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डायरिया क्या है? – What is Diarrhea in Hindi

डायरिया क्या है?

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, इस दुनियां में ऐसा कोई नहीं है जिसे अपने जीवनकाल में दस्त ना लगे हों। सभी को इसका अनुभव हुआ होगा। दस्त यानि डायरिया जिसके होने पर हालत खराब है जाती है। शरीर में बेहद कमजोरी आ जाती है। टांगों की तो जैसे जान ही निकल जाती है। डायरिया है ही ऐसा विकार जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। यह एक आम समस्या है परन्तु इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। तुरन्त इलाज ना मिले तो गंभीर स्थिति हो जाती है जो कि जानलेवा हो सकती है। इसलिए मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “डायरिया क्या है?”

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको डायरिया के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और इससे राहत पाने के लिए, घरेलू उपाय भी बताएगा। तो, सबसे पहले जानते हैं कि डायरिया क्या है और यह कितने प्रकार का होता है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

डायरिया क्या है?- What is Diarrhea?

दोस्तो, डायरिया (Diarrhea) पाचन तंत्र से जुड़ा एक विकार है जिसे हिंदी में अतिसार कहा जाता है तथा आम भाषा में दस्त कहते हैं। इस विकार में मल एक दम पानी की तरह तरल हो जाता है। इसका मुख्य कारण रोटावायरस होता है तथा साल्मोनेला या ई। कोलाई जैसे बैक्टीरिया भी इस विकार का कारण बनते हैं।

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कुछ विशेष प्रकार की दवाओं के प्रभाव, आंतों में सूजन तथा हार्मोनल विकार भी डायरिया का कारण बन सकते हैं। यह विकार होने पर व्यक्ति को तीन या तीन से अधिक बार मल त्याग के लिए जाना पड़ता है। कई बार तो हालत इतनी खराब हो जाती है कि बहुत ही कम-कम अंतराल पर मल त्याग के लिए बार-बार जाना पड़ता है।

इससे व्यक्ति में पानी की कमी है जाती है और कमजोरी इस कदर महसूस होती है कि उसे बिस्तर पकड़ना पड़ता है। दस्त के साथ-साथ यदि उल्टियां भी लग गईं तो समझिए कि यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें मरीज की जान जा सकती है। इसलिये मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ता है। यद्यपि डायरिया किसी भी मौसम में हो सकता है परन्तु इसका प्रकोप गर्मी और बरसात के मौसम में अधिक होता है। 

डायरिया के प्रकार – Types of Diarrhea

डायरिया निम्नलिखित तीन प्रकार का होता है –

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1. एक्यूट डायरिया (Acute Diarrhea)- यह डायरिया का सबसे आम प्रकार है जो कि कई घंटों या दिनों तक बने रह सकता है। इसमें पानी की तरह पतला मल होता है। यह हैजा (Cholera) के कारण भी हो सकता है। शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाने पर यह अपने आप ठीक हो जाता है।  

2. परसिस्टेंट डायरिया (Persistent Diarrhea)-  इस प्रकार का डायरिया 14 दिन या उससे ज्यादा दिनों तक रह सकता है।  इसमें, दिन में तीन या उससे अधिक बार ढीला मल आता है।

3. क्रोनिक डायरिया (Chronic Diarrhea)-  इस प्रकार का डायरिया चार सप्ताह से अधिक समय तक बना रह सकता है। यह गंभीर स्थिति होती है जिससे परेशानियां बढ़ सकती हैं।

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डायरिया के कारण – Cause of Diarrhea

डायरिया, निम्नलिखित कारणों से हो सकता है –

1. बैक्टीरियल इंफेक्शन।

2. वायरल इंफेक्शन।

3. वायरस इंफेक्शन।

4. पैरसाईट्स इंफेक्शन।

5. कुछ खाद्य, पेय पदार्थों  के प्रति एलर्जी होना।

6. विषाक्त भोजन।

7. दूषित पानी पीना।

8. लैक्टोज़ ना पचा पाना।

9. आंत का रोग या आंत का फ्लू।

10. रेडियो थेरेपी।

11. किसी विशेष दवा की प्रतिक्रिया।

12. गंदगी भरा वातावरण।

डायरिया के लक्षण – Symptoms of Diarrhea

डायरिया होने निम्नलिखित के लक्षण स्पष्ट हैं –

1. मल का पानी के समान पतला होना।

2. बार-बार मल त्याग के लिए जाना।

3. तीन या तीन से अधिक बार मल त्याग के लिए जाना।

4. मल में खून भी आ सकता है।

5. जी मिचलाना। 

6. उल्टी लगना।

7. पेट में दर्द, मरोड़ होना।

8. गला सूखना।

9. बुखार चढ़ना।

10. दर्द की वजह से टांगें कटना।

11. बहुत कमजोरी महसूस करना।

12. भूख ना लगना।

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बच्चों में डायरिया के लक्षण – Symptoms of Diarrhea in Children

