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सूप पीने के फायदे – Benefits of Drinking Soup in Hindi

सूप पीने के फायदे

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, कुछ बीमारियों में डॉक्टर हल्का खाना खाने की सलाह देते हैं विशेषकर पेट खराब होने पर। साथ ही फलों का ताजा जूस, नारियल पानी या अन्य तरल पदार्थ पीने की सलाह देते हैं ताकि भोजन सरलता से पच जाए और तरल पदार्थ से शरीर हाइड्रेट रहे, ऊर्जा बनी रहे और इम्युनिटी भी मजबूत रहे। डॉक्टर तरल पदार्थ में एक और वस्तु का सेवन करने को कहते हैं, वह है सूप। चूंकि सूप में विटामिन और खनिज होते हैं इसलिए यह स्वास्थ के लिये अत्यंत लाभकारी होता है। यह आसानी से पच जाता है, शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है तथा इम्युनिटी को भी बढ़ाता है। इसी लिये इसे सुपर फूड कहा जाता है। विवाह तथा अन्य समारोहों में भोजन में सूप की भी व्यवस्था की जाती है। आखिर ऐसा क्या है इसमें जो इसे विवाह समारोह में, भोजन में इसे शामिल किया जाता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “सूप पीने के फायदे”

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको सूप के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसके फायदे क्या हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि सूप क्या है और इसके प्रकार। फिर, इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

सूप क्या है? – What is Soup?

सूप एक ऐसा पेय पदार्थ है जो चबा-चबा कर खाया जाता है ठीक उसी प्रकार जैसे मैंगो शेक में पड़े ड्राई-फ्रूट्स को चबा-चबा कर खाया जाता है और साथ-साथ मैंगो शेक को पीया जाता है। इसी तरह सूप को पीने के साथ-साथ इसमें पड़ी सामग्री को चबा-चबा कर खाया जाता है। कुछ विद्वान इसे खाद्य पदार्थ मानते हैं जबकि वास्तव में सूप और मैंगो शेक दोनों ही पेय पदार्थ हैं। इनके लिये “पीना” शब्द का उपयोग किया जाता है जैसे कि ‘मैंने सूप पीया, मैंने मैंगो शेक पीया’। 

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कोई यह नहीं कहता कि ‘मैंने सूप खाया, मैंने मैंगो शेक खाया’। अतः सूप एक पेय पदार्थ है जो पानी के साथ मिलाकर बनाया जाता है तथा भोजन करने से बहुत पहले (लगभग आधा या एक घंटा पहले) पीया जाता है। यह पीने में बहुत स्वादिष्ट लगता है तथा इसके पीने से भूख खुलकर लगती है। सूप को रोजाना खाना खाने से पहले रेगुलर मेडिसिन के रूप में लिया जा सकता है जैसे कि रेगुलर यूज मेडिसिन (रम RUM शराब) को।

रम से भी भूख खुलकर लगती है परन्तु रम और सूप में बहुत बड़ा अंतर यह है कि रम से नशा होता है और इम्युनिटी नहीं बढ़ती जबकि सूप से नशा नहीं होता और इम्युनिटी बढ़ती है। सूप में विद्यमान पोषक तत्वों के कारण इसे पोषण का पावर हाउस कहा जाता है। इसीलिए सूप स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है। दोस्तो, सूप दो रूप में मिलता है एक कैन्ड जिसे डिब्बाबंद कहा जाता है और दूसरा पाउडर के रूप में। 

डिब्बाबंद सूप Ready to Eat होते हैं, इसको पानी में मिलाकर बनाया जाता है जबकि पाउडर के रूप में सूप पाउच में मिलता है। इसमें सूखी सब्जियां, नमक, एमएसजी, लहसुन, प्याज, हाइड्रोलाइज्ड वेजीटेबल प्रोटीन, तेल, अर्क और सिंथेटिक फ्लेवर्ड कंपाउड्स मौजूद होते हैं। इसे पानी में उबालकर तैयार किया जाता है। 

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सूप के प्रकार – Types of Soup? 

दोस्तो, सूप दो ही प्रकार का होता है – नॉन वेज सूप और वेज सूप। विवरण निम्न प्रकार है। इस आर्टिकल में हम वेज सूप पर ही फोकस करेंगे। 

1. नॉन वेज सूप (Non Veg Soup)- जैसा कि नाम से जाहिर है कि यह एक मांसाहार सूप होता है। मांसाहारियों के लिये बहुत ही उत्तम सूप है। यह हड्डियों या लेग पीस को उबालकर बनाया जाता है। इसे हड्डियों का शोरबा कहा जाता है। यह बकरी, भेड़ का बच्‍चा (lamb), हिरण, चिकन या मछली आदि की हड्डियों से तैयार किया जाता है। नॉन वेज सूप की श्रेणी में चिकन सूप भी आता है जो चिकन से बनता है। 

