दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, आज हम एक ऐसे फल के बारे में बतायेंगे जो अपने अद्भुत स्वाद के लिये प्रसिद्ध है, अपने अनोखे प्राकृतिक सुंदर डिजाइन की वजह से पसंद किया जाता है। इसके सिर पर ताज होता है मगर फलों का राजा नहीं कहलाता क्योंकि इसका स्वाद आम की तरह मीठा ना होकर खट्टा-मीठा होता है और यही इसकी विशेषता है कि यह अपने स्वाद में संतुलन बनाये रखता है जिसकी वजह से यह फल बहुत स्वादिष्ट होता है। इसके सिर पर बड़ी-बड़ी पत्तियों का ताज होता है। यह एक ऐसा फल है जिसे छीलने और काटने के लिये सोचना पड़ता है कि यह घर के सामान्य चाकू से यह कैसे छिलेगा और कटेगा क्योंकि इसका छिलके पर आड़ी तिरछी एक दूसरे को क्रॉस करती हुई लकीरें पड़ी होती हैं। इन लकीरों के बीच कठोर गांठें होती हैं जो हाथ में चुभती हैं। इतने सारे कम्पलिकेशन्स होने के बावजूद भी इसके स्वाद और गुणों के कारण इसकी लोकप्रियता बनी हुई है और इसे पसंद किया जाता है। दोस्तो, हम बात कर रहे हैं अनानास की जो स्वादिष्ट होने के बावजूद भी कम खाया जाता है तभी इसके स्वास्थ के लिये फायदे मिलते हैं अन्यथा ज्यादा खाने पर नुकसान भी होते हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “अनानास खाने के फायदे”। देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको अनानास के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इसके खाने के क्या फायदे होते हैं और क्या नुकसान। तो, सबसे पहले जानते हैं कि अनानास क्या है और अनानास की खेती कहां होती है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

अनानास खाने के फायदे

अनानास क्या है? – What is Pineapple

अनानास एक असाधारण स्वाद वाला और उष्णकटिबंधीय (Tropical) फल है। इसका स्वाद खट्टा और मीठा होता है परन्तु बहुत ही स्वादिष्ट होता है। अनानास अपने खट्टे-मीठे स्वाद को संतुलित करता है। यह ब्रोमोलिसियाए प्रजाति का प्रमुख फल है जिसका वैज्ञानिक नाम अनानास कोमोसस (Ananas Comosus) है इसे अंग्रेजी में पाइनएप्पल (Pineapple) कहा जाता है। अनानास को ए। सैटिवस(A। sativus), एनानासा सैटिवा (Ananassa sativa), ब्रोमेलिया एनानास (Bromelia ananas), बी। कोमोसा (B। comosa)  आदि नामों से भी जाना जाता है। अनानास का तना छोटा, गठीला और पत्तियों से भरा होता है। अनानास फल बेलनाकार होता है। इसका छिलका बहुत कठोर होता है इस पर एक दूसरे को क्रॉस करती हुई तिरछी लाइनें बनी होती हैं जिससे वर्ग बन जाते हैं। इन वर्गों के बीच कठोर गांठें पड़ी होती हैं। अनानास का यह प्राकृतिक डिजाईन बहुत सुंदर लगता है। अनानास का यह डिजाईन, हरे भूरे और पीले सुनहरी रंग का होता है। इसके सिरे पर नीले और हरे रंग के पत्तों का मुकुट होता है। इसके नीचे वाला हिस्सा अधिक मीठा होता है। अनानास पोषक तत्वों से समृद्ध फल है जो स्वास्थ के लिये अत्यंत लाभकारी होता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में अपनी महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका निभाता है।

अनानास की खेती कहां होती है? – Where is Pineapple Cultivated?

1. अनानास की जन्मस्थली ब्राजील है।

2. अनानास की खेती थाईलैंड, फिलीपींस, ब्राजील, नाइजीरिया, मैक्सिको, इंडोनेशिया, कोलंबिया, मलेशिया, केन्या, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका में की जाती है।

3. भारत अनानास के उत्पादन में विश्व में पांचवे स्थान पर है। भारत के पश्चिम बंगाल, बिहार, मेघालय, त्रिपुरा, असम, ओडिशा, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल  (समुद्री तटों पर) राज्यों और अण्डमान द्वीपसमूह, केंद्रिय शासित प्रदेश में अनानास की खेती की जाती है। 

