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बच्चों की सर्दी-जुकाम के उपाय –  Remedies for Children’s Cold and Cough in Hindi

बच्चों की सर्दी-जुकाम के उपाय

स्वागत है हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, जब मौसम बदलता है तो इसका प्रभाव कुछ लोगों पर कुछ ज्यादा ही पड़ता है, नतीजतन वे बीमार हो जाते हैं। जैसे कि गर्मियों में लू लग जाना, दस्त हो जाना, बरसात में संक्रमण से बीमार पड़ जाना और सर्दियों में सर्दी जुकाम हो जाना। सर्दियों में सर्दी जुकाम अधिकतर बच्चों और बुजुर्ग लोगों को होता है। शिशु और छोटे बच्चे तो सर्दी जुकाम से बहुत परेशान रहते हैं। यद्यपि डॉक्टर दवा भी देते हैं, डॉक्टर की पर्ची के बिना भी ओवर दि काउंटर दवाएं मिल जाती हैं मगर फिर भी इन दवाओं को छोटे बच्चों के लिए ठीक नहीं माना जाता। इनके स्थान पर घरेलू उपायों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। आखिर सर्दी जुकाम से राहत पाने के क्या उपाय हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “बच्चों की सर्दी-जुकाम के उपाय”

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको सर्दी जुकाम वजन के बारे में जानकारी देगा और इसका घरेलू उपाय भी बताएगा। तो सबसे पहले जानते हैं कि सर्दी जुकाम क्या है।  फिर बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

सर्दी जुकाम क्या है? – What is Common Cold?

दोस्तो, जिस प्रकार गर्मी के मौसम से बाहर जाने पर सूरज की गर्म किरणें शरीर को प्रभावित कर व्यक्ति को बीमार करती हैं तो इसे लू लगना कहते हैं। ठीक इसी प्रकार जब सर्दी के मौसम में ठंड शरीर को प्रभावित कर बीमार बना देती है इसे ठंड लगना या सर्दी लगना कहा जाता है। इसके परिणाम स्वरूप जुकाम प्रकट होता है। सर्दी जुकाम, नाक, गले और साइनस से संबंधित एक वायरल संक्रमण है जो अधिकतर राइनोवायरस संक्रमण के कारण होता है। इसकी शुरुआत गला खराब होने से होती है।

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फिर नाक बहना या नाक बंद हो जाना, छींक आना, सिर में दर्द, बुखार, पसली चलना, छाती और पीठ में दर्द आदि जैसे लक्षण प्रकट होते हैं। छोटे बच्चों का तो बहुत बुरा हाल होता है। शिशु तो बोल कर अपनी तकलीफ बता भी नहीं सकते। यद्यपि सर्दी जुकाम हो जाना एक सामान्य बात है क्योंकि यह समस्या 7-10 दिन में ठीक हो जाती है।  यह कोई गंभीर मामला नहीं है परन्तु, यदि यह 10-12 दिन में ठीक ना हो तो यह निमोनिया बन सकता है जो कि थोड़ा गंभीर मसला हो जाता है। 

जहां तक बच्चों की बात है तो समझिए कि बच्‍चों को साल में 6 से 10 बार जुकाम हो ही जाता है। अमेरिकन एकेमडमी ऑफ पीडियाट्रिक्‍स ने सर्दी जुकाम के उपचार के लिए, 4 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए मिलने वाली ओवर द काउंटर दवाओं को सुरक्षित नहीं माना है। अतः बच्चों की सर्दी जुकाम की समस्या से राहत पाने लिए देसी घरेलू उपायों को अपनाना चाहिए। इनका जिक्र हम आगे करेंगे। 

