दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है  “शुक्राणु” Sperm Count बढ़ाने के देसी उपाय । हम इसी विषय पर आपको जानकारी देंगे। दोस्तो, अक्सर हम देखते सुनते हैं कि किसी व्यक्ति की शादी को बहुत ज्यादा वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके यहां संतान पैदा नहीं हुई और आश्चर्य तब होता है जब इसका सारा दोष महिला के सिर पे डाल दिया जाता है। जबकि अधिकतर मामलों में इसका दोष, पुरुष में शुक्राणुओं sperm count की कमी या शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता, का होता है। एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की प्रजनन से जुड़ी 90% समस्यायें  शुक्राणुओं की कमी की वजह से  होती हैं। आखिर क्या होते हैं ये और इनकी कमी का क्या अर्थ है? जानते हैं इसे।

Sperm Count बढ़ाने के देसी उपाय

शुक्राणु क्या होते हैं? – What are Sperm

दोस्तो, Sperm (शुक्राणु) शब्द यूनानी शब्द sperma से बना है जिसका अर्थ होता है ‘बीज’ और बीज से तात्पर्य पुरुष की प्रजनन कोशिकाओं से है। विकिपीडिया के अनुसार अनेक प्रकार के यौन प्रजननों जैसे एनिसोगैमी (anisogamy) और ऊगैमी (oogamy) में से एक अंतर चिह्नित कर दिया गया है। जिसमें छोटे आकार के युग्मकों (gametes) को ‘नर’ या शुक्राणु कोशिका कहा जाता है।  डॉ। सागरिका के अनुसार शुक्राणु का उत्पादन वृषण (Testes) में होता है और इसे परिपक्व होने में 72 दिन का समय लगता है। 

Sperm Count की कमी का अर्थ क्या है? – What is the Meaning of Sperm Count

यौन क्रिया के समय पुरुष के “अंग” से निकलने वाले वीर्य में सामान्य से कम शुक्राणुओं का निकलना, शुक्राणुओं में कमी कहलाता है। स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1,500 शुक्राणु बनते हैं। पुरूष के प्रति मिलीलीटर वीर्य में डेढ़ करोड़ से कम शुक्राणु हैं तो यह संख्या सामान्य से कम मानी जाती है।  शुक्राणुओं की संख्या जानने के लिए टेस्ट भी उपलब्ध हैं। शुक्राणुओं में कमी को ओलिगोस्पर्मिया (oligospermia) कहा जाता है और  शुक्राणुओं के बिल्कुल ही समाप्त हो जाने को एजुस्पर्मिया (azoospermia) कहते हैं। यहां स्पष्ट करना चाहेंगे कि शुक्राणुओं की संख्या यदि कम नहीं भी है मगर शुक्राणु कमजोर हैं अर्थात् शुक्राणु स्वस्थ नहीं हैं तो भी पुरुष प्रजनन करने में सक्षम नहीं है। 

Sperm Count कम होने के लक्षण – Symptoms of low Sperm Count

वैसे तो शुक्राणुओं की कमी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हैं परन्तु कुछ निम्नलिखित समस्यायें लक्षण हो सकती हैं –

1. सबसे प्रमुख समस्या यही होती है कि कम शुक्राणु होने पर या अस्वस्थ शुक्राणुओं के कारण पुरुष किसी महिला को गर्भ धारण नहीं करवा सकता।

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2. उत्तेजना की कमी (Erectile dysfunction) यह भी एक लक्षण हो सकता है शुक्राणुओं की कमी का परन्तु जरूरी नहीं कि ऐसा ही हो। उत्तेजना की कमी वाले पुरुष में शुक्राणु पूरे भी हो सकते हैं और स्वस्थ भी। यह स्पष्ट नहीं है।

3. वृषण (Testes) क्षेत्र में दर्द, सूजन या कोई गांठ का होना।

4. वृषण की बढ़ी हुई नसें या कोई अन्य स्थिति जो शुक्राणुओं के मार्ग में बाधा बन जाये।

