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स्पाइडर वेंस क्या है? – What are Spider Veins in Hindi

स्पाइडर वेंस क्या है

स्वागत है हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, आपने कभी किसी को नोटिस किया होगा कि किसी के पैर पर या चेहरे पर बाजू पर नसों का जाल सा होता है। इस जाल का रंग लाल, नीले या बैंगनी होता है। वास्तव में नसों के इस रूप को मकड़ी जाल ही कहा जाता है यानि स्पाइडर वेंस (Spider veins)। देखने में ये बुरी लगती हैं मगर इनसे कोई बड़ा नुकसान नहीं होता, ये हानिरहित होती हैं। स्पाइडर वेंस को टेलैंगिएक्टेसियास (telangiectasias) के रूप में जाना जाता है और इनको थ्रेड वेंस (Thread veins) भी कहा जाता है। स्पाइडर वेंस की समस्या का इलाज भी आसानी से सफलतापूर्वक हो जाता है। आखिर यह स्पाइडर वेंस हैं क्या?। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “स्पाइडर वेंस क्या है?”। 

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको स्पाइडर वेंस के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसका उपचार क्या है। तो, सबसे पहले जानते हैं कि स्पाइडर वेंस क्या है और स्पाइडर वेंस की संभावना। फिर, इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

स्पाइडर वेंस क्या है? – What are Spider Veins

बहुत ही सरल भाषा में कहा जाए तो समझिए कि नसों के विकृत रूप को स्पाइडर वेंस (Spider veins) कहा जाता है। नसों का यह विकृत रूप मकड़ी के जाल अथवा वृक्ष की शाखाओं के समान दिखाई देता है। ये विकृत नसें त्वचा की सतह के नीचे दिखाई देती हैं। ये नसें विकृत अवस्था में तब आती हैं जब किसी कारणवश क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। स्पाइडर वेंस का रंग लाल, नीले या बैंगनी दिखाई दे सकता है। 

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ये अक्सर पैरों पर या चेहरे पर होती हैं परन्तु इनके अलावा शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकती हैं जैसे कि होंठ, नाक, आंख, उंगलियां, हाथ, ऊपरी जांघों, घुटने के जोड़ के नीचे, टखने आदि। स्पाइडर वेंस की समस्या अक्सर 50 वर्ष से अधिक आयु को लोगों को होती है। यद्यपि स्पाइडर वेंस कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं पहुंचातीं फिर भी कुछ सामान्य लक्षण प्रकट हो सकते हैं जिनकी वजह से व्यक्ति इस स्थिति में असहज महसूस करता है। स्पाइडर वेंस का व्यास लगभग 0.5 से 1 मिलीमीटर तक होता है। स्पाइडर वेंस को टेलैंगिएक्टेसियास (telangiectasias) भी कहा जाता है।

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स्पाइडर वेंस की संभावना –  Possibility of Spider Veins

आयु के हिसाब से स्पाइडर वेंस होने की संभावना निम्न प्रकार है –

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  • 30 से 40 वर्ष की आयु :  25 प्रतिशत पुरुषों में।  
  • 40 से 50 वर्ष की आयु : 50 प्रतिशत महिलाओं में। 
  • 60 से 70 वर्ष की आयु : 75 प्रतिशत महिलाओं में।
  • 70 वर्ष से अधिक आयु :  50 प्रतिशत पुरुषों में।

स्पाइडर वेंस के कारण – Cause of  Spider Veins

स्पाइडर वेंस के प्रमाणिक और स्पष्ट कारण अज्ञात हैं परन्तु अनुमान के अनुसार इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं – 

1. गर्भावस्था (Pregnancy)- गर्भावस्था में नसों पर तेज दबाव पड़ने की वजह से स्पाइडर वेंस नजर आ सकती हैं। 

2. रोसैसिया (Rosacea)- यह दीर्घकालिक सूजन वाली त्वचा की स्थिति है जिसमें नाक और गालों पर दाने बन जाते हैं और त्वचा लाल हो जाती है। रोसैसिया की समस्या चेहरे पर नसों को प्रभावित करती है जिससे स्पाइडर वेंस प्रकट होता है। 