सर्दी जुकाम के कारण – Cause of Cold and Cough

सर्दी जुकाम के निम्नलिखित कारण होते हैं –

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1. रोग प्रतिरोधक प्रणाली का कमजोर होना (Weakened Immune System)- रोग प्रतिरोधक प्रणाली का कमजोर होना, सर्दी जुकाम होने का मुख्य कारण है। कमजोर रोग प्रतिरोधक प्रणाली सर्दी तो क्या किसी भी मौसम के बदलते प्रभाव से होने वाले संक्रमण के विरुद्ध नहीं लड़ पाती। कमजोर इम्युनिटी वाले लोग 100 से अधिक कोल्ड वायरस से घिरे होते हैं। 

2. आयु (Age)- व्यस्क लोगों की तुलना में शिशु, छोटे बच्चों, बड़े बच्चों और बुजुर्ग लोगों को सर्दी जुकाम का अटैक बहुत जल्दी और बार-बार होता है क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक अपेक्षाकृत कमजोर होती है। 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में इम्युनिटी कम होती है। 

3. सर्दी का मौसम (Winter Season)- सर्दी का मौसम स्वयं एक बड़ा कारण है सर्दी जुकाम होने का। हालांकि सर्दी जुकाम गर्मी और बरसात के मौसम में भी हो जाते हैं मगर सर्दी के मौसम में अधिक होते हैं।

4. बाहर घूमना (Hanging Out)- शिशुओं और छोटे बच्चों को उनके माता पिता सुबह शाम बाहर घुमाते हैं, इससे भी सर्दी लग जाती है।

5. पर्यटक स्थलों या रिश्तेदारी में जाना (Visiting Tourist Sites or Relatives)- कई बार लोग पर्यटक स्थलों पर घूमने चले जाते हैं, वहां का मौसम या रास्ते में हवा लगने से भी बच्चों को सर्दी जुकाम हो जाता है। इसके अतिरिक्त शादी या किसी समारोह में अथवा किसी रिश्तेदार के यहां भी आना जाना पड़ता है। यह समस्या ऐसी स्थिति में भी बनती है।

6. आर्थिक स्थिति (Economic Condition)- कई बार आर्थिक स्थिति भी इस समस्या की वजह बन जाती है। गर्म कपड़े नहीं हैं, जूते फटे हुए हैं, मौजे नहीं हैं, ये सब खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। पैसे मिलने में टाइम लगेगा। तब तक पुरानी वस्तुओं से ही काम चला रहे हैं। ऐसे में सर्दी लगना स्वाभाविक है।

7. लापरवाही (Negligence)- कई बार ऐसा होता है कि घर में सब कुछ है, किसी भी चीज की कमी नहीं है परन्तु लोग ऐसी लापरवाही कर जाते हैं कि वे बच्चों को अच्छी तरह कवर करके नहीं करते, जैसे की स्वेटर जर्सी पहना दिए मगर कैप नहीं पहनाई या जूते जुराब नहीं पहनाए, या रात को सोते समय बच्चों को कवर नहीं किया। ऐसे में बच्चों को सर्दी जुकाम होना लाजिमी है।

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सर्दी जुकाम के लक्षण – Symptoms of Cold and Cough

सर्दी जुकाम के निम्नलिखित लक्षण प्रकट होते हैं – 

  1. गला खराब होना, गले में दर्द, गले में खराश
  2. नाक बहना या नाक का बंद होना
  3. सांस लेने में कठिनाई होना
  4. बार-बार छींक आना
  5. पसली चलना
  6. छाती में दर्द होना।
  7. सिर में दर्द होना।
  8. सर्दी लगना
  9. लसिका में सूजन 
  10. आंखों से पानी आना
  11. खांसी होना
  12. थकान व कमजोरी

सर्दी जुकाम की जटिलताएं – Complications of Common Cold

यद्यपि बच्चों को सर्दी जुकाम होना आम बात है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है परन्तु यदि इसे जल्दी कंट्रोल ना किया जाए तो यह कई प्रकार के संक्रमण का रूप ले सकती है जैसे कि –

  • निमोनिया
  • गले में संक्रमण
  • कान का संक्रमण
  • साइनस संक्रमण

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? – When Should one go to the Doctor?

