दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो,  हम इतिहास गवाह है कि इस दुनियां में प्राकृतिक आपदाऐं, बीमारियां, महामारियां आती रही हैं और अपनी विनाशलीला दिखाती रही हैं और मानव इनसे लड़ता रहा है। परन्तु एक महामारी इस विश्व में ऐसी आयी जिसके लिये केवल मानव को जिम्मेदार माना गया। इस महामारी ने विश्व में लाखों व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया। यहां हम स्पष्ट कर दें कि देसी हैल्थ क्लब का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या देश विशेष को लक्षय (Target) करना नहीं है अपितु इससे बचाव के विषय में जानकारी देना है। जी हां, हम बात कर रहे हैं “कोरोना” महामारी की। जिसे कोरोना वायरस रोग 2019 (Corona Virus Disease of 2019 – COVID-19 ) कहा जाता है। यहाँ हम आपको कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है, तो आइये नीचे पढ़ते है।

दोस्तो, विश्व के वैज्ञानिकों ने अपने अथक प्रयासों से इस महामारी से लड़ने के लिये वैक्सीन का आविष्कार किया जो मानव जाति को बचा रही है। परन्तु कुछ अज्ञानता वश या सही जानकारी के अभाव में वैक्सीन के बारे में भ्रम फैला हुआ है कि इसे लगवायें या नहीं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान। देसी हैल्थ क्लब आपको इस बारे में विस्तार जानकारी देगा। सबसे पहले में संक्षेप जानते हैं कोरोना रोग 2019 के बारे में। 

कोरोना वायरस रोग 2019(COVID -19) – (Coronavirus Disease 2019)

दोस्तो, 1930 के दशक में एक वायरस घरेलू मुर्गी पालन में पाया गया था जिसे कोरोनाविरस कहा गया। यह जानवरों में, सांस, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, यकृत और तंत्रिका संबंधी रोगों की एक श्रृंखला का कारण बनता है। कोरोनाविरस सामान्य मानव और पशु वायरस है। वर्ष 2019 के अंत में चीन में हुबेई प्रांत के शहर वुहान में स्वास्थ देखभाल से जुड़े श्रमिकों ने एक ऐसी बीमारी का प्रतिरूप (Pattern) देखा, जो पहले कभी नहीं देखा था। सामान्य लक्षणों में बुखार, शरीर में दर्द, थकान और निमोनिया (फेफड़ों में संक्रमण) के कारण सांस लेने में कठिनाई भी शामिल थी। देखते ही देखते यह बीमारी पूरे विश्व में फैल गई।

कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान

11 फरवरी, 2020 को टेक्सोनोमी ऑफ वायरसेज की इंटरनैशनल कमिटी ने इसको Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus 2  (SARS-CoV 2) नाम दिया। क्योंकि इसके लक्षण 2002 में गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus 2 – SARS-CoV) और  2012 में मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) जैसे थे। बाद में इसका नाम बदलकर COVID-19 रखा गया जो SARS-CoV 2 की अपेक्षा  COVID-19 अधिक सरल है और किसी यह किसी विशेष स्थान, पशु या मानव से संबंधित नहीं है। इसे डब्ल्यूएचओ (World Health Organization -WHO) ने वैश्विक महामारी के रूप में वर्गीकृत कर दिया। 

कुछ प्रसिद्ध कोरोना वैक्सीन – (Some Famous Corona Vaccines)

दोस्तो, अब बताते हैं कुछ वैक्सीन के बारे में जो बन चुकी हैं और लगाई जा रही हैं या जिनको बनाने की अनुमति मिल चुकी है –

1. फाइजर बीएनटी162 (Pfizer-BNT162) – इस वैक्सीन को फाइजर और बायोएनटेक ने मिलकर बनाया है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका के विभिन्न शहरों फेज-3 का ट्रायल में हो चुका है। 90% तक इसकी सफलता का दावा किया जा रहा है। फाइजर ने यह भी दावा किया है कि यह बारह से पंद्रह साल के बच्चों पर 100% प्रभावकारी है। 

