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हैलो प्रिय मित्रगण स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताएँगे जो हिन्दू धर्म के लोगो के घरो में अक्सर पाया जाता हैं। उस पौधे का नाम हैं “तुलसी” इस पौधे की लोग पूजा भी करते हैं। साथ ही यह सेहत के लिए बहुत अच्छा पौधा माना जाता है। भारत के लगभग हर घर में आपको तुलसी का पौधा मिल जाएगा। कई लोग तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल खाने में करते हैं तो कई लोग दूध और चाय में डाल कर इसे पीते हैं। मगर बहुत कम ही लोगो को तुलसी के फायदे तथा नुकसान के बारे में पता होगा। आपको यह बात हैरान कर रही होगी मगर, यह सत्‍य है। तुलसी कीटाणु नाशक, कपूर प्रदान करने वाली, तरह-तरह के रोगों को भगाने में काफी फायदा पहुँचती हैं। तुलसी के पौधे के भाग जैसे   तुलसी की पत्ती, तुलसी की टहनी एवं तुलसी  का बीज आयुर्वेदिक चिकित्सा में बहुत प्रभावी औषधि के रूप में काम आते हैं।  तुलसी के पौधे को ‘औषधियों की रानी भी कहते हैं। तुलसी  मानव शरीर के अंदरूनी एवं बाहरी दोनों हिस्सों में बहुत लाभकारी हैं।  तुलसी का एक बहुत ही विशेष गुण यह हैं, कि यह मनुष्य की तासीर के अनुसार लाभ पहुँचाती है। 

सामन्तः हमारे घरो में तुलसी दो तरह की पाई जाती हैं। 1- गाढ़ा हरे रंग का 2- काले रंग का 

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तुलसी के फायदे Benefits of Tulsi

1. चोट लगने पर (Injury)-  अगर आपको कही भी चोट लगती है तो आप तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ लगाने से चोट जल्द ही ठीक हो जाता है। तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं जो चोट को जल्द ही ठीक करने में बहुत ही लाभकारी होते है। इसे लगाने से जलने में भी काफी राहत मिलती हैं। 

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2. सांसों की बदबू को दूर करे (Bad Breath)- तुलसी के सेवन से सांसों में होने वाली बदबू से कभी राहत मिलती हैं।  मुंह की बदबू ज्यादातर पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण होती है। तुलसी अपने गुणों के कारण सांसों की बदबू को दूर करने में अहम भूमिका निभाती है। इसमें अपनी स्वाभाविक सुगंध होने के करण भी यह सांसों की बदबू का नाश करती है। सांसों की समस्या से भी तुलसी निजात दिलाती है। अगर सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो तुलसी के आधा चम्मच रस में शहद मिलाकर पिने से जल्दी आराम मिलता हैं। 

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3. स्किन इंफेक्शन से राहत(Skin Infection)- किसी भी तरह के स्किन इंफेक्शन होने से रोकने के लिए तुलसी को बहुत ही कारागार माना जाता हैं। क्युकी तुलसी की पत्तियां बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती हैं। तुलसी में एंटी- बायोटिक गुण भी मौजूद होते हैं, जोकि इंफेक्शन के इलाज में मदद करते हैं। अगर आपको किसी भी तरह का स्किन इंफेक्शन है तो बेसन के साथ तुलसी के पत्तों का पेस्ट बना कर स्किन पर लगाएं, 

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4. इम्यूनिटी बढ़ाए(Increase Immunity)-  तुलसी के बीजों में फ्लेवोनॉएड, फिनोलिक तत्व मौजूद होते हैं। ये दोनों ही तत्व इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं। तुलसी के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

