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यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है? – What is Urine Culture Test in Hindi

यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, जब कभी हमें मूत्र संबंधी समस्या होती है या पेट में दर्द या अन्य तकलीफ होती है तो डॉक्टर यूरिन कल्चर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। मगर क्यों? क्योंकि उनको सूक्षमजीवों  (Microorganisms) द्वारा संक्रमण की आशंका होती है। मूत्र पथ में सूक्षमजीवों द्वारा संक्रमण  (Urinary Tract Infection – UTI) के बारे में सब कुछ जानना ही कल्चर कहलाता है। इसीलिए इस टेस्ट को यूरिन कल्चर टेस्ट कहा जाता है। यह संक्रमण मूत्र पथ के अतिरिक्त, मूत्राशय (Bladder) या किडनी में भी हो सकता है। अतः डॉक्टर यूरिन कल्चर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं ताकि सही जानकारी मिलने पर उचित उपचार किया जा सके। आखिर यह टेस्ट है क्या और कैसे होता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है?”। 

देसी हैल्थ क्लब आज आपको यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इस टेस्ट के क्या परिणाम आते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है और मूत्र पथ संक्रमण के कारण। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे। 

यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है? – What is Urine Culture Test?

दोस्तो, यूरिन कल्चर टेस्ट एक मूत्र परीक्षण है जो लैब में किया जाता है और मूत्र में बैक्टीरिया और यीस्ट (yeast) जैसे सूक्ष्मजीवों (microorganisms) की जांच के लिए किया जाता है। यहां हम बता दें कि कल्चर (culture) शब्द से तात्पर्य है किसी भी microorganism को grow करना और उसके बारे में जानना। मूत्रमार्ग के द्वारा बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करके मूत्र पथ के संक्रमण की वजह बनते हैं। 

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इसी को मूत्र पथ संक्रमण (Urinary Tract Infection – UTI) कहा जाता है। इसके अतिरिक्त मूत्र में मूत्राशय का संक्रमण (Bladder Infection) भी देखा जा सकता है। यहां हम स्पष्ट कर दें कि मूत्र पथ में किडनी भी सम्मलित होती हैं अतः इस टेस्ट के जरिए किडनी यूरिन इंफेक्शन का भी पता लगाया जा सकता है। इस टेस्ट को यूरिन कल्चर और सेंसिटिविटी परीक्षण (Urine Culture and Sensitivity test – UC&S) भी कहा जाता है।

यूरिन कल्चर टेस्ट हर उस व्यक्ति का किया जा सकता है जिसे मूत्र संबंधी कोई समस्या है चाहे वह बच्चा हो या व्यस्क / वृद्ध महिला हो या पुरुष। इस टेस्ट के परिणाम आने में 1-5 दिन लग जाते हैं। यूरिन इंफेक्शन पर विस्तार से जानकारी के लिए हमारा पिछला आर्टिकल “यूरिन इंफेक्शन से बचने के घरेलू उपाय” पढ़ें। 

मूत्र पथ संक्रमण के कारण – Cause of Urinary Tract Infection

मूत्र पथ संक्रमण के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं –

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  • मूत्राशय का संक्रमण – सिस्टिटिस (Cystitis)
  • योनिशोथ (Vaginitis)
  • मूत्रमार्गशोथ (Urethritis) 
  • किडनी संक्रमण – पायलोनेफ्राइटिस (Pyelonephritis) 

मूत्र पथ संक्रमण के बैक्टीरिया – Urinary Tract Infection Bacteria

मुख्य रूप से निम्नलिखित बैक्टीरिया आमतौर पर मूत्र पथ संक्रमण का कारण बनते हैं –

  1. क्लेबसिएला (Klebsiella)
  2. एसिनेटोबैक्टर (Acinetobacter)
  3. एंटरोबैक्टर (Enterobacter)
  4. प्रोटीयस (Proteus) 

यूरिन कल्चर टेस्ट क्यों किया जाता है? – Why is Urine Culture Test Done?

बहुत सीधी सी बात है कि मूत्र से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर यूरिन कल्चर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं ताकि सही जानकारी मिलने पर उचित उपचार किया जा सके। निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने पर यूरिन कल्चर टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है –

  1. पेट में सामान्य दर्द होने पर जो लगातार बना रहे और बंद ना हो।
  2. पेट में बहुत तेज और असहनीय दर्द जो एक निश्चित स्थान या उदर गुहा (Abdominal cavity) में फैला हो।
  3. मूत्र विसर्जन के दौरान दर्द या जलन होना
  4. यूरिन से दुर्गंध आना
  5. रुक-रुक कर या सीमित मात्रा में यूरिन आना
  6. बुखार
  7. लगातार ठंड (persistent cold) महसूस करना।

यूरिन सैंपल कलेक्शन –  Urine Sample Collection

यूरिन का सैंपल दो प्रकार से लिया जाता है। विवरण निम्न प्रकार है –

1. साफ़ कंटेनर में (Clean Container)- आमतौर पर यूरिन का सैंपल साफ़ कंटेनर में लिया जाता है जो कि परीक्षण केन्द्र और अस्पतालों द्वारा मुहैया कराया जाता है। इसमें कम से कम 60 मिली लीटर यूरिन भरना होता है। कई लोग घर से ही किसी शीशी में यूरिन ले जाते हैं। इसे ठीक नहीं माना जाता क्यों कि शीशी पहले से ही संक्रमित हो सकती है। 

