दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, प्रकृति ने सभी जीव जन्तुओं के लिये कुछ ना कुछ अवश्य दिया है जिससे उनके शरीर की कार्य प्रणाली सही काम करती रहे। मानव को भी गर्भ से ही उसके शरीर को कुछ तत्व मिले होते हैं जिनकी सहायता से उसकी कार्यप्रणाली चलती रहती है। ऐसा ही कुछ तत्व होते हैं जिन्हें हार्मोन कहा जाता है। ये प्राकृतिक रूप से हमारे शरीर में बनते हैं  जिनके असंतुलन या कमी के कारण शरीर अस्वस्थ हो जाता है। कई बार गंभीर समस्या भी बन जाती है। ऐसे ही एक हार्मोन की बात करेंगे जिसका नाम है स्टेरॉयड जो कि प्राकृतिक हार्मोन है स्वाभाविक रूप से शरीर में बनते हैं। इनका किडनी के ऊपर पाई जाने वाली दो छोटी ग्रंथियों, अधिवृक्क ग्रंथि (adrenal glands) के द्वारा निर्माण होता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक स्टेरॉयड क्या होता है? फायदे और नुकसान। लेकिन ये स्टेरॉयड प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित दवा है जिसका निर्माण कई गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये किया गया था। 

आज के समय में इसका उपयोग विकल्प के तौर पर यौन शक्ति बढ़ाने और बॉडी बिल्डिंग के रूप में किया जाता है। इन दवाओं का दुरुपयोग विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुछ खिलाड़ियों द्वारा भी किया जाता रहा है जोकि डोप टैस्ट में पकड़े जाते हैं। दोस्तो, इस लेख के माध्यम से देसी हैल्थ क्लब आपको स्टेरॉयड के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि इसके सेवन के क्या फायदे हैं और क्या नुकसान। सबसे पहले जानते हैं कि स्टेरॉयड क्या होता है।

स्टेरॉयड क्या होता है?

स्टेरॉयड क्या है? – What is Steroids?

दोस्तो, स्टेरॉयड मानव द्वारा बनाया गया एक कृत्रिम हार्मोन है जिसका संबंध यौन शक्ति और मांसपेशियों के विकास से जुड़ा है। यह दवा शरीर में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टोरोन को बढ़ा देता है। कई वर्ष पूर्व कैंसर जैसी भयानक और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये इसका निर्माण किया गया था। परन्तु इसमें मांसपेशियों को बनाने और विकास करने वाले गुणों के कारण इस दवा को बॉडी बिल्ड-अप के लिये जिम में वर्कआउट करने वालों ने और एथलीट्स ने लेना शुरू कर दिया।

स्टेरॉयड के प्रकार – Type of Steroids

दोस्तो, स्टेरॉयड दवाओं को दो वर्ग में वर्गीकृत किया जा सकता है, एक कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) और दूसरा एनाबॉलिक या एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक (Anabolic Androgenic Steroid AAS)। 

1. कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids)- इस वर्ग में आने वाली दवाइयां चिकित्सकीय लाभ के लिये डॉक्टर्स फेफड़ों की श्वास नली में सूजन और बलगम उत्पादन को कम करने के लिए मरीजों को देते हैं। सामान्य तौर पर एड्रेनल ग्रंथियां प्रतिदिन सुबह के समय रक्त प्रवाह में कोर्टिसोल छोड़ती हैं। मस्तिष्क इस एड्रेनल फ़ंक्शन को नियंत्रित करता है। परन्तु मस्तिष्क प्राकृतिक कोर्टिसोन और स्टेरॉयड दवाओं के बीच के अंतर को नहीं पहचान पाता इसलिये यदि कोई लंबे समय तक स्टेरॉयड की हाई डोज लेता है तो मस्तिष्क कोर्टिसोल उत्पादन को कम या बंद देता है।

