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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आज हम आपको एक ऐसी सब्जी के बारे में बतायेंगे जो बहुत लोकप्रिय है और जिसका बहुत सम्मान है परन्तु इसे कोई अपनी इच्छा से खाने को राजी नहीं है, बच्चे तो बिल्कुल भी नहीं। हां कभी-कभी हो गया, टेस्ट बदलने के लिये खाली। यह एक ऐसी सब्जी है जिसका नाम सुनकर ही मुंह कड़वा हो जाता है। यह मनुष्य के लिये अत्यंत लाभकारी और औषधीय गुणों से भरपूर है। सच मानो तो इसको, इसके औषधीय गुणों के कारण ही सम्मान मिला है ना कि सब्जी के रूप में। सब्जी के रूप में भी इसकी पौष्टिकता अद्वितीय है। जी हां, हम बात कर रहे हैं करेला की। करेला जो डायबिटीज के मरीजों के लिये प्रकृति का वरदान है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ के लिये इसके बहुत फायदे हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “करेला खाने के फायदे “। देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको करेला के बारे में विस्तृत जानकारी देगा और इसके खाने के फायदे और नुकसान भी बतायेगा। तो, सबसे पहले जानते हैं कि करेला क्या है और इनकी खेती कहां की जाती है। इसके बाद फिर बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। 

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करेला खाने के फायदे
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करेला क्या है? What is a Bitter Gourd?

करेला एक सब्जी है जिसका पौधा बेल के रूप में होता है। इसका वानस्पतिक नाम मिमोर्डिका करन्शिया (Momordica Charantia) है। करेले का फल यानी सब्जी का रंग हरा होता है, इस पर खांचे बने होते हैं और इस पर दाने-दाने होते हैं। स्वाद में हल्का कसैला और बहुत कड़वा होता है। इसके बीज सफेद रंग के होते हैं परन्तु जब करेला जाता है तो यह हल्के पीले रंग का हो जाता है और इसके बीज लाल रंग के हो जाते हैं। करेला औषधीय गुणों का भंडार है। 

करेले की खेती Bitter Gourd Cultivation

करेले का जन्म स्थान उष्ण क्षेत्र अफ्रीका तथा चीन को माना जाता है। यह अफ्रीका, एशिया और कैरेबियाई में पाया जाता है। यदि भारत की बात की जाये तो पूरे भारत में इसकी खेती की जाती है।

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करेला के प्रकार Types of Bitter Gourd

करेला दो प्रकार का होता है देशी करेला और हाइब्रिड करेला। विवरण निम्न प्रकार है  

1. देसी करेला (Desi Bitter Gourd)- देसी करेला आकार में छोटा होता है और खाने में ज्यादा स्वादिष्ट होता है। पोषण की दृष्टि से भी अच्छा होता है। यह अपने विशिष्ट औषधीय गुणों के कारण विश्व में प्रसिद्ध है। इसकी विदेशों में भारी मांग है और हर वर्ष भारत इसका निर्यात करता है। यह अपने विशिष्ट औषधीय गुणों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह डायबिटीज, रक्तरोगों, अस्थमा, गठिया, त्वचा रोग आदि में अत्यंत  लाभकारी होता है। इसके पौधे पर छोटे-छोटे मगर संख्या में अधिक फल आते हैं। इसके पौधे को पानी की भी कम जरूरत पड़ती है।

2. हाइब्रिड करेला (Hybrid Bitter Gourd)- इसका पौधा बहुत तेजी से बढ़ता है और फल भी जल्दी आते हैं। इसके फल आकार में बड़े होते हैं मगर स्वाद में देसी करेले की तुलना में कम स्वादिष्ट होते हैं। हां, रंग रूप में ज्यादा गहरे हरे रंग के और देखने में सुंदर होते हैं। 

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करेले के गुण Properties of Bitter Gourd

1. करेले का स्वाद कड़वा और हल्का तीखा होता है। 

2. करेले की तासीर ठंडी होती है और पचने में हल्का होता है। करेला शरीर में वायु को बढ़ाकर पाचन क्रिया को तेज करता है। 

3. करेले में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल, एंटीबायोटिक, एंटी-एलर्जिक, एंटीवायरल, एंटीपारासिटिक, एंटी-इन्फ्लामेटरी, हेपेटोप्रोटेक्टिव (लिवर सुरक्षित रखने का गुण), गुण होते हैं। 

4. करेले के पोषक तत्व (प्रति 100 ग्राम)

पानी                                   94.03 ग्रा.

