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इम्युनोग्लोबुलिन ई क्या है? – What is Immunoglobulin E in Hindi

इम्युनोग्लोबुलिन ई क्या है

दोस्तो, ये तो हम सभी जानते हैं कि प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे शरीर में एंटीबॉडीज़ का निर्माण करती है। ये एंटीबॉडीज़ संक्रमण, वायरस से लड़कर हमें अनेक बीमारी से बचाती हैं। ठीक इसी प्रकार प्रतिरक्षा प्रणाली कुछ इस प्रकार की भी एंटीबॉडीज़ बनाती है जो एलर्जिक प्रतिक्रिया के विरुद्ध लड़कर उस एलर्जी के कुप्रभाव से बचाती हैं। एंटीबॉडीज़ के पांच प्रकार होती हैं जिनमें इम्युनोग्लोबुलिन ई (Immunoglobulin E – IgE), एक एंटीबॉडी है जो एलर्जी प्रतिक्रियाओं को कंट्रोल करती है तथा एलर्जी से बचाव करती है। आखिर यह इम्युनोग्लोबुलिन ई है क्या?  दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “इम्युनोग्लोबुलिन ई क्या है?”। 

देसी हैल्थ क्लब इस लेख के माध्यम से आपको इम्युनोग्लोबुलिन ई के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसके परिणाम का अर्थ क्या है। चूंकि यह मामला एलर्जी से जुड़ा है इसलिए इम्युनोग्लोबुलिन ई के बारे में जानने से पहले एलर्जी के बारे में जानना जरूरी है। तो, सबसे पहले जानते हैं कि एलर्जी क्या है और एलर्जन क्या है। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे। 

एलर्जी क्या है? – What is Allergy?

एलर्जी वह स्थिति है जहां प्रतिरक्षा प्रणाली कुछ विशेष पदार्थों या उत्पाद को शरीर के लिए हानिकारक और आक्रमणकारी मानकर इनके प्रति अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करती है। प्रतिरक्षा प्रणाली की इस प्रतिक्रिया को एलर्जिक रिएक्शन कहा जाता है। एलर्जी को एक प्रकार से हाइपरसेंसिटिविटी डिसऑर्डर भी माना जा सकता है। प्रतिरक्षा प्रणाली जिन पदार्थों या उत्पाद को हानिकारक समझती है उनको एलर्जन कहा जाता है।

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एलर्जन का जिक्र हम आगे करेंगे। हर व्यक्ति को अलग-अलग पदार्थ से एलर्जी हो सकती है यानि किसी को किसी पदार्थ से तो किसी को किसी अन्य पदार्थ से। आमतौर पर धूल, मिट्टी, धुंआ और मौसम में परिवर्तन के कारण लोगों में एलर्जी की समस्या देखी जाती है।

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एलर्जन क्या है? – What is an Allergen?

दोस्तो, एलर्जन वे पदार्थ हैं जो एलर्जी प्रतिक्रिया को ट्रिगर करते हैं यानि ऐसे पदार्थ जिनका शरीर के संपर्क में आने की वजह से एलर्जी प्रतिक्रिया सक्रिय होकर बढ़ने लगती है। इनमें धूल, मिट्टी के कण, फूलों का पराग, नट्स और शेलफिश, खाद्य/पेय पदार्थ, पशुओं की रूसी, तथा कुछ दवाएं सम्मलित हो सकते हैं। 

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एलर्जन के प्रकार – Types of Allergen

एलर्जन निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं – 

(i) इनहेल्ड एलर्जन (Inhaled Allergens) – एलर्जन के इस प्रकार में कुछ ऐसे पदार्थ शामिल होते हैं जो श्वास के माध्यम से शरीर के अंदर जाकर गले की झिल्लियों और फेफड़ों को प्रभावित करते हैं। इनमें धुंआ, धूल, मिट्टी के कण, फूलों का पराग, मौसम परिवर्तन का प्रभाव, रसायनों की गंध आदि सम्मलित होते हैं।

