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दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, प्रकृति के कुछ नियम हैं जिनके कारण यह सृष्टि सुचारु रूप से निर्बाध गति से चलती रहती है। परन्तु जब भी कोई नियम टूटता है तो समस्या उत्पन्न होती है। मानव जाति के लिये भी प्रकृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम है कि सूर्योदय से पहले उठकर सबसे पहले शौच निवृति करे। परन्तु किसी कारणवश यह नियम टूटता है तो वह चाह कर भी शौच निवृति नहीं कर पाता। फिर उसे भारी कष्ट होता है। बस यही है हमारा आज का टॉपिक “कब्ज”। देसी हैल्थ क्लब, इस लेख के माध्यम से आपको कब्ज के घरेलू उपाय के विषय में विस्तार से जानकारी देगा। तो, सबसे पहले जानते हैं कि कब्ज क्या होती है?

कब्ज क्या होती है? – What is Constipation

दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब सबसे पहले यहां स्पष्ट करता है कि कब्ज कोई रोग नहीं है अपितु शारीरिक विकारों का लक्षण है जो किसी कारणवश पाचन-तंत्र में आये व्यावधान के कारण बनते हैं। जब मानव का मल त्याग प्राकृतिक रूप से, नित्य प्रतिदिन सहजता से नहीं हो पाता अर्थात् मल त्याग करने में उसे भीषण कष्ट होता है और फिर भी नहीं कर पाता; तो पाचन-तंत्र से जुड़ी इस स्थिती को कब्ज कहते हैं। एक हफ्ते में तीन बार से कम शौच आने को वैज्ञानिक तौर पर कब्ज माना गया है। यह स्थिती पाचन-तंत्र से  इसलिये जुड़ी हुई है क्योंकि हम जो भी कुछ खाते हैं पाचन-तंत्र उसे पचाने का काम करता है। अब पाचन-तंत्र का काम निर्भर करता है कि हम कैसा भोजन करते हैं और कब करते हैं। याद रखिये उचित समय पर, सुपाच्य और फाइबर युक्त पोषक तत्वों से भरपूर भोजन, तो पाचन प्रणाली भी स्वस्थ। और स्वतः ही प्रतिदिन प्रकृतिक रूप से पेट साफ। सुबह-सुबह जिसका पेट साफ हो गया वह सारे दिन के लिये निश्चिन्त। अन्यथा, यह नियम टूटने पर पाचन-तंत्र बाधित और परिणामस्वरूप शारीरिक विकार आरम्भ।

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कब्ज होने के कारण – cause of Constipation

दोस्तो, कब्ज होने के हो सकते हैं निम्नलिखित कारण –

1. सही समय पर भोजन ना करना।

2. रात को भी भोजन देर से करना।

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3. कारण, अकारण रात को देर तक जागना।

4. भोजन में फाइबर की कमी होना।

5. तले, भुने, तीखे तेज मिर्च-मसालेदार भोजन करना।

6. पानी कम पीना और अन्य तरल पदार्थों भी ना लेना। 

7. चाय, कॉफी, का अधिक सेवन करना।

8. गुटखा, खैनी, धूम्रपान आदि का सेवन करना।

9. शराब का अधिक सेवन करना।

10. अधिक मांसाहारी भोजन करना।

11. हार्मोन्स में असंतुलन।

12. थायराइड की समस्या।

13. गर्भावस्था भी इसका कारण हो सकता है।

14. लम्बे तक दर्द निवारक दवाइयों का सेवन। 

15. चिन्ता या तनावयुक्त जीवन।

कब्ज के लक्षण – Symptoms of Constipation

1. चाह कर भी पेट का साफ ना हो पाना।

2. मल त्यागने के बहुत जोर लगाना।

3. जोर लगाने के कारण पेट में दर्द एवं भारीपन होना।

4. मल का कठोर हो जाना और सूखा जाना।

5. पेट में गैस बनते रहना।

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6. सिर में दर्द रहना।

7. पिण्डिलियों में दर्द रहना।

8. मुंह में छाले होना।

9. भूख कम हो जाना।

10. मुंह से बदबू रहना।

11. चिड़चिड़ापन होना।

12. ठीक से नींद न आना।

कब्ज से होने वाले नुकसान – Side Effects of Constipation

दोस्तो, यदि कब्ज पर काबू ना पाया जाये तो हो सकती हैं निम्नलिखित समस्यायें –

1. बवासीर या भगन्दर जैसी बीमारी।

2. मुहांसों की समस्या।

3. पुरुषों में वैरिकोसील (नसों की खराबी वाला रोग) इसके कारण पुरुषों की प्रजनन क्षमता में कमी हो सकती है।

