दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक एक ऐसी सुगंधित वस्तु है जो विश्व की सभी वस्तुओं से ज्यादा कीमती है। जी हां हम बात कर रहे हैं केसर (Saffron) की जो कुम्कुम, ज़ाफरान आदि नामों से प्रसिद्ध है। इसको लाल सोना (Red Gold) भी कहा जाता है। इसका रंग और इसकी सुगंध इसको सबसे अलग  (Unique) बनाती है। यह सुगंध देने वाला पौधा है। इसके फूल नीले, बैंगनी, लाल-नारंगी रंग के होते हैं। इस फूल के वर्तिकाग्र (तन्तु) यानि स्त्रीकेशर (Stigma) के सूखे हुए आगे वाले हिस्से को केसर कहा जाता है। और इस आर्टिकल में हम आपको केसर के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बताएँगे। 

दोस्तो, केसर के फूलों की सुगंध इतनी तीव्र होती है इसके आसपास का क्षेत्र भी सुगंध से महक उठता है। विश्व में ईरान, केसर का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। विश्व में केसर के कुल उत्पादन का 90% उत्पादन केवल ईरान करता है। हालांकि, केसर की खेती स्पेन, इटली, ग्रीस, तुर्किस्तान, चीन और भारत में भी होती है। भारत में किस्तवार (जम्मू) और पामपुर (कश्मीर) के सीमित क्षेत्रों में केसर की खेती होती है।

दोस्तो, केवल 450 ग्राम केसर बनाने के लिए 75,000 फूलों की जरूरत होती है इसीलिये इसकी कीमत विश्व में सभी वस्तुओं से, सबसे ज्यादा होती है। लगभग साढ़े तीन लाख रुपये किलो। केसर की सुगंध तेज होती है और इसका स्वाद कुछ कुछ कड़वा लेकिन रुचिकर होता है। इसका उपयोग दूध और दूध से बने व्यंजनों, पुलाव, बिरयानी, मिठाईयों में किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसके गुणों के कारण केसर का उपयोग औषधियों के लिये भी किया जाता है।

केसर के फायदे और नुकसान

केसर के गुण – Properties of Saffron

केसर में निम्नलिखित गुण पाये जाते हैं –

1. केसर की तासीर गर्म होती है। इसका सीमित मात्रा में सेवन किसी भी मौसम में किया जा सकता है। याद रखिये, ज्यादा मात्रा में खाने से नुकसान ही होता है।

2. औषधीय गुणों के कारण इसका उपयोग चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है।

3. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (सूजन कम करने के लिये)।

4. एंटीअल्जाइमर, एंटीकॉनवल्सेन्ट (मिर्गी के दौरे को रोकने के लिये)।

5. एंटीऑक्सीडेंट (फ्री रेडिकल्स को दूर करने वाला)

6. एंटी-ट्यूमरजेनिक गुण रेटिनोब्लास्टोमा (आंख का ट्यूमर रोकने के लिये)।

7. फाइबर, मैंगनीज, विटामिन-ए, विटामिन-सी, पोटेशियम, आयरन और प्रोटीन आदि।

केसर के फायदे – Benefits of Saffron 

दोस्तो, केसर के गुण जानने के बाद अब जानते हैं इसके फायदों के बारे में, जो इस प्रकार हैं –

1. प्रतिरक्षा प्रणाली को सही रखे (Immune System)- केसर में कैरोटीनॉयड की प्रचुर मात्रा होती है जो प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर इसे मजबूत बनाता है। केसर के सेवन से सफेद रक्त कोशिकाओं  (White Blood Cell ) की संख्या बढ़ जाती है। यह छोटी छोटी बीमारियों से लड़ने के अलावा बड़ी बीमारियों से लड़ने में भी सक्षम होता है।

2. आंखों के लिये लाभकारी (Eyes)- केसर के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रेटिना के तनाव को कम करके आराम पहुंचाते हैं। एक शोध में पता चला है कि केसर में पाये जाने वाला कंपाउंड क्रोसेटिन, प्रोलिफेरेटिव विटेरियोनेटिनोपैथी (Proliferative vitreoretinopathy), रेटिना में होनी वाली एक गंभीर समस्या को कम करने में सहायक होता है। केसर के  एंटीऑक्सीडेंट गुण ए।एम।डी (बढ़ती उम्र से जुड़ा नेत्र रोग) पर असर दिखाते हैं और आंखों में रक्त के प्रवाह को बेहतर करते हैं।

3. कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोके (Increase cancer cells)- एक शोध से पता चला है कि केसर में पाये जाने वाला क्रॉकेटिन  कोलोरेक्टल कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक पाने में सक्षम हो सकता है। एक और शोध के यह भी पता चला है कि केसर का अर्क मानव ट्यूमर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है। केसर के सेवन से प्रोस्टेट कैंसर और स्किन कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद मिल सकती है। देसी हैल्थ क्लब कैंसर के लिये डॉक्टरी इलाज की ही सलाह देता है। 