2. मॉडर्ना mRNA-1273 (Moderna mRNA-1273)- इसे मॉडर्ना कम्पनी ने बनाया है जोकि mRNA चिकित्सा पद्धत्ति पर आधारित है।  फेज-3 का ट्रायल कैसर पर्मानेंटे वॉशिंगटन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट में हो चुका है। कम्पनी ने इसके 94।5% प्रभावी होने की बात कही है।  

3. स्पुतनिक-पांच (Russia): स्पुतनिक-पांच (Sputnik-V)- इस वैक्सीन को रूस की गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट और आसेललेना कॉन्ट्रैक्ट ड्रग रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने मिलकर तैयार किया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके परिवार ने इस वैक्सीन को लगवा चुके हैं। इसकी प्रभावशीलता 97।6% तक की गणना की गई।  परीक्षण परिणाम  91।6% से अधिक है। 

4. कोविशील्ड (Covishield)- ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी AstraZeneca द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII), पुणे सहनिर्मित यह वैक्सीन फेस-3 के सफल परीक्षण के बाद भारत सहित 100 से अधिक देशों में लगाई जा रही है। भारत में पहले 60 वर्ष, फिर 45 वर्ष की आयु वाले व्यक्तियों को लगाने के बाद, 1 मई, 2021 से भारत में 18 वर्ष की आयु के बाद सभी को लगाई जायेगी।  इसके प्रभाव को 94% माना जा रहा है।

5. कोवाक्सिन (Covaxin)- भारतीय दवा कंपनी भारत बायोटेक इस वैक्सीन को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर बना चुकी है। फेज-3 के परीक्षण के बाद इसे भारत में लगाया जा रहा है। इसको भी 94% प्रभावी माना जा रहा है।

6. AZD1222 (Oxford University/AstraZeneca/SII) – ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया मिलकर इस वैक्सीन को बना रही हैं। इस वैक्सीन से बहुत अधिक आशाऐं हैं। इसका भी फेज-3 का ट्रायल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा तथा कई अन्य देशों में पूरा हो चुका है। इसे बाजार में लाने की तैयारी की जा रही है।  

वैक्सीन से सम्बंधित आशंकाऐं/भ्रान्तियां – Misconceptions related to the vaccine

दोस्तो, कुछ वैक्सीन के बारे में जानने के बाद अब आपको बताते हैं कि हमारे देश भारत तो में वैक्सीन को लेकर क्या भ्रान्तियां (Misunderstanding) फैली हुई हैं?-

1. लोग डर रहे हैं वैक्सीन लगवाने से। कहते हैं कि साइड इफैक्ट्स हो रहे हैं। वे सोचते हैं कि लोग वैक्सीन लगवाने के बाद भी मर रहे हैं। फिर वो बिना सच्चाई जाने इधर-उधर के उद्हारण भी देने लगते हैं। 

2. मर नहीं रहे तो लोग वैक्सीन लगवाने के बाद उनको कोरोना हुआ। वे बीमार हो रहे हैं। इसलिये ना तो हम खुद और परिवार के किसी भी सदस्य को वैक्सीन लगवायेंगे ना ही किसी और को लगवाने के लिये कहेंगे।  

3. वैक्सीन की प्रभावशीलता पर विश्वास नहीं करते। 

4. कई लोगों को लगता है कि उनको वैक्सीन की जरूरत ही नहीं है क्योंकि उनकी इम्युनिटी बहुत स्ट्रोंग है।

5. कई लोग सोचते हैं कि अब तो ये कोरोना खत्म होने वाला है फिर क्यों वैक्सीन लगवाई जाये। 

6. यदि किसी को कोरोना वैक्सीन से कोई साइड इफेक्ट होता है तो क्या इंश्योरेंस कंपनी इसके लिए उत्तरदायी होगी?

