दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक एक ऐसा फल है जिसे उसके मीठे और अनोखे स्वाद के कारण स्वर्ग का फल कहा जाता है। जी हां हम बात कर रहे हैं आड़ू की जो एक विदेशी फल है। यही है हमारा आज का टॉपिक आड़ू। आज हम आपको आड़ू खाने के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी देंगे। तो, सबसे पहले जानते हैं आड़ू खाने के फायदे और नुकसान है और आड़ू है क्या?

आड़ू खाने के फायदे और नुकसान

आड़ू क्या है? – What is Peaches

गर्मी के मौसम का फल है आड़ू। आकार और रंग रूप में सेब की तरह दिखता है लेकिन स्वाद में एकदम अलग, चीनी की तरह मीठा। पीले और लाल रंग का यह फल  स्वास्थ के लिये बहुत लाभदायक होता है। कहा जाता है कि आड़ू का जन्म स्थान चीन है परन्तु कुछ वैज्ञानिक इसे ईरान का मानते हैं। खैर जो भी हो,  इसकी खेती अब हमारे देश भारत के पर्वतीय और उप-पर्वतीय क्षेत्रों  यानि, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड में भी होती है। आड़ू की जैली और चटनी भी बनती है। आड़ू मधुमेह और बवासीर के इलाज में सहायता करता है।

आड़ू के गुण – Properties of Peaches

दोस्तो, आड़ू फाइबर, विटामिन, खनिज और पोषक तत्वों की खान है।  इसके गुण निम्न प्रकार हैं –

1. आड़ू की तासीर ठंडी होती है।

2. इसमें 80% पानी होता है और फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है जो वजन कम करने में सहायता करता है।

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3. आड़ू में एंटीकैंसर, एंटी-एलर्जिक, एंटीट्यूमर, एंटीबैक्टीरियल, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

4. पोषक तत्वों का विवरण (प्रति 100 ग्राम) 

कैलारी 39 किलोजूल (kilojoule), कार्बोहाइडेट 7%, फाइबर 4%, नायसिन 5%, प्रोटीन 1।5%, फोलेट 1%,  विटामिन बी-1 (3%), पारोडोक्सीन 2%, राबोफलेविन 2।5%, थायमिन 2%, विटामिन-ए 11%, विटामिन-सी 11%, विटामिन-ई 5%, सोडियम 0%, पोटेशियम 4%, कैल्शियम 0।6%, कॉपर 7।5%, आयरन 3%, मैग्निशियम 2%, मैगनीज 3%, 

फास्फोरस 2%, जिंक 1।5%।

आड़ू खाने के फायदे – Benefits of Peaches

आड़ू खाने के फायदे निम्न प्रकार हैं –

1. पेट के लिये फायदेमंद (Stomach)- आड़ू पेट में दर्द और पेट में कीड़े की समस्या से छुटकारा दिलाता है। 20 मिली लीटर आड़ू के रस में 125 मिली ग्राम हींग तथा 500 मिली ग्राम अजवाइन का चूर्ण मिक्स करके पीयें। पेट दर्द में आराम मिलेगा और कीड़े भी मर जायेंगे। आड़ू को ऐसे ही खाने पर गैस और बवासीर की समस्या से राहत मिलेगी। आड़ू पेट और लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है।  

2. पथरी के लिये (Stones)- आड़ू का सेवन किडनी में पथरी वाले लोगों के लिये बेहद लाभकारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आड़ू खाने से किडनी की पथरी के उपचार में मदद मिलती है। आड़ू खाने से पथरी छोटे छोटे टुकड़ों में टूट जायेगी और मूत्र के जरिये ये टुकड़े शरीर से बाहर निकल जायेंगे। 

3. कब्ज के लिए (Constipation)- आड़ू कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने का अच्छा विकल्प है। इसमें मौजूद फाइबर मल त्याग करने में सहायता करता है। कब्ज से पीड़ित लोगों के लिये आड़ू प्रकृति का वरदान है उन्हें कब्ज से राहत पाने के लिये आड़ू का सेवन करना चाहिये।

4. वजन कम करने में मददगार (Weight Loss)- आड़ू में कैलोरी बहुत कम होती है। आड़ू में पाये जाने वाले पॉलीफेनोल्स एंटी-ओबेसिटी प्रभाव छोड़ते हैं। आड़ू वसा अवशोषण को रोकता है तथा एनर्जी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर मोटापे को कम करने में  सहायता करता है। यदि सुबह नाश्ते में आड़ू को शामिल किया जाये तो संभवतः दोपहर के भोजन की आवश्यकता भी नहीं रह जायेगी।

5. प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाये (Boost Immune System)- विटामिन-सी को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कारगर माना जाना जाता है। आड़ू में विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा होती है। यह विटामिन एंटीऑक्सीडेंट की भांति काम करता है और इम्यूनिटी को बेहतर बनाता है।

