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शिमला मिर्च खाने के फायदे – Benefits of Eating Capsicum in Hindi

शिमला मिर्च खाने के फायदे

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, शिमला मिर्च से, वैसे तो नाम से मिर्च का परिचय मिलता है परन्तु काम से सब्जी का। जी हैं एक ऐसी सब्जी जो पोषक तत्वों से भरपूर है। शिमला मिर्च हरी, पीली और लाल रंग में मिलती है। यह विटामिन-सी, विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन से भरपूर होती है। यह कैलोरी और फैट में कम, कोलेस्‍ट्रॉल रहित होती है। यह याद दिलाती है एक ऐसे शहर की जो अंग्रेजों का प्रिय स्थान रहा है। भारत की आजादी से पहले यह शहर गर्मियों में अंग्रेज हुकूमत की राजधानी हुआ करता था। अंग्रेज जब इसके बीज लेकर भारत आये तो यहां बो दिये और खेती की शुरुआत हो गई। इसका उपयोग ना केवल सब्जी के रूप में होता है बल्कि सैंडविच, पास्ता तथा जंकफूड के लिये भी किया जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर शिमला मिर्च स्वास्थ के लिये अत्यंत लाभदायक होती है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “शिमला मिर्च खाने के फायदे”। 

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको शिमला मिर्च के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसे खाने के क्या फायदे होते हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि शिमला मिर्च क्या है और इसकी खेती कहां होती है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

शिमला मिर्च क्या है? – What is Capsicum?

शिमला मिर्च (Capsicum), मिर्च की एक प्रजाति है। बल्कि यह कहना माकूल होगा कि शिमला मिर्च, मिर्च का “वेरिएंट” है जिसने इसे मिर्च से हटाकर सब्जी के कटघरे (श्रेणी) में लाकर खड़ा कर दिया। इसका सब्जी के रूप में उपयोग करने के अतिरिक्त पिज्जा नूडल्स आदि फास्ट में भी उपयोग किया जाता है। मूल रूप से शिमला मिर्च दक्षिण अमेरिका महाद्वीप से संबंध रखती है।

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लगभग 3000 वर्षों से वहां इसकी खेती करने के प्रमाण मिले हैं। शिमला मिर्च किसी भी रंग की क्यों ना हो, सबमें विटामिन-सी, विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन उपस्थित होता है। शिमला मिर्च के रंगों के बारे में हम आगे बताएंगे। बलुई दोमट मिट्टी को शिमला मिर्च की खेती के लिये अच्छा माना जाता है, जमीन का पीएच मान 6 होना चाहिए। शिमला मिर्च, पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मियों के मौसम में तथा मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और बरसात में उगाया जाता है। इसकी खेती वर्ष में तीन बार की जा सकती है। 

पहली बुआई जून से जुलाई तक, दूसरी बुआई अगस्त से सितंबर और तीसरी बुआई नवंबर से दिसंबर तक की जा सकती है। इसका पौधा 40 डिग्री तक के तापमान को झेल सकता है। रोपाई के 75 दिन बाद पौधा पैदावार देना आरम्भ कर देता है। वैसे तो शिमला मिर्च की 20-27 प्रजातियां होती हैं, परन्तु पांच प्रजातियों की खेती व्यापक रूप से की जाती है। ये हैं – सी।एन्युम, सी।बैकाटम, सी।चिनेंस, सी।फ्रूटसेन्स तथा सी।प्यूब्सेंस। शिमला मिर्च का वैज्ञानिक और अंग्रेजी नाम केप्सिकम (Capsicum) है। 

शिमला मिर्च की खेती कहां होती है? – Where is Capsicum Cultivated?

1. शिमला मिर्च की जन्म स्थली दक्षिणी अमेरिका को माना गया है।

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2. दक्षिणी अमेरिका का पेरू देश विश्व में सबसे अधिक शिमला मिर्च का उत्पादन करता है।  

3. दक्षिणी अमेरिका के पेरू के अतिरिक्त दक्षिणी अमेरिका के ही देश ब्राजील, कोलंबिया, सेन्ट्रल अमेरिका का देश कोस्टारिका, उत्तरी अमेरिका के देश मैक्सिको तथा कई यूरोपियन देशों में शिमला मिर्च की खेती होती है।

4. भारत में शिमला मिर्च की खेती, तमिलनाडु, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों में की जाती है। 

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शिमला मिर्च नाम कैसे पड़ा? – How did Capsicum Get its Name? 