बच्चे को निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए –

  1. जब जुकाम तीन दिन में ठीक ना हो
  2. चार दिन से अधिक बुखार 101° F से ज्यादा रहे
  3. लगातार खांसी रहे
  4. खांसी के साथ उल्टी हो जाये या ऐसे ही उल्टियां हों 
  5. खांसी में हरे, पीले या भूरे रंग का श्लेष्मा (saliva) निकलता हो।
  6. साइनस या टॉन्सिल में सूजन
  7. कान में दर्द हो रहा हो। 
  8. सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो 

सर्दी जुकाम से बचाव – Prevention of Cold and Cough

अब बताते हैं आपको कुछ निम्नलिखित उपाय जिनको उपयोग में लाकर बच्चों को सर्दी जुकाम से बचा सकते हैं – 

1. लापरवाही ना करें (Don’t be Careless)- सर्दी के शुरुआत से ही सावधानी बरतें। बच्चों को अच्छी तरह गर्म कपड़े पहनाकर रखें। कैप, शूज़, जुराब आदि से बच्चों को कवरेज दें। शुरुआती सर्दी से और बच्चों को बचाएं और खुद को भी। 

2. गुनगुना पानी (Lukewarm Water)- सर्दियों में खुद भी गुनगुना पानी पीएं और बच्चों को भी गुनगुना पानी पिलाएं। ठंडा पानी अवॉइड करें। 

3. साफ़-सफाई (Cleanliness)- साफ़-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखें। रोजाना बच्चों के कपड़े बदलें। उनको साफ़ सुथरे कपड़े पहनाएं। उनका टॉवल, रुमाल सब अलग रखें। जब भी देखें कि उनके हाथ गंदे हो रहे हैं तो तुरन्त साबुन से हाथ धुलवाएं और उनके साफ़ टॉवल से पूंछ दें। अपने हाथ भी दिन में कई बार साबुन से धोएं और अपने साफ़ टॉवल से पूंछ लें। बच्चों और अपने नाखून समय-समय पर काटते रहें। बच्चों के कमरे को हमेशा साफ़ रखें। 

4. नाक साफ़ करें (Blow Nose)- सर्दी में बच्चे की नाक बहुत बहती है, उसे मुलायम टिशू पेपर से तुरन्त साफ़ करें और अपने हाथ भी साबुन से धोएं। यदि बच्चा खुद नाक साफ़ करने लायक है तो सुनिश्चित करें कि वह भी हाथ साबुन से धोए।

5. बाहर घूमना कम करें (Reduce Going Out)- जब बहुत ज्यादा सर्दी होती है तब बच्चे को लेकर बाहर घूमने को कम करें। बड़े बच्चों को बाहर खेलने के लिए भी कम भेजें। शादी समारोहों में भी कम ही जाएं तो बेहतर होगा।

6. ह्यूमिडिफायर (Humidifier)- कमरे में ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें। इससे बंद नाक में थोड़ा राहत मिलेगी।

7. बच्चों को हाइड्रेट रखें (Keep Children Hydrated)- यद्यपि सर्दी में प्यास कम लगती है इसलिए पानी कम पीया जाता है परन्तु सर्दी जुकाम, खांसी, बुखार, उल्टी, दस्त में पानी की कमी हो जाना स्वाभाविक है। इसलिए बच्चों को खूब पानी पीने की आदत डालें। फलों का जूस, या सूप या अन्य पेय पदार्थ भी पिलाते रहना चाहिए। इससे इमरजेंसी हालात में शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।

8. खानपान (Food and Drink)- सर्दियों में बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखें। ठंडे खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन ना करने दें जैसे कि कोल्ड ड्रिंक्स, आईसक्रीम आदि। खाने में संतुलित आहार दें, ऐसे खाद्य पदार्थों को बच्चे के खाने में सम्मलित करें जिनकी तासीर गर्म हो ताकि शरीर गर्म रहे। शाम के समय बच्चों को सूप पीने को दें। 

9. धूम्रपान (Smoking)- यदि घर का कोई सदस्य धूम्रपान करता है तो उसे बाहर धूम्रपान करने को कहें घर में नहीं। 