2. वेज सूप (Veg Soup)- शाकाहारी लोगों के लिये यह एक उत्तम विकल्प है। वेज सूप सब्जियों से तैयार किया जाता है। यह बहुत सारी सब्जियों को मिलाकर भी तैयार किया जाता है या केवल एक सब्जी का उपयोग करते हुए बनाया जा सकता है। संक्षेप में विवरण निम्न प्रकार है –

(i) मिक्स वेज सूप (Mix Veg Soup)- मिक्स वेज सूप कई सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है। इसके लिए गाजर, गोभी, शिमला मिर्च, मटर, टमाटर, बीन्स आदि सब्जियों का उपयोग किया जाता है।

(ii) टमाटर सूप (Tomato Soup)- यह सबसे अधिक प्रचलित सूप है और लोकप्रिय भी। लोग इसे सबसे ज्यादा पीना पसंद करते हैं।  विटामिन-ए और सी से भरपूर यह सूप ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है साथ ही हड्डियों और हृदय स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है। 

(iii) पालक का सूप (Spinach Soup)- एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेट्री तथा अन्य गुणों से भरपूर पालक का सूप हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है माना जाता है। इसमें कई विटामिन तथा आयरन जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इससे शरीर में रक्त की कमी भी नहीं होती।

(iv) कद्दू का सूप (Pumpkin Soup)- कद्दू का सूप इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित करते हुए शरीर को हाइड्रेट रखता है। यह अपच और पेट के संक्रमण की समस्या को दूर करता है। इसमें ऊर्जा हाई होती है और कैलोरी में कम। यह थकावट से राहत दिलाता है।

(v) पत्ता गोभी सूप (Cabbage Soup)- यह विटामिन-बी, सी और के से समृद्ध होता है। यह शरीर को डिटॉक्स कर विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है।

(vi) मशरूम सूप (Mushroom Soup)- प्रोटीन से भरपूर मशरूम सूप प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, साथ ही यह शरीर को डिटॉक्स करता है। इसमें विटामिन-बी, डी, पोटेशियम, कॉपर, फाइबर, आयरन और सेलेनियम की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है। 

(vii) दाल का सूप (lentil soup)- दाल का सूप अधिकतर मूंग की दाल का बनाया जाता है। वैसे अन्य दालें भी इसमें शामिल की जा सकती हैं। यह सूप प्रोटीन का भरपूर स्रोत होता है। इसमें मौजूद घुलनशीन फाइबर खराब वाले कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करता है तथा ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करता है।

सूप के गुण – Properties of Soup

1. सूप की तासीर गर्म होती है। इसी लिए इसका अधिकतर सेवन सर्दी के मौसम में किया जाता है। 

2. सूप का स्वाद नमकीन और लुभावना होता है। Sweet & Sour जैसे सूप में मिठास और खट्टापन भी होगा। 

3. इसकी खुश्बू सूप में पड़ी सामग्री के आधार पर होती है। 

4. सूप में अलग-अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो सब्जियों के अलग-अलग रंग के आधार पर होते हैं जो शरीर को उन फ्री रेडिकल्स से बचाने का काम करते हैं, जो शरीर के ऊतकों को क्षति पहुंचाते हैं।

5. सूप में एंटीइंफ्लेमेट्री और डिटॉक्सीफाइंग गुण भी मौजूद होते हैं। 

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सूप के पोषक तत्व (प्रति सेवारत मूल्य) – Soup Nutrients (value per serving)

  • ऊर्जा : 134 kcal
  • फैट : 7.9 ग्राम
  • प्रोटीन : 2.6 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट : 13.9 ग्राम
  • फाइबर : 4.3 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉल : 0 मिलीग्राम
  • विटामिन-ए : 568.7 माइक्रोग्राम 
  • विटामिन-बी1 : 0.2 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी2 : 0.1 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी3 : 0.9 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी6 : 0.4 मिलीग्राम
  • विटामिन-बी9 : 42.6 माइक्रोग्राम
  • विटामिन-सी : 1.9 मिलीग्राम
  • विटामिन-ई : 3.4 मिलीग्राम
  • विटामिन-के : 10.1 माइक्रोग्राम
  • फास्फोरस : 118.9 मिलीग्राम
  • आयरन : 1.1 मिलीग्राम
  • कैल्शियम : 74.8 मिलीग्राम
  • मैग्नीशियम : 27.8 मिलीग्राम
  • पोटेशियम : 243.4 मिलीग्राम
  • मैंगनीज : 0.6 मिलीग्राम
  • सोडियम : 108 मिलीग्राम
  • ज़िंक : 0.5 मिलीग्राम
  • कॉपर : 0.6 मिलीग्राम

सूप पीने का सही समय – Right Time to Drink Soup 

1. दोस्तो, सूप पीने का कोई विशेष समय निर्धारित नहीं है। इसे सुबह, दोपहर और रात के भोजन से पहले पीया जा सकता है। 

2. आहार विशेषज्ञों के अनुसार सुबह खाली पेट सूप पीना अधिक लाभदायक होता है क्योंकि यह शीघ्र ही अवशोषित हो जाता है।

सूप कितना पीना चाहिए? – How Much Soup Should One Drink?