एनर्जी                           17 केसीएल

प्रोटीन                                 1 ग्रा.

टोटल लिपिड (फैट)              0.17 ग्रा.

कार्बोहाइड्रेट                   3.7 ग्रा।

फाइबर, टोटल डाइटरी           2.8 ग्रा.

कैल्शियम                           19 मि.ग्रा.

मैग्नीशियम                         17 मि.ग्रा.

फास्फोरस                         31 मि.ग्रा.

आयरन                              0.43 मि.ग्रा.

सोडियम                           5 मि.ग्रा.

पोटेशियम                         296 मि.ग्रा.

कॉपर                               0.034 मि.ग्रा.

जिंक                                0.8 मि.ग्रा.

मैंगनीज                            0.089 मि.ग्रा.

सेलेनियम                         0.2 माइक्रो ग्रा.

विटामिन-ए आरएई             24 माइक्रो ग्रा

विटामिन-ए आईयू         471 आईयू

विटामिन-बी6                    0.043 मि.ग्रा.

विटामिन-सी                      84 मि.ग्रा.

थियामिन                            0.04 मि.ग्रा.

राइबोफ्लेविन                     0.04 मि.ग्रा.

नियासिन                            0.4 मि.ग्रा.

पैंटोथैनिक एसिड         0.212 मि.ग्रा.

फोलेट, टोटल                 72 माइक्रो ग्रा.

कैरोटीन, अल्फा               185 माइक्रो ग्रा.

कैरोटीन, बीटा               190 माइक्रो ग्रा.

करेले के उपयोग Uses of Bitter Gourd

करेले का उपयोग निम्न रूप में किया जा सकता  है

1. आमतौर पर करेले की सब्जी बनाकर खाई जाती है।

2. करेले का अचार भी बनाया जा सकता है।

3. करेले का जूस निकालकर पीया जा सकता है।

4. करेले के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर इनको उबालकर, इसका पानी छानकर पीया जा सकता है।

5. करेले के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर सलाद के रूप में खा सकते हैं। 

करेला कितना खाना चाहिये? How Much Bitter Gourd Should be Eaten?

1. करेला कितना खाना चाहिये, इसका कोई मानदंड तय नहीं है। फिर भी सामान्य तौर पर करेले की एक कटोरी सब्जी खाई जा सकती है।

2. एक करेला सलाद के रूप में खाया जा सकता है।

3. करेले का जूस  10-20 मि. ली. पीया जा सकता है।

4. करेले का चूर्ण  5 ग्राम. 

करेला खाने के फायदे Benefits of Eating Bitter Gourd

1. डायबिटीज में फायदेमंद (Beneficial in Diabetes)- करेला डायबिटीज के उपचार में रामबाण उपाय है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिये प्रकृति का वरदान है। औषधियां शरीर के एक अंग या टिशू पर प्रभाव डालती हैं जबकि करेला शरीर के एक अंग या टिशू पर प्रभाव डालता है। करेला शरीर के ग्लूकोज मैटाबॉलिज्म पर अपना प्रभाव दिखाता है। डायबिटीज में करेले के उपयोग निम्न प्रकार से कर सकते हैं

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(i)  करेले के छोटे-छोटे टुकड़े काट कर छाया में सुखाकर बारीक पीसकर पाउडर तैयार कर लें। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक चम्मच पाउडर पानी के साथ सेवन करें।

(ii) करेले का जूस निकालकर लगभग 10 ग्राम जूस में आधा चम्मच शहद मिलाकर रोजाना पीयें। 

(iii) प्रतिदिन सुबह खाली पेट 10 ग्राम करेले के जूस में 6 ग्राम तुलसी के पत्तों का जूस मिलाकर पीयें। 

(iv) एक चौथाई कप करेले के जूस में इतनी ही मात्रा में गाजर का जूस मिलाकर पीयें। 

(v) खाली करेले का जूस लगभग 10 ग्राम रोजाना पी सकते हैं। 

(vi) करेले के छोटे-छोटे टुकड़े काट कर एक गिलास पानी में उबाल कर छानकर पीयें, आप चाहें तो इसमें हरे सेब का रस, आंवले का रस भी मिलाकर पी सकते हैं।

2. रक्त को साफ करे (Clean the Blood)- नीम की भांति करेला भी ब्लड प्युरिफायर के रूप में कार्य करता है। यह रक्त को प्राकृतिक रूप से साफ़ कर शुद्ध करता है। इससे रक्त विकार या रक्त की बीमारियों की संभावना बहुत कम हो जाती है। रक्त की अशुद्धता के कारण सिर दर्द, एलर्जी, थकान और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता जैसे लक्षण प्रकट हो सकते हैं। 

