स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आपने सम्मोहन (Hypnosis, Hypnotism) के बारे में तो जरूर सुना होगा और जानते भी होंगे परन्तु क्या आपने कभी “रोड हिप्नोसिस” (Road Hypnosis) के बारे में सुना है? अक्सर हम समाचार पत्रों में सड़क दुर्घटनाओं के बारे में समाचार पढ़ते रहते हैं या टीवी पर न्यूज में बताया जाता है कि अमुक स्थान के पास, हाईवे पर भयंकर सड़क दुर्घटना में इतने लोग मारे गये और इतने घायल हुऐ। ये सड़क दुर्घटनाऐं रात और दिन दोनों समय की होती हैं। सामान्यतः हमारी पहली प्रतिक्रिया होती है, कि ड्राइवर ने पी रखी होगी। परन्तु हमेशा बात ये नहीं बल्कि कुछ और भी होती है जिसे रोड हिप्नोसिस कहा जाता है, यही रोड हिप्नोसिस सड़क दुर्घटनाओं के लिये जिम्मेदार होता है। आखिर इस रोड हिप्नोसिस के प्रकोप से कैसे बचा जाये ताकि खुद ड्राइवर और अन्य लोगों के मानसिक और शारीरिक चोटें ना लगें और जीवन सुरक्षित रहे। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “रोड हिप्नोसिस से बचाव के उपाय”। देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको रोड हिप्नोसिस के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इससे कैसे बचा जाये। तो, सबसे पहले जानते हैं कि रोड हिप्नोसिस क्या है, इसका इतिहास और रोड हिप्नोसिस कब होता है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। मगर सबसे पहले एक स्पष्टीकरण। 

रोड हिप्नोसिस क्या है?

स्पष्टीकरण – Clarification

दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब यह स्पष्ट करता है कि रोड हिप्नोसिस नाम की कोई बीमारी नहीं है और ना ही कोई समस्या बल्कि एक कम समय तक रहने वाला विकार है जो अपने लिये और अन्य लोगों के लिये बड़े स्तर पर मानसिक, शारीरिक आघात का और मृत्यु का कारण बनता है। इसलिये मानसिक, शारीरिक आघात तथा जीवन बचाने के लिये यह अति आवश्यक हो जाता है कि अपने प्रिय पाठकों को रोड हिप्नोसिस के बारे में जानकारी दी जाये। देसी हैल्थ क्लब यह भी स्पष्ट करता है कि इस आर्टिकल में जुटाई गई बहुत कुछ जानकारी सड़क सुरक्षा अभियान – परिवहन विभाग के लेख पर आधारित है।

रोड हिप्नोसिस क्या है? – What is Road Hypnosis

सड़क सम्मोहन यानी रोड हिप्नोसिस (Road Hypnosis) एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है जो लगातार ढाई-तीन घंटे की ड्राइविंग के बाद बनती है। इस सम्मोहन का सीधा संबंध अचेतन मन (Unconscious mind) से जुड़ जाता है। इस स्थिति में, ड्राइवर का चेतन मन स्पष्ट रूप से डाइवर्ट होकर पूरी तरह से कहीं और केंद्रित हो जाता है और चेतन मन पर अचेतन मन की पकड़ मजबूत हो जाती है। इस कारण मस्तिष्क को किसी भी प्रकार का संदेश नहीं मिल पाता। 

परिणाम स्वरूप मस्तिष्क क्रियाशून्य हो जाता है जबकि शरीर क्रियाशील रहता है, आंखें खुली रहती हैं। जो आंखों को दिख रह होता है, मस्तिष्क उसको समझ नहीं पाता इसलिये उसका विश्लेषण नहीं हो पाता क्योंकि अचेतन मन से मस्तिष्क को कोई संदेश नहीं मिल पाते। ड्राइवर सोचने समझने की शक्ति खो देता है। नतीजा, गाड़ी की 120-140 की स्पीड पर अचानक से सीधी और भयंकर टक्कर, मानसिक और शारीरिक चोटें या फिर मृत्यु। इसी स्थिति को रोड हिप्नोसिस कहा जाता है। चेतन, अवचेतन और अचेतन मन पर विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “चेतन और अवचेतन मन क्या है?” पढ़ें। 

