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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, बहुत बार आपने नोटिस किया होगा कि जब आप बाहर से आकर कमरे में प्रवेश करते हैं तो आपको साफ नजर नहीं आता लेकिन कुछ पल के बाद आपको सब साफ-साफ नजर आने लगता है। सिनेमाहाल में प्रवेश करते समय भी यही स्थिति होती है। हम कुछ नहीं देख पाते लेकिन कुछ समय बाद सब कुछ साफ-साफ नजर आता है। क्योंकि प्रकाश से अंधेरे में या कम प्रकाश में जाने पर हमारी आंखों को अनुकूलित होने में कुछ समय लगता है यानी कि आंखों को अपनी सेटिंग करने में समय लगता है। यदि यह समय कुछ पल का ना होकर लंबा हो जाये तो और रात को भी देखने में दिक्कत होती हो तो इसे क्या कहेंगे। जी हां, यह एक आंखों की समस्या है जिसे रतौंधी कहा जाता है। आखिर इसका उपाय क्या है? दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “रतौंधी के घरेलू उपाय”। देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आज आपको रतौंधी के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इससे छुटकारा पाने के क्या उपाय हैं। तो सबसे पहले जानते हैं कि रतौंधी क्या है और इसके क्या कारण होते हैं। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

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रतौंधी के घरेलू उपाय
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रतौंधी क्या है? What is Night Blindness?

दोस्तो, रतौंधी जिसे निएक्टालोपिया (Nyctalopia) और नाइट ब्लाइंडनेस (Night blindness) के नाम से जाना जाता है, नेत्र रोग है। रतौंधी वस्तुतः अपने आप में कोई स्थिति नहीं है अपितु यह नेत्र विकार का परिणाम है। यह एक आम समस्या है जो किसी भी आयु वर्ग के महिला, पुरुष को हो सकती है। चाहे वह बच्चा है, युवा हो या बुजुर्ग किसी को भी हो सकती है। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें आंख को, प्रकाश से कम प्रकाश या अंधेरे में जाने पर, अनुकूलित करने में सामान्य से अधिक समय लगता है और पूर्णरूप से अपने को सैट नहीं कर पाती। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को अंधेरे में स्पष्ट दिखाई नहीं देता। इसके चलते अक्सर दुर्घटनाऐं होती रहती हैं। ज्यादातर लोगों को सड़क पार करने में दिक्कत होती है। रात को ड्राइविंग करने में बहुत दिक्कत होती है। सड़क पर लगे संकेत पट्टिकाऐं (Sign Boards) को सही से और जल्दी समझने में बहुत परेशानी होती है। इसके चलते सड़क दुर्धटना होने की संभावना बनी रहती है। देसी हैल्थ क्लब यहां स्पष्ट करता है कि रतौंधी पूर्ण अंधेपन की स्थिति नहीं है।  इसका उपचार हो जाता है परन्तु एक सत्य यह भी है कि बचपन से ही हुई रतौंधी की समस्या स्थाई होती है इसका कोई उपचार नहीं है, यह लाइलाज है। इसके साथ ही रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के कारण होने वाली रतौंधी की समस्या भी लाइलाज है क्योंकि इस मामले में आंखों की रॉड और कॉन कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। 

रतौंधी के कारण Cause of Night Blindness

रतौंधी के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं

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1. रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा (Retinitis Pigmentosa)- यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें कम प्रकाश में देखने की क्षमता कम हो जाती है। इसकी शुरूआत अंधेरे में देखने की क्षमता में आई कमी से होती है। यह दुर्लभ अनुवांशिक स्थिति है। इसमें आंख की कोशिकाएं (रॉड) और कॉन कोशिकाएं जिनको रेटिनाइल फोटोरिसेप्टर कहा जाता है, खराब होने लगती हैं। 