(ii) इन्जेस्टेड एलर्जन (Ingested Allergens) – इसमें ऐसे खाद्य/पेय पदार्थ शामिल होते हैं जो शरीर पर एलर्जिक रिएक्शन को बढ़ाने का काम करते हैं। इनमें डेयरी उत्पाद, विशेष तौर पर दूध सम्मलित होता है। ऐसे बहुत लोग होते हैं जिनको दूध पीने से परेशानी हो जाती है। डेयरी उत्पाद के अतिरिक्त मूंगफली, सोया मिल्क, अंडे, गेहूं, समुद्री खाद्य पदार्थ, कुछ दवाएं शामिल होते हैं। लेखक ने ऐसे बहुत लोग देखे हैं जिनको पेरासीटमोल जैसी सामान्य गोली से एलर्जी है। 

(iii) कॉन्टैक्ट एलर्जन (Contact Allergens) – इस प्रकार के एलर्जन में ऐसी वस्तुएं त्वचा पर अपना प्रभाव छोड़ती हैं जिनसे एलर्जिक प्रतिक्रिया को बढ़ावा मिलता है। एलर्जिक प्रतिक्रिया के फलस्वरूप त्वचा पर रैशेज़ पड़ जाते हैं। खुजली और जलन की भी समस्या हो जाती है। इसमें कीचड़, मिट्टी, बरसात, बहुत ज्यादा सर्दी, बैक्टीरियल इंफेक्शन आदि शामिल होते हैं।

एलर्जी के टेस्ट – Allergy Test

एलर्जी का पता लगाने के लिए इसके तीन प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं – स्किन एलर्जी टेस्ट, उन्मूलन आहार टेस्ट तथा ब्लड टेस्ट। विवरण निम्न प्रकार है – 

1. स्किन एलर्जी टेस्ट Skin Allergy Test)- स्किन एलर्जी टेस्ट भी तीन तरह के होते हैं – स्क्रैच टेस्ट, इट्राडर्मल टेस्ट और पैच टेस्ट। इन सब के जरिए आसपास उपस्थित ऐसे कारकों का पता लगाया जाता है जो स्किन एलर्जी को ट्रिगर करते हैं।

2. उन्मूलन आहार (Elimination Diet)- इस टेस्ट के जरिए उन खाद्य पदार्थों का पता लगाया जाता है जो एलर्जी की वजह बनते हैं। डॉक्टर आपके भोजन से इन खाद्य पदार्थों का उपयोग ना करने की सलाह दे सकते हैं।

3. ब्लड टेस्ट (Blood Test)- इस टेस्ट के द्वारा एलर्जी के विरुद्ध लड़ने वाले एंटीबॉडी जिसे मेडिकल भाषा में इम्युनोग्लोबुलिन ई कहा जाता है, के स्तर का पता लगाया जाता है। इम्युनोग्लोबुलिन पर विस्तार से जानकारी हम आगे देंगे।

इम्युनोग्लोबुलिन ई क्या है? – What is Immunoglobulin E

दोस्तो, सबसे पहले बताते हैं आपको कि इम्युनोग्लोबुलिन शब्द क्या है और ई शब्द क्या है फिर अपने आप इम्युनोग्लोबुलिन ई का अर्थ समझ में आ जाएगा कि ये है क्या। हम बताना चाहेंगे कि इम्युनोग्लोबुलिन, एंटीबॉडी का पर्यायवाची शब्द है अर्थात् इम्युनोग्लोबुलिन एंटीबॉडी का दूसरा नाम है। 

इम्युनोग्लोबुलिन को पांच वर्गों में विभाजित किया गया है यानि इसके पांच प्रकार होते हैं। जिनमें से “ई” एक वर्ग है। इस तरह बनता है “इम्युनोग्लोबुलिन ई”। इम्युनोग्लोबुलिन के पांच वर्गों का जिक्र हम आगे करेंगे। इम्युनोग्लोबुलिन ई वस्तुतः एक प्रोटीन है जिसका निर्माण रक्त में; प्रतिरक्षा का कार्य भाग के रूप में, बी कोशिकाएं करती हैं।

 जब भी आपका शरीर ऐसी वस्तुओं के संपर्क में आता है जिसकी एलर्जिक प्रतिक्रिया होती है तो इस एलर्जिक प्रतिक्रिया के विरुद्ध इम्युनोग्लोबुलिन ई नामक एंटीबॉडीज़ लड़ कर एलर्जी से बचाती हैं। शरीर में इम्युनोग्लोबुलिन ई के स्तर की जांच से यह पता चल जाता है कि व्यक्ति को एलर्जी हुई है। 