दोस्तो, ये सब बातें कहां से निकल कर आ रही हैं कहां से डर बैठा है लोगों के मन में? इन सब आशंकाओं, भ्रान्तियों के लिये कौन जिम्मेदार है? इसका उत्तर है केवल हम। क्योंकि सोशल मिडिया, न्यूज़ मीडिया, इलैक्ट्रैनिक मिडिया जो भी हमें दिखाता है या जो कुछ हम देखते हैं, बाहर से बातें सुनते हैं उस पर हम आसानी से विश्वास कर लेते हैं बिना उसकी सच्चाई जाने। 

वास्तविकता (The Reality)-

दोस्तो, ऊपर जो आशंकाऐं/भ्रान्तियां लोगों के मन में हैं, उनको दूर करना अति आवश्यक है। इसलिये देसी हैल्थ क्लब आपको वास्तविकता बता रहा है जो इस प्रकार है –

1. कोई भी देश यह नहीं चाहता कि उसके नागरिक मरें। कोई भी वैक्सीन नागरिकों को बीमारी से छुटकारा पाने के लिये बनाई जाती है ताकि वे जिंदा रहें। देसी हैल्थ क्लब की जानकारी के अनुसार ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है जिसमें मृत्यु का कारण वैक्सीन को बताया गया हो। हां ये हो सकता है कि मृत्यु का कारण कुछ और रहा हो, संयोगवश वैक्सीन मृत्यु से कुछ दिन पहले लगी हो। इसके लिये वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। 

2. वैक्सीन लगवाने के 12 से 24 घंटों के बीच हल्का सा बुखार है सकता है, सिर दर्द हो सकता है जो अपने आप ठीक हो जाता है। ऐसा हर किसी को नहीं होता। जहां वैक्सीन लगी है वहां हल्की सी सूजन हो सकती है, हल्का सा दर्द भी होता है जो सामान्य है।

3. किसी भी वैक्सीन को फाईनल स्टेज तक लाने के लिये उसके कई परीक्षण करने पड़ते हैं ताकि उसकी प्रभावशीलता को आंका जा सके। भारत सहित अनेक देशों में प्रत्येक वैक्सीन के तीन चरण (Three Stage) के परीक्षण हो चुके हैं। हमारे देश भारत में लगाई जा रही वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को 94% प्रभावी बताया जाता है।

4. इम्युनिटी सिस्टम स्ट्रोंग होना अच्छी बात है। वैक्सीन भी इम्युनिटी सिस्टम को और बढ़ा कर ज्यादा मजबूत करने का काम करती है ताकि यदि कोई करोना की चपेट में आता है तो वह बहुत ही कम दिनों में ठीक हो सके।

ये भी पढ़े – कोरोना वायरस से बचने के सुझाव

5. हमारे देश में कोरोना कब तक रहेगा कोई भी नहीं बता सकता। इसलिये बचाव के तौर पर वैक्सीन लगवाना आवश्यक हो जाता है।

6. इस संबंध में हमारे देश के प्रधानमंत्री आदर्णीय श्री नरेन्द्र मोदी का संदेश बहुत ही साफ है “दवाई भी, कड़ाई भी” अर्थात् वैक्सीन लगवाने के बाद भी आपको और अधिक सावधान रहना होगा, बाहर जाते समय मास्क ठीक से लगाना, समय-समय पर हाथ धोना और दो गज़ यानी छः फीट की दूरी बनाये रखना। 

वैज्ञानिकों ने भी स्पष्ट किया है कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। उनके अनुसार वैक्‍सीन को शरीर में काम करने के लिये कुछ समय लगता है। इस बीच यदि कोई व्यक्ति जिसको वैक्‍सीन लगी है वह कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आता है तो उसे भी कोरोना हो सकता है। अतः वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना ना हो इस बात की गारंटी खुद आप ही दे सकते हैं अपने को भी और, औरों को भी। 

7. इंश्योरेंस कवर पर एक्सपर्ट्स की राय इस प्रकार है :-

(i)   Vidal Health के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री गिरिश राव के अनुसार, “वैसे तो सरकार वैक्सीन पर काफी ट्रायल करती हैं और साइड इफेक्ट का खतरा ना के बराबर होता है। लेकिन, फिर भी अगर किसी को दिक्कत होती है और एडमिट करने की जरुरत पड़ती है तो उसे कवर किया जाएगा। दरअसल, इंश्योरेंस में कोरोना भी कवर हो रहा है तो यह भी कवर हो जाएगा।” 

