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सूखा नारियल खाने के फायदे – Benefits of Eating Dry Coconut in Hindi

सूखा नारियल खाने के फायदे

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, आज हम आपको एक ऐसे फल के बारे में बताएंगे जो सूखे मेवे की श्रेणी में आता है मगर इसे पीया जाता है और खाया जाता है। इसे ऊपर से छीलकर, हल्का सा छेद करके, कागज का पाइप डालकर इसका पानी पीया जाता है और इसकी मलाई खाई जाती है। पकने पर फल को फोड़कर इसकी गिरि खाई जाती है जो बहुत मीठी होती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं नारियल की। नारियल जिसका पानी अमृत समान होता है। नारियल को अमृत कलश की संज्ञा दी जाती है जो देवी लक्ष्मी जी के हाथ में भी है। इसीलिये इसका धार्मिक अनुष्ठानों में भी उपयोग किया जाता है। नारियल का पानी पीना या नारियल की गिरि खाना स्वास्थ के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। मगर सूखे नारियल का सेवन करना, इसकी बात ही कुछ और होती है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी होता है। इसे कई रूपों में इस्तेमाल किया जाता है। आखिर यह सूखा नारियल है क्या?। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “सूखा नारियल खाने के फायदे”।

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको सूखे नारियल के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसके क्या फायदे होते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि नारियल क्या है और सूखा नारियल क्या है। फिर, इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

नारियल क्या है? – What is Coconut?

नारियल एक फल है जिसको सुखाए जाने पर यह ड्राईफ्रूट की श्रेणी में आता है। जब यह कच्चा होता है तो इसका ऊपर का छिलका हरे रंग का होता है। यह हल्का सा सख्त होता है। इसमें पानी भरा होता है जिसे नारियल पानी कहा जाता है। लोग इस नारियल पानी को बड़े चाव से पीते हैं। मगर जब यह फल पक जाता है तो भी इसमें पानी भरा होता है मगर कम मात्रा में। इसका छिलका बहुत कठोर जटाओं में बदल जाता है। इन जटाओं को हटाकर, इसे फोड़कर इसके अंदर से सफेद रंग की मोटी परत निकाली जाती है। 

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इसे नारियल गिरि या गोला गिरि कहा जाता है। मगर जब नारियल तोड़कर साबुत गोल पूरी परत निकाली जाती है तो इसे सुखा दिया जाता है। यह सूखा हुआ नारियल या गोला कहा जाता है। यदि इसके पेड़ की बात की जाए तो इसका पेड़ का तना बहुत लंबा होता है। यह लगभग 100 फुट तक लंबा हो जाता है। इस पेड़ की शाखाएं नहीं होतीं बल्कि तने के ऊपरी भाग पर लंबी-लंबी पत्तियां होती हैं जो छतरी (Umbrella) या मुकुट के समान दिखाई देती हैं। नारियल के पेड़ सुमुद्र तट पर या नमकीन स्थान पर पाए जाते हैं। 

एक वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 75 नारियल देता है। खानपान के अतिरिक्त नारियल का उपयोग, नारियल का तेल निकालने और हिन्दुओं के धार्मिक अनुष्ठानों में भी किया जाता है। एरेकेसी (Arecaceae) परिवार से संबंध रखने वाले नारियल का वानस्पतिक नाम कोकोस न्यूसीफेरा (cocos nucifera) है। इसे अंग्रेजी में कोकोनट (Coconut) कहते हैं। 

सूखा नारियल क्या है? – What is Dry Coconut? 

हमने ऊपर बताया हे कि कच्चे नारियल का छिलका हल्का सा सख्त और हरे रंग का होता है। जब नारियल पकने लगता है तो अंदर का फल सख्त होने लगता है और बाहर का छिलका जटाओं में बदल जाता है और यह बहुत कठोर हो जाता है। सूखा नारियल बनाने के मतलब से जटाओं वाले नारियल को पेड़ से तोड़ लिया जाता है फिर इसकी जटाओं को अलग कर दिया जाता है। फिर बाहर के कठोर छिलके को इस प्रकार तोड़ा जाता है कि अंदर का फल ना टूटे।

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तत्पश्चात नारियल फल को साबुत निकाल लिया जाता है। फिर इसे धूप में सुखाते हैं। धूप में सूखकर इसका पानी भी सूख जाता है और इसका रंग दूधिया सफेद से ऑफ़ व्हाइट हो जाता है तथा यह फल सख्त हो जाता है। इसी को सूखा नारियल कहते हैं। सूखा नारियल हर मौसम में उपलब्ध होता है तथा यह बहुत लंबे समय तक खराब नहीं होता। 

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नारियल की खेती कहां होती है? – Where is Coconut Cultivated?

