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पपीता के फायदे और नुकसान – Benefits of papaya in Hindi

हैलो दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। आज हम आपका परिचय कराएंगे एक ऐसे मधुर फल से जिसे औषधीय फल कहा जाता है।  जी हां, इस फल का नाम है पपीता। आज हम पपीता के फायदे के बारे में बात करेंगे, जो बहुत ही कम लोगो को पता होता है तो चलिए आगे।  पपीता पोषक तत्वों से भरपूर स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक, शीघ्र पचने वाला उत्तम फल है जो कहीं भी आसानी से मिल जाता है।  अनेक गुणों के कारण इसे औषधीय फल भी कहा जाता है।  पपीता में विटामिन ए, बी, सी, डी, कैल्शियम, फाइबर, पोटेशियम, लौह, प्रोटीन आदि एनर्जी जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं।  इसी कारण आयुर्वेद में पपीते के पत्ते, बीज, जड़, कच्चा और पका फल सबका प्रयोग रोगों के उपचार में किया जाता है।  पपीता को साधारण भूमि पर, जहां थोड़ी गर्मी और अच्छी धूप मिले, लगाया जा सकता है।  परन्तु ये अधिक पानी वाली जगह या क्षार वाली जमीन पर नहीं पनपता है। 

 पपीते के पेड़ों में नर और मादा पेड़ अलग अलग होते हैं।  नर पेड़ों में केवल लंबे-लंबे फूल आते हैं।  इनमें फल नहीं लगते।  जब पेड़ फलने लगे तो केवल १० प्रतिशत नर पेड़ों को छोड़कर अन्य सभी नर पेड़ों को उखाड़ देना चाहिए।  पेड़ लगाने के बाद वर्ष भर के अंदर ही यह फल देने लगता है।  आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, असम, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर, उत्तरांचल और मिजोरम में इसकी खेती की जाती है।  पपीता प्रकृति से कड़वा, पकने पर मीठा, गर्म, तीखा, कफ और वात कम करने वाला, साथ-साथ रक्त को भी शुद्ध करता है और जल्दी पचने वाला होता है।  इसके कच्चे फलों से जो दूध निकालता उससे पपेन तैयार किया जाता है।  पपेन से पाचन संबंधी दवाइयां बनाई जाती हैं। 

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पपीता के फायदे और नुकसान
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पपीता के फायदे – Benefits of Papaya

1.  पाचन तंत्र में सहायक (Digestive System)– पपीता का स्वाद बहुत मधुर होता है और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी।  ये आराम से पच जाता है।  पपीते में कई पाचक एंजाइम और कई डाइट्री फाइबर भी होते हैं जिसकी वजह से पाचन क्रिया सही रहती है।  जंक फूड या रेस्टोरेंट में ज्यादा तेल में बना खाना, खाने वालों को पपीता का सेवन अवश्य ही फायदा करेगा।  इसमें पपेन नामक एक पाचक एंजाइम  होता है जो पाचन क्रिया को उत्तेजित करने का काम करता है।  इसके अलावा इसमें घुलनशील फाइबर, बीटा कैरोटीन, विटामिन ई और फोलेट आदि कब्ज को रोकते हैं।  

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2.  प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करे (Immune System)– पपीता में Vitamin C, दैनिक आवश्यकता का 200% से अधिक होता है, जोकि सफ़ेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण होता है।  इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन, विटामिन ए और ई भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।  ये सभी हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं।  प्रतिदिन कुछ मात्रा में पपीता का सेवन बीमार होने की संभावना को कम करता है।  

3.  कमजोरी दूर करे (Weakness)-   पपीता के सेवन से लम्बी बीमारी या पौष्टिकता की कमी के कारण होने वाली कमजोरी में बहुत लाभ मिलता है।  पपीता के कच्चे फलों का साग बनाकर सेवन करने से अपच (Dyspepsia) में भी लाभ होता है।  

