दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है पेट में गैस बनने का देसी इलाज यानि एसिडिटी। क्या है ये पेट की गैस, क्यों बनती है और क्या हैं देसी उपचार जिससे कि राहत मिल सके। आज इसी विषय पर आपको विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे। आज के समय में खान-पान कुछ इस प्रकार का हो गया है कि लगभग हर व्यक्ति एसिडिटी से परेशान रहता है। गैस जब ज्यादा बढ़ जाती है और प्राकृतिक रूप से बाहर नहीं निकल पाती है तो इससे पेट, पीठ, सीने, सिर में दर्द होने लगता है। भूख कम लगती है, डकारें आती हैं, सीने व पेट में जलन होती है, चक्कर आना, जैसी समस्याएं हो जाती हैं। कई बार तो यह विकराल रूप ले लेती है दिल के आसपास या मस्तिष्क में चढ़ जाती है। यूं तो पेट में गैस बनना एक सामान्य बात है परन्तु अधिक समस्या होने पर इसे हल्के में नहीं लेना चाहिये, तुरंत कोई उपचार करना चाहिये आवश्यकता हो तो डॉक्टर से भी परामर्श करना चाहिये।

पेट में गैस बनने का देसी इलाज

पेट में गैस बनने का देसी इलाज – Home Remedy for Stomach Gas

1. जीरा पानी- पेट की गैस का रामबाण इलाज। एक चम्मच जीरा, दो कप पानी में 10-15 मिनट के लिए उबालें। ठंडा होने पर भोजन के बाद इसे पीयें। जीरा में आवश्यक तेल होते हैं, जो लार ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं जो भोजन के बेहतर पाचन में मदद करता है।

2. नींबू का रस व अदरक एक – एक चम्मच लें, फिर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाएं और इसे खाने के बाद खाएं, इससे पाचन शक्ति अच्छी बनती है और गैस की समस्या भी दूर होती है।

3. अजवायन के चूर्ण को गर्म पानी के साथ खाएं, इससे गैस, बदहजमी से आराम मिलता है। 

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4. सौंफ़ – गैस से राहत पाने के लिये सौंफ़ के बीज का उपयोग इस प्रकार कर सकते हैं :-

     (i) एक चम्मच सौंफ़ के बीज को कूटकर एक कप पानी में डाल कर पांच मिनट के लिए उबल लें। इसे छान कर खाने के बाद पीयें। 

     (ii) सौंफ़, दालचीनी और पुदीने की पत्तियों को एक साथ मिलाकर दो कप पानी में गर्म कर लें।  छानकर पीयें। 

5. मेथीदाना और गुड़ को पानी में डालकर उबाल लें और इस पानी को छानकर पी लें, गैस में आराम मिलेगा। (जिन लोगों का शरीर कमज़ोर हो, चक्कर आते हों या गर्म तासीर वाली चीज़ें हजम न होती हों वे मेथीदाना का इस्तेमाल न करें)।

6. आधा चम्मच हरड़ में आधा चम्मच सोंठ का पाउडर व थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ खायें।

7. दो चुटकी पिसी हुई हल्दी में 2 चुटकी नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ पीने से आराम आ जायेगा। 

8. भुनी हुई हींग और काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ खाने से आराम आयेगा। 

9. खाने के साथ टमाटर, मूली, खीरे पर काला नमक डालकर खाएं, फायदा होगा।

10. अदरक के टुकड़े पर काला नमक लगाकर मुंह में डालकर चूसते रहें, धीरे -धीरे गैस बनना बंद हो जाएगी।

11. कुछ ताजा अदरक स्लाइस की हुई नींबू के रस में भिगो कर भोजन के बाद चूसने से राहत मिलेगी।

12. भोजन के एक घण्टे बाद 1 चम्मच काली मिर्च, 1 चम्मच सूखी अदरक और 1 चम्मच इलायची के दानों को आधा चम्मच पानी के साथ मिला कर पीयें।

13. आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिला कर एक कप गरम पानी में डाल कर पीएं। यह गैस की समस्या को खत्म करता है।

14. मूली के जूस में काला नमक और हींग मिलाकर पीएं।  ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं, इससे पेट साफ होगा और गैस नहीं बनेगी।