1. भारत के अतिरिक्त नारियल की खेती इंडोनेशिया, फिलिपींस, ब्राज़िल, वियतनाम, तंजानिया, केन्या, पापुआ न्यू ग्वानिया, बांग्लादेश, श्रीलंका आदि देशों में होती है। 

2. भारत के केरल, महाराष्ट्र, गोवा, दमन-दीव, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और लक्षद्वीप, गुजरात राज्यों में नारियल की खेती की जाती है। 

नारियल में पानी कहां से आता है? – Where Does the Water in Coconut Come From?

नारियल में पानी कहां से आता है, यह आश्चर्यजनक मगर सत्य है कि नारियल का वृक्ष स्वयं इसके फल के लिए पानी की व्यवस्था तथा आपूर्ति करता है। यह वृक्ष की अनूठी प्रक्रिया है। वृक्ष अपनी जड़ों में पानी को जमा करता है। वृक्ष की कोशिकाएं, जड़ों से पानी को खींचकर फल तक पहुंचाने का काम करती हैं। फलों में पानी भरने की प्रक्रिया में पेड़ का एंडोस्पर्म घुल जाता है और फल में पानी गाढ़ा हो जाता है। 

 नारियल के गुण – Properties of Coconut

1. सूखे नारियल की तासीर ठंडी होती है।

2. सूखे नारियल का स्वाद मीठा होता है।

3. नारियल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-डायरियल, ऐन्टीपाइरेटिक, एंटी-इंफ्लेमटरी, एंटी-डाययूरेटिक, एंटी-अस्थमैटिक, एंटी-डर्मेटाइटिस, एंटी-वायरल, एंटी-मलेरिया, एंटी-हेल्मिन्थिक, एंटी-फंगल, एंटीनोप्लास्टिक, एंटी-ऑस्टियोपोरोटिक, एंटीहाइपरटेन्सिव आदि गुण मौजूद होते हैं। 

4. सूखे नारियल में विटामिन-सी, बी तथा कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर, ज़िंक, जैसे खनिज मौजूद होते हैं। 

नारियल के पोषक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) – Coconut Nutrients (Amount per 100g)

  • एनर्जी : 354 Kcal)
  • प्रोटीन : 3 ग्राम
  • शुगर : 6.23 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट : 15.23 ग्राम
  • डाइटरी फाइबर : 9 ग्राम
  • कैल्शियम : 14 मिलीग्राम 
  • पोटैशियम : 356 मिलीग्राम 
  • फॉस्फोरस : 113 मिलीग्राम 
  • आयरन : 2.43 मिलीग्राम 
  • मैग्नीशियम : 32 मिलीग्राम 
  • ज़िंक : 1.1 मिलीग्राम 
  • विटामिन-सी : 3.3 मिलीग्राम 
  • थायमिन : 0.066 मिलीग्राम 
  • राइबोफ्लेविन : 0।02 मिलीग्राम 
  • नियासिन : 0.54 मिलीग्राम 
  • पैंटोथेनिक एसिड : 0.300 मिलीग्राम 
  • विटामिन-बी6 : 0.054 मिलीग्राम 
  • फोलेट : 26 माइक्रोग्राम
  • कुल वसा : .29.70 ग्राम
  • मोनोसैचुरेटेड वसा : 1.43 ग्राम
  • पॉलीअनसैचुरेटेड वसा : 0.37 ग्राम

सूखे नारियल के उपयोग – Uses of Dried Coconut

सूखे नारियल के उपयोग निम्न प्रकार से किए जा जाते  हैं  – 

  1. सूखे नारियल का उपयोग पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठानों, सगाई, विवाह, दुकान, मकान, वाहन आदि के शुभ मुहूर्त में किया जाता है। 
  2. नारियल की बर्फी भी बनाई जाती है।
  3. हलवा और खीर में सूखे नारियल को डाला जाता है।
  4. आइसक्रीम में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  5. हल्का रोस्ट करके स्मूदी मिला सकते हैं। 
  6. कुकीज़ में भी सूखे नारियल का इस्तेमाल किया जाता है।
  7. सूखे नारियल की चटनी बनाई जाती है। 
  8. सूखे नारियल का तेल निकाला जाता है। 

सूखा नारियल कैसे खाना चाहिए? –  How to Eat Dry Coconut?