2. एनाबॉलिक स्टेरॉयड (Anabolic Steroids)- ये सिंथेटिक हार्मोन होते हैं जो मांसपेशियों का उत्पादन करने, टूटने से बचाने या उनकी मरम्मत करने, शारीरिक क्षमता को बढ़ाने, यौन हार्मोन, यौन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से लिये जाते हैं। इसका इस्तेमाल अधिकतर जिम में वर्कआउट करने वाले करते हैं और एथलीट भी। जिससे कि एथलीट्स तेज गति से दौड़ने, अधिक दूर तक दौड़ने, भारी वजन उठाने, कूदने, या अधिक स्टेमिना के लिये सक्षम हों।

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स्टेरॉयड दवाएं कितने रूप में मिलती हैं? – How many forms of Steroid Medicines are Available?

ये निम्न लिखित चार रूप में मिलती हैं जोकि अधिकतर डॉक्टर की पर्ची (Prescription) पर ही मिलती हैं। कुछ दवाऐं जैसे क्रीम, जैल, स्प्रे आदि बिना पर्ची के भी मिल सकती हैं –

1.गोलियां।

2. सीरिप, द्रव्य रूप में।

3. इंजेक्शन।

4. इनहेलर्स (Inhalers) और स्प्रे के रूप में नाक में डालने के लिये।

5. क्रीम, लोशन और जैल के रूप।

स्टेरॉयड कैसे लें – How to take steroids

दोस्तो, यहां देसी हैल्थ क्लब स्पष्ट करता है कि –

1. स्टेरॉयड दवाऐं अपनी मर्जी से ना लें, दुबारा कहते हैं कि स्टेरॉयड दवाऐं अपनी मर्जी से ना लें। इनको केवल डॉक्टर या सर्टिफाइड जिम ट्रेनर की सलाह के अनुसार ही लें और इनकी सलाह पर ही इनको छोड़ें। अपनी मर्जी से ये दवाऐं छोड़ने की गलती भी ना करें। 

2. ये दवाऐं कितनी मात्रा में लेनी है, किस तरह लेनी है और कितने समय तक लेनी हैं इस बारे में अपने डॉक्टर या जिम ट्रेनर की बात को ठीक से सुनें और सही से समझ लें। 

स्टेरॉयड के फायदे – Benefits of Steroids

कॉर्टिकोस्टेरॉइड – Corticosteroids

1. इसके चिकित्सकिय फायदे होते हैं जैसे फेफड़ों से जुड़ी श्वास नलिका में आई सूजन कम होती है।

2. छाती में बनने वाले बलगम के उत्पादन को कम करने में मदद करता है। 

3. त्वचा रोग जैसे खुजली, एक्जिमा, चकत्ते आदि के उपचार में फायदेमंद। 

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4. सिस्टेमिक ल्यूपस एरिथेमैटोसस (Systemic lupus erythematosus) रोग के उपचार में लाभदायक। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में, प्रतिरक्षा प्रणाली अपने-आप एंटीबॉडी बनाती है, जो शरीर के स्वस्थ सेल्स को खत्म कर देती है। 

5. ऑटोइम्यून हैपेटाइटिस रोग के उपचार में फायदेमंद। इस रोग में व्यक्ति की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता  निष्क्रिय हो जाती है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली खुद ही लिवर की कोशिकाओं पर हमला करने लगती है जिससे लिवर को नुकसान होता है। 

एनाबॉलिक स्टेरॉयड – Anabolic Steroids

1. भूख बढ़ती है, शरीर में एनर्जी बढ़ती है।

2. इसका सेवन करने वालों के अनुसार उनमें प्रेरणा शक्ति बढ़ती है, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

3. इसके सेवन से बॉडी-बिल्डअप होती है। सीना, बाजू, टांगें इनकी मांसपेशियां उभर जाती हैं। पेट कम होने लगता है। आप मनचाहे एब्स बना सकते हैं।

4. इसके सेवन से मांसपेशियों (Muscle) की ताकत बढ़ती है। मांसपेशियों के टूटने से रोकने में मदद मिलती है। 

