दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। आज हम आपको बतायेंगे एक ऐसे खाद्य पदार्थ के विषय में जो हमें पौधे की जड़ से प्राप्त होता है। इसको सलाद, सब्जी और जूस के रुप में सेवन करते हैं। इसका रंग इतना गहरा होता है कि सेवन करने के बाद जीभ भी लाल रंग की नजर आती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं “चुकंदर”  आज हम आपको चुकंदर के फायदे  तथा नुकसान के बारे में भी बताएँगे जो बहुत कम ही लोग चुकंदर के बहुत से फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे। यह एक ऐसा मूसला जड़ वाला वनस्पति है जो लगभग पूरे साल पाया जाता है। यह जीन्स बीटा वल्गेरिस की किस्मों में से एक है। इसे कई रूपों में, जिनमें अधिकतर लाल रंग की जड़ से प्राप्त सब्जी रूप में उपयोग हेतू, उगाया जाता है। कहीं-कहीं पशु-आहार के लिये भी इसका उपयोग किया जाता है। चुकंदर न सिर्फ सौंदर्य दृष्टि से फ़ायदेमंद है बल्कि ये स्वास्थ्यवर्द्धक भी है। इसकी जड़ मीठी और ठंडे तासीर की होती है।

अब दृष्टि डालते हैं चुकंदर के सेवन से होने वाले फ़ायदों पर। 

चुकंदर के फायदे

चुकंदर के फायदे – Benefits of Beetroot

1. पीरियड में फ़ायदेमंद (Period)- चुकंदर में आयरन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो खून को बढ़ाने और उसे साफ करने का काम करते हैं। ये रक्त प्रवाह में भी सुधार करते हैं। विशेष कर आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने में मदद करता है और लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के विभिन्न भाग में ऑक्सीजन पहुँचाती हैं। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में रक्त की हानि बहुत अधिक मात्रा में हो जाती है। इस दौरान उनको असह्य कष्ट से गुजरना पड़ता है। वे अधिक कमज़ोरी,अनियमित और तेज़ धड़कन और सांस की तकलीफ महसूस करती हैं। वे रक्त हानि होने से आयरन की कमी के कारण अनीमिया की शिकार हो जाती हैं। ऐसी हालत में चुकंदर के जूस का एक गिलास उनको बहुत बड़ी राहत दे सकता है। चुकंदर के नियमित सेवन से मासिक धर्म खुल कर आता है और इस दौरान होने वाला कष्ट भी नहीं होता।

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2. एनीमिया में लाभदायक (Anemia)- एनीमिया की बीमारी को दूर  चुकंदर सबसे अच्छा विकल्प है। एनीमिया ऐसी अवस्था होती है, जब शरीर में आयरन की कमी के कारण पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पाती हैं। आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने में मदद करता है और लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के विभिन्न भाग में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। चुकंदर में पर्याप्त मात्रा में आयरन, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो खून को बढ़ाने और उसे साफ करने का काम करते हैं। विशेष कर महिलाओं को अपने भोजन में चुकंदर को शामिल करना चाहिए.

3. शरीर में ऊर्जा बढ़ाये (Increase Energy)-  चुकंदर खाने से एनर्जी लेवल बढ़ता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद नाइट्रेट तत्व धमनियों का विस्तार करने में मदद करता है। चुकंदर का रस पीने से शरीर में तुरंत ऊर्जा का संचार होता है जिसे थकावट दूर होती है। धावक, जिम में वर्क आउट करने वाले और अन्य शारीरिक मेहनत करने वालों के लिये चुकंदर का सेवन बेहद लाभदायक है।  

4. खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करे (Reduce Bad Cholesterol)- खराब कोलेस्ट्रॉल यानि एलडीएल (LDL) जब अधिक मात्रा में रक्त धमनियों में जमा हो जाता है तो निश्चित रूप से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। चुकंदर में फाइबर,फ्लेवोनॉयड्स और बेटासायनिन काफी मात्रा में मौजूद होता है। इसलिए इसका रंग लाल और बैंगनी होता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। 

5. डायबिटीज़ पर नियंत्रण (Diabetes)- चुकंदर एक ग्लाइसेमिक इंडेक्स वेजिटेबल है, जो खून में धीरे-धीरे शुगर रिलीज करता है। इससे ब्लड शुगर बढ़ता नहीं है, संतुलित रहता है। जिन लोगों को डायबिटीज़ की समस्या है उन्हें चुकंदर का सेवन करना चाहिए। इसके हाइपोग्लेमिक गुणों के कारण डायबिटीज़ के प्राकृतिक इलाज के रूप में चुकंदर का सेवन किया जा सकता है। 

