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नपुंसकता को दूर करने का देसी उपाय- Home Remedies to Remove Impotence in Hindi

दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है वह पुरुष से सम्बंधित परन्तु इसका सीधा असर स्त्री पर पड़ता है। इसके समाप्त होने पर पुरुष मानसिक तनाव में रहता है और आत्मग्लानी अनुभव करता है परन्तु आघात स्त्री के हृदय पर होता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं नपुंसकता को दूर करने का देसी उपाय के बारे में जो पुरुष के पुरुषत्व की, और वैवाहिक जीवन का आधार है। यही है हमारा आज का टॉपिक। 

दोस्तो, यह प्राकृतिक और शास्वत सत्य है कि सृष्टी का आधार नर और मादा का समागम होता है, चाहे पशु पक्षी हों, जीव जन्तु, कीड़े मकोड़े, जलचर हों, या स्त्री पुरुष। मानव योनि (स्त्री-पुरुष) को कर्मयोनि कहा गया है क्योंकि संसार में मानव ही कर्म कर सकता है अन्य योनियां नहीं। पुरुष अपने कर्म से अपने परिवार में अपनी पत्नी और बच्चों का भरण पोषण करता है, उनकी रक्षा करता है। 

दोस्तो, मानव के लिये समागम का अर्थ केवल सृष्टी की रचना ही नहीं है बल्कि वैवाहिक जीवन का आनंद भी होता है। वैवाहिक जीवन के आनंद का आधार होता है पुरुष का पुरुषत्व और स्त्री में कामेच्छा। दोस्तो, जरा कल्पना कीजिये यदि पुरुष में पुरुषत्व ही समाप्त हो जाये तो क्या गुजरेगी पुरुष और स्त्री पर और कैसा होगा उनका वैवाहिक जीवन। दोस्तो, आज के लेख में हम आपको यही बतायेंगे कि पुरुष का पुरुषत्व यानि नपुंसकता किसे कहते हैं, क्या कारण होते हैं इसके समाप्त होने के और नपुंसकता को दूर करने के क्या देसी उपाय हैं। तो जानते हैं नपुंसकता किसे कहते हैं?

 

नपुंसकता किसे कहते हैं – What is Impotence

दोस्तो, नपुंसकता यानि इम्पोटेन्सी (impotency) को मैडिकल साइंस की भाषा में इरेक्टाइल डिसफंक्शन  (Erectile dysfunction) कहा जाता है। जब कोई पुरुष अपने पार्टनर के साथ ठीक से सहवास (Physical Relationship) करने में खुद को पूरी तरह से समर्थ नहीं पाता  है अर्थात् सहवास (Physical Relationship) से ना तो खुद संतुष्ट होता है और ना ही अपने पार्टनर को संतुष्ट कर पाता है, ऐसी स्थिती को नपुंसकता कहते हैं। 

इसे अच्छी तरह समझने के लिये पहले यह समझना होगा कि सहवास (Physical Relationship) के लिये चार अवस्थायें होती हैं – 

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1. कामेच्छा।

2. पुरुष के “विशेष अंग” में निरन्तर पर्याप्त उत्तेजना का बने रहना। 

3. पार्टनर के जननांग में अपने अंग को प्रवेश कराना। 

4. चरम अवस्था।  

इन चार अवस्थाओं में से किसी एक अवस्था में किसी को उत्तेजना होती है तो दूसरी अवस्था में नहीं होती – उदाहरण के तौर पर हस्तमैथुन के समय पूरी उत्तेजना है, बिस्तर पर अपने पार्टनर के साथ भी उत्तेजित है परन्तु सहवास (Physical Relationship) करने से पहले, या करते समय उत्तेजना समाप्त हो जाती है। इसी को नपुंसकता कहा जाता है। 

यहां एक संदर्भ (Reference) का उल्लेख करना ठीक होगा कि ब्रिटेन के नैशनल हैल्थ सर्विस के अनुसार 40 से 70 वर्ष की आयु के आधे से ज्यादा व्यक्ति नपुंसकता से पीड़ित हैं। इंटरनेशनल सोसाइटी फोर इम्पोटेंस रिसर्च इन एम्सटर्डम ने 1998 में पुरूषों की सोच को लेकर किये गये सर्वे के अनुसार नपुंसकता उनके दिमाग में थी जिसका कारण तनाव, चिंता, अवसाद (Depression), पार्टनर की समस्या, और मनोवैज्ञानिक आधार बताया गया। यह बात, 10 देशों के 4000 व्यक्तियों में से 50% से अधिक ने बताई। कईयों ने यह भी माना कि जब हस्तमैथुन के समय वे ठीक होते हैं, पार्टनर के साथ बिस्तर पर भी ठीक होते हैं परन्तु सहवास क्रिया के समय अपने को असमर्थ पाते  हैं।

