दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, पूरी दुनियां में एक ऐसा बहुत छोटा सा खाद्य पदार्थ है जिसको बच्चे, बड़े, बूढ़े सभी बहुत पसंद करते हैं। इसका स्वाद सबको बहुत भाता है। इसे उपहार के रूप में भी दिया जाता है। यह रोते हुए बच्चे को दिया जाये तो वह तुरंत चुप हो जाता है और हंसने लगता है। रूठे हुए दोस्त, सहेली, महबूबा, पत्नी को दिया जाये तो वो सब गिला, शिकवा भूल कर गले लग जाते हैं। जी हां इस छोटी सी चीज का नाम है चॉकलेट। इसमें भी यदि डार्क मिल जाये तो फिर कहना ही क्या? सोने पर सुहागा समझिये। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “डार्क चॉकलेट के फायदे और नुकसान”। दोस्तो, इस लेख के माध्यम से हम आपको, चॉकलेट और डार्क चॉकलेट के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे और यह भी बताएंगे कि डार्क चॉकलेट खाने के क्या फायदे और नुकसान होते हैं। 

दोस्तो, कोकोआ (Cocoa) नाम का एक वृक्ष होता है जिसकी खोज 4000 वर्ष पूर्व अमेरिका के जंगलों में की गई थी। इस वृक्ष के फलों के बीजों (लगभग 30-60 बीज) को कोको (Coco) कहा जाता है। इन बीजों को सुखाकर, भूनकर कोको का सही रूप बनाया जाता है। इसका स्वाद बहुत कड़वा होता है। इसी कोको से चॉकलेट बनाई जाती है, दूध और शुगर मिलाकर। एक किलो चॉकलेट बनाने के लिये लगभग 800 कोको के बीजों की जरूरत होती है। 

डार्क चॉकलेट के फायदे

कोको का उत्पादन – Cocoa Production

दोस्तो, बेशक अमेरिका में कोकोआ वृक्ष की खोज की गई हो, लेकिन वर्तमान में अफ्रीका, दुनिया का 70% कोको का उत्पादन करता है। इसके अतिरिक्त घाना, ब्राजील, मैक्सिको, न्यूगिनी, वेनेजुएला, फिलीपींस तथा मलेशिया कोको का उत्पादन करते हैं। जहां तक हमारे देश भारत की बात है तो समझिये कि बीसवीं सदी के आरम्भ में अमेजॉन मूल से कोको की फसल को भारत लाया गया। भारत के कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, और केरल राज्यों में कोको की खेती की जाती है। दोस्तो, अब आपको चॉकलेट के बारे में बताते हैं कि चॉकलेट क्या है?

चॉकलेट क्या है?- What is Chocolate

चॉकलेट एक ऐसा संसाधित (Processed) खाद्य पदार्थ है जो कोकोआ (Cocoa) नामक वृक्ष के बीजों, जिन्हें कोको (Coco) कहा जाता है, से बना है। इसमें दूध और शुगर भी डाली जाती है। कोको के बीज बहुत कड़वे होते हैं इसलिये इसमें स्वाद लाने के लिए इसका किण्वन (Fermentation) करना पड़ता है। दोस्तो, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि चॉकलेट कभी तीखी हुआ करती थी अमेरिका के लोग कोको बीजों को पीसकर उसमें अनेक प्रकार के मसाले जैसे मिर्च, वाटर, वनीला, आदि डालकर स्पाइसी और झागदार तीखा पेय पदार्थ बनाकर पिया करते थे।

चॉकलेट को मीठा बनाने का श्रेय यूरोपियन्स को जाता है जि‍न्होंने चॉकलेट से मिर्च हटाकर दूध और शुगर डालनी शुरू की चॉकलेट को पीने के बजाय खाने की वस्तु का रूप दिया।  

डार्क चॉकलेट क्या है? – What is Dark Chocolate

दोस्तो, डार्क चॉकलेट कोई अलग से कुछ नहीं होती बल्कि सामान्य चॉकलेट का ही प्रकार है। इसमें 50 से 90 प्रतिशत कोको अधिक डाला जाता है। इसी कारण इसका रंग देखने में सामान्य चॉकलेट की अपेक्षा अधिक गहरा (Dark) डार्क होता है और सभी प्रकार की चॉकलेट से कम मीठी होती है। 

