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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, इतिहास गवाह है कि जब भी कोई नया आविष्कार हुआ है, उसके फायदे और नुकसान उसके साथ जुड़े हैं। सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव सामने आते रहे हैं। उदाहरण के लिये जब पहली बार टेलीविजन भारत में आया तो लोगों ने दिल खोल कर इसका स्वागत किया। शुर-शुरु में इसका जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया लोगों ने इसमें बुराइयां नजर आने लगीं, नुकसान दिखाई देने लगे। मगर यह किसी ने नहीं देखा कि नुकसान अधिक टीवी देखने और कुछ अटपटे खराब श्रेणी के प्रोग्राम देखने से था। इसी प्रकार एक और उपकरण का आविष्कार हुआ जिसने संचार जगत में क्रान्ति ला दी। मनुष्य की जीवन शैली ही बदल गई। संचार के अतिरिक्त मनुष्य के जीवन के हर क्षेत्र की राह आसान बना दी। दोस्तो, जब कोई “आवश्यक आवश्यकता” “विलासिता” का रूप ले ले तो निश्चित रूप से यह आपको दुखी ही करेगी। यही हाल इस उपकरण का भी हुआ है। जी हां, हम बात कर रहे हैं मोबाइल फोन की।  जब इस उपकरण का दुरुपयोग होने लगा तो इसके गंभीर नुकसान भी सामने आने लगे। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक मोबाइल फोन के फायदे और नुकसान”।  देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको मोबाइल फोन के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इसके फायदे और नुकसान क्या हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं मोबाइल फोन के बारे में और यह कितने प्रकार का होता है। इसके बाद फिर बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। 

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मोबाइल फोन के फायदे और नुकसान
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मोबाइल फोन, एक परिचय Mobile Phones, an Introduction

दोस्तो, सबसे पहले हम आपको बता दें कि मोबाइल (MOBILE) की Full Form होती है Modified Operation Byte Integration Limited Energy. मोबाइल फोन जिसे सेलफोन (Cell Phone) या हाथफोन (Handset) भी कहा जाता है, का आविष्कार मोटोरोला कम्पनी के सीनियर डवलपमेंट इंजीनियर मार्टिन कूपर ने 3 अप्रैल 1973 ने किया था। यह फोन एक ईंट के बराबर था यानी लम्बाई 9 इंच और वजन 1.1 किलोग्राम था। यह फोन सेल्युलर नेटवर्क तकनीक पर काम करता था। इसे फुल चार्ज करने में 10 घंटे का समय लगता था और 30 मिनट तक बात हो सकती थी। लेकिन इसमें बहुत कमियां थीं। लोगों तक इसे लाने के लिये इस कमियों को दूर करने और इसकी उत्पादन लागत करने के लिये दस वर्ष का समय लग गया। इस बीच सेल्युलर नेटवर्क को मजबूत करने का काम भी किया गया। सन् 1983 में, मोटोरोला डायना टैक 8000X (Motorola DynaTAC 8000X) के नाम से लोगों के लिये उतार दिया गया। उन दिनों यह केवल अमेरिका के बाजार में उपलब्ध था जिसकी कीमत 3995 डॉलर थी। 

मोबाइल फोन एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो विशेष बेस स्टेशनों (सेल साइटों) के एक नेटवर्क के आधार पर मोबाइल आवाज या डेटा संचार के लिये इस्तेमाल किया जाता है। यह वार्तालाप के अतिरिक्त एसएसएस, ईमेल, इंटरनेट का उपयोग, कैमरा, मीडिया डाटा आदि की सुविधा प्रदान करता है। इस उपकरण में बैटरी के अलावा एक छोटी सी माइक्रोचिप भी लगती है जिसे ग्राहक पहचान मापदंड या सिम कार्ड (Subscriber Identity/Identification Module) कहा जाता है। तभी यह उपकरण अपनी सेवाऐं उपभोक्ता को दे पाता है।  

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भारत में पहली बार मोबाइल सर्विस Mobile Service for the First Time in India 