5. तनाव से राहत दिलाए(Stress Relief)-  आज कल कोरोना के चलते बहुत से लोग तनाव, चिंता के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में तुलसी के बीजो का सेवन करने से तनाव की समस्या से बचा जा सकता हैं। तुलसी के बीजों में दिमाग को कूल, काम और सूदिंग करने के गुण होते हैं, जिससे तनाव कम होता है। तुलसी की पत्तियों में कुछ ऐसे गुण भी मौजूद होते हैं, जो दिमाग के थकान को दूर करते हैं। इससे डिप्रेशन कम करने में बहुत ही मदद मिलती है।

6. हार्मोनल संतुलन(Hormonal Balance)-तुलसी में कोर्टिसोल के स्तर को नियंत्रित करने और स्वाभाविक रूप से संतुलित हार्मोन का स्तर रखने की अद्भुत क्षमता है।

7. बुखार से राहत के लिए(Fever Relief)- तुलसी के पत्ते एंटीबायोटिक, जंतु रोग और निस्संक्रामक एजेंटों के रूप में कार्य करते है। वे बैक्टीरिया और वायरस से हमारी रक्षा करते हैं।

8. कान में दर्द (Pain in Ear)- अगर आपके कान के पीछे सूजन आ गई है तो फिर तुलसी के पत्ते आपको इससे निजात दिला सकते हैं. इसके लिए तुलसी के कुछ पत्ते और अंरडी के कोपलों के साथ चुटकी भर नमक मिलाकर इसे पीस लें, फिर इस लेप को हल्का गुनगुना करके कान के पीछे लगा लें इससे सूजन दूर हो जाएगी.

9. कैंसर में(Cancer)- वैज्ञानिकों का कहना है कि तुलसी के रस में रेडियोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं, जो शरीर में पनपने वाले ट्यूमर सेल्स को खत्म कर सकते हैं। इसके अलावा, तुलसी में यूजेनॉल भी पाया जाता है, जिसमें एंटीकैंसर गुण होते हैं। साथ ही तुलसी में रोसमारिनिक एसिड, एपिगेनिन, ल्यूटोलिन, माय्रटेनल जैसे जरूरी फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं। ये भी विभिन्न प्रकार के कैंसर से लड़ने में मदद कर सकते हैं।  कैंसर कोई साधारण बीमारी नहीं है और इसके उपचार के लिए सिर्फ घरेलू उपचार पर निर्भर रहना इसे और खतरनाक बना सकता है। इस कारण से कैंसर के लिए डॉक्टर से परामर्श करके सही उपचार लेना जरूरी है।

10. डायबिटीज़ में(Diabetes)- किसी व्यक्ति की डायबिटीज की परेशानी है तो उसे तुलसी का सेवन करना चाहिए। डायबिटीज के लोगो को तुलसी एक बहुत ही कारागार औषधि माना जाता हैं।  तुलसी में मौजूद एंटी-डायबिटिक गुणों के कारण रोज सुबह तुलसी का पानी पीने के फायदे डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं। इसमें हाइपोग्लाइसेमिक गुण भी होते हैं। जो शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर करते हैं। 

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11. झड़ते बालों के लिए(Falling Hair) तुलसी की पत्तियां हेयर फॉलिकल्स को फिर से सक्रिय करके बालों को झड़ने से रोकती हैं। साथ ही बालों को जड़ों से मजबूत बनती हैं। इसके अलावा, स्कैल्प को ठंडा करती हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करती हैं। 

12.सर्दी-जुकाम में फायदेमंद(Cold and Cough)-यदि आपको सर्दी व फिर हल्का बुखार हो गया हो तो आप मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर काढ़ा बना ले और फिर इसे पी ले। इससे आपको सर्दी व हल्के बुखार में फायदा होगा।

13. आंखों के लिए(Eyes)- आँख आना (कंजंक्टिवाइटिस) से पीड़ित आंखों के लिए भी तुलसी के पत्ते का उपयोग किया जा सकता है। जी हां, कई शोधों में इस बात का जिक्र किया गया है कि इसके उपयोग से आँख आना (कंजंक्टिवाइटिस) की समस्या से आराम पाया जा सकता है, हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली के बारे में साफ तौर पर कुछ उपलब्ध नहीं है। कंजंक्टिवाइटिस आंखों में एक प्रकार का इन्फेक्शन, जिस कारण आंखों में जलन और सूजन होती है। 