भोजन को अच्छी तरह चबा-चबाकर खाना चाहिए ना कि जल्दबाजी और हड़बड़ी में। यही बात नारियल पर लागू होती है। नारियल गिरि हो या सूखा नारियल यह खूब अच्छी तरह से तब तक चबा-चबाकर खाना चाहिए जब तक इसका पूरा तेल निकलकर मुंह की लार में ना समा जाए। इससे मुंह की बदबू खत्म हो जाएगी और दांतों की एक्सरसाइज भी हो जाएगी। 

सूखा नारियल कब खाना चाहिए? – When Should one Eat Dry Coconut?

वैसे तो सूखा नारियल खाने का कोई विशेष समय निर्धारित नहीं है फिर भी सुबह और रात के समय इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। सुबह और रात का समय कफ काल माना जाता है, इस दौरान ठंडी तासीर वाली वस्तुओं का सेवन शरीर में कफ को बढ़ा सकता है। 

सूखा नारियल खाने के फायदे – Benefits of Eating Dry Coconut

अब बताते हैं आपको सूखा नारियल खाने के फायदे जो निम्न प्रकार हैं – 

1. जोड़ों के दर्द में फायदा (Benefit in Joint Pain)- बुजुर्ग लोगों के जोड़ों में दर्द होना एक आम बीमारी है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई कम होने लगती है और मांसपेशियों के ऊतक भी क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। इस कारण जोड़ों में दर्द, हड्डियों के टकराने से जोड़ों से आवाज आना और जोड़ों में सूजन की समस्या उत्पन्न होती है। 

ऐसे में सूखा नारियल एक फरिश्ते के समान आता है और इन सब समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। इस प्रकार की समस्याओं के निवारण के लिए रोजाना सुबह के समय सूखा नारियल खाएं। कुछ समय बाद जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई की प्रक्रिया आरम्भ हो जाएगी और दर्द व सूजन में आराम आ जाएगा। 

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2. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद (Beneficial for Pregnant Women)- सूखा नारियल खाने के गर्भवती महिलाओं को विशेष फायदा होता है। गर्भावस्था में महिला को अपने स्वास्थ और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ और विकास के लिए अतिरिक्त खनिज की जरूरत पड़ती है विशेषकर आयरन की। सूखा नारियल इस आवश्यकता को पूरा करता है। 

सूखे नारियल में आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है जो रक्त निर्माण में मदद करता है और हीमोग्लोबिन लेवल को भी बढ़ाता है। इस प्रकार गर्भवती महिला में रक्त की कमी नहीं होती। इसके अतिरिक्त महिला को फैटी एसिड व अन्य खनिज भी मिल जाते हैं। इसके साथ-साथ गर्भवती महिला की इम्युनिटी में भी सुधार होता है।

3. एनीमिया से बचाए (Prevent Anemia)- हमने ऊपर बताया है कि आयरन की पर्याप्त मात्रा होने के कारण गर्भवती महिलाओं में रक्त की कमी नहीं होती। शरीर में रक्त की कमी को एनीमिया कहा जाता है जो किसी भी महिला, बच्चे या पुरुष को हो सकता है। सूखा नारियल खाने से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और हिमोग्लोबीन के स्तर में सुधार होता है।

सूखे नारियल में आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है। इसके अतिरिक्त सूखे नारियल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण रक्त में आयरन को सोखने की क्षमता को बढ़ाते हैं। अतः सूखे नारियल के सेवन से एनीमिया से बचाव होता है। 

4. यूरिन इन्फेक्शन से बचाए (Protect from Urine Infection)- सूखा नारियल खाने का यह भी फायदा है कि यह मूत्र संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है। सूखे नारियल में एंटी-डाययूरेटिक गुण मौजूद होते हैं जो खराब बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं और मूत्र पथ के संक्रमण urinary tract infection) को खत्म करने में मदद करते हैं। 

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5. हड्डियों को मजबूती दे (Strengthen Bones)- हड्डियों के स्वास्थ के लिये कैल्शियम सबसे जरूरी खनिज है। इसके अतिरिक्त फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, ज़िंक जैसे खनिज भी अस्थि खनिज घनत्व (Bone Mineral Density) के स्तर को बढ़ाने का काम करते हैं। अस्थि खनिज घनत्व का स्तर ठीक रहने से ही हड्डियों को मजबूती मिलती है। सूखे नारियल में ये सब खनिज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं जो हड्डियों को मजबूती देने का काम करते हैं।

