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दलिया खाने के फायदे – Benefits of Eating Porridge in Hindi

दलिया खाने के फायदे

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आज हम आपको एक ऐसे खाद्य पदार्थ के बारे में बताएंगे सर्वाधिक पौष्टिक माना जाता है, जिसे एनर्जी का पावर हाउस कहा जाता है और जो अनाज के आटे के रूप में ना होकर टूटे हुए टुकड़ों के रूप में होता है। यह भारत में ही नहीं, यूरोप में भी प्रसिद्ध है। जी हां, हम बात कर रहे हैं दलिया की जो अन्य किसी भी सामान्य अनाज की तुलना में अधिक पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर की उच्च मात्रा बहुत लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते। इसीलिये गांवों में किसान सुबह-सुबह दलिया खाकर खेतों में चले जाते हैं और दोपहर को घर लौटते हैं। यह परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है। भारत में चीनी आने से पहले दलिया में गुढ़ डाला जाता था मगर दूध नहीं क्योंकि गुड़ के साथ दूध फट जाने की संभावना अधिक होती है। इसलिये दलिया खाते समय, दूध पीया जाता था। आज के युग में इसका स्वाद और पौष्टिकता ड्राई फ्रूट्स डालकर बढ़ाई जाती है। आखिर इस दलिया में ऐसा क्या है जो इसे पौष्टिक बनाता है और क्या इसके फायदे होते हैं? दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “दलिया खाने के फायदे”

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको दलिया के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसे खाने के क्या फायदे होते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि दलिया क्या है और दलिया के गुण। फिर, इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

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दलिया खाने के फायदे
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दलिया क्या है? – What is Porridge

दलिया, टूटे हुए अनाज से बनने वाला खाद्य पदार्थ है। इस अनाज में गेहूं के अतिरिक्त चावल, बाजरा, मकई तथा जई सम्मलित हो सकते हैं। टूटे हुए अनाज से तात्पर्य है कि इन अनाज को इतना मोटा पीसा जाता है कि अनाज के छोटे-छोटे टुकड़े बन जाते हैं। अनाज के ये छोटे-छोटे टुकड़े कच्चा दलिया कहलाता है। जब इसे पानी या दूध के साथ पकाया जाता है तो यह पका हुआ दलिया कहलाता है। 

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यही पका हुआ दलिया वास्तव में दलिया है। दलिया को सुपर फूड कहा जाता है, यह एनर्जी का पावर हाउस है क्योंकि सामान्य अनाज की तुलना में दलिया में पोषक तत्व अधिक होते हैं। इसमें प्रोटीन और फाइबर की प्रचुरता होती है जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती। दलिया भारत में ही नहीं बल्कि यूरोप में साइड डिश के रूप में बहुत लोकप्रिय है। इसे मीठा और नमकीन दोनों ही प्रकार का बनाया जा सकता है।

दलिया के गुण – Properties of Porridge

1. दलिया की तासीर गर्म होती है, इसलिये इसे सर्दी के मौसम में खाने की सलाह दी जाती है।

2. दलिया एक ऐसा व्यंजन है जिसे मीठा भी बनाया जा सकता है और नमकीन भी। इसलिये इसका स्वाद आपकी इच्छा पर निर्भर है।

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3. दलिया एंटीऑक्सीडेंट गुणों से सम्पन्न होता है। 

4.  दलिया में विटामिन-बी1, बी2, बी3, बी6, विटामिन-ई तथा प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट,आयरन, फास्फोरस, पोटेशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, ज़िंक आदि खनिज मौजूद होते हैं।

5. दलिया कोलेस्ट्रॉल रहित होता है। 

6. दलिया में कैलोरी और वसा बहुत कम होती है।

दलिया के पोषक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) – Porridge Nutrients (Quantity per 100g)

पानी                         77.76 ग्राम

ऊर्जा                          83 Kcal

प्रोटीन                 3.08 ग्रा.

कोलेस्ट्रॉल                   0.0 ग्रा.

शुगर, टोटल           0.1 ग्रा.

टोटल लिपिड (फैट)   0.24 ग्रा.

कार्बोहाइड्रेट           18.58 ग्रा.

फाइबर                   4.5 ग्रा.

आयरन                       0.96 मि.ग्रा.

कैल्शियम                    10 ग्रा.

मैग्नीशियम           32 मि.ग्रा.

फास्फोरस                    40 मि.ग्रा.

पोटैशियम                    68 मि.ग्रा.

सोडियम                      5 मि.ग्रा.

जिंक                           57 मि.ग्रा.

थाइमिन                   0.057 मि.ग्रा.

राइबोफ्लेविन           0.028 मि.ग्रा.

नियासिन                   1 मि.ग्रा.

विटामिन-बी 6           0.083 मि.ग्रा.