भारत में पहली मोबाइल सर्विस सन् 1995 में मोदी टेल्स्ट्रा मोबाइल नेट सर्विस (Modi Telstra’s Mobile Net) द्वारा आरंभ की गई। 31 जुलाई 1995 को भारत के केन्द्रिय दूरसंचार मंत्री श्री सुखराम और प. बंगाल के मुख्यमंत्री श्री ज्योति बासु के बीच मोबाइल पर बातचीत हुई। यह पहला मोबाइल कॉल दिल्ली के संचार भवन से कोलकाता की राइटर्स बिल्डिंग पर कनेक्ट हुआ था। आज भारतीय दूरसंचार नेटवर्क मोबाइल उपभोक्ता के मामले में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है। 

मोबाइल फोन के प्रकार Types of Mobile Phone

बाजार में तीन प्रकार के मोबाइल फोन उपलब्ध हैं जो निम्न प्रकार हैं

1. सेल फोन (Sell Phone)- इस साधारण और सबसे सरल उपकरण होता है। इसमें केवल आप कॉल करने, सुनने, एसएमएस भेजने और कुछ फोन नम्बर सेव करने की सुविधा होती है। इसका की-पैड दबाने वाला होता है। इसमें कोई एडवांस फीचर नहीं होता। शुरुआत में इस प्रकार के ही मोबाइल फोन हुआ करते थे। विश्व में सबसे ज्यादा बिकने वाला सेल फोन नोकिया कंपनी का “नोकिया 1100” था जिसकी 250 मिलियन यूनिट बिकी थीं। सेल फोन की गुणवत्ता की दृष्टि से यह आज भी सबसे अच्छा मोबाइल फोन माना जाता है। 

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2. फीचर फोन (Feature Phone)- सेल फोन के बाद फिर कुछ फीचर्स मोबाइल फोन में डाले गये। इनमें फोटो खींचने और वीडियो बनाने के लिये “कैमरा” की सुविधा दी गई। मल्टीमीडिया के कुछ फीचर्स डाले गये, गाने सुनने और इंटरनेट चलाने की सुविधा दी गयी। इंटरनल मेमोरी कम होने के कारण इनमें अधिक फीचर्स नहीं होते। इसका की-पैड भी दबाने वाला ही होता है।

3. स्मार्टफोन (Smart Phone)- अब आधुनिकतम तकनीक से लैस स्मार्टफोन का वर्चस्व पूरी दुनियां में कायम है। इनमें 4G, wifi कनेक्टिविटी, HD कैमरा, GPS जैसे एडवांस फीचर होते हैं। आपको हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराते हैं। ये एक प्रकार से पाकेट कंप्यूटर हैं। इसका की-पैड टच स्क्रीन वाला होता है। इन स्मार्टफोन ने मानव की जीवन शैली ही बदल डाली है। ये स्मार्टफोन एडवांस ऑपरेटिंग सिस्टम से चलते हैं। स्मार्टफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम चार प्रकार का होता है एंड्रोइड, आई।ओ।एस। ब्लैक बैरी और विंडो आधारित। इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है। सन् 1996 में  नोकिया 9000 कम्यूनिकेटर पहला स्मार्टफोन लांच हुआ था। 

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मोबाइल फोन के फायदे Advantages of Using Mobile Phone

दोस्तो, मोबाइल फोन के अनगिनत फायदे हैं जिन्हें आप अपनी जरूरत के अनुसार उठा सकते हैं, बस आपको उस फायदे के लिये अपने फोन में ऐप (Application) इंस्टॉल करनी होगी और उसे चलाना आना चाहिये। हम आपको बता रहे हैं मोबाइल फोन के कुछ महत्वपूर्ण फायदे जो निम्न प्रकार हैं  