6. आंखों के लिये लाभकारी (Eyes)- आड़ू का सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिये बहुत ही लाभदायक है। बीटा-कैरोटीन आंखों के स्वस्थ रखने में सक्रिय भूमिका निभाता है। यह मोतियाबिंद और बढ़ती उम्र से संबंधित धब्बेदार अध:पतन (age-related macular degeneration) को रोकने में सहायता करता है। आंखों को पोषण देकर मुक्त कणों की क्षति से रेटिना का बचाव करता है। आड़ू में बीटा-कैरोटीन के अतिरिक्त विटामिन-ए और सी की पर्याप्त मात्रा होती है। विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। कुल मिलाकर शरीर में रक्त संचार को बढ़ाकर दृष्टि में सुधार करते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार सूखे आड़ू में पाये जाने वाला विटामिन-बी2 (राइबोफ्लेविन) ग्लूकोमा की समस्या को दूर करने में सहायता करता है। 

7. किडनी के लिये (Kidney)- आड़ू में मौजूद पोटेशियम किडनी की समस्या में भी लाभकारी है। यह यूरिनरी ब्लैडर के लिये अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है। अतः किडनी की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को आड़ू का सेवन करना चाहिये।

8. कैंसर से बचाव के लिए (Cancer)- आड़ू का सेवन कैंसर से बचाव में लाभकारी है। इसके एंटीऑक्सिडेंट्स गुण कैंसर सेल को बढ़ने से रोकते हैं। आड़ू के छिलके में भी एंटी-कैंसर प्रभाव होता है जो कैंसर की समस्या को बनने ही नहीं देते। बिना किसी कोशिका को नष्ट किये, आड़ू के फीनॉलिक एसिड जो क्लोरोजेनिक और नोकोलेरोजेनिक एसिड के रूप में जाने जाते हैं; ब्रेस्ट कैंसर सेल के खतरे को दूर करते हैं। आड़ू के सेवन से फेफड़े और मुंह के कैंसर से भी बचाव होता है। 

  9. एनीमिया को दूर करे (Anemia)- आड़ू में आयरन की मौजूदगी ब्लड के रेड सैल को बढाते हैं जिससे खून का उत्पादन जारी रहता है। और शरीर में खून की कमी नहीं होती। अतः एनीमिया के उपचार में आड़ू का सेवन लाभकारी है विशेषकर महिलाओं के लिये। 

10. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करे (Cholesterol control)- आड़ू में मौजूद फीनोलिक यौगिक एलडीएल(खराब) कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकते हैं। इसके अतिरिक्त, बीटा-कैरोटीन खून के प्रवाह में कोलेस्ट्रॉल स्तर को करता है। परिणामस्वरूप, डायब्टीज और हृदय रोग आदि की संभावना का खतरा भी दूर होता है। अतः कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित व्यक्ति के लिये आड़ू का नियमित सेवन अत्यन्त लाभकारी है।

11. मस्तिष्क के लिए लाभकारी (Brain)- मस्तिष्क सम्बंधी समस्याओं के लिये आड़ू बहुत लाभकारी है। जब व्यक्ति के सुनने, बोलने, सूंघने, सोचने, समझने की क्षमता कम होती है तो उसे सेरेब्रल कॉर्टेक्स कहा जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिये आड़ू का सेवन लाभदायक होता है। इसी तरह आड़ू के गूदे और छिलके में कोशिकाओं की होने वाली क्षति से बचाने के गुण होते हैं। 

12. पसीने की बदबू दूर करे (Sweating away the sweat)- यदि शरीर की बदबू से परेशान हैं तो आड़ू के पत्तों को बहुत बारीक पीसकर शरीर पर मल लें फिर गुनगुने पानी से स्नान कर लें। पसीने की बदबू खत्म हो जायेगी। 

13. उच्च रक्तचाप को नियन्त्रित करे (High BP)- आड़ू में पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा शरीर के जल संतुलन को बनाये रखने के लिये  सोडियम के साथ काम करता है और सामान्य रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है। आड़ू में मौजूद मैग्नीशियम, फास्फोरस, जस्ता, तांबा, मैंगनीज, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व लाल रक्त कोशिकाओं के लिये और रक्तचाप को नियन्त्रित करने के लिए काम करते हैं। अतः प्रतिदिन आड़ू के सेवन से उच्च रक्तचाप को नियन्त्रित किया जा सकता है। 