5. शरीर के फैट को कम करके मांसपेशियों में सुधार होता है। 

6. मांसपेशियों का आकार बढ़ने लगता है जिसमें  बाइसेप और टांगों की मांसपेशियां सबसे ज्यादा इंप्रूव होती हैं। 

7. एनाबॉलिक स्टेरॉयड से हीलिंग कैपेसिटी बढ़ जाती है अर्थात् आप कोई खास किस्म की एक्सरसाइज करते हैं और स्टेरॉयड लेते हैं तो जल्दी रिकवर कर सकते हैं और इसी के पार्ट की एक्सरसाइज बार-बार कर सकते हैं। अगले दिन भी इसी एक्सरसाइज को करने की क्षमता बढ़ जायेगी।  जैसे कि आप बाइसेप्स करते हैं तो, करते रहने से इससे संबंधित मसल्स की हीलिंग कैपेसिटी बढ़ जाती है।

8. एनाबॉलिक स्टेरॉयड में पुरुष हार्मोन संबंधी और पौरुष के गुण होते हैं जो सेक्स हार्मोन को बढ़ाते हैं, यौन इच्छा और यौन शक्ति को बढ़ाते हैं।  

कोरोना के उपचार में स्टेरॉयड का उपयोग – Steroid use in the Treatment of Corona

दोस्तो, कोरोना महामारी के उपचार के लिये स्टेरॉयड को लेकर कुछ ट्रायल हुऐ और जो परिणाम निकल कर आये वो निम्न प्रकार हैं –

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1.जर्नल ऑफ़ द अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि कोविड-19 के कारण गंभीर रूप से सौ मरीजों में से कम से कम आठ का जीवन स्टेरॉयड के इस्तेमाल से बच सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार शोध के परिणाम प्रभावशाली हैं। यद्यपि उनका ये भी कहना था कि स्टेरॉयड कोरोना वायरस का इलाज कतई नहीं हैं।

2. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से भी जून में कई अस्पतालों में रिकवरी ट्रायल चलाया गया था। इस ट्रायल का परिणाम सामने आया कि कोरोना से प्रत्येक आठ में से एक गंभीर मरीज की जान डेक्सामेथासोन नामक स्टेरॉयड से बचाई गई थी। इस बारे में ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि दुनिया भर में बेहद सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवा डेक्सामेथासोन से कोरोना संक्रमित गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों की जान बचाई जा सकती है। 

3. श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. मनीषा अरोड़ा का कहना है कि चिकित्सा विज्ञान में स्टेरॉयड्स इंसान के सबसे बड़े दोस्त भी हैं और दुश्मन भी। डॉ. मनीषा के अनुसार स्टेरॉयड एक प्रकार का रासायनिक पदार्थ होता है जो इंसान के शरीर में ही स्वत: ही बनता है। ये एक ऐसा एंटी इन्फ्लामेट्री केमिकल है जो सभी बीमारियों के इलाज में मदद करता है। परन्तु इसका इस्तेमाल बिना डॉक्टरी सलाह के कभी नहीं करना चाहिये। 

4. AIIMS, दिल्ली के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया के अनुसार, कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों को शुरुआती दिनों में स्टेरॉयड (Steroid) से बचना चाहिए, क्योंकि शुरुआती दिनों में स्टेरॉयड लेने से शरीर पर बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। एम्स के प्रमुख ने कहा, “प्रारंभिक चरण में स्टेरॉयड (Steroid) लेने वाले रोगियों को निमोनिया हो सकता है। Moderate Illnesses केस में ही स्टेरॉयड लिया जाना चाहिए, डॉक्टर भी ऐसी सलाह देते हैं”। 

देसी हैल्थ क्लब यहां स्पष्ट करता है कि उपरोक्त तथ्यों को देखते हुऐ कहा जा सकता है कि स्टेरॉयड कोरोना के उपचार की दवाई नहीं है, इसे केवल विकल्प के रूप में कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार स्वरूप इस्तेमाल में लाया जा सकता है। 