3. त्वचा के लिये फायदेमंद (Beneficial for Skin)- जैसा कि हमने ऊपर बताया कि करेला रक्त को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करता है, जब रक्त साफ़ रहेगा तो इसका प्रभाव त्वचा पर भी पड़ता है। त्वचा में भी प्राकृतिक निखार आता है। त्वचा विकार/रोगों की समस्या जैसे कील-मुंहासे, फोड़े-फुंसी, सोरायसिस, एक्जिमा आदि होने की संभावना बहुत कम रहती है। त्वचा, विशेषकर गर्मियों में हाइड्रेट रहती है। फिर भी यदि त्वचा रोग हो तो करेला के पत्तों को पत्थर पर घिसकर पेस्ट को त्वचा पर लगायें, इससे त्वचा के रोग ठीक हो जायेगा। 

4. मुंह के छालों को ठीक करे (Heal Mouth Ulcers)- मुंह में यदि छाले हो जायें तो व्यक्ति बहुत परेशान रहता है। कुछ खा पी नहीं सकता। यहां तक कि सादा पानी भी मुंह में चुभता है। ऐसे में करेला इन छालों से राहत दिलाता है। यह मुंह के छालों की अचूक दवा है। करेले की पत्तियों का रस निकालकर उसमें थोड़ी मुलतानी मिट्टी पाउडर मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को मुंह के छालों पर लगाएं। मुलतानी मिट्टी ना मिले तो भी कोई बात नहीं, खाली करेले के रस को रूई में डुबोकर छालों पर लगायें और लार को बाहर निकलने दें। इससे बहुत जल्दी मुंह के छाले खत्म हो जाएंगे।

5. सिर दर्द में फायदेमंद (Beneficial in Headache)- सिर में दर्द होने पर करेले के इस्तेमाल से फायदा होता है। सिर दर्द होने पर करेले की ताजी पत्तियों को पीस कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को माथे पर लगायें। आराम लग जायेगा। या करेला की पत्तियों का जूस निकाल कर इसमें थोड़ा गाय का घी, और पित्तपापड़े का रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को माथे पर लगायें। 

6. पीलिया में फायदेमंद (Beneficial in Jaundice)- दोस्तो, पीलिया के उपचार के लिये करेला रामबाण औषधी के रूप में काम करता है। यह एक अचूक उपाय है। करेले को पीसकर इसका जूस निकालकर दिन में दो बार पीयें। पीलिया के अतिरिक्त मलेरिया और बुखार में भी करेला का जूस पीने से फायदा होगा। अन्य उपाय के रूप में करेला के पत्ते के जूस 10-15 मि.ली. लेकर इसमें बड़ी हरड़ को घिसकर पीयें। 

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7. जलोदर रोग में फायदा (Benefit in Ascites Disease)- जैसा कि नाम से जाहिर है कि यह एक पेट की बीमारी है, जिसमें पेट में पानी भर जाता है और पेट फूल जाता है। इसके लिये 2 चम्मच करेले के जूस को आधा कप पानी में मिलाकर दिन में तीन से चार बार पीयें। या करेला के पत्तों का 10-15 मि.ली. जूस लेकर इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर पीयें। आराम लग जायेगा।  

8. पेट में कीड़ों को खत्म करे (Kill Worms in Stomach)- पेट में कीड़ों को खत्म करने का करेला अचूक उपाय है। करेला में अन्थेलमिंटिक कंपाउंड पाया जाता है जो पेट के कीड़ों को खत्म करता है। इसके लिये करेले के पत्तियों के जूस में छाछ मिलाकर पीयें या एक हफ्ते तक सुबह खाली पेट करेले का जूस पीयें या सूखे करेले के 5-10 बीज कूटकर देसी घी में तल कर, रोजाना दिन में दो बार एक हफ्ते तक सेवन करें। 

9. हैजे में फायदेमंद (Beneficial in Cholera)- हैजा हो जाने पर करेले के जूस में प्याज का जूस और कुछ बूंदे नींबू का रस मिलाकर पीने से आराम लग जाता है। या करेले को कुचलकर, इसमें हल्का सा नमक मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करें। उल्टी-दस्त बंद हो जायेंगे। 