3. डर्माटोमोसिटिस (Dermatomyositis)- यह एक ऐसी समस्या है जिसमें त्वचा और मांसपेशियों के ऊतकों में सूजन हो जाती है। इस स्थिति में स्पाइडर वेंस की समस्या होती है।

4. सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (Systemic Lupus Erythematosus)- यह प्रतिरक्षा प्रणाली विकार है जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली स्वयं के ऊतकों की क्षति करने लगती है। इस प्रक्रिया में त्वचा की संवेदनशीलता सूर्य के प्रकाश तथा अधिक तापमान के प्रति बढ़ जाती है। इसके फलस्वरूप स्पाइडर वेंस की समस्या बन सकती है।

5. कॉर्टिकोस्टेरॉइड (Corticosteroids)- यह एक प्रकार का स्टेरॉयड हार्मोन है जिसका अधिक और लंबे समय तक सेवन करने से त्वचा पतली और कमजोर पड़ जाती है। अतः यह स्पाइडर वेंस का कारण बनता है। 

6. स्क्लेरोडर्मा (Scleroderma)- स्क्लेरोडर्मा बीमारियों के एक समूह का नाम है जो कि दुर्लभ स्थिति होती है। यह त्वचा को कसने और सख्त करने का काम करती है तथा जरूरत से ज्यादा अधिक मोटे ऊतकों का निर्माण करती है। यह स्थिति भी स्पाइडर वेंस को प्रकट कर सकती है। 

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7. उम्र (Age)- एज़ फैक्टर भी स्पाइडर वेंस का कारण है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ रक्त वाहिकाओं का कमजोर होना स्वाभाविक है। बुजुर्ग लोगों में स्पाइडर वेंस का प्रतिशत अधिक है। 

8. शराब (Liquor)- अधिक और लंबे समय तक शराब का सेवन करने से लिवर को हानि पहुंचती है। लिवर से संबंधित समस्या या लिवर खराब होने पर स्पाइडर वेंस की स्थिति बन जाती है। 

स्पाइडर वेंस के जोखिम कारक – Risk Factors for Spider Veins

निम्नलिखित जोखिक कारक स्पाइडर वेंस की संभावना को बढ़ा सकते हैं –

  • आनुवंशिक
  • अधिक वजन होना यानि मोटापा
  • लिंग (महिलाओं में अधिक होने का जोखिम रहता है)
  • हार्मोन्स में परिवर्तन
  • त्वचा पर अधिक दबाव पड़ना
  • सूरज की किरणों के अधिक संपर्क में रहना
  • ब्लड क्लॉटिंग, पहले कभी हुई हो
  • नसों की क्षति, पहले कभी हुई हो

स्पाइडर वेंस के लक्षण –  Symptoms of Spider Veins

यद्यपि स्पाइडर वेंस एक हानि रहित स्थिति है मगर कुछ निम्नलिखित लक्षण व्यक्ति को परेशान कर सकते हैं –

  1. प्रभावित त्वचा पर लाल, लाल, नीले या बैंगनी रंग का मकड़ी के जाल की तरह नसें दिखाई देना
  2. प्रभावित त्वचा में दर्द महसूस करना
  3. प्रभावित त्वचा पर खुजली लगना
  4. मल में रक्त आना
  5. सांस लेने में दिक्कत होना
  6. लगातार नाक बहना
  7. बार-बार छींक आना
  8. दौरे पड़ना, ऐसे मामले दुर्लभ होते हैं

स्पाइडर वेंस का निदान – Diagnosis of Spider Veins

स्पाइडर वेंस के निदान के लिए निम्नलिखित टेस्ट किए जा सकते हैं –

1. शारीरिक परीक्षण (Physical Examination)– इस परीक्षण के तहत मरीज की प्रभावित त्वचा का परीक्षण किया जाता है, यदि सूजन है तो इसकी गंभीरता का अवलोकन किया जाता है। इस परीक्षण के लिये मरीज को कई बार खड़े होने और बैठने के लिए कहा जा सकता है।