चॉकलेट के प्रकार – Type of Chocolate

चॉकलेट तीन प्रकार की होती है –

1. व्हाइट चॉकलेट (White Chocolate)- यह अन्य चॉकलेट्स की तुलना में अधिक मीठी होती है। इस में कोकोआ बटर, दूध और शुगर होता है। इसका इस्तेमाल अधिकतर पेस्ट्री डिसेश बनाने में होता है।

2. मिल्क चॉकलेट (Milk Chocolate)- यह व्हाइट चॉकलेट से थोड़ा कम मीठी होती है। यह भी कोकोआ बटर, दूध और शुगर से बनी होती है। 

3. डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)-  इसमें कोकोआ की मात्रा अधिक और शुगर की मात्रा बहुत ही कम होती। यह मीठी भी बहुत कम होती है और कैलोरी भी कम होती है।  

तुलनात्मक विवरण – Comparative statement

1. सामान्य चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट में  कैफीन अधिक डाला जाता है। प्रति 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में 80 मिलीग्राम कैफीन  होता है 

2.  मिल्क चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट में ज्यादा मात्रा में कोको होता है (50-90%)। कोको मस्तिष्क स्वास्थ्य और स्मरण शक्ति में सुधार करने के अतिरिक्त मूड को भी अच्छा बनाता है।  

डार्क चॉकलेट के गुण – Properties of Dark Chocolate

1. डार्क चॉकलेट फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर और मैंगनीज जैसे पोषक तत्वों से और एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ओबेसिटी गुणों से भरपूर होती है।

2. पोषक तत्व मात्रा (प्रति 100 ग्राम) – 

एनर्जी  598 KCL

पानी 1.37 ग्राम

प्रोटीन 7.79 ग्राम

टोटल लिपिड (फैट) 42.63 ग्राम

कार्बोहाइड्रेट  45.9 ग्राम

फाइबर 10.9 ग्राम

आयरन 11.9 मिलीग्राम

मैग्नीशियम 228 मिलीग्राम

शुगर   23.99 ग्राम

कैल्शियम 73 मिलीग्राम

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पोटेशियम 715 मिलीग्राम

सोडियम 20 मिलीग्राम

फास्फोरस 308 मिलीग्राम

जिंक   3.31 मिलीग्राम

कॉपर 1.766 मिलीग्राम

मैंगनीज 1.948 मिलीग्राम

सेलेनियम 6.8 माइक्रोग्राम

थियामिन 0.034 मिलीग्राम

नियासिन 1.054 मिलीग्राम

पैंटोथैनिक एसिड 0.418 मिलीग्राम

विटामिन-बी-6   0.038 मिलीग्राम

विटामिन-बी-12 0.28 माइक्रोग्राम

विटामिन-ए, आरएई 2 माइक्रोग्राम

विटामिन- ए, आईयू 39 आईयू

विटामिन-ई (अल्फा-टोकोफेरोल) 0.59 मिलीग्राम

विटामिन-के (फिलोक्विनोन-phylloquinone) 7.3 माइक्रोग्राम

कैरोटीन, बीटा 19 माइक्रोग्राम

कैरोटीन, अल्फा 7 माइक्रोग्राम

फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड 24.489 ग्राम

फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 12.781 ग्राम

फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड

1.257 ग्राम

कोलेस्ट्रॉल 3 मिलीग्राम

कैफीन 80 मिलीग्राम

थियोब्रोमाइन 802 मिलीग्राम

डार्क चॉकलेट के फायदे – Benefits of Dark Chocolate

1. डिप्रेशन से राहत (Depression relief)- कभी-कभी ना व्यक्ति का मूड खराब हो जाता है, उदासी छाई रहती है और गुस्सा, चिड़चिड़ापन उसे घेर लेता है। ऐसी हालत में उसका डिप्रेशन में आ जाना स्वाभाविक है। डार्क चॉकलेट ऐसे में उसे बहुत राहत पहुंचाती है। एक अध्ययन से यह बात पता चली है कि यदि तीन दिन तक डार्क चॉकलेट के सेवन किया जाये तो डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार हो जाता है। कोकोआ में ट्रिप्टोफैन भी मौजूद होता है, जो एक अमीनो एसिड है, डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है। 