10. बवासीर में फायदेमंद (Beneficial in Piles)- बवासीर के मामले में एक गिलास छाछ में दो चम्मच करेले के पत्तों के जूस मिलाकर एक महीने तक प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीयें। दर्द, जलन व सूजन से राहत पाने के लिये करेले की जड़ का पेस्ट बनाकर बाहरी बवासीर पर लगायें। खूनी बवासीर के मामले में एक बड़ा चम्मच करेले के जूस शक्कर मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें। 

11. डैंड्रफ के लिये (Dandruff) डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिये करेले के पत्तों का जूस निकालकर सिर में लगायें। आप चाहें तो इसमें हल्दी पाउडर भी मिला सकते हैं। कुछ ही दिनों में डैंड्रफ की समस्या खत्म हो जायेगी। 

12. लिवर को स्वस्थ रखे (Keep Liver Healthy)- करेले में मौजूद हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण लिवर को स्वस्थ बनाये रखने का काम करता है। प्रतिदिन एक कप करेले का जूस पीना चाहिये इससे लिवर से संबंधित रोग होने की संभावना नहीं रहेगी। लिवर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते रहेंगे और लिवर सुचारू रूप से काम करता रहेगा। 

13. खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करे (Reduce Bad Cholesterol)- करेला का सेवन रोजाना नहीं कर सकते तो सप्ताह में दो बार इसका सब्जी के रूप में सेवन करें। बाकी दिनों में सलाद या जूस के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करता है। इससे हृदय संबंधी रोग होने की संभावना नहीं के बराबर होगी। करेले में पाये जाने वाले फायटो-नुट्रिएंट्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स  हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

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14. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करे (Strengthen the Immune System)- करेले के सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मुक्त कणों की क्षति से भी बचाव करता है। प्रतिदिन करेले का जूस पीना चाहिये या करेले के छोटे-छोटे टुकड़े  काट कर, उबालकर पानी पीना चाहिये। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को संक्रमण से होने वाले रोगों से बचाती हॅ।

15. वजन कम करे (Lose Weight)- करेले के फायदे वजन कम करने में भी देखे जा सकते हैं। करेला के फायटो-न्यूट्रिएंट्स और एंटी-ऑक्सीडेंट वजन कम करने में मदद करते हैं। करेला  कार्बोहाइड्रेट्स के मेटाबोलिजम को बढ़ाकर शरीर में जमा फैट को कम करता है। पाचन तंत्र में भी सुधार करता है जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है।  करेले के जूस को पानी में मिलाकर कुछ बूंदें नींबू की मिलाकर पीयें। पर केले का सेवन करने के साथ-साथ वजन कम करने के लिये व्यायाम करना भी बहुत जरूरी हे। 

16. हैंगओवर से छुटकारा दिलाए (Get Rid of Hangover)- शराब पीने के बाद अगले दिन सुबह यदि हैंगओवर हो रहा है तो खाली पेट एक कप करेले का जूस पी लें या करेला उबालकर इसका पानी पी लें। करेले में मौजूद एंटी-इन्टॉक्सिकेशन गुण शरीर से विषाक्त प्रदार्थों को निकालते हैं और शराब से लिवर को होने वाली क्षति से भी बचाते हैं। आपका मन शराब पीने को नहीं करेगा। यदि रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास छाछ में 3-4 चम्मच करेले का जूस पीते हैं तो शराब पीने की आदत भी छूट जायेगी। 

करेला खाने के नुकसान Side Effects of Eating Bitter Gourd

1. करेले के अधिक मात्रा में खाने से पेट में हल्का दर्द हो सकता है, पेट फूल सकता है या दस्त हो सकते हैं। पेट में ऐंठन हो सकती है। 

2. करेला सिरदर्द की वजह बन सकता है।

3. लो ब्लड शुगर वाले मरीजों और बच्चों को करेला ना खाने की सलाह दी जाती है। 

4. गर्भवती महिलाओं को करेला ना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह गर्भपात की वजह बन सकता है।

5. स्तनपान कराने वाली माताओं को भी करेला ना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें मौजूद कुछ विषाक्त तत्व मां के दूध के जरिये शिशु में भी जा सकते हैं।

6. डायबिटीज के मरीज जो डायबिटीज की दवा ले रहे हैं , उनको करेला ना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे ब्लड शुगर का स्तर बहुत ज्यादा गिर सकता है। 

Conclusion  

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको करेला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करेला क्या है, करेले की खेती कहां होती है, करेला के प्रकार, करेले के गुण, करेले के उपयोग और करेला कितना खाना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से करेला खाने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको करेला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करेला क्या है, करेले की खेती कहां होती है, करेला के प्रकार, करेले के गुण, करेले के उपयोग और करेला कितना खाना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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