1. दुनिया मेरी मुट्ठी में (The World in My Grasp)- दोस्तो, मोबाइल फोन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप में एक फीलिंग आती है कि “दुनियां मेरी मुट्ठी में”। आप अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकते हैं। आप इसे चाहे एक खिलौना के रूप में देखिये या संचार उपकरण के अलावा एक छोटे कंप्यूटर के रूप में। अपनी जरूरत के हिसाब से इसका फायदा उठा सकते हैं। ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं, अपना प्रोडक्ट बेच सकते हैं। आप देश-विदेश की किसी भी वैधानिक संस्था से जुड़ सकते हैं या अपना ग्रुप बना सकते हैं। अपनी संस्था बना सकते हैं। 

2. एक में अनेक (Many in One)- दोस्तो, मोबाइल फोन का सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि यह विशेषकर स्मार्ट फोन कॉल करने और सुनने के अतिरिक्त बहुत सारी बेसिक सुविधाऐं मुहैया कराता है जैसे फोटो खींचने और वीडियो शूट करने के लिये कैमरा, घड़ी, कैलेन्डर, टार्च, कैलकुलेटर, गूगल मैप, नेविगेशन, ई-मेल, वाईफाई  कनेक्टिविटी, ब्राउज़िंग, फोटो गैलरी आदि। इनके अतिरिक्त सोशल मीडिया से जुड़ने के लिये आपकी मदद करता है, बस आपको इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्वीटर आदि ऐप इंस्टॉल करनी होगी। वीडियो देखने, अपनी पसंद के गाने सुनने के लिये एप इंस्टॉल कर सकते हैं। बिजनेस, एजुकेशन आदि से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिये ऐप इंस्टॉल कर सकते हैं।

3. अकेलेपन का अहसास ना होने दे (Don’t Feel Lonely)- यदि आप अकेले कहीं भी हैं घर में या घर से बाहर, आपको अकेलेपन का अहसास नहीं होगा बल्कि आपको एक अच्छी फीलिंग आयेगी कि आप अकेले नहीं हैं। कोई है आपके साथ जो आपका ध्यान रखेगा। आप बोर नहीं होंगे। आप गेम खेल सकते हैं, गाने सुन सकते हैं, वीडियो देख सकते हैं, किसी अपने से आप सामान्य कॉल या वीडियो कॉल कर सकते हैं। और यदि आप कहीं फंस गये हैं मेडिकल इमरजेंसी हो गई तो आप सहायता के लिये पुलिस या मेडिकल अथोरिटी की मदद ले सकते हैं। 

4. सुगम संचार (Easy Communication)- एक समय में किसी से बात करने के लिये पब्लिक कॉल ऑफिस (PCO) ढूंढना पड़ता था या अपने कार्य स्थल पर जाकर वहां से कॉल करनी पड़ती थी। नम्बर किसी डायरी में लिखने पड़ते थे। आज के युग में नम्बर लिखने के लिये अलग से किसी डायरी की जरूरत ही नहीं है। बस मोबाइल फोन में ही नम्बर सेव करने की सुविधा मिल जाती है। अब अपने घर में या घर से बाहर कहीं भी, किसी भी समय, किसी को भी देश विदेश में कॉल/वीडियो कॉल कर सकते हैं। कहीं भी आपको, PCO ढूंढने के लिये परेशान होने की जरूरत नहीं है और ना ही समय खराब करने की। किसी की कॉल आ रही है तो आपको यह भी पता चल जाता है कि कौन कॉल कर रहा है। आप कॉल ना सुनना चाहें तो कॉल रिजेक्ट भी कर सकते हैं। 

5. मेल/संदेश/डाटा (Mail/Message/Data)- आप मोबाइल फोन के जरिये छोटे-छोटे संदेश (Messages) भेज सकते हैं। व्हाट्सऐप, मैसेंजर या अन्य प्लेटफॉर्म के जरिये चैटिंग कर सकते हैं। अब हाथ से चिट्ठियां लिखना गुजरे जमाने की बात हो गई है। ईमेल के जरिये आप अपनी मेल भेज सकते हैं जोकि पलक झपकते ही गंतव्य पते पर पहुंच जाती है। आपकी ईमेल का उत्तर भी ईमेल पर ही मिल जाता है। इसके अतिरिक्त आप कोई भी डाटा जैसे फोटो, वीडियो, ऑडियो क्लिप, जरूरी दस्तावेज समय से पहले ही तुरंत भेज सकते हैं। 

