दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक एक ऐसा फल है जो पहली नजर में चीकू की तरह लगता है क्योंकि चीकू की तरह ही भूरे रंग का होता है। लेकिन इसका छिलका सादा या चिकना ना होकर रूंऐदार होता है और यह गोल ना होकर आयताकार होता है। अंदर से हरे रंग को होता है और छोटे छोटे काले रंग के मुलायम बीज इसके सौन्दर्य में चार चाँद लगाते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं  कीवी खाने के फायदे की। इसका स्वाद मीठा लेकिन थोड़ा तीखा होता है। यह फल वजन में 40-50 ग्राम होता है। यह  इसका छिलका, गूदा और बीज सब खाया जाता है। यह बाजार में सब जगह उपलब्ध होता है। 

कीवी का मूल जन्म स्थल चीन है और विश्व में कीवी का सबसे बड़ा उत्पादक देश चीन ही है। इसकी खेती चीन के आलावा अब जापान दक्षिण-पूर्व साइबेरिया में भी की जाती है। यद्यपि यह फल बहुत लोकप्रिय नहीं है परन्तु अब इसने अपने विशेष स्वाद और औषधीय गुणों के कारण हमारे देश भारत में अपनी पहचान और लोकप्रियता तेजी से बनाने की शुरूआत कर दी है। हमारे यहां हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्‍मू , कश्‍मीर, उत्तराखण्ड, सिक्किम, कर्नाटक और केरल में इसकी खेती की जाती है। 

कीवी खाने के फायदे

कीवी के गुण – Properties of Kiwi

1. कीवी में विटामिन-सी की प्रचुर मात्रा होती है। इसके अतिरिक्त विटामिन-ई,के, पोटेशियम, कॉपर, सोडियम, कैल्शियम, फाइबर जैसे तत्व होते हैं।

2. एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-हाइपरटेंसिव , एंटीथ्रोम्बोटिक (antithrombotic – खून का थक्का न जमने देना) वाले गुण होते हैं।

3. कीवी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत जबरदस्त होती है। डेंगू , मलेरिया, संक्रमण आदि से बहुत जल्दी छुटकारा दिलाता है।  

4. कीवी की तासीर ठंडी होती है।

पौष्टिक तत्वाें का विवरण (तत्व मात्रा प्रति 100 g) :-

1. पानी 83।07 ग्राम

2. ऊर्जा 61 केसीएल

3. प्रोटीन 1।14 ग्राम

4. टोटल लिपिड (फैट) 0।52 ग्राम

5. कार्बोहाइड्रेट 14।66 ग्राम

6. फाइबर, टोटल डाइटरी 3।0 ग्राम

7. शुगर, टोटल 8।99 ग्राम

8. कैल्शियम 34 ग्राम

9. आयरन 0।31 मिलीग्राम

10. मैग्नीशियम 17 मिलीग्राम

11. फास्फोरस 34 मिलीग्राम

12. पोटैशियम 312 मिलीग्राम

13. सोडियम 3  मिलीग्राम

14. जिंक 0।14 मिलीग्राम

कॉपर 0।13 मिलीग्राम

15. सेलेनियम 0।2 मिलीग्राम

16. विटामिन-सी, टोटल एस्कॉर्बिक एसिड 92।7 मिलीग्राम

17. विटामिन-बी6 0।063 मिलीग्राम

18. विटामिन-ए ,RAE 4 माइक्रोग्राम

19. विटामिन-ई (अल्फा-टोकोफेरॉल) 1।46 मिलीग्राम

20. विटामिन-के (फायलोक्वनोन) 40।3 माइक्रोग्राम

21. नियासिन 0।341 मिलीग्राम

22. फोलेट DFE 25 माइक्रोग्राम

23. फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड 0।029 ग्राम

24. फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 0।047 ग्राम

25. फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड 0।287 ग्राम

26. कैरोटीन, बीटा 52 माइक्रोग्राम

कीवी खाने के फायदे – Benefits of Kiwi

दोस्तो, कीवी के गुण जानने के बाद अब बताते हैं आपको कीवी खाने के फायदे, जो इस प्रकार हैं – 

