ककड़ी का उपयोग करते हैं या नहीं। इसलिये हम आपको बता रहे हैं कि कमल की खेती कहां होती है –

1.  चीन, इंडोनेशिया, रूस, पर्शिया, जापान और कोरिया में कमल की खेती होती है। 

2. भारत में जम्मू-कश्मीर, पंजाब के फिरोजपुर में, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और बिहार के दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर,सहरसा, सुपौल, सीतामढ़ी, पूर्णिया, कटिहार आदि जिलों में कमल की खेती की जाती है।

कमल ककड़ी के गुण – Properties of Lotus Cucumber

1. कमल ककड़ी की तासीर शीतल होती है।

2. इसका स्वाद हल्का मीठा नारियल के समान होता है।

3. प्राकृतिक या पाउडर के रूप में इसका उपयोग पारंपरिक हर्बल दवाओं में किया जाता है। 

4. फाइबर और प्रोटीन का अच्छा श्रोत है। इसमें पोटेशियम, फास्फोरस, कॉपर, आयरन, मैंगनीज के साथ साथ थियामिन, पैंटोफेनीक एसिड, जिंक, विटामिन-बी6, विटामिन-सी आदि मौजूद होते हैं। 

कमल ककड़ी के पौष्टिक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) –

स्टार्च                       :  10.05 ग्राम

कार्बोहाइड्रेट             :   16.03 ग्रा.

फाइबर               :   4.20 ग्रा.

प्रोटीन               :   2.60 ग्रा.

वसा                         :   0.10 ग्रा.

कोलस्‍ट्रॉल                 :    0.00 मिलीग्राम 

फास्फोरस                 :  58.00 माइक्रोग्राम

पोटैशियम                  :   450.00 माइक्रोग्राम

कैल्शियम                 :  40.00 माइक्रोग्राम

आयरन                 :   1.07 माइक्रोग्राम

विटामिन-सी               :   38.00 माइक्रोग्राम

कमल ककड़ी के उपयोग – Uses of Lotus Cucumber

कमल ककड़ी का निम्नलिखित रूपों में उपयोग किया जा सकता है –

1. तरी (पानी) वाली सब्जी बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. सूखी सब्जी बना सकते हैं 

3. कमल ककड़ी के कोफ्ते बना सकते हैं। 

4. छोटे-छोटे टुकड़े काट कर, इस पर मसाला डालकर, फ्राई कर स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं।

5. बेसन लगाकर पकौड़े बना सकते हैं। 

6. उबाल कर सलाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

7. चिप्स बना सकते हैं।

8. अचार बना सकते हैं। 

9. दही में घी और जीरे से छोंक लगा कर इसकी मदद से फ्राई रायता बना सकते हैं। 

कमल ककड़ी खाने के फायदे – Benefits of Eating Lotus Cucumber

1. प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बने (Strengthen the Immune System)- कमल ककड़ी में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी होता है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट है। एंटीऑक्‍सीडेंट्स हमारे शरीर को मुक्त कणों (Free radicals) के प्रभाव से बचाते हैं जिससे सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों की संभावन बहुत कम हो जाती है।  विटामिन-सी को कोलेजन का महत्वपूर्ण घटक माना जाता है। कोलेजन रक्त वाहिकाओं, अंगों और त्वचा के स्वास्थ और शक्ति को बनाये रखता है और प्रतिरक्षा प्रणाली में भी बढ़ोत्तरी करता है। 100 ग्राम कमल ककड़ी खाने से हमारे दैनिक जरूरत की 73 प्रतिशत विटामिन-सी मिल जाता है। 

2. मानसिक स्वास्थ के लिये (Mental Health)- कमल ककड़ी में पाइरिडॉक्सिन (pyridoxine) मौजूद होता है जिसे विटामिन-बी6 के नाम से जानते है। विटामिन-बी6, विटामिन-बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स समूह में से एक है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ को बेहतर करने में मदद करता है। इस बारे में विस्तार से जानकारी के लिये हमारे पिछले आर्टिकल विटामिन-बी के फायदे और नुकसानको पढें। विटामिन-बी6  हीमोग्लोबिन में बढ़ोतरी कर हीमोग्लोबिन रक्त में उपस्थित ऑक्सीजन को ऊतकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। चयापचय (मेटाबॉलिज्म) प्रक्रिया को सही ढंग से चलाने, केंद्रीय तंत्रिका के कार्यों, लिवर, त्वचा, आंखों, अन्य अंगों को स्वस्थ बनाये रखने और एनर्जी को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में विटामिन-बी6 की आवश्यकता होती है। पाइरिडॉक्सिन मस्तिष्‍क के तंत्रिका रिसेप्‍टर्स के साथ संपर्क कर मनोदशा और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को सुधारने में मदद करता है। जिससे सिरदर्द, तनाव, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन आदि और अन्‍य मस्तिष्‍क विकार दूर हो जाते हैं। 

3. ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करें (Improve Blood Circulation)- कमल ककड़ी में मौजूद आयरन, कॉपर और पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा होती है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अपना योगदान देते हैं। कमल ककड़ी शरीर के अंगों में ऑक्सीजन को बढ़ाने के लिये रक्त प्रवाह को उत्तेजित करती है जिससे इसकी कार्यक्षमता और ऊर्जा के स्तर में वृद्धि होती है। 

4. एनीमिया के लिये (Anemia)- दोस्तो, हमारे शरीर में आयरन का 70 प्रतिशत भाग हीमोग्लोबिन में होता है, बाकी अन्य हिस्सों में। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं का मुख्य प्रोटीन तत्व है जिसका आधार होता है आयरन। हमारे शरीर के कुल वजन का 0.004 प्रतिशत भाग आयरन होता है और इसकी कुल मात्रा शरीर के वजन के अनुसार 3 से 5 ग्राम होती है। आयरन की कमी का अर्थ है लाल रक्त कोशिकाओं की कमी और इनमें मौजूद हीमोग्लोबिन का घट जाना। अधिक जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के उपाय पढ़ें।  मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डॉ. जुगल किशोर के अनुसार, एनीमिया का मतलब है शरीर में रेड ब्लड सेल्स कम होना। इसके कई कारण हो सकते हैं, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान या पीरियड्स में अत्यधिक रक्त स्राव होने के कारण एनीमिया हो सकता है। वजन कम करने के लिये डाइटिंग करने वाली, बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एनीमिया होने की संभावना रहती है। “पाइल्स या अल्सर” या अन्य कारणों से भी एनीमिया हो सकता है। कमल ककड़ी के सेवन से आयरन की पर्याप्त मात्रा मिल जाती है। इसके इथेनॉल अर्क में रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने वाले गुण) होते हैं जो आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से राहत दिला सकते हैं।

5. वजन कम करने के लिये (Lose Weight)- वजन कम करने के लिये कमल ककड़ी एक बेहतरीन उपाय है क्योंकि इसमें  कोलस्‍ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता यानी 0.00 मिलीग्राम और कैलोरी भी कम होती है। इसमें पाये जाने वाले अन्य पोषक तत्व और फाइबर भूख को नियंत्रित कर वजन कम करने में मदद करते हैं। कमल ककड़ी खाने से अधिक समय तक पेट भरा हुआ रहता है जिससे जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगती। 

6. पाचन के लिये (Digestion)- पाचन को ठीक रखने में कमल ककड़ी अत्यंत लाभदायक है। इसमें मौजूद फाइबर की प्रचुर मात्रा पोषक तत्‍वों के अवशोषण को अनुकूलित करते हुए कब्‍ज को खत्म करने में मदद करता है। फाइबर पाचन और गैस्ट्रिक रस के स्राव को बढ़ाने और आंतों की मांसपेशियों में पेरिस्‍टालिटक (peristaltic) गति को उत्तेजित करता है जिससे मल त्‍याग आसान हो जाता है और नियमित रहता है। 

7. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करें (Control Blood Pressure)- पोटेशियम शरीर के तरल पदार्थों के संतुलन को बनाये रखता है और सोडियम के प्रभाव को कम करता है। मस्तिष्क में द्रव और रक्त के प्रवाह को बनाये रखने में मदद करता है। यह वासोडिलेटर (Vasodilator – छोटी रक्‍तवाहिकाओं को बड़ा करने वाली औषधि) के रूप में कार्य करता है। पोटेशियम रक्त वाहिकाओं के संकुचन और कठोरता को कम कर उनको आराम देता है जिससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। कमल ककड़ी के सेवन से पोटेशियम मिल जाता है। वैसे आप चाहें तो कमल ककड़ी के साथ आलू, टमाटर, एवोकाडो भी ले सकते हैं। 

8. डायबिटीज में फायदेमंद (Beneficial in Diabetes)- डायबिटीज के मरीजों के लिये, विशेषकर टाइप 2 के मामले में, कमल ककड़ी को उचित आहार के रूप में जाना जाता है। इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन को कम करता है जिससे शरीर में शुगर अबजॉर्प्शन की प्रक्रिया धीमी होती है। इसमें मौजूद इथेनॉल नाम का एक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण डायबिटीज के विरुद्ध लड़ते हैं। 