(ii)  Investogrow के को-फाउंडर और इंश्योरेंस एक्सपर्ट श्री अंकुर सिन्हा के मुताबिक “इंश्योरेंस कंपनियां कोविड-19 पर क्लेम दे रही है तो वो वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स पर क्लेम देंगे”।

(iii) Finway FSC के डायरेक्टर ऑफ इंश्योरेंस श्री अमित शर्मा का कहना है, ‘मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी इसका क्लेम देगी। अगर किसी को कोरोना वैक्सीन से कोई साइड इफेक्ट होता है तो इंश्योरेंस कंपनी इसके लिए उत्तरदायी होगी। अगर किसी की पॉलिसी 4 साल पुरानी है और वो स्वस्थ्य हैं और कोरोना वैक्सीन के बाद उन्हें कुछ होता है तो वो उन्हें इंश्योरेंस कवर मिलेगा।’

वैक्सीन कैसे काम करती है?- How does the vaccine work

1. कोविशिल्ड (Covishield)– ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी AstraZeneca द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII), पुणे सहनिर्मित यह वैक्सीन, कॉमन कोल्ड (सर्दी-जुकाम) वाले वायरस जिसे एडिनोवायरस (adenovirus) कहा जाता है, पर आधारित है। यह एडिनोवायरस चिंपाजी को संक्रमित करता है। इस वैक्सीन में एडिनोवायरस के कमजोर भाग और SARS-CoV-2-Coronavirus2, वायरस के Spike protein के जेनेटिक तत्वों का उपयोग  किया गया है। जब वैक्‍सीन लगती है तब यह विशेष प्रकार का प्रोटीन कोरोना वायरस से लड़ने के लिये एंटीबॉडी तैयार करता है। यदि, कोरोना वायरस का आक्रमण होता भी है तो यह वैक्सीन इसे निष्क्रिय कर देगी। सीरम इंस्टीट्यूट के अनुसार वैक्सीन की पहली डोज देने के बाद 4 से 6 सप्ताह के बीच दूसरी डोज दी जानी चाहिये। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने Covishield वैक्सीन की दूसरी डोज के समय अंतराल को संशोधित कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसे 4 से 6 सप्ताह के बीच देने की अपेक्षा 4 से 8 सप्ताह के बीच देने के लिए कहा है।

2. कोवाक्सिन (Covaxin) – इस वैक्सीन को भारतीय दवा कंपनी भारत बायोटेक ने नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी, पुणे के साथ मिलकर बनाया है। इस इंस्टिट्यूट में आइसोलेट किये गये कोरोना वायरस के एक सैम्‍पल का उपयोग किया गया है। यह एक निष्क्रिय (Inactivated) वैक्सीन है। निष्क्रिय टीके का अर्थ है जो रोग पैदा करने वाले जिंदा माइक्रोऑर्गेनिज्म (live microorganisims) को निष्क्रिय कर दे। इस प्रकार के निष्क्रिय टीके पहले भी बने हैं जैसे हेपेटाइटिस-ए (Hepatitis A), इंफ्लूएंजा (Influenza), पोलियो(Polio), रेबीज(Rabies)आदि।  जब यह Covaxin वैक्‍सीन लगाई जाती है तो इम्‍युन सेल्‍स मृत वायरस को पहचान लेते हैं और उनके विरुद्ध  एंटीबॉडीज बनाने लगते हैं और वायरस को निष्क्रिय कर देते हैं। इसकी दूसरी डोज 4 से 6 सप्ताह के बीच लगनी चाहिये। 22 अप्रैल 2021 की ताजा जानकारी के अनुसार इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने दावा किया है कि यह दोहरे बदलाव वाले डबल म्यूटेंट वायरस के खिलाफ भी काम करती है।

कोरोना वैक्सीन के फायदे – Benefits of Corona Vaccine

दोस्तो, यह सबसे महत्वपूर्ण है हम यह समझें कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के फायदे क्या हैं ? देसी हैल्थ क्लब आपको बता रहा है इसके फायदे जो निम्न प्रकार हैं – 