6. पैसे का सरल लेन देन (Easy Transaction)- आज का समय डिजिटल मार्केटिंग का है। इस युग में मोबाइल फोन पैसे के लेन देन को सरल बना दिया है। अब मोबाइल फोन के जरिये किसी को भी पैसे उसके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं, जोकि उसी समय उसके अकाउंट में आ जाते हैं। इसने हमारे बहुत सारे कामों को आसान कर दिया है। अब हमें बैंकों में भी लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। बल्कि हम अपने स्मार्टफोन से ही पैसे ट्रांसफर और बिजली, पानी आदि का बिल पेमेंट कर सकते हैं वो भी अपने घर बैठे बैठे ही।

7. व्यापार में बढ़ावा (Boost Business)- बड़े और छोटे सभी व्यापार के क्षेत्र में भी मोबाइल फ़ोन  बहुत सक्रिय भूमिका निभाता है। नये-नये प्रोजक्ट्स की जानकारी, उत्पादन के डिजाइन (विशेषकर फैशन और कपड़ा उद्योग में), प्रेजेंटेशन, वीडियो कांफ्रेंसिंग आदि के लिये छोटा सा स्मार्टफ़ोन ही काफी है। भारी और बड़े आकार के लैपटॉप  उठाने की जरूरत ही नहीं। कर्मचारियों से संपर्क कर जानकारी का आदान-प्रदान किया जा सकता है और जो आप चाहते हैं वो सब उनको फ़ोन पर ही समझा सकते हैं। इस प्रकार बिना समय बर्बाद किये आप अपने व्यापार को आगे बढ़ा सकते हैं।   

8. देश-विदेश की जानकारी (Country and Abroad Information)- मोबाइल फ़ोन के जरिये आप सोशल मीडिया से जुड़ने पर आप अपने दोस्तों और अन्य व्यक्तियों के विचार जान पाते हैं और अपने विचार, राय आदि भी शेयर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विश्व में क्या हो रहा है, हर तरह की खबर आपको मिलती है। फैशन, चिकित्सा, खेल, सिनेमा, शिक्षा, साहित्य, कला, टेक्नोलॉजी, नये-नये अपडेट्स आदि की जानकारी वेबसाइट्स के जरिये ले सकते हैं।  देश-विदेश में कहीं कोई अच्छी बुरी घटना होती है, उसकी खबर तुरंत मिल जाती है। 

9. रास्ता ढूंढने का झंझट नहीं (No Hassle to Find a Way)- आपको कहीं जाना है और रास्ता नहीं मालूम और ना ही आपने वह स्थान देखा है तो आपको किसी से पूछने की जरूरत ही नहीं है, बस नेविगेशन की मदद से आप अपने निर्धारित स्थान तक पहुंच सकते हैं। इसी तरह यदि किसी को यह बताना हो कि आप कहां पर हैं तो अपनी लोकेशन भेज सकते हैं। 

10.  इमरजेंसी में सहायक (Emergency Assistant)- हमने आपको ऊपर बताया है कि आप अकेले नहीं हैं। यदि आपके साथ कोई इमरजेंसी हो गई है जैसे बिल्डिंग की लिफ्ट में फंसना, सड़क पर आपकी गाढ़ी का दुर्घटना ग्रस्त हो जाना, आपकी तबियत खराब हो जाना, या बदमाशों के बीच में फंस जाना आदि, तो ऐसी परिस्थिति में अपने मोबाइल फ़ोन से जानकारी देकर संबंधित अथोरिटी की मदद ले सकते हैं। परन्तु यदि उस समय आपके पास मोबाइल फ़ोन नहीं है तो आप दूसरों पर ही निर्भर रहेंगे कि वे आपकी मदद करें। इसलिये बेहतर है कि जब भी आप घर से बाहर से निकलें, अपना मोबाइल फ़ोन साथ ले जाना ना भूलें। 

