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मेंहदी के फायदे – Benefits of Mehndi in HIndi

मेंहदी के फायदे

दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। आपने औषधीय गुणों से भरपूर, मेंहदी तो देखी ही होगी बल्कि इसका उपयोग भी किया होगा। मेंहदी नारी श्रृंगार का एक अटूट अंग है, जिसके बिना किसी भी रीति-रिवाज़, त्यौहार की कल्पना भी नहीं की जा सकती चाहे वह तीज़ हो या ईद। इसकी हरे रंग की पत्तियां या पिसा हुआ हरे रंग का पाउडर, पानी के साथ पेस्ट बनाये जाने पर कैसे लाल रंग में परिवर्तित हो जाते हैं। यह करिश्मा होता है मेंहदी में पाये जाने वाले लॉसन (Lawson) नामक यौगिक के कारण। इसके फायदों को देखते हुए, पश्चिमी देशों में भी, 1990 के दशक से मेंहदी का चलन देखने को मिला है।

आज के आर्टिकल का नाम “मेंहदी के फायदे” रखते हुए, देसी हैल्थ क्लब आपको मेंहदी के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इसके क्या फायदे हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि मेंहदी क्या है और मेंहदी की खेती कहां होती है?। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देंगे।

मेहंदी क्या है? – What is Mehndi?

दोस्तो, मेहंदी औषधीय गुणों से समृद्ध पौधा है जो प्राकृतिक तौर पर नदियों, तालाबों के किनारे या जंगलों में झाड़ी रूप में मिलता है। अब इसकी व्यवसायिक तौर पर खेती की जाने लगी है। अक्सर देखा गया है कि लोग अक्सर इसे घर के गार्डन में लगा लेते हैं क्योंकि उनको शुद्ध प्राकृतिक मेहंदी मिल जाती है। बाजार से मिलावटी मेहंदी का झंझट ही खत्म। बागों में भी इसकी सदाबहार झाड़ियों की बाड़ लगाई जाती है। 

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मेहंदी की टहनियों को काटकर भूमि में गाड़ देने से ही नए पौधे बन जाते हैं। इसका पौधा 8-10 ऊंचा हो जाता है जो छाड़ी का रूप ले लेता है। मेहंदी का पौधा कांटेदार होता है, इसके सफेद या हल्के पीले रंग के फूल निकलते हैं। मेहंदी की पत्तियों को तोड़कर पानी के पीसकर गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता है। इस पेस्ट को हाथों पर लगाकर छोड़ दिया जाता है। 

दो, तीन घंटे बाद इसे धो दिया जाता है तब हाथों को मिलता है मेहंदी का लाल-मैरून रंग जिसे देखकर स्वतः ही होंठो पर मुस्कान आ जाती है। यह रंग कई सप्ताह तक नहीं उतरता। मेहंदी लिथेसिई (lythraceae) कुल का पौधा है जिसका वैज्ञानिक नाम लॉसनिया इनर्मिस (Lawsonia Inermis) है। इसे अंग्रेजी में Henna (हेना) और अरबी, फारसी में हिना (Hinna) कहते हैं। इसकी लगभग 260 प्रजातियां हैं। 

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मेहंदी की खेती – Cultivation of Mehndi

1. मेहंदी, उत्तरी अफ्रीका, मिस्र, अरब देश, भारत तथा पूर्वी द्वीप समूह में पाई जाती है।

2. भारत में सबसे अधिक राजस्थान राज्य के पाली जिले में की जाती है, लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्रफल। राजस्थान के अतिरिक्त मेहंदी की खेती हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात तथा छत्तीसगढ़ राज्यों में की जाती है। 

मेंहदी का महत्व – Importance of Mehndi

1. भारत में मेंहदी के महत्व का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि शादी से पहले वर पक्ष की तरफ से कन्या के लिये मेंहदी भेजी जाती है जिसे शादी से एक रात पहले कन्या के हाथों और पैरों में लगाया जाता है। इसे “शगुन की मेंहदी” या “मेंहदी वाली रात” कहा जाता है। दूसरी ओर इसी रात को दूल्हे के हाथों में भी मेंहदी लगाई जाती है। यह श्रृंगार का पहला और सबसे महत्वपूर्ण प्रसाधन सामग्री है। 