1. दोस्तो, देश भारत की लगभग 135 करोड़ की जनसंख्या में से, लगभग 30 करोड़ व्यक्ति ऐसे हैं जो किसी ना किसी रोग से पहले से ही ग्रसित हैं और इन 30 करोड़ में से बहुत ऐसे होंगे जो धूम्रपान, शराब या अन्य नशीले पदार्थों  का सेवन करते हैं। इनको कोरोना संक्रमण से बचाने के लिये वैक्सीन बेहद जरूरी है क्योंकि यदि इन लोगों को कोरोना संक्रमण होता है तो इनके जीवित रहने की संभावना “नहीं” के बराबर है। 

2. यदि किसी को कोई बीमारी नहीं है और उसे कोरोना संक्रमण होता है, वह अस्पताल में भर्ती होता है तो उसे ठीक होने में सामान्यतः कम से कम दो सप्ताह का समय लगता है। परन्तु यदि, वैक्सीन लेने के बाद और सावधानी बरतने या ना बरतने के बाद उसे संक्रमण होता है तो वह एक सप्ताह में ही ठीक हो सकता है।

3.  वैक्सीन लगवाने के बाद, अस्पताल जाने की संभावना शून्य (Zero) हो जाती है, और यदि जाना भी पड़ गया तो करोना वायरस से मृत्यु की संभावना भी शून्य (Zero) रहेगी। 

4. यदि Covishield या  Covaxin की दोनों डोज लगवा ली है तो ये आपके जीवन की रक्षा करेंगी क्योंकि ये आपकी इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाती हैं। 

5. ये दोनों वैक्सीन 94% तक प्रभावी हैं। यहां देसी हैल्थ क्लब स्पष्ट करता है कि कोई भी वैक्सीन 100% प्रभावशाली नहीं होती।

6. इन दोनों वैक्सीन के तीन चरण (Three stages) के सफल परीक्षण के पश्चात् और इनकी प्रभावी क्षमता, फायदे आदि आंकने के पश्चात ही सबसे पहले स्वास्थ से जुड़े डॉक्टर्स, नर्स, व अन्य कर्मचारियों तथा करोना मरीजों को वैक्सीन लगाई गई। फिर सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मियों को लगाने के बाद 60 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को वैक्सीन लगाई गई। 

7. अब 45 वर्ष की आयु वाले व्यक्तियों को लगाई जा रही है। वैक्सीन की उपयोगिता को देखते हुऐ, 01 मई 2021 से 18 वर्ष से ऊपर के सभी युवाओं को वैक्सीन लगाई जायेगी। 

8. 22 अप्रैल 2021 की ताजा जानकारी के अनुसार विश्व में सबसे तेज 13 करोड़ टीके भारत में  लगे हैं। केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 13 करोड़ टीकों में से 12.76 करोड़ यानी 90% टीके ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड के लगे हैं।

किन लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?- Which people should not get the coviciled vaccine?

1. कोविशील्ड (Covishield) – निम्नलिखित दो स्थितियों में कोविशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिये :-

(i)   यदि इस वैक्सीन की पहली खुराक से कोई एलर्जिक रिएक्शन हुआ है।

(ii)  यदि इस वैक्सीन में इस्तेमाल किसी सामग्री से पहले कोई गंभीर एलर्जी हुई है। इस वैक्सीन में इस्तेमाल हुई सामग्री – एल-हिस्टिडिन, एल-हिस्टिडिन हाइड्रोक्लोराइड मोनोहाइड्रेट, मैग्नेशियम क्लोराइड हेक्जाहाइड्रेट, पॉलिसॉर्बेट 80, इथेनॉल, सुक्रोज, सोडियम क्लोराइड, डाइसोडियम एडिटेट डाइहाइड्रेट (EDTA), इंजेक्शन के लिये पानी।

इसके अतिरिक्त सीरम इंस्टीट्यूट ने जारी किये फैक्टशीट में बताया कि :-

(i)   यदि आप प्रतिदिन कोई दवाई ले रहे हैं, कुछ दिनों से जुकाम, बुखार है, खून की कोई बीमारी है, तो आपको कोविशील्ड वैक्सीन नहीं लेनी चाहिये। 

(ii)  गर्भवती महिलाएं और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी यह वैक्सीन की डोज नहीं लेनी है।