6. उच्च रक्तचाप के लिए (High Blood Pressure)-  उच्च रक्तचाप से धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से अधिक बढ़ जाता है जोकि हृदय के लिये खतरनाक हो सकता है। चुकंदर रक्तचाप के देसी उपचार के रूप में एक अच्छा विकल्प है। चुकंदर में नाइट्रेट्स भरपूर मात्रा में होता है। नाइट्रेट्स एक ऐसा रसायन है, जो पाचन तंत्र में पहुँचकर नाइट्रिक ऑक्साइड बन जाता है और रक्तचाप कम कर देता है। ये दोनों ही धमनियों को चौड़ा करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं। 

7. हृदय के लिए (Heart)- अभी हमने जाना कि चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट रक्तचाप को सामान्य कर देता है और हृदय रोग से बचाव करता है।  इसके अतिरिक्त, चुकंदर में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो हृदय रोग का कारण बन सकते हैं। चुकंदर में मौजूद  विटामिन्स और मिनरल्स हृदय को स्वस्थ रखते हैं। 

8.  कैंसर के लिये (Cancer)- चुकंदर में बिटिन नामक तत्व होता है, जो कैंसर और ट्यूमर बनने नहीं देता। एक अध्ययन में पाया गया है कि चुकंदर फेफड़ाें और स्किन कैंसर को शरीर में विकसित होने से रोक सकता है। एक अन्य अध्ययन में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि गाजर और चुकंदर का जूस एक साथ मिलाकर पीने से शरीर में ब्लड कैंसर की आशंका को कम किया जा सकता है। कैंसर एक गंभीर बीमारी है जिसका इलाज डॉक्टर से ही कराना आवश्यक होता है। 

9. मस्तिष्क के लिए (Brain)-  चुकंदर को नाइट्रिक ऑक्साइड का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह दिमाग में रक्त संचार को बढ़ाता है और कॉग्निटिव फंक्शन यानि स्मरण शक्ति, एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है। मस्तिष्क के ऊपरी हिस्से (सेरिब्रेम) की तरफ ब्लड फ्लो की कमी हो जाने से ब्रेन डैमेज या अल्जाइमर रोग आदि का कारण बन सकता है। ऐसे में  चुकंदर का उपयोग बहुत उपयोगी है। 

10. लिवर के लिए (Liver)- लिवर को स्वस्थ रखने के लिये और इससे सम्बंधित समस्याओं से निजात पाने के लिये चुकंदर का सेवन अत्यन्त लाभदायक है। यह हाई फैट वाले भोजन से लिवर को होने वाले ऑक्सीडेटिव नुकसान को कम करने में मदद करता है। साथ ही चुकंदर लिवर को डिटॉक्सिफाई भी कर सकता है। यह उसे साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है। 

11. वजन कम करे और कब्ज से राहत (Lose Weight)- चुकंदर में कैलोरी काफी कम, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर अधिक होते हैं, जो वज़न कम करने में मदद करते हैं।  फाइबर कब्ज दूर करने में दवा की तरह काम करता है। चुकंदर का सेवन कब्ज को दूर करने के लिए अच्छा उपाय है। 

12. दर्द और सूजन में राहत (Pain and Swelling)- चुकन्दर के तेल से मालिश करने से दर्द से आराम मिलता है। चुकन्दर के पत्तों के रस में शहद मिलाकर सूजन पर लगाने से सूजन में आराम मिलता है। 

13. हड्डियों के लिए फायदेमंद (Bones)– चुकंदर में भरपूर मात्रा में  कैल्शियम होता है जो हमारी हड्डियों व दांतों को मजबूती प्रदान करता है। 

14. मोतियाबिंद से बचाव (Cataracts)-  चुकंदर को विटामिन और मिनरल की खान कहा जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है जो कि आंखों के लिए बहुत लाभदायक होता है। एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक शोध में इस बात की पुष्टि की गई है कि विटामिन-सी युक्त आहार का सेवन मोतियाबिंद से बचाने में मदद कर सकता है। अतः चुकंदर का सेवन मोतियाबिंद होने की संभावना से बचा सकता है।  

