दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है किशमिश। किशमिश का नाम आते ही हमारे मुंह का जायका खट्टा मीठा होने लगता है और याद आने लगते हैं अनेकों सुस्वादु व्यंजन जैसे की खीर, हलुआ, मिठाई, मैंगोशेक आदि। दोस्तो, यह मसाला नहीं है फिर भी व्यंजनों के स्वाद में अपना स्वाद मिलाकर अपनी अमिट छाप छोड़ती है और अपनी एक विशेष सुगन्ध से का आभास कराती है। तो, जानते हैं इसके बारे में किशमिश खाने के फायदे और नुकसान तथा  किशमिश क्या है? 

किशमिश खाने के फायदे और नुकसान

किशमिश क्या है? – What is Raisin

दोस्तो, किशमिश अंगूर का ही परिष्कृत रूप है जो सूखे मेवों की श्रेणी में आता है। छोटे आकार के बीज रहित (या बीज ना के बराबर हों) और सूखे हुए अंगूरों को ‘किशमिश’ कहा जाता है और बड़े आकार के, जिसमें दो या तीन बीज हों, सूखे हुए अंगूरों को ‘मुनक्का’ कहा जाता है। अंगूर से किशमिश बनाने की प्रक्रिया में अंगूरों को तीन हफ्तों तक धूप में सुखाकर मॉइस्चर निकाला जाता है तब जाके बनते हैं किशमिश। 

किशमिश के प्रकार – Type of Raisin

किशमिश तीन प्रकार की होती है जिसका विवरण निम्न प्रकार हैं – 

1. भूरी किशमिश (Brown Raisins)- इसे बनाने के लिये अंगूरों को तीन हफ्तों तक धूप में सुखाना पड़ता है। अंगूरों के सूखने के बाद इनका रंग हल्का भूरा हो जाता है। यद्यपि अलग अलग स्थानों पर, विभिन्न प्रकार के अंगूरों का उपयोग किया जाता है और बनाने के तरीके में थोड़ा बहुत अंतर होता है। इस प्रकार की किशमिश का रंग, आकार और स्वाद वहां के अंगूरों के अनुरूप होता है।

2. गोल्डन किशमिश (Golden Raisin)- यह बिना बीज वाले अंगूरों, जिन्हें सुल्ताना अंगूर कहा जाता है, को सुखाकर बनाये जाते हैं। धूप में सुखाने से पहले इन अंगूरों को एक विशेष प्रकार के तैलीय पदार्थ में भिगोना पड़ता है। इसी वजह से इनका रंग सुनहरी होता है। इस प्रकार की किशमिश का आकार थोड़ा छोटा होता है और स्वाद अन्य दो प्रकार की किशमिश के मुकाबले में मीठा होता है।

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3. काली किशमिश (Black Raisin)- इसे करंट किशमिश भी कहा जाता है। इस प्रकार की किशमिश बनाने के लिये काले अंगूरों का उपयोग करना पड़ता है। काले अंगूरों को तीन हफ्तों तक धूप में सुखाना होता है। इनका आकार भी छोटा होता है और स्वाद में मीठेपन के साथ साथ हल्का सा खट्टापन भी होता है।

किशमिश और मुनक्का में अंतर – Difference Between Raisins and Dry Grapes

दोस्तो, यहां हम किशमिश और मुनक्का में अंतर स्पष्ट करना चाहेंगे जो मुख्य रूप से इस प्रकार हैं –

1. किशमिश छोटे अंगूरों को सुखाकर बनाई जाती है तो मुनक्का के लिये बड़े आकार के वाले पके हुए अंगूरों को सुखाना होता है।

2. किशमिश वाले अंगूरों में बीज नहीं होते या नहीं के बराबर होते हैं जबकि मुनक्का वाले अंगूरों में 2 या 3 बड़े आकार के बीज होते हैं।

3. किशमिश का रंग हल्का होता है और मुनक्का का रंग गहरा।

4. मुनक्का का स्वाद मीठा होता है इसमें खटास नहीं होती जबकि किशमिश में मिठास के साथ साथ थोड़ा खट्टापन भी होता है।

