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ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर क्या है? –  What is Obsessive Love Disorder in Hindi

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर क्या है?

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, प्रेम एक पूजा है, एक भक्ति है, एक संगीत है आत्मा से परमात्मा से मिलन का मार्ग है और संसार चलाने का माध्यम है। इस प्रेम का सीधा संबंध हृदय से उठने वाली भावनाओं से है, इसमें पाने की चाहत नहीं होती और ना ही खोने का डर। यह निस्वार्थ होता है। यही शास्वत सत्य है। परन्तु जब कोई इस प्रेम को हृदय से हटाकर मस्तिष्क में बैठा लेता है तो इसकी पवित्रता भंग हो जाती है। मस्तिष्क में प्रेम  के आने के बाद खोने, पाने, लेने, देने की सोच बन जाती है। 

जिस प्रेम के लिये लोग अपना बलिदान दिया करते थे, आज उसी प्रेम को पाने के लिए कुछ लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। “कुछ भी कर गुजरने” की जनून भरी सोच वाली स्थिति को मेडिकल साइंस में ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर या ऑब्सेसिव लव कहा जाता है  यद्यपि यह कोई बीमारी नहीं है और ना ही मानसिक विकार परन्तु इसमें अनेक मानसिक स्थितियां शामिल हो जाती हैं। आखिर यह ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर है क्या?। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर क्या है?”। 

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा इसका उपचार क्या है। तो, सबसे पहले जानते हैं कि ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर क्या है और ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के कारण। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

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ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर क्या है? – What is Obsessive Love Disorder?

दोस्तो, ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर (Obsessive Love Disorder) या ऑब्सेसिव लव (Obsessive Love) प्रेम की वह स्थिति है जिसमें बहुत सारे कारक (factors) शामिल हो जाते हैं जैसे कि, एक संकीर्ण और लक्षित सोच, डर, रक्षा की भावना, अविश्वास, अहंकार, क्रोध, अपराध, संवेदना आदि। जब किसी व्यक्ति का प्रेम उसके मस्तिष्क और सोच में इस कदर हावी हो जाता है कि उसे कुछ और सूझता ही नहीं, उसे हर समय डर सताता रहता है कि कहीं उसके प्रेम को कोई और ना छीन ले या यदि उसका प्रेम उसे नहीं मिला तो उसे पाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है और कुछ भी कर सकता है।

प्रेम में विफलता या दूसरे व्यक्ति (जिससे वह प्रेम करता है) द्वारा उसके प्रेम को स्वीकार ना किए जाने की स्थिति को वह स्वीकार नहीं कर पाता और अपराध के सहारे अपने प्रेम को पाने की कोशिश करता है। अथवा वह व्यक्ति स्वयं को शारीरिक क्षति पहुंचाने, आत्महत्या करने या दूसरे व्यक्ति नुकसान पहुंचाने से भी नहीं चूकता। प्रेम की इस जनूनियत को ही, जो मस्तिष्क में बुरी तरह छाई रहती है, ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर या ऑब्सेसिव लव कहा जाता है। ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर पुरुष और महिला किसी को भी हो सकता है। 

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पुरुषों के मामले में यह इतने गंभीर स्तर तक पहुंच जाता है पुरुष महिला को शारीरिक और मानसिक क्षति पहुंचाने या अन्य अपराध करने में नहीं चूकता। जबकि महिलाओं के मामले में अपराधिक मामले कम होते हैं, वे सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपनी गतिविधियां दर्ज़ करती हैं, खुद को नुकसान पहुंचाती हैं यहां तक कि आत्महत्या का मार्ग अपना कर लाईव कर देती हैं। सर गंगा राम अस्पताल की साइकॉलोजिस्ट और सीनियर कंसलटेंट, डॉ आरती आनंद ऑब्सेसिव लव को एक तरफा प्यार (One sided love) मानती हैं। उनके अनुसार प्रेमी/प्रेमिका अपने साथी के बारे में असुरक्षित महसूस करते हैं। इसी चक्कर में वे अन्य व्यक्तियों से नहीं मिलते हैं। 

वे अपने साथी की छोटी-छोटी बातों, वस्तुओं यहां तक कि कपड़े और वित्तीय मामलों में भी हस्तक्षेप करने लगते हैं चाहे बेशक उसके साथी को इन सबसे झुंझलाहट होती हो या गुस्सा आता हो। ऑब्सेसिव का शाब्दिक अर्थ मनोबाध्य, जुनूनी या सनकी होता है, परन्तु ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर को बेहद प्यार और दीवानगी के साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता, इसके साथ अन्य मानसिक रोग/विकार/स्थितियां शामिल हो सकती हैं। इसीलिये ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर को, डायग्नोस्टिक एंड स्टैटिस्टिकल मैनुअल ऑफ मेंटल डिसऑर्डर, पांचवां  संस्करण (DSM-5) या अन्य नैदानिक ​​नियमावली में एक विशिष्ट मानसिक विकार के रूप सम्मलित नहीं किया गया है।

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ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के कारण – Cause of Obsessive Love Disorder?