इम्युनोग्लोबुलिन के प्रकार – Types of Immunoglobulins

हमने आपको ऊपर बताया है कि एंटीबॉडी यानि इम्युनोग्लोबुलिन को पांच वर्गों में विभाजित किया गया है यानि इसके पांच प्रकार होते हैं। इन पांच वर्गों के भी उपवर्ग होते हैं। इस आर्टिकल में हम इम्युनोग्लोबुलिन ई पर फोकस करेंगे। इम्युनोग्लोबुलिन के पांच प्रकारों का विवरण निम्न प्रकार है – 

1. इम्युनोग्लोबुलिन जी (Immunoglobulin G)- रक्त में भरपूर, कुल इम्युनोग्लोबुलिन जी का 75% तथा रोगजनक के प्रति द्वितीय प्रतिक्रिया।

2. इम्युनोग्लोबुलिन एम (Immunoglobulin M)-  रक्त में कुल इम्युनोग्लोबुलिन का लगभग 10% तथा रोगजनक के प्रति प्राथमिक प्रतिक्रिया 

3. इम्युनोग्लोबुलिन ए (Immunoglobulin A)- रक्त में कुल इम्युनोग्लोबुलिन का लगभग 15%। मानव में श्लेष्मा झिल्ली को संरक्षित तथा रेखाबद्ध करता है।

4. इम्युनोग्लोबुलिन डी (Immunoglobulin D)-  रक्त में कुल इम्युनोग्लोबुलिन डी का लगभग 0.2% तथा लिम्फोसाइट्स की सतह पर स्थित। 

5. इम्युनोग्लोबुलिन ई (Immunoglobulin E)- इसकी रक्त में सबसे कम संख्या होती है, कुल इम्युनोग्लोबुलिन का 0.002%;  एलर्जिक प्रतिक्रियाओं तथा परजीवी संक्रमण के विरुद्ध लड़ने में शामिल होना। 

इम्युनोग्लोबुलिन ई के कार्य – Functions of immunoglobulin E

इम्युनोग्लोबुलिन ई चूंकि प्रतिरक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, इस नाते यह निम्नलिखित में सक्रिय भूमिका निभाता है –

1. कुछ विशेष चिकित्सकीय स्थितियों में भी एलर्जिक प्रतिक्रियाओं को कंट्रोल करना जैसे कि अस्थमा, पित्ती, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस आदि। 

2. परजीवी संक्रमण के विरुद्ध लड़ना।

3. वायरल संक्रमण के विरुद्ध लड़ने में भी शामिल हो सकता हे,

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इम्युनोग्लोबुलिन टेस्ट क्या है? – What is an Immunoglobulin Test?

इम्युनोग्लोबुलिन (आईजीई) एक बल्ड टेस्ट है जो बल्ड में इम्युनोग्लोबुलिन यानि एंटीबॉडी के स्तर का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के जरिए एलर्जी का पता लगाया जाता है। इम्युनोग्लोबुलिन का बढ़ा हुआ स्तर एलर्जी होने का संकेत होता है। व्यक्ति को पराग, धूल, पशु के बालों में रूसी, नट्स और शेलफिश, कुछ दवाओं आदि से एलर्जी हो सकती है। 

आईजीई एलर्जी परीक्षण में मात्रात्मक आईजीई (Quantitative IgE), इम्युनोग्लोबुलिन ई (Immunoglobulin E), कुल आईजीई (Total IgE) और विशिष्ट आईजीई (Specific IgE) टेस्ट आते हैं। यहां हम आपको टोटल इम्युनोग्लोबुलिन ई टेस्ट के बारे में बताएंगे। 

इम्युनोग्लोबुलिन का सामान्य स्तर – Normal level of Immunoglobulin

दोस्तो, आयु के आधार पर व्यक्ति का इम्युनोग्लोबुलिन (आईजीई) का सामान्य स्तर अलग होता है। विवरण निम्न प्रकार है 

(A) शिशु : 20-100 आई यू/एमएल 

(B) बच्चे : 100-200 आईयू/एमएल

(C) वयस्क : 300 आईयू/एमएल तक – यद्यपि वयस्कों में आईजीई का स्तर 150 से 1,000 आईयू/एमएल हो सकता है, परन्तु स्वीकृत स्तर 150 और 300 यूआई/एमएल के बीच ही है। 300 यूआई/एमएल से अधिक के स्तर को हाई माना जाता है। 

टोटल इम्युनोग्लोबुलिन ई (आईजीई) टेस्ट क्या है? – What is the Total Immunoglobulin E (IgE) Test?