रोड हिप्नोसिस का इतिहास – History of Road Hypnosis

1. रोड हिप्नोसिस को हाईवे हिप्नोसिस के नाम से भी जाना जाता है।  इसे सफेद रेखा बुखार के रूप में भी जाना जाता है जिसमें ड्राइवर बदली हुई मानसिक स्थिति में बहुत दूर तक ड्राइवर कर लेता है। 

2. 1921 में पहली बार इस संकल्पना का उल्लेख, एक लेख में मिलता है जिसमें कहा गया था कि “एक निश्चित बिंदु पर टकटकी लगाकर एक ट्रान्स जैसी स्थिति में ड्राइविंग”। 

3. 1929 में वाल्टर माइल्स द्वारा “स्लीपिंग विद द आइज़ ओपन” नामक एक अध्ययन पर भी इस बारे में चर्चा हुई थी। जिसमें यह सुझाव दिया गया था कि ड्राइवर्स के लिए अपनी आँखें खोलकर सो जाना और लगातार ड्राइव जारी रखना संभव था। 

4. 1950 के दशक में यह विचार लोकप्रिय हो गया था कि इस घटना से गैर-जिम्मेदार ऑटोमोबाइल दुर्घटनाओं को भली-भांति समझा/समझाया जा सकता है। 

5. 1963 में ये हाईवे हिप्नोसिस शब्द जी।डब्लू। विलियम्स द्वारा दिये गये थे।

6. 1986, 1992 – अर्नेस्ट हिलगार्ड (1986, 1992) के सिद्धांतों के अनुसार, सम्मोहन जागरूकता की एक परिवर्तित अवस्था है। हाईवे हिप्नोसिस के परिपेक्ष में, कुछ सिद्धांतकारों के अनुसार चेतना कृत्रिम निद्रावस्था को विकास कर सकती है। चेतना की एक धारा कार चला रही होती है जबकि दूसरी अन्य मामलों को निपटा रही होती है। 

रोड हिप्नोसिस कब होता है?- When Does Road Hypnosis Happen?

निम्नलिखित परिस्थितियों में रोड हिप्नोसिस होने की संभावना होती है –

1.  ढाई-तीन घंटे की निरन्तर ड्राइविंग के पश्चात् रोड हिप्नोसिस की स्थिति आरम्भ होती है। 

2. रोड हिप्नोसिस अधिकतर रात के समय होता है जब सड़क लगभग सुनसान होती है और बहुत ही कम वाहन गुजर रहे होते हैं, ज्यादातर यात्री सो रहे होते हैं या नींद में ऊंघ रहे होते हैं। आप सभी का अनुभव रहा होगा कि रोडवेज बस के ड्राइवर बस को 100 कि.मी. प्रति घंटे से, कम की स्पीड पर नहीं चलाते। ट्रक ड्राइवर्स को गन्तव्य स्थान पर माल पहुंचाने की जल्दी होती है। इसलिये वे भी ट्रक को 120 कि.मी. प्रति घंटे से कम की स्पीड पर नहीं चलाते। इस दरम्यान ड्राइवर का हैल्पर भी सो रहा होता है या ऊंघ रहा होता है। 

3. रही बात निजी वाहन कार, बाइक की, तो ये लोग भी सुनसान सड़क का फायदा उठाते हुऐ 120 से 140 की स्पीड पर गाड़ी दौड़ाते हैं। स्पीड की धुन में इनका दिमाग सुधबुध खो बैठता है।

4. रोड हिप्नोसिस रात में ही नहीं, दिन में भी हो सकता है, ठीक मृग मरीचिका के समान। दूर कहीं सड़क पर बहुत तेज धूप पड़ रही होती है तो वह पानी के समान दिखाई देता है, पानी जो आपसे दूर ही दूर जाता दिखाई देता है, मस्तिष्क को भ्रमित करता है। पानी की चकाचौंध में आजू बाजू के दृश्य दिखाई नहीं देते।  