6. हृदय को सुरक्षित रखे (Protect the Heart)- सूखे नारियल का सेवन करने का यह भी फायदा है कि इससे हृदय सुरक्षित रहता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो ऑक्सीडेटिव क्षति को रोकने का काम करते हैं। इससे रक्त वाहिकाओं में प्लाक नहीं बनता परिणामस्वरूप रक्त प्रवाह सुचारु रूप से होता है और हार्ट अटैक व अन्य किसी हृदय रोग का खतरा नहीं रहता। सूखे नारियल में पोटेशियम की मात्रा भी अधिक होती है जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। हाई ब्लड प्रेशर हृदय स्वास्थ के लिए बड़ा खतरा होता है।

7. इम्युनिटी मजबूत होती है (Immunity Becomes Stronger)- सूखे नारियल में विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में होता है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट इम्युनिटी बूस्ट करने का काम करता है। साथ ही सूखे नारियल में मौजूद फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, ज़िंक जैसे खनिज भी इम्युनिटी बढ़ाने का काम करते हैं। सूखे नारियल में उपस्थित फिनॉलिक कंपाउंड कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने का काम करते हैं।

8. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखे (Keep the Digestive System Healthy)- फाइबर का मुख्य काम होता है भोजन को रसादार बनाकर द्रव रूप में परिवर्तित करना। इससे पाचन तंत्र को, भोजन पचाने के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती और भोजन सरलता से पच जाता है। इससे पाचन तंत्र की मेहनत और समय दोनों की बचत होती है। अधिक श्रम ना करने की स्थिति में पाचन तंत्र का स्वास्थ ठीक बना रहता है। सूखे नारियल में डाइटरी फाइबर की उच्च मात्रा होती हॅ जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है।

9. कब्ज से राहत दिलाए (Provide Relief from Constipation)- जिन लोगों का पेट सुबह प्राकृतिक रूप से साफ़ नहीं होता उनको कब्ज की समस्या होती है। सूखे नारियल का एक फायदा यह भी है कि इसके खाने से कब्ज की समस्या भी खत्म हो जाती है। वस्तुतः कब्ज का मुख्य कारण, शरीर में फाइबर की कमी होता है। 

फाइबर का एक काम यह भी होता है कि यह मल को ढीला और मुलायम करता है जिससे मल त्याग आसानी से हो जाता है। सूखे नारियल में डाइटरी फाइबर उच्च मात्रा में होता है जो यही सब काम करता है तथा मल गुदा में लुब्रीकेशन बनाए रखता है। सूखे नारियल का नियमित सेवन करने से कब्ज से राहत मुक्ति मिल सकती है।

10. त्वचा के लिए फायदेमंद (Beneficial for Skin)- सूखा नारियल त्वचा स्वास्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद है विशेषकर उन लोगों के लिए जिनकी त्वचा शुष्क है। सूखे नारियल के सेवन से इसका हेल्दी ऑयल त्वचा में नमी बनाए रखने का काम करता है तथा यह त्वचा को कोमल और चमकदार बनाए रखता है। सूखा नारियल एंटीएज़िंग गुण भी प्रदर्शित करते हुए चेहरे की झुर्रियों और फाइन लाइन को कम करने का काम करता है जिससे आप अपनी वास्तविक उम्र से कम और जवां नजर आते हैं।

सूखा नारियल खाने के नुकसान – Disadvantages of Eating Dry Coconut

सूखा नारियल खाने के हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

  1. सूखा नारियल अधिक खाने से पेट में दर्द, पेट में गैस बनना, जी मिचलाना, उल्टी आदि पेट की समस्याएं हो सकती हैं।
  2. सूखा नारियल अधिक खाने से पाचन की समस्या हो सकती है।
  3. रोजाना सूखा नारियल के अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है। 
  4. ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको सूखा नारियल खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नारियल क्या है?, सूखा नारियल क्या है?, नारियल की खेती कहां होती है?, नारियल में पानी कहां से आता है, सूखे नारियल के गुण, नारियल के पोषक तत्व, सूखे नारियल के उपयोग, सूखा नारियल कैसे खाना चाहिए और सूखा नारियल कब खाना चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से सूखा नारियल खाने के बहुत सारे फायदे बताए और सूखा नारियल खाने के कुछ नुकसान भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको सूखा नारियल खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नारियल क्या है?, सूखा नारियल क्या है?, नारियल की खेती कहां होती है?, नारियल में पानी कहां से आता है, सूखे नारियल के गुण, नारियल के पोषक तत्व, सूखे नारियल के उपयोग, सूखा नारियल कैसे खाना चाहिए और सूखा नारियल कब खाना चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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