दोस्तो, वैसे तो सूप की मात्रा निर्धारित नहीं है, परन्तु विशेषज्ञों का मानना है कि 5 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को 50 मिली लीटर सूप पीने को दिया जा सकता है। व्यस्क व्यक्ति 200 से 300 मिली लीटर सूप पी सकते हैं।

सूप पीने के फायदे – Benefits of Drinking Soup

1. इम्युनिटी बूस्ट करे (Boost Immunity)- वेजिटेबल सूप पीने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके पीने इम्युनिटी मजबूत होती है जिससे संक्रमण के कारण होने वाले रोगों की संभावना बहुत कम रहती है। सूप में मौजूद विटामिन-सी अपने आप में एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो इम्युनिटी बढ़ाने का काम करता है।

इसके अतिरिक्त सूप में फास्फोरस, ज़िंक, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जैसे खनिज भी इम्युनिटी बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। लगभग हर सब्जी में विटामिन-सी की भरमार होती है।

2. पाचन तंत्र मजबूत बने (Digestive System Becomes Stronger)- वेज सूप हल्का होता है और पचने में आसान होता है। लगभग हर सब्जी में फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है यहां तक कि मूंग और मसूर की दाल में भी फाइबर मौजूद होता है। यह फाइबर भोजन को द्रव रूप में बदलकर पाचन के लिए आसान बना देता है। पाचन तंत्र को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। 

बीमारी में पाचन तंत्र की गति धीमी हो जाती है। इसलिए जब रोजाना सूप लिया जाएगा तो यह पाचन तंत्र को सक्रिय कर देगा। सर्दियों में रोजाना सूप पीने से कब्ज, पेट में गैस आदि की समस्या नहीं रहती क्योंकि सूप भोजन पचाने में पाचन तंत्र की मदद करता है। यहां एक बात ध्यान देने योग्य है कि सूप में बटर या क्रीम नहीं होने चाहिएं। 

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3. रक्त संचार में सुधार करे (Improve Blood Circulation)- हरी सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती हैं। ये गुण सूप में आना स्वाभाविक है जो कि रक्त संचार में सुधार करने मदद करते हैं। टमाटर में पाए जाने वाला लाइकोपीन रक्त को शुद्ध करने का काम करता है। सब्जियों में पाए जाने वाले एंटीइंफ्लेमेट्री और डिटॉक्सीफाइंग गुण रक्त प्रवाह से विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। सब्जियों में मौजूद विटामिन-के ब्लड क्लॉटिंग, और ब्लड कैल्शियम लेवल को रेगुलेट करने का काम करता है। 

4. सर्दी से बचाव करे (Protect from Cold)- सर्दियों के मौसम में सर्दी भगाने के लिये लोग चाय या कॉफी कई-कई बार पीते हैं फिर भी उनका शरीर गर्म नहीं रहता। जुकाम या गला खराब होने की समस्या भी बनी रहती है। इसलिए बेहतर है कि दो बार सूप पी लिया जाए। 

सूप की तासीर गर्म होने के कारण शरीर गर्म रहता है। यदि सूप में काली मिर्च और जीरा भी मिला दिया जाए तो यह सर्दियों का एक परफैक्ट पेय पदार्थ बन जाता है। यह सूप ना केवल सर्दी से आपको बचाएगा बल्कि खांसी, जुकाम, गला खराब आदि रोगों से भी राहत दिलाएगा। 

5. शरीर को हाइड्रेट रखे (Keep the Body Hydrated)- जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि लोग सर्दी के मौसम में चाय या कॉफी कई-कई बार पीते हैं। हम यहां स्पष्ट कर दें कि इन कैफीन युक्त पेय पदार्थों से थोड़ी देर के लिए तो सर्दी से राहत मिलती है परन्तु लंबे समय तक नहीं। दूसरी मुख्य बात यह है कि इनसे शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ने लगती है। 

इसलिये बेहतर है कि सर्दी भगाने और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिये सब्जियों का सूप पीया जाए। सूप शरीर को हाइड्रेट उसी प्रकार रखता है जैसे कि फलों का जूस रखता है। इससे शरीर में पोषक तत्व भी बने रहेंगे। 