(iii)  यदि किसी विशेष खाद्य पदार्थ या किसी दूसरे अन्य कारण से कोई एलर्जी है/हुई है तो इस स्थिति में कोविशील्ड बिल्कुल न लगावायें।

(iv)  यदि थैलसिमिया के रोगी हैं तो कोविशील्ड न लगावायें।

(v)   यदि आपने कोविड के लिये पहले से कोई अन्य टीका लगवाया है तो आपको कोविशील्ड नहीं लगावानी है।

2. कोवैक्सीन (Covaxin) – इस वैक्सीन को बनाने वाला कम्पनी भारत बॉयोटक ने एक प्रश्नोत्तर (FAQ) जारी करके सलाह दी है :- 

(i)   गर्भवती महिलाओं या शिशुओं को स्तनपान करा रही महिलाओं को वैक्सीन की टीका नहीं लगवाने की सलाह दी है।

(ii)   तेज बुखार और ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स वाले लोगों को कोवैक्सीन का टीका न लेने की सलाह दी है। 

(iii)  यदि किसी को एलर्जी है तो उन्हें वैक्सीन नहीं लगवाना चाहिये।

(iv)  यदि आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो वैक्सीन न लगवायें।

वैक्सीन लगवाने के बाद क्या करे क्या ना करे – What to do and what not to do after getting the vaccine

1. तुरंत काम पर ना जाएं

2. भीड़ -भाड़ में जाने से बचे 

3. यात्रा करने से बचें 

4. सिगरेट और शराब ना पिए

5. डॉक्टर के संपर्क में रहे 

6. हाइड्रेटेड रहे 

7. वर्कआउट ना करे

कोरोना वैक्सीन के नुकसान – Side Effects of Corona Vaccine

दोस्तो, अब बताते हैं आपको कोरोना वैक्सीन के साइड इफैक्ट्स जो निम्न प्रकार हैं – 

1. कोविशील्ड (Covishield)- 22 अप्रैल 2021 के हिन्दी समाचार पत्र “नवभारत टाइम्स” में छपे समाचार में कहा गया है कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक डॉ। बलराम भार्गव के अनुसार” – 

(i)  कोविशील्ड लगवाने वाले 11.6 करोड़ लोगों में से 10,03,02,745 ने पहली डोज ली और इनमें से 17,145 में संक्रमण हुआ। यानी केवल 0.02% लोग संक्रमण की चपेट में रहे। 

(ii)  इसकी दूसरी डोज 1,57,32,745 लोगों ने ली, इनमें से 5,014 संक्रमित हुऐ। यानी 0.03% लोग संक्रमण की चपेट में आये।

2. कोवैक्सीन (Covaxine)- 22 अप्रैल 2021 के हिन्दी समाचार पत्र “नवभारत टाइम्स” में छपे समाचार में कहा गया है कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक डॉ। बलराम भार्गव के अनुसार

(i)  कोवैक्सीन लेने वाले 1.1 करोड़ लोगों में से    93,56, 436 ने पहली डोज लगवाई, इनमें से 4,208 लोग संक्रमित हुऐ। यानी 0.04%। 

(ii)  इसकी दोनों डोज 17,37,178 लोगों ने लीं, इनमें से केवल 695 संक्रमित हुऐ। यानी 0.04%।

डॉ। भार्गव ने बताया कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों में होने वाला संक्रमण गंभीर प्रकृति का नहीं था। 

सामान्य साइड इफैक्ट्स – Common Side Effects

1. कोविशील्ड (Covishield)- सीरम इंस्टीट्यूट की फैक्टशीट के अनुसार सामान्य साइड इफैक्ट्स 10 में से केवल 1 व्यक्ति को हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं 

(i)  कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इस वैक्सीन से हल्के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

(ii)  इंजेक्शन लगाने जाने की जगह पर दबाने से दर्द, गर्माहट, लाल हो जाना, खुजली, दर्द, सूजन या घाव भी शामिल है। इसके अलावा तबियत ठीक नहीं लगना, थकान महसूस होना (कमजोरी), कंपकंपी या बुखार लगना, सिरदर्द, जोड़ों में या मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है।