हमने ऊपर बताया है कि शिमला मिर्च मूल रूप से दक्षिण अमेरिका से संबंध रखती है और वहां लगभग 3000 वर्षों से इसकी खेती की जा रही है। दक्षिण अमेरिका में पहाड़ों की मिट्टी और वहां की जलवायु शिमला मिर्च खेती के लिए अनुकूल है। माना जाता है कि अंग्रेज जब भारत आये तो वे अपने साथ शिमला मिर्च के कुछ बीज भी लेकर आये और उन्हें आज के हिमाचल प्रदेश के शहर मला में बो दिए। वहां, इसकी फसल बहुत अच्छी उगी और लोगों के मन में यह धारणा घर कर गई की मिर्च केवल शिशिमला में ही उग सकती है। बस, तब से लोग, इसे शिमला मिर्च के नाम से जानने और पुकारने लगे। 

शिमला मिर्च कितने रंगों में आती है – How Many Colors Does Capsicum Come in?

पहले सामान्य तौर पर शिमला मिर्च हरे, पीले, नारंगी और सुर्ख लाल रंग की बाजार में आती थी, अब भी अधिकतर इन्हीं रंगों में आती है। परन्तु अब तो हालात ये हैं कि शिमला मिर्च हल्का लाल, गुलाबी, हल्का पीला, नीला, आसमानी, काला, मटियाला, बैंगनी, सफेद आदि अनेक रंगों में आती है। 

शिमला मिर्च के रंग कैसे बनते हैं? – How are the Colors of Capsicum Made?

शुरुआत शिमला मिर्च हरे रंग की ही होती है जैसे टमाटर होता है, आम होता है जो कि पकने पर रंग बदलते हैं। ठीक इसी प्रकार जब हरी शिमला मिर्च पकने लगती है तो इसका रंग पीला हो जाता है, जब यह और अधिक पकती है तो इसका रंग पीले से नारंगी हो जाता है। 

जब शिमला मिर्च पूरी तरह पक जाती है तो इसका रंग एकदम लाल हो जाता है टमाटर की तरह। इसे बायोलॉजिकल इफेक्ट (biological effect) कहा जा सकता है। इस विषय में कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि आजकल किसी भी रंग की सब्जी बोई जा सकती है। अब लाल और पीले तथा अन्य रंगों के शिमला मिर्च के अलग-अलग पौधे होते हैं। 

शिमला मिर्च के गुण – Properties of Capsicum

1. शिमला मिर्च की तासीर गर्म होती है।

2. हरी शिमला मिर्च कच्ची खाने में बहुत अजीब लगती है। इसका स्वाद, बेस्वाद होता है, हल्का का कड़वापन लिए हुए। लाल शिमला मिर्च कच्ची खाने में मीठी लगती है। पीले रंग की शिमला मिर्च, लाल शिमला मिर्च की तुलना में कम कम मीठी होती है। 

3. हर रंग की शिमला मिर्च में विटामिन-सी,  विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन से भरपूर होती है। यह कोलेस्‍ट्रॉल मुक्त होती है, कैलोरी तथा फैट भी बहुत ही कम (नहीं के बराबर)। 

4. शिमला मिर्च में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम आदि खनिज और विटामिन-ए, सी, बी, मौजूद होते हैं। 

5. शिमला मिर्च में पानी की प्रचुर मात्रा होती है। 

6. शिमला मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक, एंटीकैंसर, एंटीडायबिटिक गुण उपस्थित होते हैं। 

शिमला मिर्च के पोषक तत्व (मात्रा 100 ग्राम) – Nutrients of Capsicum (quantity 100 grams)