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4.  वजन घटाने में सहायक (Weight Loss)- वजन कम करने के लिये पपीता को भोजन में शामिल करना चाहिए।  क्योंकि इसमें फाइबर, विटामिन सी, फोलेट और पोटेशियम आदि पाए जाते हैं।  इसमें पाया जाने वाला पपेन एंजाइम पाचन में सहायता करता ही है, साथ ही पपीता में कोलेस्ट्रॉल और वसा ना के बराबर होते हैं जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।  इसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है (लगभग 120)।  और फाइबर की मात्रा भरपूर।  फाइबर वजन घटाने में लाभदायक होते हैं।  

5. कोलेस्ट्रॉल कम करे (Cholesterol)- पपीता में उच्च मात्रा में फाइबर मौजूद होता है।   विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर होते हैं।  ये सब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के निर्माण को रोकते हैं और नियंत्रित करते हैं।  

6.  दिल को स्वस्थ रखे (Heart Healthy)- पपीता में विटामिन ए, सी और ई की भरपूर मात्रा के अतिरिक्त एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भी खूब पाये जाते हैं।  फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में  मदद करता है।  ये सभी तत्व मिलकर दिल को सभी खतरों से बचाते हैं।   

7.  रक्तचाप को नियंत्रित करे (Blood Pressure Control)- उच्च रक्तचाप में पपीते का नियमित रूप से सेवन अत्यन्त लाभदायक है।  इसमें मौजूद पोटेशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करके रक्तचाप के स्तर को बनाए रखता है।  

8.  कैंसर के उपचार में सहायक (Cancer Treatment)- लाइकोपीन, कैरोटिनॉइड, एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-क्रिप्टोक्साथीन और बीटा कैरोटिन आदि पपीता में मौजूद सभी तत्व कैंसर को दूर करने में सहायक हो सकते हैं।  इसमें आइसोथियोसाइनेट्स नाम का तत्व भी पाया जाता है जो कि कार्सिनोजेंस को नष्ट करने का काम करता है।   पर यह नहीं भूलना चाहिये कि ये गंभीर बीमारी है जिसका डॉक्टरी उपचार अति आवश्यक होता है। 

9.  जोड़ों के दर्द में आराम (Relieve Joint Pain)- जोड़ों गठिया आदि के दर्द में  पपीता बहुत लाभदायक होता है।  इसमें पाया जाने वाला एंटी-इन्फ्लेमेटरी एंजाइम जैसे कि पपेन और चयमोपपेन संधिशोथ को काफी हद तक कम करने का काम करते हैं।  पपीता सूजन में भी काफी लाभप्रद होता है। 

10.  आंखों की रोशनी बढ़ाने में (Eyesight)- बढ़ती उम्र में दृष्टि से संबंधित अनेक समस्याएं हो जाती हैं जैसे कि देखने की क्षमता कम हो जाना।  पपीता में विटामिन-ए प्रचुर मात्रा होता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाता है और दृष्टि दोष  जैसी कई आँखों से संबंधित अनेक समस्याओं के समाधान में मददगार होता है।  

11.  एंटी-ऐजिंग (Anti Aging)- पपीता में विटामिन-सी, विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट जैसे बीटा-कैरोटीन से भरपूर मात्रा में होते हैं।   ये एंटीऑक्सीडेंट बढ़ती उम्र के लक्षणों जैसे बारीक रेखाएं और झुर्रियों को बनने से रोकते हैं और आपको देते हैं स्वस्थ त्वचा।  आपकी उम्र वास्तविक उम्र से बहुत कम दिखाई देती है।  

12.  त्वचा विकार/रोगों से राहत दिलाये (Skin Diseases)- नए नए सौंदर्य प्रसाधन कई बार हमारी त्वचा पर बहुत बुरा असर डालते हैं जैसे दाग-धब्बे, या जलन होना आदि।  पपीता के द्वारा बनाए गए घरेलू उपाय त्वचा रोगों से छुटकारा दिला सकते हैं।  पपीता के बीजों को पीसकर, उसमें ग्लिसरीन मिलाकर लगाने से दाद और खुजली में लाभ होता है। 

