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पीनट बटर के फायदे – Benefits of Peanut Butter in Hindi

पीनट बटर के फायदे

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, बटर का नाम आते ही हमें डर लगने लगता है कि यह दूध से बना वसायुक्त पदार्थ मोटापा बढ़ा देगा। परन्तु ऐसा नहीं है। यह निर्भर करता है फैट के प्रकार पर, कि उस बटर में फैट कौन सा है। सभी फैट नुकसानदायक नहीं होते बल्कि कुछ स्वास्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। एक बटर ऐसा भी है जो दूध से नहीं बनता और ना ही उसका फैट नुकसान करता है बल्कि स्वास्थ के लिए लाभकारी होता है। हम बात कर रहे हैं पीनट बटर की जो भुनी हुई मूंगफली और वनस्पति तेल, नमक या शहद के मिश्रण से बनाया जाता है। 

यह प्रोटीन का भरपूर स्रोत होता है और इसे स्वास्थ की दृष्टि से “सुपरफूड” कहा जाता है। यह बटर सबसे अलग होता है। पॉलीअनसैच्युरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट युक्त पीनट बटर वजन को कंट्रोल करते हुए मोटापा बढ़ने नहीं देता, खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल HDL के बढ़ाता है तथा हृदय को सुरक्षित रखता है। इसका सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभदायक होता है। आखिर यह पीनट बटर है क्या जो स्वास्थ के लिए फायदेमंद होता है? दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “पीनट बटर के फायदे”। 

देसी हैल्थ क्लब आज आपको पीनट बटर के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसके खाने के क्या फायदे होते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि पीनट बटर क्या है और मूंगफली का उत्पादन कहां होता है। फिर, इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे। फैट पर विस्तार से जानकारी के लिए हमारा पिछला आर्टिकल “फैट क्या है?” पढ़ें। 

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पीनट बटर क्या है? – Benefits of Peanut Butter

दोस्तो, जैसा का नाम से जाहिर है पीनट (Peanut) यानि मूंगफली और बटर (butter) यानि मक्खन। अर्थात् ऐसा मक्खन जो मूंगफली से बनाया गया हो। पीनट बटर भुनी हुई मूंगफली, वनस्पति तेल, नमक या शहद के मेल से बनाया जाता है। वस्तुतः इन सामग्री के मेल से बना गाढ़ा पेस्ट ही पीनट बटर कहलाता है। पीनट बटर सबसे भिन्न होता क्योंकि इसमें पॉलीअनसैच्युरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करता है, हृदय की सुरक्षा करता है तथा वजन कम करने में मदद करता है। यह प्रोटीन का भरपूर स्रोत होता है। 

इसीलिए इसे “सुपरफूड” की श्रेणी में रखा गया है। मूंगफली यद्यपि मेवा की श्रेणी में नहीं आती परन्तु आमतौर पर इसे मेवा ही समझा जाता है। यह एक तिलहनी फसल है जिसकी फलियां बीन्स या मटर जैसी होती हैं। मूंगफली का उत्पादन विश्व में सबसे ज्यादा चीन में होता है और भारत दूसरे स्थान पर है। इसका उत्पादन कहां-कहां होता है इसका जिक्र हम आगे करें। 

पीनट बटर दो तरह का बनाया जाता है – एक क्रीमी यानि चिकना और दूसरा चंकी यानि कुरकुरा। बाजार में दोनों ही प्रकार का पीनट बटर मिलता है। घर पर भी इसे दोनों तरह का बना सकते हैं। घर पर इसे कैसे बनाएं, इसका जिक्र हम आगे करेंगे। मूंगफली पर अधिक जानकारी के लिए हमारा पिछला आर्टिकल “मूंगफली के फायदे और नुकसान” पढ़ें। 

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मूंगफली का उत्पादन कहां होता है? – Where are Peanuts Produced?

