दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है शहतूत खाने के फायदे , शहतूत एक ऐसा फल जो अपने विशेष स्वाद के लिये लोकप्रिय है। इसका तीखा, मीठा और हल्का सा खट्टा स्वाद बहुत भाता है। यह जितना रसीला है उतना ही स्वास्थ के लिये लाभदायक है। यह हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ती करता है।  शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। 

शहतूत तीन प्रकार का पाया जाता है, सफेद, लाल और काला शहतूत। शहतूत की खेती रेशम के कीड़ों (Silkworms) को खिलाने के लिये की जाती है। शहतूत के पेड़ की पत्तियां एकमात्र खाद्य स्रोत हैं, रेशम के कीड़ों  के लिए। शहतूत की जन्मस्थली भी चीन है। सबसे पहले ये वहीं उगाया गया था। लेकिन अब पूरी दुनियां के समशीतोष्ण क्षेत्रों (Temperate areas) में इसकी खेती की जाती है। यह अमेरिकी, जापान, पाकिस्तान, बलूचिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका, वियतनाम एवं सिंधु के उत्तरी भागों में पाया जाता है। भारत में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, कर्नाटका, आंध्राप्रदेश और तामिलनाडू में शहतूत की खेती की जाती है। 

शहतूत खाने के फायदे

शहतूत के गुण – Properties of Mulberry

1. शहतूत की तासीर ठंडी होती है। गर्मी में शहतूत के खाने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है।

2. शहतूत में पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है जो हमारे शरीर की आवश्यकता को पूरा करते हैं। जैसे कि आयरन, पोटेशियम,फास्फोरस, कैल्शियम, राइबोफ्लैविविन, विटामिन-सी, और विटामिन-के। इसके अतिरिक्त शहतूत में एंथोकायनिन, ल्यूटिन और कई अन्य पॉलीफेनॉयलिक यौगिक पाये जाते हैं। शहतूत में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रैडिकल्‍स को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। 

पोषक तत्वों का विवरण (मात्रा प्रति 100 ग्राम) :-

कैलोरी (kcal) 43

कुल वसा 0.4 ग्रा।

संतृप्त वसा 0 ग्रा।

बहुअसंतृप्त वसा 0.2 ग्रा।

मोनोअसंतृप्त वसा 0 ग्रा।

कोलेस्टेरॉल 0 मि।ग्रा।

सोडियम 10 मि।ग्रा।

पोटैशियम 194 मि।ग्रा।

फाइबर (टोटल डाइटरी)1.7ग्रा।

कुल कार्बोहायड्रेट 10 ग्रा।

आहारीय रेशा 1.7 ग्रा।

चीनी 8 ग्रा।

प्रोटीन 1.4 ग्रा।

विटामिन ए 25 IU

विटामिन सी 36.4 मि।ग्रा।

विटामिन-डी 0 IU

विटामिन-बी6.  0.1 मि।ग्रा।

विटामिन-बी12.0 µg

विटामिन-ई 0.87 मि।ग्रा।

विटामिन-के 7.8 µg

मैग्नेशियम 18 मि।ग्रा।

कैल्सियम 39 मि।ग्रा।

आयरन 1.9 मि।ग्रा।

शहतूत के फायदे – Benefits of Mulberry

1. पाचन प्रक्रिया को मजबूत करे (Digestive Process)- शहतूत में फाइबर की मात्रा होती है जो पाचन के लिए आवश्यक होता है। यह पाचन प्रक्रिया को मजबूत करता है। शहतूत के शर्बत में  500 मिग्रा पिप्पली पाउडर मिलाकर पीने से पाचन सम्बंधी समस्याओं में आराम आता है। फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियमित करता है। पाचन तंत्र के जरिये भोजन की गति बढ़ती है जिसके कारण कब्ज, पेट दर्द आदि की समस्या नहीं होती।

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2. एंटी-एजिंग है शहतूत (Anti aging)- शहतूत में विटामिन-सी की प्रचुर मात्रा पायी जाती है। जिसके कारण त्वचा साफ रहती है और दाग-धब्बे भी खत्म हो जाते हैं। चेहरे की झुर्रियां भी कम हो जाती हैं।  विटामिन-सी अपना एंटी-एजिंग प्रभाव छोड़ता है अर्थात् उम्र के बढ़ने की गति को कम करता है।  आप अपनी वास्तविक उम्र से कम नजर आते हैं। अतः शहतूत का सेवन बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने में लाभकारी है।  