15. प्याज के रस में काला नमक और हींग पीसकर,  मिलाकर पीने से पेट की गैस और गैस का दर्द ठीक हो जाते हैं।

16. सेब के सिरके में मौजूद एंजाइम पाचन का इलाज करते हैं और गैस की समस्या भी दूर हो जाती है। सेब के सिरके को दो चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से गैस में तुरंत राहत मिल जाती है।

17. चुटकी भर भुना जीरा, काला नमक और पुदीना छाछ में मिलाकर खाना खाने के बाद पीने से गैस की  समस्या से राहत मिलती है। 

18.  हरड़ के चूर्ण को शहद में मिलाकर खायें।

19. भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभदायक होता है।  यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाए तो अधिक लाभ होता है। 

20. छाछ – छाछ में प्रोबायोटिक माइक्रोब्स होते हैं जो पाचन को बढ़ाते है और अपच और गैस को कम करते हैं। ये एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या को भी दूर करता है। एक चम्मच अजवाइन और काला नमक को एक कप छाछ में मिला कर दिन में दो बार पीयें। 

21. एक चुटकी अदरक के पाउडर और सेंधा नमक को  छाछ में मिला कर दिन में दो बार पीयें।

22. हींग को गैस के लिए बहुत प्रभावकारी माना जाता है। इसमें एंटीस्पास्मोडिक और ऐंटिफ्लाटुलेंट के गुण पाए जाते हैं जो अपच और गैस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। एक ग्लास गर्म पानी में एक चुटकी हींग को डाल कर अच्छे से मिला लें। दिन में दो या तीन बार इसको पीयें।

23. हींग को सबसे पहले कूट कर उस में थोड़ा पानी मिला कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को पेट पर और नाभि पर लगायें। 

24. केले के टुकड़े में हींग को रखकर भी खा सकते हैं।

25. दालचीनी – दालचीनी गैस्ट्रिक एसिड और पेप्सिन के स्राव को पेट की वाल्स (walls) से दूर करती है जिससे पेट में गैस नहीं बनती। एक कप गर्म दूध में एक या आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को मिला कर पीयें। इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

26. चाय बनाने के लिए एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं या कुछ दालचीनी की स्टिक्स।  पांच मिनट तक पानी को उबलने दें फिर थोड़ा ठंडा करके पीयें।

27. रोज सुबह खाली पेट नींबू की मीठी शिकंजी दो महीने तक नियमित सेवन करें। 

28. अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक बराबर मात्रा में पीस लें। 2 से 6 ग्राम खाने के तुरन्त बाद पानी से लें।

29. भोजन करने के बाद दोनों समय एक-एक लौंग सुबह-शाम चूसने से खट्टी ड़कार नहीं आती हैं। इससे गैस  में भी राहत मिलेगी। 

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30. चने के सत्तू को पानी में घोलकर पीने से गैस में  आराम मिलेगा।

31. दूध में काली मिर्च मिलाकर भी पीने से भी गैस से राहत मिलेगी।

32. दिन में दो तीन बार इलायची का सेवन से पाचन क्रिया ठीक रहती है और गैस की समस्या नहीं होती।

33. पुदीने की पत्तियों को उबाल कर पीने से गैस में आराम मिलेगा। 

34. पुदीने की पत्तियों को कच्चा चबाने से भी कब्ज की समस्या में आराम मिलता है।

35. रोजाना नारियल पानी सेवन करना गैस का फायदेमंद होता है।

36. लहसुन भोजन के पाचन में मदद करता है और पेट में गैस भी नहीं बनने देता।  इसे आग में भून कर या फिर इसका जूस बनाकर या भोजन में पकाकर खा सकते हैं। कच्ची लहसुन के सेवन से कब्ज में जल्द आराम मिलता है।

37.  लहसुन को जीरा, खड़ा धनिया के साथ उबालकर  पीने से बहुत आराम मिलता है। इसे दिन में दो बार पी सकते हैं।