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के हो सकते हैं निम्धलिखित कारण :-

1. आत्मविश्वास की कमी (Lack of Confidence)- यह ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को खुद पर विश्वास नहीं होता और उसके मन में असुरक्षा की भावना घर कर जाती है कि क्या उसका प्यार सुरक्षित है। कहीं उसका प्यार खो तो नहीं जाएगा। ऐसा अक्सर तब होता है जब उसने कभी पहले प्यार में धोखा खाया हो। उसे यह भी डर लगा रहता है कि कोई और उसके प्यार को छीन तो नहीं लेगा।

2. अहंकार (Arrogance)- किसी के पास पैसा बेशुमार है या उसे अपनी शिक्षा पर घमंड है या बहुत उच्च पद पर है या उसका रुतबा, रुआब है तो वह यह समझने लगता है कि किसी का भी प्यार पाना उसके बांये हाथ का खेल है तो यह स्थिति उसको जुनूनी बना देती है। उसे अपना प्यार पाने और जिद पूरी करने का जुनून सवार रहता है।

3. अटैचमेंट डिसऑर्डर (Attachment Disorder)- यह ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति अपनी भावनाओं और लगाव को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं होता। यदि किसी को अपने प्यार से मिलना है तो वह ना रात देखेगा और ना दिन, ना ही कोई मौसम उसका रास्ता रोक पाएगा, उसे मिलना है तो बस मिलना है। कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं कि व्यक्ति अपने प्यार से बहुत दूर हो जाता है या दूसरों पर ही निर्भर हो जाता है। ये सब परिस्थितियां उसे जिद्दी और जनूनी बना देती हैं। 

4. भ्रमपूर्ण विश्वास (Delusional Belief)- जब व्यक्ति अपने में एक भ्रम पाल लेता है कि अमुक व्यक्ति उससे बहुत प्यार करता है। उसे इस बात पर पूरा विश्वास होता है। यह भ्रमपूर्ण विश्वास एक मनोरोग का रूप है जिसे मेडिकल भाषा में इरोटोमेनिया (Erotomania) कहा जाता है। 

इस मानसिक स्थिति की आरम्भिक अवस्था में कोई अन्य रोग शामिल नहीं होता परन्तु इसकी माध्यमिक (Secondary) अवस्था में सिज़ोफ्रेनिया या मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर भी शामिल हो सकते हैं। इरोटोमेनिया में कुछ दवाओं, शराब, ड्रग्स, सिर पर चोट, गर्भावस्था आदि को संदर्भित किया जा सकता है।

5. सीमा रेखा व्यक्तित्व विकार (Borderline Personality Disorder – BPD) – कुछ लोग इतने भावुक होते हैं जो किसी के भी साथ बहुत जल्दी जुड़ जाते हैं तथा दूसरे लोगों के साथ भी एक मजबूत बंधन बना लेते हैं। ऐसे लोगों को सीमा रेखा व्यक्तित्व विकार से ग्रस्त माना जाता है। ये लोग अपने साथी के साथ बेहद नजदीक रहना चाहते हैं, कभी-कभी ये चाहत साथी को बोझ लगने लगती है। 

ऐसे लोगों के मन में रिश्तों को लेकर डर बना रहता है, एक संशय रहता है और उनमें असुरक्षा की भावना रहती है।  कई बार इनका व्यवहार तीखे मूड के साथ आवेगपूर्ण होता होता है जो संबंधों में कड़वाहट पैदा करता है तथा नकारात्मक प्रभाव डालता है। BPD को अस्थिर व्यक्तित्व विकार (Unstable Personality Disorder) के नाम से भी जाना जाता है। 

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के लक्षण – Symptoms of Obsessive Love Disorder

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के निम्नलिखित लक्षण होते  हैं – 

किसी के प्रति अति मुग्धता और असाधारण आकर्षण यह प्रमुख लक्षण होता है।

  1. प्रेमी/प्रेमिका के प्रति हर पल चिंतित रहना।
  2. प्रेमी/प्रेमिका के कारण अन्य रिश्तों को भूल जाना या उनकी परवाह ना करना।
  3. प्रेमी/प्रेमिका की देखभाल (care) के चक्कर में परेशान करना और खुद भी परेशान रहना।
  4. अपनी भावनाओं, विचारों को नियंत्रित ना कर पाना।
  5. प्रेमी/प्रेमिका की भावनाओं, विचारों को नियंत्रित करने की कोशिश करना।
  6. प्रेमी/प्रेमिका के प्रेम प्रस्ताव के अस्वीकरण को स्वीकार ना कर पाना।
  7. प्रेम प्रस्ताव के अस्वीकरण के परिणाम स्वरूप प्रेमी/प्रेमिका के प्रति असभ्य और अमर्यादित व्यवहार करना जिसमें, पीछा करना, बार-बार कॉल करके परेशान करना, उसे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देना, नुकसान पहुंचाना आदि। 
  8. अपराधिक कार्य कर बैठना।
  9. अपने को नुकसान पहुंचाना, आत्महत्या आदि। 