5. क्रोमोसोम्स् या हार्मोन्स् की समस्या। 

6. चेहरे पर या शरीर पर बालों का सामान्य से कम होना।

Sperm Count कम होने के कारण – Cause  to low Sperm Count

दोस्तो, शुक्राणुओं की कमी के कारणों के अनेक दृष्टिकोण (Point of view) होते हैं जैसे मेडिकल, पर्यावरण सम्बन्धी और स्वास्थ्य तथा जीवन शैली से सम्बन्धित। शुक्राणुओं की कमी से जुड़े कारण जानने से पहले हमें यह समझना चाहिये कि शुक्राणुओं का निर्माण बहुत जटिल प्रक्रिया है। निर्माण कार्य से जुड़े सभी अंगों का सुचारू रूप से कार्य करना बहुत आवश्यक होता है। तो अब जानते हैं शुक्राणुओं की कमी के कारण – 

1. निर्माण कार्य वाले अंगों में समस्या वृषण (Testes) के साथ हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी नामक ग्रंथियां जो मस्तिष्क में उपस्थित अंग होती हैं, शुक्राणु निर्माण को बढ़ाने वाले हार्मोन उत्पन्न करते हैं। शुक्राणु, वृषण में उत्पन्न होने के बाद, पतली ट्यूब में तब तक रहते हैं जब तक कि वीर्य के साथ “पुरुष अंग” से बाहर नहीं निकल जाते।  इन सभी अंगों में से यदि एक भी अंग ठीक से काम नहीं करता है तो शुक्राणु निर्माण में बाधा आयेगी ही आयेगी।  

2. वैरीकोसेल (Varicocele) वैरीकोसेल यानि वृषण से निकलने वाली नसों में सूजन भी एक आम वजह है शुक्राणुओं का निर्माण ना होने की।

3. संक्रमण(Infection) यौन संक्रमण या मूत्र पथ में संक्रमण। 

4. शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचाने वाले एंटीबॉडी (Sperm Damage) प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा उत्पन्न कोशिकायें जो “शुक्राणु रोधक एंटीबॉडी” कहलाती हैं, शुक्राणुओं को शरीर के लिए हानिकारक मानकर खत्म करने का प्रयत्न करती रहती हैं।

5. स्खलन की समस्या से भी शुक्राणुओं की संख्या में अंतर आ सकता है। अर्थात् किसी को वीर्य स्खलन में कोई समस्या महसूस होती है तो।

6. हार्मोन्स् में संतुलन ना होना।

7. विशेष दवाओं की प्रतिक्रिया (Reaction) – टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी, कैंसर का उपचार (कीमोथेरेपी) या अन्य प्रकार की दवाओं की प्रतिक्रिया स्वरूप शुक्राणुओं के कम होने या उत्पादन ना होने की संभावना हो सकती है। 

8. धातुओं, गैसों का प्रभाव – हानिकारक भारी धातुओं जैसे सीसा (Lead) या  गैसों के संपर्क में आना।

9. रेडिएशन एक्स-रे आदि का प्रभाव।

10. वृषण का गर्म हो जाना – ज्यादा, घुड़सवारी से या लम्बे समय तक या खराब सीट वाली साइकिल चलाने पर वृषण बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं जिसका कुप्रभाव शुक्राणुओं पर पड़ता है।

11. ड्रग्स का सेवन करना

12. शराब की आदत

13. धूम्रपान करना

14. मोटापा – वजन ज्यादा होना 

15. तनावग्रसत रहना।

16. भोजन में पोषक तत्वों की कमी।

Sperm Count बढ़ाने के देसी उपाय – Home Remedies to Increase Sperm Count

दोस्तो, sperm count की कमी के लक्षण और कारण जानने के बाद अब बताते हैं आपको शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के निम्नलिखित देसी उपाय – 