नपुंसकता के प्रकार – Types of Impotence

दोस्तो, नपुंसकता कई तरह की हो सकती है निर्भर करती है व्यक्ति की विभिन्न अवस्थाओं, परिस्थितियों और कारणों पर। मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार की  नपुंसकता देखी गयी है :- 

1. प्राथमिक नपुंसकता (Primary impotence)- पुरुष के “विशेष शरीर” में चोट लगना, या तंत्रिका-तंत्र में किसी प्रकार की समस्या अथवा “विशेष शरीर” की दोषपूर्ण संरचना। ऐसी अवस्था में उत्तेजना नहीं जागती। 

2. संपूर्ण नपुंसकता (Total impotence)- यह ऐसी परिस्थिती होती है कि जिसमें पहले कभी भी उत्तेजना नहीं हुई थी और ना ही कभी भविष्य में हो सकती है।  

3. अल्प कालीन या माध्यमिक नपुंसकता (Secondary impotence)- इस स्थिति में किसी कारणवश उत्तेजना कम हो जाती है या नहीं आती है। दूसरी बार उत्तेजना ठीक रहती है तो फिर कभी पहले वाली स्थिति रिपीट हो जाती है। यह सिलसिला चलता रहता है। ऐसी नपुंसकता का उपचार जल्दी हो जाता है। 

4. परिस्थितिजन्य नपुंसकता (Circumstantial impotence)- किसी को हस्तमैथुन में अधिक आनंद मिलता है तो वो अपने पार्टनर के साथ सहज नहीं हो पाता और उत्तेजना खो देता है। तो कोई हस्तमैथुन जैसी उत्तेजना महसूस तो करता है, बिस्तर पर भी अपने पार्टनर के साथ उत्तेजित भी रहता है लेकिन सहवास (Physical Relationship) के समय उसकी उत्तेजना स्वतः ही समाप्त हो जाती है। एक अन्य परिस्थिति में पुरुष अपनी स्त्री के साथ उत्तेजित अनुभव नहीं करता परन्तु अन्य के साथ बहुत सही रहता है या अपनी स्त्री अथवा अन्य के साथ भी कम उत्तेजित होता है परन्तु पुरुष, पुरुष के साथ सहवास करने के लिये जबरदस्त उत्तेजना से भर जाता है। 

उत्तेजना कहां से आती है – Where does the Excitement Come

दोस्तो, अब ये समझना जरूरी हो जाता है पुरुष के उस “विशेष अंग” में उत्तेजना कहां से आती है। सबसे पहले तो मन और मस्तिषक में सहवास का विचार आना जरूरी है जिससे हार्मोन्स् द्रव्य प्रवाहित कर मस्तिषक में सहवास के विचारों को बनाये रखें। उत्तेजना लाने का काम तंत्रिका तंत्र के साथ रक्त वाहिकाएं करती हैं जो “विशेष अंग” की धमनियों में रक्त को बहुत तेजी से प्रवाहित करती हैं जिससे ये अंग उत्तेजित होकर बहुत सख्त हो जाता है। सहवास के बाद रक्त के प्रवाह की गति कम होने पर धमनियां सामान्य हो जाती हैं और अंग भी ढीला होकर सामान्य अवस्था में आ जाता है।

नपुंसकता और अन्य बीमारियों में अंतर – Differences in Impotence and other Diseases

दोस्तो, नपुंसकता के अतिरिक्त कुछ अन्य बीमारियां भी हैं जिनको लेकर संशय (confusion) रहता है। तो करते हैं संक्षेप में confusion दूर।

1. नपुंसकता  (Erectile dysfunction) – उत्तेजना की कमी या उत्तेजना होने पर भी सहवास करने में असमर्थ या असहाय महसूस करना।

2. प्रजनन हीनता (Infertility)- उत्तेजना होती है। पुरुष सहवास करने में पूरी तरह समर्थ भी है। खुद और पार्टनर दोनों ही संतुष्ट रहते हैं परन्तु प्रजनन के लिये शुक्राणु बहुत कम होते हैं, या बिल्कुल भी नहीं होते।

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3. स्वप्न दोष (Dream defect or Night fall) – रात को सोते समय सपने में अपने आप स्खलित हो जाना।

4. शीघ्रपतन (Premature ejaculation)- उत्तेजना भी पूरी तरह होती है परन्तु खुद पर कन्ट्रोल नहीं रख पाना। सहवास  (Physical Relationship) करने के लिये जननांग में प्रवेश कराने से पहले ही, कराते समय स्खलित हो जाना, या कराने के बाद बहुत ही जल्दी स्खलित हो जाना। परिणाम ये होता है कि दोनों ही संतुष्ट नहीं होते।