विटामिन ई 

(अल्फा-टोकोफ़ेरॉल)   0.01 मि.ग्रा.

फोलेट                          18 माइक्रोग्राम

फैटी एसिड, 

(टोटल सैचुरेटेड)             0.042 ग्रा.

मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड  0.031 ग्रा.

फैटी एसिड, 

(टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड)  0.098 ग्रा.

दलिया बनाने का तरीका – How to make Porridge

दलिया बनाना बहुत ही सरल है। पुराने जमाने की तरह अब गेंहू को घर पर दलिया के रूप में पीसने या बाहर से पिसवाने की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि अब बाजार से दलिया मिल जाता है, खुला भी, बंद पैकेट भी। बंद पैकेट भी दो प्रकार का मिलता है – भुना हुआ दलिया जिसे दुबारा भूनने की जरूरत नहीं होती और बिना भुना दलिया। बाजार से घर लाकर दलिया बनाना है। यह दो स्वाद में बनता है – नमकीन और मीठा। विवरण निम्न प्रकार है – 

1. नमकीन दलिया – 

(A) सब्जी सहित – 

(i) यदि आप चाहते हैं कि नमकीन दलिया में सब्जियां भी डाली जाएं तो जो भी सब्जियां आप डालना चाहते हैं जैसे गाजर, बीन्स, आलू, गोभी, टमाटर तो इनके छोटे-छोटे टुकड़े काट लीजिये और और थोड़ी सी हरी मटर भी ले लें। हरा धनिया और एक हरी मिर्च भी काटकर अलग-अलग रख लें। प्याज और लहसुन भी काट लें। 

(ii) यदि दलिया भुना हुआ है तो इसे भूनने की जरूरत नहीं है अन्यथा थोड़ा सा घी लेकर कड़ाही में डाल दें और गर्म करें, गर्म होने पर इसमें दलिया डाल कर इसे ब्राउन होने तक भूनें और किसी अलग बर्तन में रख लें। अब तेल/घी डालकर इसे गर्म करें, गर्म होने पर प्याज, लहसुन, हल्की सी लाल मिर्च और मसाले डालकर भून लें। इच्छानुसार नमक भी डाल दें। अब इसमें सभी कटी हुई सब्जियां डालकर, हल्का सा पानी डालकर ढक दें, सब्जियां पकने दें। 

(iii) पांच, सात मिनट में सब्जियां पक जाएंगी। अब कड़ाही में भुना हुआ दलिया डालकर दलिया की मात्रा के हिसाब से पानी डालकर पकाएं। जब यह गाढ़ा हो जाए तो इसे कड़ाही उतार लें। अब दलिया के ऊपर कटा हुआ हरा धनिया और कटी हुई हरी मिर्च छिड़क दें। 

(B) बिना सब्जी वाला –

(i) यदि आप बिना सब्जी और बिना मिर्च मसाले वाला दलिया बनाना चाहते हैं तो दलिया को घी के साथ या बिना घी के ऐसे ही भून लें।

(ii) इसके भुन जाने पर इसमें पानी डालकर अपने स्वादानुसार नमक डालकर इसको पकाएं। गाढ़ा होने पर इसे उतार लें। यह एकदम सादा नमकीन दलिया होगा। 

2. मीठा दलिया –

(i) सबसे पहले दलिया को घी के साथ भून लें। भूनने का तरीका वही है जो हमने ऊपर बताया है।

(ii) दलिया भुन जाने पर इसमें दूध डालें और पकाएं। इसमें पानी नहीं पड़ता। 

(iii) आधा पक जाने पर इसमें अपने चीनी डालें और ड्राई फ्रूट्स (छुहारे, किशमिश, बादाम, काजू आदि) डाल दें, अखरोट अवॉइड करें, इससे स्वाद खराब हो सकता है। अब दलिया को पूरा पकने दें और पक जाने पर उतार लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसके ऊपर केसर के रेशे गलती से भी ना लगाएं क्योंकि दलिया और ड्राई फ्रूट्स की तासीर गर्म होती है और केसर की तासीर बेहद गर्म होती है। यह भी ध्यान रखें कि दूध और ड्राई फ्रूट्स विशेषकर छुहारे और किशमिश की अपनी भी मिठास होती है, इसलिये चीनी कम डालें तो बेहतर होगा। 

(iv) यदि आप दलिया में ड्राई फ्रूट्स नहीं डालना चाहते तो ना डालें, चीनी की हल्की सी मात्रा और बढ़ा सकते हैं। 

(v) यदि आप दलिया में दूध भी नहीं डालना चाहते तो ना डालें, इसमें स्वादानुसार चीनी डालकर केवल पानी में पकाएं। यह आपका प्लेन मीठा दलिया कहलाएगा। 

दलिया खाने का सही समय – Right Time to Eat Porridge

1. दलिया खाने का कोई समय निश्चित नहीं है। इसे कभी भी खाया जा सकता है, परन्तु सुबह के समय नाश्ते में खाना उचित माना जाता है क्योंकि सुबह के समय अधिक फायदे मिलते हैं। इसे दोपहर को भी खा सकते हैं।

2. रात के समय दलिया खाने से पेट फूलने या भारी होने की संभावना रहती है। इसलिये रात के समय दलिया खाना ठीक नहीं रहता।

दलिया कितना खाना चाहिए? – How much Porridge Should be Eaten?