स्टेरॉयड लेने के नुकसान – Side Effects of Steroid 

1. लिवर और किडनी पर असर (Effect on liver and kidney)- लिवर और किडनी खराब हो सकते हैं। ये दोनों ही शरीर के बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। लिवर शरीर से  विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है तो किडनी फिल्टर का काम करती है। शरीर में पानी को छानकर कैल्शियम, ऑक्सालेट, फास्फेट, यूरिक एसिड तथा अन्य विषैले पदार्थों को छानकर मूत्र के द्वारा बाहर निकालती है जिससे रक्त को शुद्ध होने में मदद मिलती है।  स्टेरॉयड के साइड इफेक्ट से इनका काम करना बंद हो जाता है। 

2. पुरुषों के स्तन बढ़ जाना(Breast Enlargement of men) – स्टेरॉयड लेने से शरीर में हार्मोन डिसऑर्डर होने की संभावना रहती है। इसमें छाती के ऊतक Tissues बढ़ने लगते हैं जो धीरे-धीरे Man Boobs के रूप में बदलने लगते हैं अर्थात् पुरुष के स्तन बढ़ जाते हैं महिलाओं के समान। इसे गाइनेकोमेस्टिया (Gynecomastia) कहा जाता है। 

3. कोलेस्ट्रॉल स्तर में अनियमितता (Irregularity in Cholesterol level)- स्टेरॉयड अधिक मात्रा में और लंबे समय तक लेने से कोलेस्ट्रॉल स्तर में अनियमितता आती है यह अच्छे वाले कोलेस्ट्रॉल High Density Lipoprotein (HDL) के स्तर को कम कर देता है। और खराब कोलेस्ट्रॉल Low Density Lipoprotein (LDL) के स्तर को बढ़ाता है। यह स्थिति हृदय के लिये बेहद खराब होती है। 

4. फ्लूड रिटेंशन (Fluid Retention)- स्टेरॉयड शरीर में तरल अवरोधन (Fluid retention) को बढ़ा देता है। इसका कारण Aromatization की दर में बढ़ोत्तरी होना माना जाता है। Aromatise एक एंजाइम होता है जो टेस्टोस्टोरोन (Testosterone) सेक्स को प्रेरित करने वाला पुरुष हार्मोन को एस्ट्रोजन एक महिला सेक्स हार्मोन,जो कि अंडाशय द्वारा उत्पन्न होता है, में परिवर्तित कर देता है।  यह एक महिला सेक्स हार्मोन है जो कि अंडाशय द्वारा उत्पन्न होता है। Fluid retention के बढ़ जाने से उच्च रक्तचाप और किडनी की समस्यायें बनती हैं। 

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5. पुरुष बांझपन (Male Infertility)- वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार पुरुषों में अंडकोष का सिकुड़ना, बाँझपन, वीर्य में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है। इससे रिप्रोडक्शन रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यहां तक कि यदि स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग करने पर ऐसी स्थिति आ सकती है कि पुरुष कभी बच्चे पैदा करने लायक ही ना रहे। 

6. हृदय संबंधी समस्या (Heart Problem)- स्टेरॉयड के सेवन से कार्डियोवैस्कुलर की समस्या होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। इसमें हृदय का बढ़ना,  हृदयाघात (Heart Attack) आदि का खतरा रहता है। स्टेरॉयड के असर से धमनियां सिकुड़ जाती हैं जिसकी वजह से रक्त प्रवाह में रुकावट आती है और रक्त शरीर के सभी हिस्सों में पूरी तरह नहीं पहुंच पाता है जो कि पूरे शरीर में ऑक्सीजन को ले जाने का काम करता है।  

