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वियाग्रा खाने के नुकसान – Disadvantages of Taking Viagra in Hindi

वियाग्रा खाने के नुकसान

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, आज हम अपने आसपास सुख-सुविधाओं और चिकित्सा सुविधाओं को देखते हैं और उनका उपयोग करते हैं, वे विश्व के महान वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम का परिणाम है। कोरोना महामारी की वैक्सीन की दवा का आविष्कार इसका सशक्त और नवीनतम उदाहरण है, जो मानव जीवन को बचाने के लिए वरदान साबित हुई। जब आविष्कार की बात चलती है हमें यह जानकर सुखद आश्चर्य होता है कि कुछ आविष्कार गलती से हुए अर्थात् वैज्ञानिक बना तो कुछ और रहे थे मगर बन गया कुछ और। उदाहरण के लिए पेसमेकर, एक्स रे, पेनिसिलीन, माइक्रोवेव ओवन, टेफ्लॉन, सेफ्टी पिन, स्लिंकी, टी बैग, कोका कोला, पॉप्सिकल्स, डायनामाइट, फ्रेंच फ्राइज़, पोटैटो चिप्स, गोंद, चॉकलेट चिप कुकीज, आदि।

ये आविष्कार ऐसे चमत्कार साबित हुए जिन्होंने ज़िन्दगी का नक्शा ही बदलकर रख दिया। ऐसे ही एक गलती से हुए आविष्कार का नाम है वियाग्रा (Viagra) दवा। वियाग्रा का जन्म कैसे हुआ, इसका जिक्र हम आगे करेंगे। अभी हम आपको यह बता दें कि वियाग्रा एक ऐसी दवा है जो उन पुरुषों में यौन उत्तेजना को बढ़ाने में मदद करती है जिनको यौन उत्तेजना में प्राकृतिक रूप से कमी महसूस होती है। मेडिकल भाषा में कहें तो यह स्तंभन दोष  (Dysfunction – ED) को दूर करने का काम करती है। यह नोटिस किया गया है कि इस दवा का उपयोग वे लोग तो करते ही हैं जिनको वास्तव में इसकी जरूरत है मगर वे लोग भी करते हैं जिनको इसकी कोई आवश्यकता ही नहीं है।

तात्पर्य साफ़ है कि इस दवा का सदुपयोग कम और दुरुपयोग अधिक होता है। वियाग्रा का दुरुपयोग करने से होने वाले नुकसानों में एक सबसे बड़ा नुकसान होता है और वो है ज़िन्दगी का नुकसान यानि मृत्यु। आखिर ऐसा क्या है इस वियाग्रा में जिससे नुकसान होता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “वियाग्रा खाने के नुकसान”। देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको वियाग्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसके नुकसान क्या हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि वियाग्रा क्या है और इसका जन्म कैसे हुआ? फिर, इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

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वियाग्रा क्या है? – What is Viagra?

दोस्तो, वियाग्रा (Viagra) एक यौन उत्तेजक दवा है जिसका उपयोग मुख्य रूप से स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction – ED) तथा फुफ्फुसीय धमनी उच्च रक्तचाप (Pulmonary Arterial Hypertension) के उपचार के लिए किया जाता है। यह दवा टेबलेट के रूप में डायमंड के आकार में नीले रंग में है परन्तु अब स्ट्रिप, जेली या फिल्म के रूप में भी बाजार में मिलती है। 

टेबलेट को मुंह से निगलकर लिया जाता है। मुंह द्वारा लिए जाने के 20 मिनट के भीतर इसका प्रभाव शुरु होता है जो कि लगभग 2 घंटे से 12 घंटो तक रहता है। वस्तुतः वियाग्रा सिल्डेनाफिल साईट्रेट (Sildenafil Citrate) ही है। यह भी कहा जा सकता है कि वियाग्रा, सिल्डेनाफिल साइट्रेट नामक एक यौगिक के ब्रांड का नाम है। सिल्डेनाफिल साइट्रेट का रासायनिक सूत्र सी ^ 22 एच ^ 30 एन ^ 6 ओ ^ 4 एस है। 

जहां तक महिलाओं की बात है यह समझिए कि महिलाओं में कामेच्छा की कमी को मेडिकल भाषा में हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर कहा जाता है। महिलाओं में कामेच्छा जागृत करने के लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ( US Food and Drug Administration – FDA) ने फ्लिबेंसेरिन (Flibanserin) नामक गोली तथा ब्रेमेलानोटाइड (Bremelanotide) नामक इंजेक्शन को स्वीकृति दी है। इन्हीं दवाओं को “महिला वियाग्रा” के रूप में जाना जाता है। ये पुरुष वियाग्रा से एकदम अलग हैं और इनका Concept भी अलग है। 

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वियाग्रा का जन्म कैसे हुआ? – How was Viagra Born?