रोड हिप्नोसिस के कारण – Cause of Road Hypnosis

रोड हिप्नोसिस के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं –

1. चेतन मन पर अचेतन मन का हावी हो जाना जिसके कारण मस्तिष्क को संदेश मिलने बंद हो जाते हैं। यह रोड हिप्नोसिस का प्रमुख कारण है।

2. तेज स्पीड अर्थात् 100 से ऊपर यहां तक कि गाड़ी को 120-140 की स्पीड पर चलाना। इससे ड्राइवर पीछे छूटे स्थानों, लैंडमार्क, प्रमुख चिन्हों को नहीं देख पाता।

3. बिना कहीं रुके लगातार लंबी ड्राइव करना लगभग 200-250 कि.मी. या इससे भी ज्यादा।

4. ड्राइवर की सोच यानी यह सोचना कि सड़क सुनसान है दूर-दूर तक कोई वाहन नहीं है, चलो खींचते हैं गाड़ी को। इस चक्कर में अपनी स्पीड बढ़ा देना।

5. दूर-दूर तक ठहरने, आराम करने का समुचित स्थान उपलब्ध ना होना। यद्यपि नेशनल हाईवेज पर जगह-जगह ढाबे मिल जाते हैं परन्तु कहीं थोड़ी देर लेटकर आराम करने की व्ववस्था नहीं मिलेगी, ना प्राइवेट और ना सरकारी।

6. नेशनल हाईवेज को छोड़कर कुछ रोड ऐसे भी हो सकते हैं जहां ढाबे भी नहीं मिलते। ऐसे में लगातार ड्राइविंग करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं होता।

7. बीमार या बहुत थकी हुई हालत में ड्राइविंग करना। 

8. नशे की हालत में ड्राइविंग करना। 

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रोड हिप्नोसिस के लक्षण – Symptoms of Road Hypnosis

सामान्यतः रोड हिप्नोसिस के निम्नलिखित लक्षण होते हैं –

1. रोड हिप्नोसिस का मुख्य लक्षण यह होता है कि हिप्नोसिस की स्थिति में दुर्घटना होने से लगभग 15 मिनट तक ड्राइवर को सामने से आने वाली गाड़ियों का आभास नहीं हो पाता और ना ही उसे अपनी गाड़ी की रफ्तार का इल्म होता है। 

2. ड्राइवर की शारीरिक गतिविधियां होती रहती हैं, आंखें खुली रहती हैं परन्तु वह जो देखता है, दिमाग उसे उसी रूप में समझ ना पाने के कारण ठीक से विश्लेषण नहीं कर पाता। 

3. ड्राइवर को सड़क पर लगे बैरियर, यदि लगा हुआ है या डाईवर्जन संकेत बोर्ड, चिन्ह या डाईवर्जन का आभास नहीं हो पाता। 

4. स्मरण शक्ति शून्य हो जाती है। ड्राइवर को कुछ भी याद नहीं रहता कि कौन-कौन से शहर, गांव पीछे छूटे, कौन-कौन से लैंडमार्क निकले। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि कहीं रेलवे क्रोसिंग पर, फाटक बंद होने के कारण ड्राइवर गाड़ी रोकता है तो उसके दिमाग की सुप्तावस्था टूटती है तो उसे याद आता है और आश्चर्य से कहता है कि अरे मैं यहां तक कैसे आ गया, मुझे पता ही नहीं चला।  

रोड हिप्नोसिस से बचाव के उपाय -How to Avoid Road Hypnosis

दोस्तो, अब बताते हैं आपको कुछ निम्नलिखित उपाय जिनको अपनाया जाये तो रोड हिप्नोसिस से होने वाली और रोड हिप्नोसिस के बिना भी होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। अपनी, अपने सहयात्रियों तथा अन्य वाहन चालकों और उनके सहयात्रियों के मानसिक और शारीरिक चोटों से, चोटों के कारण होने वाली विकलांगता से से बचाया जा सकता है तथा जीवन बचाया जा सकता है –