7. त्वचा पर बुरा असर(Bad Effect on Skin) – स्टेरॉयड के सेवन से त्वचा में मौजूद वसामय ग्रंथि (Sebaceous Gland) का आकार बढ़ जाता है जिससे बहुत ज्यादा Sebum बनता है जो त्वचा में चिकनाई बनाये रखने का काम करता है। यदि यह चिकनाई ज्यादा बनने लगती है तो त्वचा के रोम छिद्र बंद होने से Skin infection होने लगता है जिससे खुजली, चकत्ते या दाने बन जाना, जैसे रोग हो सकते हैं और चेहरे पर मुंहासे भी हो सकते हैं। 

8. हड्डियों पर कुप्रभाव (Effects on Bones)- स्टेरॉयड के सेवन से कैल्शियम और विटामिन-डी का चयापचय (Metabolism) प्रभावित होता है। परिणाम स्वरूप हड्डियों के स्वास्थ्य को नुकसान होता है जिसमें ऑस्टियोपोरोसिस (अस्थि रोग) भी शामिल है। 

9. किशोर वर्ग के लिये घातक (Side Effects of teenAge)- किशोर वर्ग (Youngsters) यदि स्टेरॉयड का सेवन करता है तो इसके बहुत ही घातक परिणाम हो सकते हैं। इससे उनके शरीर का विकास स्थायी रूप से रूक जाने की संभावना रहती है।

10. महिलाओं पर कुप्रभाव (Impact on Women)- महिलाओं के पीरियड साइकल में बदलाव, आवाज में बदलाव, भगनाशा (Clitoris) का बढ़ जाना, चेहरे और शरीर पर बाल में वृद्धि होना, स्तनों का सिकुड़ जाना, कामेच्छा में अत्याधिक वृद्धि होना आदि स्टेरॉयड के साइड इफैक्ट्स हैं। 13 अक्टूबर 2013 को प्रकाशित आज तक की साइट पर छपी खबर के अनुसार ब्रिटेन के टीवी शो ‘जोडी मार्श ऑन स्टेरॉयड्स’ कैंडिस आर्मस्ट्रॉन्ग नाम की महिला की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई जिसका शरीर एनाबोलिक स्टेरॉयड खाने के कारण पुरुष के शरीर में परिवर्तित हो गया था। इस सुन्दर महिला कैंडिस की मांसपेशियां बॉडीबिल्डर पुरुष के समान हो गई थीं। उसकी छाती, पीठ और होंठ पर बाल आ गये थे। उसकी Clitoris सूज कर पुरुष के गुप्तांग की तरह हो गई थी। वह एक इंच तक बढ़ चुकी थी। 

अन्य – Others

11. मूत्र विसर्जन में परेशानी या मूत्र रोग से जुड़ी समस्या  हो सकती है। 

12. बालों का अचानक से बढ़ना या बालों का झड़ना शुरू हो जाना।

13. आचार, विचार, व्यवहार में बदलाव जैसे खराब व्यवहार, आवाज में कठोरता और कड़वापन, शत्रुता की भावना आदि स्टेरॉयड के साइड इफैक्ट्स के लक्षण हैं। 

14. भूख का बढ़ जाना, मूड में जल्दी-जल्दी बदलाव और सोने में परेशानी होना। 

15. मनोवैज्ञानिक प्रभाव जैसे चिंता, तनाव, डिप्रेसन, नशा, मनोदशा में बदलाव आदि।  

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको स्टेरॉयड के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। स्टेरॉयड क्या होता है?, ये कितने प्रकार के होते हैं, स्टेरॉयड दवाएं कितने रूप में मिलती हैं, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। इस लेख के माध्यम से स्टेरॉयड दवाऐं लेने के फायदे बताये, कोरोना के उपचार में इसके उपयोग पर डॉक्टर्स के विचार भी बताये और साथ ही साथ स्टेरॉयड दवाऐं लेने के नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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आज के लेख में हमने आपको स्टेरॉयड के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। स्टेरॉयड क्या होता है, ये कितने प्रकार के होते हैं, स्टेरॉयड दवाएं कितने रूप में मिलती हैं, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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