दलिया खाने की कोई मात्रा निर्धारित नहीं है। दलिया खाना व्यक्ति की आयु और स्वास्थ पर निर्भर करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति एक से डेढ़ कटोरी दलिया खा सकता है।

दलिया खाने के फायदे – Benefits of Eating Porridge

दोस्तो, अब बताते हैं आपको, कुछ निम्नलिखित फायदे जो दलिया खाने से मिलते हैं –

1. पाचन तंत्र को सुधारे (Improve Digestive System)- दलिया खाने का सबसे बड़ा और प्रमुख फायदा यह है कि इससे पाचन तंत्र में सुधार होता है। पाचन के लिये फाइबर महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है। दलिया में फाइबर की उच्च मात्रा होती है जो पाचन तंत्र में सुधार करने के साथ-साथ आंत के स्वास्थ को भी ठीक बनाये रखने में मदद करता है। फाइबर भोजन को रसदार बनाता है ताकि यह पचाने में आसान हो जाए।

2. पेट के स्वास्थ्य के लिये (Gut Health)- दलिया पेट के लिये बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर, पेट की कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है जैसे कब्ज, सूजन, ऐंठन, अपच आदि। कब्ज दूर करने के लिये तो यह बेहतरीन उपाय है। यह पचने में आसान होता है। दलिया में मौजूद फाइबर मल को ढीला करता है तथा शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।  इस प्रकार कब्ज की समस्या से राहत मिल जाती है। 

3. एनर्जी बढ़ाए (Increase Energy)- दलिया एक सुपर फूड है, इसको एनर्जी का पावर हाउस कहा जाता है। दलिया में विटामिन-बी1, बी2, बी3, बी6, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, ज़िंक, मैग्नीशियम, मैग्नीज जैसे खनिज उपस्थित तत्व होते हैं जो शरीर में एनर्जी लेवल को बढ़ाते हैं। इनसे शरीर में थकान और कमजोरी दूर होती है। दलिया खाने के तुरन्त बाद शरीर में ऊर्जा का संचार होने लगता है। सुबह के नाश्ते में दलिया खाने के बाद आप सारा दिन ऊर्जावान रहते हैं।

4.  प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाएं (Boost Immune System)- दलिया प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने के लिये बहुत अच्छा विकल्प है। दलिया में कई विटामिन, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, ज़िंक, कॉपर आदि कई खनिज उपस्थित होते हैं जो शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने से हम कई संक्रामक बीमारियों से बच जाते हैं। 

5. हड्डियों को मजबूत बनाए (Strengthen Bones)- हड्डियों के विकास और मजबूती में कैल्शियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज और आयरन की भी जरूरत होती है। ये सभी तत्व हड्डी खनिज घनत्व (bone mineral density) को बढ़ाते हैं जिस वजह से हड्डियां मजबूत बनती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे गंभीर अस्थि रोग की संभावना नहीं रहती। दलिया में ये सभी तत्व पर्याप्त मात्रा में उपस्थित होते हैं जो, हड्डियों के स्वास्थ को बनाये रखने मजबूती प्रदान करने में मदद करते हैं।

6. डायबिटीज में फायदेमंद (Beneficial in Diabetes)- दलिया लो ग्लाइसेमिक इंडेक्टस की श्रेणी में आता है, इस वजह इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए एक उत्तम भोजन माना जाता है। इसमें साधारण गेहूं और चीनी की तुलना में अधिक जटिल कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल कम करने में सक्षम होते हैं।

दलिया इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने और शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस भी शुगर लेवल को बढ़ाने का कारण होता है। दलिया के एंटीआक्सीडेंट गुण स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं।

7. वजन कम करे (Lose Weight)- कम कैलोरी और कम फैट, वजन कम करने के लिये महत्वपूर्ण मापदंड माने जाते हैं। साथ ही फाइबर भी इस काम में मदद करता है। दलिया कम कैलोरी और कम फैट वाला भोजन है तथा इसमें फाइबर की उच्च मात्रा मौजूद होती है। सुबह दलिया खाने के बाद जल्दी से भूख नहीं लगती, पेट लंबे समय समय तक भरा-भरा रहता है और छोटी-छोटी भूख भी नहीं लगती है। प्रोटीन और विटामिन-बी1, बी2, बी3, बी6, शरीर में ऊर्जा बनाये रखते हैं। इस प्रकार दलिया वजन कम करने में मदद करता है।