4. शौच के समय अधिक जोर लगाने से हर्निया जैसी गंभीर बीमारी पनप सकती है। 

5. मुंह में बार-बार छाले होने की समस्या।

6. जीभ का रंग सफेद या मटमैला हो जाना।

7. मुंह बदबू रहना। 

8. लगातार कमर दर्द की शिकायत।

9. सिरदर्द बने रहना, मानसिक विकार बनने की संभावना।

10. पेट में गैस की समस्या। 

11. भूख का कम हो जाना। 

12. कमजोरी महसूस करना, थकावट रहना।

कब्ज के घरेलू उपाय – Home Remedies for Constipation

दोस्तो, कब्ज के कारण, लक्षण और इससे होने वाले नुकसान जानने के बाद, अब देसी हैल्थ क्लब आपको बता रहा है कब्ज को दूर करने के देसी उपाय जो निम्नलिखित हैं – 

1. गुड़ (Jaggery)- दोस्तो, कब्ज से छुटकारा पाने के लिये गुड़ का सेवन करना सर्वोत्तम देसी उपाय है। इसकी विशेषता यह है कि इसे किसी भी मौसम में खाया जा सकता है। इसमें भरपूर पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। रात को भोजन के बाद एक टुकड़ा गुड़ खाने से कभी भी कब्ज, एसिडिटी जैसी पेट की बीमारियां नहीं होंगी। आप इसे रात को सोने से पहले गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं। निश्चित रूप से कब्ज में फायदा होगा।

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2. नींबू पानी (lemon Water)- सामान्य रूप से पेट की सफाई के लिये सुबह खाली पेट पानी पीना आयुर्वेद में अच्छा माना गया है। परन्तु कब्ज होने पर पेट साफ ना होने की समस्या आम बन जाती है। ऐसी स्थिती में नींबू पानी का उपयोग बहुत बेहतरीन विकल्प है। सुबह उठकर एक जग पानी (चाहें तो इसे गर्म करके ठंडा करलें, पर गुनगुना रखें) में एक नींबू निचोड़ लें और थोड़ा सा काला नमक मिलाकर, इस पानी को धीरे-धीरे एक-एक घूंट पीयें। पानी खत्म होने पर थोड़ा टहल लें (walking)। थोड़ी देर बाद, निश्चित रूप से मोशन बनेगा और आपका पेट साफ हो जायेगा।

3. अखरोट (Walnut)- दोस्तो, यदि आप प्रतिदिन अखरोट का सेवन करते हैं, तो आपका पेट साफ रहेगा और कब्ज भी नहीं होगी। अखरोट फाइबर से समृद्ध होता है और इसमें रिबोफ्लेविन यानी विटामिन-बी2 भी पाया जाता है जो पाचनतंत्र को ठीक रखने में मदद करते हैं। अखरोट कब्ज को खत्म कर पेट और आंतों की सफाई करता है। भीगे हुए अखरोट को पचाना आसान होता है। रात को दो अखरोट भिगोकर रख दें। सुबह इनको खाली पेट खायें। बिना भीगे हुऐ अखरोट कभी खाली पेट नहीं खाने चाहियें क्योंकि इसके तेल से पेट में जलन हो सकती है। अखरोट का इस्तेमाल सर्दियों में रोजाना कर सकते हैं परन्तु गर्मियों में एक दिन छोड़कर इसे खाना चाहिये क्योंकि अखरोट की तासीर गर्म होती है।

4. किशमिश (Raisins)- कब्ज की समस्या में किशमिश बहुत फायदेमंद होती है। किशमिश में 3।5% हिस्सा फ़ाइबर  होता है जो पाचन-तंत्र में मददगार होता है। इसके सेवन से पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है और कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है। रात को 10-12 किशमिश भिगोकर रख दें क्योंकि भीगी हुई किशमिश से आंतों को ताकत मिलती है और मोशन आसानी से बन जाता है। अगले दिन सुबह खाली पेट खायें। किशमिश वाला पानी भी पी लें। या प्रतिदिन गर्म दूध के साथ किशमिश खायें। 