1. अरंडी और शहद(Castor and Honey)- शुक्राणु बढ़ाने के लिये अरंडी और शहद का मेल उत्तम देसी उपाय है। अरंडी के पत्तों को सुखाकर, पीसकर पाउडर बना लें। दो चम्मच शहद में आधी चम्मच अरंडी पाउडर मिक्स करके खाली पेट दिन में दो बार खायें। शुक्राणु बहुत तेजी से बढ़ेंगे। इससे वीर्य भी गाढ़ा होगा।

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2. केला (Banana)- केले में विटामिन-सी, ए और बी-1 की प्रचुर मात्रा होती है जो शुक्राणुओं के उत्पादन की क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त  केले में ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम होता है जो कामेच्छा बढ़ाता है और यौन हार्मोन्स् सक्रिय कर नियंत्रित करता है। 

3. अनार (Pomegranate)- अनार में आयरन की प्रचुर मात्रा होती है साथ ही यह एंटीऑक्‍सीडेंट्स गुणों और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ये गुण फ्री-रेडिकल्स को दूर करते हैं और नये शुक्राणुओं के उत्पादन के लिये आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। क्योंकि ये फ्री-रेडिकल्स ही शुक्राणुओं को कम करते हैं। अनार का रस सोने से लगभग तीन घंटे पहले पी लें। अनार का रस से रक्त संचार सही बना रहता है। अनार शुक्राणुओं की कोशिकाओं में सुधार कर टेस्टोस्टेरोन के स्तर और शुक्राणुओं की गुण स्तर में भी सुधार करता है और यौन इच्छा में रुचि को बढ़ाता है। अनार का रस शरीर में नाइट्राइट ऑक्साइड स्तर को बढ़ाने का काम करता है। परिणाम स्वरूप बारी-बारी से रक्त परिसंचरण बढ़ जाता है।

4. मेथीदाना (Fenugreek)- शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुधारने में मेथीदाना बहुत उपयोगी है। मेथीदाने को और मेथीदाना युक्त उत्पाद् को अपने भोजन में सम्मलित करें।  

5। विटामिन-डी और कैल्शियम – 2019 की एक अद्धयन के अनुसार विटामिन-डी और कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा शुक्राणुओं के स्तर को अच्छा बनाती है।   कैल्शियम की कमी से शुक्राणुओं की संख्या में कमी हो सकती है। अतः विटामिन-डी और कैल्शियम युक्त भोजन करना चाहिये। 

6. अश्वगंधा (Ashwagandha)- अश्वगंधा का सेवन शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में उपयोगी है। वैसे भी अश्वगंधा यौन समस्याओं में बहुत लाभदायक होता है। 

7. भैंस का दूध और अंगूर (Milk and grapes)- एक गिलास भैंस के दूध में 200 मि।ली। काले अंगूरों का रस मिलाकर, दिन में दो बार पीने से निश्चित रूप से फायदा होगा।  इससे भरपूर शुक्राणु तो बनेंगे ही, काम शक्ति और काम क्षमता भी बढ़ेगी। 

8. अखरोट (Walnut)- प्रतिदिन अखरोट खाने से शुक्राणुओं की संख्या में इजाफा होगा। अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड्स शुक्राणु बढ़ाते हैं और रक्त प्रवाह भी। 

9. बादाम (Almond)- रात भर पानी में भीगे हुऐ चार पांच बादाम सुबह छिलका उतार कर, पीस लें और दूध में डालकर उबालें। फिर एक चम्मच देसी घी और मिश्री मिलाकर पीयें। 

10. बादाम, इलायची और जावित्री (Almonds, Cardamom and Mace)- रात भर पानी में भीगे हुऐ चार पांच बादाम सुबह छिलका उतार कर पीस कर पेस्ट बना लें फिर इसमें एक ग्राम इलायची के दाने, एक ग्राम जावित्री और 10 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट पीयें। 

11. टमाटर (Tomatoes)- टमाटर के रस को पुरुष इनफर्टिलिटी में मददगार पाया गया है। इसमें मौजूद विटामिन-सी भी इसके लिये लाभकारी है। टमाटर को अपने भोजन में  सम्मलित करें।