नपुंसकता के कारण – Cause of Impotence

दोस्तो, नपुंसकता के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं –

1. धमनियों के बंद होने के कारण रक्त के प्रवाह का असर सारे शरीर पर पड़ता है। 

2. हार्मोन्स में गड़बड़ी – कामेचछा को जागृत करने वाले हारमोन्स् की कमी। टेस्टिक्युलर फेलियर, पिट्यूटरी ग्रंथि से  सम्बंधित विकार। 

3. मानसिक तनाव

4. मधुमेह

5. दिल की बीमारी

6. उच्च रक्तचाप

7. उच्च कोलोस्ट्रोल

8. धूम्रपान

9. शराब की लत

10. ड्रग्स की आदत जैसे, आफीम, चरस, कोकीन, चरस, आदि

11. मेटाबोलिक सिंड्रोम

12.  मोटापा

13. कैंसर

14. कैंसर वाली दवाईयां 

15.  रीढ़ की हड्डी में चोट लग जाने से स्तंभन को उत्तेजित करने वाली नस का कट जाना 

16. पेल्विक में चोट लग जाने से स्तंभन को उत्तेजित करने वाली नस का कट जाना।

17. मनोवैज्ञानिक कारण जैसे रिश्तों की समस्यायें अर्थात् अपनी स्त्री के साथ सहज ना हो पाना परन्तु अन्य के साथ ठीक रहना।

18. पोर्न फिल्म्स की लत लग जाना।

19. अश्लील साहित्य में रुचि

20. बहुत ज्यादा हस्त मैथुन करना।

नपुंसकता को दूर करने का देसी उपाय – Home Remedies to Remove Impotence

1. पानी (Water)- कहते हैं कि जल ही जीवन है, जल ही अमृत है। यह बात सच है। शरीर की अनेकों बीमारियों का इलाज है पानी। डॉक्टर भी दवाओं के साथ साथ खूब पानी पीने को कहते हैं। प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीना चाहिये। शरीर के विशैले पदार्थ बाहर निकलते रहेंगे। नपुंसकता में सुधार होगा और सेक्‍सुअल लाइफ अच्छी रहेगी। 

2. हल्दी और शहद (Turmeric and Honey)- हल्दी और शहद के गुणों को कौन नहीं जानता। सुबह खाली पेट हल्दी पाउडर में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से नपुंसकता में फायदा होगा और वीर्य गाढ़ा। काम शक्ति भी बढ़ेगी। 

3. भीगे हुए चने (Soaked gram)- चनों की शक्ति को सभी जानते हैं। भीगे हुऐ  चनों के साथ बादाम का सेवन सुबह शाम करने से नपुंसकता दूर होगी और काम शक्ति भी बढ़ेगी। 

4. गाजर (Carrot)- गाजर का 200 मि।ली। रस पीना चाहिये। यह कामशक्ति को और सम्भोग शक्ति को बढ़ाता है।  नपुंसकता भी दूर होती है।

5. गाजर और प्याज (Carrots and onions)- गाजर और प्‍याज का सलाद भोजन में शामिल कीजिये। नपुंसकता में फायदा होगा।

6. प्याज (Onions)- 8, 6, 3 मि।ली। के अनुपात में क्रमशः प्याज (सफेद वाली), अदरक और शहद को 3 मि।ली। घी में मिलाकर 3 सप्ताह तक सेवन करने से नपुंसकता दूर होगी। 

7. प्याज, शहद और मिश्री (Onion, Honey and Mishri)-  सफेद प्याज का आधा चम्मच रस को आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच  मिश्री के पाउडर में मिलाकर   प्रतिदिन सुबह शाम सेवन करें। 

8. जामुन (Java Plum)- जामुन डायब्टिज में तो रामबाण है ही, नपुंसकता में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जामुन की गुठली को पीसकर बनाये हुऐ पाउडर को गर्म दूध के साथ  प्रतिदिन सेवन करने से नपुंसकता से छुटकारा मिलेगा और शुक्राणु भी बढ़ेंगे। 

9. लहसुन (Garlic)- लहसुन की तासीर गर्म होती है और एंटीऑक्‍सीडेंट्स गुणों से भरपूर। कामोत्तजना के लिये सुपर। प्रतिदिन 2 या 3 लहसुन की कलियां ऐसे ही खाइये और नामर्दी को दूर भगाकर कामशक्ति को बढ़ाइये। 

10. सफेद मूसली और मिस्री (White musli and mishri)- इनको बराबर मात्रा में पीसकर पाउडर बना लें। प्रतिदिन सुबह शाम 5 ग्राम की मात्रा में लेकर दूध के साथ सेवन करें। सम्भोग शक्ति बढ़ जायेगी।  