2. रोडोप्सीन का निर्माण ना हो पाना (Failure of Rhodopsin)- आंखों की  कोशिकाएं जो रॉड और कुछ कॉन के आकार की होती हैं जिनका जिक्र हमने ऊपर किया है, इनके रंग कण प्रकाश के प्रति संवेदनशील होते हैं। इन रॉड कोशिकाओं में रोडोप्सीन नामक एक पदार्थ होता है जो आप्सीन प्रोटीन और रेटीनल नामक अप्रोटीन तत्वों से मिलकर बनता है। जब हम प्रकाश से अंधेरे में प्रवेश करते हैं तो रोडोप्सीन का तत्काल निर्माण हो जाता है जो कुछ क्षणों में दृष्टि को सामान्य कर देता है जिससे हम कम प्रकाश और अंधेरे में भी देखने लगते हैं। परन्तु जब रोडोप्सीन का निर्माण ना हो तो कम प्रकाश और अंधेरे में दृष्टि सामान्य नहीं हो पाती जिसके कारण हम कम प्रकाश और अंधेरे में स्पष्ट नहीं देख पाते।

3. विटामिन-ए की कमी (Vitamin A Deficiency)- नाइट ब्लाइंडनेस का सबसे सामान्य और प्रमुख कारण है भोजन में विटामिन-ए की कमी होना जिस कारण बच्चे कुपोषण का भी शिकार हो जाते हैं। विटामिन-ए दृष्टि और आंखों के स्वास्थ के लिये जिम्मेदार होता है। यही रोडोप्सीन के निर्माण में सहायक होता है। इसकी कमी से ज़ीरोफथालमिया नामक रोग भी हो जाता है जिसमें आंखों की झिल्ली में सूखापन आ जाता है। 

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4. मोतियाबिंद (Cataracts)- रतौंधी, मोतियाबिंद के लक्षण के रूप में भी देखा जा सकता है। मोतियाबिंद जिसे सामान्य भाषा में सफेद मोती कहा जाता है आंखों का आम रोग है जो 50 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों में होता है। इसका उपचार सर्जरी के माध्यम से किया जाता है। मोतियाबिंद पर अधिक जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “मोतियाबिंद से बचाव के उपाय” पढ़ें। 

5. ग्लूकोमा (Glaucoma) ग्लूकोमा के उपचार में दी जाने वाली दवाईयां भी रतौंधी की वजह बन सकती हैं। इन दवाओं के कारण प्यूपिल (आंख की पुतली) बंद हो जाता है। गलूकोमा के विषय में विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “Glaucoma क्या होता है?” पढ़ें

6. निकट दृष्टि दोष (Myopia)  निकट दृष्टि दोष की स्थिति में आंख की पुतली का आकार बढ़ जाता है या कॉर्निया की वक्रता (Curvature) बढ़ जाती है। इससे प्रकाश सही से फोकस नहीं हो पाता, दूर की वस्तु धुंधली दिखाई देती है लेकिन नजदीक का देखने में कोई परेशानी नहीं होती। दृष्टि के इस दोष के कारण रात को दृष्टि धुंधली हो सकती है। दृष्टि दोष के बारे में विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “एस्टिग्मैटिज़्म से बचाव के उपाय” पढ़ें। 

7. डायबिटीज (Diabetes)- यदि कोई डायबिटीज का मरीज है उसकी दृष्टि धूमिल पड़ने की संभावना अधिक रहती है।  क्योंकि यदि इसका समय पर इलाज ना कराया जाये तो आंखों की कोशिकाऐं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।

8. तेज धूप (Bright Sun)- अक्सर गर्मियों में आंखों की समस्या अधिक होती है क्योंकि सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। तेज धूप में घर से बाहर निकलने पर आंखों को बहुत तेज धूप लगती है। यदि किसी का काम ही इस प्रकार का है जो धूप में ही/भी करना पड़ता है तो उसकी दृष्टि धुंधली पड़ने की संभावना रहती है जो आगे लंबे समय में रतौंधी का कारण बन सकता है। 

रतौंधी के लक्षण Symptoms of Night Blindness

1. कम प्रकाश में, अंधेरे में या रात को स्पष्ट दिखाई ना देना रतौंधी का मुख्य लक्षण है।