13.  त्वचा में निखार (Glowing Skin)- पपीता खाने के अतिरिक्त इसका प्रयोग फेस पैक के रूप में भी किया जाये तो त्वचा में निखार आ जाता है।  इससे रोम छिद्र खुलते हैं और मुंहासे भी दूर होते हैं।  इसमें मृत कोशिकाओं को हटाने का भी गुण होता है।  

14. बालों के लिए (For Hair)- पपीते का नियमित सेवन बालों के सेहत के लिए अच्छा है।  पपीते के पत्ते का अर्क कंडीशनर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।  पपीता में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले खनिज, एंजाइम और विटामिन बालों के विकास में सहायक होते हैं।  

15.  मुँह के छालों में फायदेमंद (Mouth Ulcers)- मुँह में छाले या घाव होने की स्थिति में पपीता के सेवन से आराम मिलता है।  पपीते के दूध या आक्षीर जीभ पर लगाने से जीभ पर होने वाला घाव जल्दी भर जाता है।  

16.  डायबिटीज में लाभकारी (Diabetes)- पपीता मीठा होने के बावजूद मधुमेह रोगियों के लिए एक उत्तम विकल्प है क्योंकि इसमें शर्करा की मात्रा कम होती है।  जो डायब्टिक नहीं है वे भी इसे रोकने के लिए पपीता का सेवन कर सकते हैं।  परन्तु जिनके खून में पहले ही शुगर की मात्रा कम हो वो बिल्कुल भी पपीते का सेवन ना करें

17.  दांत दर्द में लाभकारी (Toothache)- रूई को पपीता के दूध में भिगोकर लगाने से दांत के दर्द में जल्दी आराम मिलता है।  

18.  गले के दर्द में फायदेमंद (Throat Pain)- पपीता से प्राप्त आक्षीर या दूध को पानी में मिलाकर गरारे करने से गले में दर्द या सूजन में आराम मिलता है।  

19.  तनाव कम करें (Reduce Stress)- यदि थकावट या किसी अन्य कारण से तनाव महसूस करते हैं तो पपीता खाने से आपको जल्दी राहत मिलेगी।   विटामिन सी जैसे कई पोषक तत्व तनाव से मुक्त रखने में मदद करते हैं।  

20.  दस्त में फायदा (Diarrhea)- ज्यादा तीखा/मसालेदार भोजन, पैकेज्ड फूड या बाहर का खाना खाने से दस्त हो जाते हैं और रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं तो पपीता के बीजों का सेवन चावल के साथ करने से फायदा होगा।  कच्चे पपीते का साग बनाकर सेवन करने से अतिसार में लाभ होता है। 

21.  बवासीर में फायदेमंद (Piles)- पपीता के कच्चे फलों से प्राप्त आक्षीर या दूध को अर्श के मस्सों पर लगाने से बवासीर में लाभ होता है।  दर्द में भी राहत मिलती है।  

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22.  सूजन कम करे (Reduce Swelling)-  पपीता के फल मज्जा को पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से चोट या अन्य किसी बीमारी के कारण पैदा हुई सूजन में आराम मिलता है। 

23.  पीलिया में फायदा (Jaundice)- पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को कच्चा पपीता खाना चाहिए क्योंकि यह पीलिया के लिए बहुत गुणकारी होता है।  डॉक्टर भी पपीता खाने की सलाह देते हैं। 

24.  मासिक धर्म के दर्द में आराम (Periods Pain)- पपेन नामक एक एंजाइम मासिक धर्म के दौरान प्रवाह को विनियमित करने और आसान बनाने में मदद करता है।  जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द रहता है उन्हें पपीते का सेवन करना चाहिए।  इससे दर्द में आराम मिलता है।  

पपीता खाने का सही समय – Papita Khane ka Sahi Tatika 

1.  फल ही क्या किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन बेवक्त किया जाये तो नुकसान ही होता है।  फलों के औषधीय गुण अनुसार कुछ फलों को खाने का समय भी निश्चित किया गया है।  आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव दीक्षित