छोटे बच्चों में और शिशुओं में डायरिया के निम्नलिखित लक्षण होते हैं –

1. लूजमोशन

2. काले रंग का मल आना।

3. मल में खून आना।

4. उल्टी लगना।

5. बुखार होना, 

6. सिर में दर्द।

7. बच्चे का रोना मगर कई बार आंसू ना आना।

8. मुंह सूखना।

9. बच्चे का चिड़चिड़ापन होना।

10. त्वचा में सूखापन।

11. मूत्र कम आना।

12. हाथ और पैर ठंडे पड़ना।

डायरिया का निदान – Diagnosis of Diarrhea

लक्षणों के आधार पर ही डायरिया को आसानी से पहचान लिया जाता है। इसलिए इसके विशेष टेस्ट की जरूरत नहीं होती। हां, कुछ विशेष या गंभीर मामलों में निम्नलिखित टेस्ट करवाए जा सकते हैं –

1. फास्टिंग ब्लड टेस्ट (Fasting Blood Test)- फास्टिंग ब्लड टेस्ट के द्वारा यह पता चल जाता है कि डायरिया का कारण फूड इन्टॉलरेंस है या एलर्जी है।

2. इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests)- आंतों में सूजन और संरचनात्मक असामान्यताओं का पता इमेजिंग टेस्ट के द्वारा लग जाता है।

3. यूरिन और स्टूल टेस्ट (Urine and Stool Test)- बैक्टीरिया, पैरासाइट्स या अन्य रोगजनकों का पता लगाने के लिये मल-मूत्र टेस्ट किया जा सकता है। 

4. रेक्टल टेस्ट (Rectal Test)- यह टेस्ट गुदा और मलाशय की असमानताओं की जांच के लिये किया जाता है।

डायरिया का इलाज – Treatment of Diarrhea

दोस्तो, डायरिया का इलाज निम्नलिखित विधियों द्वारा किया जाता है –

1. पुनर्जलीकरण (Rehydration) – डायरिया के इलाज के लिए मुख्य रूप से पुनर्जलीकरण (Rehydration) पर फोकस किया जाता है कि शरीर में पानी की कमी ना होने पाए। इसके लिए डॉक्टर सबसे पहले ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्‍ट (Oral Rehydration Solutions – ORS) पीने की सलाह देते हैं। यह शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट की कमी को पूरा करता है। सादा पानी अधिक पीने को कहा जाता है। इसके अतिरिक्त फलों का जूस, चावल का पानी, नारियल पानी, नींबू पानी चीनी, नमक डालकर पीने की सलाह दी जाती है।

2. इंट्रावीनस (Intravenous) – अधिक गंभीर मामलों में इंट्रावीनस के जरिए मरीज के शरीर में तरल पदार्थ पहुंचाया जाता है।

3. दवाएं (Medicines)- यदि डायरिया किसी संक्रमण के कारण हुआ है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक्स दवाएं जैसे रेडोटिल आदि दे सकते हैं। 

डायरिया की रोकथाम – Prevention of Diarrhea

डायरिया की रोकथाम के लिये भोजन, पानी और सफाई का ध्यान रखें। निम्नलिखित सलाह का पालन करें, डायरिया नहीं होगा

1. सबसे पहले तो अपनी सफाई का ध्यान रखें। कुछ भी खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। और भोजन करने के बाद भी हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।

2. कहीं बाहर से घर आए हैं तो हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। 

3. हाथ पोंछने के लिये साफ तौलिया का उपयोग करें।

4. कीचड़ आदि से बचें। 

5. अशुद्ध वातावरण में जाने बचें।

6. शुद्ध, ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाएं। 

7. बासी भोजन ना करें।

8. जितनी भूख है उतना ही भोजन करें। अधिक भोजन करने से बदहजमी हो जाएगी जिससे पेट खराब होकर डायरिया हो सकता है। 

9. कभी भी विपरीत भोजन (opposite food) ना करें। इससे विषाक्तता बन जाएगी।

10. रात को आसानी से पचने वाला भोजन करें और कम करें।

11. कभी भी कटे फलों का सेवन ना करें। 

12. शुद्ध पानी पीएं।

13. कोई भी दवा अपनी मर्जी से ना लें। केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें।

14. कोई भी समस्या होने पर तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करें। 