6. तुरन्त ऊर्जा दे (Give Instant Energy)- विटामिन-सी को ऊर्जा का आधार माना जाता है तभी तो नमक, चीनी मिला हुआ नींबू पानी पीते ही शरीर में तुरन्त ऊर्जा का संचार कर देता है। ठीक इसी प्रकार सब्जियों में विटामिन-सी तथा कई अन्य खनिज मौजूद होते हैं जो शरीर को तुरन्त ऊर्जा प्रदान करने का काम करते हैं। 

काम की वजह से दिन भर की थकान, सूप पीते ही फौरन खत्म हो जाती है। कोई बीमार पड़ के उठा है तो उसे कमजोरी महसूस होती है। इसे दूर करने के लिये रोजाना एक कप सूप पीना चाहिए।

7. भूख बढ़ाए (Increase Appetite)- जिन लोगों को भूख नहीं लगती या कम लगती है उनके लिए वेजिटेबल सूप एक उत्तम उपाय है। इसका स्वाद बहुत स्वादिष्ट और मनभावन होता है। इसे पीने के बाद भोजन के प्रति आपकी रूचि जागृत होने लगती है। धीरे-धीरे भूख लगने लगती है। यह भूख को बढ़ाने का काम करता है। इसे पीने के एक या डेढ़ घंटे बाद आपको भोजन करने की इच्छा उत्पन्न हो जाएगी। 

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8. म्यूकस पतला करे (Thin out Mucus)- सर्दी के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस का जोखिम बढ़ जाता है जिससे शरीर में इंफेक्शन फैलता है और हम बीमार पड़ जाते हैं। इसका परिणाम यह भी होता है कि खांसी, जुकाम, बुखार से छाती और नाक में बलगम जमकर मोटा हो जाता है। 

नाक बंद होने पर सांस लेने में बहुत दिक्कत होती है। छाती में भी घरड़-घरड़ होने लगती है। ऐसी हालत में वेजिटेबल सूप देवदूत बनकर आता है और म्यूकस को पतला करता है। डॉक्टर्स भी म्यूकस को पतला करने के लिए रोजाना सूप पीने की सलाह देते हैं क्योंकि इसके पीने से आराम आ जाता है।

9. वजन कम करे (Lose Weight)- विशेषज्ञों का मानना है कि सूप का सेवन करने से वजन कम होने में मदद मिलती है। इस बात की पुष्टि कई अध्धयन कर चुके हैं। इसके पीछे का तर्क यह है कि ठोस आहार की तुलना में सूप से पेट जल्दी भर जाता है और लंबे समय तक भरा रहता है। सूप में कैलोरी बहुत कम होती है और पानी की मात्रा अधिक। साथ ही फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है।

पानी और फाइबर भूख शांत करने में मदद करते हैं तथा शरीर भी हाइड्रेट रहता है। वजन कम करने के मतलब से मसूर की दाल का बना हुआ सूप सबसे अच्छा माना जाता है, इसमें फाइबर भी अधिक होता है। शाम को सूप पीने से रात के भोजन में अधिक कैलोरी लेने से बच जाते हैं। फाइबर फैट कम करने तथा मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करता है।

10. कैंसर का जोखिम कम करे (Reduce Cancer Risk)- वेजिटेबल सूप को कैंसर का जोखिम कम करने में मददगार माना जाता है। सब्जियों के साथ पड़ने वाले लहसुन और प्याज कैंसर के जोखिम को कम करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। लहसुन में उपस्थित एलिसिन कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने का काम करता है और प्याज में उपस्थित क्वार्सेटिन (quercetin) ट्यूमर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। अलग-अलग देशों के अलग-अलग सूप कैंसर का जोखिम को कम करने में सक्षम होते हैं।

सूप पीने के नुकसान – Side Effect of Drinking Soup

दोस्तो, सामान्यतः सूप पीने से कोई नुकसान नहीं होता क्योंकि यह सम्पूर्ण भोजन का हिस्सा नहीं है। इसलिए इसे पेट भरने के लिए नहीं पीया जाता। फिर भी इसके हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. जिन लोगों को सूप पीना माफिक नहीं आता ( Does not suit) उनको सूप पीने के चार घंटे के अंदर उल्टी और दस्त होने की शिकायत हो जाती है। इसीलिए सूप को स्टैफ फूड पॉइजनिंग कहा जाता है। 

2. सूप अधिक मात्रा में पीने से पेट में गैस बन सकती है। पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त की शिकायत हो सकती है।

3. असावधानी या जल्दबाजी में सूप पीने से जीभ जल सकती है। इसकी जलन कॉफी की जलन के समान तेज होती है।

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको सूप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सूप क्या है?, सूप के प्रकार, सूप के गुण, सूप के पोषक तत्व, सूप पीने का सही समय और सूप कितना पीना चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से सूप पीने के बहुत सारे फायदे बताए और कुछ नुकसान भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।
Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको सूप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सूप क्या है?, सूप के प्रकार, सूप के गुण, सूप के पोषक तत्व, सूप पीने का सही समय और सूप कितना पीना चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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