अनानास के गुण – Properties of Pineapple

1. अनानास की तासीर ठंडी होती है।

2. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है। 

3. अनानास में लगभग 87 प्रतिशत पानी होता है। 

4. अनानास में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटी-कैंसर, एंटीप्लाक, एंटीजिंजिवाइटिस आदि गुण मौजूद होते हैं।

5. अनानास के औषधीय गुण ब्रोमेलेन (Bromelain) नामक तत्व के कारण होते हैं। ब्रोमेलैन एक पाचक एंजाइम है जो प्रोटीन के पाचन में मदद करता है। 

6. अनानास पौष्टिक गुणों का भण्डार है। यह फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, मैंगनीज, सोडियम, आयरन, जिंक, कॉपर जैसे खनिज और अनेक विटामिन से भरपूर होता है। 

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7. पोषक तत्व (मात्रा प्रति 100 ग्राम) –

पानी                               87 ग्राम

एनर्जी                       50 केसीएएल

प्रोटीन                            0.54 ग्रा.

टोटल लिपिड (फैट)           0.12 ग्रा.

कार्बोहाइड्रेट                    13.12 ग्रा.

शुगर                               9.85 ग्रा.

फाइबर (टोटल डाइटरी)      1.4 ग्रा. 

कैल्शियम                       13 मि.ग्रा.

फास्फोरस                        8  मि.ग्रा.

मैग्नीशियम                       12 मि.ग्रा.

आयरन                       0.29 मि.ग्रा.

पोटैशियम                       109 मि.ग्रा.

सोडियम                       1 मि.ग्रा.

कॉपर                       0.11 मि.ग्रा.

जिंक                               0.12 मि.ग्रा.

मैंगनीज                       0.927 मि.ग्रा.

सेलेनियम                       0.1 माइक्रो ग्रा.

विटामिन-सी               47.8 मि.ग्रा.

थियामिन                       0.079 मि.ग्रा.

नियासिन                       0.5 मि.ग्रा.

राइबोफ्लेविन               0.032 मि.ग्रा.

विटामिन-बी6               0.112 मि.ग्रा.

फोलेट (डीएफई)               18 माइक्रो.ग्रा.

विटामिन-ए (आईयू)       58 IU

विटामिन-के                      0.7 माइक्रो.ग्रा.

फैटी एसिड (सैचुरेटेड)       0.009 ग्रा.

फैटी एसिड 

(मोनोअनसैचुरेटेड)       0.013 ग्रा.

फैटी एसिड 

(पॉलीअनसैचुरेटेड)       0.04 ग्रा.

अनानास के उपयोग – Uses of Pineapple 

अनानास का निम्नलिखित रूप में उपयोग कर सकते हैं – 

1. अनानास को छीलकर, इसके छोटे-छोटे टुकड़े काटकर फल के रूप में ऐसे ही खा सकते हैं। 

2. अनानास के कटे हुऐ टुकड़ों को अन्य फलों के साथ सलाद के रूप में खा सकते हैं। 

3. अनानास का जूस निकाल कर पी सकते हैं। जूस में भुना हुआ जीरा और काला नमक मिला सकते हैं। 

4. अनानास के कटे हुऐ टुकड़ों को दही में मिलाकर रायता बना सकते हैं।

5. अनानास का जैम भी बनाया जा सकता है।

6. अनानास की चटनी भी बनाया जा सकती है।

अनानास कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिये? – How Much Pineapple Should be Consumed?

1. अनानास फल – एक स्वस्थ व्यक्ति एक दिन में एक कप कटा हुआ अनानास का सेवन कर सकता है। 

2. अनानास का जूस – अनानास के जूस की मात्रा निर्भर करती है कि किस रोग के उपचार के लिये जूस लेना है। इस संबंध में चिकित्सक से सलाह लें। वैसे एक गिलास अनानास का जूस, सप्ताह में दो बार पीया जा सकता है। 

स्पष्टीकरण – Explanation 

दोस्तो, इससे पहले कि हम अनानास के फायदे बतायें, देसी हैल्थ क्लब यह स्पष्ट करता है अनानास किसी रोग विशेष के उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी सामान्य या विशेष रोग से ग्रस्त व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बाद ही अनानास का सेवन करे। अनानास, रोग के लक्षण को कम करने या रोग से बचाव करने में सार्थक हो सकता है। 