ये भी पढ़े- कोरोना वायरस और डेंगू में अंतर

(iii) जो साइड इफेक्ट्स सामान्य नहीं है, वे 100 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं जैसे चक्कर आना, भूख में कमी, पेट में दर्द, अधिक पसीना आना, त्वचा में खुजली या चकत्ते आदि। 

यदि कोई गंभीर लक्षण नजर आता है नजदीक के अस्पताल से संपर्क करें। डॉक्टर से बात करें। सीरम इंस्टीट्यूट ने 24X7 कॉल सेंटर बनाया है, जहां साइड इफेक्ट्स पर बात कर सकते हैं – 1800 1200124।  ईमेल से भी आप अपने सवाल भेज सकते हैं। [email protected]।com

2. कोवैक्सीन (Covaxine)- कोवैक्सीन लेने के बाद सामान्‍य रूप से हल्‍का बुखार, सिर दर्द, वैक्सीन लगने की जगह पर हल्‍की सूजन, या हाथ-पैर में कुछ दर्द हो सकता है। यह प्रकार के लक्षण 12 से 24 घंटों के लिये हो सकते हैं। परन्तु जरूरी नहीं कि सभी को ऐसा हो। 

संदेश (Message)-

दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब आपको कुछ संदेश देता है जो इस प्रकार हैं। 

1. आदर्णीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र “दवाई भी और कड़ाई भी” का कड़ाई से पालन कीजिये।

2. बाहर जाते समय मास्क ठीक से लगायें, समय-समय पर हाथ धोयें और दो गज़ यानी छः फीट की दूरी बनाये रखें। 

3. केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाली एड्वाईजिरी का पालन कीजिये। लॉकडाउन, कर्फ्यू आदि का पालन कीजिये।

4. जहां तक हो सके डॉक्टर्स का समय बचाइये। सामान्य बीमारी में जहां तक संभव हो, अस्पताल ना जाइये। अत्यंत गंभीर समस्या में ही अस्पताल का रुख कीजिये।

5. वैक्सीन लगवाने के बाद भी सावधानी बरतिये। दिशा निर्देशों का पालन कीजिये।

6. बचाव ही सबसे बड़ा  उपाय है।

7. खुद सुरक्षित रहिये, औरों को भी सुरक्षित कीजिये।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान के विषय में विस्तृत जानकारी दी। कुछ प्रसिद्ध कोरोना वैक्सीन्स से परिचय कराया, वैक्सीन से जुड़ी आशंकाऐं/भ्रान्तियां भी बताईं तो वास्तविकता से भी परिचित कराया। वैक्सीन किस स्थिति में और किन लोगों को नहीं लगवानी चाहिये, इस बारे में भी बताया। दोस्तो, इस लेख के माध्यम से आपको वैक्सीन लगवाने के फायदे और साइड इफैक्ट्स बताने के साथ-साथ जनहित के लिये देसी हैल्थ क्ल्ब ने कुछ संदेश भी दिये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख विभिन्न जानकारी के श्रोतों पर आधारित है। कृपया जानकारी की वास्तविकता स्वयं परखें। यह केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान
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कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान
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आज के लेख में हमने आपको कोरोना वैक्सीन के फायदे और नुकसान के विषय में विस्तृत जानकारी दी। कुछ प्रसिद्ध कोरोना वैक्सीन्स से परिचय कराया, वैक्सीन से जुड़ी आशंकाऐं/भ्रान्तियां भी बताईं तो वास्तविकता से भी परिचित कराया।
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4 Comments

Shiv Kumar Kardam · April 22, 2021 at 11:44 am

Latest information provided

  • delta 8 carts Area 52 · April 22, 2021 at 9:38 pm

    Usually, I do not read post on blogs, but I would like to say that this write-up very forced me to take a look at and do it! Your writing style has been surprised me. Thank you, quite a nice post.

  • harish kumar · April 23, 2021 at 3:48 am

    the best and real information about covid vaccine good job..

  • Ram mohan haldia · April 26, 2021 at 2:43 pm

    In this article up to point information given.
    Really appreciable
    Thanks for your society service

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