2. रात को ड्राईविंग करने में परेशानी होना।

3. प्रकाश से कम प्रकाश या अंधेरे में प्रवेश करने पर दृष्टि अनुकूल होने में बहुत अधिक समय लगना। 

4. दृष्टि का धुंधला पड़ जाना।

5. आंखों में दर्द रहना।

6. सिर में दर्द रहना। 

7. अक्सर जी मिचलाना, उल्टी होना।

8. प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता।

रतौंधी का परीक्षण Night Blindness Test

आंखों से जुड़े किसी रोग के पिछले इतिहास के बारे में जानकर डॉक्टर निम्नलिखित टैस्ट करवा सकते हैं

1. बल्ड टैस्ट (Blood Test)- बल्ड टैस्ट के जिये बल्ड शुगर लेवल और विटामिन-ए की मात्रा का पता लगाते हैं।

2.. फंडोस्कोपिक/ऑप्थल्मोस्कोपिक (Fundoscopic / Ophthalmoscopic)- इसके जरिये रेटिना की जांच की जाती है। आंखों के कोनों और अंदर के हिस्सों में लगी चोट का पता चल जाता है। 

3. बायमाइक्रोस्कोपी (Biomicroscopy)- स्लिट लैंप के जरिये कंजिक्टिवा, कॉर्निया, पलकें, आंखों की पुतलियां, लेंस और आंखों का सफेद भाग आदि की बारीकी से जांच की जाती है।

4. इलेकट्रोरेटिनोग्राम (Electroretinogram)- यह प्रकाश पड़ने पर आंखों की रॉड कोशिकाओं की प्रतिक्रिया को नापता है। 

5. विजुअल टैस्ट (Visual Test)-  इससे यह पता चलता है कि रतौंधी की वजह ग्लूकोमा और स्ट्रोक तो नहीं है। 

6. चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस के नम्बर की दुबारा से जांच करना। 

रतौंधी का उपचार Treatment of Night Blindness

दोस्तो, रतौंधी का इलाज रतौंधी के कारणों और लक्षण के आधार पर किया जा सकता है जैसे

1. निकट दृष्टि दोष के मामले में चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करने को कहा जाता है।

2. रात को ड्राईविंग करने के लिये चश्मा पहनने के लिये कहा जा सकता है।

3. धूप में बाहर निकलने के लिये धूप का चश्मा पहनने को कहा जाता है ताकि सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाव हो सके।

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4. कुछ दवाओं के कारण रतौंधी की समस्या होती है जैसे क्विन्डाइन, इसलिये इनकी जगह अन्य वैकल्पिक दवाऐं लेने की सलाह दी जाती है।

5. विटामिन-ए की कमी के मामलों में विटामिन-ए युक्त भोजन करने की सलाह दी जाती है जैसे अंडे, पाश्चराइज्ड दूध, नारंगी और पीले रंग की सब्जियां, गहरे रंग की पत्तेदार हरी सब्जियां, फल, कॉड लिवर तेल आदि।  बच्चों को ओरल या इंजेक्शन द्वारा विटामिन-ए की खुराक दी जाती है।

6. सर्जरी कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है। यदि रतौंधी का कारण निकट दृष्टि दोष है तो इसका उपचार लेज़र-असिस्टेड इन सीटू केराटोमिलेसिस सर्जरी (LASIK) द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में कॉर्निया के बिगड़े आकार को सही आकार देकर दृष्टि दोष दूर किया जाता है जिससे आंखों में आने वाले प्रकाश को चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस के बिना रेटिना पर केंद्रित किया जा सके। 

7. मोतियाबिंद की सर्जरी मोतियाबिंद के मामलों में सर्जरी के द्वारा आंखों में लेंस लगा दिये जाते हैं। इससे रतौंधी समस्या में सुधार होता है। 

रतौंधी के घरेलू उपाय Home Remedies for Night Blindness

दोस्तो, अब बताते हैं आपको, रतौंधी से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय जो निम्न प्रकार हैं