15. गर्भावस्था में चुकंदर के फायदे (Pregnancy)- चुकंदर फॉलेट का अच्छा स्रोत होता है। इसमें बहुत अधिक मात्रा में फॉलिक एसिड होता है, जो प्रेग्नेंट महिलाओं और भ्रूण के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे बच्चे का मेरूदंड बनने में मदद मिलती है। यह शिशु में जन्म के दौरान होने वाली विकृतियों की आशंका को कम कर सकता है। साथ ही यह भ्रूण के विकास में, रीढ़ और मस्तिष्क के विकास में भी मदद करता है।  फोलेट कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में और नए स्वस्थ सेल को बनाने में मदद करता है। 

16. तनाव से मुक्ति (Stress Relief)- यूवी किरणों के प्रभाव, शरीर में कुछ खास कीटाणुओं के प्रवेश या अधिक तनावपूर्ण एक्सरसाइज के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बन जाता है। इससे बचाव के लिये एंटीऑक्सीडेंट का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। चुकंदर में मौजूद बीटालेन नामक एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण हो रही क्षति से शरीर को बचा सकता है। इसलिये चुकंदर का सेवन इस समस्या से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद हो सकता है। 

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17. त्वचा के लिए (Skin)- चुकंदर के अर्क में ग्लूकोसिलेरैमाइड  नामक तत्व होता है, जो त्वचा की ऊपरी परत को सुरक्षित बनाए रखने में मदद कर सकता है। ये हमें धूप, मिट्टी और प्रदूषण आदि से होने वाले नुकसान जैसे रूखी त्वचा, डर्मेटाइटिस और सोरायसिस (लाल त्वचा, खुजलीदार चकत्ते और पपड़ी) आदि से बचा सकता है। चुकंदर  का जूस पीना भी त्वचा के लिये लाभदायक है.

18. बालों के लिए (Hair)- आजकल लोग बालों को कलर करने के लिये प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना ज्यादा अच्छा समझते हैं। क्योंकि बाजार में मिलने वाले डाई में केमिकल बालों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। अतः बालों को कलर करने के लिये चुकंदर का जूस एक अच्छा विकल्प है।  मेहंदी के साथ चुकंदर के जूस को 50:50 के अनुपात में मिलकर लगाने से बालों को प्राकृतिक और बेहतरीन रंग मिल जाता है.

19. रूसी और जुओं के लिये ( (Dandruff)- चुकन्दर के तने के काढ़े से सिर धोने से सिर की रूसी तथा जुएं खत्म जायेंगी.

20. झाइयां हटाये (Remove Freckles)-  धूप में ज्यादा देर रहने के कारण या प्रदूषण के कारण अक्सर चेहरे पर झांईयां पड़ जाती हैं।  चुकन्दर के पत्ते के रस में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाने से दाग धब्बे या झांईयां मिट जाती हैं.

21. बवासीर में फायदेमंद (Piles)- चुकन्दर के जड़ के चूर्ण को घी के साथ 21 दिनों तक सेवन करने से बवासीर में लाभ होता है। इसके अलावा चुकन्दर का काढ़ा बनाकर 10-30 मि.ली। मुंह सुबह भोजन के 1 घंटा पहले तथा रात में सोते समय पीने से कब्ज तथा खूनी बवासीर में लाभ मिलेगा। 

22.  मुंह के छाले/दांत के दर्द में फायदा (Mouth Ulcers)-  चुकन्दर के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारे करने से दांतों के दर्द में आराम मिलेगा तथा मुंह के छाले मिटते हैं.

23. कान दर्द में फायदा (Ear Ache)- चुकंदर के पत्ते के रस को गुनगुना करके 2-2 बूंद कान में डालने से कान की सूजन तथा दर्द में लाभ होता है। 

24. पेट में फायदा (Stomach)- चुकन्दर के 1-2 ग्राम बीज चूर्ण का सेवन करने से पेट फूलने तथा कब्ज में आराम मिलता लाभ है। 

25. जल जाने पर (On Burning)-  चुकन्दर के पत्तों का काढ़ा बनाकर ठंडा करके जले हुए जगह पर लगाने से जल्द आराम मिलता है। 

26  मिर्गी में फायदा (Epilepsy)- 1-2 बूंद चुकंदर के पत्ते के रस को नाक में डालने से मिर्गी में लाभ होता है।  इसके अलावा चुकन्दर के कंद (bulb) के रस को नाक से लेने से मिर्गी, आधासीसी (आधे सिर में दर्द) तथा अन्य मानसिक विकारों में लाभ होता है। 