ये भी पढ़ें- दस्त रोकने के घरेलू उपाय

डायरिया होने पर क्या खाएं ? – What to Eat When you have Diarrhea

डायरिया होने पर निम्नलिखित पदार्थों का सेवन कर सकते हैं –

1. स्वाद अच्छा ना होने के कारण यदि ORS का पानी नहीं पीना चाहते तो इसके स्थान पर ORS प्लस पीयें। यह गत्ते के डिब्बे में आता है जैसे की फ्रूटी पीने वाली आती है। यह लेमन और ऑरेन्ज फ्लेवर में आती है।

2. नारियल पानी, ताजा फलों का जूस, चावल का पानी, छाछ, चीनी और नमक वाला नींबू पानी तथा सादा पानी पीएं।

3. फल खाएं (आम, पपीता और खट्टे फल छोड़कर)

4. दही खाएं। दही में ईसबगोल डाल के खाएं।

5. केला और आलू खाएं।

6. दलिया, मूंग की दाल की खिचड़ी, दही-चावल, चावल, ब्रेड खा सकते हैं।

डायरिया होने पर क्या न खाएं ? – What not to Eat when you Have Diarrhea?

निम्नलिखित खाद्य, पेय पदार्थों का सेवन ना  करें –

1. स्ट्रीट फूड 

2. जंक फूड। 

3. तले भुने, तीखे तेज मिर्च मसाले वाले खाद्य पदार्थ।

4. डिब्बा बंद खाद्य तथा पेय पदार्थ।

5. मैग्नीशियम युक्त डेयरी उत्पाद।

6. ड्राई फ्रूट्स।

7. खट्टे फल, आम, पपीता।

8. कैफीन युक्त पदार्थ जैसे चाय, कॉफी, चाकलेट आदि। 

9. टिक्की, भल्ले पापड़ी, गोल गप्पे

10. कोल्ड ड्रिंक्स।

11. शराब।

12. धूम्रपान। 

डायरिया के घरेलू उपाय – Home Remedies for Diarrhea

दोस्तो, डायरिया की समस्या से छुटकारा पाने के लिए निम्नलिखित घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं –

1. जीवन रक्षक घोल (Oral Rehydration Solutions – ORS) – दोस्तो, डायरिया की समस्या में यह सबसे अधिक लोकप्रिय और महत्वपूर्ण उपाय है। जब डायरिया की वजह से शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो बहुत कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में ORS ना केवल डायरिया से राहत दिलाता है बल्कि कमजोरी को तुरन्त दूर करता है। 

बाजार में इसके पैकेट मिलते हैं जिसे खरीदने के लिए डॉक्टर की प्रिक्रिपशन (Prescription) की जरूरत नहीं होती। इसको बनाने का तरीका पैकेट पर लिखा होता है। इसका स्वाद हर किसी को पसंद नहीं आता। वे, घर पर ही ORS तैयार कर सकते हैं। इसके लिये एक लीटर पानी में छः चम्मच चीनी तथा आधा चम्मच नमक मिलाकर अच्छी से घोल लें और पीएं। 

2. ORS द्रव्य – दोस्तो, ऊपर जो ORS का हमने जिक्र किया है वह पाउडर के रूप में आता है। ORS अब द्रव्य रूप (Liquid Form) में भी बाजार में उपलब्ध है जो कि ORSL Rehydration Electrolyte Drink और ORSL PLUS के नाम से आता है।

इसका पैकेट पीने वाली Fruity की तरह होता है और यह ऑरेंज और लेमन फ्लेवर में आता है। इसका स्वाद लगभग सभी को पसंद आ जाता है परन्तु यह मंहगा होता है। 

3. नारियल पानी (Coconut water) – नारियल पानी शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और डायरिया की समस्या में भी आराम दिलाता है। यदि डायरिया हुआ है तो मरीज को प्रतिदिन एक गिलास ताजा नारियल पानी पीना चाहिए। यदि स्थिति गंभीर है तो डॉक्टर का उपचार भी आवश्यक है। 

4. शहद (Honey) – गैस्ट्रोएन्टेराइटिस (gastroenteritis) की वजह से होने वाले डायरिया की समस्या में शहद के एंटीबैक्टीरियल गुण राहत पहुंचाने का काम करते हैं। शहद के सेवन से डायरिया की परेशानी दूर हो जाएगी। इसके लिये एक या दो चम्मच शहद, दिन में दो बार ले सकते हैं। इसे गर्म पानी में घोलकर भी थोड़ा ठंडा होने पर पी सकते हैं।

5. दही (Cured) – उल्टी, दस्त लगने की स्थिति में इससे राहत पाने के लिए दही को रामबाण उपाय माना जाता है। यह इलेक्ट्रोलाइट्स का भरपूर श्रोत है। दही, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की आपूर्ति करके शरीर में पानी की कमी को पूरा करने का काम करती है और इस प्रकार यह डिहाईड्रेशन से बचाती है।