2. एनर्जी बढ़ाएं (Increase Energy)- डार्क चॉकलेट में पॉलिफिनॉल्स मौजूद होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लामेट्री और एंटी ओबेसिटी जो अपने गुणों का प्रभाव छोड़ते हैं अर्थात् मुक्त कणों को नष्ट करने, सूजन कम करने और मोटापा कम करने वाले गुण। खाद्य पदार्थों से जो हमें ताकत मिलती है उसकी खपत बढ़ा कर यह चॉकलेट एकदम एनर्जी को बढ़ाती है। 

3. सर्दी-जुकाम से राहत (Relief from cold and cold)- मौसम बदलने पर खांसी, बुखार, सर्दी, जुकाम होना स्वाभाविक है। डार्क चॉकलेट इन सबसे राहत दिलाने में मदद करती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण संक्रमण और हल्के बुखार को ठीक करने में मदद करते हैं। डार्क चॉकलेट में पाये जाने वाला थियोब्रोमाइन नामक  रसायन श्वसन-तंत्र की समस्याओं पर अपना प्रभाव छोड़कर ठीक करने में मदद करता है। इसके फैटी एसिड जैसे  स्टर्किक, पाल्मिक और ऑलीइक एसिड खांसी, सर्दी, जुकाम से राहत दिलाते हैं। 

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4. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे (Control blood pressure)- डार्क चॉकलेट की सबसे बड़ी खूबी ये है कि यह हाई ब्लड प्रेशर को कम करती है और कम ब्लड प्रेशर को बढ़ाती है। NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि डार्क चॉकलेट में एंटीहाइपरटेन्सिव प्रभाव मौजूद होते हैं  जिनके कारण ब्लड प्रेशर में कमी हो सकती है यदि इसको कम मात्रा में खाया जाए तो। कोकोआ में पाये जाने वाला पोटेशियम हाई ब्लड को कम करता है तो वहीं  इसमें पाये जाने वाला थियोब्रोमाइन नामक यौगिक (Compound) कम ब्लड प्रेशर को बढ़ा देने में मदद करता है।

5. कोलेस्ट्रॉल कम करे (Lower cholesterol)-  बढ़ते हुऐ कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिये डॉर्क चॉकलेट का सेवन बहुत बेहतरीन विकल्प है। एक शोध के अनुसार निम्न वसा (Low fat)  खुराक के साथ प्लांट स्टेरोल्स (plant sterols) और कोको फ्लैवेनॉल्स (cocoa flavanols) युक्त डार्क चॉकलेट खाने से कोलेस्ट्रॉल में कमी हो सकती है। डॉर्क चॉकलेट के सेवन से हृदय स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर में फायदा देखा गया है। इसलिये कहा जा सकता है कि डॉर्क चॉकलेट  के फायदे बढ़े हुऐ कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार हो सकती है।

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6.  हृदय को स्वस्थ रखें (Keep the Heart Healthy)- NCBI (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध बताती है कि डार्क चॉकलेट में एलिप्टिन, कैटेचिन और प्रोटीन डिन्स जैसे फ्लेवनॉल (flavanol) मौजूद होते हैं। इसके पॉलिफिनॉल्स अपने एंटीहाइपरटेन्सिव, एंटीप्लेटलेट, एंटीऑक्सीडेंट, और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों का प्रभाव छोड़ते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, प्लेटलेट का गठन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन ये सब समस्या कार्डियो मेटाबोलिक यानी हृदय संबंधी खतरे का कारण बनते हैं जिनसे डार्क चॉकलेट में पाये जाने वाले ये सब गुण निपटते हैं और हृदय की रक्षा करते हैं। 