14. स्त्री रोगों में असरदार(Gynecological Diseases)-तुलसी को स्त्री रोग दूर करने में विशेष सहायक माना गया है. तुलसी के बीज के इस्तेमाल से महिलाओं का रुका हुआ मासिक धर्म खुल जाता है।  इसके लिए तुलसी पंचांग( पत्ते, मंजरी, बीज, लकड़ी और जड़), सौंठ, नींबू की छाल का गूदा, अजवायन, तालीश पत्र के मिश्रण को पाव भर पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से रुका हुआ मासिक धर्म खुल जाता है। 

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15. पुरुष रोग में सहायक(Male Disease)– पुरुषों के वीर्य और मूत्र संबंधी रोगों में भी तुलसी काफी फायदेमंद मानी जाती है।  तुलसी के बीज और जड़ में कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं जो वीर्य और मूत्र संबंधी समस्याओं में आराम देते हैं. तुलसी की जड़ को बारीक पीसकर सुपाड़ी की जगह पान में रखकर खाने से वीर्य और स्तंभन शक्ति संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।  वहीं मूत्र संबंधी समस्या के लिए पावभर दूध में डेढ़ पाव पानी मिलाकर उसमें दो-तीन तुलसी पत्तों का रस मिलाकर पीने से आराम मिलता है। 

16. दाँत के दर्द (Toothache)-जब भी किसी के दाँतों में दर्द की शिकायत हो तो उसे दूर करने के लिए काली मिर्च और तुलसी के पत्तों की गोली बनाकर दाँतों के नीचे रखने  से आपके दाँतों का दर्द काफी हद तक ठीक हो जाता हैं। 

17. गुर्दे की पथरी में(Kidney Stone)-तुलसी किडनी को सुचारु रूप से चलने में मदद करती है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है जिससे किडनी को साफ करने में भी मदद मिलती है। अगर किडनी में स्टोन है तो तुलसी के ताजा रस को शहद में मिलाकर रोजाना 4 से 5 महीने तक सेवन करें। इससे पेशाब के रास्ते से किडनी का स्टोन (पथरी) भी निकल जाता हैं। 

18. मस्तिष्क संबंधी समस्याएं (Brain Problems)– मनुष्य का दिमाग ठीक रहना बहुत जरूरी होता है।  मस्तिष्क और ज्ञान तंतुओं की प्रक्रिया में किसी प्रकार की खराबी आ जाए तो चक्कर आना, स्मरण शक्ति का ह्रास, घबराहट, बेहोशी, आदि समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।  इससे बचाव के लिए तुलसी का सेवन अमृत के समान माना गया है। 

Conclusion 

दोस्तो, आज हम इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको तुलसी के फायदे के बारे में बहुत से अच्छी  जानकारी दी हैं। हम आशा करते है आपको ये पोस्ट बहुत ही ज्यादा पसंद आई होगी। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तो या सगी- सम्बन्धियों के साथ शेयर भी कर सकते हैं। आप कमैंट्स करके हमें जरूर बताए आपको ये पोस्ट कैसी लगी। आपका एक कमैंट्स हमें बहुत ही मोटिवेट करता है। धन्यवाद।


2 Comments

Shiv Kumar Kardam · December 8, 2020 at 3:56 pm

So many benefits of “Tulsi” explained by the Blogger. Really it’s beneficiary information. Thanks you Dear Blogger

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  • विजय मजेठीया · April 19, 2022 at 5:09 am

    I’m a farmer and planing to do Tulsi farming. I’m also interested to produce Tulsi products processing at my farm.

    If you are having any information please guide me. So I can produce them at my farm.

    Regards
    Vijay Majethia

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