1. हृदय के लिए (Heart)- मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, प्लेटलेट एकत्रीकरण कुल कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, और ट्रायग्लिसराइड्स का उच्च स्तर इन सब की वजह से हृदय सम्बंधी समस्यायें पैदा होती हैं। कीवी में एंटीऑक्सीडेंट ( विटामिन-सी, ई), पॉलीफेनोल होते हैं  जो हृदय सम्बंधी समस्याओं से बचाते हैं। एक शोध के अनुसार पता अगर कीवी का 28 दिन तक सेवन किया जाए, तो प्लेटलेट हाइपरएक्टिविटी, प्लाज्मा लिपिड व रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। रिसर्च करने वालों के अनुसार हार्ट से जुड़ी समस्याओं में कीवी के सेवन से होने वाला फायदा एस्पिरिन के डेली डोज के फायदे जितना ही है। यदि कोई पहले से है हार्ट की दवाई ले रहा है तो वह डॉक्टर से पूछ कर ही कीवी का सेवन करे। 

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2. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करे (High BP)- एक सेब की तुलना में तीन कीवी प्रतिदिन सेवन करने से उच्च रक्तचाप को कम करने में अधिक मदद मिलती है। कीवी में मौजूद बायोएक्टिव पदार्थ उच्च रक्तचाप को कम करने का काम  करते हैं तो एंडोथेलियल फंक्शन (दिल से संबंधित एक क्रिया) को बेहतर करते हैं। ये दोनों ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित करने में मदद करते हैं। अतः कीवी का सेवन उच्च रक्तचाप में बहुत फायदेमंद होता है। यह बात प्रमाणित हो जाती है एक शोध के लिये किये गये एक प्रयोग से, जिसमें 8 सप्ताह तक कुछ पुरुषों और महिलाओं 3 कीवी प्रतिदिन खाने को दिये गये और परिणाम स्वरूप रक्तचाप पहले की अपेक्षा बेहतर पाया गया।

3. वजन को संतुलित रखे (Balance the weight)-  कीवी में कैलोरी की मात्रा कम होती है यानि 100 ग्राम किवी में केवल 55 कैलोरी। वसा की मात्रा नहीं होती। कार्बोहाइड्रेट ज्यादातर फाइबर के रूप में होते हैं, साथ ही इसमें घुलनशील फाइबर भी होते हैं जो भूख लगने की प्रक्रिया को कम करते हैं। अर्थात् फाइबर्स शरीर को भूख प्रतिक्रिया देने से रोकते हैं। इसके लिये कीवी को बतौर स्नैक्स भोजन में शामिल करना होगा। यह बात एनसीबीआई की साइट पर प्राकाशित एक शोध में भी कही गयी है कि वेट मैनेजमेंट स्ट्रेटजी के तहत कीवी फल को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। 

4. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करे (Cholesterol)- कीवी के गुण लिपिड प्रोफाइल पर अपना अच्छा प्रभाव दिखाते हैं। बदला हुआ लिपिड प्रोफाइल हृदय के लिये खतरा बन सकता है। इसलिये कुल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करना आवश्यक है। कीवी के गुण खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करके अच्छे वाले कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को बढ़ाते हैं। इस प्रकार कीवी के गुण कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करते हैं। जिससे हृदय रोग की समस्याओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिये कीवी को भोजन में शामिल करना लाभकारी है।

5. डायबिटीज को नियंत्रित करे (Diabetes)- कीवी कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल है जो शुगर को बढ़ने नहीं देता। इसके अतिरिक्त कीवी में विटामिन-सी और इनोसिटोल  एंजाइम भी होता है, ये सब इंसुलिन की मात्रा को संतुलित करते हैं। इस तरह कीवी के गुण ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करते हैं। टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिये तो कीवी बहुत अच्छा विकल्प है। वैसे भी बिना डायबिटीज वाले लोगों के लिये भी उत्तम फल है जो डायबिटीज की संभावना को खत्म करता है।