2. डुप्लेक्स अल्ट्रासाउंड (Duplex Ultrasound)- यह एक ऐसा टेस्ट है जिसमें कोई दर्द नहीं होता और मात्र 30 मिनट में ही पूरा हो जाता है। इस टेस्ट को रक्त प्रवाह की गति और पैर की नसों की संरचना को देखने और सुनने के लिए किया जाता है जिसमें हाई फ्रीक्वेंसी साउंड वेव्स का उपयोग किया जाता है। इस टेस्ट के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते।

3. रंग-प्रवाह इमेजिंग (Color-flow Imaging) – इसे ट्रिपलक्स अल्ट्रासाउंड भी कहते हैं। यह डॉपलर अल्ट्रासाउंड की उन्नत तकनीक है। इसमें विभिन्न रंगों का उपयोग किया जाता है ताकि रक्त प्रवाह दिशा निर्दिष्ट की जा सके और अल्ट्रासाउंड के परिणाम की सरल व्याख्या हो सके। 

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4. वेनोग्राफी (Venography)- इसे चुंबकीय अनुनाद वेनोग्राफी (Magnetic resonance venography – MRV) कहा जाता है, नसों में रक्त के धक्कों का पता लाने के लिए वेनोग्राफी की जाती है। इसके अतिरिक्त पैर दर्द के अन्य कारणों का भी पता लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत कैथेटर द्वारा एक विशेष डाई को बोन मेरो या नसों में डालते हैं फिर बाद में नसों का एक्स-रे किया जाता है। 

स्पाइडर वेंस का इलाज –  Treatment of Spider Veins

स्पाइडर वेंस के उपचार में निम्नलिखित विधि अपनाई जा सकती हैं –

1. स्क्लेरोथेरेपी (Sclerotherapy)- इसके अंतर्गत इंजेक्शन के जरिए नस में एक केमिकल सॉल्यूशन युक्त दवा डाली जाती है। यह दवा नसों को ब्लाक कर देती है, फिर नसों का इलाज किया जाता है। 

2. थर्मोकोएग्यूलेशन (Thermocoagulation)- इस विधि के अंतर्गत एक छोटी सुई के जरिए हाई फ्रीक्वेंसी पल्स ट्रांसमिटेड से पैदा हुई हीट को नस में डाला जाता है। 

3. माइक्रो फ्लेबेक्टोमी (Micro Phlebectomy)- उपचार की इस विधि में त्वचा में चीरा लगाकर अथवा त्वचा को सुई से पंक्चर करके स्पाइडर वेंस को हटा दिया जाता है।

4. लेजर थेरेपी (Laser Therapy)- इसमें हाथ से पकड़े जाने वाली डिवाइस का उपयोग किया जाता है जो लेजर में फोटॉन से एनर्जी को सोखकर स्पाइडर वेंस को गर्म करती है। इसमें मरीज को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि उसे दर्द ना हो। इस प्रक्रिया में आधा घंटा लग जाता है। एनेस्थीसिया का प्रभाव खत्म होने पर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है।

5. एंडोस्कोपिक वेन सर्जरी (Endoscopic Vein Surgery)- उपचार की इस प्रक्रिया को तब किया जाता है जब असामान्य नसें त्वचा अल्सर की वजह बनने लगें। इस प्रक्रिया में एक पतली ट्यूब का उपयोग किया जाता है। इसमें एक छोटा सा कैमरा लगा होता है और आखिरी छोर पर सर्जिकल डिवाइस लगी होती है। इस ट्यूब को त्वचा पर कट लगाकर नस में डाला जाता है और नस को ब्लॉक कर दिया जाता है।

स्पाइडर वेंस के घरेलू उपाय –  Home Remedies for Spider Veins

अब जानते हैं कुछ निम्नलिखित घरेलू उपायों के बारे में जिनके जरिए स्पाइडर वेंस के लक्षणों से राहत पाई जा सकती है – 

1. अंगूर के बीज का रस (Grape Seed Juice)- स्पाइडर वेंस के लक्षणों से राहत पाने के लिए अंगूर के बीजों के रस का सेवन करें।  अंगूर के बीज के रस में बायोफ्लेवोनॉइड्स होते हैं। इनको ओलिगोमेरिक प्रोएन्थोसाइनिडिन कॉम्प्लेक्स के नाम से जाना जाता है। ये ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने का कार्य करते हैं।