भारत में कोई भी त्यौहार हो जैसे होली पूजन, वट पूर्णिमा, तीज, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, करवा चौथ, दीवाली, भाई दूज आदि, इन पर महिलाएं जमकर श्रृंगार करती हैं जिसमें हाथ, पैरों को सजाने के लिये मेंहदी का इस्तेमाल किया जाता है। कुंवारी कन्याओं के लिये मेंहदी लगाने पर कोई पाबंदी नहीं है। 

2. केवल हिंदुओं के लिये ही मेंहदी महत्व नहीं रखती बल्कि इस्लाम में भी इसका विशेष महत्व है। मुस्लिम शादियों में, ईद-उल-फितर और ईद-उल-जुहा जैसे त्योहारों पर मुस्लिम महिलाएं मेहंदी का उपयोग कर हाथों को सजाती हैं। 

3. मेंहदी, भारत के अतिरिक्त, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, नेपाल, ईरान, अरब देशों, मालदीव और श्रीलंका में भी मुस्लिम महिलाओं में शरीर कला के रूप में लोकप्रिय है। 

4. आधुनिक युग में मेंहदी का महत्व और लोकप्रियता इसलिये भी ज्यादा बढ़ गये हैं कि क्या महिलाएं क्या पुरुष, अधिकतर सभी बालों को रंगने के लिये इसका प्रयोग करने लगे हैं। 

मेहंदी के गुण – Properties of Mehndi

1. मेहंदी की प्रकृति (तासीर) ठंडी होती है इसीलिये पैरों की गर्मी को शांत करने के लिये इसे पैरों के तलवों पर लगाया जाता है। 

2. मेंहदी में लॉसन (Lawson), कलरिंग एजेंट नामक यौगिक पाया जाता है। इसी कारण यह  प्राकृतिक तौर लाल रंग छोड़ती है। 

3. मेहंदी औषधीय गुणों से समृद्ध होती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीट्यूमर, एंटीपायरेटिक आदि कई सारे गुण पाये जाते हैं। 

4. मेहंदी में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मेगनीज और फास्फोरस मौजूद होते हैं।

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मेहंदी का उपयोग – Uses of Mehndi

1. दोस्तो, जहां तक मेहंदी का उपयोग का प्रश्न है तो इसका इतिहास प्राचीन मिस्र से 9,000 वर्ष पुराना है, जो मेहंदी का उपयोग अपने बालों और नाखूनों को रंगने और अधिक सुंदर दिखने किया करते थे।

2. प्राचीन मिस्र के लोगों ममियों को दफ़नाने से पूर्व ममियों के नाखूनों को रंगने और सजाने के लिये मेहंदी का उपयोग किया करते थे। 

3. भारत में मेंहदी की मौजूदगी चौथी और पांचवीं शताब्दी में मिलती है। अजंता की गुफाओं में, कई भित्ति चित्र मिलते हैं जिनमें महिलाओं को, शारीरिक रंग के रूप में मेंहदी के साथ चित्रित किया गया है। 

4. आधुनिक युग में मेंहदी का उपयोग पुरुष और महिलाएं अपने सिर के बाल रंगने के लिये करते हैं। महिलाएं, कुछ पुरुष भी अपने नाखून, हाथ, पैर और उंगलियों की सजावट के लिये करते हैं।

5. इसका उपयोग चमड़ा और ऊन रंगने के लिये भी किया जाता है। 

6. मेंहदी के फूलों को सुखाकर इसका सुगंधित तेल भी बनाया जाता है। 

7. स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए मेंहदी की पत्तियों, छाल और बीज का उपयोग किया जाता है।

मेहंदी के फायदे – Benefits of Mehndi

दोस्तो, अब बताते हैं आपको मेहंदी के कुछ फायदे जो निम्न प्रकार हैं – 

1. नारी सौंदर्य को निखारे (Enhance Female Beauty)- मेहंदी का सबसे बड़ा और प्रमुख फायदा ये है कि यह नारी सौंदर्य को चार चांद लगा देती है। इसके बिना नारी श्रृंगार अधूरा लगता है। यह नारी के लिये प्रकृति का सबसे अनूठा उपहार है। भारत में तीज और करवा चौथ महिलाओं के प्रमुख त्यौहार हैं इन पर सजना संवरना, हाथ पैरों पर मेहंदी लगाना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है।