7. वजन कम करे (Lose weight)- जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए डार्क चॉकलेट का सेवन उत्तम विकल्प है। NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से पता चलता है कि डार्क चॉकलेट में पाये जाने वाले फ्लेवेनोल तत्वों की वजह से यह एंटी ओबेसिटी (मोटापा कम करने वाला) प्रभाव छोड़ सकती है यदि इसके उचित मात्रा में खाया जाए तो। परन्तु साथ में वजन कम करने के लिये उचित आहार और व्यायाम को भी अपनाना पड़ेगा। यह पाचन-तंत्र को ठीक करके वसा (Fat) और कार्ब्स के अवशोषण को कम करती देती है और भूख भी कम लगती है।  इसके साथ एक बात और बता दें कि इसको ज्यादा खाने से वजन कम होने के बजाय बढ़ जायेगा। 

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8. तंत्रिका-तंत्र के लिये (Nervous system)- डार्क चॉकलेट में कैटेचिन और एपिक्लिन डेरिवेटिव नामक फ्लेवोनोइड्स होते हैं, ये एंटीऑक्सीडेंट गुण तंत्रिका-तंत्र को किसी भी प्रकार की हानि और सूजन से बचाव करते हैं। इसके अतिरिक्त रक्त संचार में सुधार कर रक्त प्रवाह को बढ़ाकर न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव छोड़ते हुए नर्वस सिस्टम की रक्षा करते हैं। डार्क चॉकलेट खाने से मानसिक कार्यक्षमता में भी सुधार होने में मदद मिलती है। 

9. त्वचा के लिये (For Skin)-  डार्क चॉकलेट में पाये जाने वाला बायोएक्टिव यौगिक त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके डायट्री फ्लेवोन ोल्स त्वचा को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की रक्षा करते हैं। ये डायट्री फ्लेवोनोल्स ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार होता है, त्वचा की सघनता (Density) को बढ़ाते हैं और त्वचा को Hydrate रखते हैं, जिससे कील-मुंहासों के बनने की भी संभावना नहीं रहती। 

10. बालों के लिए (For Hair)- डार्क चॉकलेट बालों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इसमें मौजूद कॉपर, जिंक और आयरन जैसे मिनरल्स् बालों के विकास में मदद करते हैं,  स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं जिससे बालों को मजबूती मिलती है। इस बात की पुष्टि NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध से हो जाती है। डार्क चॉकलेट के एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प इन्फेक्शन (scalp infection) होने की संभावना को खत्म करते हैं। डार्क चॉकलेट खाने से बाल पहले से ज्यादा सिल्की, चमकदार और स्मूथ (smooth) हो सकते हैं।

11. चुस्ती, स्फूर्ति बनाए रखें(Keep calm) – डार्क चॉकलेट में पाये जाने वाले  एंटीऑक्सीडेंट शरीर में एनर्जी बनाए रखते हैं। डार्क चॉकलेट में मौजूद एपिकेटचीन नामक तत्व से नाइट्रिक ऑक्साइड (Nitric Oxide) को रिलीज होने में मदद मिलती है, जिससे व्यक्ति चुस्त और एक्टिव रहता है। किंग्सटन यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि डार्क चॉकलेट खाने वाले लोग दूसरों की तुलना में  ज्यादा एक्टिव रहते हैं। 

12. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर (Rich in Antioxidants)- एंटीऑक्सीडेंट्स हमारे शरीर को अनेक प्रकार की बीमारियों से बचाते हैं। ये कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स हमें फलों और सब्जियों से मिलते हैं परन्तु डार्क चॉकलेट में फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर  मात्रा में पाये जाते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। डार्क चॉकलेट के पॉलीफेनोल्स, फ्लेवनॉल्स और कैटेचिन एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मुक्त कणों को दूर करते हैं और कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने से बचाने में मदद करते हैं। 

उचित मात्रा – Decent Amount

चॉकलेट खाने की उचित मात्रा का कोई मापदंड नहीं है। यह आयु और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। वैसे 70% कोको वाली चॉकलेट 2 ग्राम तक खाई जा सकती है। फिर भी आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। 