  • पानी : 92 प्रतिशत
  • एनर्जी : 18 Kcal
  • शुगर : 2. 35 ग्राम
  • प्रोटीन : 1.18 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉल : 0 मिलीग्राम
  • कुल वसा : 0.2 ग्राम
  • संतृप्त वसा : 0 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट : 4. 71 ग्राम
  • फाइबर डायटरी : 1.5 ग्राम
  • आयरन : 0.42 मिलीग्राम
  • सोडियम : 7 मिलीग्राम
  • पोटेशियम : 340 मिलीग्राम
  • कैल्शियम : 1 प्रतिशत
  • विटामिन-B6 : 15 प्रतिशत
  • विटामिन-सी 
  • (एस्कॉर्बिक एसिड) : 137 मिलीग्राम
  • विटामिन-ए : 353 .U
  • विटामिन-B6 : 15 प्रतिशत

शिमला मिर्च के उपयोग – Uses of Capsicum

शिमला मिर्च के निम्न प्रकार से उपयोग कर सकते हैं –

1. शिमला मिर्च की सब्जी बनाकर खा सकते हैं।

2. अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर सब्जी के रूप में। 

3. सलाद के रूप में।

4. वेजिटेबल सूप के रूप में। 

5. सैंडविच और बर्गर के बीच स्टफिंग के रूप में। 

6. पास्ता में डाला जा सकता है। 

7. इसको बारीक-बारीक काटकर पुलाव में भी डाल सकते हैं।  

8. पिज्जा या नूडल्स की गार्निशिंग में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। 

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शिमला मिर्च खाने का सही समय – Right Time to Eat Capsicum

शिमला मिर्च को खाने का कोई विशेष समय निश्चित नहीं है। इसे कभी भी खाया जा सकता है।  सुबह नाश्ते में, शाम को स्नैक्स के रूप में और भोजन के साथ सलाद के रूप में खा सकते हैं। 

शिमला मिर्च कितनी खानी चाहिए? – How much Capsicum Should be Eaten?

प्रतिदिन, एक दिन में 1350 मिलीग्राम तक शिमला मिर्च खाना सुरक्षित माना जा सकता है। 

शिमला मिर्च खाने के फायदे – Benefits of Eating Capsicum

दोस्तो, अब बताते हैं आपको शिमला मिर्च के फायदे जो निम्नलिखित हैं –

1. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखे (Keep the Digestive System Healthy)- यदि पाचन तंत्र ठीक नहीं है तो पेट की समस्याएं होती रहती हैं जैसे पेट में गैस बनना, पेट में दर्द रहना, कब्ज बन जाना और कब्ज से बवासीर। इसलिये पाचन तंत्र का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है।

 शिमला मिर्च में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है जो भोजन को रसदार बनाता है। इससे पाचन तंत्र का काम आसान हो जाता है, उसे अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। भोजन जल्दी पचता है। फाइबर मल को भी ढीला करता है ताकि त्यागने में आसान हो जाए। इससे पेट पूरे दिन के लिये नरम रहता है। 

2. वजन कम करे (Lose Weight)- शिमला मिर्च के खाने से वजन करने में मदद मिल सकती है। जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, वे शिमला मिर्च को अपने भोजन में शामिल करें क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत ही कम होती है, नहीं के बराबर। 

शिमला मिर्च में पानी की प्रचुर मात्रा होती है, फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है। ये लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते, पेट भरा-भरा रहता है। भूख शांत रहती है। कैलोरी बढ़ाए बिना, भूख को संतुष्ट करने के लिए शिमला मिर्च एक उत्तम उपाय है।

3. डायबिटीज में फायदा (Benefit in Diabetes)- प्रतिदिन शिमला मिर्च  का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिये अत्यंत लाभदायक होता है, विशेषकर टाइप 2 के मरीजों के लिये। यह टाइप 2 डायबिटीज को रोकने में मदद करती है।

शिमला मिर्च में मौजूद एंटीडायबिटिक गुण इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं जिससे ग्लुकोज लेवल सामान्य रहता है। इसके लिये हरी शिमला मिर्च विशेष रूप से लाभदायक होती है क्यों कि इसमें हाइपोग्‍लासेमिक (hypoglycemic) गुण उच्‍च मात्रा में उपलब्ध होते हैं। 

4. कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करे (Control Cholesterol Level)- शिमला मिर्च कोलेस्ट्रॉल मुक्त होती है, इसका तात्पर्य यह है कि इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता, इसके खाने से कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता। अलबत्ता, शिमला मिर्च खराब वाले कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करती है जिससे कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रिण में रहता है। बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय के लिये खतरा होता है जिसे कम करने में शिमला मिर्च मदद करती है। 

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5. हाई ब्लड प्रेशर को कम करे (Reduce High Blood Pressure)- शिमला मिर्च में पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा है जो हाई ब्लड प्रेशर के विरुद्ध अपना प्रभाव छोड़ता है। यह रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करता है ताकि ब्लड सर्कुलेशन निर्बाध गति से होता रहे। इससे रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है। इससे हाई प्रेशर कम होने में मदद मिलती है। पोटेशियम मांसपेशियों और मस्तिष्क की तंत्रिका गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिमला मिर्च के वार्मिंग गुण हृदय की असामान्‍य गति को सामान्य करने में मदद करते हैं।

6. हृदय स्वास्थ के लिये फायदेमंद (Beneficial for Heart Health)- वजन का बढ़ना, डायबिटीज, कोलेस्‍ट्रॉल का असामान्य स्तर, तनाव, हाई ब्लड प्रेशर हृदय स्वास्थ के लिये घातक होते हैं। इनके ही कारण हृदय रोग, अटैक, स्ट्रोक का जोखिम बना रहता है। 

शिमला मिर्च के एंटीऑक्‍सीडेंट गुण और फाइबर रक्त धमनियों को साफ करके अवरोध को हटाते हैं जिससे रक्त प्रवाह निर्बाध गति से होता रहता है। शिमला मिर्च ऑक्‍सीडेटिव स्ट्रेस को भी कम करने में मदद करती है। शिमला मिर्च के नियमित रूप से खाने से हार्ट आर्टरीज़ कभी कभी भी बंद नहीं होतीं। इस प्रकार शिमला मिर्च के सेवन से हृदय स्वस्थ बना रहता है।

7. कैंसर से बचाव (Cancer Prevention)- शिमला मिर्च के नियमित रूप से खाने से विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचाव किया जा सकता है। इस काम में शिमला मिर्च में पाए जाने वाला कैप्साइसिन (Capsaicin) नामक तत्व मदद करता है। यह कैंसर होने की संभावना को दूर करता है। 

शिमला मिर्च में मौजूद एंटीकैंसर गुण शरीर में कैंसर कोशिकाओं को पनपने और विकसित होने से रोकते हैं। हम यहां स्पष्ट कर दें कि कैंसर जैसी गंभीर रोग का डॉक्टरी उपचार जरूरी होता है, घरेलू उपाय केवल इनसे बचाव, कोशिकाओं को पनपने और विकसित ना होने देने में सहायक होते हैं।

8. आंखों के स्वास्थ के लिए (Eye Health)- दोस्तो, यह बहुत ही अच्छी बात है कि शिमला मिर्च में विटामिन-ए की पर्याप्त मात्रा होती है और इसमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैथिन नामक तत्व भी उपलब्ध होते हैं। विटामिन-ए को तो आंखों का विटामिन और आंखों के स्वास्थ के लिये उपयुक्त भोजन माना जाता है। विटामिन-ए, दृष्टि को बनाए रखने और दृष्टि को बढ़ाए रखने में मदद करता है। 

ल्यूटिन और ज़ेक्सैथिन उम्र से संबंधित धब्बेदार अध: पतन (age-related macular degeneration) के खतरों, जैसे धीरे-धीरे दृष्टि का कमजोर होना, मोतियाबिंद बनने की संभावना आदि, से बचाव करते हैं। शिमला मिर्च में फैट नहीं के समान होता है। कम फैट वाले खाद्य पदार्थ आंखों के लिए लाभदायक होते हैं। 

9. हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिये (Strength of Bones and Teeth)- शिमला मिर्च के सेवन कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है। कैल्शियम हड्डियों के विकास और मजबूती के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है। शिमला मिर्च में विटामिन-ए भी होता है जो हड्डियों और दांतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी, दांतों को मजबूती देता है। शिमला मिर्च में मौजूद मैग्नीशियम, आयरन जैसे खनिज, हड्डी खनिज घनत्व (bone mineral density) को बढ़ाने में मदद करते हैं जिससे हड्डियां और दांत मजबूत बनते हैं।

