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दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आपने “जौ” का नाम तो सुना ही होगा जिसका उपयोग अधिकतर बीयर बनाने के लिये किया जाता है। परन्तु एशिया महाद्वीप में यह जौ प्राचीन काल से ही खाद्यान्न के रूप लोगों का पेट भरता रहा है। भारत में तो गर्मी के मौसम में जौ का सत्तू सदा से ही लोकप्रिय रहा है और “जौ का पानी” पारंपरिक पेय रहा है क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है। परन्तु आधुनिक युग में यह पारंपरिक पेय सोडा युक्त सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलों के पीछे कहीं छिप गया है। हम इसी छिपे हुऐ जौ के पानी को ढूंड कर, इसके फायदे आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। जी हां दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “जौ का पानी पीने के फायदे”। 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ब्रिटेन में गर्मियों में जौ के गर्म पानी को चाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, प्राचीन ग्रीस में काइकोन नामक उनका मनपसंद ब्रेवरेज़ में से एक जौ के पानी से बनाया जाता था और विंबल्डन खिलाड़ियों को संतरे के स्वाद वाला जौ का पानी पीने को दिया जाता है। बहुत सारे देश अपने को स्वस्थ रखने के लिये जौ के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको सबसे पहले जौ पर बेसिक जानकारी देगा फिर जौ का पानी पीने के फायदे के बारे में बतायेगा। तो सबसे पहले जानते हैं कि जौ क्या है, इसकी महत्ता क्या है और जौ की खेती कहां होती है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

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जौ का पानी पीने के फायदे
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जौ क्या है? – What is Barley?

जौ, विश्व में प्राचीनतम काल से ही खेती की जाने वाला अनाज है। विटामिन, खनिज और पोषक तत्वों से समृद्ध होने के कारण इसे अनाज का राजा कहा जाता है।जौ यद्यपि शीतोष्ण जलवायु वाली फसल है परन्तु समशीतोष्ण जलवायु में भी इसकी खेती की जा सकती है। जौ का वानस्पतिक नाम Syn-Hordeum sativum Pers।, Hordeum nigrum Willd है। इसे अंग्रेजी में माल्टिंग बालि (Malting barley) कहा जाता है। इसका पौधा 60-150 सेमी तक ऊंचा, हो जाता है। 

इसकी बालियां नुकीली और काटने वाली होती हैं जो देखने में गेहूँ  की बालियों के समान होती हैं। प्राचीन काल में जौ का उपयोग अनाज के रूप में अर्थात् मटर, चना के आटे के साथ मिलाकर रोटियां बनाने के लिये किया जाता था, आज भी किया जाता है मगर बहुत कम। आधुनिक युग में जौ का उपयोग मुख्य रूप से बीयर बनाने के लिये किया जाता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग, दवा के रूप में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल कम करने, वजन कम करने, पेट की समस्याओं के उपचार आदि के उपचार के लिये किया जाता है।  

जौ का महत्व – Importance of Barley

भारतीय संस्कृति में जौ को पवित्र अनाज माना गया है इसलिये इसका विशेष महत्व है। अनेक अवसरों पर इसका उपयोग निम्नलिखित रूप में किया जाता है –

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1. यज्ञ, हवन आदि में अग्निकुण्ड में जौ की आहुति दी जाती है।

2. होलिका दहन के अवसर पर आग की लपटों में जौ की हरी कच्ची बालियों को भूनकर, नये अनाज का स्वागत किया जाता है। इसी के साथ ही भारतीय संवत् भी लग जाता है।

3. होलिका दहन के अगले दिन रंग खेलने के पश्चात् भोजन करने से पहले दही के साथ भुने हुऐ जौ खाकर नये अन्न का आरम्भ किया जाता है।

4. विवाह समारोह में कन्या पक्ष की महिलाऐं गीत गाते हुऐ, द्वार पर दूल्हा और बारातियों पर जौ बखेरती हैं।

5. विवाह सम्पन्न होने के पश्चात् कन्या विदा होते समय अपनी अंजली में जौ भरकर सिर के ऊपर से पीछे की ओर बखेरती है। ऐसा माना जाता है कन्या लक्ष्मी रूप में सम्पन्नता का वरदान देकर अपने घर से विदा होती है। 

6. मृत्यु पश्चात् कर्मकांड में जौ की आवश्यकता होती है, इसके बिना कर्मकांड पूरे नहीं माने जाते।

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जौ की खेती कहां होती है? Where is Barley Cultivated?