2. सेब का सिरका (Apple Vinegar)- सेब का सिरका भी ब्लड सर्कुलेशन में सुधार कर स्पाइडर वेंस के लक्षणों से राहत दिला सकता है। इसके लिए सेब के सिरके में एक साफ़ कपड़ा भिगोकर प्रभावित त्वचा पर चारों ओर लपेट लें। इस प्रक्रिया को दिन में दो या तीन बार कर सकते हैं। 

3. ठंडी सिकाई (Cold Compress)- स्पाइडर वेंस के लक्षणों को कम करने के लिए ठंडी सिकाई एक बेहतरीन उपाय है। इसके लिए बर्फ़ का इस्तेमाल करें। बर्फ़ के अद्भुत गुण इस समस्या से राहत दिला सकते हैं। एक कपड़े में बर्फ़ रखकर प्रभावित क्षेत्र पर रखकर सिकाई करें। इसे दिन में दो, तीन बार कर सकते हैं। ठंडी सिकाई के लिए बाजार में आइसपैक आते हैं जिनको सिकाई के बाद फ्रिज में रख सकते हैं ताकि फिर से इस्तेमाल किया जा सके।

4. मालिश (Massage)- तेलों की मालिश से भी स्पाइडर वेंस के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके लिए सरसों का तेल, जैतून का तेल, नारियल तेल, जेरेनियम का इस्तेमाल कर सकते हैं।  बेहतर होगा यदि मालिश किसी प्रोफेशनल से कराई जाए।

5. विच हेजल ऑयल (Witch Hazel Oil)- विच हेजल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण उपस्थित होते हैं जो स्पाइडर वेंस की वजह से होने वाली सूजन को कम करने का काम करते हैं और साथ ही दर्द को भी खत्म करते हैं  इसके लिए कॉटन की मदद से विच हेजल ऑयल को प्रभावित स्थान पर लगाएं और लगभग आधा घंटा लगे रहने दें। कुछ ही दिनों में आराम लग जाएगा। 

6. लहसुन (Garlic)- लहसुन अपने आप में एक आयुर्वेदिक औषधी है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट, दर्द निवारक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के अतिरिक्त और भी अनेक गुण मौजूद होते हैं जो दर्द और सूजन को खत्म करने का काम करते हैं। स्पाइडर वेंस के उपचार के लिए कुछ लहसुन की कलियों को पीसकर, रबिंग अल्कोहल की कुछ बूंदें मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाकर आधा घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में पानी से धो लें। इससे ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार आएगा। 

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7. कच्चा टमाटर (Raw Tomato)- हरा टमाटर यानि कच्चा टमाटर भी ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है। स्पाइडर वेंस की स्थिति में कच्चा टमाटर काटकर किसी कपड़े में रखकर प्रभावित स्थान पर बांध दें। 

8. अदरक (Ginger)- एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, दर्द निवारक और कई अन्य गुणों से भरपूर अदरक ब्लड सर्कुलेशन को सही रखती है, दर्द और सूजन को कम करती है। इसलिए अदरक का सेवन किसी ना किसी रूप में करना चाहिए। थोड़ी सी अदरक को कूटकर पानी में अच्छी तरह उबालकर पीएं। स्पाइडर वेंस के लक्षणों में आराम लग जाएगा। 

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको स्पाइडर वेंस  के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्पाइडर वेंस क्या है?, स्पाइडर वेंस की संभावना, स्पाइडर वेंस के कारण, स्पाइडर वेंस के जोखिम कारक, स्पाइडर वेंस के लक्षण, स्पाइडर वेंस का निदान और स्पाइडर वेंस का इलाज, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से स्पाइडर वेंस के बहुत सारे घरेलू उपाय भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

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Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको स्पाइडर वेंस  के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्पाइडर वेंस क्या है?, स्पाइडर वेंस की संभावना, स्पाइडर वेंस के कारण, स्पाइडर वेंस के जोखिम कारक, स्पाइडर वेंस के लक्षण, स्पाइडर वेंस का निदान और स्पाइडर वेंस का इलाज, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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