11. रोजगार का जरिया (Source of Employment)- यदि आप में हुनर है तो आप इंटरनेट का उपयोग करते हुऐ, मोबाइल फ़ोन को अपना रोजगार का जरिया बना सकते हैं और घर बैठे ही पैसा कमा सकते हैं। लोग ऐसा कर भी रहे हैं और पैसा कमा रहे हैं। कोई अपने प्रोडक्ट का प्रचार कर ऑनलाइन सामान बेच रहा है तो कोई लेखन के द्वारा। जिस फील्ड में आप माहिर हैं, उसके बारे में लिखिये, नई-नई जानकारी दीजिये, कविता, कहानियां लिखिये, हैल्थ से संबंधित आर्टिकल लिखिये, कंम्प्यूटर से संबंधित कुछ नया लिखिये, कोई ऐप बनाइये और बदले में गूगल से पैसा कमाइये। शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन कोचिंग दीजिये और पैसा कमाइये। कहने का तात्पर्य यह है कि मोबाइल को आप कमाई का जरिया बना सकते हैं। 

12. अपना शौक पूरा कीजिए (Pursue Your Hobby)- रोजगार का माध्यम बनाने के अलावा मोबाइल फ़ोन के जरिये अपना शौक पूरा कर सकते हैं जैसे अपने गाने, अपने वीडियो अपनी चित्रकला, अपनी फोटोग्राफी आदि संबंधित प्लेटफॉर्म पर अपलोड कीजिये। कुछ सीखने का शौक है तो इसके माध्यम से सीख सकते हैं जैसे कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना, देश विदेश की भाषा, फैशन डिजाइन, मेकअप ट्रेनिंग, डांसिंग, गेम टैक्नीक आदि। 

13. मनोरंजन कीजिए (Have Fun)- हर कोई शाम को अपने काम से घर लौटता है तो थका हुआ होता है। फ्रेश होकर कुछ अपने मन पसंद के गाने सुनने से या वीडियो देखने से या कोई मूवी देखने से दिन भर की थकान उतर जाती है। आपका स्वस्थ मनोरंजन हो जाता है। आप अपनी मर्जी से पसंद से अपना मनोरंजन कर सकते हैं।  मोबाइल फ़ोन का यह भी महत्वपूर्ण फायदा है।

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14. जन सुरक्षा में सक्रिय (Active in Public Safety)- मोबाइल फ़ोन के आने से पुलिस और सुरक्षा बल का कार्य बहुत आसान हो गया है। इसकी मदद से अनेक अपराधी पकड़े गये हैं। GPS के द्वारा किसी भी मोबाइल फ़ोन की लोकेशन कंप्यूटर द्वारा ट्रैक की जा सकती है। कॉल डिटेल्स, मैसेज डिटेल्स, अपराधियों के रिकार्डस् आदि से अपराधियों तक पहुंचना पुलिस के लिये आसान हो जाता है। मोबाइल की मदद से ब्लेंक केस भी सोल्व हुऐ हैं। इसी प्रकार देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा में भी सूचना के आदान-प्रदान के द्वारा मोबाइल फ़ोन की सक्रिय भूमिका रहती है। 

15. कोरोना काल में ऑनलाइन गतिविधियां (Online Activities in Corona Period)- कोरोना महामारी ने पूरे विश्व की शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया। पूरी दुनियां के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सब बंद हो गये, बच्चे घर बैठ गये। सरकारी और निजी सैक्टर पर भी इसका कुप्रभाव पड़ा। ऐसे में बागडोर संभाली मोबाइल फ़ोन ने। मोबाइल फ़ोन के जरिये क्लासिज़ चलने लगीं। जो स्कूल और माता-पिता या ग्राम पंचायत बच्चों को मोबाइल देने के पक्ष में नहीं थे, बच्चों के भविष्य के लिये और वक्त की नजाकत को देखते हुऐ, बच्चों को मोबाइल फ़ोन मुहैया कराने के पक्ष में हो गये। के।जी। के छोटे बच्चों से लेकर स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास चलने लगीं और उनकी शिक्षा बर्बाद होने से बच गयी। इस प्रकार कोरोना की महामारी में शिक्षा के क्षेत्र में मोबाइल फ़ोन की सकारात्मक भूमिका पूरी दुनियां ने देखी। कुछ सरकारी विभागों के कर्मचारियों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों ने भी घर से ही काम किया और मोबाइल पर ही सूचना का आदान प्रदान होता रहा। 