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10. डॉक्टर के पास जाएं (Go to the Doctor)- जो स्थितियां हमने ऊपर बताई हैं तो ऐसी स्थिति में बच्चे को लेकर तुरन्त डॉक्टर के पास लेकर जाएं। 

बच्चों की सर्दी जुकाम के उपाय – Remedies for Children’s Cold and Cough

अब बताते हैं आपको कुछ निम्नलिखित घरेलू उपाय जो बच्चों की सर्दी जुकाम से राहत दिलाएंगे –

1. भाप (Steam)- सर्दी जुकाम के उपचार में भाप लेना एक प्रचलित उपाय है। इससे म्यूकस ढीला पड़ कर बाहर निकल जाता है और बंद नाक खुल जाती है। इससे बच्चा चैन की सांस लेता है। शिशु को भाप देने के लिए उसके कमरे में फेशियल स्‍टीमर या वेपोराइजर के जरिए भाप फैलाई जा सकती है। एक वर्ष से अधिक आयु के बच्चे को भाप देने के लिए गर्म पानी में यूकेलिप्‍टस ऑयल की कुछ बूंदें भी डालकर भाप दें। 

2. गुनगुना पानी (lukewarm water)- सर्दी जुकाम होने पर गुनगुना पानी राहत लेकर आता है। छः महीने से अधिक आयु वाले बच्चे को हल्का गुनगुना पानी पिलाएं। इससे उसको बहुत राहत मिलेगी। सर्दियों में वैसे भी सामान्य रूप से सभी लोग गुनगुना पानी पीएं तो बेहतर होगा क्यों कि इससे शरीर में गर्मी बनी रहेगी और शरीर हाइड्रेट भी रहेगा। 

3. गरारे करना (Gargle)- गला खराब होने पर गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर गरारे करने से गले की सूजन, गले में दर्द, खराश आदि से बहुत ज्यादा राहत मिलती है। यह एक प्रकार से रामबाण उपाय है। जब गला ठीक हो जाएगा तो सर्दी जुकाम की समस्या भी नहीं रहेगी। दो वर्ष से अधिक आयु के बच्चे को गरारे करना सिखाएं, पहले सादा गुनगुने पानी से फिर गुनगुने पानी में नमक डालकर।

4. सरसों के तेल की मालिश (Mustard Oil Massage)- सर्दी जुकाम से राहत पाने के लिए सरसों के तेल की मालिश भी भारत में लोकप्रिय उपचार रहा है। एक चम्मच सरसों के तेल में एक लहसुन की कली, एक लौंग और एक चुटकी अजवाइन का पाउडर डालकर कुछ देर तक गर्म कर लें। फिर इसके हल्का गुनगुना होने पर बच्चे की छाती और पीठ पर इस तेल से मालिश करें। यह नुस्खा एक वर्ष से अधिक आयु के बच्चे के लिए है। 

5. शहद (Honey)- यहां हम बताना चाहेंगे कि एक वर्ष से छोटे बच्चे को शहद ना दें। एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर शहद का उपयोग खांसी, सर्दी, जुकाम, बुखार के निवारण के लिये प्राचीन काल से किया जाता रहा है। शहद गले का संक्रमण और बार-बार नींद का टूटना जैसी समस्या को भी दूर करता है।  सर्दी जुकाम की स्थिति में एक वर्ष से बड़े बच्चे को रात को एक चम्मच शहद का सेवन कराएं या रात को गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पिलाएं। 

6. शहद और नींबू (Honey and Lemon)- विटामिन-सी से भरपूर नींबू एक शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट के रूप में काम करते हुए संक्रमण, वायरस आदि को खत्म करता है। दो चम्मच शहद में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर बच्चे को हर दो घंटे बाद खिलाएं। आराम लग जाएगा। 

