दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है एक ऐसी हरे रंग की वनस्पति जिसका आकार बहुत ही छोटा है परन्तु साम्राज्य बहुत बड़ा है। इसके बिना चाय, मिठाइयों, खीर, हलुआ, तथा अन्य व्यंजनों का स्वाद नहीं। जी हां हम बात कर रहे हैं  इलायची खाने के फायदे के बारे में। जिसका नाम आते ही मन में प्रसन्नता का भाव उमड़ता है और मुख में खुश्बू का आभास होता है। 

इलायची खाने के फायदे

इलायची के प्रकार – Type Of Cardamom

दोस्तो, इलायची दो प्रकार की होती है। काली इलायची और हरी इलायची। दोनों के रंग रूप, गुण और उपयोग एक दूसरे से भिन्न होते हैं। समझते हैं इन दोनों में अंतर।

      (i)  हरी/छोटी इलायची – जैसा कि नाम से जाहिर है, यह हरे रंग की होती है और बहुत सुन्दर लगती है। इसको छोटी इलायची भी कहा जाता है क्योंकि इसका आकार बड़ी इलायची से बहुत छोटा होता है। इसकी खेती करने के लिये छायादार भूमि और समुद्री हवा की जरूरत होती है इसीलिये इसकी खेती केरल, तमिलनाडू, मैसूर, मंगलोर, मालाबार और श्रीलंका की जाती है। इसका पौधा 5 से 10 फीट ऊंचा होता है और हरा ही रहता है। इसके पौधे का जीवनकाल 10 से 12 वर्ष होता है। इसका उपयोग मीठे और नमकीन दोनों ही तरह के भोजन का जायका बढ़ाने के लिए किया जाता है। भोजन में स्वाद, सुगंध बढ़ाने के अतिरिक्त इसका उपयोग पूजा पाठ और औषधियां बनाने में किया जाता है।

      (ii) काली /बड़ी इलायची –  काली इलायची यानि मसालों की रानी। इसको यह दर्जा (position) इसके स्वाद और तेज सुगंध के कारण मिला है। इसका उपयोग मसाले के रूप में व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने और उन्हें सुगंधित बनाने के लिये किया जाता है। छोलों की तो जान है ये। इसके अतिरिक्त इसका प्रयोग औषधी बनाने के लिये भी किया जाता है। यह गहरे कत्थई रंग की होती है। इसको काली, भूरी या लाल इलायची के नाम भी जाना जाता है। आकार में छोटी इलायची से डेड़ गुना अधिक यानि आधा इंच लम्बी होती है। इसलिये इसको बड़ी इलायची भी कहा जाता है। इसका पौधा लगभग 5 फीट ऊंचा होता है। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, सिक्किम और पूर्वी नेपाल में इसकी खेती होती है। 

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दोस्तो, आगे इस लेख में हम छोटी इलायची की ही बात करेंगे, केवल इलायची कह कर। अब देखते हैं इसके गुण क्या हैं।

इलायची के गुण –  Properties of Cardamom

इलायची में विटमिन के अलावा बहुत सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो स्वास्थ के लिये लाभकारी और आवश्यक होते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट, डाइटरी फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन, नियासिन, रिबोफ्लेविन और फॉस्फोरस पाये जाते हैं।    एंटी-सेप्टिक, एंटी-ऑक्सिडेंट गुणों के कारण इलायची का उपयोग अनेक प्रकार की औषधी बनाने के लिये भी किया जाता है।

इलायची के गुण जानने के बाद अब जानते हैं इलायची के फायदों के बारे में।

इलायची खाने के फायदे – Benefits of Cardamom

1. सर्दी, जुकाम, गले के लिये फायदेमंद (Cold and cough)- इलायची का सेवन सर्दी और सर्दी में होने वाली तकलीफों में अत्यन्त लाभदायक है।  खांसी, जुकाम, गले में खराश आदि के लिये सुबह खाली पेट और रात को एक या दो इलायची चबा कर गुनगुना पानी पीयें। आप आधा या एक ग्राम इलायची चूर्ण को शहद में मिलाकर भी खा सकते हैं। निश्चित रूप से फायदा होगा और शरीर में गर्मी बनी रहेगी। 