4. लिवर के लिये (Liver)- एक शोध के अनुसार केसर अपनी विभिन्न क्रियाओं के द्वारा लिवर विषाक्तता (Hepatotoxicity) के खतरे को कम कर सकता है। केसर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर डैमेज में भी सुधार कर सकते हैं। एक और अध्ययन से यह भी पता चला है कि लिवर मेटास्टेसिस जिसको सैकेंड्री लिवर कैंसर कहा जाता है, केसर इसमें भी अपना अच्छा प्रभाव दिखा सकता है।  

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5. चोट/घाव के लिए (Traumatic)- केसर के एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण चोट को ठीक करने और जलने वाले घावों को भरने में बहुत मददगार होते हैं। केसर का लेप चोट और घाव पर लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलेता है। 

6. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिये (Brain Health)- केसर में पाये जाने वाले दो विशेष तत्व क्रॉकेटिन और एथेनॉल से प्राप्त अर्क में एंटीडिप्रेसेंट गुण होते हैं, जो अवसाद और चिंता को कम करते हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक एक दिन में 30 मिलीग्राम, दिन में दो बार 15-15 मिलीग्राम, केसर से अल्जाइमर के मरीजों की हालत को सुधारा जा सकता है। केसर का उपयोग सिजोफ्रेनिया (मानसिक विकार) के मरीजों के लिये भी फायदेमंद हो सकता है, अपना सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। एक और अध्ययन के मुताबिक केसर का अर्क, सेरेब्रल इस्किमिया पर भी अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाता है। सेरेब्रल इस्किमिया  वह स्थिति है जिसमें धमनी में रुकावट के कारण  मस्तिष्क में ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं पहुंचता जिससे मस्तिष्क के टिश्यु को नुकसान हो सकता है। केसर के खाने से मस्तिष्क एकदम स्वस्थ और चुस्त रहता है।

7. वजन कम करने में मददगार (Helpful in Loss weight)- केसर के सेवन से वजन भी कम हो सकता है। यह भूख को कम करके कैलोरी की मात्रा भी कम कर देता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी।  जिससे हृदय संबंधित समस्या, डायबिटीज़ और मोटापे का ख़तरा कम हो जाता है। 

8.अनिद्रा से छुटकारा (Get Rid of Insomnia)- जिन व्यक्तियों को नींद ना आने की समस्या रहती है उनको केसर के सेवन से बहुत लाभ मिल सकता है।  एक वैज्ञानिक शोध में यह पता चला है कि केसर में मौजूद क्रॉकेटिन नींद को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। केसर अवसाद (Depression) से लड़ने में भी मददगार होता है। केसर के सेवन से अच्छी नींद आयेगी।

9. अस्थमा में लाभकारी (Asthma)- अस्थमा से पीड़ित व्यक्तियों के लिये केसर बहुत उपयोगी है। केसर वाले दूध से अस्थमा में बहुत आराम मिलता है।  केसर के अर्क में पाये जाने वाला एंटीइंफ्लेमेटरी गुण फेफड़ों की सूजन को कम करने में समर्थ होते हैं। 

10. सर्दी-जुकाम में लाभकारी (Cold and cough)- सर्दी के मौसम में, ठंड जुकाम की होना एक आम समस्या है। केसर को दूध, चाय, कॉफी में मिलाकर पीने से राहत मिलेगी।

11. सिर दर्द में लाभकारी (Headache)- सिर में दर्द चाहे कम हो या तेज, केसर और चंदन के बनाया हुआ लेप बहुत जल्दी फायदा पहुंचाता है। 

12. पेट संबंधी समस्यायें (Stomach Related)- कब्ज़, पेट दर्द, गैस आदि विकारों को दूर कर, केसर पाचन तंत्र को ठीक रखता है। केसर में मौजूद यूपेप्टिक (Eupeptic) औषधीय गुण भूख और गैस्ट्रिक एसिड को कम करने और पाचन को सुधारने का काम करते हैं।

13. बालों के लिए फायदेमंद (Hair)- केसर में विटामिन-ए जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं जो बालों की जड़ को मजबूत बनाते हैं जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है। 

14. दिल के लिए (Heart)- क्रोसेटिन नामक कंपाउंड खून में बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिससे हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है। केसर के थियामिन और राइबोफ्लेविन जैसे पोषक तत्व हृदय संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं। केसर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण धमनियों और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाये रखते हैं।   एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी दिल को स्वस्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। 