शादी पर श्रृंगार के लिये यह श्रृंगार की आवश्यक आवश्यकता है। इसके लिये शादी से पहले वाली रात को विशेष नाम दिया गया “मेहंदी वाली रात”। इसके अतिरिक्त ईद सहित सभी त्यौहारों पर महिलाऐं मेहंदी लगाकर अपने सौंदर्य को निखारती हैं। 

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2. रोज़गार मिला (Got Employment)- मेहंदी लगाना एक कला बन चुका है जो हर किसी को नहीं आती और ना ही कोई खुद घर पर लगाता है। इसलिये सभी मेहंदी डिजाइनर के पास जाना पसंद करते हैं। इस कला को सीखकर भारत में लाखों बेरोज़गार युवक, युवतियों को इससे रोज़गार मिला है और वे अपने परिवार को चला रहे हैं। यह मेहंदी का व्यवसायिक दृष्टि से बहुत बड़ा फायदा है। 

ये लोग ब्यूटी पार्लर के साथ अटैच हो जाते हैं। शादियों के सीज़न में इनकी डिमाण्ड बहुत बढ़ जाती है, इसीलिये इनकी बुकिंग कई-कई महीने पहले करानी पड़ती है। शादी के सीज़न में मेहंदी लगाने वालों की चांदी हो जाती है। यही हाल करवा चौथ के समय भी होता है। मेहंदी लगवाने के लिये लाइन लगी रहती है। बाकी के दिनों/त्यौहारों पर भी मेहंदी डिजाइनर्स को काम मिलता रहता है। निष्कर्षतः मेहंदी रोज़गार का बहुत बड़ा साधन बन चुकी है। 

3. बालों में लगाने वाली मेहंदी का व्यवसायीकरण (Commercialization of Hair Henna)- लगभग 80 प्रतिशत स्त्री और पुरुष अपने बालों को रंगने के लिये मेहंदी का उपयोग करते हैं, बाकी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करना पसंद नहीं करते। पहले ये लोग बाजार से मेहंदी का पैकेट खरीद कर खुद ही बालों में मेहंदी लगाते थे या परिवार के किसी सदस्य द्वारा मेहंदी लगवा लिया करते थे। समय बीतने के साथ यह बालों में मेहंदी लगाने की विधि भी “कला” बन गई और जा पहुंची सैलून और ब्यूटी पार्लर के यहां। 

देखते ही देखते इसने कब व्यवसाय का रूप धारण कर लिया पता ही नहीं चला। आज हालत यह है कि अब हर कोई सैलून/ब्यूटी पार्लर के यहां जाकर बालों में मेहंदी लगवाता है। परिणाम स्वरूप बाजार में इस मेहंदी की डिमाण्ड बढ़ने लगी, व्यवसाय बढ़ने लगा और सैलून/ब्यूटी पार्लर की कमाई भी बढ़ने लगी है। भारत में बालों वाली मेहंदी का बहुत बड़ा बाजार खड़ा हो गया है, यह बहुत बड़ा फायदा है। 

4. बालों के लिए मेहंदी के फायदे (Benefits of Henna for Hair)- अब बालों की बात चली है तो आपको बालों में मेहंदी के फायदे भी बता दें। मेहंदी बालों को प्राकृतिक रंग प्रदान करती है, बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान कर बालों को झड़ने से बचाती है। लंबी बीमारी के बाद बाल झड़ने लगते हैं, यह बाल झड़ने की गति को कम करती है। मेहंदी से बाल घने, लंबे और रेशमी चमकदार बनते हैं। 