10. एनीमिया से बचाव (Prevention of Anemia)- आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया से बचाव करने में शिमला मिर्च सक्रिय भूमिका निभाती है। लाल रक्त कोशिकाओं के लिए आयरन, एक महत्वपूर्ण और आवश्यक घटक है। आयरन की कमी होने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम में और एनर्जी लेवल में कमी आती है।

शिमला मिर्च में आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है। इसके सेवन से शरीर को दैनिक जरूरत का आयरन मिल जाता है। इसके अतिरिक्त शिमला मिर्च में मौजूद विटामिन-सी, भोजन से आयरन को अवशोषित करता है जिससे एनीमिया से बचाव होता है। 

11. अल्सर में फायदा (Beneficial in Ulcers)- शिमला मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर से विषैले पदार्थों से मुक्त करते हैं जिससे पेट ठीक रह पाता है। शिमला मिर्च पेट में गैस बनने की समस्या से भी राहत दिलाती है तथा आंतों में होने वाली सिकुड़न को खत्म कर अल्सर से बचाव करती है। शिमला मिर्च अल्सर के उपचार में भी मदद करती है।

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12. दर्द निवारण करे (Relieve Pain)- शिमला मिर्च में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण उपस्थित होते हैं, जो गठिया की सूजन का हरण करके इससे होने वाले दर्द में आराम पहुंचाते हैं। शिमला मिर्च में पाए जाने वाले दर्द निवारक (analgesic) गुण, त्वचा से मेरुदण्ड (spinal cord) तक जाने वाले दर्द को रोक कर इसे खत्म करते हैं। नसों के दर्द के उपचार में भी शिमला मिर्च मदद करती है।

शिमला मिर्च खाने के नुकसान – Side Effects of Eating Capsicum

शिमला मिर्च खाने के हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. शिमला मिर्च खाने से यदि किसी को एलर्जी हुई है तो वह तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करे भविष्य में इसे अवॉइड करे।  

2. जलन, खुजली, रूखपन, दर्द, लालिमा, सूजन आदि की समस्या हो सकती है। 

3. पसीना ज्यादा आना, नाक बहना, आंखों से आंसू बहना, दस्त होना, जठरांत्र संबंधी ऐंठन,  (gastrointestinal cramping) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

4. एसिडिटी की समस्या हो सकती है। 

5. रक्त विकार से की समस्या वाले लोगों को शिमला मिर्च को अवॉइड करना चाहिए क्योंकि यह रक्त स्राव की वजह बन सकती है। 

6. सर्जरी के दो हफ्ते पहले से शिमला मिर्च ना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि सर्जरी के दौरान यह ज्यादा स्राव की वजह बन सकती है। 

7. ब्लड प्रेशर के मरीजों को शिमला मिर्च का अधिक सेवन ना करने की सलाह दी जाती है क्यों यह समस्या में और वृद्धि कर सकती है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको शिमला मिर्च खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिमला मिर्च क्या है?, शिमला मिर्च की खेती कहां होती है, शिमला मिर्च नाम कैसे पड़ा, शिमला मिर्च कितने रंगों में आती है, शिमला मिर्च के रंग कैसे बनते हैं, शिमला मिर्च के गुण, शिमला मिर्च के पोषक तत्व, शिमला मिर्च के उपयोग, शिमला मिर्च खाने का सही समय और शिमला मिर्च कितनी खानी चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से शिमला मिर्च खाने के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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शिमला मिर्च खाने के फायदे
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शिमला मिर्च खाने के फायदे
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको शिमला मिर्च खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिमला मिर्च क्या है?, शिमला मिर्च की खेती कहां होती है, शिमला मिर्च नाम कैसे पड़ा, शिमला मिर्च कितने रंगों में आती है, शिमला मिर्च के रंग कैसे बनते हैं, शिमला मिर्च के गुण, शिमला मिर्च के पोषक तत्व, शिमला मिर्च के उपयोग, शिमला मिर्च खाने का सही समय और शिमला मिर्च कितनी खानी चाहिए, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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