2. पाचन को सरल बनाये (Simplifies Digestion)- आजकल की जीवनशैली में कब्ज, गैस जैसी पाचन समस्या आम बात है। इलायची में प्राकृतिक तत्व होते हैं जो भोजन को पचाने में  सहायता करते हैं। इसके एंटीइन्फ्लामेट्री गुण पाचन क्रिया से संबंधित समस्या को दूर करते हैं।  भोजन के पश्चात इलायची के सेवन से गैस, गले और पेट की जलन, सूजन आदि समस्याओं से राहत मिलती हैं। भोजन सही से पच जाता है और पाचन क्रिया भी सवस्थ रहती है। 

3. भूख बढ़ाये (Increase Appetite)- जिनको भूख ना लगने की समस्या है उनके लिये इलायची का सेवन बहुत लाभकारी है। इलायची अपने स्टोमैकिक गुण के कारण पाचन तंत्र को ठीक रखती है जिसके कारण शरीर का मेटाबोलिज्म भी सही तरीके से काम करता है और भूख बढ़ती है। सूप में इलायची का पाउडर मिलाकर ले सकते हैं या ऐसे ही इलायची के बीज खाकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

4. हिचकी में आराम (Rest in Hiccups)- वैसे तो हिचकी आना कोई बीमारी नहीं है लेकिन जब ये ज्यादा समय तक आती रहे तो परेशान होना स्वाभाविक है। कई बार तो ये हिचकियां कई दिन तक चलती हैं। मैंने खुद देखा है ऐसे व्यक्तियों को। ऐसी स्थिती में ये हिचकियां पेट का विकार के कारण हो सकती हैं। हिचकियों को प्राकृतिक तरीके से बंद की जा सकता है। इसकी कोई विशेष दवा नहीं होती। जब भी हिचकियां आयें तो एक इलायची मुंह में डालकर धीरे धीरे चबायें। या फिर दो इलायची पीस कर एक कप पानी में डालकर हल्की आग पर उबालें। जब यह पानी आधा रह जाये तो थोड़ा ठंडा करके पीयें। आराम लगेगा।  

5. रक्तचाप को नियन्त्रित करे (Blood Pressure Control)-   हाई ब्लड प्रेशर के कारण अनेकों बीमारियां जन्म लेती हैं। जो व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं उनके लिये इलायची बहुत फायदेमंद है।  इलायची में मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं। उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के रिसर्च विभाग के शोध के अनुसार छोटी इलायची सिस्टोलिक (हृदय संकुचन) और डायस्टोलिक (हृदय विराम) दोनों ही अवस्थाओं में बढ़े हुए बल्ड प्रेशर को कम कर सकती है। अतः ब्लडप्रेशर को नियन्त्रित रखने के लिये इलायची का सेवन लाभप्रद है।

6. शरीर से विषाक्तता को निकाले (Body Poisoning)- शरीर में जब विषैले पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है तो अनेक समस्यायें उत्पन्न होती हैं और स्वास्थ बिगड़ने लगता है। ऐसे में इलायची बहुत काम आती है। इलायची के एंटीऑक्सिडेंट्स गुण शरीर के विषैले और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकाल कर अंदर से सफाई करते हैं। प्रतिदिन ना सही, सप्ताह में तीन, चार दिन इलायची का सेवन कर लेना चाहिये। 

7. उल्टी में राहत (Relief in Vomiting)-  अक्सर देखा गया है कि कई लोगों को विशेषकर महिलाओं को सफर में जी मिचलाने, उल्टी आने की समस्या होती है। पहाड़ी क्षेत्र में तो और भी ज्यादा हालत खराब हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में इलायची बहुत साथ देती है। सफर में जब भी आपको ऐसा लगे तो इलायची को मुंह में डाल लीजिये आपको राहत महसूस होगी।  सर्जरी के बाद होने वाली मिचली, उल्टी की समस्या में एक कपड़े में इलायची, अदरक और पुदीने को बांध कर सूंघने से आराम मिलता है।