27. गंजेपन में फायदा (Baldness)- चुकन्दर के पत्ते के रस को कुछ दिनों तक लगातार सिर में लगाने से सिर का गंजापन कम होता है या चुकन्दर पत्ते में हल्दी मिलाकर पीसकर सिर में लगाने से भी बालों का झड़ना कम होता है। 

28.  चुकन्दर के जूस के अनेक रोगों में फायदा (Many Diseases)- चुकंदर का जूस पीने से  कई रोगों से बचाव होता है। यह  पीलिया, हेपेटाइटिस, उल्टी के उपचार में लाभदायक है। इससे कब्ज और बवासीर से भी बचाव होता है। 

चुकंदर के गुण – Beetroot Ke Gun

1. चुकंदर प्राकृतिक शर्करा का उत्तम श्रोत है.

2. चुकंदर में प्रचुर मात्रा में लौह, विटामिन और खनिज होते हैं जो रक्त को बढ़ाने और रक्त की शुद्धिरण के काम में सहायक होते हैं.

3. इसमें सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन, आयोडीन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं.

4. पोटेशियम शरीर को प्रतिदिन पोषण प्रदान करने में मदद करता है और क्लोरीन गुर्दों के सफाई में मदद करता है। 

5. इसमें पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं.

6.चुकंदर की जड़ कफ निकालने, कमज़ोरी दूर करने और हिमोग्लोबीन को बढ़ाने वाली होती है.

7. चुकंदर का रस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं को दूर रखता है और रक्त की कमी को पूरा करता है। 

8. चुकंदर में बेटेन नामक तत्व पाया जाता है जो आंत व पेट को साफ करने के लिए आवश्यक होता है। 

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9. चुकंदर और उसके पत्ते फोलेट का अच्छा स्रोत होते हैं, जो उच्च रक्तचाप और अल्जाइमर की समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं। 

चुकंदर के नुकसान – Side Effects of Beetroot in Hindi

1. इसमें अधिक मात्रा में डाइट्री ऑक्सालेट पाया जाता है, जिसका अधिक सेवन पथरी का कारण बन सकता है। 

इसकी सब्जी ऑक्सालेट्स से भरपूर होती है, चुकंदर के अधिक सेवन से गुर्दे की पथरी हो सकती है। चुकंदर को उबालकर या पकाकर ऑक्सलेट की मात्रा को कम किया  जा सकता है। 

2. चुकंदर के अधिक सेवन से आपका शरीर गुलाबी या लाल रंग का मल-मूत्र पैदा कर सकता है जो खतरनाक लगता है पर हानिरहित है। यह स्थिति 48 घंटों के भीतर सामान्य हो जाती है। 

3. चुकंदर खाने से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है जिससे पित्ती, खुजली, बुखार, ठंड लगना, गले की समस्या आदि जैसी बीमरियां हो सकती हैं। इसमें  अर्टिकेरिया (त्वचा पर लाल, खुजलीदार और जलनशील चक्कते), सांस लेने में तकलीफ और आंखों व नाक में समस्या आदि भी शामिल हैं। 

4. चुकंदर के अधिक सेवन से लिवर में मेटल जमा हो सकता है। यह पोर्फिरीया कटानिया टार्डा (खून की बीमारी जो त्वचा को प्रभावित करती है), आयरन की कमी या पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। 

5. यद्यपि चुकंदर रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए अच्छा है, परन्तु इसके अधिक सेवन से निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) या हाइपोटेंशन की शिकायत हो सकती है। 

6. अधिक मात्रा में चुकंदर खाने से मतली और डायरिया की समस्‍या हो सकती है। 

7. किडनी की बीमारियों से पीड़ित लोगों को चुकंदर  अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए.

8. लोहे, मैग्नीशियम, तांबे, और फॉस्फोरस से भरपूर तत्व, अधिक मात्रा में चुकंदर का सेवन करने के माध्यम से, लिवर पर इकट्ठे हो सकते हैं जिससे लिवर और पैनक्रियाज़ को नुकसान पहुंच सकता है। 

Conclusion

दोस्तो, आज इस लेख के माध्यम से हमने आपको चुकन्दर के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी दी। हम आशा करते है आपको यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा। कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद

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