6. ब्लड क्लॉटिंग से बचाव के लिये (Blood Clotting)- कीवी का सेवन ब्लड क्लॉटिंग से बचाव के लिये बेहद लाभकारी है। ब्लड क्लॉटिंग यानि खून के थक्के बनने का अर्थ है स्ट्रोक, हार्ट अटैक व किडनी संबंधी भयंकर बीमारियां होना।  कीवी में मौजूद एंटीथ्रोम्बोटिक गुण खून के थक्कों को बनने नहीं देता। यूनिवर्सिटी ऑफ ओस्लो की एक स्टडी के अनुसार 2 से 3 कीवी रोज खाने से ब्लड क्लॉटिंग को कम करने में अच्छा परिणाम देखने को मिला।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये (Immunity)- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये विटामिन-सी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कीवी में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है जो शरीर की रोजाना की जरूरत को पूरा कर देता है। साथ ही कीवी में फाइबर, पॉलीफेनोल और कैरोनॉइड जैसे गुण भी होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।  एक स्टडी के अनुसार कीवी के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी मजबूत हो जाती है कि सर्दी, फ्लू जैसी बीमारियां नहीं होती। इसका विशेष फायदा बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को हो सकता है।  

8. मुक्त कणों को खत्म करे (Free Radicals)- कीवी में  विटामिन-सी और कैरोटेनॉयड्स ल्यूटिन, जियाजैंथिन, बीटा कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर में मुक्त कणों (Free Radicals) को खत्म करते हैं। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) की वजह से होने वाले नुकसान से भी शरीर को बचाते हैं। 

9. सूजन में फायदेमंद (Swelling)- कीवी शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन की समस्या से छुटकारा पाने का बेहतर विकल्प है। कीवी के सेवन से शरीर की सूजन विशेषकर आंतों में सूजन में बहुत फायदा होता है। कीवी में एंटी-एलर्जिक, एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के अतिरिक्त किसस्पेर (kissper) भी होता है जो एक पेप्टाइड है जिसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये सब सूजन की समस्या को रोकने के लिये काम करते हैं।

10. पाचन और कब्ज के लिए (Digestion and Constipation)- पाचन क्रिया में सुधार के लिये और कब्ज से राहत पाने के लिये कीवी का सेवन उत्तम विकल्प है। एनसीबीआई की वेबसाइट प्रकाशित शोध के अनुसार हल्की-फुल्की कब्ज की समस्या में कीवी का सेवन किया जा सकता है। एक दूसरी रिसर्च के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Boul Sindrom) से पीड़ित है तो उसको लगातार एक महीने तक कीवी का सेवन करना चाहिये। 

इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम आंतों का रोग है जिसमें पेट में दर्द, बेचैनी व मल करने में परेशानी होती है। कीवी के लैक्सेटिव गुण और फाइबर की प्रचुर मात्रा पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के साथ साथ और कब्ज की समस्या को भी कम करते हैं। कीवी में मौजूद एक्टिनिडिन (Actinidin) नामक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम (Proteolytic Enzyme) प्रोटीन तोड़ने में मदद करते हैं। 

11.अस्थमा में लाभ (Asthma)- कीवी का सेवन अस्थमा के मरीजों के लिये बहुत लाभदायक है। इसमें विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा होती है। विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स अस्थमा की समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार होते हैं। एक शोध के अनुसार प्रतिदिन 1 ग्राम विटामिन-सी के सप्लीमेंट से अस्थमा के अटैक का खतरा कम होता  पाया गया। एक अन्य स्टडी में, जो 2 हजार लोगों पर की गई थी, पता चला कि ताजे कीवी सहित अन्य फलों का लगातार सेवन करने वाले लोगों के फेफड़ों के काम करने में सुधार पाया गया।