15. दर्द, सूजन, जोड़ों आदि में फायदेमंद (Pain)- एक शोध में पता चला है कि केसर में मौजूद कम्पाउण्ड क्रोसेटिन और क्रॉकेटिन में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द निवारक के रूप में काम करते हैं। केसर के सेवन से जोड़ों के दर्द, विशेषकर गठिया के दर्द और सूजन, अस्थमा के समय होने वाली सूजन में भी राहत मिलती है। जोड़ों के दर्द और सूजन की वजह से चलने फिरने में होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।

16. मासिक धर्म में लाभकारी (Periods)- केसर के सेवन से महिलाओं को पीरियड्स के समय होने वाली समस्याओं में जैसे कि थकावट, उदासी, दर्द, ऐंठन, चिड़चिड़ापन आदि में बहुत राहत मिलती है। यह तथ्य केसर युक्त एक ईरानी हर्बल दवा प्राइमेरी डिसमेनोरिया से प्रमाणित हो जाता है। यह  ईरानी हर्बल दवा, मासिक धर्म के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन से राहत देने में प्रभावकारी पाई गई है। मासिक धर्म के समय दूध या चाय में केसर डालकर पीने से आराम लगेगा।

17. गर्भावस्था में फायदेमंद (Pregnancy)- गर्भावस्था में पहले तीन महीनों के बाद केसर का सेवन 0।5 मिलीग्राम से 2 मिलीग्राम तक फायदेमंद है। इससे सामान्य डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है। इससे आयरन की कमी भी पूरी होगी और नींद भी अच्छी आयेगी। मॉर्निंग सिक्नेस भी नहीं होगी। याद रखिये के पहले तीन महीनों के दौरान केसर का भूल कर भी सेवन ना करें क्योंकि ऐसा करने से भ्रूण को नुकसान हो सकता है। तीन महीनों के बाद भी केसर का सेवन डॉक्टर से परामर्श करके ही करें। 

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18.  त्वचा की देखभाल के लिये (Skin)- केसर में मौजूद विटामिन-सी जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण, केवेरफोल और क्यूरेसेटीन जैसे फ्लेवोनोइड यौगिक त्वचा को सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों के प्रभाव से बचाते हैं। एक शोध के अनुसार केसर का उपयोग त्वचा के लिए मॉइस्चराइजिंग, मुलायम करने, खुजली दूर करने, पिगमेंट को कम करने, मुंहासे, फुंसी आदि त्वचा की समस्याओं के लिये फायदेमंद हो सकता है।  केसर के सेवन से त्वचा में चमक बनी रहती है।

19. कामोत्तेजना के लिये (Sexual Desire)- केसर, स्त्री और पुरुष दोनों में ही कामोत्तेजना को बढ़ाने में बहुत लाभकारी होता है। केसर का अर्क और इसमें मौजूद क्रॉकेटिन कामोत्तेजना में बहुत प्रभावी होते हैं। केसर के एंटीऑक्सीडेंट गुण पुरुषों में शुक्राणुओं को स्वस्थ बनाकर गुणवत्ता और गतिशिलता पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। केसर का उपयोग स्त्री-पुरुष के यौन सम्बंधों में खुशहाली ला सकता है। 

केसर के नुकसान – Side Effects of saffron

दोस्तो, जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि केसर की तासीर गर्म होती है। इसलिये इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिये। केवल एक चुटकी केसर ही काफी होता है। अल्जाइमर की स्थिति में 15-15 मिलीग्राम दिन में दो बार इसका उपयोग किया जा सकता है फिर भी डॉक्टर की राय लेना बहुत जरूरी है। केसर की अधिक मात्रा लेने से हो सकते हैं ये नुकसान –

1. चूंकि केसर सबसे ज्यादा कीमती होता है, इसलिये पैसे का नुकसान तो है ही।

2. सिर दर्द

3. केसर के ज्यादा सेवन से कब्ज हो सकती है क्योंकि केसर कैल्शियम से भरपूर होता है। 

4. केसर में पोटेशियम होने के कारण सीने में दर्द या सांस की समस्या हो सकती है। 

5. जी खराब होना, उल्टी, मितली आदि

6. भूख कम लगना।

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7. दिल के मरीजों के लिये अधिक मात्रा में सेवन खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।

8. गर्भवती महिलाओं को भी केसर का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिये। क्योंकि गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के बीच यह गर्भाशय को उत्तेजित कर गर्भपात की वजह बन सकता है।

9. बाइपोलर डिसऑर्डर वाले व्यक्तियों को भी डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिये।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको संसार की सबसे मंहगी वस्तु केसर के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी दी। केसर के गुण बताये कि इसमें फाइबर, मैंगनीज, विटामिन-सी, पोटेशियम, आयरन, प्रोटीन, और विटामिन-ए जैसे आवश्यक तत्व होते हैं । केसर के सेवन के फायदे और नुकसान के बारे में भी बताया। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer- यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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