12. कद्दू के बीज का तेल (Pumpkin oil)- कद्दू के बीज के तेल का उपयोग पास्ता या सलाद के साथ किया जा सकता है। इसमें मौजूद विटामिन ए और टैनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं।

13. कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds)- कद्दू के बीज शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक हार्मोन के स्राव को बढ़ाता है जो कामोत्तेजना के लिये जरुरी है और शुक्राणुओं की संख्या भी बढ़ाते हैं। कद्दू के बीजों में ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स भी होता है जो पुरुष के “अंग” में रक्त संचार बढ़ाते हैं। अतः एक मुठ्ठी कद्दू के बीज प्रतिदिन सेवन करें। 

14. कौंच लता के बीज (Launch seed)-   कौंच के बीज या कौंच बीजों के पाउडर के सेवन से भी शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाई जा सकती है। 

15. जिंक युक्त आहार (Zinc Supplements)- अपने खाने में ऐसे खाद्य पदार्थों  को शामिल करें जो जिंक युक्त हों जैसे फलियां, नट्स्, सी-फूड आदि।

16. कलौंजी का तेल (Nigella oil)-  एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, पुरुष बांझपन 

में कलौंजी का तेल हर्बल दवा की भांति कार्य करता है।  5 एमएल कलौंजी के तेल का प्रतिदिन सेवन करने से पुरुषों के वीर्य की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। 

17.  ग्रीन टी (Green tea)- ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शुक्राणु कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाते हैं और शुक्राणुओं की गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता को भी बढ़ाते हैं।

18. ब्रोकली (Brockley)- ब्रोकली में विटामिन-ए की प्रचुर मात्रा होती है। विटामिन-ए  की कमी से शुक्राणुओं में कमी आ जाती है। ब्रोकली के सेवन से यह कमी पूरी होगी। 

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19. पालक (Spinach)- पालक एक बहुत अच्छा विकल्प है। पालक में फॉलिक एसिड पाया जाता है, जो स्वस्थ शुक्राणुओं के निर्माण में सहायक होता है। शुक्राणुओं की अधिकता के साथ-साथ उनका स्वस्थ होना भी जरूरी है।

20.  लहसुन (Garlic)- लहसुन प्राकृतिक रूप में काम वासना को उत्तेजित कर एल्लीसिन नामक योगिक शुक्राणुओं का निर्माण करता है और सेलेनियम तत्व शुक्राणुओं की गतिशीलता में सुधार करते हैं।  प्रतिदिन लहसुन की  दो  कलियां अवश्य खायें। 

21. अंडे (Eggs)- प्रतिदिन दो अंडों के सेवन से बहुत लाभ होगा क्योंकि अंडे में प्रोटीन और विटामिन-ई की प्रचुर मात्रा होती है जो प्रजनन क्षमता को कम करने वाले फ्री रेेडिकल्स से लड़ते हैं। ये स्वस्थ शुक्राणुओं के निर्माण में मदद करते हैं  और शुक्राणुओं संख्या बढ़ाते हैं। 

22. डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)- डार्क चॉकलेट शुक्राणुओं को बढ़ाने के लिये बहुत बेहतर विकल्प है। चॉकलेट जितना डार्क होगी फायदा भी उतना ही ज्यादा होगा। पर याद रखिये ज्यादा चॉकलेट खाने से फायदे के बजाय उल्टा नुकसान हो जायेगा। इसलिये सारे दिन के लिये डार्क चॉकलेट का केवल एक टुकड़ा ही काफी है। डार्क चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स फ्री रेडिकल्स को दूर करते हैं। डार्क चॉकलेट्स में पाये जाने वाले अमिनो एसिड्स शुक्राणुओं की संख्या को दुगना करने के साथ साथ वीर्य को गाढ़ा करते हैं। 

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको पुरुषों के शुक्राणुओं के बारे में जानकारी दी। शुक्राणुओं की कमी, इसके लक्षणों के बारे में बताया और बहुत सारे Sperm Count बढ़ाने के देसी उपाय भी बताए हैं। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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