7. शहद और तुलसी (Honey and Basil)- तुलसी औषधीय गुणों का खजाना होती है। तुलसी और शहद का संयोजन अमृत से कम नहीं है। इससे इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है। खांसी, सर्दी, जुकाम की स्थिति में एक चम्मच तुलसी की पत्तियों का अर्क निकालकर आधा चम्मच शहद में मिलाकर बच्चे को खिलाएं, आराम लग जाएगा।

8. अदरक (Ginger)- सबसे पहले हम बता दें कि दो वर्ष से कम के बच्चे को अदरक का सेवन ना कराएं। अदरक में एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीइंफ्लामेटरी, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल गुण होते हैं। वायरल फीवर को तोड़ने में बहुत कारगर उपाय है। यह गले में सूजन, गले में खराश, गले में दर्द से तुरन्त राहत दिलाती है। इस स्थिति में पानी में अदरक उबालकर गरारे करने से राहत मिलती है। 

खांसी, जुकाम, बुखार, सर्दी लगने की स्थिति में बच्चे को एक चम्मच अदरक का रस निकाल कर सुबह और शाम दो बार पिलाएं। या एक कप पानी में थोड़ी सी अदरक डालकर अच्छी तरह उबालें, फिर उसे गुनगुना होने तक ठंडा करके इसमें आधा चम्मच नींबू का रस और एक चम्‍मच शहद मिलाकर बच्चे को पिलाएं।

9. लहसुन(Garlic) – लहसुन केवल मसाला ही नहीं अपितु आयुर्वेदिक औषधी भी है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीइंफ्लामेटरी, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल जैसे गुण विद्यमान होते हैं। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी होने पर लहसुन की एक कली को पीसकर एक चम्मच शहद में मिलाकर बच्चे को खिलाएं। इसे दिन में तीन बार खिला सकते हैं। आराम लग जाएगा। 

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10. हल्दी वाला दूध (Turmeric milk)– हल्दी आयुर्वेदिक औषधी के रूप में प्रसिद्ध है। यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है। एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीइंफ्लामेटरी, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल आदि गुण इसमें मौजूद होते हैं। गले के संक्रमण, सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी होने की स्थिति में रात को गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर बच्चे को पिलाएं। गले में संक्रमण से और बहती नाक में तुरन्त राहत मिलेगी। बच्चे को एनर्जी भी मिलेगी। दो वर्ष से छोटे बच्चे को हल्दी वाला दूध ना पिलाएं।

11. नारियल तेल और कपूर (Coconut oil and Camphor)- सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी की स्थिति में नारियल के तेल में थोड़ा सा कपूर पाउडर मिलाएं और गर्म कर लें। फिर इसे ठंडा कर के इस तेल से बच्चे की छाती की मालिश करें। अंदर का सारा दर्द खिंच जाएगा। श्वसन प्रणाली ठीक से काम करने लगेगी और सर्दी जुकाम में भी आराम लग जाएगी। 

12. चिकन सूप (Chicken Soup)- चिकन सूप अंदर से सारी सर्दी को खींच कर निकाल देता है और जुकाम से भी राहत मिलती है। चिकन सूप का उपयोग सर्दी जुकाम के निवारण के लिए बहुत पुराने समय से किया जाता रहा है। यह बहुत गर्म होता है, तुरन्त शरीर को गर्मी देता है। सर्दी जुकाम होने पर बच्चे को चिकन सूप पिलाएं।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको बच्चों की सर्दी-जुकाम के उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सर्दी जुकाम क्या है?, सर्दी जुकाम के कारण, सर्दी जुकाम के लक्षण, सर्दी जुकाम की जटिलताएं, डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए और सर्दी जुकाम से बचाव, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से बच्चों की सर्दी जुकाम के बहुत सारे उपाय भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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बच्चों की सर्दी-जुकाम के उपाय
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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको बच्चों की सर्दी जुकाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सर्दी जुकाम क्या है?, सर्दी जुकाम के कारण, सर्दी जुकाम के लक्षण, सर्दी जुकाम की जटिलताएं, डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए और सर्दी जुकाम से बचाव, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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