किशमिश के गुण – Properties of Raisin 

1. किशमिश का सबसे बड़ा गुण यही है कि इसकी मिठास यानि शर्करा (Sugar) प्राकृतिक होती है। सामान्य तौर पर इस प्राकृतिक शर्करा से कोई हानि नहीं होती परन्तु मधुमेह के मरीजों को डॉक्टर से सलाह लेकर ही किशमिश का सेवन करना चाहिये।

2. किशमिश के अपने भार का 67% से 72% तक ग्लूकोस और फ़्रूक्टोस के रूप में शर्करा होती है।

3.  3% हिस्सा प्रोटीन होता है और 3।5% भाग फ़ाइबर  होता है जो पाचन में सहायक है।

4. किशमिश में कोलेस्टेरॉल नहीं होता।

5. ताज़े अंगूरों के मुकाबले किशमिश में विटामिन-सी कम होता है। 

6. किशमिश में सोडियम भी कम होता है।

7. किशमिश में आवश्यक फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं जो स्वास्थ के लिये लाभकारी होते हैं। 

8. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गतिविधियां भी पाई जाती हैं।

9. किशमिश में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। 

10. इसमें विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स और सेलीनियम भी होते हैं। 

और सबसे बड़ी बात

11. किशमिश अपनी तासीर बदलती है। सामान्यतः किशमिश की तासीर गर्म होती है, लेकिन रात भर के लिये इसे भिगोकर रख दो तो इसकी तासीर गर्म से परिवर्तित होकर ठंडी हो जाती है।

12. भीगी हुई  किशमिश के पोषक तत्व बढ़ जाते हैं और शुगर कंटेट कम हो जाते हैं।

अवगुण

किशमिश और अंगूर का सबसे बड़ा अवगुण ये है कि ये कुत्तों के लिये ज़हर समान हैं। भूलकर भी ये वस्तुऐं कुत्तों को नहीं देनी चाहियें क्योंकि उनके गुर्दे ख़राब हो सकते हैं। इसका वास्तविक कारण अभी पता नहीं है। 

किशमिश के उपयोग – Uses of Raisin

किशमिश को दैनिक आहार में कई रूप में उपयोग में लाया जा सकता है :-

1. मिक्स वैज बनाते समय सब्जियों में डाल सकते हैं।

2. ब्रोकली, गाजर या अन्य मौसमी सब्जियों में मिक्स करके सलाद के रूप में खा सकते हैं।

3. पीनट बटर और फ्रूट सलाद में मिक्स करके मिलाकर खायें।

4. सुबह नाश्ते में ओट्स में चीनी के बजाय किशमिश का प्रयोग कर सकते हैं।

5. शाम की चाय पर अन्य ड्राई फ्रूट्स के साथ किशमिश को भी शामिल कर सकते हैं।

6. विशेष व्यंजन बनाने में जैसे खीर, सूजी का, गाजर का, मूंग की दाल का हलुआ, मिठाईयां बनाने में किशमिश डाल सकते हैं।

7. मफिन और पैनकेक में मिठास के लिए।

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8. गर्म दूध में किशमिश डाल कर दूध पी सकते हैं। और किशमिश खा जाइये बहुत स्वादिष्ट लगेगी।

9. आईसक्रीम बनाते समय अन्य ड्राई फ्रूट्स के साथ किशमिश डाल सकते हैं।

10. किसी भी प्रकार के शेक में डाल सकते हैं।

11. किशमिश को सीधे सादे ढंग से ऐसे ही खा सकते हैं।

किशमिश की मात्रा – Amount of Raisin 

दोस्तो, किशमिश किसी भी आयु के लोग खा सकते हैं लेकिन सीमित मात्रा में खाना बेहतर होता है। यद्यपि इसका कोई मानदण्ड नहीं है फिर भी 50 या ज्यादा से ज्यादा 70 ग्राम तक किशमिश खायी जा सकती है। मधुमेह वाले व्यक्ति डॉक्टर से सलाह लेकर इसका सेवन कर सकते हैं।

किशमिश खाने के फायदे – Benefits of Raisin

दोस्तो अब आपको बताते हैं कि किशमिश खाने के फायदे जो इस प्रकार हैं –

1. एनीमिया को दूर करे (Remove Anemia)- दोस्तो, इस मामले में किशमिश महिलाओं के लिये वरदान है क्योंकि मासिक धर्म के कारण अक्सर उनमें खून की कमी हो जाती है। किशमिश