1.फिटनेस (Fitness)- ड्राइव करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप मानसिक और शारीरिक तौर पर ड्राइव करने के लिये पूर्ण रूप से फिट, सहज और सक्षम हैं। यदि हां तो गाड़ी लेकर निकलिये वर्ना ड्राइविंग अवॉइड कीजिये। 

2. निर्धारित गति सीमा में चलें (Speed Limit)- दोस्तो, “जीवन है तो मंजिल है, जीवन नहीं तो कुछ भी नहीं”, इसलिये निर्धारित गति सीमा में ही चलें चाहे सड़क कितनी ही सुनसान क्यों ना हो। हमेशा याद रखिये कि Speed thrills but kills। गंतव्य स्थान पर पहुंचने की जल्दबाजी ना करें। आप खुद भी सुरक्षित रहिये और, औरों को भी सुरक्षित रखिये। रात्री में डिपर का उपयोग करें, सड़क किनारे लगे ट्रैफिक सिग्नल्स को अच्छी तरह समझें। सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। 

3. ड्राइविंग से पहले की एहतियात (Precautions before Driving)- ड्राइविंग से पहले हल्का और थोड़ा भोजन करें। अपनी सीट वाली गाड़ी के खिड़की का शीशा थोड़ा सा खोलकर रखें ताकि चेहरे को ठंडी हवा लगती रहे। इससे गाड़ी में घुटन (suffocation) ना हो। अपनी पसंद के गाने चला लें। 

4. दिमाग को एक्टिव रखें (Keep Mind Active)- ड्राइवर अपने बगल वाली सीट पर ऐसे व्यक्ति को बिठाये जिसे रात को नींद ना आये और उससे बीच-बीच में बात करता रहे। चुटकुले भी सुनते सुनाते रहें। गाना भी गायें। इससे दिमाग एक ही बिंदु पर केंद्रित नहीं होगा और फ्रैश फील करता रहेगा। 

5. रेस्ट बेहद जरूरी (Rest is Essential)- लगातार ड्राइव ना करें, रेस्ट भी करें। प्रत्येक 100 कि.मी. ड्राइव करने के बाद कहीं गाड़ी रोक कर कम से कम आधे घंटे का रेस्ट कीजिये। इससे आपकी शारीरिक और मानसिक थकावट को आराम मिलेगा और साथ ही गाड़ी को भी। गर्मी के दिनों में टायर बहुत जल्दी गर्म हो जाते हैं, इसलिये उनका ठंडा होना भी बहुत जरूरी है। 

6. चाय, कॉफी पीते रहें (Keep Drinking Tea and Coffee)- रास्ते में आने वाले ढाबों पर रकिये और चाय या कॉफ़ी अवश्य पीजिये। यदि खाना खाना है तो हल्का और थोड़ा खाना खाइये, भरपेट नहीं और चाय, कॉफ़ी पीजिये। यदि ढाबे की बजाये कोई छोटी दुकान भी रास्ते में पड़ती है तो वहां भी रूक कर चाय पीजिये। इससे कम से कम आधा, पौना घंटे का आराम मिल जायेगा। हर एक, डेढ घंटे की ड्राइविंग के दरम्यान यदि चाय मिल जाती है तो इससे अच्छी और कोई बात नहीं हो सकती क्योंकि कैफीन नींद को तोड़ती है और दिमाग एक्टिव रहेगा। रोड हिप्नोसिस का कोई चांस नहीं। 

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7. नशे में ड्राइविंग ना करें (Don’t Drive Drinks)- कभी भी शराब पीकर या अन्य नशा करके गाड़ी ना चलायें। यद्यपि कुछ ड्राइवर शराब, गुटखा, खैनी, पान, बीड़ी, सिगरेट आदि का सेवन करके ड्राइव करने में अपने को सहज अनुभव करते हैं परन्तु सभी को यह सहज लगे यह आवश्यक नहीं है। याद रखिये नशा सड़क दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता है। देसी हैल्थ क्लब किसी भी प्रकार के नशे का समर्थन नहीं करता।