आप दिन में एक या दो कटोरी दही, चीनी या हल्का नमक डालकर खा सकते हैं। दही में ईसबगोल डालकर खा सकते हैं तथा इसे चावलों के साथ या खिचड़ी के साथ खा सकते हैं। 

ये भी पढ़ें- दही खाने के फायदे और नुकसान

6. अनार का छिलका (Pomegranate peel)- अनार के छिलके को सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें। उल्टी, दस्त होने पर एक चम्मच शहद में आधा चम्मच अनार के छिलके का पाउडर मिलाकर दिन में तीन या चार बार खाएं। आराम लग जाएगा।

7. केला (Banana)- डायरिया में डॉक्टर भी केला खाने की सलाह देते हैं क्यों कि इससे शरीर में पानी की भरपाई होती है, प्रति 100 ग्राम केले में लगभग 74 ग्राम पानी होता है। केले में मौजूद पेक्टिन तत्व डायरिया की समस्या को खत्म करने में मदद करता है। इससे मल को गाढ़ा होने में मदद मिलती है। 

दिन में दो केले से अधिक ना खाएं और इस बात का भी ध्यान रखें कि छः महीने कम आयु वाले बच्चे को केला ना खिलाएं। कच्चा केला भूनकर या उबालकर, इसे स्मेश करके इसमें स्वादानुसार नमक मिला लें, चाहें तो इसमें नींबू निचोड़ लें, फिर इसे चावल के साथ खाएं। 

8. ग्रीन टी (Green Tea)- ग्रीन टी डायरिया की समस्या दूर करने में अत्यंत उपयोगी होती है। इसमें पाए जाने वाला कैटेकिन डायरिया को दूर करने में मदद करता है। परन्तु इसका सेवन अधिक नहीं करना चाहिए। डायरिया की समस्या में दिन में दो बार ग्रीन टी पी सकते हैं। हां, जिन लोगों पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में रेडियोथेरेपी हो चुकी है और उनको डायरिया तथा उल्टी की शिकायत है तो वे प्रतिदिन 450 मिलीग्राम ग्रीन टी पी सकते हैं। 

9. कैमोमाइल टी (Chamomile tea) – कैमोमाइल टी भी डायरिया की समस्या से राहत दिलाने में बहुत उपयोगी है। इसमें एंटी-डायरियल और एंटीस्पैस्मोडिक गुण उपलब्ध होते हैं। यह बच्चों के पेट दर्द की समस्या को भी दूर करती है। 

डायरिया से छुटकारा पाने के लिए, एक कप गर्म पानी में एक टी बैग या एक चम्मच सूखे कैमोमाइल फूल डाल दें। साथ ही इसमें कुछ पुदीना की पत्तियां भी डाल दें। थोड़ी देर बाद इसे छानकर पी लें। आपको कैमोमाइल टी के स्वाद के साथ पुदीना की खुश्बू भी मिलेगी और इसके गुण भी जो डायरिया में आपकी मदद करेंगे।

10. अदरक (Ginger)- अदरक डायरिया में एक आयुर्वैदिक दवा के रूप में काम करती है। अदरक में उपलब्ध एसीटोन एक्सट्रैक्ट, सेरोटोनिन से होने वाले डायरिया को कम करने में मदद करता है। सेरोटोनिन मस्तिष्क में प्राकृतिक रूप से बनने वाला एक रसायन होता है। 

अदरक डायरिया के अतिरिक्त पेट में दर्द, पेट फूलना, पेट में गैस बनना, पेट में जलन होना, मितली, उल्टी आदि समस्याओं से आराम दिलाती है। डायरिया की समस्या के निवारण के लिए अदरक के कुछ टुकड़े काटकर एक कप पानी में उबाल कर, थोड़ा ठंडा करके पीएं।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको डायरिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डायरिया क्या है?, डायरिया के प्रकार, डायरिया के कारण, डायरिया के लक्षण, बच्चों में डायरिया के लक्षण, डायरिया का निदान, डायरिया का इलाज, डायरिया की रोकथाम, डायरिया होने पर क्या खाएं, क्या ना खाएं, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से डायरिया के बहुत सारे घरेलू उपाय भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको डायरिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डायरिया क्या है?, डायरिया के प्रकार, डायरिया के कारण, डायरिया के लक्षण, बच्चों में डायरिया के लक्षण, डायरिया का निदान, डायरिया का इलाज, डायरिया की रोकथाम, डायरिया होने पर क्या खाएं, क्या ना खाएं, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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