1. मूंगफली के उत्पादन में विश्व में चीन का प्रथम स्थान है और भारत का दूसरा।

2. मूंगफली का उत्पादन विश्व में लगभग 129 देशों में होता है। हम सभी देशों के नाम भी दे सकते हैं परन्तु प्रिय पाठकों के अमूल्य समय को समझते हुए कुछ ही देशों के नाम बता रहे हैं जहां मूंगफली की खेती की जाती है। ये देश हैं चीन, भारत, नाईजीरिया, अमेरिका, सूडान, म्यानमार, अर्जेण्टीना, ब्राज़ील, तंज़ानिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, युगाण्डा, मिस्र, निकारागुआ, टर्की, ज़ाम्बिया,  मेक्सिको, पाकिस्तान,

बांग्लादेश, ताइवान, ज़िम्बाब्वे, थाईलैण्ड, कम्बोडिया, श्रीलंका, फ़िलीपीन्स, पैराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, लीबिया, इज़राइल, जापान, ईरान, सीरिया, दक्षिण कोरिया, ताजिकिस्तान, सोमालिया, अल्जीरिया, उज़्बेकिस्तान, पेरू, क्यूबा, लेबनान, इराक़, कोलम्बिया, यूनान, सउदी अरब, वेनेज़ुएला, स्पेन, बुल्गारिया, फ़िजी, साइप्रस, मलेशिया, नामीबिया, जॉर्जिया, मॉरिशस, इटली, कज़ाकिस्तान, पुर्तगाल, हंगरी, जॉर्डन आदि। 

2. भारत के गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान तथा पंजाब, हरियाणा राज्यों में मूंगफली की खेती की जाती है। 

पीनट बटर कैसे बनाया जाता है? – How is Peanut Butter Made?

दोस्तो, पीनट बटर दो प्रकार का होता है चिकना और चंकी यानि कुरकुरा। दोनों ही प्रकार का पीनट बटर बाजार में मिलता है। हां, इतना अवश्य है कि बाजार से मिलने वाला पीनट बटर अक्सर मीठा होता है और कई फ्लेवर में आता है जैसे कि चॉकलेट, वनीला आदि। 

फीका या नमकीन पीनट बटर बाजार में बहुत कम मिलता है। घर पर पीनट बटर बनाना बहुत ही आसान है और इसे अपनी स्वाद के अनुसार बना सकते हैं फीका, नमकीन और मीठा तथा इसमें अपनी पसंद के अनुसार फ्लेवर भी एड कर सकते हैं जैसे कि चॉकलेट, वनीला आदि। घर पर पीनट बटर बनाने का यह भी फायदा है कि यह एकदम शुद्ध होता है क्योंकि इसमें प्रिजरवेटिव्स नहीं होते। घर पर पीनट बटर बनाने विधि निम्न प्रकार है –

1. सबसे पहले मूंगफली के दाने लें और इनको कढ़ाई में हल्की आग पर भून लें। हल्की आग पर इसलिए भूनना चाहिए ताकि मूंगफली के दानों का तेल खत्म ना हो जाए।

2. भूनने के बाद मूंगफली के दानों को तुरन्त ठंडा करें और रगड़ कर इनका छिलका उतार लें।

3. अब यहां से आपकी पसंद शुरु होती है कि पीनट बटर आपको कैसा चाहिए क्रीमी यानि एकदम चिकना या चंकी यानि कुरकुरा। यदि चिकना चाहिए तो मूंगफली के दानों को मिक्सी में डालकर एकदम बारीक पीस लें और यदि चंकी चाहिए तो इनको मोटा यानि दरदरा पीस लें।

4. यदि आपको पीनट बटर फीका चाहिए तो मिक्सी में मूंगफली के दानों को पीसते समय वनस्पति तेल मिलाएं और इसे मिक्स करते रहें जब तक कि यह एकदम गाढ़ा पेस्ट ना बन जाए। चंकी पीनट बटर के लिये इनको तब तक मिक्स करें जब तक कि मूंगफली के छोटे-छोटे टुकड़ों का मोटा पेस्ट न बन जाए।

5. यदि आपको पीनट बटर नमकीन चाहिए तो मिक्सी में मूंगफली के दानों को पीसते समय वनस्पति तेल और थोड़ा सा नमक मिलाकर पेस्ट बनने तक मिक्स करते रहें।

6. यदि आपको पीनट बटर मीठा चाहिए तो मिक्सी में मूंगफली के दानों को पीसते समय वनस्पति तेल और एक या दो छोटी चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बनने तक मिक्स करते रहें। चॉकलेटी फ्लेवर के लिए इसमें चॉकलेट डालकर मिक्स करें। इसी प्रकार जो भी फ्लेवर आपको चाहिए उसी की सामग्री डालकर कर मिक्स करें।