12. आंखों के लिए (Eyes)- मैक्यूलर डिजनेरेशन (Macular degeneration) आंखों की एक गंभीर समस्या होती है जिसमें रेटिना क्षतिग्रस्त होने लगता है और दृष्टि धीरे धीरे कम होने लगती है। इसका समस्या का चिकित्सा जगत में कोई उपचार नहीं है परन्तु विटामिन्स, लेजर थेरेपी और दवाओं के जरिये इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कीवी में ल्यूटिन (lutein) और जियाजैंथिन (zeaxanthin) जैसे फाइटोकेमिकल्स होते हैं जिनकी वजह से मैक्यूलर डिजनेरेशन होने का खतरा 36% कम हो जाता है। ये फाइटोकेमिकल्स हरी सब्जियों में पाये जाते हैं जिनके कारण आंखें  स्वस्थ्य रहती हैं। अतः कीवी का सेवन आंखों के स्वास्थ के लिये किसी वरदान से कम नहीं है।

13. अच्छी नींद के लिए (Good Sleep)- एक मेडिकल रिसर्च में कहा गया है कि यदि सोने के एक घंटे पहले कीवी खा लाया जाये तो अच्छी नींद आती है। कीवी में सेरोटोनिन नाम का केमिकल होता है जो नींद लाने में मदद करता है। कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स भी ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative Stress) को कम करके नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं। शरीर में मुक्त कणों और एंटीऑक्सिडेंट के बीच के  असंतुलन को ऑक्सीडेटिव तनाव कहा जाता है। ऑक्सीकरण शरीर में होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है।  ऑक्सीडेटिव तनाव तब होता है जब मुक्त गतिविधि और एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि के बीच संतुलन नहीं रहता। ऑक्सीडेटिव तनाव से पूरी तरह नहीं बचा जा सकता इसके प्रभाव को एंटीऑक्सीडेंट्स ही कम करते हैं। इसलिये एंटीऑक्सीडेंट्स की क्षमता को बढाना जरूरी होता है जिसके लिये फलों और सब्जियों का सेवन आवश्यक है। कीवी इन एंटीऑक्सीडेंट्स की पूर्ती के लिये उत्तम विकल्प है। 

14. लिवर के लिए फायदेमंद (Liver)- हम ऊपर बता चुके हैं कि कीवी में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं। इससे दूसरा फायदा कीवी के सेवन यह होता है कि लिवर से सम्बंधित समस्याओं के संभावित खतरे कम हो जाते हैं। यह बात एक रिसर्च से भी साबित होती है  जिसमें कहा गया है कि कीवी का सेवन लिवर से संबंधित समस्याओं को रोकने में सहायक हो सकता है। कीवी को फलों की हेपटोप्रोटेक्टिव (hepatoprotective- लिवर को सुरक्षित रखने का गुण) श्रेणी में रखा गया है।

15. त्वचा के लिए (Skin)- कीवी में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी होता है जो आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलट किरणों और प्रदूषण से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाते हैं। कीवी में पाये जाने वाला विटामिन-ई त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाये रखने में मदद करता है।

16. कील-मुंहासों में लाभकारी (Pimples)- कीवी के सेवन से कील-मुंहासों में भी लाभ होता है। कीवी में मौजूद विटामिन-सी के बेहतरीन एंटीइंफ्लेमेटरी गुण कील-मुंहासों की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। कीवी के सेवन से शरीर पर पड़े दाग, धब्बे भी कम हो जाते हैं। 

17. बालों के लिए लाभकारी (Hair)- कीवी में जिंक, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्वों के साथ साथ विटामिन-सी और विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत कर, बालों को बढ़ने में मदद करते हैं। कीवी के बीज के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता हो जो बालों के मॉइस्चर को बनाये रखने में भी मदद करता है। कीवी में पाये जाने वाला कॉपर बालों के प्राकृतिक रंग को बनाये रखने में मदद करता है। 

18. हड्डियों को मजबूत बनाये (Strengthen Bones)- कीवी का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। कीवी में विटामिन-के और कैल्शियम की प्रचुर मात्रा होती है जो हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के लिये आवश्यक है। ये हड्डी की चोटों को ठीक करने और ऑस्टियोपोरोसिस  (Osteoporosis) की समस्या में मदद करते हैं।  ऑस्टियोपोरोसिस अस्थि रोग है जिससे फ़्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस में अस्थि खनिज घनत्व (BMD) कम हो जाता है।