8. हृदय के लिए फायदेमंद (Good for Heart)- हमने देखा कि दलिया के सेवन से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और वजन भी कम होता है। डायबिटीज और अधिक वजन हृदय के लिये कभी भी खतरा बन सकते हैं। तीसरा, महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कोलेस्ट्रॉल का लेवल सामान्य रहना चाहिये। खराब वाले कोलेस्ट्रॉल LDL के बढ़ने से हार्ट आर्टरीज को क्षति पहुंचती है। 

दलिया में घुलनशील फाइबर होता है जो LDL को बढ़ने से रोकता है और कोलेस्ट्रॉल का लेवल सामान्य बनाए खाने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त दलिया में मौजूद पोटैशियम एक बहुत अच्छा वैदोडिलेटर है अर्थात् यह रक्त वाहिकाओं और धमनियों और लो ब्लड प्रेशर पर तनाव को कम करता है। तनाव भी हृदय के लिये हानिकारक माना जाता है। हृदय रोग से ग्रस्त मरीजों को दलिया खाना चाहिये, उनके उपचार में सहायक होगा।

9. कैंसर से बचाव (Cancer Prevention)- यहां हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर का केवल डॉक्टरी इलाज ही उचित होता है। अन्य चिकित्सा पद्धतियां इसके विकास को रोकने में या इससे बचाव करने में समर्थ हो सकती हैं। दलिया में  मौजूद फ़यटोनुट्रिएंट्स (phytonutrients) होते हैं सूजन को खत्म करने और स्वस्थ कोशिकाओं के परिवर्तन (mutation) को कम करने में मदद करते हैं जो कि कैंसर से बचाव के लिए बहुत जरुरी होता है। दलिया में मौजूद फाइबर, महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर से बचाव करता है।

10. एनीमिया से बचाव (Prevention of Anemia)- आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से बचाव करने में दलिया सक्रिय भूमिका निभाता है। आयरन, लाल रक्त कोशिकाओं में एक महत्वपूर्ण और आवश्यक घटक है। आयरन की कमी से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम में तथा एनर्जी लेवल में कमी आती है। दलिया के सेवन से आयरन की दैनिक जरूरत की मात्रा मिल जाती है और इस प्रकार दलिया खाने से एनीमिया से बचा जा सकता है। 

11. अच्छी नींद के लिए (To Sleep Well)- जब आपका तंत्रिका तंत्र सही होता है और मन शांत होता है तो नींद भी बहुत अच्छी आती है। यह सब होता है शरीर के द्वारा न्यूरोट्रांसमीटर को रिलीज करने पर और मैग्नीशियम, न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन पर अच्छा प्रभाव छोड़ता है। जिन लोगों को नींद से संबंधित कोई समस्या है उनको दलिया का सेवन करना चाहिए। कुछ ही हफ्तों में फर्क नज़र आने लगेगा। 

12. गर्भावस्था में फायदेमंद (Beneficial in Pregnancy)- गर्भवती महिला को भोजन में अतिरिक्त अतिरिक्त विटामिन और खनिजों की आवश्यकता होती है। यह महिला में ऊर्जा बनाए रखता है जिससे उसे थकावट और कमजोरी महसूस नहीं होती। यह गर्भस्थ शिशु की हड्डियों के विकास के लिये भी जरूरी है। यद्यपि गर्भवती महिला को रोजाना दलिया खाने की सलाह दी जाती है, फिर भी तासीर गर्म होने के कारण, दलिया का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लेनी चाहिये।

दलिया के नुकसान – Side Effects of  Porridge

दोस्तो, दलिया को उच्च फाइबर युक्त भोजन माना जाता है, इस कारण हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. अधिक खाने से पेट फूल सकता है और गैस बन सकती है।

2. पेट में ऐंठन हो सकती है।

3. उल्टी, दस्त लग सकते हैं।

4. दर्दनाक सूजन हो सकती है। 

5. लस असहिष्णुता (Gluten Intolerance)- का संकेत मिल सकता है। यह ग्लूटेन एक प्रोटीन होता है जो गेहूं, जौ और राई में उपस्थित होता है। इसे अधिकतर लोग आसानी से पचा लेते हैं, दलिया खाने के बाद यदि सूजन, दर्द, दस्त और उल्टी जैसे लक्षण प्रकट होते हैं तै तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको दलिया खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दलिया क्या है?, दलिया के गुण, दलिया के पोषक तत्व, दलिया बनाने का तरीका, दलिया खाने का सही समय और दलिया कितना खाना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से दलिया खाने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको दलिया खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दलिया क्या है?, दलिया के गुण, दलिया के पोषक तत्व, दलिया बनाने का तरीका, दलिया खाने का सही समय और दलिया कितना खाना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया है।
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