7. इस पेस्ट को किसी जार में भरकर रख लें। बस यही है आपका पीनट बटर।

पीनट बटर के पोषक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) – Nutrients of Peanut Butter (Quantity per 100 Grams)

  • पानी : 1.23 ग्राम
  • एनर्जी : 598 kcal
  • प्रोटीन : 22.21 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉल : 0 मिलीग्राम
  • टोटल फैट : 51.36 ग्राम 
  • कार्बोहाइड्रेट : 22.31 ग्राम
  • शुगर : 10.49 ग्राम 
  • डायटरी फाइबर : 5.0 ग्राम
  • विटामिन-बी1 : 138 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी2 : 191 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी3 : 13.3 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी5 : 1.1 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी6 : 0.44 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी9 : 89 माइक्रोग्राम
  • विटामिन-ई    : 9.1 मिलीग्राम
  • विटामिन के   : 0.3 माइक्रोग्राम
  • आयरन         : 1.74 मिलीग्राम
  • कैल्शियम      : 49 मिलीग्राम
  • मैग्नीशियम     : 168 मिलीग्राम
  • फास्फोरस     : 335 मिलीग्राम
  • पोटेशियम     : 558 मिलीग्राम
  • सोडियम       : 17 मिलीग्राम
  • ज़िंक             : 2.51 मिलीग्राम
  • फैटी एसिड, 
  • टोटल सैचुरेटेड : 10.325 ग्राम
  • फैटी एसिड, 
  • टोटल मोनोअनसैचुरेटेड : 25.941 ग्राम
  • फैटी एसिड, 
  • टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड : 12.535 ग्राम
  • फैटी एसिड, 
  • टोटल ट्रांस : 0.075 ग्राम

पीनट बटर के उपयोग – Uses of Peanut Butter

पीनट बटर के उपयोग निम्न प्रकार से कर सकते हैं –

  • अन्य बटर के समान पीनट बटर को ब्रेड पर लगाकर सेवन कर सकते हैं।
  • मफिन्स के लिए पीनट बटर का उपयोग कर सकते हैं।
  • सूप में भी पीनट बटर को डाला जा सकता है।
  • दाल, तरी वाली सब्जी या साग में देशी घी के स्थान पीनट बटर डाल सकते हैं।
  • आमलेट बनाने के लिए घी के स्थान पर पीनट बटर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पीनट बटर खाने का समय – Peanut Butter Time

पीनट बटर खाने का कोई निश्चित समय नहीं है, आप इसे कभी भी खा सकते हैं। वैसे सुबह और शाम के नाश्ते में इसका सेवन किया जाये बेहतर है।  

पीनट बटर कितना खाना चाहिए? – How Much Peanut Butter Should One Eat?

पीनट बटर कितना खाना चाहिए इस संबंध में कोई मात्रा निर्धारित नहीं है। वैसे कम मात्रा में ही खाया जाए तो उचित होगा। पीनट बटर का एक चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को खाया जाए तो दिन भर के पोषक तत्व मिल जाते हैं।

पीनट बटर खाने के फायदे – Benefits of Eating Peanut Butter

1. ऊर्जा प्रदान करे (Provide Energy)- मूंगफली को ऊर्जा का पॉवर पैक कहा जाता है इसीलिए पीनट बटर को ऊर्जा के प्रमुख स्रोत माना जाता है। पीनट बटर में ऊर्जा भरपूर मात्रा में होती है। इसके अतिरिक्त इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन,  कार्बोहाइड्रेट्स और फास्फोरस मौजूद होते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का काम करते हैं। कभी थकावट या कमजोरी महसूस हो रही हो तो एक चम्मच पीनट बटर को ब्रेड पर लगाकर खा लीजिए आप में ऊर्जा का संचार होने लगेगा और थकावट उतरती चली जाएगी।

2. प्रोटीन की कमी पूरी करे (Makeup for Protein Deficiency)- शरीर में प्रोटीन की कमी होने से रोग प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ने लगती है, शरीर के ऊतकों और अंगों की हानि होने लगती है, शरीर में रक्त की कमी होने लगती है, बाल झड़ने लगते हैं, हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसलिए शरीर में प्रोटीन उचित मात्रा में उपस्थित रहना चाहिये। पीनट बटर प्रोटीन का खजाना है जो शरीर में इस कमी को पूरा करता है और इसकी कमी से होने वाले संभावित रोगों से बचाता है। 