नींबू और दही को मेहंदी के साथ मिलाकर सिर में लगाने से डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा मिलता है। मेहंदी, बालों की कंडिशनिंग  (Conditioning) के लिये उत्तम विकल्प है। बस, इसमें एक अंडा और थोड़ी सी दही मिलानी पड़ेगी। बालों के लिये मेहंदी का यह भी फायदा है कि यह बालों में तैलिय प्रक्रिया की गति को कम करती है जिससे आपके बाल ऑयली और चिपचिप दिखाई नहीं देते। बालों पर मेंहदी लगाने के बारे में विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “बालों में मेंहदी लगाने के फायदे” पढ़ें।

5. शरीर की गर्मी कम करे (Reduce Body Heat)- चूंकि मेहंदी की तासीर ठंडी होती है, इसलिये यह शरीर की गर्मी को कम करने में सक्षम है। कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि जैसे शरीर से भभका निकल रहा हो। हाथ की हथेलियों और पैर के तलवों में से मानो आग निकल रही है तो ऐसी स्थिति में हाथ पैरों में मेहंदी का पेस्ट बनाकर लगायें। इससे शरीर की सारी गर्मी खिंच जायेगी। या मेहंदी के ताजा पत्तों को रात भर के लिये पानी में भिगो कर रख दें, अगले दिन सुबह इस पानी को छानकर पीयें। याद रखें कि मेहंदी के पत्ते नहीं पीने हैं, केवल पानी पीना है। 

6. खून साफ करे (Clean the Blood)- हमने ऊपर बताया है कि रात भर भीगे मेहंदी के पत्तों का पानी सुबह पीने से शरीर की गर्मी दूर होती है। इसका एक फायदा यह भी होता है कि यह औषधी के रूप में कार्य करते हुए यह पानी, खून को भी साफ करता है जिससे रक्त विकार की कोई संभावना नहीं रहती। मेहंदी वाला पानी पीने का तरीका वही है जो हमने ऊपर बताया है। 

7. पेट के लिये फायदेमंद (Beneficial for Stomach)- मेहंदी में मौजूद कुछ पोषक तत्व औषधी के रूप में कार्य करते हुए पेट की बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है। इसके लिये मेहंदी के ताजा पत्तों को पीसकर हल्के गुनगुने पानी के साथ पीयें। कब्ज़ से छुटकारा पाने के लिये 10 ग्राम मेहंदी के ताजा पत्ते और इतनी ही मात्रा में किशमिश लेकर इनको मिक्स कर लें और रात को भोजन करने के बाद 10 से 20 ग्राम की मात्रा में सेवन करें।

8. बुखार कम करे(Reduce Fever) –  बहुत तेज बुखार चढ़ने से पूरे शरीर का तापमान बढ़ जाता है जोकि अंगों के कार्य कलापों और चयापचय प्रक्रियाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में मेहंदी बहुत मदद करती है। तेज बुखार को कम करने के लिये पैरों और हाथों पर मेहंदी के ताजे पत्ते पट्टी के रूप में बांधें। मेहंदी की तासीर ठंडी होने के कारण बुखार उतरता चला जायेगा। मेहंदी में मौजूद पोषक तत्व शरीर में एंटीपायरेटिक प्रॉपर्टीज काम करते हैं। 

9. सिर दर्द में फायदेमंद (Beneficial in Headache)- मेहंदी के फायदे सिर दर्द को कम करने के लिये भी देखे जा सकते हैं साथ ही माइग्रेन से सिर में उठने वाली दर्द की लहर को भी यह शांत करती है। यह सब इसकी ठंडी प्रकृति के कारण होता है। इन दोनों ही स्थितियों में मेहंदी को पीसकर सिर पर लगायें। इससे जल्दी ही आराम लग जायेगा। मेहंदी के एंटीइंफ्लेमेटरी गुण कोशिकाओं में तनाव को कम करने में मदद करते हैं। कई बार तनाव से भी सिर दर्द हो जाता है। 

10. गठिया में फायदेमंद (Beneficial in Arthritis)- उम्र बढ़ने के साथ-साथ घुटनों या जोड़ों में दर्द की समस्या सामने आती है। इससे कार्टिलेज और मांसपेशी खराब होने से शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द बढ़ता चला जाता है और सूजन भी बढ़ने लगती है। 