दोस्तो, अब बताते हैं आपको सिलसिलेवार वियाग्रा के जन्म का विवरण जो निम्न प्रकार है –

(i) 1989 सन् 1989 में अमेरिका की एक कंपनी फाइजर हृदय में ब्लड सर्कुलेशन को सही करने के लिये काम कर रही थी। वस्तुतः वह एंजाइना के इलाज के लिए दवा बनाने का काम कर रही थी। एंजाइना एक ऐसी मेडिकल स्थिति है जिसमें हृदय को रक्त पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाओं में संकुचन आ जाता है जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट आती है।

 रक्त प्रवाह में रुकावट आने पर हृदय को पंप करने के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिल पाता। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति के सीने में दर्द होने लगता है और सांस लेने में परेशानी होती है। किसी भी दवा को बाजार में उतारने से पहले इसका ट्रायल किया जाता है। फाइजर कंपनी ने नव निर्मित सिल्डेनाफिल नामक यौगिक का टेस्ट कुछ पुरुषों पर शुरु कर दिया तो चौंकाने वाले नतीजे मिले। 

इसके सेवन से लोगों के शरीर में उत्तेजना उत्पन्न होने लगी और उनके यौन संबंधों में सुधार आने लगा। परन्तु हृदय रोग के लिये यह सिल्डेनाफिल फेल हो गई। यद्यपि वैज्ञानिकों ने इस पर काम तो बंद कर दिया मगर इसके साइड इफैक्ट पर शोध जारी रखा। अब इस कंपनी ने स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction – ED) पर काम शुरू कर दिया। 

(ii) 1996 – 1996 में फाइजर कंपनी ने सिल्डेनाफिल दवा पेटेंट करा ली। 

(iii) 1997 – 1997 में कंपनी ने लाइसेंस के लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ( US Food and Drug Administration – FDA) के पास आवेदन कर दिया। 

(iv) 1998 – 27 मार्च 1998 को FDA ने सिल्डेनाफिल नामक दवा को मेडिकल उपयोग के लिए स्वीकृति दे दी।

(v) 1998 – अप्रैल 1998 में सिल्डेनाफिल, अमेरिका के मेडिकल स्टोर्स में पहुंच गई जो वियाग्रा के नाम से जानी जाती है। 

वियाग्रा की खुराक उपलब्धता – Viagra Dosage Availability 

वियाग्रा टेबलेट का रंग नीला और आकार डायमंड का है और यह तीन अलग-अलग खुराक में मिलती है। विवरण निम्न प्रकार है-

1. 25 मिलीग्राम – इसके एक तरफ “पीएफआईज़र” और “वीजीआर 25” मार्क है।

2. 50 मिलीग्राम – इस टेबलेट पर “वीजीआर 50” मार्क है।

3. 100 मिलीग्राम – इस टेबलेट पर “वीजीआर 100” मार्क है।

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वियाग्रा का उपयोग – Use of Viagra

वियाग्रा का सेवन टेबलेट के रूप में मुंह से निगलकर किया जाता है या सीधे नसों में इसका इंजेक्शन लगाया जाता है या सूक्ष्म रूप से (जीभ के नीचे घोलकर) लिया जाता है।

वियाग्रा कैसे काम करती है? – How does Viagra Work?

यहां हम स्पष्ट कर दें कि वियाग्रा दवा पुरुषों के स्तंभन दोष से अस्थाई तौर पर निपटने में मदद करती है ना कि प्राकृतिक रूप से स्थाई तौर पर उपचार करती है। विशेषज्ञों के अनुसार 70 से 80 प्रतिशत पुरुषों में स्तंभन दोष की समस्या केवल उनके दिमाग में एक वहम के रूप होती है ना कि वास्तव में वे इस रोग से पीड़ित होते हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर वियाग्रा लेने की सलाह नहीं देते। शेष 20-30 प्रतिशत मामलों में जहां वास्तव में स्तंभन दोष की गंभीर समस्या होती है, डॉक्टर वियाग्रा रिकमंड कर सकते हैं। डॉक्टर अधिकतर वियाग्रा 25 मिलीग्राम लेने की सलाह देते हैं। अब बताते हैं आपको वियाग्रा के काम करने के बारे में। विवरण निम्न प्रकार है –

शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड केमिकल के प्राकृतिक तौर पर रिलीज़ होने से यह पीनाइल मसल्स की ओर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है जिससे पुरुष के प्राइवेट पार्ट में उत्तेजना आती है। वियाग्रा भी इसी थ्योरी पर काम करती है। वियाग्रा के सेवन के लगभग 20 मिनट के अंदर शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ता है जो कि पीनाइल मसल्स को प्रभावित करने लगता है जिससे पुरुषों में यौन उत्तेजना आने लगती है। 

वियाग्रा का सेवन कब नहीं करना चाहिए? – When should Viagra not be Taken?