5. अंजीर (Fig)- पाचन प्रणाली में सुधार और कब्ज निवारण के लिये अंजीर के गुण एक अच्छी औषधी के रूप में कार्य करते हैं। अंजीर में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन-तंत्र को स्वस्थ रखता है और मल त्याग करने की क्रिया को आसान बनाकर नियमित करता है। कब्ज से राहत पाने के लिये रात को दो अंजीर पानी में भिगो दें। अगले दिन सुबह खाली पेट इनको शहद के साथ या ऐसे ही खायें और अंजीर वाले पानी को भी पीलें। या दूध में अंजीर को उबाल कर खायें और दूध को भी पी लें। पेट साफ रहेगा।  

6. काजू (cashew)- काजू में फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है जो पाचन-तंत्र को स्वस्थ रखता है। काजू उचित मात्रा में खाने से फाइबर के कारण कब्ज और अल्सर जैसी बीमारियों से राहत मिलती है। प्रतिदिन सुबह उठकर  खाली पेट 4 से 5 काजू खाने से कब्ज में राहत मिलती है। पर याद रखिये, अधिक मात्रा में काजू खाने से पाचन-तंत्र बिगड़ सकता है। 

7. मुनक्का (Dry grapes)- मुनक्का में 3।5% भाग फाइबर होता है और ऐंटीऑक्सिडॅन्ट​ गुणों की भरपूर मात्रा होती है जो पाचन-तंत्र को स्वस्थ रखते हैं। इनके सेवन से कब्ज में राहत मिलती है। इसके लिये 8-10 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगोकर रख दें। अगले दिन सुबह इनके बीज निकालकर दूध में उबाल कर खायें, और दूध को भी पी लें। इसके अतिरिक्त 6,7 मुनक्के रात को खा सकते हैं।

8. सौंफ (Anise)- पेट से जुड़ी समस्याओं में सौंफ रामबाण औषधी के रूप में काम करती हैं। यदि आपका पाचन-तंत्र स्वस्थ है तो पेट निश्चित रूप से स्वस्थ रहेगा।  एक चम्मच सौंफ से आपका पाचन-तंत्र दुरुस्त रहेगा। इसके सेवन से कब्ज, पेट फूलना, पेट में गैस बनना, आंत में ऐंठन आदि समस्याओं से राहत मिलेगी। इसके एंटीस्पास्मोडिक, कार्मिनेटिव और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पेट की समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं और कब्ज को दूर करते हैं। इसके लिये एक चम्मच सौंफ को भूनकर गर्म पानी के साथ ले लें। 

9. पपीता (papaya)-  पपीता में कई पाचक एंजाइम्स और कई डाइट्री फाइबर्स भी होते हैं जो पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाये रखते हैं। इसमें पाये जाने वाला पपैन नामक  पाचक एंजाइम पाचन क्रिया को उत्तेजित करने का काम करता है। पपीता आंतों के लिए ल्यूब्रिकेटिंग का काम करते हुऐ मल को नरम करके पेट को साफ करता है। पपीता खाने से पेट साफ रहेगा और कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलेगा। आप इसे खाली पेट या दिन में किसी भी समय खा सकते हैं। दूध में डालकर इसका शेक बनाकर पी सकते हैं। 

10. कीवी (Kiwi)-  कीवी में पाये जाने वाले लैक्सेटिव गुण और फाइबर की प्रचुर मात्रा पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के साथ साथ और कब्ज की समस्या को दूर कम करते हैं। एक रिसर्च के अनुसार इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Boul Sindrom) से पीड़ित व्यक्ति को लगातार एक महीने तक कीवी का सेवन करना चाहिये। इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम आंतों का रोग होता है जिसमें पेट में दर्द, बेचैनी व मल त्याग करने में दिक्कत होती है। कीवी को छीलकर, काटकर, काला नमक लगाकर खायें।

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11. सेब (Apple)- कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने में सेब सक्रिय भूमिका निभा सकता है। इसे अपने भोजन में सम्मलित करना चाहिये और इसे छिलका समेत खाना चाहिये। इससे छिलके के भी फाइबर मिल जाते हैं जो पाचन क्रिया को बेहतर कर कब्ज से राहत दिलाते हैं। इसे दूध में मिक्स करके शेक बनाकर पी सकते हैं। 