में आयरन की प्रचुर मात्रा पायी जाती है। इसके अतिरिक्त  इसमें कॉपर पाया जाता है जिससे ब्लड में रेड सेल्स बनते हैं। इस तरह खून की पूर्ती होती रहती है। किशमिश एनीमिया से बचाव उत्तम विकल्प है।

2. हृदय के लिए किशमिश के गुणकारी (Heart)- हम पहले ही बता चुके हैं कि किशमिश में कोलेस्ट्रोल नहीं होता। इसके साथ ही इसमें यह गुण भी है कि इसके सेवन से एलडीएल (खराब वाला) कोलेस्ट्रोल कम होता है और ट्राइग्लिसराइड (खून में पाये जाने वाला एक प्रकार का फैट) को भी कम करती है। इस प्रकार हृदय आघात या हृदय सम्बंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।

3. उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करे (Control High BP)- किशमिश के सेवन से उच्च रक्तचाप भी नियन्त्रण में रहता है। इसमें मौजूद पोटैशियम बढ़े हुये रक्तचाप को कम करके नियन्त्रित करता है और आपको हाईपरटेंशन से बचाता है। इससे हृदय रोग का खतरा भी नहीं रहता। जर्नल ऑफ फार्माकोग्नोसी और फाइटोकेमेस्ट्री में प्रकाशित एक शोध में भी यही बात निकल कर आयी है कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी ऐसा ही एक खनिज काम करता है।

4. कब्ज से राहत (Constipation)- किशमिश के सेवन से पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है और कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा। रात को 10-12 किशमिश भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट खायें। किशमिश वाला पानी भी पी लें। या प्रतिदिन गर्म दूध के साथ किशमिश खायें। 

5. गैस से राहत (Gas Relief)- पेट में बनने वाली गैस से राहत पाने के लिये किशमिश का सेवन करें। किशमिश में एल्कलाइन (Alkaline) नामक तत्व गैस को खत्म करने में मदद करता है। रात को 30-40 ग्राम किशमिश भिगो दें। सुबह खाली पेट यह किशमिश वाला पानी पीयें।

6. हड्डियों को मजबूत बनाये (Make Bones Strong)- किशमिश में पोटेशियम और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं जो हड्डियों को मजबूती देते हैं। साथ ही किशमिश के नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द, गठिया, घुटने का दर्द आदि में आराम मिलता है।

7. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करे (Immune System)- किशमिश में पाये जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा कर मजबूत करते हैं। रात को किशमिश भिगोकर रख दें, सुबह इनको खा लें और किशमिश वाला पानी पी लें। 

8. संक्रमण से बचाव (Infection Prevention)-  किशमिश में पाये जाने वाले  एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को अनेक प्रकार के संक्रमण से बचाते हैं। रात को भीगी हुई किशमिश का पानी सुबह खाली पेट पीयें।

9. मुंह और दांतों के लिये (Mouth and Teeth)- किशमिश का सेवन मुंह और दांतों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है। किशमिश का अर्क ओरल बैक्टीरिया, म्यूटन्स स्ट्रैपटोकोकस (दांत को सड़ाने वाला का बैक्टीरिया) से लड़कर दांत और मुंह को स्वस्थ बनाये रखने में सहायता करते हैं। एक शोध के अनुसार, किशमिश में फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट और ऑलीनोलिक एसिड होते हैं जो बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं और कैविटीज से बचाव करते हैं। 

10. आंखों के लिये (Eyes)- प्रतिदिन 5-10 किशमिश का सेवन आंखों के लिये बहुत फायदेमंद है। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।  किशमिश में मौजूद विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, सेलीनियम, आयरन के अलावा अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं जो आंखों के स्वास्थ के लिये लाभकारी होते हैं।  