9. श्वेतप्रदर में फायदेमंद (Beneficial in Leucorrhoea)-  कमल ककड़ी महिलाओं के रोग श्वेतप्रदर (Leucorrhoea) में भी लाभदायक है। कमल ककड़ी के बीज, चीनी और जीरा बराबर की मात्रा में लें और इस मिश्रण को केवल दो ग्राम मात्रा लेकर प्रतिदिन सेवन करें। श्वेतप्रदर की बीमारी से राहत मिल जायेगी। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिये हमारे पिछले आर्टिकल लिकोरिया का घरेलु इलाज को पढें।

10. दस्त में फायदेमंद (Beneficial in Diarrhea)-  दस्त लगने पर कमल ककड़ी के सेवन से राहत मिल जाती है। एक शोध के अनुसार  कमल की जड़ में एंटी डायरिया गुण मौजूद होते हैं। परन्तु गंभीर स्थिति में डॉक्टर की संपर्क करना चाहिये। 

11. त्वचा के स्वास्थ के लिये फायदेमंद (Beneficial for Skin Health)- एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर कमल ककड़ी त्वचा के स्वास्थ के लिये एक बेहतरीन उपाय है। यह त्‍वचा को हाइड्रेट और मॉइस्‍चराइज करती है, त्वचा में लोच बढ़ता है और रंगत निखरती है। कमल ककड़ी के औषधीय गुण एंटीऐजिंग प्रभाव छोड़कर त्‍वचा की झुर्रियों को कम करने, फाइन लाइन्स को कम करने का काम करते हैं। कमल ककड़ी को खाने के अतिरिक्त इसका फेसपैक बनाकर इस्तेमाल करें, बहुत फायदा होगा। कमल के पत्तों का पेस्ट त्वचा की सूजन और बुखार को कम करता है। 

12. मुंहासों में फायदा (Benefits of Acne)- कमल ककड़ी में विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा होती है जो मुंहासों से राहत दिलाने में मदद करता है। कमल ककड़ी त्वचा में तेल के उत्पादन को नियंत्रित करता है जो मुंहासे होने का मुख्य कारण है। कमल ककड़ी का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगायें, निश्चित रूप से मुंहासों में आराम लगेगा और इसके साथ ही दाग धब्बे भी खत्म हो जायेंगे। मुंहासों के विषय में विस्तार से जानकारी के लिये हमारा आर्टिकल मुंहासों से छुटकारा पाने के देसी उपाय पढ़ें। 

13. बालों के लिये लाभदायक (Beneficial for Hair)- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बालों के झड़ने और असमय सफेद होने का कारण माना गया है। ऐसे में कमल ककड़ी बहुत फायदा पहुंचाती है। हम ऊपर भी बता चुके हैं कैसे कमल ककड़ी में पाये जाने वाला विटामिन-बी6, मानसिक स्वास्थ को सही रखता है।  चूंकि कमल ककड़ी में विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा होती है जो एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। कमल ककड़ी के ये गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को खत्म करके बालों के स्वास्थ की रक्षा करते हैं। इसमें पाये जाने वाला आयरन, बालों को असमय सफेद होने से बचाता है। बालों के स्वास्थ के संबंध में हमारे आर्टिकल  बालों को झड़ने से रोकने के उपाय, डैन्ड्रफ़ हटाने के देसी उपायकम उम्र में बाल सफ़ेद होने से रोकने के उपाय और  बालों को रेशमी मुलायम बनाने के तरीके पढें।  

कमल ककड़ी के नुकसान – Side Effects of  Eating Lotus Cucumber

दोस्तो, कमल ककड़ी खाने का कोई नुकसान नहीं है सिवाय इसके कि :-

1. आप इसे हद से ज्यादा ना खायें। सब्जी के रूप में जितनी आप अन्य सब्जी खाते हैं उतनी ही खायें क्योंकि कोई भी खाद्य/पेय पदार्थ ज्यादा सेवन करने से ओवर डाइटिंग की समस्या हो जायेगी जिससे बदहजमी ही होगी, पेट में दर्द, उल्टी आदि हो सकते हैं।  

2. आप इसे कच्चा ना खायें अन्यथा परजीवी या बैक्टीरिया संक्रमण हो सकता है जिससे बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द आदि हो सकता है। इसलिये इसे पका कर ही खायें। 

3. यदि पहले से ही किसी को कमल ककड़ी से एलर्जी है तो वह इसका सेवन ना करे। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको कमल ककड़ी खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कमल ककड़ी क्या है, कहां मिलती है, कमल ककड़ी के गुण, कमल ककड़ी के पौष्टिक तत्व, कमल ककड़ी के उपयोग, इन सबके बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से आपको कमल ककड़ी खाने के फायदे बताये और नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको कमल ककड़ी खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कमल ककड़ी क्या है, कहां मिलती है, कमल ककड़ी के गुण, कमल ककड़ी के पौष्टिक तत्व, कमल ककड़ी के उपयोग, इन सबके बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया।
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