1. जौ की सर्वाधिक खेती रूस, यूक्रेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, टर्की, यूनाइटेड किंगडम, अर्जेंटीना, संयुक्त राज्य अमेरिका में होती है। इनके अतिरिक्त अन्य देशों में भी जौ की खेती की जाती है। रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध के परिणामस्वरूप यूक्रेन में जौ का उत्पादन लगभग समाप्त हो चुका है। 

2. भारत के जम्मू, कश्मीर, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार और उड़ीसा राज्यों में जौ की खेती की जाती है।

जौ का पानी बनाने की विधि – Barley Water Recipe

दोस्तो, जौ का पानी निम्न प्रकार से बनाया जा सकता है –

1. जौ का पाउडर बाजार में आसानी से मिल जाता है। एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच जौ का पाउडर और एक चम्मच शक्कर मिलाकर तुरन्त पी लें। इसको रखने की जरूरत नहीं है क्योंकि रखने से पाउडर नीचे बैठ जायेगा, फिर इसे हिलाना पड़ेगा। 

2. एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच जौ का पाउडर और एक चम्मच नींबू का रस और थोड़ा सा काला नमक मिलाकर पीयें। इसमें शक्कर नहीं मिलानी है। हां, यदि मिठास चाहिये तो इसमें आधा चम्मच शहद मिला सकते हैं। 

3. एक मुट्ठी जौ लेकर पानी में साफ़ कर लें और 4-5 घंटे के लिये पानी में भिगो दें। फिर इसे छान कर जौ को 3-4 कप पानी में डालकर हल्की आग पर उबालें लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक। फिर इसे छान लें और ठंडा होने दें। ठंडा होने पर इस पानी को एक गिलास की मात्रा में पीयें।  बाकी पानी कांच की बोतल में भर कर फ्रिज में तीन दिन तक रख सकते हैं।

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जौ के पानी के गुण – Properties of Barley Water

1. जौ के पानी की तासीर भी ठंडी होती है। 

2. जौ का पानी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। 

3. जौ का पानी प्रोटीन, फाइबर और सेलेनियम से भरपूर होता है। अन्य पोषक तत्व जैसे आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, मैंगनीज, जिंक, कॉपर आदि तथा कई विटामिन की पर्याप्त मात्रा होती है। जौ के पानी के पोषक तत्वों की मात्रा अलग से उपलब्ध नहीं है। जौ के सभी सभी पोषक तत्व इसमें समाहित होते हैं।

जौ का पानी पीने का सही समय  – Right time to Drink Barley Water

जौ का पानी पीने के लिए कोई समय निश्चित नहीं है, आप कभी भी पी सकते हैं। वैसे विशेषज्ञ, भरपूर लाभ के लिये सुबह का समय उचित मानते

जौ का पानी कितना पीना चाहिये?:-

1. जौ का पानी सामान्य रूप से दिन में दो गिलास पीया जा सकता है।

2. किसी बीमारी के उपचार के लिये स्वास्थ विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार पीयें।

जौ का पानी पीने के फायदे – Benefits of Drinking Barley Water

दोस्तो, अब आपको बताते हैं जौ का पानी पीने के फायदे जो निम्न प्रकार हैं –

1. शरीर को हाइड्रेट रखे (Keep Body Hydrated)- जौ का पानी पीने का सबसे मुख्य फायदा ये है कि इसके पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है। शरीर में पानी की कमी नहीं होती जो कि गर्मी के मौसम में अक्सर आम समस्या रहती है। इसके पीने से शरीर में पानी का लेवल सामान्य बना रहता है। इसके पीने से लंबे समय तक प्यास नहीं लगती क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और इससे पेट भी ठंडा रहता है। 

2. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद (Beneficial for Pregnant Women)- पोषक तत्वों से समृद्ध जौ का पानी गर्भवती महिलाओं के लिए सर्वोत्तम और अद्भभुत टॉनिक है जो अतिरिक्त पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा करता है। यह उनकी पाचन शक्ति को बढ़ाता है और मॉर्निंग सिकनेस को कम करने में मदद करता है। गर्भवती महिलाओं को अक्सर कब्ज़ की शिकायत रहती है जो, इस जौ के पानी पीने से दूर हो जाती है।

यह उनके शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। यह उनके ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित करता है और गर्भावधि डाइबिटीज (gestational diabetes) से बचाव करता है। इसके अतिरिक्त यह गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को फंगल इंफेक्शन से बचाता है। 

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3. स्तनपान कराने वाली माताओं के लिये फायदेमंद (Beneficial for Lactating Mothers)- कई बार ऐसा होता है कि प्रसव के पश्चात कुछ समय तक तो महिला के स्तनों में दूध की मात्रा बनी रहती है परन्तु बाद में दूध कम होने लगता है जिसके परिणाम स्वरूप शिशु को पाउडर या गाय का दूध पिलाना पड़ता है। यहां देसी हैल्थ क्लब बताना चाहेगा कि जौ एक लैक्टोजेनिक आहार है जो का माताओं में दूध की मात्रा बढ़ाने का काम करता है। स्तनों में दूध की क्षमता बढ़ाने के लिये गर्म जौ के पानी के साथ सौंफ़ का उपयोग करना होगा। एक गिलास गर्म जौ के पानी में एक चम्मच सौंफ मिलाकर रख दें फिर 5-10 मिनट के बाद इस पानी को छानकर पी लें।

4. प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बने (Strengthen the Immune System)- जौ का पानी विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है जो इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करते हैं। इनके अतिरिक्त बीटा ग्लूकन्स प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता में सुधार करते हैं। जौ का पानी थकान को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है। 

5. पाचन तंत्र को मजबूत करें (Strengthen the Digestive System)- आयुर्वेद में जौ के पानी को एक पाचक टॉनिक माना गया है। पाचन के लिये फाइबर की आलश्यकता होती है। जौ के पानी में फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है। यह घुलनशील फाइबर होता है। हम जो कुछ भी खाते हैं उसे पचाने में फाइबर पाचन तंत्र की मदद करता है और पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, एसिडिटी, गैस आदि से छुटकारा दिलाता है। 

6. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करे (Control Cholesterol)- जौ में मौजूद फाइबर और बीटा ग्लूकन्स, पेट और आंतों में भोजन के द्वारा कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकने में मदद करते हैं। जौ में पाये जाने वाला टोकॉल नामक रसायन खराब वाले कोलेस्ट्रॉल LDL और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने का काम करता है। जौ का पानी अच्छे वाले कोलेस्ट्रॉल HDL को बढ़ाता है। इस प्रकार जौ का पानी कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करता है। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने भी एक रिपोर्ट में हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल के लिये जौ में मौजूद बीटा ग्लूकन्स और फाइबर के लाभ का उल्लेख किया है। 

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7. ब्लड प्रेशर कम करे (Reduce Blood Pressure)-  जौ और जौ के पानी की तासीर ठंडी होती है जो शरीर के तापमान को सामान्य बनाये रखने में मदद करती है। इसमें पाये जाने वाले बीटा-ग्लूकन सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं। अतः जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है उनके लिये जौ का पानी वरदान है जिसके जरिये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है।