ये भी पढ़े- प्रोटीन के फायदे

3. पाचन तंत्र में मदद करे (Help the Digestive System)- भोजन को पचाने के लिए फाइबर एक आवश्यक आवश्यकता है। फाइबर भोजन को पचाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। फाइबर ही भोजन को द्रव रूप में परिवर्तित करता है जिससे पाचन तंत्र को इसे पचाने में अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती और समय भी ज्यादा नहीं लगता। इस प्रकार फाइबर पाचन तंत्र के काम में मदद करता है। पीनट बटर में फाइबर की उच्च मात्रा मौजूद होती है जिससे भोजन को पचने में आसानी हो जाती है।

4. वजन को कंट्रोल करे (Control Weight)- पीनट बटर में मौजूद वसा नुकसान नहीं करती। इसके सेवन से मोटापा नहीं बढ़ता बल्कि यह वजन कम करने में मदद करता है। पीनट बटर में पानी, कैलोरी, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स उच्च मात्रा में पाए जाते हैं जो लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते और पेट भी भरा हुआ रहता है। सुबह नाश्ते में पीनट बटर का सेवन करने के बाद आपको कुछ भी खाने का मन नहीं करेगा।

लगभग दो बजे से पहले आपको भूख नहीं लगेगी। यह वजन को कंट्रोल करेगा और मोटापा नहीं बढ़ेगा। उल्टे आपका वजन कम हो सकता है। जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिये पीनट बटर एक बेहतरीन विकल्प है। 

5. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करे (Control Cholesterol)- पीनट बटर में एक विशेषता यह भी है कि कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है। इसके खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नहीं बढ़ता बल्कि यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है। एक शोध बताती है कि पीनट बटर के सेवन से खराब वाले कोलेस्ट्रॉल LDL में 14 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इसलिए रक्त धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। 

6. डायबिटीज में लाभकारी (Beneficial in Diabetes)- पीनट बटर के सेवन से डायबिटीज में भी फायदा होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम तथा फाइबर ब्लड में ग्लुकोज लेवल को सामान्य रखने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन और अनसैच्युरेटेड इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारने का काम करते हैं। 

पीनट बटर के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज की संभावना बेहद कम हो जाती है। जिन लोगों का शुगर लेवल लो में रहता है उनके लिये पीनट बटर एक अच्छा विकल्प है। वे इसके जरिये अपना शुगर लेवल सुधार सकते हैं। 

7. हृदय को स्वस्थ्य रखे (Keep Heart Healthy)- बढ़ता हुआ वजन, बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज ये सब हृदय रोगों को आमन्त्रित करते हैं। विशेषकर बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल। पीनट बटर में मौजूद पॉलीअनसैच्युरेटेड फैट, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल करते हुए इसे बढ़ने से रोकता है। इससे यह रक्त वाहिनियों में नहीं जमता। 

परिणामस्वरूप रक्त,  रक्तवाहिनियों में निर्बाध गति से प्रवाहित होता है जिससे हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। इससे हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता। वजन और डायबिटीज भी कंट्रोल में रहते हैं। पीनट बटर में मौजूद पोटेशियम भी इलेक्ट्रोलाइट और शरीर में द्रवों का संतुलन बनाए रखता है और यह रक्त वाहिनियों को भी आराम पहुंचाता है। इस प्रकार पीनट बटर के सेवन से हृदय सुरक्षित रहता है।

8. कैंसर से बचाव करे (Prevent Cancer)- यद्यपि कैंसर एक घातक और गंभीर रोग है जिसका डॉक्टरी इलाज ही उचित इलाज माना जाता है। परन्तु कुछ खाद्य पदार्थ कैंसर कोशिकाओं के विरुद्ध लड़ने में सक्षम होते हैं और कोशिकाओं को पनपने नहीं देते। पीनट बटर में भी यही बात है। इसमें उपस्थित रेस्वेराट्रोल (resveratrol) नामक पोषक तत्व, पॉलीफेनोल एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कैंसर कोशिकाओं से लड़ता है। 

पीनट बटर में पाए जाने वाला बी-साइटोस्टेरॉल एक प्रकार से फाइटोस्टेरॉल होता है जो कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर स्तन कैंसर व अन्य कैंसर के विरुद्ध लड़ने में सक्षम होता है। ये सभी गुण कैंसर से बचाव करने में मदद करते हैं। यह फाइटोस्टेरॉल मूंगफली के तेल में भी उपस्थित रहता है।

ये भी पढ़े- बोन कैंसर क्या है?