12. आलूबुखारा (Plum)- आलूबुखारे में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो पेट से जुड़ी बीमारियों में फायदा पहुंचाता है और साथ ही कब्ज को भी दूर करता है। यह मल को नरम करता है और मात्रा बढ़ाता है। आप आलूबुखारे को काट कर ऐसे ही खा सकते हैं या इसका जूस निकाल कर भी पी सकते हैं।

Triphalaत्रिफला चूर्ण को पेट से जुड़ी समस्याओं  उपचार में बहुत ही पुरानी आयुर्वेदिक औषधी माना जाता है। और कब्ज के उपचार में यह रामबाण की तरह काम करता है। हरड़, बहेड़ा और आँवला की बराबर मात्रा लेकर यह चूर्ण बनाया जाता है। रात को सोने से पहले दो चम्मच त्रिफला चूर्ण एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर या ऐसे ही ले लें। पर ध्यान रखें कि यह चूर्ण लेने के बाद कुछ भी नहीं खाना चाहिये। 

14. ईसबगोल (Isabgol)- कब्ज के उपचार में ईसबगोल उत्तम उपाय माना जाता है। इसके निरन्तर सेवन से कब्ज की हमेशा के लिये समाप्त हो जाती है। रात को सोने से पहले  इसे पानी से या दूध से खायें।

कब्ज में क्या खाना चाहिये -What to eat in Constipation

1. फाइबर युक्त अनाज (Fiber Grain)- इसके लिये गेहूं का चोकर, चीया के बीज, अलसी के बीज मिक्स कर सकते हैं। ब्रेड के स्थान पर होल ग्रेन ब्रेड, पुराना चावल, ब्राउन राइस आदि, 

2. दालें (Pulses)- अरहर, मूंग, मसूर, राजमा, सोयाबीन।

3. फल (Fruit)- फल जिनमें फाइबर की मात्रा पर्याप्त हो जैसे पपीता, सेब, आलूबुखारा, कीवी, केला व अंगूर आदि

4. सब्जियां (The vegetables)- ब्रोकली, परवल, लौकी, तरोई, करेला, कददू, गाजर, मूली, खीरा, गोभी, बन्द गोभी।

5. फलियां (Legumes)- सैम, मटर, बाकला, रमास की फलियां आदि।

6. सूखे मेवे (Dry fruits)- किशमिश, काजू, अखरोट, अंजीर व बादाम इनमें फाइबर अधिक होता है।

7. पॉपकॉर्न (Popcorn)- पॉपकॉर्न में बहुत अधिक फाइबर होता है।

8. ओटमील या दलिया (Oatmeal or Oatmeal)- इनमें फाइबर के अतिरिक्त आयरन, प्रोटीन और विटामिन-बी1 होता है।

9. पेय पदार्थ (Drinkable item)- सादा पानी दिन में आठ-दस गिलास। इसके अतिरिक्त, नींबू पानी, नारियल पानी, सूप, फलों और सब्जियों का जूस। 

10. डेयरी उत्पाद (Dairy Products)- डेयरी उत्पाद पदार्थों में केवल, दही और छाछ ले सकते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं जो पाचन-तंत्र को मजबूत करते हैं। 

कब्ज में क्या नहीं खाना चाहिए –  What not to eat in constipation

1. जंक फूड (Junk food)- पास्ता, पिज्जा, बर्गर आदि से दूरी बनाकर रखना चाहिये। या माइक्रोवेव में बने खाद्य पदार्थों से बचना चाहिये। 

2. तले भुने खाद्य पदार्थ (Fried foods)- चिप्स, समोसे, चाट-पकौड़ी आदि।

3. मीठे खाद्य/पेय पदार्थ (Sweet food)- चॉकलेट, मिठाईयां, कोल्ड ड्रिक्स, डिब्बा बंद फलों के जूस, मेंगोशेक, चीनी से बने शरबत आदि।

4. चाय, कॉफी।

5. बेकरी उत्पाद – पेस्ट्री, केक, कुकीज़ आदि।

6. शराब व धूम्रपान। 

7. लाल मांस, मछली।

Conclusion 

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको कब्ज के घरेलू उपाय के विषय में विस्तार से जानकारी दी। कब्ज क्या होती है, इसके क्या कारण होते हैं, क्या लक्षण होते हैं और इसके क्या नुकसान होते हैं, इसके बारे में विस्तार से बताया। इस लेख के माध्यम से कब्ज से छुटकारा पाने के देसी उपाय बताये और यह भी बताया कि कब्ज में क्या खाना चाहिये और क्या नहीं खाना चाहिये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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