मोबाइल फोन के नुकसान Disadvantages of More Using Mobile Phone

1. लत लग जाती है (Gets Addicted)- मोबाइल फ़ोन का नशा ऐसा है कि सिर चढ़ कर बोलता है। इसकी लत ने अधिकतर लोगों को बुरी तरह जकड़ रखा है, क्या बच्चे और क्या बड़े। पिछले वर्षों में ऐसी अनेक खबरें आती रहीं कि बच्चों ने पबG नामक गेम खेलते हुऐ आत्महत्या की। लिहाजा भारत सरकार को इस गेम पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। जिसको जो पसंद है वह उसी में बिजी रहता है। गेम, गाने, वीडियोज़। यहां तक कि राह में पैदल चलते हुऐ भी उनका ध्यान मोबाइल फ़ोन में ही रहता है चाहे उनके साथ कोई दुर्घटना ही क्यों ना हो जाये। इसकी लत लगने पर सबसे ज्यादा कुप्रभाव पूरे परिवार पर पर पड़ता है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी से कट जाता है हर सदस्य एक दूसरे से दूर होता जा रहा है। 

2. आंखों पर प्रभाव (Effect on Eyes)- अधिक समय तक लगातार मोबाइल फ़ोन पर की स्क्रीन पर आंखें गढ़ाये रहने से, आंखों पर बुरा असर पड़ता है। विशेषकर रात के समर बिस्तर पर अंधेरे में वीडियो, मूवी आदि देखना या चैट करना आदि से आंखें दुखना, आंखों से पानी आना, दृष्टि में गिरावट, इसके कारण सिर में रहना, जैसे लक्षण प्रकट होते हैं । 

3. स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव (Bad Effect on Health)- दोस्तो,  मोबाइल फ़ोन के अधिक  इस्तेमाल करने से रेडिएशन होता है या नहीं होता है इस बात की प्रमाणिकता की बात ना भी करें तो भी यह तो तय है कि इसका स्वास्थ पर बहुत बुरा असर पड़ता है। तभी तो डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि हैंड्स-फ्री लगाकर बात करनी चाहिये ताकि यह हमारे मस्तिष्क से दूर रहे और इसकी वाइब्रेशन कोई मस्तिष्क को या हृदय को नुकसान ना पहुंचाये। शर्ट की जेब में रखने को भी इसीलिये मना किया जाता है। पैन्ट, जीन्स की आगे की जेब में रखना भी ठीक नहीं माना जाता। इसका कुप्रभाव पुरुषत्व पर पड़ता है। डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन, विशेषकर बच्चों में देखने को मिलता है। इसके अतिरिक्त डॉक्टरों के अनुसार भूख न लगना, गर्दन में दर्द, प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर पड़ जाना,  मस्तिस्क ट्यूमर, ब्लड कैंसर, बाँझपन, कोशिकाओं में असामन्य वृद्धि आदि शारीरिक बीमारियों का कारण मोबाइल का हद से ज्यादा इस्तेमाल करना है। 

4. अनिद्रा रोग (Insomnia Disease)- मोबाइल फ़ोन के अधिक इस्तेमाल करने का सबसे भयंकर नुकसान नींद का होता है। मोबाइल के चक्कर में लोग आधी-आधी रात तक जागते हैं यानी केवल 50% ही नींद ले पाते हैं। लोग अधिकतर रात को मूवीज़, सीरियलस् या अश्लील वीडियोज़ देखते हैं। इस प्रकार उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती जिसका प्रभाव उनके स्वास्थ पर पड़ता है, उनको इंसोमेनिया अर्थात् अनिद्रा बीमारी घेर लेती है।