14. हृदय को स्वस्थ रखे (Heart Healthy)- जैसा कि हम बता चुके हैं कि आडू खाने के वजन कम किया जा सकता है, खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और उच्च रक्तचाप भी नियंत्रण में  रहता है। इसलिये इन सबके ठीक रहने से हृदय सम्बंधी समस्यायें अपने आप समाप्त हो जाती हैं। वैसे भी आड़ू में फ्लेवोनॉयड की पर्याप्त मात्रा लिपिड प्रोफाइल में सुधार करती है इससे हृदय रोग के खतरों से बचाव होता है। 

15. त्वचा के लिये (Skin)- विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आड़ू त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है। आड़ू में मौजूद एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा को संक्रमण से बचाने का काम करते हैं। एक रिसर्च पेपर के मुताबिक, आड़ू यूवी किरणों से होने वाले त्वचा के कैंसर के संभावित खतरे से बचाव कर सकता है। 

16. एंटी-एजिंग (Anti Aging)-  आड़ू में पाये जाने वाले फ्लेवोनोयड्स एंटी-एजिंग एजेंट की भांति काम करते हैं। ये उम्र के बढ़ने की प्रक्रिया की गति को कम करते हैं। समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को नियन्त्रित करते हैं। 

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17. अवसाद को दूर करे (Depression)- आड़ू के एंटीऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की समस्या को खत्म कर सकने में सक्षम होते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की वजह से ही चिंता, अवसाद व अन्य मानसिक समस्याएं परेशानियां होती हैं। 

18. गर्भावस्था में फायदेमंद (Pregnancy)- गर्भवती महिलाओं को आड़ू को अपने भोजन में शामिल करना चाहिये। यह गर्भावस्था में आवश्यक पोषक तत्वों की आवश्यकता को पूरी करता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को ठीक रखेगा साथ ही बल्ड शुगर में भी संतुलन बनाये रखेगा जिससे गर्भावस्था में डायबिटीज का खतरा ना हो। गर्भावस्था में विटामिन सी बच्चे की हड्डियों, दांतों और त्वचा, मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं में ऊतकों (Tissues) को जोड़ने में मदद करता है।

19.  एंटीऑक्सीडेंट की पूर्ति करे (Antioxidant Supplies)- शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स बहुत आवश्यक हैं जो हमारे शरीर से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं। किडनी, लीवर और ब्रेन कोर्टेक्स टिश्यू से जुड़ी अनेक समस्यायें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण ही होती हैं। आड़ू हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स की पूर्ती करता है। इसमें   विटामिन सी, कैरोटीनॉयड और फिनोल्स कंपाउंड की भी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। ये सब एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं।  

20. विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाले (Toxins)- जैसा कि हमने बताया कि आड़ू एंटीऑक्सीडेंट्स की पूर्ती करता है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को डिटॉक्सीफाई करते हैं यानि विषैले पदार्थों को बाहर निकालते हैं। यह बात एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में कही गयी है कि आड़ू में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रभाव होते हैं। 

21. बालों के लिए फायदेमंद (Hair)- आड़ू में विटामिन ए, राइबोफ्लेविन विटामिन सी, नियासिन और आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है जो बालों की जड़ को मजबूत बनाते हैं जिससे बालों के झड़ने की समस्या से राहत मिलती है। 

22. घाव को ठीक करे (Heal Wound)-  आड़ू के पत्तों को पीसकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

23. जोड़ों और घुटनों के दर्द में राहत (Knee Pain Relief)- आड़ू के तने की छाल को पीसकर लगाने से जोड़ों और घुटनों  के दर्द में आराम लगेगा। 

24. मुंहासे में फायदेमंद (Acne)- आडू के पेस्ट बनाकर इसमें नींबू का रस मिलायें और चेहरे पर लगायें। 20 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। मुंहासों में आराम लगेगा।

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25. कान दर्द में आराम (Ear Ache)- आडू के बीज के तेल की एक दो बूंदें कान में डालने से कान दर्द में आराम लग जायेगा।

आड़ू खाने के नुकसान – Side Effects of Peaches

दोस्तो, अब जानते हैं आड़ू के नुकसान के बारे में। यद्यपि आड़ू कोई विशेष कुप्रभाव तो नहीं डालता मगर कुछ लोगों को हो सकती हैं ये समस्यायें –

1.  कच्चा आड़ू खाने से हो सकती है मुंह में एलर्जी जैसे होंठों, जीभ पर लाली या सूजन।

2. ज्यादा आड़ू खाने से हो सकता है पेठ दर्द या दस्त, उल्टी आदि, चक्कर आना या  सांस लेने में दिक्कत। 

3. आड़ू को, बीज से बचाकर खाना चाहिये क्योंकि बीज के हिस्से से हो सकती है विषाक्तता। 

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको आड़ू के बारे में जानकारी दी। आड़ू के गुण, इसके सेवन के फायदे और अधिक मात्रा में सेवन के नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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