डार्क चॉकलेट खाने के नुकसान – Side Effects of Dark Chocolate

डार्क चॉकलेट में कैफीन की मात्रा अधिक होने के कारण यह नुकसान भी पहुंचा सकती है। यदि इसको बहुत ज्यादा खाया जाए तो हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान –

1. नींद ना आने की समस्या बन सकती है।

2. थियोब्रोमाइन नामक तत्व होने के कारण सिर में दर्द, चक्कर आना, माइग्रेन, जी मिचलाना आदि की समस्या हो सकती है।

3. चॉकलेट की कम मात्रा यदि वजन कम करने में सहायक हो सकती है तो, अधिक खाने से वजन बढ़ा भी सकती है।

4. शरीर में निर्जलीकरण (Dehydration)समस्या हो सकती है।

5. हृदय की गति तेज हो जाना।

6. सीने में जलन होना।

7. असहज महसूस करना।

8. कील-मुंहासों हो सकते हैं 

9. कोकोआ कैल्शियम को मल के माध्यम से बाहर निकालता है जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। 

10. डार्क चॉकलेट में पाये जाने वाले कैफीन, एल्कलॉइड और अमाइन (amine) के कारण नशे की लत भी लग सकती है।

चॉकलेट से जुड़ी कुछ अद्भुत जानकारी – Some Amazing Information Related to Chocolate 

दोस्तो,अब आपको चॉकलेट से जुड़ी कुछ अद्भुत बातें बताते हैं जो निम्न प्रकार हैं :-

1. कोको के बीजों में 300 प्रकार के प्राकृतिक फ्लेवर होते हैं और 400 तरह की अलग-अलग सुगंध होती है।

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2. माया सभ्यता के लोग शादी की रस्मों में चॉकलेट का सेवन करते थे। उनके राजा के मरने पर उसकी कब्र में बड़े-बड़े कप चॉकलेट भर के रख देते थे।

3. दूसरे विश्व युद्ध में जर्मन वैज्ञानिकों ने एक ऐसा चॉकलेट कवर बनाया था कि जिसे स्टील बम पर लपेट दिया जाता था। इस कवर का एक टुकड़ाकाटने पर बम 7 सैकेन्ड में फट जाता था।

4. सन् 1780 में स्पेन बार्सिलोना में चॉकलेट बनाने की पहली मशीन बनी।

5. चॉकलेट इकलौता खाद्य पदार्थ है जो जीभ पर रखते ही पिघलना शुरु हो जाती है।

6. डार्क चॉकलेट खाने से दिमाग के काम करने की क्षमता बढ़ जाती है।

7. लगभग पांच करोड़ लोग चॉकलेट इंडस्ट्री में काम करके अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। सच में चॉकलेट इंडस्ट्री बहुत बड़ी है।

8. स्विट्जरलैंड के लोग साल भर में औसतन 8।5 किलो चॉकलेट खा जाते हैं। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड का स्थान है।

9. पूरी दुनिया में चॉकलेट उत्पादन में 40% बादाम का इस्तेमाल होता है। 

10. चॉकलेट के मामले में यूरोप के बेल्जियम देश धरती का स्वर्ग कहा जाता है। इस देश में चॉकलेट की 2000 से भी अधिक दुकानें हैं। 

Conclusion 

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको चॉकलेट और डार्क चॉकलेट के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। चॉकलेट क्या होती है, डार्क चॉकलेट क्या होती है, चॉकलेट कितने प्रकार की होती है, डार्क चॉकलेट के गुण क्या है, इसमें कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं, इन सब के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। इस लेख के माध्यम से डार्क चॉकलेट खाने के फायदे और नुकसान भी बताये, इसकी उचित मात्रा बताई और चॉकलेट से जुड़ी कुछ अद्भुत बातें भी बताईं।  आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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डार्क चॉकलेट के फायदे - Health Benefits of Dark Chocolate in Hindi
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डार्क चॉकलेट के फायदे - Health Benefits of Dark Chocolate in Hindi
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आज के लेख में हमने आपको चॉकलेट और डार्क चॉकलेट के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। चॉकलेट क्या होती है, डार्क चॉकलेट क्या होती है, चॉकलेट कितने प्रकार की होती है।
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