8. स्मरण शक्ति बनाये रखिये (Maintain Memory)- अगल-बगल नज़र मारते रहें अर्थात् यह देखते चलें कि कौन-कौन सा शहर, गांव कोई प्रसिद्ध बिल्डिंग, कोई लैंडमार्क आ रहे हैं, जा रहे हैं, इनको याद करते चलें। इससे आपकी स्मरण शक्ति बनी रहेगी और रोड हिप्नोसिस की संभावना नहीं होगी।

9. याद ना आने पर, रुक कर रेस्ट करें (If you can’t remember, stop and rest)- यदि आपको लगे कि आप भूल रहे हैं, याद नहीं आ रहा है कि पीछे क्या-क्या छूटा है तो तुरंत संभल जाइये। यह अति भयंकर स्थिति हो सकती है। गाड़ी को सड़क के किनारे लगाइये और उतरकर, मुंह धोइये, पानी पीजिये और 10-15 मिनट टहलिये। यदि खाने को कुछ है तो जरूर खाइये। बीड़ी, सिगरेट से यदि राहत मिलती है तो जरूर पीजिये। यद्यपि देसी हैल्थ क्लब इसका समर्थन नहीं करता।

10. चुइंगम या खाने के सामान का सेवन करें (Consume Chewing Gum or Food Items)- साथ अपने साथ कुछ नमकीन, भुने चने, फल या अन्य खाने पीने का सामान साथ रखें और बीच-बीच में इनका सेवन करते रहें इससे दिमाग एक्टिव रहेगा, शिथिल नहीं होगा। यदि ये सब नहीं हैं तो चुइंगम जरूर रखिये और चबाते रहिये। इससे जबड़े चलते रहेंगे और दिमाग व्यस्त रहेगा। चेतना बनी रहेगी। ये सामान खत्म होने से पहले रास्ते में आने वाली किसी दुकान या ढाबे से और खरीद लें। 

11. पानी पिएं और मूत्र विसर्जन करें (Drink Water and Pass Urine)- बीच-बीच में पानी अवश्य पीते रहें। पानी पीते रहने से मूत्र अधिक बनेगा, मूत्र विसर्जन का संदेश दिमाग को जायेगा जिसके विसर्जन के लिये कहीं ना कहीं रूकना ही पड़ेगा। इस बहाने आपका थोड़ा टहलना भी हो जायेगा और शरीर व दिमाग को 5-7 मिनट का आराम मिल जायेगा। फिर से आप फ्रैश महसूस करेंगे। 

12. थकावट होने पर कहीं सो जायें (Sleep Somewhere When Tired)-  यदि ड्राइविंग करते रहने को आपका शरीर साथ नहीं दे रहा है अर्थात् बहुत ज्यादा शारीरिक थकावट महसूस करने लगे हैं तो किसी बड़े पेट्रोल पंप या ढाबे पर गाड़ी रोक कर एक डेढ घंटे के लिये सो जाइये। इससे संभावित अनहोनी घटना से बच जायेंगे और आपके शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिल जायेगा और फिर से फ्रैश मूड में ड्राइविंग करने में सक्ष होंगे।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको रोड हिप्नोसिस क्या है? के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले एक स्पष्टीकरण दिया, फिर रोड हिप्नोसिस क्या है, रोड हिप्नोसिस का इतिहास, रोड हिप्नोसिस कब होता है, रोड हिप्नोसिस के कारण और रोड हिप्नोसिस के लक्षण, इन सब के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से रोड हिप्नोसिस से बचाव के बहुत सारे उपाय भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।
Disclaimer – यह आर्टिकल सड़क सुरक्षा अभियान – परिवहन विभाग के लेख पर आधारित है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको रोड हिप्नोसिस क्या है? के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले एक स्पष्टीकरण दिया, फिर रोड हिप्नोसिस क्या है, रोड हिप्नोसिस का इतिहास, रोड हिप्नोसिस कब होता है, रोड हिप्नोसिस के कारण और रोड हिप्नोसिस के लक्षण, इन सब के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
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1 Comment

Shiv Kumar Kardam · June 26, 2022 at 8:20 am

It’s unique and masterpiece Article

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