5. दुर्घटनाओं का कारण (Cause of Accidents)- असमय मोबाइल फ़ोन का उपयोग दुर्घटनाओं का कारण बनता है विशेषकर तब जब कानों में लीड लगा रखी हो। बहुत घटनाऐं ऐसी हुई हैं जिनमें व्यक्तियों की जान चली गई जैसे रेल पटरी पार करते समय रेल की सीटी सुनाई नहीं दी और कट गये। सड़क पार करते हुऐ किसी वाहन ने टक्कर मार दी, घायल हो गये या मर गये। और कुछ नहीं तो चलते-चलते खंबे से टकरा गये, या पैर मुड़ गया और गिर गये। या गाड़ी चलाते समय मोबाइल फ़ोन पर बात करने लगे, ध्यान भंग हुआ और दुर्घटना घट गई। इसीलिये भारत में वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन पर बात करना अपराध माना जाता है। ऐसी गतिविधि दुर्घटना को निमंत्रण देती है। अमरिका राष्ट्रीय सुरक्षित परिषद् के मुताबिक, अमेरिका में प्रति वर्ष 1।6 करोड़ से अधिक दुर्घटनाऐं वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन पर बात करने के कारण होती हैं।

6. समय-समय परेशान करता है (Bothers from Time to Time)- बहुत बार मोबाइल फ़ोन के बजने से परेशानी हो जाती है जैसे आप किसी मीटिंग में बैठे हैं और आप फ़ोन स्विच ऑफ करना भूल गये तो बीच में किसी का कॉल आ गया तो आप असहज महसूस करने फिर से कॉल आता है और आप शर्मिंदगी महसूस करते हैं या कई बार ऐसा होता है कि आप ऑफिस के लिये या कहीं और जगह जाने के लिये तैयार हो रहे होते हैं तभी नोटिफिकेशन की घंटी बजती है और आप से देखने लगते हैं। सबसे बुरा उस समय लगता है जब रात को पति-पत्नी के प्रेमालाप के बीच यह बार-बार बोलता है या किसी की कॉल आती है। कहने का तात्पर्य यह है कि आपके बिजी शैड्यूल के बीच आपको यह बार-बार परेशान करता है। 

7. समय की बर्बादी (Wastage of Time)- जब कभी आप ठाली बैठे हुऐ हैं आपके पास कुछ करने को नहीं है तो आपका ध्यान सीधा मोबाइल पर जायेगा और गेम खेलने लगेंगे या कुछ और देखने लगेंगे बजाय उस खाली समय का सदुपयोग करने के। आप इस खाली समय में कोई पुस्तक पढ़ सकते हैं, बच्चों के साथ खेल सकते हैं परिवार के साथ मौज मस्ती कर सकते हैं, परिवार की समस्या को समझ कर उसका समाधान निकाल सकते हैं, या दोस्तों से मिल सकते हैं। या कोई सक्रिय काम कर सकते हैं। बच्चे भी फ़ोन पर लगे रहते हैं और अपने खाली समय का सदुपयोग नहीं करते। अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि मनुष्य ने ही मोबाइल फ़ोन समय बर्बाद करने वाली मशीन बना कर रख दिया है। 