38.  सरसों –  पीली सरसों में एसिटिक एसिड (acetic acid) पाया जाता है जो पेट की गैस को कम करता है। एक चम्मच पीली सरसों लें और उसे एक ग्लास गर्म पानी के साथ खा लें। थोड़ी देर में पेट की गैस से राहत मिल जायेगी।

क्या है पेट की गैस – What is Stomach Gas

पेट में गैस बनना पाचन प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है। जब खाना खाते हैं तब पाचनक्रिया के दौरान हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड और मिथेन गैस निकलती हैं जो गैस बनने का कारण होता है।आयुर्वेद के अनुसार पेट संबंधी सभी समस्याएं शरीर के त्रिदोष के कारण होते हैं अत: वात, पित्त, कफ इन तीनों क्रियाओं को शांत करने वाले उपचार करने चाहियें।

पेट में गैस होने के लक्षण – Symptoms of Stomach Gas in Hindi

1. भूख न लगना।

2. बदबूदार सांसें आना।

3. पेट में सूजन रहना।

4. उलटी, बदहज़मी, दस्त होना। 

5. खट्टी डकार आना।

6. पेट फूलना।

7. पेट में ऐंठन।

8. पेट में हल्का-हल्का दर्द होना या चुभन के साथ दर्द।

9. सुबह-सुबह स्वाभाविक तौर पे पेट साफ ना होना अर्थात मल का वेग होते हुए भी त्याग ना हो पाना।

10. सिर में दर्द रहना।

11. पूरे दिन आलस्य अनुभव करना और किसी कार्य को करने का मन ना करना। 

पेट में गैस बनने के कारण – Causes of Stomach Gas in Hindi

1. जब पेट में बैक्टीरिया उन कार्बोहाइड्रेट को उत्तेजित कर देते हैं जो छोटी आंत में ठीक से पच न पाये हों, तब पेट में गैस  बनती है।  आमतौर से यह ज़्यादा फाइबर वाला भोजन खाने से होता है, जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, सेम और दालें आदि।

2. सुबह नाश्ता न करना।

3. लम्बे समय तक खाली पेट रहना।

4. जंक फूड या तली-भुनी चीजें खाना।

5. अत्यधिक भोजन करना।

6. बासी भोजन करना।

7. भूख ना होने पर भी भोजन करना।

8. बीन्स, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल का अधिक सेवन करना।

9.अनुचित (परस्पर विरोधी) या विषाक्त भोजन कर लेना।

10. ढंग से खाने को न चबाना। भोजन करते समय बातें करना।

11. ज्यादा खट्टा, तीखा और मसालेदार खाना।

12. खाते समय हवा का भी साथ में जाना।

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13. देर रात तक जागना। 

14.  कम पीना। 

15. बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाना। 

16. मानसिक चिंता या स्ट्रेस।

17. बहुत देर तक एक ही जगह बैठे रहना।

18. ज्यादा चाय पीना।

19. कब्ज होना।

20. संक्रमण।

21. अधिक शराब पीना।

22. पेट में अम्ल का निर्माण होना।

23. खाद्य पदार्थ जिनमें वसा या प्रोटीन की अपेक्षा  कार्बोहाइड्रेट का प्रतिशत ज्यादा हो। 

24. स्तनपान करने वाले शिशुओं में गैस या पेट दर्द की समस्या माता द्वारा वात बढ़ाने वाले भोजन लेने से हो सकती है। 

और अब आपको बताते हैं कुछ देसी उपाय जिनसे आप पेट में गैस की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

Conclusion

दोस्तो, आज इस लेख के माध्यम से हमने आपको पेट में गैस बनने का देसी इलाज के बारे में बताया। पेट में गैस बनने के कारण, और बहुत सारे देसी उपचार के बारे में जानकारी दी। आशा है आपको यह लेख अवश्य पसन्द आयेगा। कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer- किसी भी रोग/समस्या के लिये कृपया डॉक्टर/आहार विशेषज्ञ से सलाह लें। यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।


2 Comments

Shiv Kumar Kardam · December 11, 2020 at 8:21 am

It’s perfect information as well as beneficiary to the patients. Thank you Dear Bligger.

  • Ram Mohan haldia · December 12, 2020 at 5:54 am

    Really very useful information given
    Aprriciable

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