यह एक ब्लड टेस्ट है जिसके द्वारा रक्त में इम्युनोग्लोबुलिन की कुल मात्रा का पता लगाया जाता है। जब व्यक्ति में एलर्जी के लक्षण तो नजर आते हैं परन्तु उसके कारण का पता नहीं होता तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर टोटल आईजीई टेस्ट कराने  की सलाह देते हैं। यद्यपि इस टेस्ट से यह तो पता नहीं चलता कि किस वस्तु से एलर्जी हुई है परन्तु यह पता अवश्य चल जाता कि क्या एलर्जी हुई है। 

यह टेस्ट परजीवी संक्रमणों की जांच के लिए भी किया जाता है। इस टेस्ट के लिए कोई विशेष तैयारी नहीं करनी पड़ती। जैसे आम बल्ड टेस्ट होते हैं, वैसे ही यह भी होता है। डॉक्टर/टेक्नीशियन, व्यक्ति की बांह की नस में सुई लगाकर थोड़ा से ब्लड सेंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज देते हैं। 

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टोटल आईजीई टेस्ट क्यों किया जाता है? – Why is the Total IgE Test Done?

यह हम ऊपर बता ही चुके हैं कि जब व्यक्ति में एलर्जी के लक्षण तो नजर आते हैं परन्तु उसके कारण का पता नहीं होता तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर टोटल आईजीई टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इसके अतिरिक्त यह टेस्ट परजीवी संक्रमणों की जांच के लिए भी किया जाता है क्योंकि परजीवी संक्रमण होने की वजह से इम्युनोग्लोबुलिन का स्तर बढ़ जाता है। निम्नलिखित लक्षण प्रकट होने पर टोटल आईजीई टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है –

  • छींक आते रहना, नाक बहना या नाक का बंद होना
  • छाती में जकड़न
  • खांसी, घरघराहट
  • सांस फूलना या तेज-तेज सांस लेना
  • पित्ती, 
  • त्वचा पर सूजन, खुजली
  • आंखों में जलन, खुजली, पानी आना
  • आंखें लाल होना
  • गले में जकड़न, बोलने में दिक्कत
  • मितली, उल्टी, पेट में दर्द
  • एंजायटी, बेचैनी 
  • नाड़ी धीमी होना (Slow Pulse)

टोटल आईजीई टेस्ट का परिणाम – Total IgE test Result

टोटल आईजीई टेस्ट के परिणाम का विवरण निम्न प्रकार है –

(A) सामान्य परिणाम – General Results

(i) टोटल आईजीई का स्तर 20 kU/L (किलो यूनिट प्रति लीटर) से कम है, तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति को कोई एलर्जी नहीं हुई है।

(ii) टोटल आईजीई का स्तर 75 kU/L है तो टेस्ट का परिणाम सामान्य है। 

(B) असामान्य परिणाम – Abnormal Results

(i) इम्युनोग्लोबुलिन का स्तर 5000 किलो यूनिट प्रति लीटर से अधिक का परिणाम आता है तो यह नि:संदेह एक असामान्य परिणाम है जो इस ओर इशारा करता है कि व्यक्ति को अत्यधिक एलर्जी से ग्रस्त है।

(ii) व्यक्ति किस वस्तु के प्रति संवेदनशील है यह जानने के लिए डॉक्टर एलेर्जेन-स्पेसिफिक आईजीई टेस्ट कराने को कह सकते हैं।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको इम्युनोग्लोबुलिन ई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पहले एलर्जी के बारे में बताया कि एलर्जी क्या है। एलर्जन क्या है, एलर्जन के प्रकार, एलर्जी के टेस्ट, इम्युनोग्लोबुलिन ई क्या है, इम्युनोग्लोबुलिन के प्रकार, इम्युनोग्लोबुलिन ई के कार्य, इम्युनोग्लोबुलिन टेस्ट क्या है, इम्युनोग्लोबुलिन का सामान्य स्तर, टोटल इम्युनोग्लोबुलिन ई (आईजीई) टेस्ट क्या है और टोटल आईजीई टेस्ट क्यों किया जाता है, इन सब के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से टोटल आईजीई टेस्ट के परिणाम भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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