अनानास खाने के फायदेBenefits of Eating Pineapple

दोस्तो, अब बताते हैं आपको स्वास्थ के लिये अनानास के फायदे जो निम्न प्रकार हैं –

1. मॉर्निंग और मोशन सिकनेस से राहत दिलाए (Relieve Morning and Motion Sickness)- सुबह उठते ही जी मिचलाना, या ऐसा लगना की जैसे उल्टी आयेगी, इस स्थिति को मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है। यह सिकनेस अधिकतर गर्भवती महिलाओं को होती है। रास्ते में सफर करते हुऐ, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्र में और जलमार्ग की यात्रा में जी मिचलाना, इसे मोशन सिकनेस कहा जाता है। अनानास का खट्टा-मीठा स्वाद होने के नाते इन समस्याओं से राहत दिलाता है। यद्यपि गर्भवती महिला को अनानास का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती परन्तु मॉर्निंग सिकनेस की स्थिति में अनानास का एक बहुत छोटा सा टुकड़ा खाया जा सकता है। इसी प्रकार मॉर्निंग सिकनेस की स्थिति में अनानास का जूस पीना या अनानास काटकर खाना, बेहद लाभकारी होता है। 

2. पाचन प्रक्रिया को स्वस्थ रखे (Keep Digestion Process Healthy)- अनानास को पेट के लिये एक उत्तम विकल्प माना गया है। ब्रोमलेन पाचन एंजाइमों का एक समूह है, जो प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है, इससे पाचन क्रिया सरल हो जाती है। यह पाचन शक्ति को उत्तेजित करता है और पेट तथा आंत की आंतरिक सतह को शांत करता है। अनानास में ब्रोमलेन उच्च मात्रा में मौजूद होता है। अनानास में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही प्रकार के फाइबर से प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये मल त्याग की क्रिया को आसान बनते हैं। यह भी पाचन क्रिया का महत्वपूर्ण भाग है। 

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3. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें (Strengthen the Immune System)- अनानास में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिये महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है। यह शरीर में बैक्टीरिया और वायरस के विरुद्ध लड़कर इनसे होने वाले रोगों से रक्षा करता है। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को मुक्त कणों (Free radicals) द्वारा क्षति से बचाते हैं। ये मुक्त कण रक्त धमनियों में प्लाक के बनने का कारण होते हैं, और प्लाक का बनना हृदय के लिये घातक होता है। अनानास में अनेक फाइटोकेमिकल्स (प्राकृतिक रसायन) तथा मैंगनीज, थियामिन, राइबोफ्लेविन, पाइरिडोक्सिन, कॉपर और फाइबर जैसे आवश्यक पोषक तत्व भी होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। 

4. सर्दी-जुकाम में फायदा (Benefit in Cold)- यद्यपि अनानास की तासीर ठंडी होती है परन्तु इसमें मौजूद विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हुऐ, सर्दी-जुकाम, फ्लू, कान में संक्रमण आदि से राहत दिलाता है। अनानास गले और नाक से संबंधित समस्या कैटर के लक्षणों को कम करता है। मस्तिष्क में सूजन आ जाने से और ज्यादा बलगम जमने लगता है। ऐसी स्थिति में अनानास के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इससे राहत दिलाते हैं। 

5. सूजन कम करे (Reduce Swelling)- अनानास में पाये जाने वाला ब्रोमेलेन नामक एंजाइम प्राकृतिक एंटीइंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करता है। यह एंजाइम साइनसाइटिस, गले में खराश के कारण सूजन, गठिया, गाउट, मांसपेशियों में  खिंचाव, मोच, चोट आदि व अन्य कारण से होने वाली सूजन और दर्द से राहत दिलाता है। अनानास के अतिरिक्त ब्रोमेलेन के सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह पर लिये जा सकते हैं। 

6. वजन कम करे (Lose Weight)- अनानास का सेवन वजन कम करने में मददगार हो सकता है। अनानास का जूस एंटीओबेसिटी तत्व की भांति काम करता है। इसमें कैलोरी भी कम होती है। अनानास का जूस पीने से लिपोजेनेसिस (lipogenesis – फैट बनने की चयापचय प्रक्रिया) में कमी आती है। एक गिलास जूस से पेट भरा-भरा सा रहता है और इसमें फाइबर की अधिक मात्रा होने के कारण लंबे समय तक भूख नहीं लगती और आपको एनर्जी भी मिलती है। इस तरह यह वजन कम करने में मदद करता है। 