8. संक्रमण से बचाव (Infection Prevention)- इलायची में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया से होने वाले फेफडों के संक्रमण जैसे निमोनिया आदि और त्वचा के संक्रमण से हमारी रक्षा करता है।  

9. तनाव मुक्त (Stress Free)- बहुत अधिक सोच विचार, चिंता और अकेलापन  डिप्रेशन का कारण बनते हैं। ऐसी परिस्थिति में इलायची तुरन्त फायदा करती है। इलायची खाने या इलायची वाली चाय पीने से हार्मोन्स में एकदम से परिवर्तन आता है आपको राहत महसूस होती है। तनाव खत्म हो जाता है। 

10. स्मरण शक्ति बढ़ाये (Increase Memory)- मस्तिष्क के स्वास्थ को ठीक रखने और स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिये इलायची का सेवन बेसद कारगर साबित होता है। बादाम, पिस्ता के साथ इलायची के दानों को पीसकर दूध में डालकर, मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होगा। 

11. दिल की रक्षा (Protect the Heart)-  हृदय गति को नियमित और सामान्य रखने के लिये पोटेशियम की जरूरत होती है। इलायची के सेवन से पोटेशियम की मात्रा पूरी होती रहती है। इलायची में कैल्शियम, मैग्नेशियम जैसे खनिज पदार्थ भी मौजूद होते हैं। इलायची हृदय गति के साथ साथ रक्तचाप को भी नियन्त्रित करती है। जिससे रक्त संचार सही बना रहता है। बल्ड क्लॉट और स्ट्रोक आदि के खतरे की संभावना नहीं रहती। 

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12. मुंह की दुर्गंध दूर करे (Halitosis)- मुंह की और सांसों की दुर्गंध दूर करने के लिये इलायची का सेवन बहुत लाभकारी है। इसके बीज के तेल में एंटीसेप्टिक होता है जो मुंह में दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया, जो अन्य बीमारियां दुर्गंध का कारण होती हैं, उनको समाप्त करता है। मुंह और सांसों की दुर्गंध भगाने के लिये वैसे भी इलायची दाने खा सकते हैं, इलायची की चाय पी सकते हैं या फिर इलायची की गुनगुनी चाय से कुल्ला कर सकते हैं। यह तनाव को दूर करती है और मूड को फ्रेश करती है, खुशनुमा बनाती है।  कहने का तात्पर्य यह है कि इलायची के सेवन से दुर्गंध में लाभ होगा। 

13. किडनी के लिये (Kidney)- इलायची का सेवन किडनी की कार्य प्रणाली में सहायता करती है। यह मूत्र को बढ़ाती है, मूत्र संबंधी विकारों को दूर करती है। मूत्र विसर्जन के समय होने वाले दर्द और जलन से राहत दिलाती है। यह गुर्दे में जमा कैल्शियम और यूरिया को हटा कर गुर्दे की कार्यप्रणाली को सुधारती है।  

14. फेफड़ों के लिये (lungs)- इलायची की तासीर गर्म होती है। यह सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखती है। इलायची के सेवन से फेफड़ों में रक्त के प्रवाह की गति नियन्त्रित रहती है और फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। जब फेफड़े स्वस्थ होंगे तो खांसी, घरघराहट, अस्थमा, सांस लेने की तकलीफ से स्वतः ही छुटकारा मिल जायेगा। 

15. मधुमेह में फायदेमंद (Diabetes)- टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों के लिये इलायची का सेवन बहुत लाभदायक होता है। इलायची के एंटीऑक्सीडेंट गुणों के प्रभाव  इन्सुलिन की सक्रियता को बढ़ाते हैं। परिणामस्वरूप बढ़े हुए ब्लड शुगर का स्तर  कम होकर नियंत्रण में रहता है।