9. मस्तिष्क स्वास्थ के लिए फायदेमंद (Beneficial for Brain Health)- कहते हैं कि दूध, घी, मक्खन के सेवन से दिमाग तेज होता है। इससे स्मरणशक्ति बढ़ती है। पीनट बटर के सेवन से भी याददाश्त बढ़ जाती है। पीनट बटर में मौजूद रेस्वेराट्रोल यौगिक अल्जाइमर के मरीजों में तंत्रिका संबंधी नुकसान को रोकने का काम करता है।

अल्जाइमर एक ऐसा विकार है जिससे स्मरणशक्ति प्रभावित होती है। पीनट बटर में मौजूद नियासिन और विटामिन-ई, अल्जाइमर विकार की संभावना को 70 प्रतिशत तक कम करने में मदद करते हैं। 

10.  त्वचा के लिए फायदेमंद (Beneficial for Skin)- पीनट बटर के फायदे त्वचा स्वास्थ के लिए भी देखे जा सकते हैं। इसके सेवन से त्वचा शुष्क नहीं रहती, इसमें नमी बनी रहती है। पीनट बटर में मौजूद अर्जीनाइन नामक अमीनो एसिड शरीर में अमोनिया व अन्य विषाक्त पदार्थों के प्रभाव से त्वचा की रक्षा करता है। इसमें मौजूद फैटी एसिड त्वचा की सूजन और लालिमा को कम करने का काम करते हैं। 

ओमेगा-6, त्वचा को कोमल तथा नरम बनाये रखता है। पीनट बटर में मौजूद विटामिन-ई, क्लोरोजेनिक, कैफिक व फैरुलिक एसिड्स एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हुए एंटीएजिंग प्रभाव डालते हैं जिससे चेहरे की झुर्रियां और फाइनलाइन्स कम होने लगती हैं और आप अपनी वास्तविक उम्र से कम नजर आते हैं।

पीनट बटर खाने के नुकसान – Disadvantages of Eating Peanut Butter

पीनट बटर खाने के हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. जिन लोगों को मूंगफली से एलर्जी है उनको पीनट बटर खाना अवॉइड करना चाहिए क्योंकि एलर्जी के परिणाम स्वरूप उनको उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गैस, अस्थमा आदि की समस्या का सामना कर पड़ सकता है।

2. पीनट बटर बहुत अधिक मात्रा में खाने से मोटापा बढ़ सकता है।

3. पीनट बटर बहुत अधिक मात्रा में खाने से शरीर में फोलेट की मात्रा अधिक हो सकती है जिसके फलस्वरूप कोलन कैंसर की संभावना बन सकती है।

4. पीनट बटर का बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में सूजन की समस्याएं हो सकती है। 

5. यूरिक एसिड के मरीजों को पीनट बटर को अवॉइड करना चाहिए क्योंकि इससे उनकी समस्या और बढ़ सकती है। 

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको पीनट बटर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीनट बटर क्या है, मूंगफली का उत्पादन कहां होता है, पीनट बटर कैसे बनाया जाता है, पीनट बटर के पोषक तत्व, पीनट बटर के उपयोग, पीनट बटर खाने का समय और पीनट बटर कितना खाना चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से पीनट बटर खाने के बहुत सारे फायदे बताए और कुछ नुकसान भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।
Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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पीनट बटर के फायदे
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पीनट बटर के फायदे
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको पीनट बटर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीनट बटर क्या है, मूंगफली का उत्पादन कहां होता है, पीनट बटर कैसे बनाया जाता है, पीनट बटर के पोषक तत्व, पीनट बटर के उपयोग, पीनट बटर खाने का समय और पीनट बटर कितना खाना चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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