19. डेंगू में लाभदायक (Dengue)- कीवी एक चमत्कारी फल है जो डेंगू के उपचार में रामबाण उपाय है।  डेंगू गंभीर और जानलेवा  बीमारी है। इसके होने पर शरीर में प्लेट-लेट्स बहुत तेजी से कम होने लगती हैं जिससे मरीज की जान का खतरा बढ़ जाता है। और डॉक्टर प्लाज्मा के जरिये गिरती प्लेट-लेट्स को संभालने की कोशिश करते हैं। कई लोग  पपीते के पत्ते खाने या पपीते के पत्तों का जूस पीने के लिये कहते हैं। ये सब खाना पीना मरीज के लिये बेहद मुश्किल होता है क्यूंकि इसका स्वाद बेहद कड़वा होता है। कई बार तो कड़वेपन के कारण उल्टी भी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कीवी अमृत बनकर सामने आता है। इसका मिठास भरा स्वाद मरीज को बेहद भाता है और इसके चमत्कारी गुणों से प्लेट-लेट्स बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं।  

20. गर्भावस्था में फायदेमंद (Pregnancy)- गर्भवती महिलाओं के लिये कीवी का सेवन खुद के लिये और गर्भस्थ शिशु के लिये बहुत लाभकारी है। यद्यपि इससे गर्भपात का खतरा नहीं होता फिर भी सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिये।  कीवी में विटामिन-सी और फोलेट की पर्याप्त मात्रा होती है। फोलेट बच्चे में न्यूरल ट्यूब विकार अर्थात् मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की बीमारी के खतरे को कम करता है। और विटामिन-सी शरीर में आयरन के अवशोषण (Absorption) में मदद कर एनीमिया के जोखिम को कम करता है।

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कीवी की मात्रा – Kiwi volume 

कीवी कितना खाना चाहिए, जानते हैं इस बारे में – 

1. स्वस्थ व्यक्ति रोजाना दो कीवी खा सकता है।

2. सर्दी, सांस के रोगी या संक्रमण से पीड़ित लोग रोजाना एक से दो कीवी का सेवन कर सकते हैं।

3. ऑक्सीडेटिव तनाव कम करने के लिये प्रतिदिन दो कीवी खा सकते हैं।

4. टाइप 2 डायबिटीज वाले व्यक्ति को रोजाना कम से कम एक कीवी लेना चाहिए।

5. गुर्दे की समस्या वाले लोग इसके सेवन से बचें  तो बेहतर होगा। लेना भी है तो डॉक्टर से पूछ कर कीवी की मात्रा जानकर सेवन करें। 

कीवी के नुकसान – Side Effects of Kiwi

कीवी के ज्यादा खाने से हो सकते हैं ये नुकसान –

1. एलर्जी की समस्या वाले व्यक्तियों को कीवी के सेवन से बचना चाहिये। इससे चेहरे पर सूजन, गले में खुजली, नाक बंद होना, सांस लेने में परेशानी, पेट फूलना, पेट में दर्द, उल्टी, त्वचा पर रैशेज जैसी समस्यायें हो सकती हैं।

2. कीवी में कैल्शियम ऑक्सालेट होने के कारण, इसका ज्यादा सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।

3. कैल्शियम ऑक्सालेट की वजह से गुर्दे की पथरी हो सकती है।

4. कीवी में फाइबर भी होता है। इसकी वजह से कीवी की अधिक खाने से दस्त हो सकते हैं।

5. वजन बढ़ने की शिकायत हो सकती है।

6. खून को पतला करने वाली दवाई या ब्लड प्रेशर की दवाई लेने वाले कीवी के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको कीवी खाने के फायदे के बारे में जानकारी दी। कीवी के गुण, इसके सेवन के फायदे और अधिक मात्रा में सेवन के नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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