8. गोपनीयता और सुरक्षा को खतरा (Privacy and Security Threats)- हर व्यक्ति सुविधा के नाम पर अपनी पर्सनल जानकारी, दस्तावेज, फोटो, वीडियो, बैंक अकाउंट से जुडी जानकारियां डालकर सेव करके रखता है। इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन पैसे की ट्रांजेक्शन आदि की डिटेल मोबाइल में होती है। यद्यपि इंटरनेट बैंकिंग या ट्रांजेक्शन की कई लेयर सुरक्षा होती है फिर भी यदि मोबाइल फ़ोन खो जाये तो ऐसा लगता है कि जैसे शरीर से जान निकल गई। एक्सपर्ट्स नई-नई तकनीक के जरिये खोये हुऐ मोबाइल से आपकी सारी जानकारी ले लेते हैं। कई बार आपका फ़ोन हैक कर लिया जाता है और पता भी नहीं चलता। इसलिये यह जरूरी है कि ऐसी जानकारी फ़ोन में ना रखी जाये जिसके लीक होने पर निजी और आर्थिक नुकसान ना हो। 

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9. आर्थिक नुकसान (Economic Loss)- जब हम मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करते हैं तो इसके लिये हमें रीचार्ज करवाना पड़ता है। इसमें हमारा बहुत पैसा खर्च हो जाता है। कई बार ऐसा होता है कि मोबाइल रीचार्ज करवाने के लिये हम दूसरी जरूरत की चीजों में कटौती करते हैं क्योंकि हम सोचते हैं कि यह रीचार्ज करवाना जरूरी है इसके बिना काम नहीं चलेगा बाकी के लिये मैनेज़ कर लेंगे। एक सर्वे के मुताबिक हम लगभग अपनी गाढ़ी कमाई का 40 प्रतिशत भाग कॉल और डाटा पेक डालने में ही खर्च कर देते हैं।

10. पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों का हन न(Violation of Family and Social Values) दोस्तो, यह कहना गलत नहीं होगा कि पॉलिटिशियनस् के बाद प्यार मोहब्बत और आपसी भाईचारे में ज़हर घोलने का काम मोबाइल फ़ोन ने किया है। एक समय था जब लोगों के पास मोबाइल फ़ोन नहीं था मगर दिलों में प्यार था, एक दूसरे को देखकर खुश होते थे और आज सबके पास मोबाइल है मगर दिल खाली है। यहां तक कि पति के पास अपनी पत्नी के लिये समय नहीं है कि वह उससे प्यार के दो बोल ही बोल दे, बेचारी पत्नी तरसती रहती है। कहीं पत्नी अपने फ़ोन पर लगी हुई है और पति उसकी राह देख रहा है कि वो कब आये कब बात करे। आ भी गई तो सो गई, बातचीत का कोई मतलब नहीं। इसी प्रकार माता-पिता मोबाइल के चक्कर में बच्चों पर ध्यान नहीं देते और वो राह भटक जाते हैं। ऐसे माहौल में बच्चे क्या करें वे भी माता-पिता की नहीं सुनते बस मोबाइल फोन को ही अपना हमसफर बना लेते हैं। ये तो हुई परिवार की बात, अब समाज की बात करें तो यदि कोई पड़ोसी या रिश्तेदार घर आ जाता है तो उसकी तरफ तवज्जो नहीं दी जाती और आप मोबाइल पर चिपके रहते हैं और सोचते हैं कि यह कब जायेगा। इसी को कहते हैं सामाजिक मूल्यों का ह्रास। कोई किसी से मिलने को राजी नहीं है। और इस तरह धीरे-धीरे मोबाइल ने आदमी को आदमी से दूर कर दिया। यही सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। 

Conclusion  

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको मोबाइल फ़ोन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मोबाइल फोन, एक परिचय, भारत में पहली बार मोबाइल सर्विस और मोबाइल फोन के प्रकार, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से मोबाइल फोन के फायदे और मोबाइल फोन के नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।


Disclaimer यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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मोबाइल फोन के फायदे और नुकसान
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मोबाइल फोन के फायदे और नुकसान
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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको मोबाइल फ़ोन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मोबाइल फोन, एक परिचय, भारत में पहली बार मोबाइल सर्विस और मोबाइल फोन के प्रकार, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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1 Comment

सोरभ कुमार · March 21, 2022 at 4:04 am

मुझे आपके दुबारा बताए गए मोबाइल फ़ोन फायदे और नुकसान पढकर बहुत अच्छे लगे धन्यबाद

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