16. एनीमिया को दूर करे (Anemia)- इलायची में हमारे शरीर के लिये आवश्यक विटामिन, खनिज आदि पोषक तत्व होते हैं जैसे जिंक, आयरन, मैंगनीज, रिबाफ़्लैविना। ये सभी पोषक तत्व लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करते हैं ताकि शरीर में खून की कमी ना हो।   इलायची के  एंटी-ऑक्सीडेंट गुण विटामिन्स् को पूरा करने का कार्य करते हैं।  एक चम्मच हल्दी पाउडर और इलायची पाउडर को गर्म दूध में मिलाकर पीने से एनीमिया की कमी पूरी होती है। 

17.  कब्ज में फायदा (Constipation)- इलायची के एंटीइन्फ्लामेट्री गुण पेट की बीमारियों को खत्म कर पाचन क्रिया को मजबूत करते हैं। और कब्ज से भी राहत दिलाते हैं। इलायची के बीजों का सेवन या इलायची का पकाया हुआ पानी कब्ज में बहुत ही लाभप्रद है। 

18. त्वचा के लिए (Skin)-  इलायची के स्टेफिलोकोकस ऑरियस बैक्टीरिया त्वचा के संक्रमण से रक्षा करते हैं। और त्वचा सम्बंधी रोगों से मिल जाता है। एक शोध के अनुसार आयुर्वेद में इलायची का प्रयोग कुष्ठ रोग की दवा बनाने का उल्लेख मिलता है। 

19. नपुंसकता को दूर करे (Remove Impotence)- इलायची  में एक अदभुत और चमत्कारी गुण है जिसके कारण वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है। यह प्रभावकारी टॉनिक के रूप में कार्य करती है। यह स्त्री और पुरूष में कामोत्तेजना को बढ़ाती है। यह शीघ्र स्खलन (Premature ejaculation) नपुंसकता जैसी समस्यायों से राहत दिलाकर सेक्स जीवन को अनन्दित कर, वैवाहिक जीवन सुखमय बनाती है। इलायची के बीजों को पीसकर पाउडर बना लें। लगभग 2 से 4 ग्राम की मात्रा में इसका सेवन सफेद मूसली और मिश्री के साथ रोजाना सुबह और शाम को करें। नपुंसकता से मुक्ति मिल जायेगी।

20. स्वप्नदोष में फायदेमंद (Ejaculation)- इलायची स्वप्नदोष में भी लाभकारी होती है। लगभग 20 मि।ली। आंवला के रस में इसबगोल और एक ग्रा। इलायची के बीज मिलाकर एक चम्मच सुबह शाम लें। फायदा होगा। 

दोस्तो, इलायची के फायदों के बाद अब जानते हैं इसके नुकसान के बारे में।

इलायची खाने के नुकसान – Side Effects of Cardamom

दोस्तो, इलायची के फायदों के बाद अब जानते हैं इसके नुकसान के बारे में।

1. इलायची का अत्यधिक सेवन से गालब्लैडर में पथरी बनने की संभावना रहती है। क्योंकि कई बार शरीर इलायची को पूरी तरह से पचाने में सक्षम नहीं होता। ये धीरे धीरे जमा होती रहती है और पथरी का रूप ले लेती है।  

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2.  यदि अन्य दवाईयां ले रहे हैं तो इलायची का सेवन प्रतिक्रिया (Reaction) स्वरूप उन दवाओं के असर को समाप्त कर सकती है। 

3.  एलर्जी हो सकती है। त्वचा पर रेशेज, जलन, लाल धब्बे, खुजली, सांस लेने में दिक्कत, जी मचलाना, सीने व गले में खिंचाव और दर्द आदि की समस्या बन सकती है। 

4.  गर्भावस्था के समय इलायची का ज्यादा सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है।  शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिलायें इलायची का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

5. डायरिया की भी शिकायत हो सकती है।

6. जीभ में सूजन भी आ सकती है। 

Conclusion 

दोस्तो, आज के लेख में हमने इलायची खाने के फायदे के बारे में बताया। इसके गुण, और नुकसान के बारे में भी जानकारी दी। दोस्तो, आशा है आपको ये लेख पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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