वियाग्रा का सेवन निम्नलिखित स्थितियों में नहीं करना चाहिए –

  1. जब पुरुष पूरी तरह प्राकृतिक रूप से भरपूर यौन उत्तेजना महसूस करता हो।
  2. बहरेपन की स्थिति में।
  3. हृदय सम्बंधित कोई रोग/समस्या की स्थिति में।
  4. एंजाइना की स्थिति में।
  5. छाती में दर्द होने पर।
  6. कुछ दवाओं के सेवन करने पर जैसे कि एंजियवेल, एमलिप 5, वासोविन एक्सएल 2।5 कैप्सूल, निकोड्यूस 10, सिंथिवन, प्रोलोमेट एएम 50, रिटोम्यून 100, कार्डेस एएम 5, एज़ी 500 मिलीग्राम इंजेक्शन आदि। इनमें यह नकारात्मक प्रभाव छोड़ती है। 

वियाग्रा की मात्रा – Quantity of Viagra

एक दिन में केवल एक बार वियाग्रा का सेवन किया जा सकता है। दवा की मात्रा कितनी मिलीग्राम होगी यह आपका डॉक्टर निर्धारित करेगा। अधिक मात्रा में लेने से बहुत बार मौतों की खबरें आती रही हैं। 

वियाग्रा खाने के नुकसान – Disadvantages of Taking Viagra

दोस्तो, अब बताते हैं आपको वियाग्रा के नुकसानों के बारे में, जो इसके अधिक सेवन से या बिना डॉक्टर की सलाह पर सेवन करने से या प्राकृतिक रूप से यौन संबंध बनाने के लिए सक्षम होने पर भी सेवन करने से हो सकते हैं। ये निम्न प्रकार हैं –

  1. आंखों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है। अचानक एक आंख से या दोनों आंखों से दिखाई देना बंद हो सकता है। इस गंभीर रोग को मेडिकल भाषा में नॉन आर्टेरिटिक सेमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी नाइन कहा जाता है।
  2. वियाग्रा लेने के दो घंटे बाद ब्लड प्रेशर लो में आ सकता है।
  3. लिवर तथा किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। पाचन प्रणाली गड़बड़ा सकती है। 
  4. सामान्य रूप से रक्त प्रवाह में बदलाव से नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर बढ़ने सिर में दर्द होना स्वाभाविक है। इससे चक्कर भी आ सकते हैं। 
  5. नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर बढ़ने से पूरे दिन सुस्ती बनी रह सकती है।
  6. शरीर में दर्द
  7. कमर में जकड़न
  8. चेहरे पर सूजन आ सकती है या रेशैज पड़ सकते हैं। शरीर के अन्य भागों पर भी रेशैज पड़ सकते हैं।
  9. बहुत ज्यादा गर्मी लगना और प्यास बढ़ जाना।
  10. नाक से खून आ सकता है।
  11. मितली, उलटी की समस्या हो सकती है। 
  12. सांस लेने में परेशानी हो सकती है। 
  13. सीने में दर्द हो सकता है।
  14. हृदय गति बढ़ जाने से हृदय से जुड़ी समस्या हो सकती है।

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वियाग्रा खाने के फायदे  – Benefits of taking Viagra

दोस्तो, वियाग्रा को उस दृष्टिकोण से भी देखने की जरूरत है जिस प्रायोजन से लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। हम बता रहे हैं वियाग्रा के कुछ फायदे जो निम्न प्रकार है – 

  1. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस्तेमाल करने वाले पुरुष का आत्मविश्वास बढ़ जाता है। उसे यह सोचकर खुशी मिलती है कि उसका परफॉर्मेंस अच्छा रहा। 
  2. मूत्र विसर्जन के समय, दर्द होना, जलन होना जैसे लक्षण प्रोस्टेट ग्लेंड के बढ़ जाने से होता है जो कि बढ़ती उम्र के साथ ऐसा होना स्वाभाविक है। इस समस्या से काफी हद तक वियाग्रा छुटकारा दिला सकती है।
  3. स्तंभन दोष की समस्या से राहत दिलाती है, बेशक अस्थाई रूप से ही सही।  
  4. सैंट जॉर्ज विश्वविद्यालय, लन्दन के कुछ शोधकर्ताओं के शोध यह बताते हैं कि वियाग्रा मस्तिष्क रोगों के उपचार के लिए लाभकारी हो सकती है। इसके सेवन से डेमेनशिया को शुरुआत में ही रोका जा सकता है तथा यह स्मरण शक्ति बढाने में मदद कर सकती है। 
  5. वियाग्रा के सेवन से स्तंभन दोष दूर होने पर पुरुष “पुरुष बांझपन” से बच जाता है। 
  6. मिट्टी में वियाग्रा मिला देने से सूखे पौधे फिर से हरे हो जाते हैं।

Conclusion –

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको वियाग्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वियाग्रा क्या है?, वियाग्रा का जन्म कैसे हुआ, वियाग्रा की खुराक उपलब्धता, वियाग्रा का उपयोग, वियाग्रा कैसे काम करती है, वियाग्रा का सेवन कब नहीं करना चाहिए और वियाग्रा की मात्रा, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से वियाग्रा के बहुत सारे नुकसान बताए और कुछ उपाय भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

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Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको वियाग्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वियाग्रा क्या है, वियाग्रा का जन्म कैसे हुआ, वियाग्रा की खुराक उपलब्धता, वियाग्रा का उपयोग, वियाग्रा कैसे काम करती है, वियाग्रा का सेवन कब नहीं करना चाहिए और वियाग्रा की मात्रा, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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