1. सुपारी (Betel)- प्रतिदिन आंखों में सुपारी का रस लगाने से रतौंधी की समस्या समाप्त हो जायेगी और दुबारा होने की संभावना भी नहीं होगी। 

2. घी (Ghee)-  आंखों में शुद्ध देसी घी, यदि गाय का घी हो तो ज्यादा बेहतर है, को कुछ दिनों के लिये ही लगायें। इससे रतौंधी जैसी गंभीर समस्या समाप्त हो जायेगी।

3. घी और काली मिर्च (Ghee and Black Pepper)- शुद्ध देशी घी में काली मिर्च का बहुत बारीक पाउडर मिलाकर आंखों के नीचे लगायें। 

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4. गुलाब जल और फिटकरी (Rose Water and Alum)- थोड़ी सी फिटकरी  गुलाब जल में घोलकर आंखों में लगाने से रतौंधी में आराम लगेगा और धीरे-धीरे यह समाप्त भी हो जायेगी। 

6. पानी का सिरका और शहद (Water Vinegar and Honey)- थोड़े से सिरके और शहद को पानी में मिलाकर प्रतिदिन कुछ दिनों तक पीयें। इससे रतौंधी में आराम लगेगा और इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा।

7. हरड़(Harad) रात को दो हरड़ को पानी में भिगो दें और सुबह इस हरड़ के पानी से आंखे धोयें। इससे कुछ दिनों में आराम लग जायेगा। 

8. घास (Grass)- घर के आस पास,पार्क में या सड़क के किनारे घास आसानी से मिल जाती है। थोड़ी सी घास को पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को पलकों पर लगायें। कुछ दिनों में रतौंधी में आराम लग जायेगा।

9. सिरस (Cirrus)- सिरस एक औषधीय वृक्ष है। इसके फूल, बीज, जड़, छाल, पत्ते सब आयुर्वेदिक उपचार में काम आते हैं। इसके पत्तों का रस निकाल कर, तीन या चार बूंद आंखों में प्रतिदिन डालें। इससे रतौंधी में आराम मिलेगा।  सिरस के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से भी रतौंधी से काफी राहत मिलेगी।

10. काली मिर्च पाउडर और थोड़ी सी मिश्री शुद्ध देसी घी या मक्खन के साथ मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें। 

11. प्रतिदिन टमाटर खायें और टमाटर का जूस पीयें। रतौंधी की समस्या समाप्त हो जायेगी। 

12. आँवला और मिश्री को बारबर मात्रा में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। यह पाउडर पांच ग्राम की मात्रा में  लेकर प्रतिदिन पानी के साथ सेवन करें।

क्या खाना चाहिये? What Should You Eat?

विटामिन-ए से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे, खरबूजा, पपीता, आम, सेब, खुबानी, गाजर, खीरा, कद्दू , हरा कोलार्ड, पालक, शिमला मिर्च, मेथी, बथुआ, पत्ता गोभी, चौलाई, ब्रोकली, मूली, हरा धनिया, पुदीना, अंडे, समुद्री खाद्य पदार्थ, दूध, डेयरी उत्पाद आदि खाने चाहियें। 

क्या नहीं खाना चाहिये? What Should not be Eaten?

निम्नलिखित खाद्य पदार्थों से परहेज करना  चाहिये

खट्टे आम, इमली, अचार, चटनी, फास्ट फूड, तीखे मिर्च मसाले वाले खाद्य पदार्थ, अम्लीय रसों से बने खाद्य पदार्थ, तले भुने खाद्य पदार्थ, आइसक्रीम, पेस्ट्री, चॉकलेट आदि।

Conclusion  

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको रतौंधी के घरेलू उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रतौंधी क्या है, रतौंधी के कारण, रतौंधी के लक्षण, रतौंधी का परीक्षण और रतौंधी का उपचार, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस लेख के माध्यम से रतौंधी से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय भी बताये और यह भी बताया कि रतौंधी की समस्या होने पर क्या खायें और क्या ना खायें। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो लेख के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह लेख आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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