ऐसे में मेहंदी और अरंडी के पत्तों को बराबर मात्रा में पीसकर, इसे हल्का सा गर्म करके घुटनों पर लगाएं। या मेहंदी के तेल को प्रभावित स्थान पर लगाकर मालिश करें। इससे आराम लग जायेगा। मेहंदी के तेल को गठिया और रूमेटिक दर्द के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

11. घाव ठीक करे (Heal Wounds)- मेहंदी का उपयोग प्राचीन काल से ही जलने, घाव और खरोंच को ठीक करने के लिये किया जाता रहा है क्योंकि इसमें प्राकृतिक शीतलता का गुण विद्यमान है। मेहंदी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घाव पर किसी भी बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं। घाव, खरोंच या शरीर में किसी भी प्रकार का फंगल इंफेक्शन होने की स्थिति में मेहंदी के पत्ते पीस कर लगायें। इससे घाव जल्दी भर जायेगा। याद रखें कि घाव पर मेहंदी के पत्ते पीस कर लगाने हैं ना कि बाजार में मिलने वाला मेहंदी पाउडर। 

12. मुंह के छाले ठीक करे (Cure Mouth Ulcers)- मुंह में यदि छाले हो जायें तो बहुत परेशानी होती है। खाना पीना मुश्किल हो जाता है। पानी पीने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में मेहंदी के पत्तों को मुंह में भरकर धीरे-धीरे चबायें, बाद में कुल्ला कर लें। यह ठीक उसी प्रकार है जैसे कि अमरूद के पत्तों को चबाया जाता है। या लगभग 50 ग्राम मेहंदी को दो गिलास पानी में मिलाकर, इस पानी से कुल्ला करें। इससे मुंह के छालों में आराम लग जाएगा।

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मेंहदी के नुकसान – Disadvantages of Mehndi

मेंहदी के कुछ संभावित नुकसान निम्न प्रकार हैं –

1. बाजार में मिलने वाली मेंहदी में मिलावट हो सकती है। इसका उपयोग औषधी प्रयोजन के लिये नहीं करना चाहिये। इसमें पीपीडी और डायमीन जैसे खतरनाक रसायन होते हैं। इनसे त्वचा में जलन, सूजन, खुजली, लाल चकत्ते आदि की समस्या हो सकती है। इन रसायनों का उपयोग मेंहदी का रंग गहरा करने के लिये किया जाता है। बेहतर होगा यदि मेंहदी की ताजा या सूखी पत्तियों का उपयोग किया जाये।

2. कुछ लोगों के शरीर में मेंहदी विषाक्त प्रभाव छोड़ सकती है जिसके कारण निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं –

  • पेट में दर्द होना।
  • पेट में गैस बनना।
  • दस्त लगना।
  • मितली, उल्टी।
  • किडनी में समस्या होना।

3. गर्भवती और स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को मेंहदीं के उपयोग की सलाह नहीं दी जाती है। क्योंकि –

  • हाथों में मेंहदी लगवाने के लिये काफी देर बैठना पड़ता है जो कि गर्भवती महिला के लिये पेट बाहर निकले होने के कारण देर तक बैठने में असुविधाजनक होता है। सर्दी के मौसम में बालों में मेंहदी लगवाने से ठंड लगने की संभावना रहती है। 
  • मेहंदी की सुगंध से गर्भवती को जी मिचलाने और उल्टी होने की संभावना रहती है।
  • मेहंदी की सुगंध स्तनपान कराने वाली महिला को भी विचलित कर सकती है।
  • स्तनपान कराने वाली महिला को अपने शिशु को थोड़े-थोड़े अंतराल पर दूध पिलाना पड़ता है। यदि हाथों में मेहंदी लगी होगी तो शिशु को दूध पिलाना, महिला के लिये असुविधाजनक हो जायेगा।
  • मेहंदी की सुगंध शिशु को भी विचलित कर सकती है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको मेहंदी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मेहंदी क्या है, मेहंदी की खेती, मेंहदी का महत्व, मेहंदी के गुण और मेहंदी का उपयोग, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से मेहंदी के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आये। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको मेहंदी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मेहंदी क्या है, मेहंदी की खेती, मेंहदी का महत्व, मेहंदी के गुण और मेहंदी का उपयोग, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से मेहंदी के बहुत सारे फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये।
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