8. ब्लड शुगर को नियंत्रित करे (Control Blood Sugar)- डाइबिटीज के मरीजों के लिये जौ का पानी अच्छा माना जाता है क्योंकि जौ कम ग्लाइसेमिक सूचकांक भोजन है। जौ में पाये जाने वाला बीटा ग्लूकन्स, जोकि घुलनशील फाइबर का एक रूप है, भोजन के बाद ग्लूकोज के अवशोषण की गति को कम कर शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। इसके लिये भोजन के बाद जौ का पानी जो मीठा ना हो, का सेवन कर सकते हैं। इस पानी के एंटीऑक्सीडेंट भी शुगर को कम करने में मदद करते हैं। 

9. ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करे (Improve Blood Circulation)- खराब कोलेस्‍ट्रॉल LDL की वजह से रक्त ध‍मनियों में फैट जमा होने लगता है जिससे सामान्य रूप से रक्त प्रवाह में रुकावट आती है और हृदय रोग का कारण बनता है। कई बार रक्त धमनियां सख्त हो जाती हैं, इससे भी ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट आती है। जौ के पानी में मौजूद विटामिन-बी नियासिन खराब कोलेस्‍ट्रॉल LDL के लेवल को कम करता है और रक्त धमनियों को सख्त होने से रोकता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और निर्बाध गति से बहता है। 

10. वजन कम करे (Lose Weight)- जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, नियमित व्यायाम के साथ जौ का पानी उनके लिये एक उत्तम विकल्प है। जौ का पानी पीने से पेट लंबे समय तक भरा-भरा रहता है जो जल्दी से भूख नहीं लगने देता। यह धीरे-धीरे पचता है। इस काम में जौ के पानी में मौजूद फाइबर और बीटा ग्लूकन्स मदद करते हैं जो आपके पेट की भूख को शांत करते हैं। एक बात और कि जौ के पानी में कैलोरी अधिक होती है और फैट बहुत ही कम। 

11. हृदय के लिये लाभकारी (Beneficial to Heart)- दोस्तो, अब तक हमने जाना कि जौ का पानी, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है, हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है, हाई ब्लड शुगर को कम करता है, ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखता है और वजन कम करने में मदद करता है। यही सब हृदय का कारण बनते हैं। जब ये ठीक तो समझो, हृदय भी ठीक। जौ के पानी में विटामिन-बी नियासिन की पर्याप्त मात्रा होती है जो एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) के विकास को रोकने में मदद करता है। हृदय धमनियों का सख्त हो जाना एथेरोस्क्लेरोसिस कहलाता है जो रक्त प्रवाह में बाधा बनता है। 

12. मूत्र पथ के संक्रमण में लाभकारी (Beneficial in Urinary Tract Infection)- जौ के पानी को प्राकृतिक मूत्रवर्धक माना जाता है जो यूरिन के जरिये विषाक्त पदार्थों और मूत्र पथ संक्रमण (UrinaryTract Infection) के बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है। जौ का पानी पीने का यह सबसे बड़ा फायदा है। यह मूत्र पथ के संक्रमण का सबसे अच्छा उपचार माना जाता है। इसके लिये दिन में दो बार जौ के पानी का सेवन किया जा सकता है। 

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13. किडनी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद (Beneficial for Kidney Health)- दोस्तो, हमने ऊपर बताया है कि जौ के पानी को प्राकृतिक मूत्रवर्धक माना गया है जो यूरीन के जरिये विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। इसके परिणाम स्वरूप किडनी स्वस्थ रहती हैं और इनमें अतिरिक्‍त कैल्शियम जमा नहीं हो पाता। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी किडनी की सफाई रखने में मदद करते हैं। जौ के पानी ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) के स्‍तर को कम करने में मदद करता है जिससे पथरी के गठन की संभावना नहीं रहती। जौ के पानी के नियमित सेवन से किडनी के कैंसर से भी बचाव किया जा सकता है। 

14. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद (Beneficial for Bone Health)- माना यह जाता है कि एक गिलास जौ के पानी में 11 गिलास दूध के बराबर का कैल्शियम होता है परन्तु देसी हैल्थ क्लब इस तथ्य की पुष्टि नहीं करता। लेकिन यह सत्य है कि जौ में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है (100 ग्राम में लगभग 79 मि।ग्राम) जोकि हमें जौ के पानी से भी मिल जाती है। हड्डियों के स्वास्थ के लिये कैल्शियम बेहद जरूरी तत्व है, इसके अतिरिक्त जौ के पानी से पर्याप्त मात्रा में कॉपर और फॉस्‍फोरस भी मिल जाते हैं।

ये सब हड्डियों को मजबूती देने और सम्पूर्ण स्वास्थ को बनाये रखने में मदद करते हैं। जौ के पानी से मिलने वाला आयरन ऑस्टियोपोरोसिस नामक अस्थि रोग की संभावना को रोकता है और यदि है भी तो इसके उपचार में मदद करता है। जौ के पानी में मौजूद मैग्नीशियम, कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डी निर्माण को गति प्रदान करता है। अतः जौ का पानी हड्डियों के स्वास्थ के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभदायक टॉनिक है।

15. त्वचा के लिये लाभदायक (Beneficial for Skin)- जौ के पानी के फायदे त्वचा के लिये भी देखे जा सकते हैँ। जौ का पानी पीने के अतिरिक्त इसे चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। दस मिनट बाद सादा पानी से चेहरा धो लें। ऐसा नियमित रूप से करने पर चेहरे पर निखार आ जायेगा और यदि कील मुहांसे हैं तो उनसे होने वाली जलन और सूजन में आराम आने लगेगा। 

यह काम जौ के पानी में मौजूद एज़ेलिक एसिड नामक यौगिक करता है। जौ के पानी के एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रेडिकल्स को खत्म कर एंटीएज़िंग प्रभाव दिखाते हैं जिससे चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स कम होने लगती हैं और आप वास्तविक उम्र से कम दिखने लगते हैं। जौ के पानी में मौजूद से‍लेनियम त्वचा में लोच बनाये रखता है। 

जौ के पानी के नुकसान –  Barley Water Damage

जौ के पानी से या अधिक मात्रा में पीने से नुकसान भी हो सकते हैं जो निम्न प्रकार हैं –

1. जौ के पानी से किसी को एलर्जी भी हो सकती है जैसे त्वचा पर रेशेज़ पड़ना, त्वचा में जलन, आंख, नाक, हाथ, पांव में जलन। ऐसी अवस्था में डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिये। 

2. जौ का पानी अधिक मात्रा में पीने से कब्ज़ की समस्या बन सकती है। 

3. लस-असहिष्णुता (gluten-intolerant) वाले लोगों को जौ का पानी पीना अवॉइड करना चाहिये क्योंकि उनको पेट सम्बंधी रोग हो सकते हैं 

4. किडनी सम्बंधी समस्या हो सकती है।

5. जौ का पानी मूत्रवर्धक होने के कारण बार-बार के मूत्र विसर्जन से कैल्शियम की क्षति हो सकती है।

6. हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होने के कारण अधिक मात्रा में जौ का पानी पीने से शुगर लेवल कम हो सकता है।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको जौ का पानी पीने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जौ क्या है, जौ का महत्व, जौ की खेती कहां होती है, जौ का पानी बनाने की विधि, जौ के पानी के गुण, जौ का पानी पीने का सही समय और जौ का पानी कितना पीना चाहिये इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से जौ का पानी पीने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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जौ का पानी पीने के फायदे
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको जौ का पानी पीने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जौ क्या है, जौ का महत्व, जौ की खेती कहां होती है, जौ का पानी बनाने की विधि, जौ के पानी के गुण, जौ का पानी पीने का सही समय और जौ का पानी कितना पीना चाहिये इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया है।
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1 Comment

Shiv Kumar Kardam · September 28, 2022 at 7:40 am

Outstanding Article

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