2. कैथेटर द्वारा (Catheter) – कुछ लोगों का यूरिन सैंपल लेने के लिए कैथेटर का उपयोग किया जाता है। एक प्रशिक्षित डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता एक पतली ट्यूब मरीज के मूत्रमार्ग और मूत्राशय में डाल कर सैंपल लेकर, साफ़ कंटेनर में डालकर लैब भेज देते हैं। यदि यह सैंपल एक घंटे के अंदर लैब भेजा जाना संभव ना हो तो इसे रेफ्रिजरेटर में रख दिया जाता है। 

ये भी पढ़े- यूरिन में जलन और दर्द के देसी इलाज

यूरिन सैंपल के लिए सलाह – Advice for Urine Sample

यूरिन सैंपल देने के लिए निम्नलिखित सलाह दी जाती है। इनका ध्यान रखना चाहिए :-

  1. सबसे पहले हम यह बता दें कि यूरिन सैंपल देने के लिए खाली पेट रहना या उपवास पर रहना जरूरी नहीं है।
  2. यह सुनिश्चित करें कि यूरिन सैंपल देने से पहले आपने कोई दवा ना ले रखी हो। यदि कोई दवा ले रखी है तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं। 
  3. टेस्ट के एक घंटे पहले तक मूत्र विसर्जन ना करें। टेस्ट से लगभग 20 मिनट पहले डॉक्टर आपको एक गिलास पानी पीने को कह सकते हैं, ताकि पर्याप्त मात्रा में लगभग 60 मिली लीटर यूरिन मिल सके। 
  4. यूरिन सैंपल लेने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, फिर अपने जननांग को धोएं। महिलाएं अपने जननांग को पीछे तक धोएं।
  5. फिर दुबारा हाथ धोकर कंटेनर को अपने जननांग के पास लाएं मगर ध्यान रहे यह जननांग की त्वचा से दूर रहे यानि यह त्वचा को छूने ना पाए।
  6. अब कंटेनर में यूरिन लेने से पहले यूरिन का कुछ भाग अलग निकाल दें। फिर यूरिन कंटेनर में भरें। यहां भी यह ध्यान रखें कि यूरिन का अंतिम भाग कंटेनर में ना जाने पाए। यूरिन के बीच वाले भाग को “मिडस्ट्रीम” यूरिन कैच कहा जाता है।
  7. यूरिन लेने के बाद कंटेनर के ढक्कन को अच्छी तरह बंद कर दें और हाथों को फिर से साबुन से धोकर साफ़ कर लें।

यूरिन सैंपल की जांच – Urine Sample Test

यूरिन सैंपल की जांच प्रक्रिया निम्न प्रकार है –

  1. यूरिन सैंपल लेने के बाद इसे 24 या 48 घंटे के लिए पैथोलॉजी में रखा जाता है जहां इसकी जांच की जाती है।
  2. यदि यूरिन में microorganism के growth का पता चलता है तो मतलब साफ़ है कि यूरिन microorganism से संक्रमित है। 
  3. यदि इसमें जीवाणुओं की वृद्धि (bacterial growth) देखी जाती है तो बैक्टीरिया की प्रकृति (Nature) का पता लगाने के लिए इसका Gram Stain किया जाता है।
  4. बैक्टीरिया का नेचर जानने के बाद इसे drug sensitive plate में लगा दिया जाता है। फिर सैंपल को कल्चर प्लेट में फिर से 48 घंटे के लिए रख दिया जाता है। तत्पश्चात इसका परीक्षण किया जाता है। 
  5. सबसे अंत में यानि आखिरी स्टेज पर ड्रग का परीक्षण किया जाता है।

यूरिन कल्चर टेस्ट का परिणाम – Urine Culture Test Result

पहले हम स्पष्ट कर दें कि यूरिन कल्चर टेस्ट के परिणाम के लिए सीएफयू (Colony Forming Unit) या कॉलोनी को मापदंड माना जाता है। इस इकाई का उपयोग बैक्टीरिया की एकाग्रता को मापने के लिए किया जाता है। यह माप इकाई द्रव के लिए CFU/mL होती है और ठोस के लिए CFU/gm.  टेस्ट का परिणाम दो प्रकार का आता है नेगेटिव और पोजिटिव। विवरण निम्न प्रकार है –

1. नेगेटिव परिणाम (Negative Result)- यदि यूरिन कल्चर रेंज 10,000 कॉलोनी/एमएल से कम है या 10,000-1,00,000 के बीच है तो यह नेगेटिव परिणाम माना जाता है। 

2.  पॉजिटिव परिणाम (Positive Result)- यदि यूरिन कल्चर रेंज 1,00,000 कॉलोनियों/एमएल है तो यह पोजिटिव परिणाम है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति को मूत्रपथ का संक्रमण है। 

3. सामान्य रेंज (Normal Range)- यूरिन कल्चर की सामान्य रेंज 10,000-1,00,000 कॉलोनी/एमएल के बीच मानी जाती है। 

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको यूरिन कल्चर टेस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है?, मूत्र पथ संक्रमण के कारण, मूत्र पथ संक्रमण के बैक्टीरिया, यूरिन कल्चर टेस्ट क्यों किया जाता है, यूरिन सैंपल कलेक्शन, यूरिन सैंपल के लिए सलाह और यूरिन सैंपल की जांच, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से यूरिन कल्चर टेस्ट के परिणाम के बारे में भी बताया। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको यूरिन कल्चर टेस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है?, मूत्र पथ संक्रमण के कारण, मूत्र पथ संक्रमण के बैक्टीरिया, यूरिन कल्चर टेस्ट क्यों किया जाता है, यूरिन सैंपल कलेक्शन, यूरिन सैंपल के लिए सलाह और यूरिन सैंपल की जांच, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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