3. रक्त संचार के लिये (Blood Circulation)- शहतूत रक्त संचार की प्रक्रिया को दुरुस्त करता है। यह तनाव को खत्म को करके शरीर में रक्त के थक्के बनने से रोकता है जिससे रक्तसंचार निर्बाध गति से सभी अंगों पहुंचता रहे।  शहतूत में सायनायडिंग 3-ग्लूकोसाइड नाम का फाइटोन्यूट्रिएंट होता है जो यह खून को साफ करके रक्त संचार में सुधार करता है। और रक्त संचार प्रणाली को नियन्त्रित करता है। 

4. मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिये (Healthy Brain)- शहतूत का सेवन मस्तिष्क के लिये बहुत लाभदायक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार शहतूत में साइटोप्रोटेक्टिव (कोशिकाओं को नुकसान से बचाने वाला) और न्यूरोप्रोटेक्टिव (तंत्रिका तंत्र से संबंधी समस्याओं को दूर करने वाला) प्रभाव होते हैं जो मस्तिष्क को स्वस्थ बनाये रखते हैं।  ग्लाइफोसेट (glyphosate) कम्पाउंड ऑक्सीडेटिव तनाव की वजह बनता है। शहतूत का अर्क इस कम्पाउंड से मस्तिष्क की बचाता है। 

5. डायबिटीज में लाभकारी (Diabetes)- शहतूत का रस प्लाज्मा ग्लूकोज में बढ़ोत्तरी या खाना खाने के बाद ब्लड शूगर बनने को रोकता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिये बेहतर विकल्प है। टाइप 2 डायबिटीज की संभावना को रोकने में शहतूत का जूस या चाय बेहद कारगर है और पहले से ही टाइप 2 डायबिटीक हैं तो भी शहतूत इसमें लाभदायक है। इसका हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव ब्लड में शुगर की अधिक मात्रा को कम करता है। 

6. एनीमिया को दूर करे (Anemia)- शहतूत में आयरन का भी मात्रा पायी जाती है जो खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। शहतूत के सेवन से एनीमिया की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। शहतूत में एंटी-हीमोलिटिक (हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने वाला) प्रभाव पाया जाता है, जो एनीमिया के खतरे को दूर करता है। अतः शहतूत के सेवन से एनीमिया की कमी को पूरा किया जा सकता है।

7. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करे (Defence System)- शहतूत में विटामिन-सी, जिंक और मैंगनीज की पर्याप्त मात्रा होती है। विटामिन-सी रोगों से लड़ने में शक्तिशाली रक्षात्मक भूमिका निभाता है, जिंक मुख्य तौर पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बनाये रखता है और मैंगनीज कोशिकाओं को मुक्त कणों के प्रभाव से बचाता है। शहतूत के अन्य खनिज तत्व भी इनके साथ मिलकर इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। 

8. हृदय स्वास्थ्य के लिए (Cardiovascular Healthy)- शहतूत की पत्तियों में एंटी-हाइपरटेंसिव प्रभाव पाया जाता है जो उच्च रक्तचाप को नियन्त्रित करता है। इसी प्रकार डाइटरी फाइबर और लिनोलेइक एसिड पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं जिनकी वजह से इसमें हाइपोलिपिडेमिक (खून में मौजूद वसा को कम करने) वाला प्रभाव पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करता है। उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल का स्तर नियंत्रित रहने के कारण हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा नहीं रहता। इस प्रकार हृदय स्वस्थ रहता है। 

9. हड्डियों की मजबूती के लिए (Bones)- शहतूत में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है जो हड्डियों के लिए अति महत्वपूर्ण और आवश्यक तत्व माना जाता है। जो हड्डियों को मजबूती देता है। इसके अतिरिक्त शहतूत में विटामिन-के, आयरन, फास्फोरस और मैग्नीशियम भी होते हैं जो हड्डियों के ऊतकों के निर्माण और रख रखाव का काम करते हैं। ये ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के क्षति) की या अन्य आयु से संबंधित हड्डियों के विकार को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