11. त्वचा के लिये (Skin)- किशमिश का नियमित सेवन त्वचा के लिये भी लाभदायक है। रात को 10-12 किशमिश भिगो दें और सुबह खाली पेट खा लें और किशमिश का पानी पी लें। इससे झुर्रियों में कमी आयेगी, दाग-धब्बे हट जायेंगे और त्वचा में चमक आयेगी। एक शोध के अनुसार  किशमिश एक प्रभावकारी स्किन टोनर के रूप में काम करती है।

12. बालों के लिए लाभकारी (Hair)- फ्री रेडिकल्स बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। ये बालों के झड़ने और असमय सफेद होने की वजह बनते हैं। किशमिश के एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स के असर को खत्म करते हैं। किशमिश में विटामिन-बी, आयरन, पोटेशियम जैसे पोषक तत्व बालों की जड़ को मजबूत बनाकर उन्हें झड़ने और असमय सफेद होने से बचाते हैं।  

13. वजन कम करने के लिये (Weight Loss)- किशमिश में पाये जाने वाले डाइट्री फाइबर और प्री-बायोटिक तत्व पेट में अच्छे और स्वस्थ बैक्टीरिया को बनाते हैं जो वजन को कम करने और नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। लेकिन इसके लिये किशमिश कम मात्रा में खानी होगी, संतुलित आहार का भी खाना होगा और प्रतिदिन व्यायाम भी करना होगा।

14. वजन बढ़ाने में मदद (Weight Gain)- जो लोग अपना वजन  बढ़ाना चाहते हैं उनके लिये भी किशमिश फायदेमंद है। किशमिश में विटामिन्स् , एमिनो एसिड, सेलेनियम और फास्फोरस जैसे खनिज होते हैं ये खराब कोलेस्ट्रॉल को इक्ट्ठा करे बगैर वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। 

15. बुखार में फायदेमंद (Fever)- किशमिश के एंटीबैक्टीरियल गुण उन बैक्टीरिया या वायरस को खत्म करते हैं जिनके कारण शरीर में संक्रमण फैलता है और जिसकी वजह से शरीर में बुखार बनता है। 

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16. शरीर को डिटॉक्सिफाइ करे (Detoxify the Body)- किशमिश का पानी शरीर को डिटॉक्सिफाइ करके विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है जिससे लिवर, किडनी, पथरी आदि रोगों की संभावना नहीं होती।

17. यौन स्वास्थ्य के लिये लाभकारी (Sexual Health)- किशमिश में बोरॉन नामक एक मिनरल स्त्री और पुरुषों में यौन स्वास्थ से जुड़े हॉर्मोन को बढ़ाने में मदद करता है। यह बात एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक शोध के में भी कही गयी है। किशमिश कामोत्तेजना को बनाये रखती है।

किशमिश खाने के नुकसान – Side Effects of Raisin

दोस्तो, किशमिश के जब इतने सारे लाभ हैं तो निश्चित रुप से कुछ नुकसान भी होंगे। तो जानते हैं कि किशमिश अधिक मात्रा में खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं –

1. कई लोगों को विशेषकर, किशमिश पहली बार खाने पर एलर्जी हो सकती है जैसे त्वचा पर रैशेज पड़ना, त्वचा में खुजली होना आदि। ऐसी अवस्था में किशमिश खाना तुरन्त बंद कर देना चाहिये। 

2. सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

3. उल्टी, डायरिया, गैस, बुखार आदि की समस्या।

4. किशमिश के अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में कैलोरी भी बढ़ जाती है और किशमिश में फ्रुक्टोज़ और ग्लूकोज़ भरपूर मात्रा में होने के कारण वजन बढ़ सकता है।

5. जब वजन बढ़ेगा तो शरीर मोटा होगा तो हृदय से सम्बंधित समस्यायें हो सकती हैं।

6. टाइप-2 डायबिटीज की संभावना बन सकती है। डायबिटीज वाले मरीजों को किशमिश के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिये।

7. किशमिश में ट्राइग्लिसराइड्स अधिक मात्रा में होने के कारण जो फैटी लिवर, लिवर कैंसर, डायबिटीज होने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको किशमिश खाने के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी दी। किशमिश के प्रकार, गुण, अवगुण, इसकी उपयोगिता, सेवन की मात्रा के बारे में बताया। किशमिश सेवन के फायदे और अधिक मात्रा में सेवन के नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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