7. हड्डियों को स्वस्थ रखे (Keep Bones Healthy)- हड्डियों के विकास और स्वास्थ के लिये कैल्शियम और मैंगनीज की आवश्यकता होती है। अनानास में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है और मैंगनीज भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। शरीर में मैंगनीज की कमी से हड्डियों में विकार उत्पन्न हो सकता है, हड्डियों के घनत्व में कमी आती है, ऑस्टियोपोरोसिस नामक अस्थि रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस नामक अस्थि रोग में हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि वे जरा सी चोट भी सहन नहीं कर पातीं और टूट जाती हैं। एक कप अनानास से सेवन करने से शरीर को दैनिक जरूरत का 75 प्रतिशत मैंगनीज मिल जाता है। इसी प्रकार अनानास शरीर को कैल्शियम की दैनिक जरूरत भी पूरी कर देता है जो हड्डियों की मजबूती बनाये रखता है। 

8. रक्तचाप को नियंत्रित करे (Control Blood Pressure)- अनानास में पोटैशियम उच्च मात्रा में मौजूद होता है तो वहीं सोडियम की बहुत कम मात्रा अनानास में मिलती है जो कि स्वास्थ की दृष्टि से यह अच्छी बात है, शरीर के रक्तचाप के लिये फायदेमंद है। पोटेशियम रक्तचाप को कम करता है तो सोडियम रक्तचाप को कंट्रोल कर रक्तचाप का सामान्य स्तर बनाये रखने में मदद करता है। इस प्रकार उच्च रक्तचाप की वजह से हृदय रोग का खतरा भी टल जाता है।  यदि कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर कम करने की दवाई ले रहा है या ब्लड को पतला करने की दवा ले रहा है तो उसे अनानास के सेवन की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि ऐसी स्थिति में ब्लड प्रेशर बहुत कम हो सकता है। 

9. कैंसर से बचाव (Cancer Prevention)- यद्यपि कैंसर जो कि गंभीर बीमारी होती है, इसका निवारण डॉक्टरी इलाज ही है जिसकी चिकित्सा प्रक्रिया बहुत लंबी होती है, परन्तु यदि संतुलित जीवन शैली और उचित खानपान से इसका काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। अनानास में पाये जाने वाला ब्रोमेलेन एंजाइम कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकता है। एक रिसर्च यह बताती है कि ब्रोमेलेन फ्री रेडिकल्स से लड़ने वाले रिएक्टिव ऑक्सीजन कणों और ऑटोफैगी (मृत कोशिकाओं की प्राकृतिक सफाई) को एक्टिव करके कैंसर होने की संभावना को खत्म कर सकता है। ब्रोमेलेन की एंटी-प्लेटलेट गतिविधियां भी कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं। अनानास के एंटीकैंसर गुण भी कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करके कैंसर की संभावना को खत्म कर सकते हैं। 

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10. मुंह के स्वास्थ्य के लिये (Oral Health)- अनानास के एंजाइम ब्रोमेलेन में एंटीप्लाक और एंटीजिंजिवाइटिस गुण पाये जाते हैं जो दांतों पर बैक्टीरिया वाली परत प्लॉक को नहीं बनने देते, जिससे जिंजिवाइटिस (मसूड़ों में सूजन) तथा दांतों और मसूड़ों से संबंधित अन्य रोग/विकार होने की संभावना नहीं रहती। ब्रोमेलेन दांतों की चमक और सफेदी बनाये रखने में मदद करता है। इसीलिये मुंह की स्वच्छता बनी रहती है और दांत और मसूड़े भी स्वस्थ्य बने रहते हैं।  

11. आंखों के स्वास्थ्य के लिये (Eye Health)- आंखों के स्वास्थ के लिये विटामिन-ए को आवश्यक माना जाता है। बढ़ती उम्र में अधःपतन (Degeneration) की समस्या होना सामान्य है। यह दृष्टि की क्षति होने का प्रथम कारण है जिसमें दृष्टि कम होती चली जाती है। अनानास में मौजूद विटामिन-ए की पर्याप्त मात्रा इस समस्या से बचाव करता है। एक अध्ययन के अनुसार रोजाना अनानास की तीन या अधिक सर्विंग्स का उपभोग करने से आयु-संबंधित धब्बेदार अव्यवस्था में 36 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। अतः अनानास का सेवन आंखों के स्वास्थ के लिये किया जा सकता है।