10. आंखों के लिये फायदेमंद (Eyes)- मैक्यूलर डिजनेरेशन (Macular degeneration) आंखों की एक गंभीर समस्या होती है जिसमें रेटिना क्षतिग्रस्त होने लगता है और दृष्टि धीरे धीरे कम होने लगती है। इसका समस्या का चिकित्सा जगत में कोई उपचार नहीं है परन्तु विटामिन्स, लेजर थेरेपी और दवाओं के जरिये इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। शहतूत में ल्यूटिन (lutein) और जियाजैंथिन (zeaxanthin) जैसे फाइटोकेमिकल्स होते हैं जिनकी वजह से मैक्यूलर डिजनेरेशन होने का खतरा 36% कम हो जाता है। शहतूत में विटामिन-ए भी प्रचुर मात्रा में होता है जो आंखों की रोशनी को बढ़ाता है और आंखों पर आने वाले तनाव को दूर करता है।

11. ज्यादा प्यास की समस्या दूर करे (More Thirsty)- शहतूत का शर्बत बनाकर पीने से बहुत ज्यादा प्यास लगने की समस्या और बदन में जलन महसूस होने की समस्या में आराम लगता है। 

12. वजन कम करे (Lose weight)- जर्नल ऑफ़ ओबेसिटी से पता चलता है  कि शहतूत में भूख को दबाने की क्षमता है। शक्ति है। शहतूत खून में कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करता है और साथ ही शरीर में वसा को तोड़कर  उपापचय (Metabolism) प्रक्रिया को तेज करता है। इससे शरीर का वजन कम होता है। 

13.त्वचा के लिए (Skin)- शहतूत का सेवन त्वचा के लिये बहुत फायदेमंद होता है। शहतूत में खनिज पदार्थों के साथ साथ विटामिन-सी और नियासिन (विटामिन बी-3) भी पाये जाते हैं। विटामिन-सी दाग-धब्बे हटाकर त्वचा की सफाई करता है और सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। नियासिन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है जो त्वचा में नमी बनाये रखता है। 

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14. बालों के लिए फायदेमंद (Hair)- शहतूत का जूस पीने और स्कैल्प पर लगाने से बालों को बहुत फायदा होता है। शहतूत में पाये जाने वाले खनिज और विटामिन बालों के बेहतर विकास का काम करते हैं। शहतूत के जूस से बालों  की जड़ों को मजबूती मिलती है जिससे उनका झड़ना बन्द हो जाता है। शहतूत के जूस से बालों में मेलिनिन की मात्रा को बढ़ जाती है जिससे बालों को प्राकृतिक रंग मिलता है। यह असमय बालों को सफेद होने से बचाता है। 

मात्रा –  शहतूत 60-70 मिलीग्राम तक प्रतिदिन खाया जा सकता है।

शहतूत खाने के नुकसान – Side Effects of Mulberry

1. शहतूत में आर्ब्यूटिन नामक यौगिक हीड्रोक्विनोन होता है जो टायरोसिनेस एंजाइम युक्त मेलेनिन के रिलीज को रोकता है। एक रिसर्च के मुताबिक हीड्रोक्विनोन त्वचा के कैंसर की वजह बन सकता है। 

2. पोटेशियम किडनी की समस्याओं की वजह बन सकता है।

3. शहतूत के अधिक सेवन से हाइपोग्लाइसेमिया (ब्लड शुगर कम होना) की समस्या बन सकती है।

4. यदि आपको गुर्दे की पथरी है या कोई और विकार है तो शहतूत की चाय का सेवन ना करें।

5. शहतूत खाने से यदि एलर्जी होती है तो हो सकती हैं ये समस्यायें – त्वचा पर चकत्ते, त्वचा की सूजन,  लाल धब्बे, खुजली आदि। 

6. कच्चे सफेद शहतूत खाने से पेट दर्द हो सकता है और बुद्धि भ्रमित होने की समस्या हो सकती है।

7. लिवर की समस्या हो सकती है।

8. गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को दूध पिलाने वाली माताऐं आहार विशेषज्ञ सलाह से लेकर ही शहतूत का सेवन करें।  

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको शहतूत के बारे में जानकारी दी। शहतूत के गुणों के बारे में बताया। और साथ ही शहतूत खाने के फायदे और नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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