के अनुसार कुछ फलों को शाम के छह बजे के बाद खाना ज़हर खाने के समान होता है क्यूंकि ये फल शाम को खाने से हमारी पाचन प्रक्रिया पर गहरा असर करते हैं।  इसलिए सुबह के समय फलों का सेवन सबसे उत्तम माना जाता है। 

2.  पपीते को नाश्ते में खाया जाए तो ये ना केवल आपको तारो ताज़ा रखेगा बल्कि पाचन तंत्र को भी नियन्त्रित करेगा।  सुबह 5 बजे से सुबह 9 बजे तक का समय पपीते के सेवन के लिए सबसे उपयोगी है।  सुबह पपीता खाने से शरीर का अंग सिस्टम अच्छी स्थिति में रहते हैं।  दृष्टि और नेत्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है और पाचन तंत्र भी सही रहता है।  

पपीता के नुकसान – Side Effects of Papaya in Hindi

1.  पेट खराब भी कर सकता है (Stomach Upset)- फाइबर से भरपूर पपीता कब्ज के लिए बेहद फायदेमंद है।  लेकिन इसके बहुत ज्यादा सेवन से पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है।  परिणाम स्वरूप पेट में दर्द, गैस और उल्टी की शिकायत हो सकती है।  साथ ही ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है।   

2.  एजर्ली (Eagerly)-  पपीता ज्यादा खाने से कई प्रकार की एलर्जी हो सकती है।  पपीते में मौजूद पपेन से एलर्जी होने की संभावना होती है।  इसके अधिक सेवन से रिएक्शन के तौर पर सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।  पपीते के ऊपरी हिस्से में लेटेक्स नामक सूखा पदार्थ पाया जाता है जो एलर्जी में और इजाफा करता है। 

3.  श्वसन विकार (Respiratory Disorder)- पपीते के हद से ज्यादा सेवन से सांस की कई बीमारियां हो सकती हैं।   जिनमें दमा, सीने पर दबाव, नाक का बंद होना और खर्राटों के साथ सांस लेना शामिल है।  पपीता में मौजूद एंजाइम पपेन को संभावित एलर्जी भी कहा जाता है। 

4.  ब्लड शुगर में कमी (Blood Sugar)- पपीता खून में मौजूद शुगर की मात्रा को कम करता है।  शुगर लेवल कम करने वालों को तो ये फायदेमंद हो सकता है परन्तु जिनके खून में पहले ही शुगर की मात्रा कम हो उनके लिए खतरनाक हो सकता है।  वे बिल्कुल भी पपीते का सेवन ना करें।  इसलिए मधुमेह के रोगी डॉक्टर से सलाह लेकर ही पपीते का सेवन करें। 

5.   गुर्दे की पथरी (Kidney Stone)-  पपीता का अत्यधिक सेवन गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है। 

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6.  गर्भवती महिलाओं के लिये हानिकारक (Pregnant Women)- पपीते में लेटेक्स की हाई मात्रा होती है जो गर्भाशय सिकुड़न का कारण बन सकती है।  जिससे गर्भपात, समय से पहले प्रसव दर्द, शिशु में असामान्यताएं जैसी समस्याएं हो सकती हैं।  पपीते में मौजूद पपेन शरीर की उस झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है जो भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक है।  इसीलिए ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट गर्भवती महिलाओं को पपीता ना खाने की सलाह देते हैं।  

7.   दवा के साथ नुकसानदायक (Harmful with Medication)-  यू एस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार जो लोग खून को पतला करने वाली दवा का लेते हैं उन्हें पपीता खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे खराश और खून बहने का खतरा बढ़ जाता है।  

8.  पपीते का सेवन एक साल से कम उम्र वाले शिशुओं के लिए ठीक नहीं है। 

Conclusion 

दोस्तो, आज इस लेख के माध्यम से हमने आपको पपीता के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी दी। हम आशा करते है आपको यह अवश्य पसंद आया होगा।।  कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके।  और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें।  धन्यवाद।

3 thoughts on “पपीता के फायदे और नुकसान – Benefits of papaya in Hindi

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