12. मासिक धर्म (Periods)- पीरियड्स के दिनों में महिलाओं को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मासिक धर्म की समस्‍याओं में जैसे दर्द, ऐंठन, अनियमितता के निवारण में अनानास अत्यंत लाभकारी होता है। अनानास के 25 से 50 मि।ली। जूस में एक-एक चम्मच शहद और अदरक का जूस मिलाकर पीने से इन समस्याओं का अंत हो जायेगा विशेषकर पीरियड्स की अनियमितता से राहत मिल जायेगी। पीरियड पर विस्तार से जानकारी के लिये हमारे पिछले आर्टिकल “पीरियड समय पर लाने का घरेलू उपाय” और  “Periods के दर्द को कम करने के घरेलू उपाय” पढ़ें।

13. त्वचा के लिये फायदेमंद (Beneficial for Skin)- अनानास में मौजूद विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हुऐ मृत त्वचा को हटाने में मदद करते हैं, क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करते हैं और त्वचा में नमी बनाये रखते हैं। अनानास के सेवन से त्वचा में निखार आता है और चमक में सुधार होता है। अनानास के गुण एंटी-ऐजिंग प्रभाव छोड़ते हुऐ चेहरे की झुर्रियों और फाईन लाइन्स को कम करते हुऐ, बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। अनानास के सेवन के अतिरिक्त इसके टुकड़ों को त्वचा पर 15-20 मिनट तक रगड़ सकते हैं, बाद में धो लें। इससे त्वचा दमक उठेगी और मुलायम हो जायेगी। 

14. बालों के स्वास्थ के लिये (Hair Health)- केराटीन एक मजबूत प्रोटीन होता है जो लचीले सल्फर यौगिकों से बनता है। बालों की ऊपर की परत और नाखून केराटीन से बने होते हैं। अनानास में सल्फर के कुछ यौगिक मौजूद होते हैं जो बालों के स्वास्थ के लिये आवश्यक केराटीन प्रोटीन का उत्पादन करते हैं। अनानास में आयरन, विटामिन-ई और डी की भी पर्याप्त मात्रा होती है जो बालों के स्वास्थ के लिये बहुत फायदेमंद होते हैं। अनानास के सेवन से बालों की जड़ें मजबूत बनती हैं जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है और डैंड्रफ की समस्या भी खत्म हो जाती है।

अनानास के नुकसान –  Side Effects of Pineapple

दोस्तो, अनानास के सेवन या अधिक सेवन से हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. कुछ लोगों को एलर्जिक प्रतिक्रियायें हो सकती हैं जैसे खुजली, त्वचा पर रैशेज़ पड़ जाना। 

2. उच्च मात्रा में विटामिन-सी होने के कारण पेट से जुड़ी समस्याऐं हो सकती हैं जैसे पेट में दर्द, पेट फूलना, पेट में गैस बनना, उल्टी, दस्त, महिलाओं को पीरियड में अधिक रक्तश्राव होना आदि।

3. खांसी, जीभ में सूजन, या निगलने में दिक्कत होना जैसी समस्याऐं बन सकती हैं। 

4. अनानास अम्लीय होने के कारण अधिक सेवन से दांतों का एनामेल (Enamel) नरम हो सकता है जिससे दांत सड़ सकते हैं। अतः अनानास खाने के बाद या अनानास का जूस को पीने के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला करना चाहिये।

5. अनानास में प्राकृतिक तौर पर उच्च मात्रा में शुगर होती है इसलिये यह चीकू,आम और पपीता के समान शुगर लेवल में वृद्धि हो सकती है। 

6. अनानस के अधिक सेवन करने से संधिशोथ (Rheumatoid Arthritis) की संभावना बन सकती है। 

7. अनानस के अधिक सेवन गले व किडनी विकारों का कारण बन सकता है।

8. अनानास में अबोर्टिफैसियंट (abortifacient) यानी गर्भपात कराने वाला गुण होता है, अतः गर्भवती महिलाओं को अनानास का सेवन ना करने की सलाह दी जाती है।  

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको अनानास खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनानास क्या है, अनानास की खेती कहां होती है, अनानास के गुण, अनानास के उपयोग और अनानास कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से अनानास के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको अनानास खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनानास क्या है, अनानास की खेती कहां होती है, अनानास के गुण, अनानास के उपयोग और अनानास कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया।
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