11. तुलसी और सफेद मुसली (Basil and White Muesli)-  10 ग्रा। तुलसी के बीजों का पाउडर बना लें। फिर 25 ग्रा। सफेद मुसली के पाउडर में और 60 ग्रा। मिश्री पाउडर के साथ मिक्स करके, रोजाना सुबह शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें।  

12. अदरक का सेवन (Ginger)- अदरक की तासीर भी गर्म होती है। “काम” के दौरान रक्त के प्रवाह को बढ़ाये रखती है जिससे कि उत्तेजना बनी रहे। हर रात अदरक का रस निकाल कर, एक चम्मच शहद में मिलाकर अंडे के साथ मिलाकर सेवन करें। इससे उत्तेजना बढ़ेगी और कामशक्ति भी। 

13. अनार का रस (Pomegranate juice)- अनार में आयरन की प्रचुर मात्रा होती है साथ ही यह एंटीऑक्‍सीडेंट्स गुणों से भरपूर होता है। प्रतिदिन एक गिलास अनार का रस पीने से रक्त संचार सही बना रहता है और तनाव भी दूर होता है। अनार का रस शरीर में नाइट्राइट ऑक्साइड स्तर को बढ़ाने का काम करता है। परिणाम स्वरूप बारी-बारी से रक्त परिसंचरण बढ़ जाता है।

14. जिंक युक्‍त खाद्य पदार्थ (Zinc-rich foods)- कई बार शरीर में जिंक की कमी हो जाती है विशेषकर उन व्यक्तियों में जो लीवर, डायबिटीज और किडनी जैसी बीमारियों से परेशान हैं। ऐसे लोगों में नपुंसकता का प्रभाव ज्यादा होता है। इसलिये जिंक वाले खाद्य पदार्थों जैसे डार्क चॉकलेट, लहसून, तरबूज, गेहूं, क्रैब्‍स, ऑयस्‍ट आदि का सेवन करते रहना चाहिये।

15. छुहारे (Dates)- सूखे मेवे में छुहारे का अपना ही महत्व है। छुहारे में कैल्शियम, आयरन, जिंक, मैग्निशयम, फाइबर जैसे पोषण तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।  2 या 3 छुहारों को दूध में काफी देर तक उबाल लें। छुहारों को थोड़ा सा ठंडा कर के खायें। एकदम से खायेंगे तो जीभ जल जायेगी। और उसी दूध को गुनगुना पी लें। नपुंसकता से छुटकारा मिल जायेगा।  

16. छुहारे और किशमिश (Dates and raisins)- छुहारे के गुण हम बता ही चुके हैं। 2 छुहारे और 5 ग्राम किशमिश रात भर के लिये पानी में भिगो दें और सुबह दूध के साथ खायें।  फायदा होगा।

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17. बादाम (Almond)- रात को बादाम की चार, पांच गिरि पानी में भिगो दें। सुबह इनको पीस कर 2 ग्रा। इलायची के दाने, 1 ग्रा। जावित्री पाउडर और 10 ग्रा। मिश्री पाउडर 2 चम्मच मक्खन में मिलाकर, सुबह खायें। नपुंसकता खत्म होगी और शुक्राणुओं की संख्या भी बढ़ेगी। 

18.  बादाम, छुहारे, काजू (Almonds, Dates, Cashew Nuts)- इन तीनों के संगम से जबरदस्त फायदा होगा। रात को सोने से पहले 2 बादाम, 4 छुहारे और 2 या 3 काजू दूध में उबाल लें और मिश्री मिलाकर पीयें।

19. बादाम, खजूर और किशमिश (Almonds, Dates and Raisins)- इन मेवों का और पिस्‍ता का भी नियमित परन्तु बहुत कम मात्रा में सेवन कीजिये। यौन समस्‍याओं में फायदा होगा।

20. कौंच की पत्तियां और उड़द की दाल (Kaunch leaves and urad dal)- कौंच का पौधा मैदानी इलाकों में झाडि़यों के रूप में मिलता है। इसकी पत्तियां नीचे की ओर झुकी हुई होती हैं। यह औषधीय गुणों से सम्पन्न होता है। इस की पत्तियों, बीजों व शाखाओं का उपयोग दवाईयां बनाने के लिये किया जाता है। अधिकतर इसका उपयोग यौन क्षमता बढ़ाने के लिये किया जाता है। कौंच की दो पत्तियों को आधी चम्मच उड़द की दाल के साथ पीस लें। इसका सेवन दिन में  दो बार करें। इससे कामशक्ति बढ़ेगी।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको पुरुषों की बीमारी नपुंसकता को दूर करने का देसी उपाय के बारे में बताया। नपुंसकता के प्रकार, अवस्थायें और इसके कारण भी बताये। दोस्तो, इस बीमारी को खत्म करने के बहुत सारे देसी उपाय भी बताये।  आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer- यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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