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ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर का निदान – Diagnosing Obsessive Love Disorder

1. चूंकि ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर को शारीरिक या मानसिक रोग नहीं है, इसलिये इसके निदान के लिए कोई विशेष टेस्ट नहीं है। हां, मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक व्यक्ति से वार्तालाप करके उसकी सोच, विचार, व्यवहार, भाव-भंगिमा, बोलचाल की शैली, कोई पिछली मेडिकल हिस्ट्री आदि का अवलोकन कर, आकलन करते हैं। 

2. व्यक्ति से वार्तालाप के आकलन के परिणाम स्वरूप यदि कोई मानसिक विकार, तनाव, डिप्रेशन आदि की स्थिति निकल कर आती है तो तदानुसार निदान अलग से किया जा सकता है।

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर से निपटने के उपाय – Ways to Deal with Obsessive Love Disorder

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर वाली स्थिति से निपटने के लिये निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं – 

1. ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर वाले व्यक्ति को मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक के पास ले जाकर उनसे सलाह लें। वे मनोविकारों को समझकर उसके निवारण करने के विशेषज्ञ होते हैं। वे अन्तःकरण में उठने वाले भावों और मस्तिष्क के द्वन्द को नियंत्रित करते हैं। नकारात्मक विचारों को बाहर निकालकर सकारात्मक सोच बनाने में मदद करते हैं।

2. मधुरता और आत्मीय व्यवहार (Kindness and Affection)- ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर वाले व्यक्ति को बदलने का सबसे सरल उपाय है। इसमें ऑब्सेसिव लव वाले व्यक्ति का साथी उससे हमेशा सौम्य तरीके से पेश आए, उसकी बोली में मधुरता हो और व्यवहार आत्मीयता से भरा हो। उसे अधिकतर कामों, घटनाओं में, खुशी के अवसरों में सम्मलित करें ताकि उसे अपनी अहमियत का आभास हो। उसे ऐसा लगना चाहिए कि उसको अहमियत दी जा रही है। 

3. अपने साथी को समय दें (Give Time to Your Partner)- एक दूसरे को समझने के लिए बहुत जरूरी है कि अधिक से अधिक समय एक दूसरे के साथ निभाएं। इससे एक दूसरे के विचारों का भी पता चलेगा। किस मुद्दे पर मतभेद हैं वह भी पता चल जाएगा, शिकवा-शिकायतों का भी पता चलता है और बातचीत के जरिये उनका समाधान भी निकलता है। 

यदि आपको लगे कि आपका साथी आपको कंट्रोल करना चाहता है या आप पर संदेह करता तो उसके मन की बात को समझने का प्रयास करें, उसे समय दें और विश्वास दिलाएं कि आप सिर्फ़ उसके लिए बने हो, किसी अन्य का आप दोनों के जीवन में कोई स्थान नहीं है। 

4. किसी अन्य को शामिल ना करें (Don’t Involve Anyone Else)- अपने मसले खुद निपटाएं। किसी भी अपने दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार को इसमें शामिल ना करें। इससे विश्वास और दृढ़ बनेगा कि आप दोनों ही अपने मसलों को हल करने में सक्षम हैं, किसी अन्य व्यक्ति की आवश्यकता ही नहीं है। 

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ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर का उपचार – Treatment of Obsessive Love Disorder

यह हम पहले भी बता चुके हैं कि ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर कोई शारीरिक बीमारी नहीं है और ना ही यह कोई मानसिक रोग। इसलिये इसमें डॉक्टर्स भूमिका नहीं के बराबर होती है। वे ऐसे मामले मनोचिकित्सक के पास प्रेषित करते हैं। वे ऐसे मामलों के निवारण में माहिर होते हैं। वे व्यक्ति से बातचीत करके उनकी मानसिक स्थिति, सोच, विचार, आचार, व्यवहार आदि  को समझकर निम्नलिखित थेरेपी की सलाह देते हैं –

(i)  साइकोथेरेपी

(ii) कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी

(iii) डायलेक्टिकल बिहेवियरल थेरेपी

(iv) टॉक थेरेपी

इन सब थेरेपी से व्यक्ति के विचार बदलते हैं, उसकी सोच बदलती है, उसका नजरिया बदलता है, उसका आचरण और व्यवहार बदलता है, उसकी जीवन शैली बदलती है, वह अपनी भावनाओं को कंट्रोल करने में सक्षम हो जाता है और नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है इसकी जगह उसमें  सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। यदि कुछ मानसिक स्वास्थ विकार इसमें शामिल होते हैं जैसे कि तनाव, अवसाद, चिंता, भय आदि तो उनके निवारण के लिये दवाएं दी जा सकती हैं। 

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर क्या है, ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के कारण, ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के लक्षण, ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर का निदान और ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर से निपटने के उपाय, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के उपचार के बारे में भी बताया। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

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Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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